अब नौ सेना को भी मिलेंगे महाबली राफेल, विमान खरीदने के लिए 63000 करोड़ रुपये की डील पर करेगा हस्ताक्षर, और मजबूत होगी नौसेना

मुंबई भारत ने फ्रांस से 26 राफेल मरीन लड़ाकू विमान खरीदने के लिए मेगा डील को मंजूरी दे दी है. रक्षा सूत्रों ने बुधवार को आजतक को य​ह जानकारी दी. दोनों देशों की सरकारें 63,000 करोड़ रुपये से अधिक के इस रक्षा सौदे पर जल्द ही हस्ताक्षर करेंगे, जिसके तहत भारतीय नौसेना को 22 सिंगल-सीटर और चार ट्विन-सीटर राफेल मरीन जेट मिलेंगे. डील पर मुहर लगने के बाद राफेल मरीन विमानों की डिलीवरी 2029 के अंत से शुरू होगी और 2031 तक भारतीय नौसेना को सभी 26 विमान मिल जाएंगे. इन विमानों का निर्माण फ्रांस की प्राइवेट एविएशन कंपनी डसॉल्ट एविएशन (Dassault Aviation) करेगी. इन राफेल-एम विमानों की तैनाती INS विक्रांत और INS विक्रमादित्य जैसे विमान वाहक युद्धपोतों पर होगी. अभी तक भारतीय नौसेना के ये दोनों जहाज अपने मिशनों को पुराने हो चुके मिग 29-K लड़ाकू विमानों के साथ अंजाम देते हैं. राफेल-एम विमानों की फ्लीट, पुराने हो चुके मिग-29K विमानों की फ्लीट को रिप्लेस करेगी. सूत्रों के मुताबिक, इस डील के तहत 26 राफेल मरीज जेट्स के अलावा फ्लीट के मेंटेनेंस, लॉजिस्टिक सपोर्ट, कर्मियों की ट्रेनिंग की जिम्मेदारी भी फ्रांस की होगी. इसके अलावा ऑफसेट दायित्वों के तहत इन विमानों के कलपुर्जों और उपकरणों का निर्माण भारत में ही करना होगा. इस पैकेज में नौसेना कर्मियों की ट्रेनिंग भी शामिल है. जिन 26 राफेल विमान को खरीदने की तैयारी है उनमें से 22 विमान सिंगल सीट वाले होंगे, जबकि चार विमानों में दो पायलट के बैठने की जगह होगी. सूत्रों के अनुसार इन विमानों को मुख्य रूप से स्वदेशी रूप से निर्मित विमान वाहक पोत आईएनएस विक्रांत पर तैनात किया जाएगा. इससे भारत हिंद महासागर क्षेत्र में चीनी गतिविधियों पर नजर रखने में और आसानी होगी. साथ ही इससे भारतीय नौसेना की क्षमताओं को मजबूत करना चाहता है.  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) ने इस सौदे को मंजूरी दी है. राफेल मरीन, राफेल लड़ाकू विमान का एयरक्राफ्ट कैरियर्स के लिए डिजाइन किया गया संस्करण है, जो अपनी एडवांस एवियोनिक्स, वेपन सिस्टम और एयर वारफेयर में अपनी कुशलता के लिए जाना जाता है. राफेल-एम को विमानवाहक पोतों से अंजाम दिए जाने वाले मिशनों के लिए डिजाइन किया गया है, जिसमें मजबूत लैंडिंग गियर, अरेस्टर हुक्स और शॉर्ट टेक-ऑफ बट अरेस्टेड रिकवरी (STOBAR) ऑपरेशंस को अंजाम देने के लिए मजबूत एयरफ्रेम की सुविधा है. ' यह एक ऐसी तकनीक है जिसका उपयोग नौसेना के विमानवाहक पोतों पर लड़ाकू विमान के टेक ऑफ और लैंडिंग के लिए किया जाता है, क्योंकि एयरक्राफ्ट कैरियर्स पर रनवे छोटा होता है. ऐसे में बहुत कम दूरी में लड़ाकू विमानों को उड़ान भरनी और लैंडिंग करनी होती है. भारतीय वायु सेना (आईएएफ) पहले से ही अंबाला और हाशिमारा स्थित अपने एयरबेस पर 36 राफेल फाइटर जेट्स का संचालन कर रही है. बता दें कि फ्रांस के साथ डसॉल्ट एविएशन के 36 राफेल फाइटर जेट के लिए यह डील मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में फाइनल हुई थी. नया राफेल मरीन डील भारतीय वायुसेना की क्षमताओं को बढ़ाने में भी मदद करेगा, जिसमें इसके 'बडी-बडी' एरियल रिफ्यूलिंग सिस्टम को उन्नत करना भी शामिल है. यह सुविधा भारतीय वायुसेना के लगभग 10 राफेल विमानों को हवा में ही ईंधन भरने में सक्षम बनाएगी, जिससे उनका ऑपरेशनल रेंज बढ़ जाएगा. नौ सेना के लिहाज से मॉडिफाई होंगे राफेल ये नए राफेल एम विमान, पुराने MiG-29K और MiG-29KUB विमानों की जगह लेंगे। ये पुराने विमान अभी भारतीय नौसेना के 300 स्क्वाड्रन (INAS 300) 'व्हाइट टाइगर्स' और 303 स्क्वाड्रन (INAS 303) 'ब्लैक पैंथर्स' में इस्तेमाल हो रहे हैं। नए राफेल जेट आईएनएस विक्रांत और आईएनएस विक्रमादित्य नाम के एयरक्राफ्ट कैरियर से उड़ान भरेंगे। ये विशाल जहाज समुद्र में तैरते हुए हवाई अड्डे की तरह होते हैं। भारत में फैक्ट्री लगाएगी राफेल वाली कंपनी राफेल विमान बनाने वाली कंपनी दसॉ एविएशन भारत में अपनी एक असेंबली लाइन लगाने पर भी विचार कर रही है। इसका मतलब है कि कुछ राफेल विमान भारत में ही बनाए जाएंगे। ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि भारत समेत कई देशों से राफेल विमानों के बहुत सारे ऑर्डर मिले हैं। भारत की 'मेक इन इंडिया' पॉलिसी के तहत खरीदे जाने वाले 60% हथियार भारत में ही बनने चाहिए। भारत के इस नए ऑर्डर को मिलाकर दसॉ एविएशन के पास कुल 256 राफेल विमान बनाने के ऑर्डर हैं। इनमें से 190 विमान दूसरे देशों के लिए और 56 विमान फ्रांसीसी वायु सेना के लिए हैं। दसॉ अभी हर महीने तीन विमान बनाती है। इस हिसाब से सभी ऑर्डर पूरे करने में लगभग 7 साल लग जाएंगे। फरवरी में फ्रांस के रक्षा मंत्री ने 20 से 30 और राफेल विमान खरीदने की योजना की घोषणा की थी। इससे साफ है कि राफेल विमानों की मांग दुनिया भर में बढ़ रही है। भारत ने जुलाई 2023 में ही 26 और राफेल विमान खरीदने की योजना बना ली थी। उस समय रक्षा मंत्रालय ने नौसेना के लिए 26 राफेल और तीन स्कॉर्पीन क्लास पनडुब्बियों की खरीद को मंजूरी दे दी थी। भारत ने 2016 में 36 राफेल विमानों का ऑर्डर दिया था। इनमें से आखिरी दो विमान दिसंबर 2022 में भारत पहुंचे थे। वायु सेना के लिए आ चुके हैं 36 राफेल इन 36 विमानों में भारत की खास जरूरतों के हिसाब से 13 बदलाव किए गए थे। इनमें एक इजरायली हेलमेट-माउंटेड डिस्प्ले सिस्टम, मीटिऑर गाइडेड मिसाइल समेत कई तरह की मिसाइलें, 10 घंटे का डेटा स्टोर करने वाले फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर, इन्फ्रारेड टारगेट ट्रैकिंग सिस्टम, बेहतर रडार, ऊंचाई वाले एयरफील्ड से उड़ान भरने के लिए कोल्ड वेदर इंजन स्टार्टर और भी बहुत कुछ शामिल है। इन बदलावों से भारतीय वायुसेना की ताकत और बढ़ गई है। नए राफेल विमान भी इन्हीं खूबियों से लैस होंगे और भारतीय नौसेना की ताकत में इजाफा करेंगे। ये नए विमान हिंद महासागर में भारत की सुरक्षा को और मजबूत बनाएंगे।   recent visitors 36

आईपीएल 2025 की ऑरेंज कैप पर निकोलस पूरन की बादशाहत जारी, पर्पल कैप है इस गेंदबाज के सिर पर

नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल का 18वां सीजन जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे ऑरेंज कैप और पर्पल कैप के रेस भी दिलचस्प होती जा रही है। हालांकि, ऑरेंज कैप और पर्पल कैप ज्यादातार समय निकोलस पूरन और नूर अहमद के पास ही रही हैं, लेकिन बाकी के स्थानों पर खूब फेरबदल हुआ है। अभी तक नंबर दो पर सूर्यकुमार यादव ऑरेंज कैप की रेस में थे, लेकिन वे नीचे खिसक गए। हार्दिक पांड्या भी पर्पल कैप की रेस में तीसरे स्थान पर खिसक गए हैं। ऐसे में जान लीजिए कि अभी कौन किस नंबर पर है। आईपीएल 2025 के ऑरेंज कैप की बात करें तो इस पर अभी भी निकोलस पूरन का कब्जा है, जो 288 रन बनाकर शीर्ष पर चल रहे हैं। लिस्ट में दूसरा नाम भी लखनऊ सुपर जायंट्स के बल्लेबाज का ही है। मिचेल मार्श 265 रन बनाकर दूसरे पायदान पर हैं। सूर्यकुमार यादव तीसरे नंबर पर खिसक गए हैं, जो 199 रन बना चुके हैं। गुजरात टाइटन्स के बल्लेबाज साई सुदर्शन 191 रन बनाकर चौथे नंबर पर हैं और पांचवें पायदान पर अब अजिंक्य रहाणे आ गए हैं, जिन्होंने 184 रन बना लिए हैं। 1. निकोलस पूरन – 288 रन 3. सूर्यकुमार यादव – 199 रन 5. अजिंक्य रहाणे – 184 रन आईपीएल के 18वें सीजन के पर्पल कैप की बात करें तो नूर अहमद फिर से हार्दिक पांड्या से आगे निकल गए हैं। उनको पीबीकेएस वर्सेस सीएसके मैच में एक ही विकेट मिला, लेकिन वे अब 11 विकेटों के साथ शीर्ष पर हैं। खलील अहमद 10 विकेट के साथ दूसरे और इतने ही विकेट के साथ हार्दिक पांड्या तीसरे नंबर पर हैं। औसत के मामले में हार्दिक खलील से पीछे हैं। चौथे नंबर पर मोहम्मद सिराज हैं और पांचवें पर मिचेल स्टार्क हैं। 1. नूर अहमद – 11 विकेट 3. हार्दिक पांड्या – 10 विकेट 4. मोहम्मद सिराज – 9 विकेट 5. मिचेल स्टार्क – 9 विकेट recent visitors 42

Kia के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट से कारों के 900 इंजन हो गए चोरी, साल मार्च में ऑडिट के दौरान यह चोरी पकड़ी गई

तिरुपति आंध्र प्रदेश के श्री सत्य साईं जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। पेनकोंडा के पास किआ मोटर्स (Kia Motors) की कार बनान की फैक्ट्री है। इस फैक्ट्री से बीते पांच साल में करीब 900 इंजन चोरी हो गए हैं। यह मामला तब सामने आया जब कंपनी ने बीते मार्च के दौरान पूरे साल का ऑडिट किया। पुलिस ने शुरू की जांच हमारे सहयोगी टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार शुरुआत में किआ मोटर्स शिकायत दर्ज कराने में हिचकिचा रही थी। वे चाहते थे कि पुलिस बिना औपचारिक शिकायत के ही मामले की जांच करे। लेकिन पुलिस ने साफ़ कह दिया कि बिना शिकायत के जांच नहीं हो सकती। इसके बाद किआ मोटर्स ने 19 मार्च को पेनकोंडा इंडस्ट्रियल एस्टेट पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। श्री सत्य साईं जिले के SP वी. रत्ना ने किआ मोटर्स के कारखाने का दौरा किया और सारे रिकॉर्ड देखे। उन्होंने कहा, "हमने मामले की जांच के लिए तीन विशेष टीमें बनाई हैं। हमारी टीमें महत्वपूर्ण जानकारी जुटाने के लिए पूरे देश में जा रही हैं। मामले की जांच तेजी से चल रही है।" 2020 से हो रही है चोरी पेनकोंडा के DSP वाई. वेंकटेश्वरुलु भी जांच टीम का हिस्सा हैं। उन्होंने बताया कि किआ मोटर्स में इंजन की चोरी 2020 में शुरू हुई थी। उन्होंने कहा, "शुरुआती जांच से पता चला है कि पिछले पांच सालों में 900 इंजन धीरे-धीरे और योजना बनाकर चुराए गए हैं। यह निश्चित रूप से किसी अंदर के आदमी का काम है। हमें शक है कि किआ मोटर्स के कुछ पूर्व और वर्तमान कर्मचारियों ने मिलकर इस चोरी को अंजाम दिया है।" प्लांट से चोरी हुए इंजन पहले पुलिस को शक था कि तमिलनाडु से पेनकोंडा के किआ मोटर्स प्लांट में आते समय इंजन चोरी हो गए होंगे। लेकिन जांच के बाद पता चला कि सारे इंजन प्लांट से ही चुराए गए थे। चोरों ने रिकॉर्ड में भी हेरफेर किया। दूसरी तरफ, किआ मोटर्स ने इस मामले पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि पुलिस अभी जांच कर रही है। लेकिन कंपनी ने यह जरूर कहा कि इंजन चोरी होने से कारखाने के उत्पादन पर कोई असर नहीं पड़ा है। प्रोडक्शन पर असर नहीं किआ मोटर्स के एक प्रतिनिधि ने TOI को बताया, "हम हर साल लगभग 3-4 लाख गाड़ियां बनाते हैं। 900 इंजन चोरी होने से उत्पादन में कोई कमी नहीं आई है।" वैसे यह घटना कई सवाल खड़े करती है। इतनी बड़ी संख्या में इंजन कैसे चोरी हो गए? क्या कारखाने में सुरक्षा व्यवस्था कमजोर थी? क्या कंपनी के अंदर कुछ लोग चोरों के साथ मिले हुए थे? पुलिस इन सभी सवालों के जवाब ढूंढने की कोशिश कर रही है। यह भी सोचने वाली बात है कि इंजन चोरी होने के बाद भी कंपनी को इसका पता क्यों नहीं चला। क्या कंपनी के ऑडिट सिस्टम में कोई कमी थी? क्या कर्मचारियों ने चोरी को छिपाने की कोशिश की? recent visitors 31

EPFO मेंबर्स के लिए सरकार ने किया बड़ा काम, अब सिर्फ फेस वेरिफिकेशन से हो जाएगा ये बड़ा काम

नई दिल्ली  एंप्लॉयीज प्रॉविडेंट फंड ऑर्गनाइजेशन (EPFO) ने यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) जेनरेट और एक्टिवेट करने के लिए फेस ऑथंटिकेशन टेक्नॉलजी की सुविधा शुरू की है। श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने  यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अब कर्मचारी उमंग ऐप (Umang App) इस्तेमाल कर आधार फेस ऑथेन्टिकेशन टेक्नॉलजी से खुद अपना UAN बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी नियोक्ता अपने नए कर्मचारी का UAN इस तरह खुद इसी प्रोसेस से बना सकता है। मांडविया ने बताया कि जिन पुराने सदस्यों का UAN एक्टिवेट नहीं हुआ है, वे भी उमंग ऐप से इसे एक्टिवेट कर सकते हैं। मांडविया ने बताया, 'EPFO जल्दी ही जीवन प्रमाण (डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट) को भी फेस ऑथंटिकेशन के जरिए प्रमोट करेगा, जिससे पेंशनधारकों को घर पर सेवाएं मिल सकेगी मांडविया ने कहा, UAN जेनरेट करने के लिए आमतौर पर एंप्लॉयर कर्मचारी का डेटा EPFO को भेजता था और डेटा आधार से वेरिफाई किया जाता था, लेकिन पिता का नाम, मोबाइल नंबर जैसी जानकारी में कई बार गलतियां हो जाती थी, जिससे कर्मचारियों को क्लेम या दूसरे बेनेफिट के लिए बाद में डेटा अपडेट कराना पड़ता था। कई मामलों में कर्मचारी का मोबाइल नंबर गलत होने या उसकी जानकारी ही नहीं दिए जाने के चलते EPFO उनसे संपर्क नहीं कर पाता था। लेकिन फेस ऑर्थोटिकेशन टेक्नॉलजी के इस्तेमाल से ऐसी दिक्कतें नहीं होंगी और करोड़ों कर्मचारियों को कॉन्टैक्टलेस और सुरक्षित सेवा मिलेगी।' इसके अलावा EPFO मेंबर पोर्टल पर आधार ओटीपी वैलिडेशन के जरिए UAN एक्टिवेशन की प्रक्रिया है, जिसे मेंबर को पूरा करना होता है। इसमें भी कई बार कन्फ्यूजन की स्थिति बन जाती है। मांडविया ने बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 में 1,26,56,127 UAN जनरेट हुए, लेकिन 44,68,236 यानी करीब 35% ही एक्टिवेट हुए। इस तरह खुद जेनरेट करें UAN     प्लेस्टोर से उमंग ऐप (Umang App) डाउनलोड कर इंस्टॉल करें।     AadhaarFaceRD App भी डाउनलोड करे और इंस्टॉल करे।     उमंग ऐप खोलें और UAN अलॉटमेंट एंड एक्टिवेशन पर जाएं।     आधार नंबर और आधार से लिंक मोबाइल नंबर डालें।     कंसेट देने के लिए चेकबॉक्स पर टिक करें और OTP वेरिफाई करें।     इसके बाद कैमरा ऑन होगा, लाइव फोटो लें।     जब बॉर्डर हरे रंग में बदल जाए, तो फोटो कैप्चर पूरा होगा, जैसे डिजियात्रा ऐप में होता है।     फोटो आधार डेटाबेस से मिलाया जाएगा सफल मैचिंग के बाद UAN SMS से भेजा जाएगा।     UAN जेनरेट होते ही ऑटो एक्टिव हो जाएगा। उमंग ऐप या मेबर पोर्टल से UAN कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे। recent visitors 60

बीजापुर में सरेंडर करने वाले नक्सलियों ने बताया कि माओवादी विचारधारा से वह परेशान हो गए

बीजापुर छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले सुरक्षाबल के जवानों को बड़ी सफलता मिली है। मंगलावर को 22 नक्सलियों ने जवानों के सामने सरेंडर कर दिया। सरेंडर करने वाले 22 में से चार नक्सलियों के सिर पर 26 लाख रुपये का इनाम घोषित था। सरेंडर करने वाले नक्सलियों ने बताया कि माओवादी विचारधारा से वह परेशान हो गए थे। इसलिए समाज की मुख्यधारा में लौटना चाहते थे। जिन नक्सलियों ने सरेंडर किया उनके खिलाफ कई मामलों में केस दर्ज है। नक्सलियों के सरेंडर की जानकारी पुलिस अधिकारियों ने मंगलवार को दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले में चार इनामी नक्सलियों कमली हेमला उर्फ सोमे, मुया माड़वी उर्फ राजेश, सोनू तांती और महेश पुनेम समेत 22 उग्रवादियों ने सुरक्षाबलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाली नक्सली कमली हेमला पीएजीए बटालियन नंबर एक की सदस्य है तथा उसके सर पर आठ लाख रुपए का इनाम है। उन्होंने बताया कि नक्सली मुया माड़वी तेलंगाना स्टेट कमेटी के अंतर्गत पार्टी सदस्य है तथा उस पर भी आठ लाख रुपए का इनाम है। आत्मसमर्पण करने वाले पश्चिम बस्तर डिवीजन प्रेस टीम के कमांडर सोनू ताती और पीएलजीए सदस्य महेश पुनेम पर पांच-पांच लाख रुपए का इनाम है। अधिकारियों ने बताया कि मुया माड़वी उर्फ राजेश 19 साल का है, सोनू तांती 28 और महेश पुनेम 20 साल का है। संगठन के भीतर बड़ा मतभेद सरेंडर करने वाले नक्सलियों ने बताया कि नक्सली संगठन के विचारों से मोहभंग हो गया है तथा वह संगठन के भीतर बढ़ते आंतरिक मतभेद से परेशान थे। उन्होंने समाज की मुख्यधारा से जुड़कर सुरक्षित पारिवारिक जीवन जीने के लिए आत्मसमर्पण करने का फैसला किया है। उन्होंने खुलासा किया की जवानों की लगातार हो रही कार्रवाई से नक्सली संगठन खौफ में हैं। संगठन कमजोर हो रहे हैं। 50-50 हजार मिली सहायता राशि अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में जुड़ने वाले सभी माओवादियों को प्रोत्साहन के रूप में 50-50 हजार रुपये का चेक प्रदान किया गया है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष अब तक नक्सली घटनाओं में शामिल 172 नक्सली गिरफ्तार हुए हैं तथा 179 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। जिले में अलग-अलग मुठभेड़ों में कुल 83 नक्सली मारे गए हैं। एसपी ने की सरेंडर की अपील बीजापुर जिले के पुलिस अधीक्षक डॉक्टर जितेंद्र कुमार यादव ने नक्सलियों से अपील की है कि वे सरकार की नई आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का लाभ उठाएं और समाज की मुख्यधारा में शामिल हों। उन्होंने नक्सलियों से कहा है कि वे बाहरी लोगों की भ्रामक बातों और विचारधारा से बाहर निकलें और समाज की मुख्यधारा में शामिल हों, जहां वे निर्भीक रूप से सामान्य जीवन व्यतीत कर सकें। recent visitors 53

मुरैना में डिप्टी कलेक्टर का वाहन हुआ दुर्घटना का शिकार, सड़क पर अचानक प्रकट हुए को बचाने में हादसा

मुरैना  एक बुजुर्ग को बचाने के चक्कर में भिंड डिप्टी कलेक्टर की तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर खाई में पलट गई. जिससे कार में सवार डिप्टी कलेक्टर सहित 3 लोग घायल हो गए. घायलों को पोरसा सिविल हॉस्पिटल में प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए ग्वालियर भेज दिया गया. घटना पोरसा थाना क्षेत्र स्थित भिंड रोड शहीद पेट्रोल पंप के पास की है. प्राप्त जानकारी के अनुसार, डिप्टी कलेक्टर का शासकीय वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे 5 फीट गहरी खाई में जा गिरा था. बुजुर्ग को बचाने के चक्कर में हुआ हादसा मिली जानकारी के अनुसार, भिंड जिले के मिहोना में पदस्थ डिप्टी कलेक्टर विकास तैमोर मंगलवार को किसी काम से मुरैना आ रहे थे. उनकी कार में ड्राइवर संजीव कुमार के अलावा उनका सहायक सवार था. बताया जा रहा है कि कार तेज स्पीड में पोरसा कस्बे के नजदीक भिंड रोड पर स्थित शहीद पेट्रोल पंप से सामने से गुजर रही थी तभी सामने से एक बुजुर्ग आ गया. चालक ने बुजुर्ग को बचाने के लिए ब्रेक लगा दिया, जिससे तेज रफ्तार कार सड़क किनारे करीब 5 फीट गहरी खाई में गुलाटी मारते हुए पलट गई. बेहतर उपचार के लिए ग्वालियर ले जाया गया मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत तीनों को कार से बाहर निकाला और उन्हें पोरसा सिविल अस्पताल ले गए. जहां प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया. हालांकि बेहतर उपचार के लिए जिला प्रशासन ने तीनों को निजी एंबुलेंस से ग्वालियर भेज दिया. घायलों में एक की हालत गंभीर बताई जा रही है. पोरसा हास्पिटल में पदस्थ डॉ. मयंक शर्मा ने बताया कि "3 लोगों को घायल अवस्था में यहां लाया गया था. प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें मुरैना जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है." पहले भी मुरैना में डिप्टी कलेक्टर की कार का एक्सीडेंट हुआ था सालभर पहले भी मुरैना में पदस्थ डिप्टी कलेक्टर वंदना जैन की जीप से हाइवे पर एक बाइक सवार महिला-पुरुष टकरा गए थे. इस घटना के बाद वंदना जैन ने घायलों को अपनी गाड़ी में बैठाकर अस्पताल पहुंचाया था. इतना ही नहीं जब तक घायलों का उपचार नहीं हुआ तब तक डिप्टी कलेक्टर अपने कार्यालय नहीं गई थीं. recent visitors 44

हमीरपुर : जिलाधिकारी घनश्याम मीणा ने खेत में काटी गेहूं की फसल

 हमीरपुर अक्सर हम अफसरों को हम फाइलों के साथ मीटिंग्स  या फिर दौरा करते हुए देखते हैं, लेकिन जब कोई कलेक्टर खुद खेत में उतरकर किसानों के साथ काम करे, तो वो तस्वीर खास बन जाती है. यूपी के हमीरपुर जिले के जिलाधिकारी घनश्याम मीणा कुछ ऐसा ही कर गए. भीषण गर्मी के बीच खेत में उतरकर गेहूं की कटाई की, वो भी हंसिया चलाकर. ये नजारा था हमीरपुर सदर कोतवाली क्षेत्र के गांव कुछेछा का, जहां डीएम गेहूं के खेत में खुद कटाई का काम किया. इसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. डीएम ने किसानों के साथ की बातचीत दरअसल, डीएम घनश्याम मीणा फसल कटाई आंकलन और उत्पादकता मूल्यांकन के लिए गांव पहुंचे थे. जिले में कृषि उपज का सही डेटा तैयार करने के लिए यह फील्ड विजिट की गई थी. मौके पर उन्होंने खेत मालिक से फसल की स्थिति, मेहनत, लागत और कमाई से जुड़ी कई बातों की जानकारी ली. उन्होंने न केवल ज़मीनी हकीकत को समझा, बल्कि किसानों को यह भी प्रोत्साहित किया कि वर्ष में एक से अधिक फसल कैसे ली जा सकती है, ताकि आय में इजाफा हो सके. ट्वीट से वायरल हुआ खेत वाला वीडियो हमीरपुर डीएम ऑफिस के ट्विटर हैंडल @DmHamirpurUp से एक वीडियो शेयर किया गया है, जिसमें घनश्याम मीणा हंसिया से गेहूं की फसल काटते नजर आ रहे हैं. वीडियो के साथ कैप्शन में बताया गया कृषि उपज के अनुमानों का आकलन करने एवं उत्पादकता के आंकड़ों के संकलन हेतु मुख्यालय के कुछेछा स्थित गेहूं के खेत में आज क्रॉप कटिंग की गई. किसान से कृषि कार्यों के संबंध में जानकारी ली तथा वर्ष में एक से अधिक फसल लेने हेतु प्रोत्साहित किया. इस पहल को लोग सोशल मीडिया पर खूब सराह रहे हैं. कुछ यूज़र्स ने लिखा कि इसे कहते हैं प्रशासनिक संवेदनशीलता., तो किसी ने कहा – अगर हर जिले में ऐसे डीएम हों, तो किसानों की तकदीर बदल जाएगी. recent visitors 47