यात्रीगण कृपया ध्यान दें, भोपाल मंडल से गुजरने वाली 26 ट्रेनें इन तारीख को रहेंगी कैंसिल

नर्मदापुरम  उत्तर पूर्व रेलवे के गोरखपुर मंडल के गोरखपुर जंक्शन–गोरखपुर कैंट खंड के मध्य तीसरी लाइन के इंटरलॉकिंग कार्य के कारण भोपाल मंडल से होकर गुजरने वाली निम्नलिखित गाड़ियाँ अपनी निर्धारित तिथियों में निरस्त रहेंगी.     गाड़ी संख्या 11037 पुणे–गोरखपुर एक्सप्रेस 17 अप्रैल एवं 02 मई 2025 को निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 11038 गोरखपुर–पुणे एक्सप्रेस 19 अप्रैल एवं 03 मई 2025 को निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 12511 गोरखपुर–कोचुवेली एक्सप्रेस 27 अप्रैल, 01, 02 एवं 04 मई 2025 को रद्द रहेगी.     गाड़ी संख्या 12512 कोचुवेली–गोरखपुर एक्सप्रेस 30 अप्रैल, 04, 06 एवं 07 मई 2025 को निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 12589 गोरखपुर–सिकंदराबाद एक्सप्रेस 30 अप्रैल 2025 को निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 12590 सिकंदराबाद–गोरखपुर एक्सप्रेस 01 मई 2025 को निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 12591 गोरखपुर–यशवंतपुर एक्सप्रेस 26 अप्रैल 2025 को निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 12592 सिकंदराबाद–गोरखपुर एक्सप्रेस 28 अप्रैल 2025 को निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 12597 गोरखपुर–छत्रपति शिवाजी महाराज ट. एक्सप्रेस 22 एवं 29 अप्रैल 2025 को निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 12598 छत्रपति शिवाजी महाराज ट.–गोरखपुर एक्सप्रेस 23 एवं 30 अप्रैल 2025 को निरस्त रहेगी     गाड़ी संख्या 15017 लोकमान्य तिलक ट.–गोरखपुर एक्सप्रेस 27 अप्रैल से 03 मई 2025 तक प्रतिदिन निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 15018 गोरखपुर–लोकमान्य तिलक ट. एक्सप्रेस 27 अप्रैल से 03 मई 2025 तक प्रतिदिन निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 15023 गोरखपुर–यशवंतपुर एक्सप्रेस 22 एवं 29 अप्रैल 2025 को निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 15024 यशवंतपुर–गोरखपुर एक्सप्रेस 24 अप्रैल एवं 01 मई 2025 को निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 15029 गोरखपुर–पुणे एक्सप्रेस 24 अप्रैल एवं 01 मई 2025 को निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 15030 पुणे–गोरखपुर एक्सप्रेस 26 अप्रैल एवं 03 मई 2025 को निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 15045 गोरखपुर–ओखा एक्सप्रेस 24 अप्रैल एवं 01 मई 2025 को निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 15046 ओखा–गोरखपुर एक्सप्रेस 27 अप्रैल एवं 04 मई 2025 को निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 15065 गोरखपुर–पनवेल एक्सप्रेस 15, 17, 18, 19, 20, 21, 22, 24, 25, 27, 28, 29 अप्रैल एवं 01, 02, 04 मई 2025 को निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 15066 पनवेल–गोरखपुर एक्सप्रेस 16, 18, 19, 20, 21, 22, 23, 25, 26, 28, 29, 30 अप्रैल एवं 02, 03, 05 मई 2025 को निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 15067 गोरखपुर–बांद्रा ट. एक्सप्रेस 16, 23 एवं 30 अप्रैल 2025 को निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 15068 बांद्रा ट.–गोरखपुर एक्सप्रेस 18, 25 अप्रैल एवं 02 मई 2025 को निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 20103 गोरखपुर–लोकमान्य तिलक ट. एक्सप्रेस 19 अप्रैल से 02 मई 2025 तक प्रतिदिन निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 20104 लोकमान्य तिलक ट.–गोरखपुर एक्सप्रेस 20 अप्रैल से 03 मई 2025 तक प्रतिदिन निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 22533 गोरखपुर–यशवंतपुर एक्सप्रेस 28 अप्रैल 2025 को निरस्त रहेगी.     गाड़ी संख्या 22534 यशवंतपुर–गोरखपुर एक्सप्रेस 30 अप्रैल 2025 को निरस्त रहेगी. गर्मियों में समर स्पेशल ट्रेन में यात्री लें मजा, रेलवे ने चलाई वापी-दानापुर-वलसाड ट्रेन यात्रियों से अनुरोध है कि असुविधा से बचने के लिए रेलवे द्वारा अधिकृत रेलवे पूछताछ सेवा NTES/139 से गाड़ी की सही स्थिति की जानकारी प्राप्त करके तदनुसार यात्रा प्रारम्भ करें. उक्त विशेष ट्रेनों के विस्तृत समय और ठहराव की विस्तृत जानकारी हेतु कृपया www.enquiry.indianrail.gov.in पर जाएं या NTES ऐप डाउनलोड करें. recent visitors 53

18 अप्रैल का दिन आईपीएल के लिए है बेहद खास, आज के ही दिन हुआ था आगाज, ब्रैंडन मैक्कुलम की चली थी आंधी

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट के दशकों पुराने इतिहास में 18 अप्रैल का दिन बेहद खास है. इसी दिन साल 2008 में दुनिया की सबसे बड़ी टी20 लीग यानी इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की शुरुआत हुई थी. आईपीएल का उद्घाटन मुकाबला रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के बीच खेला गया था. बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में आयोजित उस पहले ही मैच में न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान ब्रैंडन मैक्कुलम का जलवा देखने को मिला था. मैक्कुलम की आंधी में ढह गई थी आरसीबी ब्रैंडन मैक्कुलम कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए ओपनिंग करने उतरे और रनों का अंबार लगा दिया. मैक्कुलम ने सिर्फ 73 गेंदों पर नाबाद 158 रनों की धुआंधार पारी खेली थी. इस दौरान उनके बल्ले से 13 छक्के और 10 चौके निकले. मैक्कुलम की यादगार पारी के दम पर सौरव गांगुली की अगुवाई वाली केकेआर ने तीन विकेट पर 222 रनों का स्कोर खड़ा किया. जवाब में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की पूरी टीम 15.1 ओवर्स में महज 82 रनों पर ढेर हो गई और उसे 140 रनों से करारी हार का सामना करना पड़ा. उस मैच में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की कप्तानी राहुल द्रविड़ कर रहे थे, जो आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स (RR) के मौजूदा हेड कोच हैं. मैक्कुलम को उनकी ऐतिहासिक इनिंग्स के लिए 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया था. आईपीएल का पहला सीजन राजस्थान रॉयल्स ने जीता था. ऑस्ट्रेलिया के महानतम स्पिनर शेन वॉर्न की कप्तानी में राजस्थान रॉयल्स चैम्पियन बनने में कामयाब रही थी. तब राजस्थान रॉयल्स ने फाइनल में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) को 3 विकेट से शिकस्त दी थी. वह मुकाबला 1 जून 2008 को नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्पोर्ट्स एकेडमी में खेला गया. उस मुकाबले में चेन्नई सुपर किंग्स की कप्तानी महेंद्र सिंह धोनी के हाथों में थी. धोनी मौजूदा आईपीएल सीजन में भी ऋतुराज गायकवाड़ के बाहर होने के बाद सीएसके की कप्तानी कर रहे हैं. राजस्थान रॉयल्स बनी थी आईपीएल की पहली चैम्पियन, फोटो: X आईपीएल का पहला ही सीजन बेहद सफल एवं रोमांचक रहा. आगे चलकर फैन्स का रुझान क्रिकेट के सबसे छोटे फॉर्मेट की ओर इस कदर बढ़ा कि यह लीग लोकप्रियता के शीर्ष पर जा पहुंचा. आईपीएल ललित मोदी की सोच थी. ग्लैमर और चकाचौंध के तड़के के बीच इस लीग में इतना पैसा बरसा कि दुनिया देखती ही रह गई. आईपीएल ने भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) की रेवेन्यू में चार चांद लगा दिया. ऐसे में बाकी देशों के बोर्ड आर्थिक तौर पर बीसीसीआई से कोसों पीछे छूट गए. विवादों से भी रहा है आईपीएल का नाता आगे चलकर बाकी देशों ने भी आईपीएल के मॉडल को अपनाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें उतनी कामयाबी नहीं मिली. आईपीएल के अबतक 17 सीजन हो चुके हैं और 18वां सीजन जारी है. खास बात यह है कि आईपीएल में आज बेंगलुरु के ही एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और पंजाब किंग्स (PBKS) की टक्कर होनी है. एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में ही आईपीएल का आगाज हुआ था. आईपीएल के मुकाबले तो हिट होते चले गए, लेकिन दूसरी तरफ कई विवादों में भी यह लीग घिरी रही. आईपीएल 2010 फाइनल के बाद ललित मोदी को बीसीसीआई से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया. ललित मोदी पर पैसे की हेराफेरी सहित कई आरोप लगे थे. बता दें कि ललित मोदी 2008 से 2010 तक यानी पहले तीन सीजन में आईपीएल के चेयरमैन और कमिश्नर रहे थे. फिर सबसे बड़ा विवाद साल 2013 में सामने आया, जब राजस्थान रॉयल्स के खिलाड़ियों पर स्पॉट फिक्सिंग का आरोप लगा. उस समय बीसीसीआई के अध्यक्ष एन. श्रीनिवासन के दामाद को अवैध सट्टेबाजी में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. recent visitors 40

धार में ट्रेलर की टक्कर से महिला की मौत, कार सवार लोग हुए घायल

बाकानेर  धार जिले के बाकानेर के पास बारात लेकर बड़दा पुनर्वास जा रही एक बस अचानक पलटी खा गई। इस हादसे में एक महिला की मौत हो गई। वहीं धार के नागेश्वर के पास ट्रेलर की टक्कर से एक महिला की मौत हो गई। बस के नीचे दब गई महिला जानकारी के मुताबिक नागदा जंक्शन से बारात लेकर बड़दा पुनर्वास जा रही बस सुबह 5 बजे मान नदी के किनारे रुकी थी। इसके बाद बारात में शामिल कुछ महिलाएं बस में बैठ गईं और पुरुष बस को धक्का लगाकर स्टार्ट करने की कोशिश करने लगे। सड़क पर ढलान होने की वजह से बस पीछे की ओर आ गई और टीन शेड के ढाबे को तोड़ती हुई पलट गई। घटना में वहां खड़ी एक महिला बस के नीचे आ गई और उसकी वहीं मौत हो गई। घटना के बाद बारातियों में चीख-पुकार मच गई। अंदर बैठी महिलाए जैसे-तैसे बाहर निकलीं। घटना के बाद बाकानेर के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और क्रेन को बुलवाकर नीचे दबी महिला बबीता पति रामुसिंह को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। यहां ट्रेलर की टक्कर से महिला की मौत उज्जैन से राजगढ़ जा रहे जैन परिवार के नयन पिता मुकेश अम्बोर जैन निवासी राजगढ़ धार की कार को नागेश्वर के पास ब्रिज पर तेज रफ्तार से आ रहे ट्रेलर ने जोरदार टक्कर मारी। ट्रेलर कार को 50 फीट तक घसीटकर ले गया। इसमें महिला पूजा पति नयन जैन 30 वर्ष की स्पॉट पर ही मृत्यु हो गई और नयन जैन 32 वर्ष गंभीर घायल हो गए। नयन को इलाज के लिए इंदौर रेफर किया गया। कार में पांच लोग सवार थे। इनमें दो छोटी जुड़वा बच्चियां भी शामिल हैं। recent visitors 54

मंच टूटने के बाद एमपी कांग्रेस ने कार्यक्रमों को लेकर जो गाइडलाइन बनाई

भोपाल भोपाल में पिछले महीने यानि 10 मार्च को रंगमहल चौराहे पर किसान कांग्रेस द्वारा आयोजित विधानसभा घेराव के कार्यक्रम का मंच टूट गया था। इस घटना में कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव सिंह, महेन्द्र सिंह चौहान, महेन्द्र जोशी सहित आधा दर्जन नेता गंभीर घायल हुए थे। कांग्रेस ने पार्टी के सभी विधायकों, सांसदों, जिला अध्यक्षों, प्रदेश पदाधिकारियों, जिला प्रभारी, सह प्रभारी, संगठन मंत्रियों और ब्लॉक अध्यक्षों के साथ पूर्व सांसद, पूर्व विधायकों को पार्टी के कार्यक्रमों की मंच व्यवस्था, स्वागत, भाषण, वाहन व्यवस्था और बैकड्रॉप की गाइडलाइन भेजी है। जिला प्रभारियों और सह प्रभारियों पर इसे पालन कराने की जिम्मेदारी दी गई है। दिल्ली से मंजूरी मिली, भोपाल में चर्चा बाकी एमपी कांग्रेस ने कार्यक्रमों को लेकर जो गाइडलाइन बनाई है, उसकी दिल्ली में ऑल इंडिया कांग्रेस कमीटी (एआईसीसी) से सैद्धांतिक सहमति मिल गई है। प्रदेश स्तर पर 20 अप्रैल को होने वाली बैठक में सहमति के बाद इसे जारी कर दिया जाएगा। प्रदेश के जिन नेताओं पदाधिकारियों को यह गाइडलाइन भेजी गई है, उनसे यह कहा गया है कि यदि कोई सुझाव हो तो 19 अप्रैल तक भेज दें ताकि जरूरी सुझावों को शामिल करते हुए इसे फाइनल मंजूरी मिल सके। कार्यक्रमों के पहले की तैयारियां     कार्यक्रमों में महात्मा गांधी, डॉ. भीमराव अंबेडकर की फोटो अनिवार्यतः: रखवाई जाएं। और अतिथियों द्वारा सूत की माला से माल्यार्पण किया जाए।     कार्यक्रम का शुभारंभ वंदे मातरम् के गायन से किया जाए।     कार्यक्रम के समापन में जन-गण-मन अनिवार्य रूप से कराया जाए।     मंच संचालक द्वारा सभी को इस संबंध में कार्यक्रम के दौरान इन बातों को बार-बार दोहराया जाए। ताकि राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान के दौरान अनुशासन का पालन हो। जिला स्तर के कार्यक्रम के लिए प्रोटोकॉल जिला स्तरीय मंच- जिला स्तर के संगठन के ऐसे कार्यक्रम जिसमें बडे़ नेताओं, प्रदेश अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष, प्रदेश प्रभारी शामिल हों। उस कार्यक्रम में सिर्फ 12 बाय 12 फीट और 3 फीट ऊंचाई का मंच वक्ताओं के लिए बनाया जाएगा, जिसमें बोलने के लिए बीचों बीच डायस रखी जाएगी। इस मंच पर बैकड्रॉप में 16 बाय 16 फीट का होर्डिंग लगाया जाएगा। यानि मंच पर कोई नेता नहीं बैठेगा। नाम बुलाने पर नेता डायस पर जाकर स्पीच देंगे और नीचे कार्यकर्ताओं के साथ बैठेंगे। recent visitors 60

अमित शाह बोले- जवानों ने नक्सलियों को चार जिलों तक समेट कर रख दिया

नीमच गृह मंत्री अमित शाह ने सीआरपीएफ की पीठ ठोकते हुए कहा कि नक्सलियों का पशुपतिनाथ से तिरुपति तक का सपना टूट गया है। उन्होंने कहा कि नक्सली नेपाल से लेकर आंध्र प्रदेश तक अपना दबदबा कायम करना चाहते थे लेकिन अब वे केवल चार जिलों में सिमटकर रह गए हैं। गृह मंत्री अमित शाह नीमच में सीआरपीएफ स्थापना दिवस के मौके पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि सीआरपीएफ के योगदान से कुछ ही दिनों में देश नक्सलवाद से मुक्त हो जाएगा। उन्होंने कहा, सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन से खूंखार नक्सली भी खौफ खाते हैं। कोबरा बटालियन की अगुआई में सीआरपीएफ ने नक्सलवाद को खत्म करने में बड़ा योगदान दिया है। 21 मार्च 2026 तक इस देश से नक्सलवाद का पूरी तरह खात्मा हो जाएगा। शाह ने कहा कि माओवाद प्रभावित इलाकों में 400 से ज्यादा फॉरवर्ड बेस बनाए गए हैं। इसके चलते 10 साल के अंदर ही माओवादी घटनाओं में 70 फीसदी की कमी दर्ज की गई है। गृह मंत्री ने कहा कि कश्मीर में धारा 370 हटने के बाद शांति बहाल करना हो या फिर शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न करवाना, सीआरपीएफ के जावान देश की सेवा में लगे ही रहते हैं। उन्होंने कहा कि कश्मीर में चुनाव से पहले बूथ पर हमले और लूट की आशंका जताई गई थी। लेकिन सीआरपीएफ के जवानों की मुस्तैदी की वजह से एक भी अप्रिय घटना सामने नहीं आई। कश्मीर में चुनाव के दौरान एक भी गोली नहीं चली। गुरूवार को शाह ने सिरोही जिले के आबूरोड स्थित ब्रह्मकुमारीज हैडक्वार्टर शांतिवन में आयोजित सुरक्षा बल के कर्मियों के लिए आंतरिक जागृति के माध्यम से आत्म-सशक्तीकरण विषयक राष्ट्रीय संवाद के शुभारम्भ के अवसर पर बोल रहे थे। उन्होंने सुरक्षाकर्मियों के मन, आत्मा और शरीर को शांति का मार्ग प्रशस्त करने की दिशा में कार्य करने के लिए ब्रह्माकुमारीज़ संस्था को साधुवाद दिया। शाह ने कहा है कि सशस्त्र बलों के सुरक्षाकर्मी माइनस 46 डिग्री सेल्सियस से लेकर 46 डिग्री सेल्सियस तक तापमान में अपने जीवन का स्वर्णकाल देकर हमारी सीमाओं की सुरक्षा करते हैं और उनके त्याग-तप और बलिदान के कारण आज हम सुरक्षित हैं। recent visitors 51

छत्तीसगढ़ चार खिलाड़ियों ने नेपाल में बॉडीबिल्डिंग एवं वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता में दमदार प्रदर्शन करते हुए देश का परचम लहराया

रायपुर छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के चार होनहार खिलाड़ियों ने नेपाल के पोखरा शहर में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय बॉडीबिल्डिंग एवं वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता में दमदार प्रदर्शन करते हुए छत्तीसगढ़ और देश का परचम लहराया है। अंतर्राष्ट्रीय संयुक्त भारतीय खेल संघ द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता में भारत, नेपाल, पाकिस्तान, भूटान, श्रीलंका, बांग्लादेश और म्यांमार समेत सात देशों के 300 से अधिक खिलाड़ियों ने भाग लिया। भारत की ओर से छत्तीसगढ़ के कवर्धा से सूरज राजपूत, दीपाली सोनी, अभिषेक तिवारी और अनुराग जांगड़े ने इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में भाग लेकर स्वर्ण पदक हासिल किए। ज्ञात हो कि बॉडीबिल्डिंग स्पर्धा में कबीरधाम के सूरज राजपूत ने सात देशों के प्रतिभागियों को पीछे छोड़ते हुए इंटरनेशनल मिस्टर ओवरऑल का खिताब अपने नाम किया। सूरज पूर्व में मिस्टर छत्तीसगढ़, सीनियर नेशनल बॉडीबिल्डिंग चौंपियनशिप और पावरलिफ्टिंग में भी पदक जीत चुके हैं। वर्तमान में वे कवर्धा के “भारत हेल्थ क्लब” में कोच की भूमिका निभा रहे हैं और लगभग 50 युवाओं को निःशुल्क प्रशिक्षण दे रहे हैं। दीपाली सोनी, जो कि जिले की पहली महिला स्वर्ण विजेता वेटलिफ्टर बनीं, उन्होंने 76 किलोग्राम वर्ग में जीत दर्ज की। वे इससे पहले राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में भी शानदार प्रदर्शन कर चुकी हैं। पुरुषों की 67 किलोग्राम श्रेणी में सब-जूनियर वर्ग के अभिषेक तिवारी ने स्वर्ण पदक हासिल किया। इसके पहले स्कूल नेशनल गेम्स में भी पदक जीत चुके हैं। वहीं 14 वर्षीय अनुराग जांगड़े, जिन्होंने 109 किलोग्राम वर्ग में सब-जूनियर वेटलिफ्टिंग में स्वर्ण पदक अपने नाम किया, पहले भी जिला और स्कूल स्तरीय कई प्रतियोगिताओं में अव्वल रहे हैं। गौरतलब है कि इन चारों खिलाड़ियों को प्रशिक्षित करने का श्रेय भी सूरज राजपूत को जाता है, जो वर्षों से समर्पण भाव से निःशुल्क प्रशिक्षण देकर जिले के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तैयार कर रहे हैं। सूरज राजपूत ने अपनी सफलता और टीम की उपलब्धियों के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, खेल मंत्री टंक राम वर्मा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह उपलब्धि जिले के साथ-साथ राज्य के हर युवा की प्रेरणा बनेगी। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में दुबई में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता आयोजित होगी, जिसकी तैयारी भी वे कवर्धा से ही पूरी निष्ठा के साथ करेंगे। नेपाल की धरती पर खिलाड़ियों द्वारा किया गया यह प्रदर्शन न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के लिए गर्व की बात है। बॉडी बिल्डिर सूरज राजपूत – बॉडीबिल्डिंग की दुनिया में सूरज राजपूत का नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं है। नेपाल की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में उन्होंने सात देशों के धुरंधरों को पछाड़ते हुए इंटरनेशनल मिस्टर ओवरऑल का खिताब अपने नाम किया। सूरज राजपूत कहा कि यह जीत सिर्फ मेरी नहीं, पूरे छत्तीसगढ़ की है। छोटे शहर से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचना आसान नहीं होता, लेकिन अगर मन में जुनून हो और मार्गदर्शन सही हो, तो कोई भी मंजिल दूर नहीं। सूरज ‘भारत हेल्थ क्लब’ में बतौर कोच लगभग 50 खिलाड़ियों को निःशुल्क प्रशिक्षण दे रहे हैं। वे मिस्टर छत्तीसगढ़, सीनियर नेशनल और पावरलिफ्टिंग प्रतियोगिताओं में भी मेडल जीत चुके हैं। वेटलिफ्टर दीपाली सोनी 76 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीतने वाली कबीरधाम जिले की दीपाली सोनी कबीरधाम की पहली महिला वेटलिफ्टर बनी हैं। जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर इतिहास रच दिया। दीपाली सोनी  अपना अनुभव साझा करती हुए कहती है कि नेपाल की यात्रा मेरे लिए बेहद प्रेरणादायक रही। पहली बार विदेश जाकर खेलना और तिरंगा लहराना एक सपना था, जो पूरा हुआ। मुझे खुशी है कि अब जिले की अन्य बेटियां भी वेटलिफ्टिंग जैसे खेलों में आगे बढ़ने की प्रेरणा लेंगी।” दीपाली पहले भी राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक जीत चुकी हैं। वेटलिफ्टर अभिषेक तिवार 67 किलोग्राम वर्ग के सब-जूनियर वेटलिफ्टिंग कैटेगरी में अभिषेक तिवारी ने गोल्ड मेडल जीतकर अपनी कड़ी मेहनत का शानदार उदाहरण पेश किया। अभिषेक तिवारी कहते हैं कि जब मेरे गले में मेडल आया, तो मुझे अपने माता-पिता, गुरुजी और पूरे जिले की मेहनत याद आई। नेपाल में रहना, वहां के खिलाड़ी और माहौल सभी कुछ नया था, लेकिन हमने भारत का झंडा ऊंचा रखने का संकल्प लिया था। वेटलिफ्टर अनुराग जांगड़े सिर्फ 14 वर्ष की उम्र में 109 किलोग्राम वर्ग में सब-जूनियर वेटलिफ्टिंग में गोल्ड जीतने वाले अनुराग जांगड़े ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। अनुराग जांगड़े ने अपनी कैरियर की पहली विदेश यात्रा में मिले उपलब्धियों की खुशी जाहिर करते हुए कहा कि “मैं बहुत खुश हूं कि इतनी छोटी उम्र में देश के लिए स्वर्ण पदक जीत पाया। यह सब मेरे कोच सूरज सर की वजह से संभव हुआ, जिन्होंने हमें दिन-रात निःस्वार्थ भाव से मुझे तैयार किया।” विदेश में राष्ट्रीय ध्वज लहराने की खुशी में शब्दों में बयां नही कर सकता। recent visitors 33

बीईएमएल के हैवी अर्थ मूविंग इक्विपमेंट संयंत्र को मंजूरी, स्थानीय रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य को औद्योगिक और आर्थिक विकास के नए शिखर पर ले जाने की दिशा में आज एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में महानदी मंत्रालय भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीईएमएल) को राज्य में हैवी अर्थ मूविंग इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग संयंत्र के स्थापना की सैद्धांतिक मंजूरी दी गई। इस संयंत्र के लिए बिलासपुर, चांपा के समीप नेशनल हाईवे से लगी 100 एकड़ भूमि को टोकन दर पर आबंटित करने का निर्णय लिया गया है, जिसका उद्देश्य स्थानीय रोजगार सृजन और सूक्ष्म-लघु उद्योगों को प्रोत्साहन देना है। छत्तीसगढ़ सरकार की नई औद्योगिक नीति 2024-30, जो एक नवंबर 2024 से लागू हुई, ने राज्य को निवेशकों के लिए अनुकुल बना दिया है। इस नीति का मूल मंत्र न्यूनतम शासन, अधिकतम प्रोत्साहन है, जिसके तहत उद्योगों को स्थापित करने की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया गया है। सिंगल विंडो सिस्टम 2.0, ऑनलाइन आवेदन, और त्वरित प्रोसेसिंग जैसी सुविधाओं ने उद्यमियों के लिए छत्तीसगढ़ में कारोबारी माहौल को आसान किया है। नीति में फार्मास्यूटिकल्स, सूचना प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ग्रीन हाइड्रोजन, सेमीकंडक्टर, और पर्यटन जैसे क्षेत्रों को विशेष प्रोत्साहन दिया गया है। इस नीति के तहत उद्योगों को 30-50 प्रतिशत सब्सिडी, 5 से 12 वर्ष तक की कर छूट और ब्याज अनुदान जैसे आकर्षक प्रावधान किए गए हैं। इसके अलावा, 1000 से अधिक रोजगार प्रदान करने वाली इकाइयों के लिए बी-स्पोक पॉलिसी और प्रति व्यक्ति 15,000 रुपये तक का प्रशिक्षण अनुदान भी शामिल है। सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में 5 लाख नए रोजगार सृजित करना है, जो स्थानीय युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। बीईएमएल के हैवी अर्थ मूविंग इक्विपमेंट मैन्यूफैक्चरिंग संयंत्र की स्थापना से न केवल छत्तीसगढ़ में औद्योगिक गतिविधियां बढ़ेंगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। इस संयंत्र के लिए 100 एकड़ भूमि को टोकन दर पर आवंटित करने का निर्णय निवेशकों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह कदम सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करेगा। इस परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा, जो ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में आर्थिक समृद्धि लाएगा। छत्तीसगढ़ सरकार ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए कई सुधार किए हैं। सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से उद्योगों को सभी स्वीकृतियां एक ही मंच पर प्रदान की जा रही हैं, जिससे समय और लागत की बचत हो रही है। ऑनलाइन सुविधाओं के विस्तार ने भी उद्योगों की स्थापना को गति दी है। उद्यमी अब घर बैठे विभिन्न स्वीकृतियों के लिए आवेदन कर सकते हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने निवेश को आकर्षित करने के लिए सार्थक पहल की है। दिल्ली, मुंबई, और बेंगलुरु में आयोजित इन्वेस्टर्स कनेक्ट मीट में देश-विदेश के उद्योगपतियों ने हिस्सा लिया, जिसके परिणामस्वरूप 4 लाख 40 हजार  करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। मुंबई समिट में 6,000 करोड़ रुपये, दिल्ली में 15,184 करोड़ रुपये, और बेंगलुरु में ऊर्जा क्षेत्र में निवेश की सहमति ने छत्तीसगढ़ की औद्योगिक क्षमता को रेखांकित किया है। प्रोजेक्ट टूडे सर्वे के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025 में छत्तीसगढ़ में 218 नई परियोजनाओं में 1,63,749 करोड़ रुपये का निवेश आया, जो देश के कुल निवेश का 3.71 प्रतिशत है। यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ को देश के टॉप टेन निवेश वाले राज्यों में शामिल कर दिया है। मुख्यमंत्री साय ने उद्योगपतियों को आश्वस्त किया कि छत्तीसगढ़ सरकार पारदर्शी और निवेशक-अनुकूल नीतियों के साथ हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति न केवल उद्योगों की स्थापना को बढ़ावा देती है, बल्कि रोजगार सृजन और आर्थिक समृद्धि पर भी जोर देती है। हमारा लक्ष्य अमृतकाल-छत्तीसगढ़ विजन 2047 नवा अंजोर के तहत विकसित भारत के निर्माण में योगदान देना है। उन्होंने कहा कि राज्य अब नक्सल प्रभावित छवि से बाहर निकलकर एक औद्योगिक और तकनीकी हब के रूप में उभर रहा है। recent visitors 44