विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बताई पूरी रणनीति, डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ अटैक से निपटने का क्या है प्लान

नई दिल्ली अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर भी 26 फीसदी का रेसिप्रोकल टैरिफ लगाया है। इसके चलते भारत के कई ऐसे उद्योगों पर बड़ा असर पड़ने की आशंका है, जो अमेरिका में एक्सपोर्ट करते हैं या फिर वहां के लिए सर्विसेज मुहैया कराते हैं। चीन, ब्राजील, कनाडा, यूरोपियन यूनियन समेत दुनिया भर के बड़े देश आशंकित हैं कि ट्रंप के फैसलों का असर उनकी इकॉनमी पर क्या होगा। दुनिया में मंदी का खतरा भी मंडरा रहा है। इस बीच विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बताया है कि डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ अटैक से निपटने के लिए भारत की क्या तैयारी है। विदेश मंत्री ने कहा कि हम अमेरिका के साथ इस साल के अंत तक ट्रेड डील करने वाले हैं। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का अब तक एकमात्र देश है, जिसने डोनाल्ड ट्रंप के दूसरी बार सत्ता में आने के बाद ट्रेड डील को लेकर एक सहमति बनाने की पहली की है। उन्होंने कहा कि इस मामले में हम कामयाब होते दिख रहे हैं। विदेश मंत्री का यह जवाब ऐसे समय में आया है, जब ट्रंप की ओऱ से लगाए गए टैरिफ आज से 5 बड़े देशों पर लागू हो गए हैं। इन देशों में भारत भी शामिल हैं। ट्रंप के टैरिफ अटैक से वैश्विक महामंदी का खतरा भी मंडरा रहा है। जयशंकर ने कहा कि भारत उन देशों में शामिल है, जो डोनाल्ड ट्रंप के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते के लिए प्रयास कर रहा है। जयशंकर ने टैरिफ अटैक को लेकर कहा कि अब तक यह साफ नहीं है कि इसका हम पर क्या असर रहेगा। उन्होंने कहा कि यह साफ नहीं है कि असर क्या होगा, लेकिन इससे निपटने की रणनीति क्या होगी। यह काफी हद तक स्पष्ट है। एस जयशंकर ने कहा कि हमने तय किया है कि ट्रंप प्रशासन के साथ बातचीत की जाएगी। इस मसले का हल समय रहते ही निकाला जाएगा और इसे लेकर हम बेहद पॉजिटिव हैं। अमेरिका के साथ हमारी अच्छे माहौल में बातचीत चल रही है और उनका रुख भी पॉजिटिव है। हमारी कोशिश है कि द्विपक्षीय समझौता कर लिया जाए। बता दें कि फरवरी में ही पीएम नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की फरवरी में मुलाकात हुई थी। इसी दौरान दोनों नेताओं की ट्रेड डील पर भी बात हुई थी। जयशंकर ने कहा, 'मुझे लगता है कि हम ऐसे एकमात्र देश हैं, जिसने ट्रंप के फिर से राष्ट्रपति बनने के बाद एक सहमति बनाने की कोशिश की है और इस दिशा में आगे बढ़े हैं।' उन्होंने कहा कि दुनिया का हर देश अपने स्तर से रणनीति बना रहा है और भारत की भी कोशिश है कि समय रहते एक ट्रेड डील कर ली जाए। recent visitors 27

विधायक मलिक के बयान से PDP कार्यकर्ता और नेता भड़क गए और विधानसभा परिसर में जमकर हुई बहस

जम्मू जम्मू-कश्मीर विधानसभा के बजट सत्र के दौरान बुधवार को एक शर्मनाक घटना ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी। डोडा विधानसभा सीट से आम आदमी पार्टी के एकमात्र विधायक मेहराज मलिक और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायकों के बीच विधानसभा परिसर में तीखी बहस के बाद मारपीट की नौबत आ गई। दरअसल, मेहराज मलिक ने पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद को “गद्दार” कहा और PDP और भाजपा पर मिलीभगत का आरोप लगाया। मलिक के इस बयान से PDP कार्यकर्ता और नेता भड़क गए और विधानसभा परिसर में जमकर बहस हुई। धक्का-मुक्की और झड़प में मलिक कांच की मेज पर गिर गए। सुरक्षा कर्मियों ने मौके पर हस्तक्षेप कर हालात को संभाला। “पुलिस BJP के इशारे पर काम कर रही है”: मेहराज मलिक मलिक ने मीडिया से बात करते हुए आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें विधानसभा में आने से रोकने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि “पुलिस PDP की तरह व्यवहार कर रही है और मुझे बोलने से रोका जा रहा है।” इसके बाद उन्होंने SP सुरक्षा से PDP कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी की मांग भी की। BJP विधायकों से हाथापाई, कांच की मेज पर गिरे मलिक बात यहीं नहीं रुकी। मलिक ने जब भाजपा नेताओं पर हमला बोला तो वहां मौजूद भाजपा विधायक विक्रम रंधावा, युधवीर सेठी, आरएस पठानिया, अरविंद गुप्ता और सतीश शर्मा भड़क गए। दोनों पक्षों में तीखी बहस के बाद मामला हाथापाई तक पहुंच गया। इस दौरान मेहराज मलिक एक कांच की टेबल पर गिर पड़े, जिससे हलचल मच गई। विधानसभा के सुरक्षा कर्मचारियों ने उन्हें किसी तरह वहां से हटाया। मेहराज मलिक के भड़काऊ बयानों का पुराना इतिहास मेहराज मलिक इससे पहले भी विवादों में रहे हैं। हाल ही में उन्होंने बयान दिया था कि "हिंदू त्योहारों में शराब पीते हैं" – इस पर जम्मू में भारी विरोध हुआ। इसके अलावा उन्होंने कहा था कि "BJP के 28 विधायक रात को अपनी पत्नियों से पिटते हैं और सुबह बहादुरी का नाटक करते हैं।" BJP विधायकों की मांग: “मलिक की सदस्यता रद्द हो” भाजपा विधायक युधवीर सेठी ने कहा, “यह आदमी गुंडा है, इसे विधानसभा में कोई जगह नहीं दी जानी चाहिए। इसकी सदस्यता खत्म होनी चाहिए।” विक्रम रंधावा ने भी कहा कि “मलिक मानसिक संतुलन खो चुका है और लगातार जहर उगल रहा है।” वहीं BJP विधायक आरएस पठानिया ने आरोप लगाया कि “नेशनल कॉन्फ्रेंस इस तरह के ड्रामे को बढ़ावा दे रही है ताकि सदन की कार्यवाही बाधित हो।” recent visitors 31

बुक्स और यूनिफॉर्म के लिए स्कूलों ने डर दिखाया तो प्रशासन का डंडा पड़ेगा, आपकी एक कॉल पर दौड़ी आएगी कलेक्टर की टीम

बुक्स और यूनिफॉर्म के लिए स्कूलों ने डर दिखाया तो प्रशासन का डंडा पड़ेगा, आपकी एक कॉल पर दौड़ी आएगी कलेक्टर की टीम

If schools show fear schools regarding books-uniforms, the administration will take action, the collector’s team will come running on your one call भोपाल ! schools regarding books-uniforms राजधानी भोपाल में अधिकांश परिजनों को 1 हजार की किताबें 4 हजार रुपये तक में खरीदने को मजबूर होना पड़ा है। मजबूरी में यह खरीदी भी कर ली गई लेकिन भोपाल जिला प्रशासन की नींद तब नहीं टूटी। अब जब अधिकांश खरीदी बिक्री हो चुकी है, तब जाकर भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने टीम बनाई है। कलेक्टर के आदेश में क्या schools regarding books-uniforms कलेक्टर ने आदेश में लिखा है कि भोपाल के प्राइवेट स्कूलों ने यदि पुस्तक खरीदी करने के लिए और यूनिफॉर्म के लिए पालकों पर दबाव डाला तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पालकों को कोई समस्या न हो इसके लिए कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने कुछ अफसरों को मिलाकर एक टीम बनाई है। परिजन चाहें तो नंबर्स पर कॉल कर सकते हैं, जिस पर टीम तत्काल कार्रवाई करेगी। ज्यादातर पेरेंट्स की खरीदी हुई पूरी रोचक बात यह है कि ज्यादातर पालक इस समय तक अपने बच्चों के लिए पुस्तकें और यूनिफॉर्म खरीद चुके हैं। ऐसे में उनकी प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। इस मामले पर परिजनों का कहना है कि आपने हुजूर बड़ी देर कर दी। कई परिजनों का कहना है कि कलेक्टर ने यह आदेश देरी से लागू किया है। वे पहले ही पुस्तकें और यूनिफॉर्म खरीद चुके हैं। इसके लिए उन्होंने 20 से लेकर 25 हजार रुपये तक खर्च किये हैं। Read more: भोपाल में लू के बीच बदला स्कूलों का समय, 12 बजे के बाद नहीं लगेंगी कक्षाएं टीम में यह अफसर शामिल भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने जो टीम बनाई है, उसमें संबंधित क्षेत्र के एसडीएम, तहसीलदार के अलावा अन्य कर्मचारी भी रखे गए हैं। अगर किसी परिजन की शिकायत मिलती है तो यह टीमें मौके पर जाएंगी और समय-समय पर दुकानों का निरीक्षण भी करेंगी। भोपाल में अशासकीय स्कूलों के लिए निरीक्षण दल गठित पाठयपुस्तकों और यूनिफार्म की बाध्यता पर होगी जाँच आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा । recent visitors 106

आतंकवाद के मुद्दे पर भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान को घेरा, जयशंकर ने बखिया उधेड़ी

नई दिल्ली आतंकवाद के मुद्दे पर भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान को घेरा है। विदेश मंत्री एस जयशंकर का कहना है कि वहां कई लोग हैं, जो गर्व से भारत में अशांति फैलाने की बात को स्वीकार भी करते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि आतंकवाद का उद्योग शुरू करने वाले उसी में डूब जाते हैं। उनकी टिप्पणी ऐसे समय पर आई है, जब 26/11 के मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा के अमेरिका से प्रत्यर्पण की तैयारी चल रही है। समिट में पहुंचे जयशंकर ने कहा, 'मुझे यह कहने की जरूरत नहीं है, साफ नजर आता है। वो लोग भी कहते हैं। ऐसा नहीं है कि मैं आरोप लगा रहा हूं और पाकिस्तान में सभी इस बात से इनकार कर रहे हैं। पाकिस्तान में कुछ लोग हैं, जो खुलकर स्वीकार करते हैं कि वे भारत में आतंकवादी गतिविधियां कर रहे हैं।' उन्होंने आगे कहा, 'ये कोई अनुमान नहीं है। यह कुछ ऐसा है, जिसे वो लोग गर्व के साथ स्वीकार करते हैं। सभी समझदार लोग कहते हैं कि अगर आप आतंकवाद का उद्योग शुरू करते हैं, तो उसमें डूब भी जाएंगे और यही हम आज होता हुआ देख रहे हैं।' तहव्वुर राणा का प्रत्यर्पण राणा के प्रत्यर्पण को लेकर उन्होंने कहा, 'तहव्वुर राणा के मुद्दे में कुछ भी नया कहने जैसा नहीं है। हम अमेरिका की कानूनी प्रक्रिया के फैसले का स्वागत करते हैं।' पीटीआई भाषा ने सरकारी सूत्रों के हवाले से लिखा कि भारत से कई एजेंसियों की एक टीम अमेरिका आई है और अमेरिकी अधिकारियों के साथ मिलकर सभी कागजी और कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं। सूत्रों ने कहा कि इस बात की 'अत्यधिक संभावना' है कि राणा को 'जल्द ही प्रत्यर्पित किया जा सकता है।' यह भी माना जा रहा है कि राणा को बुधवार को भारत नहीं लाया जाएगा और प्रत्यर्पण की प्रक्रिया जारी है। recent visitors 30

Bhopal School Time: भोपाल में लू के बीच बदला स्कूलों का समय, 12 बजे के बाद नहीं लगेंगी कक्षाएं

Bhopal School timings changed

Bhopal School timings changed: School timings changed amid heat wave in Bhopal, classes will not be held after 12 pm भोपाल ! Bhopal School timings changed मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी पड़ रही है। प्रदेश के कई जिले लू की चपेट में हैं। भोपाल में भी तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। ऐसे में स्कूली बच्चों की परेशानी बढ़ गई है। बच्चों की परेशानी को देखते हुए भोपाल कलेक्टर ने स्कूलों के समय में बदलाव के निर्देश दिए हैं। सभी शासकीय और अशासकीय स्कूलों को निर्देशित किया गया है कि 12 बजे के बाद कक्षाएं नहीं चलेंगी। 12 बजे बंद हो जाएंगे स्कूल भोपाल जिला शिक्षा अधिकारी के आदेशानुसार अब सभी स्कूलों में आठवीं तक के क्लास 12 बजे के बाद नहीं चलेंगे। कलेक्टर ने कहा है कि अत्याधिक गर्मी को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। विद्यार्थियों के स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए यह फैसला लिया गया है। कक्षा आठवीं तक के क्लास अब 12 बजे के बाद नहीं लगेंगी। यह आदेश सभी शासकीय और गैरशासकीय स्कूल पर लागू होंगे। Bhopal School timings changed दरअसल, भोपाल में अप्रैल की शुरुआत में ही भीषण गर्मी पड़ने लगी। प्रदेश के अधिकांश जिलों में गर्मी की वजह से परेशानियां बढ़ गई हैं। साथ ही मौसमी बीमारियों में भी इजाफा हुआ है। ऐसे में बच्चों को दोपहर में काफी परेशानी हो रही थी। पैरेंट्स की मांग पर जिला प्रशासन ने यह फैसला लिया है। Read more: मध्य प्रदेश में बौद्ध सर्किट विकसित किया जाये… CM मोहन यादव ने अधिकारियों को दिया निर्देश गौरतलब है कि प्रदेश के प्रमुख जिलों की अधिकतम तापमान को देखें तो प्रदेश में सर्वाधिक तापमान नर्मदापुरम में 45 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया, यहां तापमान 44.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। रतलाम में 44 डिग्री सेल्सियस, उज्जैन में 42, खंडवा में 40.01, गुना में 43, धार में 42.4, भोपाल में 41.6, बैतूल में 40 ,उमरिया में 40.4, सागर में 42.6, इंदौर में 40.6, ग्वालियर में 41.7, जबलपुर में 40.7, मंडला में 42 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज हुआ। मौसम विभाग की मानें तो अभी गर्मी से लोगों को राहत नहीं मिलने वाली है। अगले एक दो दिनों तक प्रदेश में ऐसे ही लू चलने की संभावना है। recent visitors 86

मल्लिकार्जुन खरगे ने उतारी खीज- ईवीएम से चुनाव तो धोखाधड़ी है, पूरी दुनिया बैलेट पर आई

अहमदाबाद महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में हार की टीस अब भी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के मन में है। उन्होंने अहमदाबाद में कांग्रेस के अधिवेशन में कहा कि महाराष्ट्र चुनाव में धोखाधड़ी से भाजपा ने जीत हासिल की। उन्होंने कहा कि विपक्ष को हराने के लिए राज्य में फ्रॉड किया गया था। यही नहीं उन्होंने ईवीएम से चुनाव कराने पर भी दोबारा सवाल उठाए। खरगे ने कहा कि पूरी दुनिया ईवीएम से बैलेट पेपर की ओर बढ़ रही है लेकिन हम ईवीएम का इस्तेमाल कर रहे हैं। यह सब धोखाधड़ी है। इसे बंद किया जाना चाहिए और भारत में भी बैलेट पेपर से चुनाव कराने की जरूरत है। मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि पूरी दुनिया ही अब बैलेट पर है और हम ईवीएम से चुनाव करा रहे हैं। यही नहीं मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि हम तो आजादी की दूसरी लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अंतर यह है कि पहले सांप्रदायिकरण से विदेशियों को फायदा हुआ, अब सरकार को फायदा हो रहा है। कांग्रेस लीडर ने कहा कि देश में एकाधिकार स्थापित किया जा रहा है और आम लोगों की संपत्ति इस सरकार के अमीर मित्रों को हस्तांतरित की जा रही है। उन्होंने एआईसीसी में कहा कि जिस तरह से सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को ‘उनके’ दोस्तों को सौंपा जा रहा है, वह दिन दूर नहीं जब मोदी जी देश को बेच देंगे। उन्होंने कहा कि कुछ मित्रों की कीमत पर आम लोगों के हितों के साथ यह सरकार समझौता कर रही है। सरकार की संपत्ति को इन्हीं अमीर लोगों के हाथों में सौंपा जा रहा है। खरगे ने बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाने की पैरवी की और यह आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल ने ऐसी तकनीक विकसित कर ली है, जिससे चुनावों में उसे फायदा और विपक्ष को नुकसान हो रहा है। खरगे ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, 'पिछले 11 वर्षों में सत्ताधारी दल संविधान पर लगातार चोट कर रहा है। हमारी संवैधानिक संस्थाओं पर लगातार हमले हो रहे हैं।' उन्होंने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का सदन में आसन से नाम लिया गया, लेकिन उन्हें बोलने नहीं दिया गया, जो लोकतंत्र के लिए लज्जा की बात है। खरगे ने वक्फ संशोधन विधेयक पर संसद में चर्चा का हवाला देते हुए कहा कि सरकार सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के लिए देर रात संसद में चर्चा कराती रही, जबकि मणिपुर पर भोर के समय कुछ देर के लिए चर्चा कराई गई। 'मित्रों को बेच रहे कंपनियां, गरीब आरक्षण को भी परेशान' उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार मणिपुर को लेकर कुछ छिपाना चाहती है। कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि लोकतंत्र को धीरे धीरे खत्म किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी टैरिफ लगाया गया, लेकिन सरकार ने इस विषय को संसद में उठाने नहीं दिया। खरगे ने आरोप लगाया कि ‘मित्रों को’ सरकारी उपक्रम बेचे जा रहे हैं, जिससे वंचित तबकों को आरक्षण का लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने दावा किया, 'अगर ऐसा ही चलता रहा तो एक दिन यह सरकार और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश को बेचकर जाने वाले हैं।' हरियाणा में भी फ्रॉड हुआ, लेकिन महाराष्ट्र से थोड़ा कम कांग्रेस अध्यक्ष ने यह दावा भी किया कि चुनाव आयोग से लेकर संसद तक सरकार का विस्तार करने का प्रयास हो रहा है। उन्होंने कहा कि दुनिया में कहीं ईवीएम नहीं है, यह सिर्फ भारत में है। उन्होंने मतदाता सूची में कथित हेरफेर का हवाला देते हुए कहा कि महाराष्ट्र चुनाव में जैसी जालसाजी हुई, वैसी कभी नहीं हुई। उन्होंने कहा कि हरियाणा में भी यह छोटे पैमाने पर हुआ। खरगे ने कहा कि इसके खिलाफ लड़ना है। recent visitors 39

RBI की बैठक में बड़े ऐलान- मिडिल क्लास को राहत, UPI ट्रांजैक्शन लिमिट में बदलाव, जाने बैठक की मुख्य बातें

नई दिल्ली भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने लगातार दूसरी बार रेपो रेट में कटौती कर आम आदमी को बड़ी राहत दी है। आज 9 अप्रैल को आरबीआई ने रेपो रेट को 0.25 प्रतिशत घटाकर 6 प्रतिशत करने का फैसला किया। इससे पहले 7 फरवरी 2025 में आरबीआई ने रेपो दर में 0.25 प्रतिशत की कटौती कर इसे 6.25 प्रतिशत किया गया था। यह मई 2020 के बाद पहली कटौती और ढाई साल में पहला रिविजन था। रेपो दर में कमी का असर मिडिल क्लास पर अधिक होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि रेपो रेट में कटौती के बाद बैंक और वित्तीय संस्थानों को RBI से कम लागत पर फंड उधार में मिल जाते हैं। इससे होम लोन, ऑटो लोन और नए पर्सनल लोन पर ब्याज दरें कम हो सकती हैं और आम लोगों का ईएमआई का बोझ कम होता है। आइए जानते हैं मॉनेटरी पॉलिसी बैठक की मुख्य बातें — प्रमुख ब्याज दर (रेपो) को 0.25 प्रतिशत घटाकर 6 प्रतिशत किया गया। रेपो दर में लगातार दूसरी बार चौथाई प्रतिशत की कटौती की गई। केंद्रीय बैंक के मौद्रिक रुख को ‘तटस्थ’ से बदलकर ‘उदार’ करते हुए आगे ब्याज दर में एक और कटौती का संकेत दिया। इससे ग्राहकों के लिए कर्ज की मासिक किस्त (ईएमआई) में और कमी आ सकती है। आरबीआई ने अर्थव्यवस्था की जरूरतों के अनुसार भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) को ‘ग्राहकों से दुकानदारों’ को यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस) के माध्यम से लेनदेन की सीमा में संशोधन की अनुमति देने का निर्णय किया है। हालांकि, एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति के बीच यूपीआई के जरिये लेनदेन की सीमा पहले की तरह एक लाख ही रहेगी। वर्तमान में ग्राहकों से दुकानदारों (पी टू एम) को पूंजी बाजार, बीमा, जैसे मामलों में प्रति लेनदेन दो लाख रुपये, जबकि कर भुगतान, शैक्षणिक संस्थानों, अस्पताल, आईपीओ के लिए भुगतान सीमा पांच लाख रुपये है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर के अनुमान को 6.7 प्रतिशत से घटाकर 6.5 प्रतिशत किया गया। मल्होत्रा ने कहा कि निवेश गतिविधियों में तेजी आई है और उच्च क्षमता उपयोग, सरकार के बुनियादी ढांचे पर खर्च को लेकर जोर, बैंकों और कंपनियों के बेहतर बही-खाते और वित्तीय स्थितियों में सुधार के कारण आगे निवेश और बढ़ने की उम्मीद है। आरबीआई का कहना है कि व्यापार शुल्क संबंधी उपायों ने अनिश्चितताओं को और बढ़ा दिया है, जिससे विभिन्न क्षेत्रों में आर्थिक परिदृश्य पर असर पड़ रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए मुद्रास्फीति अनुमान को 4.2 प्रतिशत से घटाकर चार प्रतिशत किया गया। आरबीआई ने सोने के आभूषणों और गहनों के बदले दिए जाने वाले लोन को लेकर मौजूदा नियमों की समीक्षा करते हुए नए मसौदा दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आरबीआई ने कहा कि सोने के बदले कर्ज से संबंधित प्रस्तावित दिशानिर्देशों का मकसद नियमों को सख्त करना नहीं, बल्कि लेंडर के व्यवहार को सुसंगत करना है। बता दें कि इन लोन का उपयोग आम तौर पर कंजम्पशन और इनकम जेनरेट दोनों उद्देश्यों के लिए किया जाता है। केंद्रीय बैंक ने को-लोन देने के दायरे का विस्तार करने और सामान्य विनियामक ढांचा जारी करने का प्रस्ताव किया। एमपीसी की 54वीं बैठक की पूर्ण जानकारी 23 अप्रैल को प्रकाशित की जाएगी। आरबीआई ने बैंकों और वित्तीय संस्थानों के फंसे हुए कर्जों (स्ट्रेस्ड एसेट्स) के समाधान के लिए एक नए ढांचे 'सिक्योरिटाइजेशन ऑफ स्ट्रेस्ड एसेट्स फ्रेमवर्क' पर मसौदा दिशा-निर्देश जारी किया है। यह नया ढांचा फंसे हुए कर्जे के सिक्योरिटाइजेशन (प्रतिभूतिकरण) को बढ़ावा देगा। सिक्योरिटाइजेशन एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें इन फंसे हुए कर्जों को मिलाकर प्रतिभूतियों में बदला जाता है और फिर निवेशकों को बेचा जाता है। इससे बैंकों को जोखिम कम करने और ऐसे कर्जों से निकलने का एक रास्ता मिलेगा। 4 से 6 जून को अलगी बैठक बता दें कि आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति की चालू वित्त वर्ष 2025-26 में 6 बैठकें होगी। पहली बैठक 7 से 9 अप्रैल तक थी। अब एमपीसी की अगली बैठक चार से छह जून, 2025 को होगी। recent visitors 38