भाजपा के गांव चलो-बस्ती चलो अभियान के तहत विधायक गोपालसिंह इंजीनियर पहुचे सिद्दीकगंज, रामदेवरा मन्दिर में की सफाई

आष्टा आष्टा भाजपा के स्थापना दिवस से शुरू हुआ गांव चलो बस्ती चलो अभियान के तहत आज आष्टा विधायक श्री गोपालसिंह इंजीनियर रजत जयंती ग्राम सिद्दीकगंज पहुचे । भाजपा मगरदा मंडल द्वारा गांव चलो बस्ती चलो अभियान के तहत आयोजित बस्ती चलो अभियान के दौरान विधायक ने ग्राम पंचायत सिद्दीकगंज की बस्तियों का भ्रमण किया । बस्ती में विधायक ने मप्र शासन की योजनाओं के हितग्राहियों से मुलाकात की एवं उनेह किन किन योजनाओं का लाभ मिल रहा है,लाभ प्राप्त होने में कोई परेशानी तो नही हो रही है,गरीब कल्याण योजना का निशुल्क अनाज मिल रहा है,आवास योजना का किस किस को लाभ मिल,किसान सम्मान निधि खाते में आ रही है या नही,सहित अन्य योजनाओं की जानकारी ली। बस्ती के लोगो ने योजनाओं का लाभ मिल रहा है कि जानकारी दी । बस्ती चलो अभियान के तहत अनुसूचित जाति के सरपंच महेंद्र काजले के निवास पहुचे ओर उनके साथ भोजन किया । सिद्दीकगंज के तालाब का निरीक्षण किया एवं उसे जनभागीदारी से गहरीकरण करने का पंचायत को निर्देश दिये विधायक ने गांव चलो बस्ती चलो अभियान के तहत बस्ती की प्रतिभावान बच्चियों का स्वागत सम्मान किया । बस्ती में स्तिथ रामदेवरा मन्दिर की सफाई कर स्वछता अभियान चलाया। बस्ती में संगोष्ठी का आयोजन रखा गया । इस अवसर पर विधायक श्री गोपालसिंह इंजीनियर के साथ राकेश सिसोदिया,अनुसूचित जनजाति वर्ग के सरपंच महेंद्र काजले, हरेंद्र ठाकुर, राजेंद्र धारवा, नीरज सोलंकी, अरुण श्रीवास्तव,रेवाराम पटवा, राकेश सेन,धर्मेंद्र मालवीय, राहुल बडगूजर,धर्मेंद्र मालवीय कातला सरपंच सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्तिथ रहे। recent visitors 36

अनुराग ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस की हिमाचल प्रदेश में सरकार नहीं चल पा रही, नेशनल हेराल्ड अखबार के लिए विज्ञापन दे रही

नई दिल्ली नेशनल हेराल्ड का मुद्दा एक बार फिर विवादों में है. ईडी ने इस मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है. ईडी ने सोनिया और राहुल से जुड़ी कंपनी एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) की 700 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों को अपने कब्जे में लेने की कार्यवाही भी शुरू की है. लेकिन इस बीच हिमाचल प्रदेश और झारखंड की सरकारों की ओर से नेशनल हेराल्ड को विज्ञापन दिए जाने पर केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने जमकर निशाना साधा. केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि मैं आज नेशनल हेराल्ड की बात करूंगा. नेशनल हेराल्ड का नाम सुनते ही पूरी कांग्रेस पार्टी के ईकोसिस्टम में सेंसेशन होने लगते हैं, सेंसेशन जैसे छटपटाहट, कपकपाहट, थरथराहट, फड़फड़ाहट, डगमगाहट, लड़खड़ाहट और ऐसे सेंसेशन होने लाजिमी भी है क्योंकि चोरी करते हुए पकड़े गए हैं. आजादी के बाद से कांग्रेस को देखेंगे तो इनका एक नहीं अनेक घोटाले सामने आए हैं. लेकिन ये अपने आप में एक ऐसा मॉडल है, जो किसी के गले नहीं उतर रहा. ठाकुर ने कहा कि नेहरू जी ने 1938 में नेशनल हेराल्ड को शुरू किया था लेकिन वो चल नहीं पाया. फिर 2008 में ऐसी कौन सी मजबूरी थी कि उसे बचाने के लिए यंग इंडिया के नाम से एक नई कंपनी बनाई गई. यंग इंडिया बनने के बाद 50 लाख रुपये देकर 2000 करोड़ की संपत्ति कांग्रेस के पास चली जाती है. इस कंपनी में गांधी परिवार की 76 फीसदी की हिस्सेदारी है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासित राज्यों हिमाचल प्रदेश और झारखंड की ओर से नेशनल हेराल्ड को दिए जाने वाले विज्ञापनों पर सवाल उठाया. ठाकुर ने कहा कि नेशनल हेराल्ड एक समय पर दैनिक अखबार था लेकिन अब यह नियमित रूप से नहीं छपता. वीकली अखबार है. फिर भी कांग्रेस की सराकरें इसे जमकर विज्ञापन दे रही है. अखबार वैसे तो कागज पर छपता है लेकिन कुछ कागजी अखबार होते हैं. कांग्रेस सरकार कौन-कौन से राज्यों से विज्ञापन ले रही है. ये साफ सामने आना चाहिए. उन्होंने कहा कि कांग्रेस की हिमाचल प्रदेश में सरकार नहीं चल पा रही है लेकिन इस अखबार के लिए विज्ञापन दे रही है. हिमाचल की कांग्रेस सरकार जब से बनी है, नेशनल हेराल्ड को करोड़ों रुपये दिए गए हैं. नेशनल हेराल्ड को कोई पढ़ता है क्या? सरकार अपनी जेब से पैसा दे, टैक्सपेयर्स का पैसा क्यों दे रही है? उस राज्य का चुना हुआ मुख्यमंत्री ऐसा कैसे कर सकता है? एक तो चोरी ऊपर से सीना जोरी. यह कांग्रेस के करप्शन का मॉडल है. कांग्रेस के दो बड़े नेता जमानत पर बाहर है. उनके खिलाफ ईडी की कार्रवाई सही है. ठाकुर ने कहा कि इनके लिए फैमिली फर्स्ट, पार्टी सेकंड और देश आखिरी में है. हिमाचल और झारखंड की कांग्रेस सरकारों पर क्या आरोप है? हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार और झारखंड की कांग्रेस सरकार पर नेशनल हेराल्ड को करोड़ों रुपयों के विज्ञापन देकर अनुचित लाभ पहुंचाने का आरोप बीजेपी ने लगाया है. बाबूलाल मरांडी ने कहा कि झारखंड की हेमंत सोरेन की अगुवआई वाली झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM)-कांग्रेस-राजद गठबंधन सरकार ने नेशनल हेराल्ड और उससे जुड़े प्रकाशनों को करोड़ों रुपये के विज्ञापन देकर अनुचित लाभ पहुंचाया. वहीं, अनुराग ठाकुर ने हिमाचल के सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू पर हमला बोलते हुए कहा कि सुक्खू सरकार ने नेशनल हेराल्ड को झोली भरकर विज्ञापन दिए हैं. हिमाचल के कितने घरों में नेशनल हेराल्ड साप्ताहिक अखबार आती है? उन्होंने कहा कि इस पर भी एक सर्वे होना चाहिए, क्या किसी मीडियाकर्मी के घर में नेशनल हेराल्ड आता है? लेकिन इसके बावजूद प्रदेश सरकार के द्वारा अखबार को करोड़ों रुपये के विज्ञापन दिए गए हैं. हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि नेशनल हेराल्ड मामले में दो करोड़ से ऊपर का विज्ञापन दिया गया. इसकी एक कॉपी आती नहीं है और सीएम कह रहे हैं कि मेरी मर्जी जो करूं. हमारी सरकार है, हमारा अखबार है. दान देने का अधिकार आपको नहीं है. ये हिमाचल के खून-पसीने के मेहनत की कमाई है. आप इसे इस तरह एक परिवार को लुटाने के लिए नहीं दे सकते हैं.   recent visitors 40

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि क्या कांग्रेस अपने सरकार के मुखिया से पूछेंगे कि हो क्या रहा था ?

 रायपुर  सीजीपीएससी घोटाले मामले में सीबीआई की छापेमारी में हुए खुलासे ने फिर से सियासी हलचल बढ़ा दी है. उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने लगातार केंद्रीय एजेंसियों पर सवाल उठाने वाली कांग्रेस पर हमला बोला है. उन्होने कहा कि कांग्रेस के शासन काल में करप्शन टूरिज्म हुआ है. उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि क्या कांग्रेस अपने सरकार के मुखिया से पूछेंगे कि हो क्या रहा था ? हैरानी है कि रिसोर्ट में बैठाकर सीजीपीएससी का पेपर सॉल्व कराया जा रहा था. ऐसे युवा सिस्टम में घुसकर पूरे विभाग को बर्बाद करते हैं. छत्तीसगढ़ के होनहार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया था. कांग्रेस के शासन काल में करप्शन टूरिज्म हुआ है. नक्सलियों में मची खलबली : उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा बीजापुर में 22 नक्सलियों की गिरफ्तारी को लेकर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि नक्सलियों की दो श्रेणियों में इस समय काफी ज्यादा खलबली मची हुई है. जिन लोगों को पहले बंदूक के दम पर डराकर, धमकाकर नक्सल संगठन में शामिल किया गया था और पद भी दिए गए थे, अब वे स्वयं को स्वतंत्र महसूस कर रहे हैं और स्वेच्छा से पद छोड़कर मुख्यधारा में लौट रहे हैं. recent visitors 45

UNESCO के मेमोरी ऑफ द वर्ल्ड रजिस्टर में शामिल हुई भगवद गीता और नाट्यशास्त्र, CM साय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया एक्स पर किए अपने पोस्ट में कहा कि यह हमारी सनातन और शाश्वत ज्ञान-परंपरा को वैश्विक मान्यता मिलने के साथ ही हमारी संस्कृति, कलात्मक प्रतिभा और आध्यात्मिक चेतना का भी सम्मान है. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह ग्रंथ हमारी कालातीत धरोहर है, जिसने सदियों से भारत की आत्मा को पोषित किया है और सम्पूर्ण मानवता को नैतिकता का मार्ग दिखाया है. अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए कहा उनके नेतृत्व में हमारी प्राचीन ज्ञान-परंपरा को वैश्विक मंच पर सर्वोच्च स्थान मिल रहा है. recent visitors 48

Ex CM जगन मोहन रेड्डी की मुश्किलें बढ़ती हुई नजर आ रही, गिरी ED की गाज, 800 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त

अमरावती  14 साल पुराने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी पर ईडी ने सख्त कार्रवाई की है। वर्तमान में आंध्र प्रदेश विधानसभा की विपक्षी पार्टी- युवजन श्रमिक रायथु कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के प्रमुख जगन मोहन रेड्डी के खिलाफ जांच के दौरान ईडी ने 800 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की है। जानकारी मुताबिक जगन के जिन शेयरों को अटैच किया गया है, उसका मूल्य करीब 27.5 करोड़ रुपये है। इसके अलावा डालमिया सीमेंट्स (भारत) लिमिटेड (DCBL) की जमीन को भी अटैच किया है। इस जमीन की कीमत लगभग 377.2 करोड़ रुपये है। डालमिया ने अटैच की गई संपत्ति का कुल मूल्य 793.3 करोड़ रुपये है और ईडी ने 14 साल के बाद यह कार्रवाई की है। बताया जा रहा है कि मनी लॉन्ड्रिंग का यह पूरा मामला लाभ हासिल करने के मकसद से की गई मदद का है। केंद्रीय जांच ब्यूरो ने इस मामले में साल 2011 में केस दर्ज किया था। ईडी ने सीबीआई की तरफ से दर्ज केस पर अब अस्थायी तौर पर संपत्ति अटैच करने की कार्रवाई की है। 2011 में दर्ज मामले में की कार्रवाई  आपको बता दें कि, ED की ये कार्रवाई CBI ने जो केस 2011 में दर्ज किया गया था उसी से जुड़ी है। आरोप है कि, डेलमिया सीमेंट्स ने भरती सीमेंट कॉर्पोरेशन प्राइवेट लिमिटेड में निवेश किया था, जो जगन रेड्डी से संबंधित है। ईडी द्वारा अटैच किए गए शेयर कार्मेल एशिया होल्डिंग्स लिमिटेड, सरस्वती पावर एंड इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड और हर्षा फर्म में जगन रेड्डी की हिस्सेदारी से संबंधित हैं। इस मामले को लेकर ED की तरफ से बताया गया कि, DCBL ने रघुराम सीमेंट्स लिमिटेड में 95 करोड़ रुपये का निवेश किया था, जिसका प्रतिनिधित्व जगन रेड्डी कर रहे थे। इसके बदले में, जगन ने कथित तौर पर अपने पिता और तत्कालीन मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी के प्रभाव का उपयोग कर कडपा जिले में 407 हेक्टेयर भूमि की माइनिंग लीज DCBL को दिलवाई। 31 मार्च को जारी हुआ था अटैचमेंट ऑर्डर ईडी और सीबीआई के अनुसार, वाईएस जगन रेड्डी, पूर्व सांसद वी विजया साई रेड्डी और DCBL के पुनीत डेलमिया के बीच हुए समझौते के तहत रघुराम सीमेंट्स लिमिटेड के शेयर एक फ्रांसीसी कंपनी PARFICIM को 135 करोड़ रुपए में बेचे गए। इनमें से 55 करोड़ रुपए मई 2010 से जून 2011 के बीच हवाला के माध्यम से नकद में जगन को दिए गए। इन भुगतानों का विवरण दिल्ली स्थित आयकर विभाग द्वारा जब्त सामग्री में पाया गया। अटैचमेंट ऑर्डर 31 मार्च को जारी हुआ था, जिसे DCBL ने 15 अप्रैल, 2025 को प्राप्त किया।   recent visitors 41

शराब घोटाले से जुड़े मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी CBI ने आज सुबह रिटायर्ड IAS अधिकारी अनिल टूटेजा के घर छापेमारी की

रायपुर पूर्व IAS अधिकारी अनिल टुटेजा के घर CBI की टीम ने दबिश दी है। यह कार्रवाई नान, महादेव ऐप, कोयला तथा आबकारी घोटालों से जुड़े मामलों में की जा रही है। बताया जा रहा है कि दिल्ली से आई CBI टीम ने अनिल टुटेजा के निवास पर छापेमारी की है। हालांकि अभी तक किसी भी स्तर पर इस कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है लेकिन CBI की टीम द्वारा तलाशी कार्रवाई जारी है। यह छापेमारी छत्तीसगढ़ के चर्चित घोटालों की कड़ी जांच का हिस्सा मानी जा रही है जिससे राज्य की पूर्ववर्ती शासन व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल उठ सकते हैं। छत्तीसगढ़ शराब घोटाले के आरोपियों में अनिल टुटेजा का नाम भी है। ईडी के अनुसार, भूपेश बघेल सरकार के समय सरकारी शराब के नाम पर 2 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का घोटाला किया गया है। आरोप है कि घोटाले को अनिल टुटेजा के अलावा आबकारी विभाग के एमडी अरुणपति त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर ने सिंडिकेट के जरिए अंजाम दिया था। दो दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने दी जमानत बता दें कि पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा को दो दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने शराब घोटाले में एक वर्ष से अधिक समय तक न्यायिक हिरासत में रहने के आधार पर सशर्त जमानत दी थी। लेकिन केवल ईडी के केस में राहत मिली है. उनके खिलाफ ईओडब्ल्यू ने भी केस दर्ज किया है, जिसकी वजह से जमानत मिलने के बाद भी वह जेल से बाहर नहीं आ पाएंगे। recent visitors 31

20 अप्रैल के बाद नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है, दिल्ली में मंथन तेज, नया अध्यक्ष कौन?

नई दिल्ली नई दिल्ली की सियासी फिज़ाओं में हलचल तेज है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) एक बार फिर संगठनात्मक बदलाव की दहलीज़ पर खड़ी है। पार्टी के भीतर लंबे समय से चल रही चर्चाओं को अब ठोस दिशा मिलने वाली है, क्योंकि 20 अप्रैल के बाद नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिल्ली आवास पर हुई एक महत्वपूर्ण बैठक ने इन कयासों को और हवा दी है। इस मीटिंग में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और संगठन महासचिव बी.एल. संतोष जैसे दिग्गज नेता शामिल हुए। सूत्रों का कहना है कि इस बैठक में पार्टी के भविष्य की रणनीति और नेतृत्व में संभावित बदलाव को लेकर गंभीर विचार-विमर्श हुआ। पांच नाम, एक कुर्सी: किसे मिलेगी कमान? विश्वसनीय पार्टी सूत्रों के अनुसार, नए अध्यक्ष को लेकर पांच नामों पर चर्चा जोरों पर है – और इस बार पार्टी दक्षिण भारत, विशेषकर कर्नाटक से किसी नेता को कमान सौंपने पर गंभीरता से विचार कर रही है। आइए जानते हैं इस रेस में शामिल नेताओं के बारे में:   1. प्रह्लाद जोशी केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण मंत्रालय संभाल रहे धारवाड़ से सांसद जोशी संगठन और संघ दोनों में गहरी पैठ रखते हैं। उनका अनुशासित नेतृत्व और प्रशासनिक अनुभव उन्हें सबसे मजबूत दावेदार बनाता है। 2. बी.एल. संतोष आरएसएस की पृष्ठभूमि से आए बी.एल. संतोष का नाम संगठन के लिए स्वाभाविक पसंद माना जा रहा है। वह पार्टी और संघ के बीच मजबूत पुल की भूमिका निभाते हैं। 3. सी.टी. रवि तेजतर्रार और आक्रामक तेवरों के लिए पहचाने जाने वाले रवि, कर्नाटक में संगठन को मज़बूती देने के लिए जाने जाते हैं। संघ से जुड़ाव और ज़मीनी पकड़ उनकी खास ताकत है। 4. धर्मेंद्र प्रधान ओडिशा से सांसद और चुनावी रणनीति के माहिर खिलाड़ी प्रधान, लंबे समय से शीर्ष नेतृत्व की रेस में हैं। संगठन को विस्तार देने में उनकी भूमिका हमेशा से अहम रही है। 5. भूपेंद्र यादव राजस्थान से आने वाले भूपेंद्र यादव का नाम भी प्रमुखता से लिया जा रहा है। पर्यावरण मंत्री के रूप में उन्होंने प्रशासनिक कार्यकुशलता दिखाई है, और संगठन में उनकी गहरी पकड़ मानी जाती है। एक चौंकाने वाला नाम भी चर्चा में… सबको चौंकाते हुए, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा का नाम भी अचानक चर्चा में आया है। यदि प्रधानमंत्री मोदी उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपते हैं, तो यह एक अप्रत्याशित लेकिन बेहद रणनीतिक फैसला हो सकता है। अब सबकी निगाहें 20 अप्रैल के बाद की राजनीतिक गतिविधियों पर टिकी हैं। क्या दक्षिण भारत से नया नेतृत्व उभरेगा? या पीएम मोदी एक बार फिर सबको चौंका देंगे? recent visitors 47