केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने महिला को गुटखा खाने पर टोका, उन्होंने महिला से वादा लिया कि वो अब इसे नहीं खाएगी

शिवपुरी  केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने एक महिला को गुटखा खाते हुए पकड़ लिया। वे महिला से कह रहे हैं कि गुटखा खाना सेहत के लिए खराब है। इसके बाद वे उसके बैग से गुटखा निकलवाते हैं और उसे फिंकवा देते हैं। सिंधिया महिला से यह वादा भी लेते हैं कि आज के बाद वो इसे नहीं खाएगी। सोशल मीडिया पर सिंधिया के इस कदम की तारीफ हो रही है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के खनियाधाना में एक हितग्राही सम्मेलन में शिरकत करने पहुंचे थे। यहां वे हितग्राहियों को सर्टिफिकेट बांट रहे थे इसी दौरान मुंह में गुटखा दबाए एक महिला हितग्राही उसने सर्टिफिकेट लेने पहुंची। महिला को गुटखा खाते देख केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने टोक दिया। जब महिला मंच पर पहुंची तो सिंधिया ने उसके बैग से गुटखा निकालकर फिकवाया और बोले-अभी भले ही मैंने तुम्हारी सुपारी ले ली तो बुरा लगा होगा, लेकिन यह तुम्हारे बेहतर स्वास्थ्य के लिए जरूरी है। शिवपुरी के खनियाधाना में हुआ कार्यक्रम खनियाधाना में गुरुवार को हितग्राही सम्मेलन का आयोजन हुआ। यहां केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने करोड़ों के विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी किया गया। इस मौके पर सिंधिया ने कहा कि केंद्र सरकार ने पांच करोड़ आवास बनाने का निर्णय लिया है, इसका उद्देश्य कोई भी बिना आवास के नहीं रहे। 2030 तक सभी को खुद का घर देने की संकल्पना सरकार ने 2030 तक सभी को खुद का आवास देने की संकल्पना की है। पिछोर में ही 13 विद्युत सब स्टेशन बनाए गए हैं। चंदेरी से पिछोर तक 415 करोड़ की लागत से सड़क निर्माण किया जाएगा। यह सरकार की तरफ से क्षेत्र की जनता के लिए बड़ी सौगात है। कार्यक्रम को पिछोर विधायक प्रीतम लोधी ने भी संबोधित किया। इस मौके पर छह करोड़ 87 लाख से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया गया। सहायता राशि का वितरण कार्यक्रम में लाड़ली लक्ष्मी योजना, आयुष्मान योजना, आजीविका मिशन द्वारा लोन वितरण, पशुपालन विभाग के आचार्य विद्यासागर योजना और पशुधन के, स्वामित्व अधिकार अभिलेख और आगजनी से फसल क्षति राशि, मुख्यमंत्री जन कल्याण संबल योजना के तहत अनुग्रह सहायता राशि का वितरण किया गया। recent visitors 54

हनुमान जयंती: हनुमान जी की पूजा-अर्चना करने के साथ-साथ तुलसी का दान करना अत्यंत पुण्यकारी माना गया

इंदौर इस वर्ष चैत्र पूर्णिमा के अवसर पर हनुमान जन्मोत्सव 12 अप्रैल, शनिवार को मनाया जाएगा। यह दिन पूरे भारत में श्रद्धा और भक्ति के साथ भगवान हनुमान के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है। इस दिन हनुमान जी की पूजा-अर्चना करने के साथ-साथ तुलसी का दान करना अत्यंत पुण्यकारी माना गया है। धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, हनुमान जयंती पर तुलसी दान करने से न केवल आध्यात्मिक लाभ मिलते हैं, बल्कि जीवन के कई कष्ट भी दूर होते हैं। तुलसी दान से मिलती है भगवान की कृपा तुलसी का पौधा देवी लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है और यह भगवान विष्णु को अति प्रिय है। चूंकि हनुमान जी भगवान राम के अनन्य भक्त हैं और रामचंद्र जी स्वयं विष्णु के अवतार हैं, ऐसे में तुलसी का दान अप्रत्यक्ष रूप से हनुमान जी और भगवान विष्णु दोनों की कृपा प्राप्त करने का माध्यम बनता है। मानसिक शांति और साहस का आशीर्वाद हनुमान जयंती पर तुलसी दान करने से व्यक्ति को अखंड भक्ति, साहस, उत्तम स्वास्थ्य और मानसिक शांति प्राप्त होती है। घर में तुलसी का पौधा लगाने या उसका दान करने से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और सकारात्मकता का संचार होता है। ज्योतिषाचार्य राधाकांत वत्स के अनुसार, तुलसी का दान करने से शनि और मंगल ग्रह की अशुभता कम होती है। हनुमान जी को इन दोनों ग्रहों के दोषों को शांत करने वाला देवता माना गया है। जिन लोगों की कुंडली में मांगलिक दोष, शनि की साढ़ेसाती या राहु-केतु के नकारात्मक प्रभाव हों, उन्हें इस दिन तुलसी दान अवश्य करना चाहिए। पितृ दोष से भी मिलती है मुक्ति हनुमान जयंती पर तुलसी दान करना पितृ दोष की शांति में भी सहायक माना गया है। ऐसा करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और घर-परिवार में सुख-समृद्धि आती है। यह उपाय उन लोगों के लिए विशेष रूप से लाभकारी है, जो अपने जीवन में बार-बार बाधाओं और मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं। इस प्रकार हनुमान जन्मोत्सव पर तुलसी दान एक अत्यंत सरल, लेकिन प्रभावशाली आध्यात्मिक और ज्योतिषीय उपाय है, जो जीवन को सुखद और संतुलित बना सकता है।   recent visitors 53

नियद नेल्लानार में शामिल गांवों में ग्रामीण बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर दे रहे है आवेदन

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप सुशासन तिहार 2025 का आयोजन बीजापुर के अंदरूनी और संवेदनशील क्षेत्रों में भी आयोजित हो रही है। शासकीय कार्यों में पारदर्शिता लाने एवं शासकीय योजनाओं और कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने हेतु सुशासन तिहार का आयोजन शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों सहित बीजापुर जिले को उन अंदरुनी इलाकों में भी आयोजित हो रही है जहां कभी माओवादियों के आतंक का खौफ रहता था उनके द्वारा जन अदालत लगाकर निर्दाेष लोगों को प्रताड़ित किया जाता था। उन क्षेत्रों में अब विष्णु के सुशासन का असर देखने को मिल रहा है आज ग्रामीण बेखौफ होकर विकास की मुख्य धारा से जुड़ने सड़क बिजली, पानी स्कूल, अस्पताल, आंगनबाड़ी राशन दुकान जैसे बुनियादी सुविधाओं की मांग कर रहे है जो बदलते बीजापुर का पहचान है। जिला प्रशासन बीजापुर द्वारा लोगों को सुशासन तिहार में शामिल होने तथा उनकी मांगांें तथा समस्याओं को निजात दिलाने व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। उसूर ब्लॉक के पुजारी कांकेर,कोण्डापल्ली, पामेड़, चुटवाही और गलगम, बीजापुर ब्लॉक के पालनार, कांवड़ गांव और मुतवेंडी सहित भैरमगढ़ ब्लॉक के गांव बांगोली, चिंगेर सहित बेचापाल जैसे जिले के चिन्हांकित कई अंदरुनी गांवों  में सुशासन तिहार का असर देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सकारात्मक सोच और पहल से नियद नेल्लानार योजना के तहत इन गांवों को माओवाद के आतंक से मुक्त कर विकास की मुख्य धारा से जोड़ने का कार्य बखूबी किया जा रहा है कई दशकों से अंधेरे में डूबे इन गांवों के ग्रामीण आदिवासियों के लिए अब सुनहरे भविष्य का सूर्याेदय होने से ग्रामीणों में उत्साह और उमंग का माहौल देखने को मिल रहा है। recent visitors 28

प्रभारी सचिव डॉ. एस. भारतीदासन ने शासन की योजनाओं व कार्यक्रमों की आम जनता तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए

रायपुर मुंगेली जिले के प्रभारी सचिव डॉ. एस. भारतीदासन ने आज जिला कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिले में संचालित विभिन्न विकास कार्यो और कार्यक्रमों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने शासन की योजनाओं व कार्यक्रमों की आम जनता तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले में कुपोषण की स्थिति की जानकारी ली और गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों को चिन्हित कर उन्हें पोषण प्रदान करने हेतु विशेष अभियान चलाने को कहा। उन्होंने नामांतरण, बटांकन, सीमांकन, जाति, आय और निवास प्रमाणपत्रों के कार्यों का समयबद्ध निपटारा करने के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर राहुल देव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। प्रभारी सचिव प्रभारी सचिव डॉ. भारतीदासन ने शिक्षक विहीन स्कूलों में शीघ्र शिक्षकों की नियुक्ति और आरटीई के तहत पात्र बच्चों को पूरी पारदर्शिता के साथ प्रवेश देने को कहा। पीएम जनमन योजना, एनआरएलएम और मनरेगा की जानकारी ली और कहा कि श्रमिकों के मजदूरी भुगतान लंबित न रहे। छात्रावासों में आवश्यक मरम्मत और साफ-सफाई की मूलभूत व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने समाधान शिविरों के माध्यम से प्राप्त आवेदनों की समीक्षा करते हुए कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य गांव, गरीब और आमजनों की समस्याओं का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों से मिशन मोड में कार्य कर जनता की समस्याओं का निवारण प्राथमिकता से करने को कहा। बैठक में प्रभारी सचिव डॉ. भारतीदासन ने गर्मी के मद्देनज़र पर्याप्त पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने और सूखे हैंडपंप वाले स्थानों पर वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश दिए। इसी प्रकार आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री वय वंदना जैसी योजनाओं में प्रगति लाने पर जोर दिया। उन्होंने खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने और सड़कों की मरम्मत शीघ्र कराने के निर्देश दिए। recent visitors 29

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 55 लाख रूपए के विकास कार्यों की घोषणा

रायपुर : शिक्षा को अपनाए और नशे से दूर रहें : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री खल्लारी में कंवर-पैंकरा समाज के महासभा में हुए शामिल  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 55 लाख रूपए के विकास कार्यों की घोषणा रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज महासमुंद जिले के खल्लारी ग्राम में आयोजित आदिवासी कंवर-पैंकरा समाज महासभा एवं वार्षिक अधिवेशन में शामिल हुए। इस विशेष अवसर पर मुख्यमंत्री का कंवर समाज के प्रतिनिधियों ने पारंपरिक आदिवासी रीति-रिवाजों से आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर महासभा का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने खल्लारी माई, भारत माता, छत्तीसगढ़ महतारी, राम जानकी भगवान एवं कंवर समाज की जयघोष के साथ अपने उद्बोधन की शुरुआत की। उन्होंने समाज के प्रति आभार व्यक्त करते हुए माता खल्लारी और राम जानकी मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जंगल सत्याग्रहियों की भूमि को नमन करते हुए कहा कि  मैं आप सभी का आशीर्वाद लेने आया हूं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर जंगल सत्याग्रह के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके परिजनों को शॉल, श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया। उन्होंने इस मौके पर 55 लाख रूपए के विकास कार्यों की घोषणा की, जिनमें राम-जानकी मंदिर परिसर में शेड निर्माण के लिए 20 लाख रुपये, कंवर समाज के छात्रावास निर्माण के लिए 25 लाख रुपये तथा सर्व-सुविधायुक्त शौचालय निर्माण के लिए 10 लाख रुपये की घोषणा शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु जनजातीय समाज से है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जनजातियों के कल्याण के लिए लगातार काम कर रहे हैं। आदिवासियों, विशेष पिछड़ी जनजातियों के विकास और कल्याण के लिए पीएम जनमन योजना और धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना शुरू की गई है। उन्होंने समाज से अपील की कि शिक्षा को प्राथमिकता दें और नशा मुक्ति की दिशा में कदम उठाएं। मुख्यमंत्री साय ने समाज के युवाओं को कौशल विकास और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनने का आह्वान  किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि 15 महीने की हमारी सरकार द्वारा अनेक विकास कार्य किए गए हैं। शपथ ग्रहण के तुरंत बाद 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए, जिनमें से 14 लाख आवास पूरे हो चुके हैं। प्रधानमंत्री द्वारा एक ही दिन में 3 लाख आवासों में गृह प्रवेश कराया गया। किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी की गई और धान के मूल्य की अंतर राशि के रूप में 12 हजार करोड़ रुपये प्रदाय किए गए। महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख महिलाओं को लाभ दिया जा रहा है। जिनका नाम छूट गया है, उन्हें भी जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री ने तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए संचालित योजनाओं, रामलला दर्शन योजना, और मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मोदी जी की गारंटी को हमारी सरकार पूरा कर रही है। उन्होंने बताया कि आवास प्लस सर्वे एप शुरू किया गया है, जिससे जिनके पास घर नहीं हैं, वे भी सर्वे में अपना नाम जुड़वा सकते हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को विकसित करना हमारा लक्ष्य है। कार्यक्रम में सांसद श्रीमती रूप कुमारी चौधरी, महासमुंद विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा, पूर्व सांसद चुन्नी लाल साहू, पूर्व विधायक प्रीतम सिंह दीवान, छत्तीसगढ़ बीज निगम के अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर, येतराम साहू, कंवर पैकरा समाज के प्रदेश अध्यक्ष हरबंश मिरी अनेक जनप्रतिनिधि, बड़ी संख्या में सामाजिकजन उपस्थित थे। recent visitors 24

पेयजल समीक्षा के लिए मुख्यमंत्री ने ली मैराथन बैठक

जयपुर मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने तापमान में अचानक हुई बढ़ोतरी के बाद पेयजल की मांग और उपलब्धता की स्थिति की समीक्षा के लिए मुख्यमंत्री निवास पर जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों के साथ लंबी बैठक की। मुख्यमंत्री ने बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि गर्मी में जनता को अगर पानी के लिए परेशान होना पड़ा, तो जिम्मेदार अफसरों की खैर नहीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल के दिनों में गर्मी तेजी से बढ़ी है, ऐसे में आमजन को बढ़ी हुई मांग के अनुसार पर्याप्त पेयजल मुहैया करवाया जाए। उन्होंने कहा कि सभी जिला कलक्टर्स कंटीन्जेंसी प्लान के अनुसार पेयजल प्रबंधन स्वयं की देखरेख में सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि शहरी के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी पानी की किसी तरह की किल्लत नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि अंतिम छोर के उपभोक्ताओं को भी पेयजल की कोई दिक्कत नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में पीएचईडी के फील्ड अधिकारी एवं कर्मचारी मुख्यालय पर उपस्थित रहें और बिना सक्षम अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ें। तेजी से पूरे करें नए हैण्डपम्प, नलकूप लगाने और पुरानों की मरम्मत के काम— मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि गर्मी को देखते हुए नए हैण्डपम्प, नलकूप लगाने, पुराने हैण्डपम्प, नलकूपों की मरम्मत, पाइपलाइनों को दुरस्त करने सहित पेयजल आपूर्ति सुदृढ़ीकरण के सभी कार्य 15 मई से पहले हर हाल में पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि पेयजल समस्या के समाधान के लिए जिला कलक्टरों को एक-एक करोड़ रुपए का अनटाइड फंड उपलब्ध करवाया गया है। अधिकांश जिलों में इस फंड का उपयोग करते हुए स्वीकृतियां जारी कर कार्य शुरू कर दिये गए हैं। उन्होंने शेष जिलों के जिला कलक्टरों को भी स्वीकृतियां शीघ्र जारी कर कार्य दी गई समयसीमा में पूरा करवाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 मई से पहले गत वर्ष बजट में स्वीकृत सभी हैंडपम्प और नलकूपों को चालू कर दिया जाए तथा इस बजट में स्वीकृत किए गए 1000 नए नलकूप और 2500 नए हैण्डपम्प की वित्तीय स्वीकृति भी जल्द जारी कर कार्य शीघ्र शुरू किया जाए। बैठक में बताया गया कि गर्मी के मौसम को देखते हुए अप्रैल माह में 2 लाख 35 हजार से अधिक हैण्डपम्पों की मरम्मत की गई है। गत वर्ष बजट में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए 5 नलकूप और 10 हैण्डपम्प स्वीकृत किए गए थे। इनमें से 800 से अधिक नलकूप और 1400 हैण्डपम्प इस माह के अंत तक क्रियाशील हो जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जिलों में गर्मी के दौरान पेयजल आपूर्ति की सुचारू व्यवस्था के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में 142 करोड़ रुपए के 1244 कार्य और शहरी क्षेत्रों में 68 करोड़ रुपए के 153 कार्य स्वीकृत कर जरूरत के अनुसार नलकूपों की गहराई बढ़ाने, पाइप लाइन डालने और बदलने तथा पम्पसेट आदि की मरम्मत के काम करवाए जा रहे हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि जो कार्य अभी तक भी प्रारम्भ नहीं हुए हैं, वे 10 दिन के भीतर शुरू कर आगामी 15 मई से पहले पूरे कर लिए जाएं। उन्होंने कहा कि अप्रैल से जुलाई तक गर्मी के पीक सीजन में टैंकरों से पेयजल की मांग पूरी करने के लिए ग्रामीण क्षेत्र में 82 करोड़ और शहरी क्षेत्र में 25 करोड़ रुपए की स्वीकृति जारी कर दी गई है। कंट्रोल रूम नम्बरों का करें व्यापक प्रचार-प्रसार— मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएचईडी अधिकारी बिजली विभाग के अधिकारियों से समन्वय बना कर रखें ताकि पीक लोड के कारण बिजली ट्रिपिंग, फॉल्ट आदि की स्थिति में भी नलकूपों की विद्युत आपूर्ति बाधित नहीं हो। उन्होंने कहा कि पेयजल संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए राज्य स्तर एवं जिला स्तर पर स्थापित कंट्रोल रूम्स के नम्बरों का व्यापक प्रचार-प्रसार कर इन पर आने वाली शिकायतों का त्वरित और समयबद्ध निस्तारण किया जाए। नहरबंदी के दौरान रखें जल भंडारण की पूरी व्यवस्था— मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि पश्चिमी राजस्थान के जिलों में नहरबंदी के दौरान भी पेयजल की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी, इसके लिए उन्होंने स्वयं हनुमानगढ़ और गंगानगर के दौरे के दौरान अधिकारियों से चर्चा कर स्थिति की समीक्षा की है। पेयजल की व्यवस्था सुचारू रखने के लिए नहरबंदी के दौरान पहले माह में आंशिक क्लोजर ही रखा गया है और पेयजल के लिए पानी उपलब्ध करवाया जा रहा है। पूर्ण नहरबंदी के समय पेयजल आपूर्ति के लिए पीएचईडी अधिकारियों को जल भंडारण की पूरी व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसी माह जारी होंगे जेजेएम के 5 हजार वर्क ऑर्डर— मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार ने हमारे आग्रह पर जल जीवन मिशन की अवधि वर्ष 2028 तक बढ़ा दी है। उन्होंने जल जीवन मिशन में शेष वर्क आर्डर शीघ्र जारी करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अप्रेल माह में 5 हजार करोड़ के कार्यादेश जारी कर जेजेएम के कार्यों को गति प्रदान की जाए। उन्होंने जल जीवन मिशन योजनाओं को सफलतापूर्वक चलाने के लिए संचालन एवं संधारण नीति शीघ्र जारी किये जाने के निर्देश प्रदान किये। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव (पीएचईडी) श्री भास्कर ए. सावंत ने बताया कि विभाग की वृहद परियोजनाओं में कार्ययोजना बनाकर समयबद्ध तरीके से इनके कार्य करवाए जा रहे हैं। अक्टूबर 2025 तक 59 परियोजनाओं के लिए 44 हजार 889 करोड़ रुपए की राशि जारी कर दी जाएगी। इसके लिए फंड की व्यवस्था में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। हुडको, आरईसी जैसी संस्थाओं के माध्यम से भी ऋण की व्यवस्था की जा चुकी है। बढ़े हुए जल शुल्क की अधिसूचना जारी की जाकर हुडको से ऋण प्राप्त करने की कार्रवाई जारी है।     recent visitors 32

कक्षा 8वीं तक के सभी विद्यालयों में दोपहर 12 बजे तक का समय निर्धारित: जिला शिक्षा अधिकारी

भोपाल भोपाल जिले में तापमान में लगातार वृद्धि को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने जिले के कक्षा 8वीं तक के सभी विद्यालयों में दोपहर 12 बजे तक का समय निर्धारित किया है। यह आदेश विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को दृष्टिगत रखते हुए जिला कलेक्टर के निर्देश पर 9 अप्रैल 2025 को जारी किया गया है। निर्देश में कहा गया है कि कक्षा 8वीं तक की किसी भी शाला में दोपहर 12 बजे के बाद अध्यापन कार्य नहीं होगा।   recent visitors 26