आर्थिक सलाहकार अनंत नागेश्वरन बोले- विकसित राष्ट्र के लिए भारत को हर साल 80 लाख Jobs पैदा करने की जरूरत

नई दिल्ली भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) वी अनंत नागेश्वरन ने कहा है कि भारत को 2047 तक विकसित देश बनने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अगले 10-12 वर्षों तक प्रति वर्ष कम से कम 80 लाख नौकरियां पैदा करनी होंगी तथा सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में विनिर्माण की हिस्सेदारी बढ़ानी होगी। नागेश्वरन ने  यहां कहा, “हमारा दृष्टिकोण 2047 तक ‘विकसित भारत’ का लक्ष्य हासिल करना है। भारत के आकार के अलावा सबसे बड़ी चुनौती यह है कि अगले 10-20 वर्षों तक बाहरी वातावरण उतना अनुकूल नहीं रहने वाला है, जितना 1990 के बाद पिछले 30 वर्षों में रहा होगा।” उन्होंने कहा, “लेकिन इस संदर्भ में यह तो तय है कि आप एक सीमा से आगे अपना बाह्य वातावरण नहीं चुन सकते – हमें कम से कम अगले 10 से 12 वर्षों तक प्रति वर्ष 80 लाख नौकरियां पैदा करनी होंगी और जीडीपी में विनिर्माण का हिस्सा बढ़ाना होगा। हमें यह देखना होगा कि चीन ने विनिर्माण में, खासकर कोविड महामारी के बाद जबरदस्त प्रभुत्व हासिल कर लिया है।” नागेश्वरन कोलंबिया विश्वविद्यालय के ‘स्कूल ऑफ इंटरनेशनल एंड पब्लिक अफेयर्स’ में भारतीय आर्थिक नीतियों पर ‘दीपक और नीरा राज केंद्र’ द्वारा आयोजित ‘कोलंबिया भारत शिखर सम्मेलन-2025’ को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कृत्रिम मेधा (एआई), प्रौद्योगिकी और रोबोटिक्स ऐसी चुनौतियां हैं जिनका सामना आज के कुछ विकसित देशों को अपनी वृद्धि यात्रा में नहीं करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा, “…लेकिन भारत को अपने आकार के हिसाब से इस विशाल, जटिल चुनौती से निपटना होगा और इसका कोई आसान जवाब नहीं है। अगर आप उन नौकरियों की संख्या देखें जिन्हें हमें बनाने की ज़रूरत है, तो यह हर साल लगभग 80 लाख नौकरियां हैं। …और शुरुआती स्तर की नौकरियों को खत्म करने में एआई की बड़ी भूमिका हो सकती है, या कम आईटी-सक्षम सेवाओं वाली नौकरियां खतरे में पड़ सकती हैं।”   recent visitors 43

कनाथ शिंदे किसान अवतार के लिए सुर्खियों में, खेत में फावड़ा चलाने की तस्वीरें सामने आई

मुंबई  महाराष्ट्र में मनसे चीफ राज ठाकरे और शिवसेना यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे के एक होने की अटकलों से जहां राजनीति गर्म है तो वहीं दूसरी तरफ उद्धव ठाकरे साथ छोड़कर अलग हुए एकनाथ शिंदे किसान अवतार के लिए सुर्खियों में हैं। तीन दिन के लिए अपने सतारा स्थित अपने दरे गांव पहुंची डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे की खेतों में फावड़ा चलाने की तस्वीरें सामने आई हैं। शिंदे ने अपने गांव के खेतों में इस बार विदेशी पौधे को लगाया। शिंदे ने इस एवोकाडो नाम के इस विदेशी पौधे के फायदे भी गिनाए हैं। एवोकाडो, जिसे हिंदी में रूचिरा या मक्खनफल भी कहा जाता है। शिंदे ने किया नया प्रयोग शिवसेना प्रमुख और राज्य के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने रविवार को अपने गांव में सहकर्मियों के साथ मिलकर नए पेड़ लगाए। शिंदे ने पिछले दौरों में स्ट्रॉबेरी, हल्दी, चीकू और बांस के पौधे लगाए थे। इस साल उन्होंने पहली बार एक विदेशी फल एवोकाडो, लगाने का निर्णय लिया। शिंदे ने उन्होंने फावड़े और कुदाल का उपयोग करके स्वयं एक एवोकाडो का पेड़ लगाया। उन्होंने अपने खेत में यह प्रयोग इस आशा के साथ किया है कि यदि यह प्रयोग स्वास्थ्य के लिए अत्यधिक लाभकारी एवोकाडो फल की खेती में सफल होता है, तो यह स्थानीय किसानों को भी वैकल्पिक फसल के रूप में एवोकाडो की खेती करने के लिए प्रोत्साहित करेगा। नए प्रयोग से नई फसल उगेगी डिप्टी सीएम शिंदे इससे पहले सतारा जिले के महाबलेश्वर तालुका में कोयना नदी के तट को काफी उपजाऊ बता चुके हैं। वह कहते आए हैं कि दरे गांव के आसपास की मिट्टी बहुत अच्छी है। इसमें उगाई जाने वाली कोई भी फसल अच्छी तरह से उगती है। इसलिए उन्हें पूरा विश्वास है कि यहां एवोकाडो की खेती का यह प्रयास अवश्य सफल होगा। यदि ऐसा होता है, तो उनका मानना है कि इस क्षेत्र के किसान, जो स्ट्रॉबेरी और ब्लूबेरी जैसे जामुन उगाते हैं, एवोकाडो की खेती के माध्यम से एक और नई नकदी फसल पा सकेंगे। इसीलिए उन्होंने अपने खेतों में इस प्रयोग को सफल बनाने का प्रयास किया है। इस अवसर पर उनके साथ दरे गांव के ग्रामीणजन और शिंदे के सभी साथी उपस्थित थे। एवोकाडो के क्या हैं फायदे? एवोकाडो का तेल त्वचा और बालों के लिए अच्छा होता है। एक बहु-उपयोगी फल है जो कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है। यह स्वस्थ वसा, फाइबर, और विटामिन से भरपूर होता है जो हृदय स्वास्थ्य, पाचन, और आंखों के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होते हैं। एवोकाडो में पोटेशियम, मैग्नीशियम, और अन्य महत्वपूर्ण खनिज भी पाए जाते हैं। इतना ही नहीं एवोकाडो में अनसैचुरेटेड फैट होता है जो कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करता है और हृदय संबंधी बीमारियों के जोखिम को कम करता है। इसके अलावा यह फाइबर से भरपूर होता है, जो पाचन तंत्र को स्वस्थ रखता है और कब्ज से राहत दिलाता है। recent visitors 55

दुनियाभर की सड़कों पर दौड़ती ‘मेड इन इंडिया’ गाड़ियां, FY25 में रिकॉर्ड निर्यात

मुंबई भारत का ऑटोमोबाइल सेक्टर वैश्विक बाजारों में फिर से रफ्तार पकड़ चुका है। वित्त वर्ष 2024-25 में देश का कुल वाहन निर्यात 19% की दमदार छलांग लगाते हुए 53 लाख यूनिट्स के पार पहुंच गया। सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, बीते वित्त वर्ष में कुल 53.63 लाख (53,63,089) वाहनों का निर्यात हुआ, जो 2023-24 के 45 लाख (45,00,494) यूनिट्स की तुलना में उल्लेखनीय बढ़त है। वैश्विक स्तर पर ‘मेड इन इंडिया’ वाहनों की मांग में उछाल SIAM ने बताया कि भारत में बनने वाले वैश्विक मॉडल्स की क्वालिटी और परफॉर्मेंस की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में इनकी डिमांड तेजी से बढ़ी है। यही नहीं, कई भारतीय कंपनियों ने अब विकसित देशों में भी वाहन निर्यात की शुरुआत कर दी है। यात्री वाहन (Passenger Vehicles): 2024-25 में 15% की वृद्धि के साथ यात्री वाहनों का निर्यात बढ़कर 7,70,364 यूनिट्स हो गया, जो 2023-24 में 6,72,105 यूनिट था। इसमें यूटिलिटी वाहनों (Utility Vehicles) की हिस्सेदारी भी काफी बढ़ी और 3,62,160 यूनिट्स निर्यात हुईं, जो पिछले साल के 2,34,720 यूनिट्स से 54% ज्यादा हैं। दोपहिया वाहन (Two-Wheelers): दोपहिया वाहन निर्यात में 21% की तेजी रही। 41,98,403 यूनिट्स का निर्यात हुआ, जबकि पिछले साल 34,58,416 यूनिट्स भेजे गए थे। अफ्रीका में आर्थिक स्थिरता और लैटिन अमेरिका में मजबूत मांग ने इस ग्रोथ को सहारा दिया। नए मॉडल्स और नए बाजारों की खोज ने भी एक्सपोर्ट को बढ़ावा दिया। तिपहिया वाहन (Three-Wheelers): इस कैटेगरी में हल्की मगर स्थिर बढ़ोतरी हुई। 2024-25 में 3.1 लाख यूनिट्स निर्यात हुईं, जो 2023-24 की तुलना में 2% ज्यादा है। वाणिज्यिक वाहन (Commercial Vehicles): वाणिज्यिक वाहनों के निर्यात में 23% की मजबूती देखी गई। बीते वित्त वर्ष में 80,986 यूनिट्स विदेश भेजे गए, जबकि इससे पिछले वर्ष यह आंकड़ा 65,818 यूनिट्स था। ‘मेड इन इंडिया’ ब्रांड की वैश्विक पकड़ मजबूत SIAM के अध्यक्ष शैलेश चंद्रा ने कहा, “निर्यात के मोर्चे पर सभी क्षेत्रों, खासकर यात्री और दोपहिया वाहनों में अच्छा पुनरुद्धार देखा गया है। यह भारत की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता और वैश्विक बाजारों में बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाता है।” उन्होंने यह भी कहा कि अफ्रीका और पड़ोसी देशों जैसे प्रमुख बाजारों में भारतीय वाहनों की मांग बनी रहने की उम्मीद है। recent visitors 46

नीरज चोपड़ा क्लासिक भाला फेंक स्पर्धा अब 24 मई को पंचकूला से बेंगलुरु स्थानांतरित

बेंगलुरू नीरज चोपड़ा क्लासिक जैवेलिन थ्रो इवेंट का पहला चरण पर्याप्त रोशनी की कमी के कारण 24 मई को पंचकुला की बजाय बेंगलुरू में कराया जाएगा.कांतिरावा स्टेडियम में होने वाली भाला फेंक प्रतियोगिता में कई स्टार एथलीट हिस्सा लेंगे. एंडरसन पीटर्स और थॉमस रोहलर ने भागीदारी की पुष्टि कर दी है. ग्रेनेडा के पीटर्स दो बार के विश्व चैम्पियन हैं और रोहलर 2016 ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता हैं. चोपड़ा ने कहा कि उन्होंने पाकिस्तानी ओलंपिक चैम्पियन अरशद नदीम को भी आमंत्रित किया है, जिन्होंने अभी तक भागीदारी की पुष्टि नहीं की है. चोपड़ा ने ‘वर्चुअल मीडिया’ बातचीत में पत्रकारों से कहा, ‘मैंने अरशद को आमंत्रण भेजा है और उन्होंने कहा है कि वह अपने कोच से चर्चा करने के बाद मुझसे संपर्क करेंगे. अभी तक उन्होंने भागीदारी की पुष्टि नहीं की है.’ विश्व एथलेटिक्स द्वारा इस प्रतियोगिता को श्रेणी-ए का दर्जा दिया गया है. चोपड़ा ने कहा, ‘मैं चाहता था कि यह प्रतियोगिता पंचकुला में आयोजित हो, लेकिन वहां स्टेडियम में रोशनी की व्यवस्था से संबंधित कुछ मुद्दे हैं. विश्व एथलेटिक्स 600 ‘लक्स’ (प्रकाश की तीव्रता का माप) चाहती थी, लेकिन पंचकुला में इतनी रोशनी उपलब्ध नहीं थी और इसे तैयार करने में समय लगेगा.’ 27 साल के खिलाड़ी ने कहा, ‘इसलिए हमने प्रतियोगिता को बेंगलुरु के कांतिरावा स्टेडियम में स्थानांतरित करने का फैसला किया है. हमारे पास वहां एक टीम है और वहां इसका आयोजन करना बहुत आसान होगा.' इस कार्यक्रम का आयोजन चोपड़ा और जेएसडब्ल्यू स्पोर्ट्स द्वारा भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) और विश्व एथलेटिक्स के सहयोग से संयुक्त रूप से किया जाएगा, जिसमें शीर्ष वैश्विक और भारतीय भाला फेंक खिलाड़ी भाग लेंगे. पीटर्स ने 2024 पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक जीता था और रोहलर के अलावा कीनिया के जूलियस येगो (2016 रियो ओलंपिक में रजत पदक विजेता और 2015 विश्व चैम्पियनशिप के स्वर्ण पदक विजेता भी हैं) और अमेरिका के कर्टिस थॉम्पसन (87.76 मीटर से मौजूदा सत्र में शीर्ष पर) की भागीदारी की भी पुष्टि की गई है. चोपड़ा ने नाम बताए बिना कहा, ‘पेरिस ओलंपिक में फाइनल के लिए क्वालिफाई करने वाले एक ब्राजीलियाई एथलीट ने भी भागीदारी की पुष्टि की है.’ हालांकि यह लुइस दा सिल्वा हो सकते हैं जो पेरिस में 80.67 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ 11वें स्थान पर रहे थे. recent visitors 39

साउथ एक्टर यश आज महाकालेश्वर के मंदिर पहुंचे, बाबा महाकाल के न सिर्फ दर्शन-पूजन किए

उज्जैन  मध्य प्रदेश में स्थित महाकाल की नगरी उज्जैन में सोमवार तड़के बाबा के भक्तों में उस समय उत्साह और भी बढ़ गया, जब उनके बीच साउथ की सुपरहिट फिल्म केजीएफ फेम रॉकी भाई उर्फ अभिनेता यश भी बाबा के दर्शन-पूजन करते नजर आए। जी हां, साउथ एक्टर यश आज उज्जैन स्थित महाकालेश्वर के मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने बाबा महाकाल के न सिर्फ दर्शन-पूजन किए, बल्कि भस्म आरती में भी शामिल हुए। वहीं, मीडिया से चर्चा के दौरान उन्होंने महाकाल के दरबार में आने का अनुभव भी साझा किया। उन्होंने कहा- यहां आना अविश्वसनीय रहा।  भस्म आरती में शामिल होने के बाद यश ने चांदी द्वार से बाबा महाकाल के दर्शन-पूजन किए, साथ ही माथा टेका। पूजन आकाश पुजारी ने संपन्न कराया। मंदिर के नंदी हॉल में बैठकर अभिनेता शिव साधना करते नजर आए। चांदी द्वार से उन्होंने माथा टेककर बाबा का आशीर्वाद लिया। दर्शन के बाद पुजारी ने अभिनेता को प्रसाद स्वरूप लाल रंग का महाकाल नाम का छपा पटका भेंट किया। बोले- दर्शन करने का अनुभव अविश्वसनीय रहा वहीं, मीडिया से चर्चा के दौरान सुपरस्टार यश ने कहा, महाकाल का दर्शन करके बहुत अच्छा लगा। यहां दर्शन करने का अनुभव अविश्वसनीय रहा। मैं यहां की व्यवस्थाएं देखकर बेहद खुश हूं। सभी श्रद्धालुओं को देखकर बहुत अच्छा लगा। recent visitors 56

उत्कृष्ट नवाचार पर राज्य सरकार का बड़ा सम्मान, 14 अधिकारियों को मिलेगा एक लाख नकद पुरस्कार

भोपाल  मध्य प्रदेश के तेजतर्रार आईएएस अधिकारियों ने अपनी प्रतिभा का लोहा पूरे देश में मनवाया है। सिविल सर्विस डे पर मध्य प्रदेश के चार दिग्गज आईएएस अधिकारियों के बारे में बताएंगे, जिनकी सोच ने देश को एक नई गति दी है। यही नहीं, इनकी योजनाओं को दूसरे राज्यों ने भी कॉपी किया है। ये चारों अफसर आज भी मध्य प्रदेश की सरकार में स्तंभ हैं। मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन जब केंद्र में थे तो पीएम मोदी भी उनके मुरीद थे। उन्हें गति शक्ति प्रोजेक्ट के लिए पीएम मोदी से सम्मान मिल चुका है। आइए इन चार अफसरों की कहानी आपको बताते हैं। एमपी में 382 आईएएस अफसर मध्य प्रदेश कैडर में अभी 382 आईएएस अफसर हैं। यह प्रदेश के साथ-साथ देश के लिए भी काम कर रहे हैं। प्रदेश के कई सीनियर अधिकारी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं। देश के अहम मंत्रालयों में सचिव पद को संभाल रहे हैं। सभी अपनी प्रतिभा का लोहा राष्ट्रीय स्तर पर मनवा रहे हैं। वहीं, प्रदेश में रहकर भी आईएएस अधिकारी कई नवाचार के साथ बेहतरीन काम कर रहे हैं। चार दिग्गजों ने मनवाया अपना लोहा सिविल सर्विस डे पर मध्य प्रदेश के चार आईएएस अफसरों की योजनाओं की चर्चा हो रही है। इन अफसरों ने ऐसे काम किए, जिन्हें देश और दुनिया ने सराहा। लाड़ली लक्ष्मी योजना को 15 राज्यों ने अपनाया। पीएम गतिशक्ति ने प्रोजेक्ट्स को रफ़्तार दी। 'ज्ञानदूत' से गांव-गांव ऑनलाइन सेवाएं पहुंचीं। इन अफसरों को प्रतिष्ठित अवॉर्ड भी मिले। अनुराग जैन ने पीएम गतिशक्ति पोर्टल को प्लानिंग का टूल बनाया। डॉ. राजेश राजौरा 'ज्ञानदूत' लेकर आए। पी. नरहरि ने लाडली लक्ष्मी योजना को आकार दिया। दीपक सक्सेना ने निजी स्कूलों पर एनसीईआरटी की किताबें चलाने का दबाव बनाया। अनुराग जैन गति शक्ति प्रोजेक्ट को दी रफ्तार मध्य प्रदेश के वर्तमान मुख्य सचिव अनुराग जैन ने पीएम गतिशक्ति योजना में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने इस योजना को प्लानिंग का एक शानदार टूल बनाया। प्रोजेक्ट्स में देरी होने का एक बड़ा कारण विभागों में तालमेल की कमी है। सड़क, रेल, मेट्रो, बिजली जैसे कामों में तालमेल जरूरी है। इसी को देखते हुए राष्ट्रीय स्तर पर पीएम गतिशक्ति पोर्टल को प्लानिंग का टूल बनाया गया। अनुराग जैन ने केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के दौरान इसमें महत्वपूर्ण योगदान दिया। जीआईएस बेस्ड पोर्टल से विभागों और सरकारों को जरूरी डेटा एक साथ मिलने लगा। इस काम के लिए उन्हें पीएम एक्सीलेंस अवॉर्ड मिला। ज्ञानदूत से गांव-गांव तक पहुंची सूचना डॉ. राजेश राजौरा ने ई-गवर्नेंस का पहला प्रोजेक्ट 'ज्ञानदूत' शुरू किया। साल 2000 में वे धार के कलेक्टर थे। तब उन्होंने यह प्रोजेक्ट शुरू किया। उन्होंने मॉडम को सर्वर से जोड़कर ज्ञानदूत सूचना के 28 सेंटर सिर्फ 51 दिनों में अलग-अलग गांवों में खोल दिए। इसमें खसरा-खतौनी की नकल से लेकर 20 तरह की सेवाएं दी गईं। राजौरा को आईटी का सबसे बड़ा ‘स्टॉकहोम चैलेंज’ अवार्ड मिला। लाडली लक्ष्मी योजना बनी मिसाल एमपी के सीनियर आईएएस अधिकारी पी. नरहरि ने लाडली लक्ष्मी योजना को लिंगानुपात सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 2006-07 में एक बैठक में शिशु लिंगानुपात गिरने पर चिंता जताई गई। तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ऐसी योजना लाएं, जो जन्म के लिए प्रोत्साहित करे। उस समया महिला बाल विकास विभाग के प्रोजेक्ट डायरेक्टर रहे पी. नरहरि ने तमिलनाडु, पंजाब, हरियाणा का दौरा किया। एक साल की मेहनत के बाद योजना ने आकार लिया। इसका नाम ‘लाडली लक्ष्मी’ रखा गया। यह योजना 1 अप्रैल 2007 को शुरू हुई। स्कूलों की मनमानी पर कसा शिकंजा दीपक सक्सेना ने निजी स्कूलों पर एनसीईआरटी की किताबें चलाने का दबाव बनाया। वे जबलपुर के कलेक्टर हैं। निजी स्कूल महंगी किताबें बेच रहे थे। वे एनसीईआरटी की जगह प्राइवेट पब्लिशर की किताबें चला रहे थे। स्कूलों का कहना था कि उनका कंटेंट बेहतर है। कलेक्टर सक्सेना ने जांच की तो यह दावा गलत निकला। उन्होंने आदेश दिया कि अगर प्राइवेट किताबें चलानी हैं तो उनकी खासियत बताओ। सख्ती बढ़ने पर स्कूल एनसीईआरटी की किताबें चलाने लगे। जहां पहले किताबों पर 6-7 हजार खर्च होते थे, अब 800-900 में काम चलने लगा। recent visitors 32

मध्य प्रदेश परिवहन विभाग ने वाहनों की जांच के लिए नए दिशा-निर्देश जारी, जांच प्रक्रिया में निजी व्यक्तियों की उपस्थिति भी प्रतिबंधित

इंदौर  मध्य प्रदेश में परिवहन जांच चौकियों को बंद किए जाने के बावजूद वाहनों से अवैध वसूली की शिकायतें लगातार परिवहन विभाग के पास पहुंच रही थीं। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए परिवहन आयुक्त विवेक शर्मा ने जांच प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसमें परिवहन चेक प्वाइंट और संभागीय परिवहन सुरक्षा स्क्वाड(MP transport squads) को 15 मिनट में वाहन की जांच पूरी करना होगी। बगैर वाजिब कारण के वाहन को इससे अधिक समय तक नहीं रोका जा सकेगा। अधिक समय तक रोके जाने पर इसका कारण बताना होगा। एक वाहन की जांच पूरी होने के बाद ही दूसरे वाहन को उड़नदस्ते रोक सकेंगे। जांच के दौरान बॉडी वार्न कैमरे भी अनिवार्य किए गए हैं। वर्दी पर नाम की प्लेट भी अनिवार्य परिवहन आयुक्त के नए आदेश के अनुसार(New Vehicle Inspection Rule) अब जांच केवल अधिकृत वर्दीधारी अधिकारियों की उपस्थिति में ही की जा सकेगी। जांच के दौरान कम से कम एक सहायक परिवहन उप निरीक्षक का मौजूद होना अनिवार्य होगा। कर्मचारियों को वर्दी में रहना होगा और वर्दी पर नाम की प्लेट भी अनिवार्य होगी। निर्देशों का उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई जांच प्रक्रिया के दौरान किसी भी निजी व्यक्ति की उपस्थिति को पूरी तरह से प्रतिबंधित किया गया है। रात में जांच करने के दौरान ऐसे स्थान का चयन अनिवार्य होगा, जहां पर पर्याप्त रोशनी हो। स्टाफ को एलईडी बैटन और रिफ्लेक्टिव जैकेट उपलब्ध कराए जाएंगे। परिवहन आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। पीओएस मशीन से ही बनेंगे चालान नए निर्देशानुसार जांच के दौरान परिवहन चेक प्वाइंट और संभागीय परिवहन सुरक्षा स्क्वाड के पास प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीन की उपलब्धता अनिवार्य की गई है। इन मशीनों के माध्यम से ही वाहनों के चालान बनाने होंगे। नकद का लेन-देन पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है। जहां मशीन उपलब्ध नहीं है, वहां प्राथमिकता से मशीन उपलब्ध कराई जाएगी। दो बॉडी वार्न कैमरे चालू रखने होंगे परिवहन विभाग के परिवहन चेक प्वाइंट और संभागीय उड़नदस्तों द्वारा की जाने वाली जांच की पूरी रिकार्डिंग की जाएगी। जांच दल को बॉडी वार्न कैमरे लगाने होंगे। जांच के दौरान दो कमरे चालू रहेंगे। इनमें से एक लाइव मोड में होगा। अन्य कैमरे स्टैंड बाय मोड में रहेंगे। कैमरों की निगरानी और रिकार्डिंग की जिम्मेदारी संबंधित यूनिट प्रभारी पर होगी। जांच की रिकॉर्डिंग संभालकर रखना होगी और कैमरों को पूरी तरह से चार्ज रखना होगा। 45 चेक प्वाइंट कर रहे जांच करीब एक साल पहले मध्य प्रदेश में गुजरात माडल को लागू करते हुए परिवहन चौकियों को बंद कर दिया गया था। इसके स्थान पर अंतरराज्यीय सीमा पर 45 चेक प्वाइंट बनाए गए हैं, लेकिन यहां पर ट्रकों और वाहनों से अवैध वसूली की शिकायतें आने लगी थीं। शिकायतों को देखते हुए परिवहन आयुक्त ने जांच में पारदर्शिता के लिए नए निर्देश जारी किए गए। जांच में पारदर्शिता आएगी     कुछ समय से वाहनों को रोककर वसूली की जाने लगी थी। इसे लेकर परिवहन आयुक्त को शिकायत भी की गई थी। इस मामले में नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इससे जांच में पारदर्शिता आएगी और वाहन मालिक को बेवजह की वसूली से मुक्ति मिलेगी। वसूली की शिकायत के बाद विगत दिनों चेक प्वाइंट सागर-1 के प्रभारी परिवहन उप निरीक्षक को हटाया भी जा चुका है। – सीएल मुकाती, अध्यक्ष, इंदौर ट्रक आपरेटर्स एंड ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन   recent visitors 37