वंदे भारत ट्रेन के कोच भी ग्वालियर में बनी स्प्रिंग के सहारे पटरियों पर दौड़ने लगेंगे

 ग्वालियर  हाई स्पीड ट्रेन शताब्दी, राजधानी और गतिमान के बाद अब वंदे भारत एक्सप्रेस(Vande Bharat Express) की स्प्रिंग का निर्माण भी रेल स्प्रिंग कारखाना सिथौली(Sithauli) में किया जाएगा। इसके लिए इलाहाबाद मुख्यालय से मंजूरी मिलने के बाद प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा गया है। उम्मीद है कि इस साल वंदे भारत ट्रेन के कोच भी ग्वालियर में बनी स्प्रिंग के सहारे पटरियों पर दौड़ने लगेंगे। देशभर में चलने वाली ट्रेनों के लिए स्प्रिंग का निर्माण करने वाले केवल दो कारखाने हैं, इनमें एक ग्वालियर के सिथौली में है और दूसरा आईसीएफ चैन्नई में है। सिथौली(Sithauli) के रेल स्प्रिंग कारखाने में वर्षों से आईसीएफ (इंटीग्रल) और एलएचबी (लिंके- हॉफमैन ब्रुश) कोच की स्प्रिंग का निर्माण किया जा रहा है। इंडियन रेलवे लगातार स्प्रिंग की मांग बढ़ाता जा रहा है, इससे इस साल कारखाने का टारगेट भी पहली बार एक लाख स्प्रिंग से ऊपर चला गया है। हर साल बढ़ रही स्प्रिंग की डिमांड रेल स्प्रिंग कारखाना सिथौली(Sithauli) की शुरूआत 1989 में हुई थी। इसके बाद 1990 में स्प्रिंग बनना शुरू हो गई थी।यहां मांग के हिसाब से स्प्रिंगों का निर्माण किया जाता है और हर साल इसकी संया में इजाफा होता जा रहा है। इस साल पहली बार टारगेट एक लाख को पार कर गया है। फैक्ट्री में सबसे ज्यादा एलएचबी कोच की स्प्रिंग बनाई जाती हैं। स्प्रिंग की संख्या बढ़ते ही तीन शिट में काम 45 लोगों को और मिला रोजगार 35 साल में पहली बार स्प्रिंग की संख्या बढ़ते ही दो की जगह तीन शिट में काम शुरू किया गया है। फैक्ट्री में 275 लोगों का स्टाफ है। तीसरी शिट शुरू होने से लगभग 45 लोगों को और रोजगार मिला है। यहां एक दिन में 450 से 500 स्प्रिंग बनाई जा रही हैं। जल्द ही हर दिन 600 स्प्रिंग बनाने की प्लानिंग की जा रही है। तीन हजार स्प्रिंग से शुरू हुआ था कारखाना सिथौली स्प्रिंग कारखाने में 1990 में स्प्रिंग का निर्माण शुरू हुआ था। पहले साल तीन हजार स्प्रिंग बनाई गईं। उसके बाद पांच हजार स्प्रिंग तैयार हुईं। मांग बढ़ते ही हर साल लक्ष्य बढ़ता गया और अब यह आंकड़ा एक लाख पार हो गया है। 50 मशीनों पर बनतीं स्प्रिंग स्प्रिंग कारखाने में करीब 50 मशीनें लगी हुई हैं। इन मशीनों पर एक बार में दो से तीन कर्मचारी डिमांड के हिसाब से काम करते हैं। काम बढऩे पर कर्मचारी इसे आपस में बांट लेते हैं। भविष्य में और भी मशीनें आने की संभावना हैं, जिससे काम और बढ़ेगा। सिथौली स्प्रिंग कारखाना में इस साल टारगेट एक लाख पार हो गया है। संभवत: इस साल से वंदे भारत की स्प्रिंग भी यहां बनाई जाएगी।– मनोज कुमार सिंह, पीआरओ झांसी मंडल recent visitors 42

16 अप्रैल 2025 बुधवार सूर्य की तरह चमकेगा इन राशियों का भाग्य

मेष: आज ठीक-ठाक कमाई होगी। आपको अपने काम से जुड़े जरूरी डिसीजन लेने पड़ सकते हैं। फिट रहने के लिए और अपने शेप को मेंटेन करने के लिए आज साग-सब्जी खाने पर फोकस रखें। स्टूडेंट्स को पढ़ाई पर ध्यान देने की जरूरत है। वृषभ: आज आप घर पर डिनर या टाइम स्पेंड करने के लिए किसी को इन्वाइट भी कर सकते हैं। आज अपनी हेल्थ को बेटर बनाए रखने के लिए हेल्दी डाइट का सेवन करें। आज धन-लाभ होने के चांस ज्यादा है। मिथुन: अपने सपनों को पूरा करने के लिए आज पैसों की कोई कमी महसूस नहीं होगी। करियर के मामले में कोई भी एक्शन लेने से पहले अपने सीनियर्स को इन्फॉर्म जरूर करें आज। कोई गुड न्यूज आपके फैमिली मेंबर्स को खुशी दे सकती है। कर्क: घर के बड़े-बुजुर्गों के साथ भी कुछ टाइम स्पेंड करना आपके लिए अच्छा रहेगा। कुछ लोगों के लिए आज प्रॉपर्टी की डील धन-लाभ का कारण भी बन सकती है। कुछ लोगों को सेहत से जुड़ी छोटी-मोटी प्रॉब्लम्स हो सकती हैं। सिंह: बिना एफर्ट डाले आप खुद को फिट नहीं रख सकते हैं। पैसे कमाने के लिए नए मौके नजर आ सकते हैं। कुछ लोग अपने सीनियर्स के फेवरेट बन सकते हैं, जिससे उनको करियर में अच्छी पोजीशन भी हासिल हो सकती है। कन्या: आज आप अपनी नॉर्मल एक्सरसाइज रूटीन से ब्रेक लेने की इच्छा महसूस कर सकते हैं। पैसों के मामले में आपको एफर्ट्स बढ़ाने पड़ेंगे। वहीं, वर्कप्लेस पर आज आप अच्छी तरह से अपने टाइम को मैनेज करने में कामयाब रहेंगे। तुला: वर्कप्लेस पर आज आप अपनी स्किल्स के साथ सिचुएशन को पलट सकते हैं। संपत्ति के मामले में कुछ लोगों को अच्छी खबर मिल सकती है। स्टूडेंट्स को अपने क्लासमेट के साथ टीम के रूप में काम करना चाहिए। वृश्चिक: अगर आप काम के प्रेशर से थक चुके हैं तो वेकेशन प्लान करने का सही समय है। प्रॉपर्टी से जुड़े पेंडिंग काम पूरे हो सकते हैं। वहीं, शिक्षा के मामले में स्टूडेंट्स का कॉन्फिडेंस आज उतना हाई नहीं रहेगा। धनु: घर-परिवार का माहौल खुशनुमा रहने वाला है। धार्मिक स्थल पर समय बिताना आपके लिए बेहतर रहेगा। अपने शेप को बेहतर बनाने के लिए आपको रेग्युलर एक्सरसाइज करनी चाहिए। धन के मामले में आज आप भाग्यशाली रहेंगे। मकर: आपको अपनी हेल्थ पर ध्यान देने की काफी ज्यादा जरूरत है। आज काम से जुड़े जरूरी टास्क कंप्लीट करते समय थोड़ी मुश्किल आ सकती है लेकिन दिन खत्म होने से पहले आप डेडलाइन पूरी कर लेंगे। कुंभ: आज सिंगल्स को नई जगह एक्सप्लोर करने और नए लोगों से मिलने की सलाह दी जाती है। वहीं, संपत्ति के मामले में कुछ लोगों को गुड न्यूज मिल सकती है। पैसों के मामले में आज आपकी सिचुएशन स्टेबल रहने वाली है। मीन: आज सेहत के मामले में आपका दिन शानदार रहने वाला है। पैसों की सिचुएशन भी अच्छी रहेगी क्योंकि प्रोजेक्ट में इन्वेस्ट करना शुरू कर सकते हैं। आपका कोई करीबी आज आपको गिफ्ट दे सकता है या डेट पर ले जा सकता है। recent visitors 63

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ती दोस्ती से भारत की बल्ले-बल्ले, पाकिस्तान की बढ़ जाएगी टेंशन?

नई दिल्ली ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु वार्ता का पहला दौर समाप्त हो चुका है। दोनों पक्षों ने कहा है कि जल्द ही वार्ता के दूसरे दौर की तारीख व स्थल भी तय किया जाएगा। इस बीच ईरान के आयातुल्लाह अली खामनेई ने भी वार्ता को अपना समर्थन दे दिया है। ऐसे में भारत भी इन सारी गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं। इस महीने के अंत में ब्रिक्स संगठन के विदेश मंत्रियों के सम्मेलन विदेश मंत्री एस जयशंकर की ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अर्घची के साथ मुलाकात भी संभव है। यही नहीं अगर सब कुछ ठीक रहा तो जुलाई, 2025 में होने वाली ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (ब्राजील) में पीएम नरेन्द्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेशकियान के साथ बैठक कराने को लेकर भी दोनों देशों के अधिकारियों के बीच संपर्क है। ईरान को लेकर कड़ा रवैया अख्तियार कर सकते हैं ट्रंप सूत्रों ने बताया कि, “ट्रंप प्रशासन ने दोबारा सत्ता में आने के कुछ ही दिनों बाद चाबहार को लेकर भारत की विकास सहायता पर भी परोक्ष तौर पर पाबंदी लगाने का संकेत दिया था। यह चिंता की बात थी क्योंकि पूर्व की बाइडन सरकार ने जब ईरान पर प्रतिबंध लगाया था तो चाबहार को उससे अलग रखा था। ऐसे में भारत को इस बात की आशंका थी कि ईरान को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और कड़ा रवैया अख्तियार कर सकते हैं। ऐसे में अमेरिका और ईरान के बीच सीधी वार्ता की शुरूआत ने माहौल बदल दिया है।'' ईरान के दक्षिणी पश्चिमी तट पर स्थित चाबहार पोर्ट भारत की अभी तक की सबसे महत्वाकांक्षी योजना है। इसके जरिए भारत ना सिर्फ पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में चीन की तरफ से निर्मित ग्वादर बंदरगाह को चुनौती पेश करने की मंशा रखता है बल्कि भारतीय उत्पादों को मध्य एशियाई व यूरोपीय बाजार में भेजने के लिए इसका इस्तेमाल करना चाहता है। ईरान के साथ तेल आपूर्ति को लेकर भारत की बातचीत जारी वर्ष 2016 में भारत और ईरान के बीच तब 8 अरब डॉलर के निवेश को लेकर समझौता हुआ था। मई, 2024 में भारत व ईरान के बीच चाबहार पोर्ट पर एक और टर्मिनल के निर्माण के लिए समझौता हुआ था। अमेरिकी प्रतिबंधों की वजह से इसकी प्रगति बहुत उल्लेखनीय नहीं है। भारत की तेल कंपनियों के सूत्रों ने भी बताया है कि ईरान के साथ तेल आपूर्ति को लेकर बातचीत जारी है। वैसे यह तभी संभव होगा जब अमेरिकी सरकार की तरफ से ईरान पर लगे प्रतिबंध हटाये जाए। ऐसा पूर्व में जुलाई, 2015 में बराक ओबामा की सरकार ने किया था। तब भारतीय कंपनियों ने अमेरिकी प्रतिबंध हटने के तकरीबन एक हफ्ते के भीतर ही पहला तेल सौदा कर लिया था। इस बार प्रतिबंध बहुत लंबा खींच गया है। पिछले कुछ समय से दोनों देशों के पेट्रोलियम सेक्टर में कोई खास संपर्क नहीं है। अब वह संपर्क फिर से स्थापित किया जा रहा है। कभी ईरान भारत का दूसरा सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता देश होता था तेल कंपनियों के सूत्रों का कहना है कि “जिस तरह से वैश्विक हालात अनिश्चित व अस्थिरत हैं उसमें भारत ईरान जैसे एक पुराने भरोसेमंद तेल आपूर्तिकर्ता देश के साथ निश्चित तौर पर कारोबार बढ़ाना चाहेगा।'' कभी ईरान भारत का दूसरा सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता देश होता था। वर्ष 2018-19 में भारत ने ईरान से 12 अरब डॉलर मूल्य के कच्चे तेल की खरीद की थी। अमेरिकी प्रतिबंध ने ईरान के पेट्रोलियम सेक्टर में बड़ी भूमिका निभाने की सोच रहे भारतीय कंपनियों के मंसूबों पर भी पानी फेर दिया है। अमेरिका व ईरान के बीच संबंधों में सुधार भारतीय कंपनियों को फिर से अपनी निवेश योजनाओं को आगे बढ़ाने का मौका दे सकता है। recent visitors 60

व्हाइट हाउस के नीतिगत बदलावों को नहीं माना, तो उसका टैक्स-छूट स्टेटस भी छीन लिया जाएगा, ‘टैक्स छूट भी कर देंगे खत्म’

वाशिंगटन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी को एक और धमकी दी है। उन्होंने मंगलवार को कहा कि अगर उसने व्हाइट हाउस के नीतिगत बदलावों को नहीं माना, तो उसका टैक्स-छूट स्टेटस भी छीन लिया जाएगा। इससे पहले, ट्रंप ने यूनिवर्सिटी को मिलने वाली 2.2 बिलियन डॉलर की फंडिंग को रोक दिया था, क्योंकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने कैंपस को नियंत्रण में लाने के प्लान का विरोध किया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किया, 'शायद हार्वर्ड को अपनी टैक्स छूट वाली स्थिति खो देनी चाहिए और इसे एक पॉलिटिकल यूनिट की तरह टैक्स के दायरे में लाना चाहिए। अगर यह राजनीतिक, वैचारिक और आतंकवादी प्रेरित/समर्थन करने वाली 'बीमारी' को बढ़ावा देता रहा?' उन्होंने कहा कि याद रखें, टैक्स छूट की स्थिति पूरी तरह से सार्वजनिक हित में कार्य करने पर निर्भर है! यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ जब विश्वविद्यालय ने सोमवार को कहा था कि वह परिसर में आंदोलन संबंधी सक्रियता को सीमित करने की ट्रंप प्रशासन की मांगों का पालन नहीं करेगा। ट्रंप प्रशासन ने शुक्रवार को हार्वर्ड को लिखे पत्र में व्यापाक सरकारी और नेतृत्व सुधारों की मांग रखी, जिसके तहत हार्वर्ड को योग्यता-आधारित प्रवेश और नियुक्ति नीतियां बनानी होंगी। इसमें चेहरे पर पहने जाने वाले मास्क पर भी प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है। यह मांग फिलिस्तीन समर्थक प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाने के लिए की गई प्रतीत होती है। यूनिवर्सिटी का क्या है बयान हार्वर्ड के अध्यक्ष एलन गार्बर ने अपने पत्र में कहा, 'ये मांगें विश्वविद्यालय के प्रथम संशोधन अधिकारों का उल्लंघन करती हैं। टाइटल 6 के तहत सरकार के अधिकार की सीमाओं को पार करती हैं।' उन्होंने कहा कि किसी भी सरकार को (चाहे कोई भी पार्टी सत्ता में हो) यह निर्देश नहीं देना चाहिए कि निजी विश्वविद्यालय क्या पढ़ा सकते हैं, किसे एडमिशन दे सकते हैं और किसे नियुक्त कर सकते हैं। साथ ही, अध्ययन और जांच के किन क्षेत्रों को आगे बढ़ा सकते हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने यहूदी-विरोधी भावना को दूर करने के लिए कई सुधार किए हैं। recent visitors 58

बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने जारी किया पूरा शेड्यूल, भारत तीन वनडे और इतने ही टी20 मैचों की सीरीज़ के लिए करेगा दौरा

नई दिल्ली भारत 17 से 31 अगस्त तक मीरपुर और चटगांव में तीन वनडे और इतने ही टी20 मैचों की सफ़ेद गेंद की सीरीज़ के लिए बांग्लादेश का दौरा करेगा। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने मंगलवार को कार्यक्रम की घोषणा की। भारतीय टीम 17 अगस्त को मीरपुर के शेर-ए-बांग्ला नेशनल क्रिकेट स्टेडियम में वनडे सीरीज के पहले मैच से पूर्व 13 अगस्त को ढाका पहुचेगी। दूसरा वनडे 20 अगस्त को मीरपुर में खेला जाएगा। तीसरा और अंतिम वनडे चटगांव में खेला जाएगा, जहां 26 अगस्त को तीन मैचों की टी20 सीरीज का पहला मैच भी खेला जाएगा। दूसरे और तीसरे टी20 के लिए मैच मीरपुर में ही खेले जाएंगे। यह 2014 के बाद से भारत का बांग्लादेश का पहला सफेद गेंद वाला दौरा होगा। इसके अलावा टी20 सीरीज पहली बार होगी जब बांग्लादेश अपने घर में द्विपक्षीय सीरीज में भारत की मेजबानी करेगा। दोनों टीमों के बीच सबसे हालिया टी20आई सीरीज 2024 में हुई थी, जब बांग्लादेश ने भारत का दौरा किया था और मेजबान टीम ने 3-0 से आसान जीत हासिल की थी। आगामी सीरीज़ के बारे में बात करते हुए BCB के मुख्य कार्यकारी निजाम उद्दीन चौधरी ने दुनिया की शीर्ष क्रिकेट टीमों में से एक की मेजबानी करने पर अपनी खुशी व्यक्त की। चौधरी के हवाले से कहा, 'यह सीरीज हमारे घरेलू कैलेंडर में सबसे रोमांचक और सबसे प्रतीक्षित आयोजनों में से एक होने वाली है। भारत ने सभी प्रारूपों में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बेंचमार्क स्थापित किया है और दोनों देशों के लाखों क्रिकेट प्रेमी इस मुकाबले का आनंद जरूर लेंगे। बांग्लादेश और भारत ने हाल के वर्षों में कुछ बहुत ही प्रतिस्पर्धी मैच खेले हैं, और मुझे विश्वास है कि यह एक और कड़ी टक्कर वाली और मनोरंजक सीरीज होगी।' भारत के बांग्लादेश दौरे का कार्यक्रम वनडे सीरीज : पहला वनडे – 17 अगस्त, मीरपुर दूसरा वनडे – 20 अगस्त, मीरपुर तीसरा वनडे – 23 अगस्त, चटगांव टी20आई सीरीज : पहला टी20 – 26 अगस्त, चटगांव दूसरा टी20 – 29 अगस्त, मीरपुर तीसरा टी20 – 31 अगस्त, मीरपुर recent visitors 47

सीएम योगी ने यह भी कहा कि लातों के भूत बातों से कहां मानने वाले हैं?, ‘दंगाइयों का इलाज ही डंडा है

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद हिंसा को लेकर एक बार फिर ममता सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बंगाल जल रहा है और मुख्यमंत्री चुप हैं, दंगाइयों को शांति दूत कहती हैं। सीएम योगी ने यह भी कहा कि लातों के भूत बातों से कहां मानने वाले हैं? सीएम योगी ने मंगलवार को हरदोई में अमर सेनानी राजा नरपति सिंह स्मारक स्थल पर आयोजित विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि याद कीजिए 2017 के पहले के उत्तर प्रदेश को, हर दूसरे-तीसरे दिन दंगा होता था, इन दंगाइयों का उपचार ही डंडा है। बिना डंडे के मानेंगे नहीं। आप देख रहे होंगे कि बंगाल जल रहा है, वहां की मुख्यमंत्री चुप हैं, दंगाइयों को शांति दूत कहती हैं, लातों के भूत बातों से कहां मानने वाले हैं, लेकिन सेकुलरिज्म के नाम पर इन लोगों ने दंगाइयों को दंगा करने की पूरी छूट दे रखी है। सीएम योगी ने ममता सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि पूरा मुर्शिदाबाद एक सप्ताह से जल रहा है, राज्य सरकार मौन है, इस प्रकार की अराजकता पर लगाम लगनी चाहिए और मैं वहां के न्यायालय को इस बात के लिए धन्यवाद दूंगा कि जिन्होंने वहां पर केंद्रीय बलों की तैनाती करके अल्पसंख्यक हिंदुओं की सुरक्षा के लिए कदम उठाया है। उन्होंने विपक्षी दलों की चुप्पी पर कहा कि सब लोग मौन हैं, मुर्शिदाबाद दंगों पर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी मौन हैं, टीएमसी मौन है, वे धमकी पर धमकी दिए जा रहे हैं, बांग्लादेश के अंदर जो हुआ था, उसका समर्थन कर रहे हैं, अगर उन्हें बांग्लादेश अच्छा लगता है, तो उन्हें बांग्लादेश जाना चाहिए, क्यों भारत की धरती पर बोझ बने हुए हैं? सीएम योगी ने जिक्र किया कि हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के आभारी हैं, जिन्होंने वक्फ कानून को लाकर गरीबों की जमीनों पर डकैती पर लगाम लगाने का काम किया है, अब जो जमीन वापस आएगी, उस पर अस्पताल, गरीबों के लिए घर, ऊंची इमारतें, स्कूल और विश्वविद्यालय बनाए जाएंगे। निवेश के लिए भूमि बैंक बनाया जाएगा। लेकिन, किसी को भी जमीन पर कब्जा करने और गुंडागर्दी करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। इसलिए ये लोग चिंतित हैं क्योंकि जमीन के नाम पर लूट बंद होने वाली है। उन्होंने वक्फ कानून का विरोध करने वालों पर तंज कसते हुए कहा कि वे सभी परेशान हैं कि अब उनके गुर्गे खाली हो जाएंगे, जो पहले जनता को लूटते थे, इनको अब भय है कि इनके द्वारा पाले गए गुर्गे 'भस्मासुर' बन जाएंगे और इन्हें ही ना लूटना शुरू कर दें। इसलिए, ये अब वक्फ के नाम पर लोगों को बेवकूफ बना रहे हैं और उन्हें गुमराह करने का काम कर रहे हैं। recent visitors 48

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आईएएस अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे कड़ी मेहनत से अधिकारी बने हैं

नई दिल्ली राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों में सहायक सचिव के रूप में कार्यरत 2023 बैच के आईएएस अधिकारियों के समूह से राष्ट्रपति भवन के सांस्कृतिक केंद्र में मुलाकात की। राष्ट्रपति ने आईएएस अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे असाधारण दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत से अधिकारी बने हैं। इससे उनके निजी जीवन में भी बड़ा बदलाव आया है। उन्हें अब अधिक दृढ़ संकल्प और समर्पण के साथ अनगिनत लोगों के जीवन में परिवर्तनकारी बदलाव लाने का अवसर मिला है। उनके सेवा और अधिकार का क्षेत्र इतना व्यापक है कि वे अपनी पहली पोस्टिंग में ही कई नागरिकों के जीवन को बेहतर बना सकते हैं। उन्होंने आईएएस अधिकारियों को वंचितों के उत्थान के लिए विशेष प्रयास करने की सलाह दी। उन्होंने यह भी सलाह दी कि अधिकारी अपने करियर के दौरान कुछ समय बाद पोस्टिंग वाले स्थानों पर जाएं और अपने काम के दूरगामी परिणाम देखें। अधिकारियों को लोक सेवकों के अधिकारों और कर्तव्यों को ध्यान में रखना चाहिए। एक लोक सेवक के कर्तव्य उसकी जिम्मेदारियां हैं और उसके अधिकार उन कर्तव्यों को पूरा करने का साधन हैं। राष्ट्रपति ने अधिकारियों से कहा कि उनके करियर की असली कहानी उनके काम से बनेगी, न कि सोशल मीडिया पर फॉलोअर्स की संख्या बढ़ाने से। उनकी असली सामाजिक संपत्ति उनके अच्छे काम से तय होगी। प्रत्येक लोक सेवक को ईमानदारी और उद्देश्य के साथ काम करना चाहिए। पर्यावरण प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का हम सभी सामना कर रहे हैं। नैतिकता और मूल्यों का क्षरण भी बहुत गंभीर चुनौतियां हैं। निष्ठावान और ईमानदार होने के बारे में और कुछ कहने की जरूरत नहीं है। ईमानदारी, सच्चाई और सादगी के जीवन मूल्यों का पालन करने वाले लोग अधिक सुखी रहते हैं। लोक सेवा में ईमानदारी सबसे वांछनीय नीति है। लोक सेवक से यह अपेक्षा की जाती है कि वे जीवन के हर क्षेत्र में निष्ठा और संवेदनशीलता का उदाहरण प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में लोगों की आकांक्षाएं बढ़ रही हैं। वे प्रशासकों की जवाबदेही के प्रति जागरूक हो रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को आमजनों के साथ निकटता बढ़ाने और स्थानीय प्रयासों में उनकी भागीदारी बढ़ाने की सलाह दी। उन्होंने जनप्रतिनिधियों के जनहित के मुद्दों को हल करने की भी सलाह दी। राष्ट्रपति ने कहा कि स्थानीय और राज्य स्तर पर उनके विकास और जन कल्याण के कार्य राष्ट्रीय लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद करेंगे। recent visitors 47