महाकालेश्वर मंदिर में हनुमान जन्मोत्सव पर विशेष भस्मारती हुई, आंबापुरा में नगर भोज का विश्व रिकॉर्ड बनाने की तैयारी

 उज्जैन  उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में आज हनुमान जी के जन्मोत्सव पर विशेष भस्मारती हुई। इसमें बाबा महाकाल ने बजरंगबली के रूप में भक्तों को दर्शन दिए। भक्तों ने बाबा महाकाल के जयकारों के साथ भगवान हनुमान के जयकारे भी लगाए। इधर उज्जैन के हनुमान मंदिरों में सुबह से ही दर्शनार्थियों का तांता लगा हुआ है। सुबह मंदिरों में अभिषेक पूजन हुआ और शाम को महाआरती व भंडारे के आयोजन होंगे। महाकाल मंदिर परिसर स्थित बाबा बाल हनुमान मंदिर से शाम 6 बजे भगवान की शोभायात्रा निकलेगी। धर्मधानी उज्जैन में हनुमान जन्मोत्सव को लेकर उल्लास छाया है। महाकाल मंदिर परिसर स्थित बाल हनुमान, गढ़कालिका स्थित कुमारेश्वर हनुमान, जेसी मिल परिसर स्थित बाल हनुमान मंदिर में भगवान का विशेष शृंगार किया गया है। आज सुबह अभिषेक, पूजन के बाद भोग लगाकर जन्म आरती की गई। आंबापुरा में नगरभोज का विश्व रिकॉर्ड बनेगा आंबापुरा स्थित प्राचीन जयवीर हनुमान मंदिर में हनुमान जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। अगले दिन 13 अप्रैल रविवार को नगर भोज होगा। संयोजक सुनील चावंड ने बताया 50 हजार से अधिक भक्तों को टेबल कुर्सी पर बैठाकर दाल, बाफले, लड्डू की महाप्रसादी ग्रहण कराई जाएगी। इस बार यह आयोजन गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज होने जा रहा है। इसके लिए रविवार सुबह गोल्डन बुक की टीम उज्जैन पहुंचेगी। दक्षिणमुखी पंचमुखी हनुमान चिमनगंज मंडी स्थित कमल कॉलोनी में दक्षिणमुखी पंचमुखी हनुमान मंदिर पर विशेष शृंगार कर बजरंगबली का प्रकटोत्सव मनाया जा रहा है। शाम 7.30 बजे महाआरती कर प्रसादी वितरण होगा। recent visitors 21

चूरू जिले में पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा के दौरान तेज आंधी से मची अफरा-तफरी, 3 महिलाएं घायल, आयोजन निरस्त

चूरू  जिले के रतनगढ़ में कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा के दौरान शुक्रवार शाम को तेज आंधी के चलते श्रद्धालुओं के लिए लगाए डोम में अफरा-तफरी मच गई. हादसे में तीन महिलाएं घायल हो गईं. घायलों को एंबुलेंस की सहायता से स्थानीय अस्पताल ले जाया गया. वहीं, सूचना पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने डोम को खाली करवाया. इसके बाद प्रशासन ने कथा के आयोजन को निरस्त कर दिया है. शुक्रवार शाम को कथा के दौरान अचानक तेज आंधी के कारण भक्तों के लिए बने डोम में अफरा-तफरी मच गई. हादसे में तीन महिलाएं घायल हो गई, जिन्हें अस्पताल भिजवाया गया है. वहीं, घटना के बाद जिला कलेक्टर और एसपी ने भी कथा स्थल का जायजा लिया था. आयोजन समिति के सदस्य अजय गार्गी ने बताया कि आंधी के दौरान थोड़ी अफरा-तफरी हुई है. उन्होंने कहा कि कथा में आए भक्तों के लिए डोम की व्यवस्था पर्याप्त रही है. हालांकि, उन्होंने महिलाओं के घायल होने की बात इनकार किया है. तेज आंधी के दौरान एक बारगी मौके पर लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई. इस बीच हर कोई सुरक्षित स्थान ढूंढने के लिए इधर-उधर भागते दिखाई दे रहा था. 15,000 लोग पंडाल में थे मौजूद जानकारी के अनुसार, जब यह हादसा हुआ, तब कथा सुनने के लिए लगभग 15,000 लोग पंडाल में मौजूद थे. पंडाल गिरने से भगदड़ जैसी स्थिति बन गई. इस घटना में एक पुरुष, एक बच्चा और एक महिला को हल्की चोटें आईं, जिन्हें तुरंत एंबुलेंस से पास के अस्पताल ले जाया गया. सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूरे आयोजन स्थल को खाली करा लिया गया है. बिना अनुमति के हो रहा था आयोजन रतनगढ़ के पुलिस क्षेत्र अधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि इस कार्यक्रम के लिए आधिकारिक अनुमति नहीं ली गई थी. जिलाधिकारी और जिला पुलिस अधीक्षक ने पहले ही आयोजन स्थल का निरीक्षण किया था और आयोजकों को सुरक्षा के सभी इंतजाम करने के निर्देश दिए थे, लेकिन उनका पालन नहीं किया गया. सुरक्षा के नहीं थे कोई इंतजाम उपखंड अधिकारी राम कुमार ने बताया कि निर्देशों का पालन न करने के कारण कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी गई थी. इसके बावजूद, शुक्रवार को कार्यक्रम शुरू हो गया। उन्होंने कहा कि पंडाल सुरक्षित नहीं था और सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे. भगदड़ से मची अफरा तफरी उन्होंने आगे बताया कि तेज हवाओं के कारण पंडाल गिर गया, जिससे अफरा-तफरी फैल गई. हालांकि, लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और एक बड़ा हादसा टल गया. उन्होंने यह भी बताया कि लाउडस्पीकर का खंभा बिजली की लाइन पर गिर गया था, जिसके कारण तुरंत बिजली की आपूर्ति बंद कर दी गई। इससे जान-माल का नुकसान हो सकता था.प्रशासन ने कार्यक्रम को रद्द कर दिया है और आयोजकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. आयोजन निरस्त के आदेश: कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा द्वारा हो रहे कथावाचन स्थल पर हादसे के बाद रतनगढ़ में हुई एक बड़ी बैठक में मंथन के बाद जिला प्रसाशन ने आयोजन निरस्त के आदेश जारी कर दिए हैं. प्रसाशन द्वारा जारी आदेश में आयोजकों को आयोजन से पहले दी गई प्रसाशन द्वारा हिदायत का जिक्र करते हुए कहा गया कि आयोजनकर्ताओं को व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए गए थे, लेकिन उनके द्वारा व्यवस्थाओं में सुधार नही किया गया और आगामी दिनों में मौसम को देखते हुए आयोजन निरस्त करने के आदेश दिए. कथावाचक को श्रद्धालुओं को इस आदेश की जानकारी देने के आदेश भी दिया है. recent visitors 42

मंत्री सारंग ने गर्मी की तीव्रता को देखते हुए पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिये

भोपाल केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के मुख्य आतिथ्य और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में रविवार 13 अप्रैल को रवीन्द्र भवन सभागार में दोपहर 12 बजे से अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष-2025 के अंतर्गत होने वाले राज्य स्तरीय सहकारी सम्मेलन होगा। सम्मेलन में सांसद वी.डी. शर्मा विशेष अतिथि होंगे।सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने शुक्रवार को मंत्रालय में सम्मेलन की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में पशुपालन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल, अपर मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव, सहकारिता, पशुपालन, नगर निगम, पुलिस और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। मंत्री सारंग ने निर्देश दिये कि कार्यक्रम सुव्यवस्थित हो, इसके लिये अलग-अलग काम के लिये अलग-अलग अधिकारी की ड्यूटी निर्धारित की जाये। साथ ही एक कंट्रोल-रूम स्थापित किया जाये, जिसके लिये एक नोडल अधिकारी नियुक्त करें। उन्होंने बैठक व्यवस्था, पास, निमंत्रण-पत्र, वाहन पार्किंग के लिये संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। मंत्री सारंग ने गर्मी की तीव्रता को देखते हुए पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने अधिकारियों को दी गयी जिम्मेदारियों की लिस्टिंग करने को भी कहा। उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर मेडिकल टीम और पॉवर बैक-अप रखने के लिये निर्देश दिये। बैठक में बताया गया कि सम्मेलन में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड अध्यक्ष मीनेश शाह, मुख्य सचिव अनुराग जैन, केन्द्रीय सहकारिता सचिव डॉ. आशीष कुमार भूटानी भी शामिल होंगे। recent visitors 25

देश में एक बिलियन टन कोयला उत्पादन का लक्ष्य प्राप्त करने में छत्तीसगढ़ की भूमिका अग्रणी : केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और केंद्रीय कोयला मंत्री जी. किशन रेड्डी ने खनिज विभाग के कामकाज की समीक्षा की खनिज विभाग के कामकाज की समीक्षा की केंद्र सरकार के साथ समन्वय कर खनन क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की भागीदारी को बनाएंगे अधिक प्रभावशाली : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय देश में एक बिलियन टन कोयला उत्पादन का लक्ष्य प्राप्त करने में छत्तीसगढ़ की भूमिका अग्रणी : केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ने प्रदाय किया देश के पहले लिथियम ब्लॉक का कंपोजिट लाइसेंस अनुबंध सामरिक महत्व के खनिजों के व्यापक अन्वेषण पर हुई सार्थक चर्चा रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने आज मंत्रालय महानदी भवन में खनिज विभाग की समीक्षा बैठक ली। बैठक में छत्तीसगढ़ की खनिज संपदा, अन्वेषण कार्यों, तकनीकी नवाचारों और राजस्व उपलब्धियों की विस्तृत समीक्षा की गई। केंद्रीय मंत्री रेड्डी ने खनन क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों पर प्रसन्नता व्यक्त की और देश की प्रगति में राज्य की अग्रणी भूमिका की बात कही। उन्होंने देश में वर्ष 2024-2025 में कोयला उत्पादन में 1 बिलियन टन का लक्ष्य हासिल करने पर खुशी जाहिर की और इसे पाने में छत्तीसगढ़ के योगदान को सराहा। इस मौके पर मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ने देश के पहले लिथियम ब्लॉक के कंपोजिट लाइसेंस अनुबंध दस्तावेज सफल बोलीदाता के प्रतिनिधि को सौंपे। साथ ही दंतेवाड़ा जिले के तीन और कांकेर जिले के एक लौह अयस्क ब्लॉक के प्रीफर्ड बिडर आदेश प्रदान किए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज की यह समीक्षा बैठक प्रदेश में कोयला एवं खनन के क्षेत्र के लिए लाभदायक होगी। हम केंद्र सरकार के साथ आवश्यक समन्वय करते हुए खनन क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की भागीदारी को और अधिक प्रभावशाली बनाएंगे। विकसित भारत के निर्माण में हमारा राज्य खनिज क्षेत्र के माध्यम से एक मजबूत स्तंभ बने, यही हमारा लक्ष्य है। साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ खनिज संसाधनों से परिपूर्ण राज्य है और संसाधनों का समुचित व सतत उपयोग सुनिश्चित करने की दिशा में अनेक नवाचारी पहल की गई हैं। हमारे राज्य में कोयला, लौह अयस्क, बॉक्साइट, टिन, चूना पत्थर सहित कई क्रिटिकल खनिजों की उपलब्धता है, जो प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के साथ ही देश की औद्योगिक प्रगति में भी अहम भूमिका निभाती हैं। विकसित राष्ट्र की परिकल्पना के परिप्रेक्ष्य में सामरिक महत्व के खनिजों की आवश्यकता को दृष्टिगत रखते हुए विभाग द्वारा अपनी अन्वेषण योजना में व्यापक बदलाव करते हुए क्रिटिकल खनिजों के अन्वेषण को प्राथमिकता दी जा रही है। साय ने कहा कि पारदर्शिता, पर्यावरणीय उत्तरदायित्व और तकनीकी दक्षता लाने के लिए खनिज ऑनलाइन पोर्टल, ई-नीलामी प्रक्रिया, स्टार रेटिंग जैसे उपायों को अपनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि डीएमएफ के माध्यम से खनन प्रभावित क्षेत्रों के समावेशी विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। केंद्रीय खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संसाधनों की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध और रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण राज्य है। कोयला, लौह अयस्क, बॉक्साइट, चूना पत्थर जैसे महत्वपूर्ण खनिजों के साथ-साथ देश का एकमात्र टिन उत्पादक राज्य होने का गौरव भी छत्तीसगढ़ को प्राप्त है। रेड्डी ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में ‘क्रिटिकल मिनरल्स’ और खनन क्षेत्र की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। छत्तीसगढ़ ने इस दिशा में जो अग्रणी कदम उठाए हैं, वे भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मील का पत्थर हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार खनिज संसाधनों के अन्वेषण, सतत उपयोग और खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए राज्य सरकार के साथ मिलकर काम करेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि छत्तीसगढ़, खनिज क्षेत्र में अपनी मजबूत भूमिका निभाते हुए देश के समग्र विकास में प्रभावी योगदान देता रहेगा। केंद्रीय मंत्री रेड्डी ने अपने छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान देश की सबसे बड़ी कोयला खदान गेवरा के निरीक्षण का ज़िक्र किया। उन्होंने खदान में किए जा रहे नवाचारों और अत्याधुनिक तकनीकों की भी सराहना की। उन्होंने गेवरा में जापानी मियावाकी तकनीक से विकसित वृक्षारोपण स्थल का उल्लेख करते हुए इस पहल के वृहद स्तर पर उपयोग की भी बात कही। रेड्डी ने खनन प्रभावित क्षेत्रों में पीएम सूर्य घर योजना के तहत सौर विद्युत उपलब्ध कराने की भी बात कही। उन्होंने खनन क्षेत्रों में बढ़ रहे यातायात के दबाव एवं नागरिक सुरक्षा को देखते हुए कोयला परिवहन के लिए बनाए जा रहे डेडिकेटेड कोल कॉरिडोर की प्रगति की भी जानकारी ली। मुख्यमंत्री के सचिव और खनिज साधन विभाग के सचिव पी. दयानंद ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से राज्य सरकार द्वारा संचालित खनन गतिविधियों एवं नीतियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि खनिज संसाधनों के समुचित दोहन एवं प्रबंधन के लिए केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों का बेहतर समन्वय करते हुए कई महत्वपूर्ण पहल की गई हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 28 प्रकार के खनिज मौजूद हैं। हमारा राज्य देश के कुल क्षेत्रफल का मात्र 4% होने के बावजूद राष्ट्रीय खनिज उत्पादन मूल्य में 17% से अधिक का योगदान देता है और खनिज उत्पादक राज्यों में द्वितीय स्थान पर है। खनिज राजस्व और अन्वेषण में ऐतिहासिक प्रगति का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री के सचिव पी दयानंद ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में छत्तीसगढ़ ने लगभग 14,195 करोड़ रुपये का खनिज राजस्व अर्जित किया है, जो प्रदेश की कुल आय का 23% और जीएसडीपी का 11% है। राज्य ने ई-नीलामी के माध्यम से 48 मुख्य खनिज ब्लॉक्स का सफलतापूर्वक आवंटन किया है। उन्होंने कहा कि 2024-25 की 56 अन्वेषण परियोजनाओं में से 32 सामरिक, क्रिटिकल व डीप सीटेड खनिजों के लिए हैं। पिछले वर्षों में ई-नीलामी के माध्यम से ग्रेफाइट, ग्लूकोनाइट,निकल-क्रोमियम-पीजीआई, गोल्ड जैसे महत्वपूर्ण खनिजों के 10 ब्लॉक्स आवंटित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि देश का पहला लिथियम ब्लॉक कटघोरा में सफलतापूर्वक आवंटित हुआ है, जो ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम है और यह हमारे राज्य की क्षमता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद ने बताया कि खनिज ऑनलाइन पोर्टल, क्लाउड बेस्ड व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम जैसी पहल से पारदर्शिता एवं दक्षता सुनिश्चित की गई है। वहीं गौण खनिजों के लिए स्टार रेटिंग प्रणाली, वैज्ञानिक पद्धति से माइनिंग और पर्यावरण सुरक्षा के साथ सतत खनन को बल मिला है। उन्होंने बताया कि पूर्व खदानों के पुनर्विकास जैसे विश्रामपुर में केनपारा … Read more

ऐतिहासिक होगा पल, दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे पुल से गुजरेगी वंदे भारत, 19 अप्रैल को पीएम मोदी दिखाएंगे हरी झंडी

जम्मू कश्मीर कश्मीर घाटी में पहली बार वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन की रफ्तार गूंजेगी। 19 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी श्री माता वैष्णो देवी कटरा से श्रीनगर तक चलने वाली इस हाई-टेक ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। ये सेवा हाल ही में पूरी हुई उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक परियोजना के तहत शुरू हो रही है, जो दशकों से इस क्षेत्र को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने की कोशिश का नतीजा है। 19 अप्रैल को होगी शुरुआत इस ऐतिहासिक मौके पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, केंद्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और कई अन्य गणमान्य लोग भी मौजूद रहेंगे। इस वक्त कश्मीर में रेल सेवा केवल बारामुला से संगलदान तक सीमित है। कटरा तक आने वाली लंबी दूरी की ट्रेनें वहीं रुक जाती हैं। लेकिन अब ये वंदे भारत एक्सप्रेस कटरा से सीधे श्रीनगर और बारामुला तक जाएगी, जिससे आम जनता और सैलानियों को पहली बार कश्मीर घाटी तक सीधी ट्रेन सुविधा मिलेगी। जल्द ही ये सेवा जम्मू तक भी बढ़ाई जाएगी, जैसे ही स्टेशन का काम पूरा होगा। ढाई घंटे में पूरा करेगी सफर करीब 150 किलोमीटर की दूरी को यह ट्रेन महज 2 घंटे 30 मिनट में तय करेगी। इस सफर की सबसे खास बात होगी दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे पुल चिनाब ब्रिज भी इस रास्ते में होगा। बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी इस पुल का भी दौरा करेंगे और वहां से कटरा आकर ट्रेन सेवा को जनता को समर्पित करेंगे और एक जनसभा को संबोधित करेंगे। गौरतलब है कि उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक परियोजना के तहत बनी 272 किलोमीटर लंबी रेल लाइन जम्मू-कश्मीर में पर्यटन को बढ़ावा देने और पूरे देश से इस इलाके को जोड़ने के उद्देश्य से तैयार की गई है। recent visitors 70

लगातार 3 दिन बैंक रहेंगे बंद, सोमवार को शेयर मार्केट में भी नहीं होगा काम

मुंबई 14 अप्रैल सोमवार को अंबेडकर जयंती के अवसर पर भारतीय शेयर मार्केट बंद रहेगा। हॉलीडे कैलेंडर के अनुसार, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में सोमवार को कोई ट्रेडिंग नहीं होगी। दूसरी ओर सोमवार को अवकाश के कारण बैंक लगातार 3 दिन तक बंद रहेंगे। प्रत्येक महीने का दूसरा और चौथा शनिवार बैंक बंद रहते हैं। 12 अप्रैल को सेकेंड सैटरडे पड़ रहा है। इसलिए इस दिन बैंकों में कोई काम नहीं होगा। जबकि, रविवार को साप्ताहिक अवकाश के कारण बैंकों में छुट्टी रहती है। सोमवार को अंबेडकर जयंती पड़ रही है और आरबीआई कैलेंडर के अनुसार इस दिन मिजोरम, मध्य प्रदेश, चंडीगढ़, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, नई दिल्ली, छत्तीसगढ़, मेघालय और हिमाचल प्रदेश समेत कई राज्यों में बैंक बंद रहेंगे। शेयर मार्केट भी तीन दिन नहीं खुलेगा शेयर मार्केट हर शनिवार और रविवार को बंद रहता है। इस बार भी बंद रहेगा। सोमवार को अंबेडकर जयंती की छुट्टी की वजह से शेयर बाजार बंद रहेगा। यानी मार्केट लगातार तीन दिन तक क्लोज रहेगा। बता दें बीएसई कैलेंडर अप्रैल 2025 के महीने में तीन छुट्टियां दिखाता है। महावीर जयंती (10 अप्रैल), जो बीत चुका है, डॉ बाबा साहेब अंबेडकर जयंती (14 अप्रैल) और गुड फ्राइडे (18 अप्रैल)। 10 दिन में 6 दिन मार्केट रहेगा बंद 12 अप्रैल- शनिवार का अवकाश 14 अप्रैल – अंबेडकर जयंती मई से दिसंबर तक शेयर बाजार की छुट्टियों की लिस्ट 1 मई – महाराष्ट्र दिवस 2 अक्टूबर – महात्मा गांधी जयंती और दशहरा 21 अक्टूबर – दिवाली (लक्ष्मी पूजन) 22 अक्टूबर – दिवाली बलिप्रतिपदा 5 नवंबर – प्रकाश गुरुपर्व (श्री गुरु नानक देव) recent visitors 49

मेट्रो ट्रैन : बेरिकेडिंग करने से पहले ट्रैफिक के लिए कोई योजना नहीं बनाई, आम जनता हो रही परेशान

 भोपाल मेट्रो की एम्स से करोद तक ओरेंज लाइन व भदभ्दा से रत्नागिरी तक की ब्ल्यू लाइन निर्माण ने इन दिनों डेढ़ किमी लंबाई की सडक़ को खत्म कर दिया है। ये रोड ब्ल्यू लाइन में भदभदा से रत्नागिरी तक सर्वे के लिए की बेरिकेडिंग व जिंसी पुल बोगदा से रेलवे स्टेशन प्लेटफार्म छह से लेकर सिंधी कॉलोनी, करोद तक बेरिकेडिंग में है। सामान्य स्थिति में यहां से 300 पीसीयू ट्रैफिक गुजरता था, लेकिन बेरिकेडिंग करने से पहले इस ट्रैफिक के लिए कोई योजना नहीं बनाई, जिससे ये कि पास की बची संकरी रोड पर शिफ्ट हो गया, जिससे मिंटो हॉल से लेकर पुल बोगदा, रायसने रोड से लेकर करोद तक ट्रैफिक जाम के हालात बना रहा है। ठेकेदार को करना थी व्यवस्था     मेट्रो रेल कारपोरेशन ने ट्रैफिक की सुगम आवाजाही का जिम्मा संबंधित ठेकेदार को दिया है। बंद चौराहा, सडक़ के ट्रैफिक को शिफ्ट करने का जिम्मा ठेकेदार पर था, लेकिन ठेकेदार ने जिम्मेदारी नहीं उठाई। मेटो रेल कारपोरेशन ने भी ठेकेदार पर जिम्मेदारी देकर पल्ला झाड़ लिया। अब आमजन रोड पर मेट्रो काम की वजह से परेशान हो रहे हैं। अगले दो साल में पांच किमी की सडक़ मेट्रो में     मेट्रो टे्रन प्रोजेक्ट में सर्वे व पीलर्स के लिए बेरिकेडिंग लगातार बढ़ाई जा रही है। अगले दो साल में करीब शहर के अलग-अलग हिस्से में 35 से अधिक जगह पर रास्ते व सडक़ बंद होगी। पांच किमी लंबाई की सडक़ें एक समय में प्रोजेक्ट की वजह से बंद होगी। इससे संबंधित क्षेत्र में गुजरने की जगह घटेगी, आमजन परेशान होंगे। इनका कहना प्रोजेक्ट में हम ब्ल्यू लाइन का काम भी तेज कर रहे हैं। हमारी एजेंसियां तय है और समय सीमा भी तय की है। साप्ताहिक निरीक्षण के दौरान दिक्कतों को देखकर दूर कराया जाता है। कोशिश की जा रही है कि बेरिकेडिंग ज्यादा समय पर न रहे। recent visitors 40