मध्‍य प्रदेश में सरकार तबादला नीति घोषित करने की तैयारी में है, मई से हो सकते हैं तबादले, नीति जल्द कैबिनेट में आएगी

भोपाल प्रदेश में तीन वर्ष से लगा तबादले पर से प्रतिबंध मई में हटाया जा सकता है। सरकार तबादला नीति घोषित करने की तैयारी में है। इसमें जिले के भीतर स्थानांतरण करने का अधिकार प्रभारी मंत्री को दिया जाएगा। किसी भी संवर्ग में 20 प्रतिशत से अधिक तबादले नहीं होंगे। गंभीर बीमारी, पति-पत्नी को एक स्थान पर पदस्थ करने, प्रशासनिक और स्वैच्छिक आधार पर स्थानांतरण किए जा सकेंगे। आदिवासी क्षेत्रों में तबादला उसी स्थिति में होगा, जब वहां दूसरी पदस्थापना सुनिश्चित हो जाए। प्रदेश में चार लाख से अधिक नियमित कर्मचारी हैं। अभी मंत्रियों को विशेष परिस्थिति में तबादला करने के अधिकार दिए गए हैं। लेकिन विधानसभा का बजट सत्र आने के कारण इसका भी अधिक उपयोग नहीं हो सका। सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अधिकारियों-कर्मचारियों का प्रशासनिक और स्वैच्छिक आधार पर तबादला करने की छूट देने की नीति तैयार करने के लिए कहा है। मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों का कहना है कि तीन वर्ष से सामान्य प्रकृति वाले तबादले नहीं हुए हैं। मुख्य सचिव के माध्यम से मुख्यमंत्री समन्वय में वे प्रकरण ही आते हैं, जो गंभीर और अति आवश्यक प्रकृति के होते हैं। विभागों के मैदानी कार्यालयों में कई अधिकारी लंबे समय से पदस्थ हैं।  प्रशासनिक दृष्टि से परिवर्तन आवश्यक होता है। इसे देखते हुए नीति जल्द घोषित की जाएगी। इसमें उन अधिकारियों-कर्मचारियों के तबादले मुख्यमंत्री समन्वय की अनुमति के बिना नहीं होंगे। जिन्हें मुख्यमंत्री की नोटशीट के आधार पर दूसरे स्थान पर पदस्थ किया गया था।   recent visitors 32

कचरे और धातु स्क्रैप से थीम पार्क के निर्माण का सफल प्रयोग अब श्रीराम और श्रीकृष्ण की नगरी में भी आजमाया जाएगा

लखनऊ संगमनगरी में कचरे और धातु स्क्रैप से थीम पार्क के निर्माण का सफल प्रयोग अब श्रीराम और श्रीकृष्ण की नगरी में भी आजमाया जाएगा। प्रयागराज में बना शिवालय पार्क महाकुंभ में श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहा था। अब उसकी तर्ज पर मथुरा में कृष्ण लोक पार्क और अयोध्या में लवकुश पार्क व श्रीपुरुषोत्तम दर्शन अनुभव केंद्र का निर्माण किया जाएगा। इनमें प्रभु श्रीराम और कृष्ण की लीलाओं को दर्शाया जाएगा। नगर विकास विभाग ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने इन थीम पार्क की कार्ययोजना प्रस्तुत की है। प्रभु के प्रसंगों को दिखाया जाएगा मथुरा-वृदांवन क्षेत्र में बनने वाले कृष्ण लोक पार्क में 3-डी इमेजिंग, इंटरेक्टिव मॉडल और लाइट एंड साउंड के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के जीवन के विभिन्न प्रसंगों को दिखाया जाएगा। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के साथ पूतना, बकासुर और कंस वध की लीला को दर्शााया जाएगा। कान्हा के युवाकाल, चीर हरण से द्रौपदी की रक्षा की लीला से लेकर महाभारत में गीता का उपदेश देते हुए उनके विराट स्वरूप को भी प्रस्तुत किया जाएगा। बच्चों के मनोरंजन के लिए बांसुरी और मयूर आकृति के झूले, द्वापर युगीन मथुरा-वृदांवन का परिदृश्य भी बनाया जाएगा। वहीं अयोध्या के लव-कुश पार्क में प्रभु श्रीराम और लव-कुश के जीवन प्रसंगों को दर्शाया जाएगा। इंटरेक्टिव तकनीक के प्रयोग से रामकथा के प्रेरक प्रसंग दिखाए जाएंगे। बच्चों के मनोरंजन की भी होंगी सुविधाएं बच्चों के मनोरंजन के लिए एंटरटेनमेंट जोन में सेल्फी प्वाइंट, धनुष-बाण का मैदान, घोड़े की सवारी, आब्सटेकल मार्ग, लर्निंग एरिया आदि बनाया बनाया जाएगा। जबकि श्रीपुरुषोत्तम दर्शन अनुभव केंद्र में एलईडी डिस्प्ले, इंटरेक्टिव एलईडी वाल, म्यूरल वाल, प्रोजेक्शन और टच कियोस्क जैसी आधुनिक तकनीक का प्रयोग किया जाएगा। नगर विकास विभाग अपनी कचरे से कंचन की नीति के तहत शहर के वेस्ट मटेरियल और धातु स्क्रैप से इन पार्कों का निर्माण कराएगा। विभाग के अनुसार ये पार्क मथुरा और अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं व पर्यटकों के आकर्षण के केंद्र बनेंगे और इससे नगरीय निकाय के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी। recent visitors 50

सागर : नरवाई जलाने पर 35 किसानों पर FIR: 27 नामजद और 8 अज्ञात किसानों के खिलाफ हुआ केस,  अर्थदंड की भी हो सकती है कार्रवाई

Sagar: FIR against 35 farmers for burning stubble: Case filed against 27 named and 8 unknown farmers, fine action can also be taken सागर । जिले में फसल कटाई के बाद खेत में खड़ी नरवाई जलाने वालों के खिलाफ प्रशासन सख्ती से कार्रवाई कर रहा है। कलेक्टर के नरवाई जलाने पर प्रतिबंध लगाने और नियम का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश के बाद जिले में दोषियों पर कार्रवाई की जा रही है। नरवाई की आग फैलने से आसपास के किसानों की फसलें जलने की घटनाएं जिले में सामने आई हैं। जिसके बाद प्रशासन एक्शन मोड़ में आया। प्रशासन ने नरवाई जलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए अब तक जिले में 35 एफआईआर दर्ज कराई हैं। जिसमें 27 नामजद और 8 अज्ञात किसानों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कराए गए हैं। किसान अन्य विकल्प पर करें काम- कलेक्टर कलेक्टर संदीप जीआर ने बताया कि नरवाई जलाने से पर्यावरण प्रदूषण होता है और फॉरेस्ट फायर या अग्नि दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। किसानों को नरवाई नहीं जलाकर उसके विकल्प पर काम करने की जरूरत है। नरवाई जलाने पर जिले में प्रतिबंध लगाया गया है। ऐसे में जिले के सभी एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार को निर्देश दिए गए हैं कि वे लगातार ऐसी घटनाओं पर नजर रखें। यदि कोई नरवाई जलाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज कराई जाए। किसानों पर हो सकती है आर्थिक जुर्माने की कार्रवाई  शासन के निर्देश के अनुसार, जिला दंडाधिकारी किसानों को नरवाई नहीं जलाने के लिए नियमित समझाइश दें। समझाइश के बाद भी कोई नियमों का उल्लंघन करे तो उस पर आर्थिक दंड लगाने का प्रावधान है। यदि किसान का रकबा 2 एकड़ से कम है तो पर्यावरण क्षति पूर्ति राशि 2500, 2 एकड़ से 5 एकड़ होने पर 5000 और 5 एकड़ से अधिक होने पर 15000 रुपए पर्यावरण क्षति पूर्ति राशि वसूली जाएगी। कलेक्टर ने जिले के सभी किसानों से कहा है कि वे खेतों में नरवाई फसल की कटाई के बाद बचा अवशेष नहीं जलाएं। किसान नरवाई के निस्तारण के लिए वैकल्पिक उपाय जैसे हैप्पी सीडर, सुपर सीडर का उपयोग, जैविक खाद बनाने, मल्चर मशीन का उपयोग करने या कंपोस्टिंग विधि से अवशेषों को नष्ट करने का काम करें। नरवाई जलाने पर इनके खिलाफ हुई कार्रवाई  नरवाई जलाने के मामलों में सागर नगर के ग्राम पटकुई में अज्ञात के विरुद्ध, सागर ग्रामीण में ग्राम पथरिया हाट में बहादुर चौहान, रहली के ग्राम जूना और मडला में रामअवतार कुर्मी, ग्राम भैंसा में अज्ञात के विरुद्ध, खुरई के ग्राम बसाहरी में अरविंद पटेल, केसली के ग्राम पुतर्रा में यदुवीर लोधी, लक्ष्मी लोधी, ग्राम घाना में हेमराज यादव, धमेंद्र यादव, ग्राम जरूआ में चंदन राजपूत, ग्राम जैतपुर डोमा में शिखरचंद जैन, शुभम स्वामी, बांदरी के ग्राम मोठी में अज्ञात के विरुद्ध, देवरी के ग्राम नादपुर में भूपेन्द्र लोधी, ग्राम नादपुर में प्रभाबाई अहिरवार, ग्राम घोषी पट्टी में जनकरानी, राजेन्द्र और पुरुषोत्तम, बीना के ग्राम बेलई में अज्ञात के विरुद्ध, जैसीनगर के ग्राम रमपुरा में राजाभाई दांगी, गोविंद सिंह दांगी, गढ़ाकोटा के ग्राम खदरी में अमोल कुर्मी, ग्राम फुलर के प्रीतम कुर्मी, बंडा के दलपतपुर के ग्राम में अज्ञात, सुरखी के ग्राम सुल्तानपुर में अज्ञात, तरौली में अज्ञात, बांदरी के ग्राम विदवास में राजकुमार यादव, ग्राम उजनेट में मोहन, अमन, हरिराम, शैलेंद्र , राहतगढ़ के ग्राम हिरणखेड़ा के नाथूराम, बीना के ग्राम गोदना में अज्ञात, ग्राम बमोरी खुर्द में अज्ञात, बंडा के ग्राम क्वायला में अज्ञात और राहतगढ़ के ग्राम सिनेमा में माखन सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। recent visitors 131

लॉकडाउन के चलते विवाह स्थगित, होटल संचालक ने एडवांस नहीं लौटाने पर आयोग ने नाराजगी जताई

रायपुर  छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। आयोग ने एक शिकायतकर्ता के होटल बुकिंग के पूरे पैसे वापस करने का आदेश दिया है। आयोग ने कहा कि Covid-19 लॉकडाउन एक आपदा थी। यह ऐसी परिस्थिति थी, जिस पर उपभोक्ता का कोई नियंत्रण नहीं था। इस फैसले के साथ, राज्य आयोग ने बिलासपुर जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के आदेश के खिलाफ एक उपभोक्ता की अपील को स्वीकार कर लिया। पहले, जिला आयोग ने केवल 50,000 रुपये वापस करने का आदेश दिया था। यह एडवांस राशि का आधा हिस्सा था। भाई की शादी के लिए बुक किया था होटल दरअसल, पूरा मामला होटल इंटरसिटी इंटरनेशनल, बिलासपुर से जुड़ा है। विकास कुमार गुप्ता नाम के एक व्यक्ति ने अपने भाई की शादी के लिए 21-22 अप्रैल 2021 को होटल बुक किया था। कुल बुकिंग राशि 4,91,000 रुपये थी। इसके लिए 1,00,000 रुपये का एडवांस दिया गया था, लेकिन Covid-19 महामारी के कारण सरकार ने लॉकडाउन लगा दिया। इस वजह से शादी तय तारीखों पर नहीं हो सकी। शादी की तारीख बदलने की कोशिश की गई, लेकिन होटल ने बुकिंग को मानने या एडवांस वापस करने से इनकार कर दिया। जिला आयोग ने सुनाया था फैसला जिला आयोग ने जून 2024 के अपने आदेश में माना कि लॉकडाउन एक अप्रत्याशित घटना थी। लेकिन, उन्होंने केवल 50% रिफंड की अनुमति दी। उन्होंने कहा कि होटल प्रशासनिक शुल्क के रूप में कुछ राशि रखने का हकदार है। हालांकि, राज्य आयोग ने कहा कि जिला आयोग का 50% कटौती करने का तर्क सही नहीं है। आयोग ने कहा कि कलेक्टर ने 14 अप्रैल से 6 मई, 2021 तक पूरे बिलासपुर जिले को कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया था। इसका मतलब है कि शादी की तारीखों के दौरान भी जिले में पाबंदी थी। आयोग ने जोर देकर कहा कि सरकारी पाबंदियों को देखते हुए, होटल उस दौरान कोई भी कार्यक्रम नहीं कर सकता था। इसलिए, होटल को नुकसान होने की संभावना नहीं है, जैसा कि उन्होंने दावा किया था। राज्य आयोग के अध्यक्ष जस्टिस गौतम चौरड़िया और सदस्य प्रमोद कुमार वर्मा की बेंच ने कहा, "लॉकडाउन की अवधि के दौरान, प्रतिवादी न तो व्यवस्था कर सकता था और न ही अन्य बुकिंग ले सकता था। प्रशासनिक शुल्क के नाम पर 50% की कटौती सही नहीं है। पूरा रिफंड देना ही न्यायसंगत है।" जिला आयोग के आदेश को बदला इसलिए, राज्य आयोग ने जिला आयोग के आदेश को बदल दिया। उन्होंने होटल को शिकायतकर्ता को 1,00,000 रुपये की पूरी एडवांस राशि वापस करने का आदेश दिया। मानसिक पीड़ा (5,000 रुपये) और मुकदमेबाजी के खर्च (2,000 रुपये) के लिए मुआवजे के पहले के आदेश को बरकरार रखा गया। यह पैसा 45 दिनों के भीतर देना होगा।   recent visitors 43

2 हजार से ज्यादा UPI करने पर देना होगा GST? सरकार ने बता दी सच्चाई, ट्रांजैक्शन करने से पहले समझ लें पूरी बात

GST will have to be paid for doing more than thousand UPI UPI से पेमेंट करना जितना आसान है, उतनी ही तेजी से इसके बारे में अफवाहें भी फैलती हैं. सोशल मीडिया पर यह चर्चा गर्म है कि ₹2,000 से ज्यादा के UPI ट्रांजैक्शन्स पर GST लगेगा. लेकिन क्या यह सच है या सिर्फ हवा में उड़ती खबर? सरकार ने इन अफवाहों पर फुल स्टॉप लगा दिया है. GST और UPI: सच क्या है? वित्त मंत्रालय ने PIB रिलीज के जरिए साफ किया कि ₹2,000 से ज्यादा के UPI ट्रांजैक्शन्स पर Goods and Services Tax (GST) लगाने का दावा पूरी तरह गलत, भ्रामक और बिना किसी आधार के है. अभी सरकार के सामने ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है. इसको लेकर लोग सोशल मीडिया पर गलत अफवाह फैला रहे हैं. मंत्रालय ने बताया कि GST कुछ खास पेमेंट इंस्ट्रूमेंट्स पर लगने वाले चार्ज जैसे मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) पर लागू होता है. लेकिन जनवरी 2020 से सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्स (CBDT) ने 30 दिसंबर 2019 की गजट नोटिफिकेशन के जरिए पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) UPI ट्रांजैक्शन्स पर MDR हटा दिया है. चूंकि UPI ट्रांजैक्शन्स पर अभी कोई MDR चार्ज नहीं होता इसलिए इन पर कोई GST भी लागू नहीं है. सरकार UPI के जरिए डिजिटल पेमेंट्स को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है. UPI को सपोर्ट करने की स्कीम UPI की ग्रोथ को बनाए रखने और इसे सपोर्ट करने के लिए सरकार FY 2021-22 से एक इंसेंटिव स्कीम चला रही है. यह स्कीम खास तौर पर कम वैल्यू के UPI (P2M) ट्रांजैक्शन्स को टारगेट करती है. जिससे छोटे मर्चेंट्स को ट्रांज़ैक्शन कॉस्ट से राहत मिलती है और डिजिटल पेमेंट्स में ज्यादा हिस्सेदारी और इनोवेशन को बढ़ावा मिलता है. इस स्कीम के तहत अब तक के इंसेंटिव पेमेंट्स सरकार की UPI-बेस्ड डिजिटल पेमेंट्स को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दिखाते हैं. स्कीम के तहत सालाना आवंटन इस प्रकार रहा है: FY2021-22: ₹1,389 करोड़ FY2022-23: ₹2,210 करोड़ FY2023-24: ₹3,631 करोड़ भारत की डिजिटल पेमेंट्स में बादशाहत ACI Worldwide Report 2024 के मुताबिक, 2023 में भारत ने ग्लोबल रियल-टाइम ट्रांजैक्शन्स का 49% हिस्सा हासिल किया. जिसने भारत को डिजिटल पेमेंट्स इनोवेशन में ग्लोबल लीडर के तौर पर स्थापित किया. UPI ट्रांजैक्शन्स की वैल्यू में जबरदस्त उछाल आया है, जो FY 2019-20 में ₹21.3 लाख करोड़ से बढ़कर मार्च 2025 तक ₹260.56 लाख करोड़ तक पहुंच गई. खास तौर पर P2M ट्रांज़ैक्शन्स ₹9.3 लाख करोड़ तक पहुंच चुके हैं, जो मर्चेंट्स की बढ़ती स्वीकार्यता और कंज्यूमर्स के डिजिटल पेमेंट्स में भरोसे को दिखाता है. recent visitors 120

जल संकट से जूझ रहे उफरी गांव में पीएम जनमन योजना के साथ जल जीवन मिशन का प्रभावी क्रियान्वयन किया गया

भोपाल डिंडोरी जिले के करंजिया ब्लॉक का उफरी गांव, जहां कभी जल संकट विकराल रूप ले लेता था, अब स्वच्छ पेयजल की सुविधा से आत्मनिर्भर हो चुका है। यह वही गांव है, जहां पानी की एक-एक बूंद के लिए ग्रामीणों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी, जहां महिलाओं और बच्चों का बड़ा हिस्सा अपने दिन का अधिकांश समय पानी की व्यवस्था करने में ही गंवा देता था। अब यह सब बीते समय की बात हो गई है। गांव के बुजुर्ग गंगाराम बैगा बताते हैं, "गर्मियों में पानी की इतनी दिक्कत थी कि कई बार हमें रात में भी पानी भरने जाना पड़ता था। कई बार तो ऐसा हुआ कि झिरियों से गंदा पानी पीने के कारण गांव के कई लोग बीमार पड़ गए। हमें कभी उम्मीद नहीं थी कि हमारे गांव में भी नल से पानी मिलेगा। अब हालात पूरी तरह बदल गए हैं। यह हमारे लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है।" पीएम जनमन योजना बनी संजीवनी जल संकट से जूझ रहे इस गांव में पीएम जनमन योजना के साथ जल जीवन मिशन का प्रभावी क्रियान्वयन किया गया। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा यहां एक बड़ी पेयजल टंकी का निर्माण कराया गया, जिससे पाइपलाइन के माध्यम से हर घर तक पानी पहुंचाया गया। इस योजना का मुख्य उद्देश्य जनजातीय परिवारों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना था, ताकि उन्हें जल संकट से मुक्ति मिल सके। गांव की महिला श्रीमती सुकली बाई कहती हैं, "पहले हमें रोज सुबह जल्दी उठकर पानी के लिए निकलना पड़ता था। कई बार रात में भी पानी भरना पड़ता था, क्योंकि सुबह भीड़ अधिक होती थी। हमारी पूरी दिनचर्या पानी पर निर्भर थी, खेती-किसानी और बच्चों की देखभाल भी पीछे छूट जाती थी। अब हमें यह चिंता नहीं रहती, अब समय बचता है और हम अन्य कामों पर ध्यान दे सकते हैं।" नल से जल, 110 परिवारों के जीवन में बदलाव लगभग 530 जनसंख्या वाले उफरी गांव में जल जीवन मिशन के तहत 110 परिवारों को घर-घर नल कनेक्शन दिए गए। अब ग्रामीणों को पीने के लिए साफ पानी उपलब्ध है, जिससे कई समस्याएं हल हो गई हैं। सबसे बड़ा फायदा यह हुआ कि अब बीमारियों का खतरा कम हो गया है। पहले दूषित पानी पीने के कारण गांव में डायरिया, पीलिया जैसी बीमारियां आम थीं, लेकिन अब स्वास्थ्य केंद्र में ऐसे मामलों में काफी कमी आई है। गांव के बुजुर्गों और युवाओं का कहना है कि यह सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि उनके जीवन को सरल और सुखद बनाने वाली क्रांतिकारी पहल है। ग्रामीणों ने इस बदलाव को हृदय से स्वीकार किया है और प्रधानमंत्री जनमन योजना को विकास का वह स्रोत माना है, जिसने उफरी को नई पहचान दी है। पानी की हर बूंद के साथ अब यहां विकास की नई लहर बह रही है। विकास की ओर बढ़ता उफरी अब गांव में महिलाएं पानी भरने की चिंता से मुक्त होकर अपने घर-परिवार और आजीविका पर ध्यान दे सकती हैं। बच्चे बिना किसी रुकावट के स्कूल जा रहे हैं, और सबसे बड़ी राहत यह है कि गंदे पानी से होने वाली बीमारियों का डर अब नहीं सताता। गांव के कई परिवार अब आजीविका के नए साधनों की ओर बढ़ रहे हैं। पीएम जनमन योजना जल जीवन मिशन से हुए इस सकारात्मक बदलाव से पूरा गांव उत्साहित है। ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री मोदी और सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है और कहा है कि यह योजना उनके लिए केवल जल उपलब्ध कराने का माध्यम नहीं है, बल्कि उनके जीवन स्तर को ऊपर उठाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। अब उफरी गांव विकास की एक नई राह पर आगे बढ़ रहा है, जहां हर घर जल है और हर घर खुशहाली की ओर अग्रसर है।   recent visitors 52

कानपुर एयरपोर्ट पर एक 72-सीटर हवाई जहाज में बम रखा गया, अफवाह से मचा हड़कंप, दो घंटे की हुई जांच

कानपुर कानपुर के चकेरी एयरपोर्ट पर शुक्रवार को बम की अफवाह से हड़कंप मच गया। घटना तब हुई जब किसी सिरफिरे ने फोन करके एयरपोर्ट अधिकारियों को जानकारी दी कि एयरपोर्ट पर एक 72-सीटर हवाई जहाज में बम रखा गया है। यह जानकारी मिलते ही एयरपोर्ट प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने तत्काल सक्रियता दिखाई। एयरपोर्ट पर तुरंत सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद कर दिया गया और एयरपोर्ट के हर कोने को खंगालने की कार्रवाई शुरू कर दी गई। जांच के दौरान यह बात सामने आई कि कानपुर एयरपोर्ट पर सामान्यतः 72 सीटर हवाई जहाजों का संचालन नहीं होता है, जिससे बम की सूचना के होने की संभावना पर सवाल उठने लगे। हालांकि, पूरे एयरपोर्ट परिसर को सुरक्षा बलों ने सर्च किया, ताकि किसी भी प्रकार के खतरे से बचा जा सके। बम की अफवाह को लेकर पुलिस ने चकेरी थाने में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया और जांच शुरू की। इसी बीच, पुलिस ने मामले में सख्ती से कार्रवाई करते हुए सिरफिरे की पहचान करने के लिए मोबाइल सर्विलांस का सहारा लिया। सर्विलांस के जरिए पुलिस ने आरोपी की लोकेशन ट्रेस की और उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि शुक्रवार दोपहर करीब 12.30 बजे मोहित नाम के किसी अज्ञात व्यक्ति ने टर्मिनल ड्यूटी सेल न्यू चकेरी एयरपोर्ट पर फोन किया और कहा कि कानपुर एयरपोर्ट पर 72 सीटर फ्लाइट में बम है। इस सूचना पर पुलिस आयुक्त, कमिश्नरेट कानपुर नगर और पुलिस उपायुक्त (पूर्वी), अपर पुलिस उपायुक्त (पूर्वी), सहायक पुलिस आयुक्त चकेरी और कमिश्नरेट कानपुर नगर को अवगत कराया गया और तत्काल प्रभाव से थाना चकेरी पुलिस बल व सर्विलांस टीम की मदद से त्वारित कार्रवाई की गई। पुलिस ने बताया कि कॉल करने वाले व्यक्ति को दो घंटे के अंदर हिरासत में लिया गया। आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। recent visitors 75