ट्रंप प्रशासन ने अवैध रूप से रह रहे लोगों को चेतावनी देते हुए कहा, आज आखिरी दिन, रजिस्टर हो या भुगतो

वाशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन यूएस में रहने वाले विदेश नागरिकों पर और सख्ती बरतने जा रहा है। अवैध प्रवासियों को देश से बाहर निकालने के अपने अभियान के तहत अमेरिका के होमलैंड सिक्योरिटी विभाग के सचिव क्रिस्टी नोएम ने 30 दिनों से ज्यादा समय से अमेरिका में रह रहे लोगों को एलियन रजिस्ट्रेशन एक्ट के तहत खुद को रजिस्टर कराने का कहा है। उन्होंने अवैध रूप से रह रहे लोगों को चेतावनी देते हुए कहा कि 11 अप्रैल रजिस्टर कराने की आखिरी तारीख है। अगर वह आदेश को नहीं मानते हैं तो परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहें। इससे पहले अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग ने विदेशी नागरिकों के लिए एक प्रेस रिलीज जारी करके कहा था कि ऐसे सभी विदेशी नागरिकों, जो 30 दिन से ज्यादा समय से अमेरिका में रह रहे हैं उन्हें सरकार के साथ एलियन एक्ट के तहत रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य है। अगर वह ऐसा नहीं करते हैं तो इसे अपराध माना जाएगा और कानून के अनुसार इसके लिए उन पर जुर्माना या जेल भेजा जा सकता है। इतना ही नहीं जरूरत पड़ने पर उनका वीजा रद्द कर उन्हें डिपोर्ट भी किया जा सकता है। नोएम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप और मेरे पास अमेरिका में रह रहे सभी अवैध प्रवासियों के लिए बस एक ही संदेश है कि अभी चले जाओ.. यदि आप अभी चले जाते हैं तो आपको वापस लौटने और अपनी स्वतंत्रता आनंद लेने के साथ-साथ अमेरिकी सपने को जीने का एक नया अवसर मिल सकता है। अगर नहीं, तो यकीन मानिए आपको गिरफ्तार किया जाएगा, जुर्माना लगाया जाएगा, निर्वासित किया जाएगा और आप फिर कभी भी हमारे देश में वापस नहीं आ पाएंगे। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट ने भी नोएम की बात को दोहराते हुए कहा कि आज आखिरी दिन है। राष्ट्रपति ट्रंप और नोएम पहले ही अपनी बात को साफ कर चुके हैं। सभी लोगों को 11 अप्रैल तक अपने आप को सरकार के साथ एलियन रजिस्ट्रेशन एक्ट के तहत रजिस्टर करा लेना चाहिए नहीं तो.. इसके परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहना चाहिए। लैविट के मुताबिक 11 अप्रैल या उसके बाद आने वाले लोगों को आगामी 30 दिनों के अंदर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को पूरा करना होगा। वैध रूप से रह रहे भारतीयों पर क्या होगा असर? अमेरिका में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग भी रह रहे हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक जो लोग अमेरिका में वैध वीजा लेकर प्रवेश करते हैं उनके पास ग्रीन कार्ड, रोजगार दस्तावेज, बॉर्डर पार करने का कार्ड या l-94 रिकॉर्ड होता है। ऐसे में वह पहले से ही सरकार के साथ पंजीकृत हैं उन्हें इस प्रक्रिया से कोई फर्क नहीं पडेगा। हालांकि ट्र्ंप प्रशासन के मुताबिक ऐसे लोगों को चौबीसों घंटे अपने साथ अपने ऐसे दस्तावेज रखने होंगे। इतना ही नहीं ऐसे नागरिकों के बच्चों को भी अपने 14वें जन्मदिन के 30 दिनों के भीतर अपना रजिस्ट्रेशन कराना और अपने फिंगरप्रिंट देने होंगे। recent visitors 86

राज्य सरकार ने सरकारी स्कूलों में प्री प्राइमरी शिक्षकों के 6297 पदों को भरने की मंजूरी दी, र्ती इसी महीने होगी शुरू

शिमला नियम व विवादों की उधेड़बुन में फंसी प्री प्राइमरी शिक्षक भर्ती का रास्ता साफ हो गया है। राज्य सरकार ने सरकारी स्कूलों में प्री प्राइमरी शिक्षकों के 6297 पदों को भरने की मंजूरी दे दी है। प्री नर्सरी कक्षाओं वाले स्कूलों में भर्ती किए जाने वाले शिक्षकों को सरकार ने प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा प्रशिक्षक का पदनाम दिया है। इसी महीने इसके लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। भर्तियों को लेकर अब कोई विवाद नहीं हिमाचल प्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक निगम के माध्यम से यह भर्तियां की जाएगी। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अध्यक्षता में बीते रोज आयोजित समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया है। बैठक में भर्तियों के मामले पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि भर्तियों को लेकर कोर्ट ने जो रोक लगाई थी वह हट गई है। अब इसमें कोई विवाद नहीं है। इलेक्ट्रानिक निगम ने बताया कि कंपनियों का चयन कर लिया गया है। विभाग से अधिकारिक आदेश आने का इंतजार है। आदेश आते ही वह इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर देंगे। शिक्षा मंत्री ने प्रक्रिया शुरू कराने के दिए निर्देश  शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली को निर्देश दिए हैं कि इसके लिए प्रक्रिया जल्द शुरू करवाए। अब प्रारंभिक शिक्षा विभाग स्कूल वाइज वैकेंसी देगा। बुधवार को सरकारी अवकाश खत्म होते ही इसके लिए फाइल मूवमेंट शुरू हो जाएगी। इस महीने के अंतिम सप्ताह तक इसके लिए आवेदन मांग लिए जाएंगे। हालांकि यह भर्तियां कंपनियों के माध्यम से ही करवाई जाएगी। दो साल का डिप्लोमा होगा अनिवार्य इस भर्ती में नर्सरी टीचर एजुकेशन डिप्लोमा, प्री स्कूल एजुकेशन या अर्ली चाइल्डहुड एजुकेशन प्रोग्राम में दो साल का डिप्लोमा जरूरी है। यह डिप्लोमा नेशनल काउंसिल फार टीचर एजुकेशन से मान्यता प्राप्त संस्थान से हासिल किया हुआ होना चाहिए। आवेदकों के डिप्लोमा और अन्य कागजातों की जांच स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डिवेलपमेंट कारपोरेशन करेगा। जो भी शिक्षक नियुक्त होंगे, प्रारंभिक शिक्षा विभाग पर उनका कोई दायित्व नहीं होगा। 12वीं कक्षा में 50 प्रतिशत अंक होने चाहिए। एससी/एसटी/ओबीसी/पीडब्ल्यूडी उम्मीदवारों के लिए योग्यता अंकों में पांच प्रतिशत की छूट रहेगी। 21 से 45 वर्ष की आयु वाले इसके लिए पात्र होंगे। उम्मीदवारों को वास्तविक हिमाचली होना आवश्यक रहेगा। जयराम सरकार में शुरू हुई थी प्रक्रिया, विवादों में फंसी रही पूर्व जयराम सरकार ने इसके लिए सबसे पहले भर्ती की प्रक्रिया शुरू की थी। मामला विवादों में उलझ गया। उसके बाद चुनावी आचार संहित लगने के चलते प्रक्रिया रूक गई। सत्ता परिवर्तन के बाद नए सिरे से प्रक्रिया शुरू हुई लेकिन मामला कोर्ट पहुंचा और प्रक्रिया रोकनी पड़ी। 10 हजार होगा पारिश्रमिक, बिना सरकार की अनुमति के नहीं निकाले जा सकेंगे विद्यालयवार रिक्तियां प्रारंभिक शिक्षा निदेशक निर्धारित करेंगे। करों और सेवा प्रदाता शुल्क सहित 10 हजार का मासिक पारिश्रमिक तय किया गया है। इसमें एजेंसी चार्जेज, जीएसटी, अन्य खर्च भी शामिल हैं। प्रत्येक जिले में प्राथमिक शिक्षा के उपनिदेशक के समग्र नियंत्रण में रहते हुए प्रशिक्षक स्कूल के सबसे वरिष्ठ शिक्षक की देखरेख में काम करेंगे। सरकार की मंजूरी के बिना किसी भी प्रशिक्षक को वियोजन से मुक्त नहीं किया जा सकेगा। नामांकन भिन्नता या प्रशासनिक कारणों से प्राथमिक शिक्षा निदेशक के परामर्श से स्थानांतरण हो सकेंगे। recent visitors 62

लखनऊ सुपर जायंट्स ने गुजरात टाइटन्स को चटाई धूल, पूरन और मारक्रम दोनों ने दमदार अर्धशतक जड़े

लखनऊ लखनऊ सुपर जायंट्स वर्सेस गुजरात टाइटन्स मैच लखनऊ के भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम में खेला गया। इस मैच को लखनऊ सुपर जायंट्स ने 6 विकेट से जीता। निकोलस पूरन और एडेन मारक्रम ने अपना पराक्रम दिखाया और टीम को जीत दिलाई। दोनों ने दमदार अर्धशतक जड़े। हालांकि, मैच आखिरी ओवर तक गया, लेकिन नतीजा तीसरी गेंद पर ही निकल आया, क्योंकि 6 रनों की दरकार आखिरी ओवर में थी, जिसे साई किशोर ने फेंका। इस मुकाबले में लखनऊ की टीम के कप्तान ऋषभ पंत ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी। हालांकि, उनका ये फैसला सही साबित नहीं हुआ, क्योंकि गुजरात को इस मैच में अच्छी शुरुआत मिली। स्कोर 100 के पार हो गया था, लेकिन कोई विकेट नहीं गिरा था। हालांकि, बीच में कुछ विकेट मिले और थोड़ी सी रनों पर लगाम लगी। बावजूद इसके अच्छे स्कोर तक गुजरात पहुंचने में सफल रही। कप्तान शुभमन गिल और साई सुदर्शन ने अर्धशतक जड़े। रवि बिश्नोई और शार्दुल ठाकुर ने 2-2 विकेट निकाले। हालांकि, निकोलस पूरन और एडेन मारक्रम के तूफानी अर्धशतकों के दम पर लखनऊ ने इस मुकाबले को 6 विकेट से जीत लिया। recent visitors 60

सीएम रेखा गुप्ता ने हनुमान जयंती के अवसर पर झुग्गीवालों और कंस्ट्रक्शन वर्करों के लिए करेंगी 100 करोड़ की योजना

नई दिल्ली दिल्ली के झुग्गीवालों और कंस्ट्रक्शन वर्करों के लिए बड़ी खुशखबरी है। रेखा गुप्ता सरकार उनके लिए 100 करोड़ रुपए की योजना शुरू करने जा रही है। इसका मकसद है कि कोई भी भूखा नहीं रहे। सीएम रेखा गुप्ता ने हनुमान जयंती के अवसर पर अपने शालीमार बाग निर्वाचन क्षेत्र में एक मंदिर में भगवान हनुमान की पूजा-अर्चना की। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को कहा कि यह सुनिश्चित करना उनकी सरकार का कर्तव्य है कि शहर में कोई भी भूखा न रहे। उन्होंने कहा कि सरकार झुग्गी बस्तियों और निर्माण स्थलों के पास 100 अटल कैंटीन खोलने की योजना बना रही है। सीएम ने हनुमान जयंती के अवसर पर अपने शालीमार बाग निर्वाचन क्षेत्र में एक मंदिर में भगवान हनुमान की पूजा अर्चना की। इस दौरान उन्होंने एक स्वचालित रोटी बनाने वाली मशीन का उद्घाटन किया जो एक घंटे में 1200 रोटियां बना सकती है। उन्होंने कहा कि हमें 100 अटल कैंटीन खोलनी हैं, ताकि दिल्ली में कोई भी भूखा न रहे। हम झुग्गी-झोपड़ियों और निर्माण स्थलों के पास ये कैंटीन खोलने की योजना बना रहे हैं, जहां भोजन उपलब्ध कराने के लिए ऐसी स्वचालित मशीनें लगाई गई हैं। मुख्यमंत्री ने इससे पहले मार्च में दिल्ली का 2025-26 का बजट पेश किया था, जिसमें शहर में अटल कैंटीन खोलने के लिए 100 करोड़ रुपए निर्धारित किए गए थे। अटल कैंटीन में गरीबों और जरूरतमंदों को मामूली शुल्क पर भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर अटल कैंटीन कई अन्य भाजपा शासित राज्यों में भी चलाए जा रहे हैं। गुप्ता ने कहा कि शालीमारबाग स्थित सिद्ध कात्यायनी देवी मंदिर में स्वचालित रोटी बनाने वाली मशीन गरीबों और जरूरतमंदों को भोजन के पैकेट उपलब्ध कराकर रोजाना 'अन्न सेवा' चलाने में मदद करेगी। उन्होंने कहा कि यह सबका साथ, सबका विकास और सबका प्रयास की दृष्टि से गरीबों और जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराने में समाज को साथ लेने का कदम है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि अगर समाज आगे बढ़ेगा तो देश हर रोज कई कदम आगे बढ़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने भगवान हनुमान से प्रार्थना की है कि वे 'विकसित दिल्ली' के लिए उनकी सरकार के प्रयासों को आशीर्वाद दें। कहा कि जब समाज के सभी वर्ग आगे आएंगे और अपनी भूमिका निभाएंगे तो चीजें सही दिशा में आगे बढ़ेंगी। सीएम ने करोल बाग स्थित संकट मोचन हनुमान मंदिर में भी दर्शन किए। गुप्ता ने कहा, "मैंने प्रार्थना की कि राक्षसी शक्तियां वापस अपने मूल स्थान पर लौट जाएं और दिल्ली के लिए काम करने की सकारात्मक ऊर्जा सभी में भर जाए।" उन्होंने कहा कि हमें एक बेहतर दिल्ली, एक स्वस्थ, शिक्षित और समृद्ध दिल्ली के लिए मिलकर काम करना होगा। हमारी सरकार भगवान हनुमान के आशीर्वाद से उस दिशा में काम करना जारी रखेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने और दिल्ली की प्रगति के लिए काम करने में सक्षम होने के लिए भगवान हनुमान से आशीर्वाद भी मांगा। recent visitors 69

वक्फ संशोधन कानून बंगाल में लागू ही नहीं होगा, फिर बवाल क्यों? हिंसा के बीच वक्फ कानून को लेकर हमलावर ममता

कोलकाता वक्फ संशोधन कानून को लेकर पश्चिम बंगाल के कई इलाकों में फैली हिंसा और तनाव के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को साफ शब्दों में कहा कि जब यह कानून राज्य में लागू ही नहीं होगा तो फिर हिंसा क्यों हो रही है? उन्होंने राज्यवासियों से शांति बनाए रखने की अपील की है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “जिस कानून की बात हो रही है, वह केंद्र सरकार ने बनाया है, राज्य सरकार का इससे कोई लेना-देना नहीं। हमने उस कानून का समर्थन नहीं किया और यह बंगाल में लागू नहीं होगा।” उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग इस मुद्दे को लेकर लोगों को भड़का रहे हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। धर्म के नाम पर गुमराह किया जा रहा: ममता बनर्जी ममता ने अपने संदेश में कुछ राजनीतिक दलों पर धर्म के नाम पर राजनीति करने और लोगों को गुमराह करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा, “कुछ पार्टियां धार्मिक भावनाओं का दुरुपयोग कर राजनीतिक फायदा उठाना चाहती हैं। लेकिन धर्म का असली मतलब है इंसानियत, करुणा, सभ्यता और आपसी भाईचारा।” मुख्यमंत्री ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की। उनकी इस अपील से ठीक पहले राज्य के पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार और कानून-व्यवस्था के एडीजी जावेद शमीम ने भी लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की। जावेद शमीम ने कहा कि कई जगहों पर गलत जानकारी की फैक्ट्री चल रही है, जिनके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो रही है। उन्होंने बताया कि जो भी लोग हिंसा या उकसावे में शामिल हैं, उन्हें चिन्हित कर गिरफ्तार किया जा रहा है। पहले भी कर चुकी हैं वक्फ कानून का विरोध तृणमूल कांग्रेस शुरू से ही वक्फ संशोधन बिल का विरोध करती आई है। संसद की संयुक्त समिति में तृणमूल सांसद कल्याण बनर्जी ने इसका कड़ा विरोध किया था, वहीं सुप्रीम कोर्ट में इस कानून के खिलाफ याचिका तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा ने किया। कुछ दिन पहले ममता बनर्जी ने साफ कहा था कि बंगाल में किसी को वक्फ संपत्ति हथियाने नहीं दी जाएगी। उन्होंने अल्पसंख्यकों को भरोसा दिलाते हुए कहा था, “जब तक दीदी हैं, आपकी संपत्ति कोई नहीं ले सकेगा।” recent visitors 52

पाकिस्तानी सेना छोड़ने के बाद भी वर्दी पहनता रहा तहव्वुर राणा, ISI और लश्कर संग बैठकें, खुले राज

नई दिल्ली राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) 26/11 मुंबई आतंकी हमलों के मुख्य साजिशकर्ता तहव्वुर हुसैन राणा से पूछताछ कर रही है। अब तक के सवाल-जवाब में कई सारे नए खुलासे हुए हैं। पता चला कि पाकिस्तानी सेना का मेडिकल कोर छोड़ने के बाद भी वह लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े लोगों से मिलते वक्त सैन्य वर्दी पहना रहता था। रिपोर्ट के अनुसार, राणा पाकिस्तान में पंजाब प्रांत के चिचावटनी गांव का रहने वाला है और उसके पिता स्कूल प्रिंसिपल थे। तहव्वुर राणा को लेकर तीन भाई हैं। उसका एक भाई पाकिस्तानी सेना में साइकोलॉजिस्ट है, जबकि दूसरा पत्रकार है। उसने कैडेट कॉलेज हसनाबदल में पढ़ाई की, जहां उसकी मुलाकात डेविड कोलमैन हेडली (दाऊद सईद गिलानी) से हुई, जो 26/11 हमलों से जुड़ा है और फिलहाल अमेरिकी जेल में बंद है। तहव्वुर हुसैन राणा साल 1997 में अपनी पत्नी समरज राणा अख्तर के साथ कनाडा चला गया, जो डॉक्टर है। यहां उसने इमिग्रेशन कंसल्टेंसी शुरू की और बाद में हलाल मांस का कारोबार करने लगा। कंसल्टेंसी ही उसकी आतंकी गतिविधियों का मुखौटा बनी, जिसमें हेडली ने सलाहकार की भूमिका निभाई। मीडिया ने सूत्रों के हवाले से बताया कि मेडिकल डिग्री रखने वाला राणा ने सर्विस छोड़ने के बाद भी सैन्य वर्दी पहनता था। यूनिफॉर्म में उसने आतंकी शिविरों का दौरा किया और लश्कर-ए-तैयबा व आईएसआई से जुड़े गुटों के संपर्क में रहा। तहव्वुर राणा ग्लोबल आतंकी साजिद मिर के भी टच में था, जो भारत का मोस्ट वांटेड भगोड़ा है। मिर ने ही 26/11 हमलों के दौरान मुंबई के चबाड हाउस पर हमले की साजिश रची थी, जिसमें 6 बंधकों की मौत हुई थी। तहव्वुर राणा का मेजर इकबाल से कनेक्शन अमेरिका ने साजिद मिर की गिरफ्तारी के लिए 50 लाख डॉलर का इनाम रखा है। साल 2022 में भारत ने संयुक्त राष्ट्र को एक ऑडियो सौंपा था, जिसमें मिर हमलावरों से बातचीत करता सुनाई देता है। एनआईए सूत्रों के अनुसार, तहव्वुर राणा पाकिस्तानी सेना की वर्दी पहनकर मेजर इकबाल से मिला था, जो एक संदिग्ध ISI अधिकारी है। इकबाल पर हेडली की ओर से टोही मिशनों के लिए फंड देने, निगरानी रखने और निर्देश देने का आरोप है। रिपोर्ट में कहा गया कि हेडली ने 2010 में मृत्युदंड से बचने के लिए अपना अपराध स्वीकार कर लिया। उसने उस व्यक्ति के साथ 20 से अधिक ईमेल शेयर करने का खुलासा किया, जिसे वह चौधरी खान के नाम से जानता था और जिसका मेजर इकबाल उपनाम था। recent visitors 40

वास्तविक आय में ठहराव अब साफ तौर पर दिखाई दे रहा है, खासकर वेतनभोगी और सफेदपोश वर्ग के लिए: जयराम रमेश

नई दिल्ली कांग्रेस पार्टी ने आरोप लगाया कि देश में लोगों की वास्तविक क्रय शक्ति घटती जा रही है, लेकिन मोदी सरकार इस संकट को स्वीकार करने को तैयार नहीं है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पार्टी के महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि यदि सरकार इस संकट को स्वीकार करती है, तो उसे पिछले 11 वर्षों में भारतीय अर्थव्यवस्था को हुए "संरचनात्मक नुकसान" को भी स्वीकार करना होगा। रमेश ने इस विषय पर अपनी चिंता ‘एक्स’ पर साझा की और महंगाई और वेतन वृद्धि के संदर्भ में महत्वपूर्ण बिंदु उठाए। वास्तविक आय में ठहराव का मुद्दा जयराम रमेश ने कहा कि वास्तविक आय में ठहराव अब साफ तौर पर दिखाई दे रहा है, खासकर वेतनभोगी और सफेदपोश वर्ग के लिए। उनका दावा था कि पिछले कुछ वर्षों में उपभोक्ता मूल्य मुद्रास्फीति औसतन 6 प्रतिशत के आसपास रही है, जबकि इस दौरान सफेदपोश नौकरियों में वेतन वृद्धि महज 3-4 प्रतिशत तक सीमित रही। उन्होंने आरोप लगाया कि महंगाई के मुकाबले वेतन में बहुत कम वृद्धि हुई है, जिसका परिणाम यह हुआ है कि लोगों की जेब में पैसा बचा नहीं है। रमेश का निवेश बैंकर के हवाले से बयान रमेश ने निवेश बैंकर कनिष्क कर का हवाला देते हुए कहा कि वास्तविक क्रय शक्ति खत्म हो रही है। उन्होंने उदाहरण दिया कि हॉस्टल की रसोई में मैगी का पैकेट भी अब महंगा हो गया है। उनका कहना था कि घटती क्रय शक्ति भारत में उपभोग से जुड़ी एक प्रमुख कहानी के अंत का कारण बन रही है। यही कारण है कि निजी निवेश में मंदी भी आ रही है। उनका कहना था कि उपभोग की गिरावट ही आर्थिक संकट का एक प्रमुख कारण है। मोदी सरकार पर हमला: संकट स्वीकारने से इनकार कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने यह भी कहा कि मोदी सरकार इस संकट को स्वीकार करने से इनकार करती है, क्योंकि इसके लिए उसे पिछले 11 वर्षों में भारतीय अर्थव्यवस्था को हुए संरचनात्मक नुकसान को स्वीकार करना होगा। रमेश ने कहा, "सरकार ने न केवल महंगाई और वेतन वृद्धि के मुद्दे को नजरअंदाज किया है, बल्कि उसने इस तथ्य को भी नकारा है कि देश की वास्तविक क्रय शक्ति लगातार घट रही है।" वर्तमान स्थिति पर कांग्रेस की चिंता रमेश ने बताया कि आर्थिक असमानता और वृद्धि की दर में कमी देश की मुख्य समस्याएं बन चुकी हैं। उनका कहना था कि वर्तमान सरकार इस संकट से निपटने के बजाय सच्चाई से मुंह मोड़े बैठी है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि सरकार इस संकट को सही तरीके से स्वीकारे, तो देश को भविष्य में आर्थिक स्थिति को सुधारने का अवसर मिलेगा। लेकिन इसके लिए सरकार को सच्चाई का सामना करना होगा। सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस की आलोचना कांग्रेस ने इस आरोप के साथ यह भी कहा कि देश में वृद्धि और विकास के मुद्दों पर सरकार की नीतियां असफल साबित हो रही हैं। पार्टी ने यह भी कहा कि आर्थिक असमानता और सामाजिक न्याय की दिशा में कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है। कांग्रेस का कहना है कि क्रय शक्ति में गिरावट की स्थिति से निपटने के लिए सरकार को ठोस आर्थिक सुधारों की दिशा में कदम उठाने होंगे।   recent visitors 49