पिच का आज कैसा रहेगा मिजाज और किसे मिलेगा फायदा, एसआरएच वर्सेस पीबीकेएस की होगी भिड़ंत

हैदराबाद सनराइजर्स हैदराबाद वर्सेस पंजाब किंग्स आईपीएल 2025 का 27वां मुकाबला आज यानी शनिवार, 12 अप्रैल को हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाना है। एसआरएच वर्सेस पीबीकेएस मैच भारतीय समयानुसार शाम साढ़े सात बजे शुरू होगा, जबकि टॉस के लिए दोनों कप्तान -पैट कमिंस और श्रेयस अय्यर- आधा घंटा पहले मैदान पर उतरेंगे। पंजाब की नजरें इस मैच को जीतकर वापस आईपीएल 2025 पॉइंट्स टेबल के टॉप-4 में अपनी जगह बनाने पर होगी। वहीं हार का चौका लगा चुकी सनराइजर्स हैदराबाद वापस जीत के ट्रैक पर लौटना चाहेगी। हैदराबाद फिलहाल सबसे नीचे 10वें पायदान पर है। आईए एक नजर डालते हैं एसआरएच वर्सेस पीबीकेएस पिच रिपोर्ट पर- SRH vs PBKS पिच रिपोर्ट- राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम हाईस्कोरिंग मुकाबलों के लिए मशहूर है, मगर इस सीजन यहां जैसे-जैसे मैच खेले जा रहे हैं वैसे-वैसे स्कोरबोर्ड पर रनों की कमी देखने को मिल रही है। एसआरएच ने राजस्थान के खिलाफ सीजन के पहले ही मुकाबले में 286 रन बोर्ड पर लगाए थे, मगर उसके बाद लखनऊ के खिलाफ 200 रन भी नहीं बने और गुजरात के खिलाफ तो टीम के 150 तक पहुंचने में पसीने छूट गए। हालांकि आज के मैच में फैंस को एक बार फिर हाईस्कोरिंग मुकाबला मिलने की उम्मीद है। यहां टॉस जीतकर पहले टीमें बैटिंग करना पसंद करती है। राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम IPL रिकॉर्ड और आंकड़े मैच- 80 पहले बल्लेबाजी करते हुए जीते गए मैच- 35 (43.75%) टारगेट का पीछा करते हुए जीते गए मैच- 45 (56.25%) टॉस जीतकर जीते गए मैच- 30 (37.50%) टॉस हारकर जीते गए मैच- 50 (62.50%) हाईएस्ट स्कोर इन चेज- 160/3 प्रति विकेट औसत रन- 27.18 पहले बल्लेबाजी करते हुए औसत स्कोर- 162.56 SRH vs PBKS हेड टू हेड सनराइजर्स हैदराबाद और पंजाब किंग्स की भिंड़त अभी तक 23 बार हुई है जिसमें 16 मैच जीतकर एसआरएच ने अपना दबदबा बनाया हुआ है। वहीं पंजाब को हैदराबाद के खिलाफ 7 जीत मिली है। इस सीजन पंजाब की टीम अलग दिखाई दे रही है। ऐसे में उनकी नजरें इस रिकॉर्ड को सुधारने पर होगी। recent visitors 54

UPI की सर्विस अचानक ठप पड़ गईं थीं, कुछ समय के बाद ये सर्विस दोबारा शुरू हो गईं

मुंबई भारत के दिल्ली-NCR समेत कई शहरों में शनिवार दोपहर को Unified Payments Interface (UPI) की सर्विस अचानक ठप पड़ गईं, जिसके कुछ समय बाद वे सर्विस दोबारा शुरू हो गईं. इस दौरान बहुत से लोग UPI से पेमेंट नहीं कर पा रहे थे और कुछ समय बाद ये सर्विस दोबारा पटरी पर लौट आईं. आउटेज को ट्रैक करने वाली वेबसाइट Downdetector ने भी इस आउटेज की जानकारी दी थी. इस आउटेज का असर Paytm, PhonePe और Google Pay यूजर्स पर नजर आया. Downdetector से पता लता है कि इस आउटेज की शुरुआत करीब शनिवार दोपहर 12 बजे के आसपास हुई. इस दौरान Paytm, PhonePe और Google Pay यूजर्स UPI पेमेंट नहीं कर पाए. इस दौरान कुछ यूजर्स ने सोशल मीडिया पर भी पोस्ट किया. बताते चलें कि भारत में UPI सर्विस देने वाले कई ऐप मौजूद हैं. जिसमें बैंकिंग ऐप से लेकर Paytm और PhoePe जैसे नाम भी शामिल हैं. शनिवार दोपहर से UPI की सर्विस प्रभावित हुईं Downdetector पर UPI प्रोब्लम को लेकर शनिवार दोपहर 12 बजे के आसपास से लोगों ने रिपोर्ट करना शुरू किया. इस दौरान यूजर्स को UPI QR Code स्कैन करने के बाद पेमेंट का प्रोसेस तो नजर आ रहा है, लेकिन 5 मिनट बाद भी पेमेंट प्रोसेस कंप्लीट नहीं हो रहा है. हालांकि अभी इस आउटेज को लेकर ये जानकारी सामने नहीं आई है कि इससे भारत के कौन-कौन से राज्य प्रभावित हुए हैं. सोशल मीडिया पर छाटा ट्रेंड UPI की सर्विस प्रभावित होने के बाद बहुत से यूजर्स को पेमेंट करने में परेशानी आ रही हैं, जिसके बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ने इसको लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करना शुरू कर दिया. Elon Musk के X प्लेटफॉर्म पर कुछ ही मिनट में #upidown ट्रेंड करने लगा. इसका हैशटैग का इस्तेमाल करके बहुत से लोगों ने इंटरनेट पोस्ट किया और कई लोगों ने तो UPI Down दिखाने के लिए स्क्रीनशॉट्स भी शेयर किए.   कई बैंकिंग सर्विस भी प्रभावित Downdetector ने अपने पोर्टल पर बताया है कि SBI, Google Pay, HDFC Bank और ICICI बैंकिंग की UPI सर्विस भी प्रभावित हुई हैं. UPI भारत में एक पॉपुलर सर्विस है, जिसकी मदद से यूजर्स चाय की दुकान से लेकर रेल टिकट बुकिंग तक में पेमेंट करते हैं. ऐसे में अगर ये सर्विस ठप पड़ जाती है, तो उसकी वजह से कई लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. UPI क्या है? यूपीआई (UPI) एक शॉर्ट नेम है, जिसका फुल फॉर्म Unified Payments Interface है. यह भारत में नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) द्वारा डेवलप किया है और एक डिजिटल पेमेंट सिस्टम है. यह सिस्टम तुरंत और सुरक्षित बैंक खातों के बीच रुपये ट्रांसफर करने की सुविधा देती है.   recent visitors 62

बगैर धान खरीदे हो गई फर्जी एंट्री! शासन को लगाई गई करोड़ों रुपए की चपत, अब होगी संपत्ति सीज

 जबलपुर  धान खरीदी गड़बड़ी के मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें फर्जी तरीके से भुगतान लेने वालों की संपत्ति कुर्क की जाएगी. इसके अलावा फर्जीवाड़े में शामिल सोसाइटियों के कमीशन से भी रिकवरी की जाएगी. जो लोग फर्जीवाड़े में शामिल हैं, उनकी संपत्ति को कुर्क कर किसानों को भुगतान किया जाएगा. दरअसल, कई किसानों ने फर्जी खरीदी पर्ची दिखाकर पैसे ले लिए हैं. ऐसे में अभी भी कई किसानों को गड़बड़ी के चलते उनके हक का पैसा नहीं मिल पा रहा है. कलेक्टर दीपक कुमार सक्सेना ने ऐसे लोगों की संपत्तियों का ब्यौरा जुटाने के आदेश दिए हैं. ताकि जल्दी से जल्दी रिकवरी की जा सके. उधर, अभी भी कई किसान भुगतान के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं. कलेक्टर दीपक कुमार सक्सेना का कहना है कि हमारी कोशिश है कि पोर्टल पर जिस किसी भी की भी खरीदी चढ़ी है, उसे पेमेंट हो जाए. शासन ने गड़बड़ी करने वालों से वसूली के निर्देश दिए गए हैं. ताकि रुके हुए किसानों को पेमेंट किया जा सके. शासन को लगाई गई करोड़ों रुपए की चपत जबलपुर में धान खरीदी के दौरान करोड़ों रुपए का भ्रष्टाचार किया गया। कहीं कम धान तौलकर तो कहीं बिना धान खरीदे फर्जी एंट्री करके शासन को चपत लगाई गई। इस फर्जीवाड़े में दोषी पाए गए 70 से अधिक जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारियों पर FIR दर्ज कराई गई लेकिन अब इस फर्जीवाड़े का दंश जिले के दो सौ से अधिक किसानों को झेलना पड़ रहा है। ये वो किसान हैं जिनका धान फर्जीवाड़ा करने वाले वेयरहाउसों में बेचा गया था और इस फर्जीवाड़े की जांच चलने की वजह से जिले में दो सौ से अधिक किसानों का 5 करोड़ से अधिक का भुगतान रुका हुआ है जिससे किसानों के सामने रोजमर्रा के खर्च और घरेलू समस्याओं का संकट गहराया हुआ है। मामले को लेकर बड़ी संख्या में किसानों ने कलेक्टर से धान का भुगतान करने की मांग की है। वहीं कलेक्टर दीपक सक्सेना का कहना है कि जिन किसानों का भुगतान रुका है उनका धान शॉर्ट पाया गया था और जिन कर्मचारियों ने यह फर्जीवाड़ा किया है उनकी संपत्ति कुर्क करवाकर पैसे की वसूली की जाएगी और किसानों का भुगतान किया जाएगा और इसकी प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है, उम्मीद है जल्द ही किसानों का भुगतान हो जाएगा। recent visitors 32

दिग्विजय सिंह के आपत्तिजनक टिप्पणी वाले पोस्टर पर हंगामा, लगे आपत्तिजनक पोस्ट

भोपाल/इंदौर वक्फ कानून में बदलाव का विरोध करने को लेकर मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह के खिलाफ भोपाल व इंदौर में पोस्टर लगाए गए हैं। जिनमें उन्हें वतन का, धर्म का और पूर्वजों का गद्दार बताया गया है। अब इन पोस्टरों को लेकर विवाद छिड़ गया है और कांग्रेस पार्टी ने इन पोस्टरों को लेकर अपनी आपत्ति भी जताई है। शुक्रवार को इस बारे में पुलिस से शिकायत करते हुए कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि वह इन पोस्टरों को लगाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे। दरअसल दिग्विजय सिंह के खिलाफ जो पोस्टर लगाए हैं, उनमें छपा है – ‘वक्फ बिल का विरोध करने वाले दिग्विजय सिंह’। पोस्टर में दिग्विजय सिंह की तस्वीर पर एक सील से ठप्पा भी लगाया गया है जिस पर छपा है- ‘वतन के, धर्म के, पूर्वजों के गद्दार।’ इंदौर में लगे इन पोस्टर के नीचे छपवाने वाले के रूप में ‘भारतीय जनता युवा मोर्चा, इंदौर महानगर’ का नाम छपा है। जबकि भोपाल में छापने वाले के बारे में नहीं लिखा गया है। इंदौर शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुरजीत सिंह चड्ढा ने इस मामले को लेकर बताया कि महू नाका चौराहा पर लगाए गए इस पोस्टर के खिलाफ उन्होंने छत्रीपुरा पुलिस थाने में शिकायत की है। उन्होंने कहा, ‘पुलिस को दिग्विजय सिंह के खिलाफ ऐसे आपत्तिजनक पोस्टर लगाने वाले लोगों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।’ भारतीय जनता युवा मोर्चा की शहर इकाई के अध्यक्ष सौगात मिश्रा ने कहा,‘वक्फ (संशोधन) अधिनियम 2025, देश का ऐतिहासिक कानून है। इस विषय में दिग्विजय सिंह और कांग्रेस के दूसरे नेताओं के रुख को लेकर आम लोगों और हमारे कार्यकर्ताओं में आक्रोश है क्योंकि ये नेता राष्ट्रहित की कभी बात नहीं करते हैं।’ recent visitors 72

हनुमान जन्मोत्सव के पावन अवसर और मंदिर की 25वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में जबलपुर स्थित पचमठा मंदिर में विशेष आयोजन किया जा रहा

जबलपुर हनुमान जयंती के पावन अवसर और मंदिर की 25वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में जबलपुर स्थित पचमठा मंदिर में विशेष आयोजन किया जा रहा है। इसके लिए हनुमान मंदिर सेवा समिति और महिला मंडल की ओर से तीन दिवसीय महोत्सव का आयोजन किया गया। इस महोत्सव को भव्य और यादगार बनाने के लिए 56 भोग की विशेष महा थाली और पांच हजार किलोग्राम का विशाल लड्डू तैयार किया गया है। वहीं थाली में देश के विभिन्न हिस्सों के पारंपरिक व्यंजन शामिल किए गए। इसका उद्देश्य "विविधता में एकता" का संदेश देना था। महाथाली में शामिल सामग्री इस महा थाली में कश्मीर के ड्राई फ्रूट्स, गुजरात के फाफड़ा, जलेबी और ढोकला, उत्तर प्रदेश का लइया, बनारस का पान, लस्सी और बेल शरबत, तथा बिहार की प्रसिद्ध लिट्टी-चोखा जैसे व्यंजन शामिल किए गए हैं। हनुमान जी से जुड़ने का माध्यम जगद्गुरु राघव देवाचार्य ने इस अवसर पर कहा कि यह हनुमान जी की शक्ति है जो हमें याद दिलाती है कि हम कौन हैं। जिस तरह उन्होंने भगवान राम के साथ चलकर अपना उद्देश्य पाया, उसी तरह हम भी उनकी (हनुमान जी) आत्मा से जुड़े रहकर अपनी हिंदू पहचान को समझ और व्यक्त कर सकते हैं। हनुमान जयंती भगवान हनुमान के जन्म का प्रतीक है और यह हिंदू महीने चैत्र की पूर्णिमा के दिन मनाई जाती है। इसे चैत्र पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। इस शुभ अवसर पर, दुनिया भर के भक्त उपवास रखते हैं और देवता की पूजा करते हैं। recent visitors 39

राजधानी में क्लीनिकों पर एक्शन, डॉक्टर रिचा के पति के पास नहीं मिली डॉक्टर की डिग्री, जांच में चौंकाने वाला खुलासा

भोपाल  महिला डॉक्टर रिचा पांडे को खुदकुशी के लिए उकसाने के आरोप में जेल में बंद पति अभिजीत पांडे चार साल से एमपी नगर में बगैर अनुमति के क्लीनिक संचालित कर रहा था। वह क्लीनिक में सौंदर्य बढ़ाने का इलाज करता था। साथ ही त्वचा और बाल के इलाज के लिए कई प्रकार की प्रतिबंधित दवाएं भी लोगों को बेच रहा था। क्लीनिक की जांच कर रही प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम को अभिजीत पांडे के पास से डॉक्टर की डिग्री भी नहीं मिली है। टीम ने शुक्रवार को जांच पूरी कर ली है, रिपोर्ट को जल्द ही कलेक्टर और पुलिस के पास भेजा जाएगा। जिसके बाद आरोपित डॉक्टर के विरुद्ध प्रकरण दर्ज होगा। स्टोर रूम में घुस रहे थे अज्ञात लोग रिचा पांडे की मौत के बाद स्वजनों ने उनके पति अभिजीत के क्लीनिक में अवैध गतिविधियां संचालित होने का आरोप लगाया था। स्वजनों के आरोपों को लेकर कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम एलके खरे के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई थी। जिसने तीन अप्रैल को अभिजीत के एमपीनगर स्थित चित्तौड़ काम्पलेक्स में संचालित क्लीनिक की तलाशी ली थी, जिसमें रजिस्ट्रेशन नहीं होना पाया गया था। तहसीलदार आलोक पारे ने बताया कि बुधवार को कुछ अज्ञात लोग क्लीनिक के स्टोर रूम में घुसकर सामान निकालने का प्रयास कर रहे थे। आसपास के लोगों ने विरोध किया तो वे भाग गए, वहीं जानकारी मिलने पर प्रशासन की टीम ने स्टोर रूम में सर्चिंग की तो प्रतिबंधित दवाएं मिलीं। साथ ही अवैध संचालन की पुष्टि हुई। यह था मामला बता दें आरकेडीएफ मेडिकल कॉलेज की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉक्टर रिचा पांडे 22 मार्च को शाहपुरा स्थित घर में बंद कमरे में मृत अवस्था में मिली थीं। बाद में पीएम रिपोर्ट में सस्पेक्टेड पाइजन से मौत की पुष्टि हुई थी। पुलिस को उनके मोबाइल से डिजीटल सुसाइड नोट मिला था, जिसमें उन्होंने अभीजित के विवाहेत्तर संबंध होने की बात लिखी थी। असिस्टेंट प्रोफेसर थी रिचा पुलिस ने अभिजीत के विरुद्ध खुदकुशी को उकसाने का केस दर्ज कर जेल भेज दिया था। मूलत: लखनऊ निवासी 32 वर्षीय ऋचा पांडे ने जबलपुर मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस करने के बाद जीएमसी भोपाल से एनेस्थीसिया से एमडी किया था। वर्तमान में वह आरकेडीएफ मेडिकल कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर थीं। करीब पांच महीने पहले उनकी सतना निवासी अभिजीत पांडे से शादी हुई थी। भोपाल में फर्जी क्लीनिकों पर हो रहा एक्शन दमोह में सात लोगों की जान लेने वाले फर्जी डॉक्टर के मामले के बाद प्रदेश में अवैध रूप से क्लीनिक चलाने का बड़ा मामला भोपाल से सामने आया है। यहां बेपरवाह स्वास्थ्य विभाग की नाक के नीचे कई सालों से अवैध क्लीनिक चल रहा था। हालांकि दमोह मामले के बाद सरकार के निर्देश पर स्वास्थ्य की टीम ने शहर के कुछ फर्जी क्लीनिकों पर शुक्रवार को कार्रवाई की है। recent visitors 33

सीधी के सांसद मिश्रा के घर के बाहर लोगों ने शव रखकर प्रदर्शन किया, बहू पर लगा दुर्घटना का आरोप

सीधी  सीधी के सांसद राजेश मिश्रा के घर के बाहर दोपहर लोगों ने शव रखकर प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि सांसद की बहू डॉ. बीना मिश्रा की कार की टक्कर से युवक अनिल द्विवेदी की मौत हो गई। कार वे स्वयं चला रहीं थी। करीब चार घंटे तक लोग आवास के बाहर डटे रहे और मांग की कि बीना मिश्रा पर एफआईआर होनी चाहिए। मामले में टीआई पुष्पेंद्र मिश्रा ने कहा कि आरोपों की जांच की जा रही है। जल्द कार्रवाई करेंगे। वहीं सीधी सांसद राजेश मिश्रा ने कहा कि बहू बीना मिश्रा गाड़ी नहीं चला रही थी। लोग शव पर राजनीति कर रहे हैं। घटनास्थल के पास भी सीसीटीवी कैमरा लगा है। जांच करा ली जाए। मृतक परिवार के साथ मेरी संवेदनाएं हैं। युवक जब रीवा में भर्ती था तो मैं स्वयं देखने भी गया था। दो अप्रैल को हुई थी टक्कर मृतक के चाचा नागेंद्र द्विवेदी का आरोप है कि दो अप्रैल को स्कूटी सवार अनिल द्विवेदी (23 वर्ष) खैरहा स्थित घर जा रहा था। इसी दौरान हुए हादसे में युवक गंभीर घायल हो गया था। कार बीना मिश्रा के नाम से पंजीकृत है। घायल का सीधी, नागपुर और रीवा में इलाज कराया गया, पर उसे बचाया नहीं जा सका। उसकी मौत हो गई। पूर्व विधायक केदारनाथ शुक्ला ने सांसद परिवार की असंवेदनशीलता पर सवाल उठाए हैं। सड़क रही बंद दोपहर करीब एक बजे शाम चार बजे तक प्रदर्शन चला। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि डॉ. बीना मिश्रा पर मामला दर्ज किया जाए। सांसद के पुत्र अनूप मिश्रा ने कहा कि उनकी पत्नी कार नहीं चला रही थीं। वे पुलिस जांच में सहयोग कर रहे हैं। वहीं प्रदर्शन के चलते घंटों रास्ता बंद रहा। प्रदर्शनकारी नारेबाजी भी करते रहे। पुलिस के अश्वासन पर लोग बमुश्किल माने। recent visitors 55