तमिलनाडु में चौंकाने वाला मामला, दिखा वक्फ संसोधन बिल का असर, 150 परिवारों को दरगाह ने दिया बेदखली का नोटिस

वेल्लोर तमिलनाडु के वेल्लोर जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां कट्टुकोल्लई गांव में लगभग 150 परिवारों पर आरोप लगाया गया है कि वे वक्फ संपत्ति पर अवैध कब्जा करके रह रहे हैं। इसके लिए एक दरगाह ने उन्हें बेदखली का नोटिस भी जारी किया है जिसके बाद गांव में तनाव की स्थिति बन गई है। इन नोटिसों के जवाब में कांग्रेस विधायक हसन मौलाना ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया है कि किसी को भी गांव से बेदखल नहीं किया जाएगा। हालांकि, मौलाना ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर वक्फ बोर्ड के पास जमीन से जुड़े कानूनी दस्तावेज हैं और उनकी वैधता सिद्ध होती है, तो ग्रामीणों को थोड़ा किराया देना पड़ सकता है। उन्होंने कहा, "एक बार वक्फ, हमेशा वक्फ होता है।" क्या है पूरा मामला? मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, विवाद की शुरुआत तब हुई जब कट्टुकोल्लई गांव के लगभग 150 परिवारों को एफ. सैयद सथाम नामक व्यक्ति की ओर से नोटिस भेजे गए। सथाम का दावा है कि यह जमीन एक स्थानीय दरगाह की वक्फ संपत्ति है, जो 1954 से वक्फ बोर्ड के अधीन है। नोटिस के अनुसार, एक ग्रामीण बालाजी पर आरोप है कि उसने वक्फ भूमि (सर्वे नंबर 362) पर मकान और दुकान बना ली है। नोटिस में कहा गया है कि सभी निवासियों को वक्फ नियमों का पालन करना होगा, अनुमति लेनी होगी और ग्राउंड रेंट देना होगा – अन्यथा उन्हें कानूनी रूप से बेदखल किया जा सकता है। वक्फ बोर्ड का पक्ष सैयद सथाम 2021 में अपने पिता की मृत्यु के बाद दरगाह और मस्जिद के संरक्षक बने थे। उनका कहना है कि उनके पास जमीन के मालिकाना हक से जुड़े दस्तावेज हैं। उन्होंने बताया कि उनके पिता अशिक्षित थे और उन्हें औपचारिकताओं की जानकारी नहीं थी, इसलिए उन्होंने ग्रामीणों से कभी किराया नहीं वसूला। अब वे इस "गलती" को सुधारना चाहते हैं। सथाम ने कहा कि अभी दो और नोटिस भेजे जाएंगे, और यदि फिर भी प्रतिक्रिया नहीं मिली तो वे मामला हाई कोर्ट में ले जाएंगे। ग्रामीणों का विरोध वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि वे चार पीढ़ियों से इस जमीन पर रह रहे हैं और इसे अपनी पुश्तैनी संपत्ति मानते हैं। उन्होंने पक्के सरकारी दस्तावेज, पेंचायत टैक्स भुगतान और घर निर्माण की अनुमति जैसे प्रमाण भी दिखाए हैं। ग्रामीणों का गुस्सा इस बात को लेकर है कि जब सथाम के पिता ने कभी किराया नहीं मांगा, तो अब अचानक यह मांग क्यों उठ रही है। विवाद ने तब तूल पकड़ा जब डरे-सहमे ग्रामीण बड़ी संख्या में वेल्लोर के जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। हिंदू मुनानी के डिवीजनल सेक्रेटरी प्रवीण कुमार ने प्रशासन से अनुरोध किया कि ग्रामीणों को पट्टा (भूमि का वैध स्वामित्व प्रमाण पत्र) दिया जाए ताकि वे अपने घर और आजीविका को लेकर आश्वस्त हो सकें। जिला प्रशासन की भूमिका स्थानीय निवासियों के अनुसार, वेल्लोर जिला कलेक्टर ने अनौपचारिक रूप से उन्हें सलाह दी है कि वे फिलहाल कोई किराया न दें। हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक इस मुद्दे पर आधिकारिक बयान नहीं आया है। यह विवाद न केवल कानूनी पहलू से जुड़ा है, बल्कि सामाजिक और भावनात्मक स्तर पर भी ग्रामीणों के लिए चिंता का कारण बना हुआ है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि वक्फ बोर्ड के दावे कितने वैध साबित होते हैं और प्रशासन इसका समाधान किस प्रकार निकालता है। recent visitors 64

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पहले चरण में लगभग 2.35 लाख परिवारों को बीमा दिए जाने की घोषणा की थी

नई दिल्ली दिल्ली में मोहल्ला क्लीनिक की जगह अब आरोग्य मंदिर नजर आएंगे। दिल्ली सरकार पहले चरण में कुल 70 आरोग्य मंदिर की शुरुआत करेगी। प्रत्येक विधानसभा में एक आरोग्य मंदिर शुरू किया जाएगा। दिल्ली सरकार के सूत्रों की मानें तो अगले एक महीने में यह तैयार हो जाएंगे। यहां प्राथमिक चिकित्सा की सभी सुविधाएं मिलेंगी। यह आरोग्य मंदिर आयुष्मान भारत योजना के तहत खोले जा रहे हैं। सरकार का कहना है कि अगले एक साल में 1139 आरोग्य मंदिर खोले जाएंगे। दिल्ली सरकार ने 5 अप्रैल को ही राजधानी में योजना को लेकर केंद्र सरकार के साथ समझौता किया था। उसके बाद 10 अप्रैल को आयुष्मान योजना के साथ स्वास्थ्य सेवाओं की बुनियादी संरचना को विकसित करने के लिए एक और समझौता किया है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पहले चरण में लगभग 2.35 लाख परिवारों को बीमा दिए जाने की घोषणा की थी। आयुष्मान भारत योजना 27 विशेषज्ञताओं में 1,961 चिकित्सा प्रक्रियाओं के लिए मुफ्त और ‘कैशलेस’ उपचार प्रदान करती है, जिसमें दवाओं, नैदानिक ​​सेवाओं, अस्पताल में भर्ती होने, आईसीयू देखभाल, सर्जरी और अन्य लागत शामिल हैं। इस योजना के तहत, दिल्ली में पात्र परिवारों को 10 लाख रुपये तक का वार्षिक स्वास्थ्य कवर मिलेगा, जिसमें से पांच लाख रुपये केंद्र और शेष पांच लाख रुपये दिल्ली सरकार प्रदान करेगी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा था कि राजधानी में इस योजना के लागू होने से दिल्ली के 6.54 लाख पात्र परिवारों, यानी करीब 30 लाख लोगों को 10 लाख रुपये तक का वार्षिक स्वास्थ्य बीमा मिलेगा। इसके अलावा, 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के करीब छह लाख लोगों को, चाहे उनकी आर्थिक स्थिति कुछ भी हो, आयुष्मान वय वंदना योजना के तहत पांच लाख रुपये के वार्षिक बीमा के पात्र होंगे। आयुष्मान वय वंदना योजना पिछले वर्ष नवंबर में शुरू हुई थी। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा था कि दिल्ली में इस योजना के लाभार्थी भारत भर में आयुष्मान योजना के तहत सूचीबद्ध लगभग 30,957 अस्पतालों में भी इलाज करा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम उन 24 नए अस्पतालों का निर्माण पूरा करेंगे, जो पिछली सरकार द्वारा अधूरे छोड़े गए थे। हमने इसके लिए दिल्ली सरकार के बजट में 1,000 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। इससे दिल्ली के अस्पतालों में करीब 17,000 बिस्तर बढ़ जाएंगे। recent visitors 59

Inspiring teachings of Ramakrishna Paramahamsa: शरीर ही नहीं, मन की भी होनी चाहिए सफाई

Inspiring teachings of Ramakrishna Paramahamsa

Inspiring teachings of Ramakrishna Paramahamsa: Not only the body, but the mind should also be cleansed लाइफस्टाइल डेस्क: Inspiring teachings of Ramakrishna Paramahamsa उन संतों में से थे, जिनका आचरण साधारण नहीं, बल्कि अलौकिक था। उनका व्यवहार सहज, ईश्वर के प्रेम में डूबा हुआ था। वे कभी भक्तिभाव में रोने लगते, कभी अचानक आनंद से झूमने लगते थे। कई बार मां काली की मूर्ति के सम्मुख समाधि की अवस्था में पहुंच जाते थे। उनके शिष्य यह भलीभांति जानते थे कि उनके गुरु हर कार्य अपने ही अद्भुत अंदाज में करते हैं। एक ऐसा काम था, जिसे परमहंसजी अत्यंत एकाग्रता और गहराई से करते थे, वह काम था उनका लोटा मांजना यानी साफ करना। परमहंसजी के पास एक साधारण पीतल का लोटा था, जिसका उपयोग वे केवल निजी कार्यों के लिए करते थे। किंतु वह लोटा उनके लिए केवल एक बर्तन नहीं था। वे दिन में तीन से चार बार उसे रगड़-रगड़ कर चमकाते। सुबह उठते ही और रात को सोने से पहले लोटा मांजना उनकी दिनचर्या का हिस्सा था। वे अंगूठे से भीतर-बाहर उसे इतनी लगन से मांजते कि उसमें प्रतिबिंब साफ दिखाई देने लगे। Inspiring teachings of Ramakrishna Paramahamsa शिष्य प्रतिदिन यह दृश्य देखते और चकित होते, एक आत्मज्ञानी संत, जिनके लिए संसार का कोई आकर्षण नहीं, वह एक लोटे को इतनी लगन से क्यों साफ करते हैं? एक दिन शिष्यों ने पूछा कि – “गुरुदेव, ये लोटा तो हम भी साफ कर सकते हैं, फिर आप ही इसे इतनी तन्मयता से क्यों मांजते हैं? क्या यह कोई विशेष लोटा है?” रामकृष्ण परमहंस मुस्कराए, उनकी आंखों में करुणा और ज्ञान की चमक थी। उन्होंने कहा, “हां, ये लोटा विशेष है, क्योंकि ये मेरा मन है। मैं जब इस लोटे को मांजता हूं तो ये नहीं सोचता कि ये सिर्फ पीतल का बर्तन है। मैं इसे प्रतीक मानता हूं अपने मन का। जिस प्रकार इस पर दिन भर धूल जमती है, ठीक वैसे ही हमारे मन पर भी हर पल विचारों की गंदगी जमा होती रहती है। अगर मैं एक बार भी इसकी सफाई छोड़ दूं तो ये गंदा हो जाएगा, जैसे मन की गंदगी इंसान को भ्रमित कर देती है। लोटे को मांजते समय मैं खुद को याद दिलाता हूं कि अपने मन को भी इसी श्रद्धा, सतर्कता और नियमितता से साफ करना चाहिए, क्योंकि एक गंदा मन, हमें पाप की ओर धकेल सकता है।” Read more: हिमाचल 78वां स्थापना दिवस विशेष : CM सुक्खू पांगी में, जिलों में मंत्री फहराएंगे तिरंगा रामकृष्ण परमहंस की सीख हमें न केवल अपने शरीर और आसपास की, बल्कि अपने मन की पवित्रता की भी चिंता करनी चाहिए। जब तक मन शुद्ध नहीं होगा, तब तक कर्म और भावनाएं भी पवित्र नहीं हो सकतीं। यदि मन पर ध्यान नहीं देंगे तो मन हमें पथभ्रष्ट कर सकता है। बाहरी सफाई के साथ ही हमें मन के नकारात्मक विचारों को दूर करते रहना चाहिए, तभी जीवन में सुख-शांति आ सकती है। recent visitors 114

श्रेयस अय्यर का धमाका, दूसरी बार इस अवॉर्ड को किया अपने नाम

मुंबई टीम इंडिया के विस्फोटक मिडल-ऑर्डर बैटर श्रेयस अय्यर ने मार्च महीने के लिए आईसीसी का प्रतिष्ठित 'प्लेयर ऑफ द मंथ' अवॉर्ड जीता है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने मंगलवार को ये ऐलान किया। अय्यर को न्यूजीलैंड के जैकब डफी और रचिन रविंद्र से कड़ी टक्कर मिली। अय्यर ने चैंपियंस ट्रॉफी में बल्ले से गदर मचा दिया था। उन्होंने टूर्नामेंट में 243 रन ठोके थे और हाईएस्ट रन-स्कोरर थे। श्रेयस अय्यर की विस्फोटक पारियों ने टीम इंडिया को चैंपियंस ट्रॉफी का चैंपियन बनने में बड़ी भूमिका निभाई। प्लेयर ऑफ द मंथ चुने जाने पर श्रेयस अय्यर की प्रतिक्रिया आईसीसी ने अपने आधिकारिक वेबसाइट पर श्रेयस अय्यर की प्रतिक्रिया छापी है। प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजे जाने के बाद उन्होंने कहा, 'मैं मार्च महीने के लिए आईसीसी के मेन्स प्लेयर ऑफ द मैच चुने जाने पर बहुत सम्मानित महसूस कर रहा हूं। यह अविश्वसनीय तौर पर स्पेशल है, खासकर उस महीने में जब हमने आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी उठाई हो- एक ऐसा पल जिसे हमेशा संजोकर रखेंगे।' फरवरी के लिए शुभमन गिल चुने गए थे सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटर श्रेयस अय्यर से पहले भारत के शुभमन गिल ने आईसीसी प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड जीता था। उन्हें फरवरी महीने के लिए सर्वश्रेष्ठ पुरुष क्रिकेटर चुना गया था। इस तरह लगातार दो महीनों से टीम इंडिया के खिलाड़ी आईसीसी के इस प्रतिष्ठित अवॉर्ड को अपने नाम कर रहे हैं। श्रेयस अय्यर ने चैंपियंस ट्रॉफी में किया था कमाल अय्यर ने चैपियंस ट्रॉफी में न्यूजीलैंड के खिलाफ लीग मुकाबले में 79 गेंद पर 98 रनों की पारी खेली थी। इसी तरह उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल में 45 गेंदों में 62 रनों की पारी खेली। फाइनल में भी उनका बल्ला खूब गरजा। न्यूजीलैंड के खिलाफ चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल मैच में अय्यर ने 48 गेंदों पर 62 रन बनाए थे और भारत को चैंपियन बनाने में बड़ी भूमिका निभाई थी। आईपीएल में भी खूब रन बरसा रहा श्रेयस अय्यर का बल्ला श्रेयस अय्यर का बल्ला इस आईपीएल सीजन में भी खूब रन बरसा रहा है। पंजाब किंग्स के कप्तान ने अबतक 5 मैचों में 208 के स्ट्राइक रेट से 250 रन बना चुके हैं। recent visitors 61

मौसम ने छत्तीसगढ़ में बदली करवट, गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ेंगी, रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग सहित 24 जिलों में आज बूंदाबांदी के आसार

रायपुर छत्तीसगढ़ में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की वजह से पिछले एक हफ्ते से मौसम बदला हुआ है। 4 दिन आंधी बारिश का अलर्ट है, वहीं 24 जिलों में आज बूंदाबांदी की संभावना है। आंधी बारिश के बावजूद सबसे ज्यादा गर्म राजनांदगांव है, जहां 39 डिग्री टेम्प्रेचर है। हीं अगले 3 दिनों में अधिकतम तापमान में बदलाव के आसार नहीं है। उसके बाद अधिकतम तापमान में 2-3 डिग्री की बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। रायपुर में दिन का तापमान सामान्य से कम आज धूप-छांव वाला मौसम होगा। कहीं-कहीं बूंदाबांदी हो सकती है। रायपुर में अधिकतम तापमान 37 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है। सोमवार को दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। रविवार को अधिकतम तापमान 39.8 डिग्री था जो सोमवार को लुढ़क कर 37.6 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। यह सामान्य से 1.7 डिग्री कम था। वहीं न्यूनतम तापमान 25.2 डिग्री रहा, जो सामान्य से 0.6 डिग्री ज्यादा था। बिलासपुर में 3 डिग्री लुढ़का दिन का पारा यहां सोमवार को दिन का पारा सामान्य से करीब 3 डिग्री कम रहा। जिसकी वजह से लोगों को तेज गर्मी से राहत मिली। अधिकतम तापमान 38.2 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं रात का पारा 23.8 डिग्री रहा। मौसम विभाग के मुताबिक यहां अगले 2 दिन अधिकतम तापमान में गिरावट होगी। रायपुर में धूप- छांव भरा रहा मौसम सोमवार को राजधानी रायपुर में धूप- छांव वाला मौसम रहा और अधिकतम तापमान 40 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री के आसपास रहने की संभावना जताई गई है। रविवार को दिन का टैम्प्रेचर 39.8 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। जो कि, सामान्य से 0.5 डिग्री अधिक था। न्यूनतम तापमान 25.5 डिग्री रहा, जो सामान्य से 0.9 डिग्री ज्यादा था। वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण रविवार को सरगुजा संभाग के कुछ स्थानों में बूंदाबांदी हुई। अंबिकापुर में अधिकतम तापमान 33.9 डिग्री रहा। जो नॉर्मल टेम्प्रेचर से 3 डिग्री कम था। वहीं रात का पारा 21.6 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। जो कि, सामान्य से 0.5 डिग्री अधिक रहा। recent visitors 53

शिक्षा का अधिकार प्रथम चरण में ऑनलाइन आवेदन 1,04,317 आवेदन मिले, एक और दो मई को होगा सीटों का आवंटन

रायपुर  शिक्षा का अधिकार (Right to Education) से निजी स्कूलों में प्रवेश की प्रक्रिया शुरू है। प्रथम चरण में ऑनलाइन आवेदन 1,04,317 आवेदन मिल चुके हैं। हालांकि अभी दूसरे चरण में आवेदन करने की तिथि निर्धारित है, लेकिन आवेदन शुरू नहीं हुए। दरअसल, पहले चरण की अंतिम तिथि आठ अप्रैल को थी। 2025-26 सत्र में प्रदेशभर के 6,732 स्कूल में प्रवेश दिए जाएंगे। इस सत्र 51,978 सीटों में प्रवेश दिए जाएंगे। दरअसल, शिक्षा सत्र 2025-26 में प्रवेश के लिए केजी-वन और कक्षा पहली में प्रवेश के लिए कार्रवाई जारी है। अब 25 अप्रैल तक नोडल अधिकारी मिले दस्तावेजों की जांच करेंगे। लॉटरी से सीटों का आवंटन एक और दो मई को किया जाएगा। इसके बाद पांच से 30 मई तक चिह्नित स्कूलों में लॉटरी में चयनित विद्यार्थियों को प्रवेश देने की प्रक्रिया चलेगी। दोगुने मिले थे आवेदन, फिर भी नहीं भरी सीटें गौरतलब है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Admissions) के अंतर्गत बीते सत्र निजी स्कूलों में आठ हजार से अधिक सीटें खाली रह गई हैं। बीते सत्र में प्रदेशभर में 6,749 निजी स्कूलों में 54,367 सीटें थी। इनमें 46,219 में दाखिला हुआ। जबकि 8,000 सीटें खाली रह गई हैं। वहीं, एक लाख 22 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए थे। फिर भी सीटें नहीं भर पाई हैं। यह स्थिति तब बनी है, जब सीटों की संख्या से दोगुना आवेदन आया था। वहीं, रायपुर जिले में लगभग 800 निजी स्कूलों में आरटीई के तहत 6,000 सीटें आरक्षित हैं, जिनमें से लगभग 1,000 सीटें खाली रह गई थी। वहीं, इस सत्र भी ऐसी स्थिति निर्मित हो रही है। प्रदेश में शिक्षा विभाग ने आरटीई के तहत प्रवेश देने के लिए लॉटरी प्रणाली को लागू किया है। इसके तहत निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटें आरटीई के तहत भरी जानी अनिवार्य हैं। ऑनलाइन और ऑफलाइन होंगे आवेदन प्रदेश में सत्र 2025-26 में 403 स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय और 348 स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय संचालित है। इन स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी/हिंदी माध्यम विद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया शिक्षा विभाग ने निर्धारित कर दी है। प्रवेश के लिए आवेदन पांच मई तक कर सकते हैं। इन विद्यालयों में प्रवेश आवेदन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से किया जा सकेगा। ऑनलाइन आवेदन सेजेस पोर्टल से करना होगा। एक विद्यार्थी एक विद्यालय के लिए ही आवेदन कर सकेगा। वहीं, पहले चरण की प्रवेश की अन्य आवश्यक कार्रवाई 11 मई से 15 मई को होगा। अधिक आवेदन की स्थिति में लॉटरी के माध्यम से सीट आवंटन छह मई से 10 मई तक होंगे। महतारी दुलार योजना में देना होगा पालक का डेथ सर्टिफिकेट महतारी दुलार योजना अंतर्गत कोरोना महामारी के कारण अनाथ हुए बच्चों को विशेष प्राथमिकता से प्रवेश दिया जाएगा। प्रवेश के लिए आवेदन पत्र के साथ मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमओ) द्वारा जारी पालक का मृत्यु प्रमाण पत्र देना होगा। इसी तरह बीपीएल एवं आर्थिक रूप से कमजोर पालकों के बच्चों को कुल रिक्त सीट के 25 प्रतिशत सीटों के विरूद्ध प्रवेश दिया जाएगा। पालकों को सक्षम अधिकारी द्वारा जारी आय प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। कुल रिक्त पदों के 25 प्रतिशत सीटों पर आवेदक बच्चों का प्रवेश लॉटरी सिस्टम से होगा। यानी कंप्यूटर के माध्यम से रेंडमली चयन किया जाएगा। रिक्त सीट के विरूद्ध अधिक पात्र आवेदक होने पर लॉटरी से चयन किया जाएगा। सीटें खाली रहने पर दूसरे चरण की प्रक्रिया द्वितीय चरण नवीन स्कूल पंजीयन, दर्ज संख्या प्रविष्टि एवं जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा सत्यापन दो जून से 16 जून तक किया जाएगा। फिर छात्र पंजीयन (आवेदन) 20 जून से 30 जून तक होगा। नोडल अधिकारियों द्वारा दस्तावेजों की जांच एक जुलाई से आठ जुलाई तक होगा। लॉटरी एवं आवंटन 14 जुलाई से 15 जुलाई को होगा। स्कूल में दाखिला प्रक्रिया 18 जुलाई से 31 जुलाई तक होगा। recent visitors 44

गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में कैंप के दौरान हिंदू छात्रों को जबरन नमाज़ पढ़वाने का मामला सामने आया

 बिलासपुर छत्तीसगढ़ के गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में एक एनएसएस (राष्ट्रीय सेवा योजना) कैंप के दौरान हिंदू छात्रों को जबरन नमाज़ पढ़वाने का मामला सामने आया है। छात्रों ने इस संबंध में कोनी थाना में शिकायत दर्ज कराई है। यह कैंप 26 मार्च से 1 अप्रैल 2025 तक आयोजित किया गया था, जिसमें विश्वविद्यालय के कुल 159 छात्र शामिल हुए थे। ईद के दिन नमाज पढ़वाने का आरोप छात्रों का कहना है कि 30 मार्च को ईद के दिन कैंप में सभी छात्रों को एकत्र कर नमाज अदा करने के लिए मजबूर किया गया। छात्रों का आरोप है कि NSS कोऑर्डिनेटर और प्रोग्राम ऑफिसर ने इसे धार्मिक सद्भावना का प्रतीक बताते हुए अनिवार्य उपस्थिति दर्ज करवाई। कैंप (Bilaspur NSS Camp) में शामिल 159 छात्रों में केवल 4 मुस्लिम छात्र थे, जबकि बाकी सभी छात्र हिंदू समुदाय से थे। कोटा ब्लॉक के शिवतराई में लगा था कैंप छात्रों ने बताया कि सेंट्रल यूनिवर्सिटी में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई की ओर से कोटा ब्लॉक के वनांचल क्षेत्र शिवतराई में 26 मार्च से 1 अप्रैल तक कैंप लगा था, वहीं नमाज पढ़वाया गया है। छात्रों का आरोप- योगा क्लास में नमाज पढ़ने मजबूर किया छात्रों ने अपनी शिकायत में बताया है कि जब एनएसएस कैंप में रोज सुबह योगा क्लास लगाया जाता था, तब वहां हिंदू छात्रों को नमाज पढ़ने के लिए मजबूर किया जाता था। छात्रों ने नमाज पढ़ने का विरोध भी किया। लेकिन, प्रोग्राम ऑफिसर और कोआर्डिनेटर उन्हें डराते-धमकाते रहे और अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के साथ ही सर्टिफिकेट नहीं देने की चेतावनी देते रहे। छात्रों ने बताया कि बाकी दिनों की तरह एनएसएस कैंप में सुबह 6:15 से 7:00 बजे योग करने छात्र एकत्रित हुए, जिसमें कुल 159 छात्र कैंप में थे। इसमें 4 छात्र मुस्लिम थे। 31 मार्च को मुसलमानों का त्योहार ईद उल फितर था अचानक से कोऑर्डिनेटर ने चारों मुस्लिम छात्रों को मंच पर बुलाया और बाकी छात्रों को मुस्लिम छात्रों द्वारा जो मंच पर नमाज अदा करने की प्रक्रिया की गई और उसका जस का तस दोहराने और सीखने का आदेश दिया। फैक्ट फाइंडिंग कमेटी करेगी जांच गुरु घासीदास सेन्ट्रल यूनिवर्सिटी की मीडिया प्रभारी MN त्रिपाठी ने बताया कि यूनिवर्सिटी को इस तरह की कोई शिकायत नहीं मिली है। मीडिया से जानकारी मिली है, जिसकी जांच और सच्चाई का पता लगाने के लिए फैक्ट फाइंडिंग कमेटी गठित की गई है। तथ्य जुटा रही पुलिस कोनी थाना टीआई लखेश्वर केंवट ने बताया कि यूनिवर्सिटी के छात्रों ने शिकायत कर NSS कैम्प में नमाज पढ़ाने का आरोप लगाया, जिसकी जांच की जा रही है। मामले में यूनिवर्सिटी प्रबंधन से भी जानकारी लेकर तथ्य जुटाए जा रहे हैं। अपराध घटित होना पाए जाने पर केस दर्ज किया जाएगा। छात्रों का मोबाइल कराया जमा छात्रों ने बताया कि एनएसएस कैंप के दौरान उनका मोबाइल जमा करा लिया गया था, ताकि वो इसका वीडियो-फोटो न बना सके। यही वजह है कि उनके पास इस घटना का कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। इस दौरान छात्रों को नमाज पढ़ने के तरीके सिखाए गए। छात्रों के धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन शिकायत दर्ज कराने वाले छात्रों का कहना है कि यह धार्मिक स्वतंत्रता का सीधा उल्लंघन है। छात्रों का आरोप है कि उन्हें बिना किसी सहमति के धार्मिक गतिविधियों में शामिल किया गया, जो उनकी व्यक्तिगत आस्था के खिलाफ है। छात्रों का यह भी कहना है कि यदि ऐसी स्थिति उल्टी होती, तो भारी हंगामा होता। मामले को लेकर अब तक विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, जिससे छात्रों और अभिभावकों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। छात्रों द्वारा की गई शिकायत को कोनी थाना पुलिस ने स्वीकार कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। क्या कहता है संविधान ? यह मामला एक बार फिर शिक्षा संस्थानों में धर्म और सेकुलरिज़्म की सीमाओं को लेकर बहस छेड़ रहा है। बता दें, भारतीय संविधान अनुच्छेद 25 के तहत हर नागरिक को धार्मिक स्वतंत्रता प्राप्त है, लेकिन किसी पर धर्म विशेष का पालन थोपना असंवैधानिक है। आने वाले दिनों में यह मामला और भी तूल पकड़ सकता है। recent visitors 31