इंग्लैंड दौरे के लिए रोहित शर्मा का जाना लगभग तय, साई सुदर्शन पर रखी जा रही नजर

नई दिल्ली ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने 17 सदस्यीय टीम भेजी थी, लेकिन इंग्लैंड दौरे पर 15 या 16 सदस्यीय टीम ही जाएगी। भारतीय टीम के कप्तान रोहित शर्मा इंग्लैंड के खिलाफ जून में होने वाली पांच मैचों की टेस्ट सीरीज के दौरान अपनी जगह बरकरार रख सकते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, रोहित फिट हैं और न्यूजीलैंड तथा ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खराब प्रदर्शन के बावजूद टीम की कमान संभालना जारी रखेंगे। रिपोर्ट के अनुसार, इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टीम का एलान मई के दूसरे सप्ताह में किया जाएगा। छह दावेदार दौड़ में पीटीआई की रिपोर्ट की मानें तो मध्यक्रम के दो स्थानों के लिए कम से कम छह दावेदार हैं। ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने 17 सदस्यीय टीम भेजी थी, लेकिन इंग्लैंड दौरे पर 15 या 16 सदस्यीय टीम ही जाएगी। इस दौरे के समय भारत की ए टीम भी इंग्लैंड में रहेगी और ऐसे में मुख्य टीम की जरूरत के मुताबिक ए टीम के खिलाड़ी को बुलाया जा सकता है। रिजर्व बल्लेबाजों को चुनने के लिए माथापच्ची इंग्लैंड दौरे के लिए अभी टीम तय नहीं है, लेकिन कम से कम छह खिलाड़ी ऐसे हैं जिन पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। इनमें से दो नहीं तो एक को सीनियर टीम में जगह मिल सकती है, जबकि बाकी निश्चित रूप से उसी समय इंग्लैंड लायंस (ए टीम) के खिलाफ होने वाली भारत ए सीरीज का हिस्सा होंगे। अजीत अगरकर के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय चयन समिति को कुछ खिलाड़ियों विशेष रूप से रिजर्व बल्लेबाजों को चुनने के लिए काफी सोच विचार करने की आवश्यकता होगी। दौरे पर जाने वाली टीम में अगर 15 खिलाड़ी होते हैं तो एक अतिरिक्त मध्यक्रम बल्लेबाज के लिए जगह होगी। अगर टीम में 16 खिलाड़ी हैं तो ऐसे दो खिलाड़ियों को शामिल किया जा सकता है। यह दौरा 20 जून से शुरू होगा और अगस्त के पहले सप्ताह में समाप्त होगा। साई सुदर्शन को मिलेगा मौका? प्रथम श्रेणी के 29 मैचों में सात शतक लगाने वाले साई सुदर्शन लाल गेंद के क्रिकेट में भी एक ऐसे खिलाड़ी हैं जिन पर नजर रखी जानी चाहिए। वह आईपीएल में गुजरात टाइटन्स के लिए पहले ही खुद को साबित हो चुके हैं। चयनकर्ताओं की नजर इस खब्बू बल्लेबाज पर इसलिए भी होगी क्योंकि उनकी तकनीक अच्छी है और चोटिल होने से पहले उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में भारत ए के लिए भी अच्छा प्रदर्शन किया था। उनकी सबसे बड़ी ताकत यह है कि वह पारी का आगाज करने के साथ ही टीम की जरूरत के हिसाब से मध्यक्रम में भी बल्लेबाजी कर सकते हैं।   recent visitors 37

नाबालिगों को RBI ने दिया खास तोहफा, अब 10 साल से ज्यादा उम्र के बच्चों को बैंकिंग की आजादी मिलने जा रही

नई दिल्ली अब 10 साल से ज्यादा उम्र के बच्चों को बैंकिंग की आजादी मिलने जा रही है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एक बड़ा बदलाव करते हुए बैंकों को यह अनुमति दी है कि वे 10 साल से अधिक उम्र के नाबालिगों को खुद का सेविंग अकाउंट या फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) अकाउंट खोलने की सुविधा दें।यह फैसला बच्चों को फाइनेंशियल रूप से जागरूक और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। बिना अभिभावक के भी खुल सकेगा अकाउंट आरबीआई द्वारा जारी संशोधित निर्देशों के अनुसार अब बैंकों को यह अधिकार होगा कि वे 10 वर्ष से अधिक उम्र के समझदार नाबालिगों को स्वतंत्र रूप से सेविंग या एफडी अकाउंट खोलने की अनुमति दें। पहले केवल अभिभावकों के जरिए ही यह संभव था। अब बच्चों को अभिभावक की मौजूदगी के बिना भी यह सुविधा दी जा सकती है यदि बैंक को लगे कि बच्चा खाते को संचालित करने में सक्षम है। बैंकों को भेजा गया नया सर्कुलर RBI ने यह निर्देश सोमवार को सभी बैंकों को भेजे गए एक सर्कुलर के माध्यम से जारी किया। सर्कुलर में यह भी स्पष्ट किया गया है कि अगर नाबालिग बच्चा किसी कारणवश अकाउंट नहीं चला सकता तो अभिभावक के जरिए खाता खुलवाने और ऑपरेट करने की सुविधा पहले की तरह जारी रहेगी। बच्चों की वित्तीय समझ बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव बच्चों में बचत की आदत डालने और उन्हें फाइनेंशियल सिस्टम से परिचित कराने में मदद करेगा। साथ ही इससे बच्चे छोटी उम्र में ही पैसे की अहमियत और बजटिंग सीख सकेंगे। recent visitors 56

मौसम विभाग के अनुसार आगामी 7 दिनों में कुछ राज्यों में तेज धूप और लू चलेगी, कई राज्यों में बारिश, गिरेगी बिजली

नई दिल्ली देश के कई हिस्सों में गर्मी ने अपना विकराल रूप दिखाना शुरू कर दिया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार आने वाले 7 दिनों में कुछ राज्यों में तेज धूप और लू चलेगी वहीं कई राज्यों में बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिलेगा। गर्मी और बारिश की यह दोहरी मार लोगों को खासा परेशान कर सकती है। 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, गिरेगी बिजली मौसम विभाग के अनुसार असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में 22 से 26 अप्रैल तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। साथ ही नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 23 अप्रैल को जमकर बारिश हो सकती है। इन सभी इलाकों में बिजली गिरने और 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। इन दक्षिणी राज्यों में भी बरसेगा पानी केरल, तटीय आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है। वहीं तमिलनाडु, पुडुचेरी और तेलंगाना में भी अगले सात दिनों तक बिजली गिरने और गरज-चमक के साथ बारिश की चेतावनी दी गई है। पश्चिमी विक्षोभ करेगा असर, इन पहाड़ी राज्यों में बदलेगा मौसम मौसम विभाग के मुताबिक उत्तरी पाकिस्तान और मध्य पाकिस्तान में सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से पश्चिमी विक्षोभ असर में है। इसके चलते पश्चिमी हिमालयी राज्यों—जैसे जम्मू कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में गरज, बिजली और बारिश के साथ 50 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। महाराष्ट्र और गुजरात में भी बारिश, बढ़ेगा पारा मध्य महाराष्ट्र में 24-25 अप्रैल को बारिश हो सकती है जबकि गुजरात में 22 से 24 अप्रैल तक भारी बारिश का पूर्वानुमान है। उधर, विदर्भ के चंद्रपुर में रविवार को तापमान 44.6 डिग्री तक पहुंच गया जो पूरे देश में सबसे अधिक था। कहां कितना बढ़ेगा तापमान? उत्तर पश्चिम भारत में अगले छह दिनों में तापमान में 2-3 डिग्री की वृद्धि हो सकती है। मध्य भारत और गुजरात में अगले तीन दिनों में तापमान 2 डिग्री तक बढ़ेगा। वहीं पूर्वी भारत में तापमान में 4 से 6 डिग्री की जबरदस्त बढ़ोतरी का अनुमान है। इन 11 राज्यों में हीटवेव का अलर्ट दिल्ली एनसीआर में आने वाले 3 दिनों तक मौसम साफ रहेगा और तेज धूप पड़ेगी। तापमान में बढ़ोतरी के साथ 42 डिग्री सेल्सियस तक पारा पहुंचने की संभावना है। बीते 24 घंटों में अधिकतम तापमान 38 से 40 डिग्री के बीच रहा जबकि न्यूनतम तापमान 25 से 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।   recent visitors 42

9 साल से टी20 टीम से बाहर चल रहे अजिंक्य रहाणे का आईपीएल में भौकाल

नई दिल्ली आईपीएल में भारतीय क्रिकेट के सभी बड़े सितारे खेल रहे हैं। टीम इंडिया में खेल रहे खिलाड़ी के साथ ही संन्यास ले चुके नाम भी लीग में नजर आते हैं। इसके साथ कुछ ऐसे भी खिलाड़ी है, जो लंबे समय से टीम इंडिया से बाहर हैं। आईपीएल से उनके इंटरनेशनल में कमबैक की उम्मीद न के बराबर है लेकिन फिर भी अपना 110 प्रतिशत दे रहे हैं। इसमें एक नाम अजिंक्य रहाणे का है। रहाणे 2016 से भारत की टी20 टीम के लिए नहीं खेले हैं। आईपीएल की नीलामी में अनसोल्ड रहने के बाद कोलकाता नाइटराइडर्स ने उन्हें खरीदा। उनका बेस प्राइस 1.5 करोड़ था और वह उतने में ही खरीदे गए। रहाणे का आईपीएल 2025 में प्रदर्शन केकेआर को मजबूरी में अजिंक्य रहाणे को कप्तान बनाना पड़ा। टीम के पास टी20 के एक से बढ़कर एक विस्फोटक बल्लेबाज हैं लेकिन आईपीएल 2025 में उनके लिए अब तक सबसे ज्यादा रन अजिंक्य रहाणे के हैं। 8 मैचों में रहाणे ने करीब 39 की औसत और 146.48 की स्ट्राइक रेट से 271 रन बनाए हैं। इसमें तीन फिफ्टी भी शामिल है। रहाणे के बल्ले से 24 चौके और 15 छक्के निकले हैं। केकेआर के लिए किसी ने भी उनसे ज्यादा छक्के या चौके नहीं मारे हैं। विराट और रोहित पर भी भारी रहाणे अजिंक्य रहाणे भारतीय कप्तान रोहित शर्मा और विराट कोहली पर भी भारी हैं। रोहित ने अभी तक 7 मैचों में 26 की औसत और 155 की स्ट्राइक रेट से 158 रन ही बनाए हैं। उनके 10 चौके और 12 छक्के हैं। आरसीबी के लिए खेलने वाले विराट कोहली ने रहाणे से ज्यादा रन बनाए हैं लेकिन स्ट्राइक रेट के साथ ही छक्के मारने में पीछे हैं। 8 पारियों में विराट के 322 रन हैं। उन्होंने 140 की स्ट्राइक रेट से बैटिंग करते हुए 11 छक्के ही मारे हैं। टी20 में वापसी की उम्मीद भी खत्म अजिंक्य रहाणे के लिए भारतीय टी20 टीम में वापसी की उम्मीद लगभग खत्म है। वनडे में भी वह लंबे समय से नहीं खेल रहे। टेस्ट में आखिरी बार 2023 में उन्हें मौका मिला था। टेस्ट में शायद उनकी वापसी हो भी जाए लेकिन वनडे और टी20 में लगभग नामुमकिन है। इसके बाद भी रहाणे आईपीएल में लगातार नए नवेले खिलाड़ियों पर भारी पड़ रहे हैं। recent visitors 54

देश में सबसे ज़्यादा शराब पीने वाली महिलाओं वाले शीर्ष 7 राज्य, बीयर है पहली पसंद

नई दिल्ली दुनिया में शराब के शौकीनों की कमी नहीं है और भारत भी इससे अछूता नहीं है। हालांकि, जब भी शराब का जिक्र आता है, तो इसे पुरुषों के शौक के रूप में बताया जाता है। अब परिस्थिति बदलती नजर आ रही है। महिलाएं भी जाम से जाम टकरा रही हैं। सांस्कृतिक और आदिवासी परंपराएं जैसी इसकी कई वजह हैं। एक सर्वे से पता चलता है कि भारत में कम से कम 7 राज्य ऐसे हैं, जहां बड़ी संख्या में महिलाएं शराब का सेवन करती हैं।भारत में पारंपरिक रूप से शराब सेवन को पुरुषों से जोड़ा जाता रहा है, लेकिन राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-5) के ताज़ा आंकड़े इस धारणा को बदलते दिखते हैं. 2019-2021 के बीच हुए इस सर्वे में कई राज्यों में महिलाओं द्वारा शराब सेवन की बढ़ती प्रवृत्ति सामने आई है. कुछ राज्यों में यह प्रतिशत पुरुषों के लगभग बराबर या उससे अधिक हो गया है. रिपोर्ट में NFHS-5 यानी नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे के आंकड़ों के हवाले से बताया गया है कि इस लिस्ट में सबसे पहला नाम पूर्वोत्तर राज्य अरुणाचल प्रदेश का है। ये आंकड़े साल 2019 से 2021 के बीच जुटाए गए थे। अरुणाचल प्रदेश आंकड़े बताते हैं कि अरुणाचल प्रदेश में 24.2 फीसदी महिलाएं शराब का सेवन करती हैं। राज्य में मेहमानों को चावल से बनी स्थानीय बीयर पेश करना बेहद आम बात है। साथ ही शराब यहां सामाजिक और सांस्कृतिक परंपराओं में अहम भूमिका निभाती है। सिक्किम लिस्ट में दूसरा स्थान सिक्किम को मिला है। यहां घर में बनी छांग जैसे पेय पदार्थ काफी मशहूर हैं। यहां करीब 16.2 प्रतिशत महिलाएं शराब पीती हैं। असम पूर्वोत्तर के ही एक और राज्य को इस लिस्ट में तीसरे स्थान पर रखा गया है। असम में 7.3 प्रतिशत महिलाएं शराब का सेवन करती हैं। कहा जाता है कि यहां व्हिस्की काफी लोकप्रिय है। तेलंगाना तेलंगाना में व्हिस्की और बीयर को पसंद करने वालों की संख्या ज्यादा मानी जाती है। आंकड़े बताते हैं कि यहां 6.7 फीसदी महिलाएं शराब का सेवन करती हैं। झारखंड मुख्य रूप से आदिवासी इलाकों में झारखंड में 6.1 प्रतिशत महिलाएं शराब का सेवन करती हैं। अंडमान एंड निकोबार आईलैंड्स हांडिया, टोडी और जंगली। ये सारे पेय अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में काफी लोकप्रिय हैं। यहां करीब 5 प्रतिशत महिलाएं शराब पीती हैं। छत्तीसगढ़ मध्य प्रदेश से सटे छत्तीसगढ़ शराब पीने वाली महिलाओं की संख्या 4.9 प्रतिशत है। कहा जाता है कि यहां व्हिस्की और वोडका को ज्यादा पसंद किया जाता है। recent visitors 47

अमेरिका में हर चौथा मुसलमान इस्लाम छोड़ चुका, अपना धर्म छोड़ने में ईसाई सबसे आगे

नई दिल्ली भारत के लिए धर्म परिवर्तन बहुत बड़े राजनीतिक विवाद का मसला रहा है। लेकिन, हकीकत ये है कि अपना धर्म छोड़कर दूसरा धर्म अपनाने या किसी भी धर्म को न मानने वाले लोगों के मामले में अमेरिका और यूरोप के देश ज्यादा आगे हैं। तथ्य यह भी है कि जब धर्म परिवर्तन की बात आती है या अपना धर्म छोड़ने की बात आती है तो इसमें ईसाई सबसे आगे हैं। उनके बाद बौद्ध हैं, जिन्होंने सबसे ज्यादा धर्म परिवर्तन करने में दिलचस्पी दिखाई है। एक बड़ा तथ्य यह भी है कि ऐसा करने वालों में अधिकतर ऐसे लोग हैं, जिन्होंने अपना धर्म तो छोड़ दिया है, लेकिन वह किसी अन्य धर्म से जुड़े भी नहीं। इसके बाद वे लोग हैं, जिन्होंने न सिर्फ अपना धर्म बदला है, बल्कि नई आस्था भी कबूल की है। दक्षिण कोरिया में 50% ने छोड़ा अपना धर्म प्यू रिसर्च सेंटर दुनिया के 36 देशों में सर्वे के आधार पर इस नतीजे पर पहुंचा है कि अगर दक्षिण कोरिया जैसे देश की आधी आबादी अपना धर्म छोड़ चुकी है, वहीं हिंदू और मुसलमानों की यह विशेषता है कि वह जिस धर्म में पैदा होते हैं, उसे बिरले ही छोड़ते हैं। मतलब, उनकी आस्था अपने धर्म से आमतौर पर हमेशा जुड़ी रहती है। इस सर्वे के अनुसार अपना धर्म बदलने वाले लोगों में एक बड़ा ट्रेंड ये है कि इनमें ज्यादातर जनसंख्या उन लोगों की है, जो किसी दूसरे धर्म को अपनाने की जगह खुद को नास्तिक, अनिश्वरवादी (atheists),अज्ञेयवादी (agnostics) या 'नथिंग इन पर्टिक्युलर'कहलाना ज्यादा पसंद करते हैं। दक्षिण कोरिया के बाद सबसे ज्यादा लोगों ने अपना धर्म स्पेन में बदला है। इस लिस्ट में कुल 15 देशों के नाम हैं, जिसमें भारत 14वें स्थान पर है, जहां मात्र 2% लोग आज उस धर्म का पालन नहीं करते, जिस आस्था में उनका जन्म हुआ था। अपना धर्म छोड़ने में ईसाई सबसे आगे हमने ऊपर बात की ईसाई धर्म मानने वालों की, जो सबसे ज्यादा धर्म बदल रहे हैं। यह इस तरह से देखा जा सकता है कि स्पेन में जहां करीब 100 में से 90 लोग ईसाई बनकर पैदा हुए, लेकिन अब उनमें से 54 ही इस धर्म को मानते हैं। यानी कुल 36% क्रिश्चियन अपना धर्म छोड़ चुके हैं। इसमें कुल 10 ईसाई बहुल देशों का जिक्र है, जिसमें दूसरे नंबर पर स्वीडन और आखिर में इटली का नाम है। इटली में भी 20 क्रिश्चियन आज उस धर्म को नहीं मानते, जिसमें उनका जन्म हुआ था। अमेरिका में ऐसे लोगों की संख्या 22% है। धर्म छोड़ने वालों में ईसाइयों के बाद बौद्ध हजारों साल पहले भारत में बौद्ध धर्म का रंग फीका पड़ने लगा था। दुनिया भर में ईसाइयों के बाद आज जिस धर्म के लोग अपने मूल धर्म से मुंह फेर रहे हैं तो वे बौद्ध हैं। मसलन, जापान में अगर 58 लोगों ने बौद्ध धर्म में जन्म लिया तो आज उनमें से मात्र 34 ही इस धर्म को मानते हैं। कुल मिलाकर 26% ने अपना मूल धर्म छोड़ दिया है। यह स्थिति दक्षिण कोरिया, सिंगापुर से लेकर श्रीलंका तक में दिखाई दे रही है। अमेरिका में 23% मुसलमानों ने छोड़ा इस्लाम जैसा कि पहले बताया गया कि इस सर्वे के अनुसार आज भी हिंदू और मुसलमानों में ऐसे लोगों की संख्या सबसे ज्यादा है, जो अपने धर्म में ही बने रहना पसंद करते हैं, और अपना धर्म छोड़कर दूसरे को अपनाने वालों की संख्या इनमें सबसे कम है। जैसे बांग्लादेश, इंडोनेशिया, मलेशिया जैसे मुस्लिम बहुल देशों में एक भी मुसलमान ने इस्लाम नहीं छोड़ा। यही स्थिति ट्यूनिशिया की भी है। भारत में सिर्फ 1% मुसलमान अपना धर्म छोड़कर दूसरे धर्म में शामिल हुए हैं। भारत से ज्यादा तुर्की में मुसलमानों ने इस्लाम छोड़ा है। यहां इस्लाम में पैदा होने वाले 4% लोग अब खुद को मुस्लिम नहीं मानते और इनमें से 1% दूसरा धर्म अपना चुके हैं। सिंगापुर में यह संख्या 3% है, जो अब मुस्लिम नहीं हैं। सबसे ज्यादा मुसलमानों ने अमेरिका में इस्लाम छोड़ा है। यहां अगर 100 लोग इस्लाम में पैदा हुए थे तो अब उनमें से सिर्फ 77 ही इसका पालन करते हैं। यानी 23% ने इस्लाम छोड़ दिया है। 10% ने कोई अन्य धर्म अपना लिया है और 13% किसी भी धर्म का पालन नहीं करते। अमेरिका में 18% हिंदुओं ने हिंदुत्व छोड़ा मुसलमान ही नहीं अमेरिका में रहने वाले सबसे ज्यादा हिंदुओं ने भी अपना धर्म छोड़ा है। आज अमेरिका में ऐसे लोगों की संख्या 18% है, जो पैदा तो हिंदू धर्म में हुए थे, लेकिन अब इस धर्म को नहीं मानते। ऐसा करने वाले श्रीलंका में 11% हैं। श्रीलंका में जिन लोगों ने हिंदू धर्म छोड़ा है, उनमें से अधिकांश अब ईसाई बन चुके हैं। लेकिन, अमेरिका में हिंदुत्व छोड़ने वाले अधिकतर आज कोई धर्म नहीं मानते और बाकी ईसाई बन चुके हैं। दुनिया में 14.4% लोग किसी धर्म को नहीं मानते इस सर्वे का एक बड़ा नतीजा ये रहा है कि 2022 के आंकड़ों के अनुसार दुनिया में अगर 31.6% ईसाई, 25.8% मुसलमान और 15.1% हिंदू थे तो ऐसे लोगों की तादाद 14.4% हो चुकी थी, जो किसी धर्म से नहीं जुड़े थे। इनके बाद 6.6% बौद्ध,5.4% फोक रिलिजनिस्ट, 0.8% अन्य और 0.2% यहूदी थे। एक और महत्वपूर्ण बात जो इस सर्वे से सामने आई है, वह यह कि धर्म से मुंह मोड़ने वालों में ज्यादातर युवा हैं। इनमें भी सबसे ज्यादा तादाद पढ़े-लिखे और पुरुषों की है, जो उस धर्म से निकल रहे हैं, जिसमें वे पैदा हुए थे। recent visitors 38

इंदौर की महिला पुलिसकर्मी अपने गीतों के जरिए लोगों को ट्रैफिक नियमों से अवगत करा रही, VIDEO वायरल

इंदौर मध्य प्रदेश का इंदौर शहर स्वच्छता के साथ अपने अनूठे प्रयोगों के लिए भी जाना जाता है। इंदौर में ट्रैफिक नियमों की अनदेखी को रोकने के लिए और यातायात नियमों के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए एक महिला ट्रैफिक पुलिसकर्मी का अनोखा अंदाज सामने आया है। यह लोगों को काफी आकर्षित भी कर रहा है। महिला पुलिसकर्मी अपने गीतों के जरिए लोगों को ट्रैफिक नियमों से अवगत करा रही है। चौराहे पर वाहन चालकों से रूबरू इस महिला पुलिसकर्मी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में महिला ट्रैफिक पुलिसकर्मी सोनाली सोनी शहर के गीता भवन चौराहे पर सुपरहिट बॉलीवुड सॉन्ग ‘किसी राह पर.. किसी मोड़ पर..’ का अनोखा वर्जन गाकर लोगों को ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरुक करती नजर आ रही हैं। सोनाली सोनी ने गाने में जो चेंजेज किए हैं वो हैं- ‘कहीं चल न देना सिग्नल तोड़ कर..’ है। बता दें कि जैसे ही सिग्नल रेड होता है। सोनाली माइक लेकर सड़क पर आती हैं और लोगों को अपने गीजों के जरिए जागरुक करने का प्रयास करती हैं। सोनाली वाहन चालकों के पास जाती हैं और उनको हेलमेट लगा कर वाहन चलाने ट्रैफिक रूल्स को फालो करने की अपील करती हैं। अक्सर आम लोग ट्रैफिक पुलिसकर्मियों से बचने की कोशिश करते हैं। लेकिन जिस चौराहे पर सोनाली की ड्यूटी लगती है वहां का नजारा ही कुछ और होता है। लोग बड़े गौर से सोनाली की बातें सुनते हैं। महिला आरक्षक को मधुर आवाज में गाते देखकर वाहन चालक रुक जाते हैं। जितनी देर तक चौराहे पर रेड लाइट रहती है, सोनाली लोगों को ट्रैफिक रूल्स की अहमियत समझाती हैं। सोनाली मंदसौर के नारायणगढ़ की रहने वाली सोनाली एमसीए डिग्री के साथ पोस्ट ग्रेजुएट हैं। पूर्व में टीचिंग के दौरान भी वह अपने गाने के शौक को लेकर चर्चा में रही हैं। वह अपने माता-पिता की इकलौती बेटी हैं। उनका कहना है कि शुरू से ही वह पुलिस सेवा में जाना चाहती थीं। उनकी ड्यूटी इंदौर के गीता भवन चौराहे के अलावा पलासिया चौराहे पर लगती है। दोनों ही इंदौर शहर के सबसे व्यस्त ट्रैफिक चौराहों में गिने जाते हैं। यही वजह है कि ट्रैफिक पुलिस ने शहर के पूर्वी क्षेत्र के सबसे व्यस्ततम चौराहों पर सोनाली की ड्यूटी लगाकर लोगों को जागरूक करने के लिए एक अनूठा प्रयोग किया है। recent visitors 72