बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने जारी किया पूरा शेड्यूल, भारत तीन वनडे और इतने ही टी20 मैचों की सीरीज़ के लिए करेगा दौरा

नई दिल्ली भारत 17 से 31 अगस्त तक मीरपुर और चटगांव में तीन वनडे और इतने ही टी20 मैचों की सफ़ेद गेंद की सीरीज़ के लिए बांग्लादेश का दौरा करेगा। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने मंगलवार को कार्यक्रम की घोषणा की। भारतीय टीम 17 अगस्त को मीरपुर के शेर-ए-बांग्ला नेशनल क्रिकेट स्टेडियम में वनडे सीरीज के पहले मैच से पूर्व 13 अगस्त को ढाका पहुचेगी। दूसरा वनडे 20 अगस्त को मीरपुर में खेला जाएगा। तीसरा और अंतिम वनडे चटगांव में खेला जाएगा, जहां 26 अगस्त को तीन मैचों की टी20 सीरीज का पहला मैच भी खेला जाएगा। दूसरे और तीसरे टी20 के लिए मैच मीरपुर में ही खेले जाएंगे। यह 2014 के बाद से भारत का बांग्लादेश का पहला सफेद गेंद वाला दौरा होगा। इसके अलावा टी20 सीरीज पहली बार होगी जब बांग्लादेश अपने घर में द्विपक्षीय सीरीज में भारत की मेजबानी करेगा। दोनों टीमों के बीच सबसे हालिया टी20आई सीरीज 2024 में हुई थी, जब बांग्लादेश ने भारत का दौरा किया था और मेजबान टीम ने 3-0 से आसान जीत हासिल की थी। आगामी सीरीज़ के बारे में बात करते हुए BCB के मुख्य कार्यकारी निजाम उद्दीन चौधरी ने दुनिया की शीर्ष क्रिकेट टीमों में से एक की मेजबानी करने पर अपनी खुशी व्यक्त की। चौधरी के हवाले से कहा, 'यह सीरीज हमारे घरेलू कैलेंडर में सबसे रोमांचक और सबसे प्रतीक्षित आयोजनों में से एक होने वाली है। भारत ने सभी प्रारूपों में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बेंचमार्क स्थापित किया है और दोनों देशों के लाखों क्रिकेट प्रेमी इस मुकाबले का आनंद जरूर लेंगे। बांग्लादेश और भारत ने हाल के वर्षों में कुछ बहुत ही प्रतिस्पर्धी मैच खेले हैं, और मुझे विश्वास है कि यह एक और कड़ी टक्कर वाली और मनोरंजक सीरीज होगी।' भारत के बांग्लादेश दौरे का कार्यक्रम वनडे सीरीज : पहला वनडे – 17 अगस्त, मीरपुर दूसरा वनडे – 20 अगस्त, मीरपुर तीसरा वनडे – 23 अगस्त, चटगांव टी20आई सीरीज : पहला टी20 – 26 अगस्त, चटगांव दूसरा टी20 – 29 अगस्त, मीरपुर तीसरा टी20 – 31 अगस्त, मीरपुर recent visitors 61

सीएम योगी ने यह भी कहा कि लातों के भूत बातों से कहां मानने वाले हैं?, ‘दंगाइयों का इलाज ही डंडा है

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद हिंसा को लेकर एक बार फिर ममता सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बंगाल जल रहा है और मुख्यमंत्री चुप हैं, दंगाइयों को शांति दूत कहती हैं। सीएम योगी ने यह भी कहा कि लातों के भूत बातों से कहां मानने वाले हैं? सीएम योगी ने मंगलवार को हरदोई में अमर सेनानी राजा नरपति सिंह स्मारक स्थल पर आयोजित विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि याद कीजिए 2017 के पहले के उत्तर प्रदेश को, हर दूसरे-तीसरे दिन दंगा होता था, इन दंगाइयों का उपचार ही डंडा है। बिना डंडे के मानेंगे नहीं। आप देख रहे होंगे कि बंगाल जल रहा है, वहां की मुख्यमंत्री चुप हैं, दंगाइयों को शांति दूत कहती हैं, लातों के भूत बातों से कहां मानने वाले हैं, लेकिन सेकुलरिज्म के नाम पर इन लोगों ने दंगाइयों को दंगा करने की पूरी छूट दे रखी है। सीएम योगी ने ममता सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि पूरा मुर्शिदाबाद एक सप्ताह से जल रहा है, राज्य सरकार मौन है, इस प्रकार की अराजकता पर लगाम लगनी चाहिए और मैं वहां के न्यायालय को इस बात के लिए धन्यवाद दूंगा कि जिन्होंने वहां पर केंद्रीय बलों की तैनाती करके अल्पसंख्यक हिंदुओं की सुरक्षा के लिए कदम उठाया है। उन्होंने विपक्षी दलों की चुप्पी पर कहा कि सब लोग मौन हैं, मुर्शिदाबाद दंगों पर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी मौन हैं, टीएमसी मौन है, वे धमकी पर धमकी दिए जा रहे हैं, बांग्लादेश के अंदर जो हुआ था, उसका समर्थन कर रहे हैं, अगर उन्हें बांग्लादेश अच्छा लगता है, तो उन्हें बांग्लादेश जाना चाहिए, क्यों भारत की धरती पर बोझ बने हुए हैं? सीएम योगी ने जिक्र किया कि हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के आभारी हैं, जिन्होंने वक्फ कानून को लाकर गरीबों की जमीनों पर डकैती पर लगाम लगाने का काम किया है, अब जो जमीन वापस आएगी, उस पर अस्पताल, गरीबों के लिए घर, ऊंची इमारतें, स्कूल और विश्वविद्यालय बनाए जाएंगे। निवेश के लिए भूमि बैंक बनाया जाएगा। लेकिन, किसी को भी जमीन पर कब्जा करने और गुंडागर्दी करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। इसलिए ये लोग चिंतित हैं क्योंकि जमीन के नाम पर लूट बंद होने वाली है। उन्होंने वक्फ कानून का विरोध करने वालों पर तंज कसते हुए कहा कि वे सभी परेशान हैं कि अब उनके गुर्गे खाली हो जाएंगे, जो पहले जनता को लूटते थे, इनको अब भय है कि इनके द्वारा पाले गए गुर्गे 'भस्मासुर' बन जाएंगे और इन्हें ही ना लूटना शुरू कर दें। इसलिए, ये अब वक्फ के नाम पर लोगों को बेवकूफ बना रहे हैं और उन्हें गुमराह करने का काम कर रहे हैं। recent visitors 62

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आईएएस अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे कड़ी मेहनत से अधिकारी बने हैं

नई दिल्ली राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों में सहायक सचिव के रूप में कार्यरत 2023 बैच के आईएएस अधिकारियों के समूह से राष्ट्रपति भवन के सांस्कृतिक केंद्र में मुलाकात की। राष्ट्रपति ने आईएएस अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे असाधारण दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत से अधिकारी बने हैं। इससे उनके निजी जीवन में भी बड़ा बदलाव आया है। उन्हें अब अधिक दृढ़ संकल्प और समर्पण के साथ अनगिनत लोगों के जीवन में परिवर्तनकारी बदलाव लाने का अवसर मिला है। उनके सेवा और अधिकार का क्षेत्र इतना व्यापक है कि वे अपनी पहली पोस्टिंग में ही कई नागरिकों के जीवन को बेहतर बना सकते हैं। उन्होंने आईएएस अधिकारियों को वंचितों के उत्थान के लिए विशेष प्रयास करने की सलाह दी। उन्होंने यह भी सलाह दी कि अधिकारी अपने करियर के दौरान कुछ समय बाद पोस्टिंग वाले स्थानों पर जाएं और अपने काम के दूरगामी परिणाम देखें। अधिकारियों को लोक सेवकों के अधिकारों और कर्तव्यों को ध्यान में रखना चाहिए। एक लोक सेवक के कर्तव्य उसकी जिम्मेदारियां हैं और उसके अधिकार उन कर्तव्यों को पूरा करने का साधन हैं। राष्ट्रपति ने अधिकारियों से कहा कि उनके करियर की असली कहानी उनके काम से बनेगी, न कि सोशल मीडिया पर फॉलोअर्स की संख्या बढ़ाने से। उनकी असली सामाजिक संपत्ति उनके अच्छे काम से तय होगी। प्रत्येक लोक सेवक को ईमानदारी और उद्देश्य के साथ काम करना चाहिए। पर्यावरण प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का हम सभी सामना कर रहे हैं। नैतिकता और मूल्यों का क्षरण भी बहुत गंभीर चुनौतियां हैं। निष्ठावान और ईमानदार होने के बारे में और कुछ कहने की जरूरत नहीं है। ईमानदारी, सच्चाई और सादगी के जीवन मूल्यों का पालन करने वाले लोग अधिक सुखी रहते हैं। लोक सेवा में ईमानदारी सबसे वांछनीय नीति है। लोक सेवक से यह अपेक्षा की जाती है कि वे जीवन के हर क्षेत्र में निष्ठा और संवेदनशीलता का उदाहरण प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में लोगों की आकांक्षाएं बढ़ रही हैं। वे प्रशासकों की जवाबदेही के प्रति जागरूक हो रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को आमजनों के साथ निकटता बढ़ाने और स्थानीय प्रयासों में उनकी भागीदारी बढ़ाने की सलाह दी। उन्होंने जनप्रतिनिधियों के जनहित के मुद्दों को हल करने की भी सलाह दी। राष्ट्रपति ने कहा कि स्थानीय और राज्य स्तर पर उनके विकास और जन कल्याण के कार्य राष्ट्रीय लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद करेंगे। recent visitors 61

पंजाब ने केकेआर को सिर्फ 112 रनों का टारगटे दिया, हर्षित ने मचाया धमाल

नई दिल्ली आज आईपीएल 2025 में पंजाब किंग्स (पीबीकेएस) और कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) की भिड़ंत हो रही। टूर्नामेंट का 31वां मैच मुल्लांपुर के मैदान पर खेला जा रहा है। पंजाब ने कोलकाता को सिर्फ 112 रनों का लक्ष्य दिया है। पीबीकेएस टॉस जीतने के बाद 15.3 ओवर में 111 रनों पर ढेर हो गई। पंजाब के लिए सबसे ज्यादा रन ओपनर प्रभसिमरन सिंह (30) ने बनाए। पंजाब ने तेज शुरुआत की लेकिन चौथे ओवर के बाद टीम लड़खड़ा गई। हर्षित राणा ने इस ओवर में प्रियांश आर्य (22) और कप्तान श्रेयस अय्यर (0) का शिकार किया। जोश इंग्लिस (2) और नेहल वढेरा (10) का बल्ला नहीं चला। पंजाब ने 76 रन जोड़कर 6 विकेट गंवा दिए। आठवें नंबर पर उतरे शशांक सिंह ने 18 बनाकर पंजाब को 100 के पार पहुंचाया। हर्षित ने तीन ओवर के स्पेल में 25 रन देकर तीन विकेट चटकाए। वरुण चक्रवर्ती और सुनील नरेन ने दो-दो जबकि वैभव अरोड़ा और एनरिक नॉर्खिया ने एक-एक शिकार किया। केकेआर को मिला 112 का टारगेट पंजाब ने केकेआर को सिर्फ 112 रनों का टारगटे दिया है। पंजाब का नौवां विकेट शशांक सिंह (18) के तौर पर गिरा है। उन्हें वैभव अरोड़ा ने 16वें ओवर की पहली गेंद पर एलबीडब्ल्यू किया। बार्टलेट (11) तीसरी गेंद पर रनआउट हो गए, जिसके साथ पंजाब की पारी सिमट गई। recent visitors 58

राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने मंत्रालय में विभिन्न विभागों के साथ गोविंदपुरा क्षेत्र में हो रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा की

भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने मंगलवार को मंत्रालय में विभिन्न विभागों के साथ गोविंदपुरा क्षेत्र में हो रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने निर्माण कार्यों में देरी और लापरवाह अधिकारियों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए समय सीमा में कार्य करने के निर्देश दिए। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि आम लोगों को ट्रैफिक की समस्या से निजात दिलाने के लिए आशिमा मॉल से बावड़िया कलां के बीच ओवरब्रिज बनाया जाएगा। इसका लाभ रोज आवागमन करने वाले लाखों लोगों को मिलेगा। ओवरब्रिज के निर्माण के लिए इसी सप्ताह टेंडर जारी हो जाएगा और जून महीने में इसका निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने बावड़िया ब्रिज पर ट्रैफिक सिग्नल लगाने के निर्देश भी दिए हैं, इससे लंबे जाम से रहवासियों को राहत मिलेगी। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि भेल क्षेत्र की सड़कों की मरम्मत के लिए भेल के अधिकारियों के साथ समन्वय कर पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारी इस कार्य को जल्द पूरा करें। उन्होंने लंबे समय से एमजीएम स्कूल अवधपुरी के करीब बनने वाली सड़क के निर्माण कार्य में देरी पर कहा कि सड़क के निर्माण कार्य में कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सड़क निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया। पिपलानी से खजूरी कलां तक 4 किलोमीटर लंबी नाली के निर्माण कार्य को भी बारिश से पहले पूरा करने के भी राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने निर्देश दिए हैं। उन्होंने आनंद नगर से ट्रांसपोर्ट नगर तक बन रही लगभग 5 किलोमीटर की सड़क के अधूरे निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूरा करने के लिये कहा। बैठक में भोपाल कलेक्टर श्री कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने अधिकारियों को ट्रैफिक सिग्नल के समय को रिव्यू करने को कहा। उन्होंने कहा कि ऐसे चौराहे चिन्हित किए जाएं, जहां सिग्नल की टाइमिंग सही नहीं है और उसमें सुधार किए जाएं। इसके लिए पुलिसकर्मियों की सहायता ली जा सकती है। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।   recent visitors 55

मंडल की बैठकों में श्रम कल्याण के विषय पर विस्तार से चर्चा की जाना चाहिये: श्रम मंत्री पटेल

भोपाल श्रम, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री एवं श्रम कल्याण मंडल अध्यक्ष श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि मंडल की बैठकों में श्रम कल्याण के विषय पर विस्तारसे चर्चा की जाना चाहिये। उन्होंने कहा कि आगामी बैठक में श्रम कल्याण योजनाएं एवं श्रम कानूनों में आने वाली व्यावहारिक समस्याओं के बारे में बोर्ड में चर्चा की जाए। उन्होंने कहा कि संबल योजना के प्रभावी क्रियान्वयन की विसंगतियों को दूर करें। मंत्री श्री पटेल मंगलवार को पलाश रेसीडेंसी में मध्यप्रदेश श्रम कल्याण मण्डल के संचालक मण्डल की 62वीं बैठक को संबोधित कर रहे थे। श्रम कल्याण से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में प्रमुख सचिव श्री उमाकांत उमराव, अपर सचिव श्री बसंत कुर्रे, कल्‍याण आयुक्‍त श्री एस.एस.दीक्षित सहित मंडल के सदस्य, विभागीय अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि श्रमिकों का कल्याण केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, नैतिक उत्तरदायित्व भी है। हमारी सरकार हर श्रमिक के सम्मान, अधिकार और भविष्य की रक्षा के लिए संकल्पबद्ध है। उन्होंने कहा कि 80 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले शत-प्रतिशत श्रमिकों को सर्वप्रथम इलेक्ट्रिक वाहन का वितरण किया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि नवीन श्रम कल्याण केंद्रों की डिजाइन भविष्य की आवश्यकताओं के अनुसार तैयार की जाए। बैठक में प्रमुख सचिव, श्रम श्री उमराव ने जानकारी दी कि शासन की ओर से मंडल को अंशदान राशि 2 करोड़ से बढ़ाकर वित्तीय वर्ष 2025-26 में 12 करोड़ की गई है। बैठक में मण्डल की 61वीं बैठक में लिये गये निर्णयों पर कार्यालय ‌द्वारा की गई कार्रवाई की पुष्टि की गई एवं मण्डल के वित्तीय बजट वर्ष 2025-26, मण्डल के वार्षिक प्रतिवेदन वर्ष 2023-24 पर कार्योत्तर अनुमोदन प्रदान किया गया। मण्डल कर्मचारियों की सेवाशर्तों विनियम में अनुकंपा नियुक्ति का प्रावधान किये जाने, म.प्र. श्रम कल्याण निधि अधिनियम, 1982 की धारा 2 (3) (ख) को संशोधित करने, मण्डल के नियमित कर्मचारियों को 7वें वेतनमान के एरियर्स के व्यय भार की स्वीकृति प्रदान की गई, श्रम कल्याण केन्द्र, बुरहानपुर भवन, बुरहानपुर के मरम्मत के लिए व्यय राशि पर कार्योत्तर अनुमोदन प्रदान किया गया।   recent visitors 50

मांग को लेकर अन्न त्यागकर धरने पर बैठे संत प्रेमदास महाराज गोहद की अचानक से तबीयत बिगड़ी, बीपी बढ़ा

भिंड हाइवे को सिक्सलेन बनाने, गो अभ्यारण की मांग को लेकर शहर के खंडा रोड पर संतों का अखंड आंदोलन छठवें दिन भी जारी रहा। इस मांग को लेकर आठ संतों की भूख हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। वहीं अन्न त्यागकर धरने पर बैठे संत प्रेमदास महाराज गोहद की अचानक से तबीयत बिगड़ गई। उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों का कहना था कि संत का बीपी बढ़ा हुआ है। अखंड आंदोलन के छठवें दिन कांग्रेस के उपनेता प्रतिपक्ष एवं अटेर विधायक हेमंत कटारे मंगलवार को कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के साथ आंदोलन स्थल पर पहुंचे। उन्होंने संतों के समक्ष हाथ जोड़कर प्रार्थना करते हुए भूख हड़ताल खत्म करने का आग्रह किया। उपनेता प्रतिपक्ष कटारे ने कहा कि मुझे कल ही पता चला कि कुछ संतों ने हाइवे की मांग को लेकर अन्न का त्याग दिया है। ये सुनते मुझसे रहा नहीं गया। मुझे यहां आने में देरी हुई, इसके लिए आप मुझे क्षमा करें। उन्होंने भूख हड़ताल पर बैठे संतों से निवेदन करते हुए कहा कि गर्मी बहुत है आप लोग अगर कुछ खाएंगे नहीं तो बीमार पड़ जाएंगे। अगर आप लोगों को कुछ हो गया तो यह चंबल संभाग ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए शर्म की बात होगी। उन्होंने कहा कि आप तो आदेशित करें। मुझे नहीं लगता कि किसी भी जनप्रतिनिधि में आपके आदेश की अवहेलना करने का साहस होगा। इसका जवाब देते हुए संत समाज के जिलाध्यक्ष कालिदास महाराज ने कहा कि हम चाहते हैं कि जिस तरह से अटेर के विधायक यहां आए हैं। इसी तरह से जिले के सभी विधायक यहां आएं और हाइेव को सिक्सलेन बनाने और गो अभ्यारण की मांग को जोरशोर से उठाएं। रही बात आंदोलन समाप्त करने की तो जब तक हमें इस हाइवे का निर्माण कार्य कब तक शुरू होगा इसका पत्र नहीं मिल जाता ये आंदोलन समाप्त नहीं होगा। हाइवे क्रमांक 719 की देश में मौत के हाइवे के नाम से पहचान बन रही कटारे कांग्रेस उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने कहा कि ग्वालियर से इटावा हाइवे क्रमांक 719 की देश में मौत के हाइवे के नाम से पहचान बन रही है। हम सभी जनप्रतिनिधियों को एकजुट होकर इस कलंक को मिटाने के लिए प्रयास करने होंगे। मैं, किसी का नाम नहीं लूंगा, लेकिन वर्तमान व पूर्व जनप्रतिनिधियों को संतों के बीच में खड़ा होना चहािए। मुझे नहीं लगता कि इस हाइवे के निर्माण को लेकर मिलने वाले आश्वासनों से कुछ होगा। अब समय आ गया है कि हाइवे निर्माण का काम शुरू कब से होगा इसका दिनांक तय होना चाहिए। recent visitors 61