7 एवं 8 अप्रैल को मंत्री डॉ. विजय शाह की अध्यक्षता में जनजातीय कार्य एवं अनुसूचित जाति कल्याण की दो दिवसीय कार्यशाला

भोपाल जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. विजय शाह की अध्यक्षता में जनजातीय कार्य एवं अनुसूचित जाति कल्याण विभाग की दो दिवसीय प्रशिक्षण सह-उन्मुखीकरण कार्यशाला 7 एवं 8 अप्रैल को आयोजित की गई है। प्रशासन अकादमी भोपाल में आयोजित प्रशिक्षण सह उन्मुखीकरण कार्यशाला में संभागीय एवं जिला अधिकारी भाग लेंगे। प्रशिक्षण कार्यशाला में मैदानी स्तर पर तैनात अधिकारियों को विभाग के दैनंदिनी कार्यों के साथ विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में आई.टी के उपयोग एवं ई-ऑफिस प्रशिक्षण के रूप में एम.पी. टॉस्क पोर्टल के लाइव मॉडल्स का प्रशिक्षण शामिल किया गया है। प्रशिक्षण कार्यशाला के दूसरे दिन विधि संगत प्रकरणों, अनुदान, सी.एम. हेल्प लाइन प्रकरणों के निराकरण एवं विशेष प्रकरणों में खात्मे एवं लेखा विषयों पर वरिष्ठ अधिकारियों एवं विषय विशेषज्ञों द्वारा सत्र को संबोधित किया जाएगा। छात्रावासों के नियम, छात्रवृत्ति, अत्याचार अधिनियम एवं अन्य विषय विशेष पर वरिष्ठ अधिकारी संबोधित करेंगे।   recent visitors 25

ग्वालियर में नवनिर्मित विवेकानंद नीडम आरओबी (रेलवे ओवर ब्रिज) जल्द ही जनता को समर्पित किया जाएगा

भोपाल ग्वालियर में नवनिर्मित विवेकानंद नीडम आरओबी (रेलवे ओवर ब्रिज) जल्द ही जनता को समर्पित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विगत दिवस ग्वालियर ट्रांजिट विजिट में विमानतल पर कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान को नीडम आरओबी का निरीक्षण कर शेष कार्य शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए थे। उन्होंने कहा कि शेष कार्य पूर्ण होते ही आरओबी का लोकार्पण किया जायेगा। ग्वालियर जिले के प्रभारी एवं जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने भी नीडम आरओबी के शेष कार्यों को शीघ्रता से पूर्ण कराने को लेकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संभागीय आयुक्त श्री मनोज खत्री, कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान व नगर निगम आयुक्त श्री संघ प्रिय सहित अन्य संबंधित अधिकारियों से चर्चा की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से उन्होंने कहा कि नव निर्मित आरओबी की कमियों को तत्परता से पूर्ण कराया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा दिए गए निर्देशों के पालन में कलेक्टर श्रीमती चौहान ने शनिवार को नीडम आरओबी का निरीक्षण किया। उन्होंने सेतु निगम के कार्यपालन यंत्री को आरओबी पर किए जा रहे विद्युतीकरण, रोड फिनिशिंग, आरओबी के दोनों ओर की कॉलोनियों को सड़क सुरक्षा मानकों के अनुसार जोड़ने की कार्रवाई युद्ध स्तर पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्रीमती चौहान ने कहा कि आरओबी पर समुचित ढंग से रेडियम लगाने और डिवाइडर सहित जरूरत के मुताबिक स्पीड ब्रेकर बनाने की हिदायत भी उन्होंने निरीक्षण के दौरान दी।   recent visitors 37

कश्मीर के लिए वंदे भारत पर कटरा में लगेगा ब्रेक, दिल्ली से सीधे श्रीनगर नहीं चलेगी ट्रेन, क्या है वजह

जम्मू कश्मीर घाटी को दिल्ली से जोड़ने वाली पहली वंदे भारत एक्सप्रेस को लेकर एक खबर सामने आई है। भारतीय रेलवे इस ऐतिहासिक रेल सेवा को शुरू करने की तैयारी में जुटा है, मगर सफर के बीच एक जरूरी ब्रेक लगेगा। जी हां। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यदि आप दिल्ली से श्रीनगर की ओर वंदे भारत में सफर करेंगे तो, तो आपको कटरा में ट्रेन बदलनी होगी। ये फैसला सुरक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी अहम वजहों के चलते लिया गया है। रेलवे अधिकारियों के हवाले से इंडिया टीवी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 19 अप्रैल को कटरा से श्रीनगर के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाएंगे। हालांकि, दिल्ली से श्रीनगर तक की सीधी सेवा अगस्त या सितंबर तक शुरू होने की उम्मीद है। लेकिन उस सेवा में भी यात्रियों को दिल्ली से कटरा तक एक ट्रेन से और फिर कटरा से श्रीनगर तक दूसरी वंदे भारत ट्रेन से सफर करना होगा। कटरा में क्यों होगी बदली? कटरा में ट्रेन क्यों बदलेगी? इसकी वजह है कश्मीर की संवेदनशील स्थिति और मौसम की चुनौती है। कटरा पहुंचने के बाद यात्रियों की सुरक्षा जांच दोबारा की जाएगी, और उन्हें 2 से 3 घंटे तक इंतजार करना होगा। इस दौरान उनका सामान भी दोबारा चेक होगा। रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए कटरा स्टेशन पर खास वेटिंग एरिया तैयार करने का काम शुरू कर दिया है। खास बात ये है कि यात्रियों को दिल्ली से श्रीनगर तक के सफर के लिए एक ही टिकट मिलेगा। यानी भले ही ट्रेन बदली जाए, टिकट एक ही रहेगा, इससे यात्रा होगी आसान और झंझट रहित होगी। स्वास्थ्य की दृष्टि से भी ये ब्रेक जरूरी है। रेलवे का कहना है कि समतल इलाके से सीधे ऊंचाई वाले क्षेत्र में जाने से कई यात्रियों को स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। recent visitors 26

हिमाचल में पिछले एक साल में 6 हजार लोगों ने अपनी गाड़ियों के लिए फैंसी नंबर लिए, करोड़ों की हुई कमाई: परिवहन विभाग

शिमला हिमाचल के लोग भी फैंसी नंबर के दिवानें हैं। लोग अपनी गाड़ियों के लिए रूटीन का नंबर लेने के बजाए फैंसी नंबर ले रहे हैं। भले ही इसके लिए उन्हें अपनी जेब क्यों न ढीली करनी पड़े। परिवहन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक पिछले एक साल में 6 हजार लोगों ने अपनी गाड़ियों के लिए फैंसी नंबर लिए हैं। इससे परिवहन विभाग को 23.57 करोड़ की कमाई हुई है। 0001 सीरिज के नंबरों से ही विभाग ने 3.26 करोड़ रुपये कमाए 0001 सीरिज के नंबरों से ही विभाग ने 3.26 करोड़ रुपए कमा लिए हैं। फैंसी नंबरों की ई नीलामी होती है। जिसकी सबसे ज्यादा बोली होती है उसे यह नंबर मिल जाता है। परिवहन विभाग के मुताबिक पिछले साल छह हजार लोगों ने फैंसी नंबर लिए हैं। फैंसी नंबर के लिए बढ़ते क्रेज को देखते हुए परिवहन विभाग ने अब इस वित्त वर्ष के लिए इसका भी टारगेट तय कर दिया है। विभाग ने तय किया है कि इस साल 31.58 करोड़ रुपए फैंसी नंबरों को बेचकर कमाया जाएगा। शिमला के व्यक्ति ने लिया था 12.50 लाख का नंबर शिमला के ठियोग आरएलए (रजिस्ट्रेशन एंड लाइसेंसिंग अथारिटी) का नंबर 12.50 लाख में, जबकि श्री नयनादेवी के स्वारघाट आरएलए का नंबर 9 लाख में बिका है। परिवहन विभाग ने गाड़ियों के लिए फैंसी नंबर लेने के लिए पिछले साल नियमों में बदलाव किया था। 0001 लेने के लिए 5 लाख से बोली शुरू करने का नियम बनाया गया था। ई ऑक्शन में सबसे ज्यादा बोली लगाने वाले को यह नंबर मिलेगा। स्कूटी के लिए विशेष नंबर लेने के लिए एक करोड़ रुपये से ज्यादा रुपये की बोली लगाने के विवाद के बाद अब सरकार विशेष नंबरों में पारदर्शिता और अधिक राजस्व प्राप्त करने के लिए नियमों में बदलाव किया था। अतिरिक्त आयुक्त परिवहन व सचिव एसटीए नरेश ठाकुर ने बताया कि परिवहन विभाग ने फैंसी नंबर बेचकर 23.57 करोड़ की कमाई की है। अगले साल के लिए विभाग ने इसका टारगेट भी तय कर दिया गया है। इसके लिए नियम तय है। जो सबसे ज्यादा बोली लगाएगा उसे ही यह नंबर मिलेगा। recent visitors 27

जल गंगा संवर्धन अभियान : कुओं, बावड़ियों और तालों के पुनर्जीवित होने से बढ़ने के साथ सुरक्षित रहेगा भूजल

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जल संरक्षण अभियान देशभर में जन-आंदोलन बन चुका है। मध्यप्रदेश में चल रहे जल गंगा संवर्धन अभियान में जन सहयोग उमड़ रहा है। इसमें निरंतर जन सहभागिता बढ़ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन के माँ क्षिप्रा के तट रामघाट से 30 मार्च को प्रदेश स्तरीय जल गंगा संवर्धन अभियान की शुरूआत की थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि जल संरक्षण के लिए जन भागीदारी जुटने से स्पष्ट है कि प्रदेश प्रधानमंत्री मोदी के ‘जन सहयोग से जल संरक्षण’ की मुहिम में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेकर अग्रिम पंक्ति में आ गया है। राज्य सरकार 'खेत का पानी खेत में, गांव का पानी गांव में' के सिद्धांत पर जल संरक्षण की दिशा में अभियान चला रही है। इसे सफल बनाने के लिए "जल गंगा संवर्धन अभियान" में वर्षा जल संचयन, पुराने जल स्रोतों का पुनर्जीवन और जल संरक्षण तकनीकों को अपनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि राज्य सरकार का यह अभियान जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे जल संरक्षण से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता देकर अधिक से अधिक लोगों को अभियान से जोड़ें। उज्जैन में जन सहभागिता से आगे बढ़ रहा अभियान मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा उज्जैन से प्रारंभ किये गये अभियान में जल संरक्षण, जल स्त्रोंतो के पुनरूद्धार, भू-जल स्तर सुधार, पुराने कुओं-बावड़ियों के जीर्णोद्धार, जल स्त्रोतों की साफ-सफाई, पौध-रोपण, छोटी नदियों, तालाब जैसी जल संरचनाओं के संरक्षण करने के लिए चल रहे इस अभियान में अब जन सहयोग भी उमड़ने लगा है। उज्जैन जिला पंचायत सीईओ श्रीमति जयति सिंह के साथ जनपद पंचायत उज्जैन की टीम ने भी जन सहयोग से चिंतामण बावड़ी, गोठड़ा बावड़ी, राणावड़ बावड़ी और बामोरा बावड़ी की साफ-सफाई की। इंदौर में धर्मगुरु बता रहे हैं जल की महत्ता इंदौर जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान में जल संरक्षण की महत्ता जन-जन तक पहुँचाने के लिए धर्मगुरु भी जुड़ रहे हैं। धर्मगुरु अपने उपदेशों से जल की महत्ता जन-जन तक पहुँचा रहे हैं। इनकी प्रेरणा से नागरिक श्रमदान कर बावड़ी, कुँओं और तालाबों को संवार रहे हैं। इन्दौर जिले के बरलाई जागीर गांव में चारभुजा नाथ मंदिर सांवेर के गुरु आनंदाचार्य ने आश्रम के बटुकों के साथ पूजन-अर्चन किया। मंत्रोच्चार के साथ जल का पूजन भी किया गया। उन्होंने उपस्थित जनों को जल की महत्ता समझाते हुए कहा कि जल की एक-एक बूँद जीवनदायी होती है। हमारी धार्मिक मान्यताओं में भी जल का विशेष स्थान है। इसलिए सभी को मिलकर जल को सहेजने चाहिये। आनंदाचार्य के आह्वान पर श्रद्धालुओं ने बरलाई जागीर की बावड़ी के लिये श्रमदान किया। उन्होंने कहा कि "जल गंगा संवर्धन अभियान", प्रदेश में जल की प्रचुर उपलब्धता और भावी पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। सीधी में जन श्रमदान से जल संरचनाओं की सफाई, चौपाल संगोष्ठियों से जन जागरण मध्यप्रदेश जन-अभियान परिषद ने महाविद्यालयों के विद्यार्थियौं के सहयोग से सीधी की सबसे महत्वपूर्ण जल संरचना गोपालदास तालाब में से गाद निकाल कर उसकी साफ-सफाई के लिए श्रमदान का क्रम प्रारंभ किया है, जो अलग-अलग जल संरचनाओं की सफाई के रूप में निरंतर जारी है। इसके साथ ही जल संरक्षण के प्रति जन सामान्य को जागरुक बनाने के लिए चौपाल संगोष्ठी, दीवार लेखन और निबंध-कविता आदि साहित्यिक प्रतियोगिताओं के आयोजन भी कराए जा रहे हैं। नवांकुर संस्था जन-चेतना ग्राम विकास समिति ने सीधी जिले के आदर्श ग्राम नदहा की तिरचुली नदी में श्रमदान से स्वच्छता अभियान चलाया। जनता ने श्रमदान कर गांव के हैंडपम्पों के आसपास और जलाशय की सफाई एवं गहरीकरण किया। श्योपुर में सीप नदी के गिर्राज घाट पर श्रमदान से शुरू हुआ नदी सफाई का क्रम श्योपुर में जल गंगा संवर्धन अभियान में जन-अभियान परिषद की नवांकुर संस्था ने समाजसेवियों एवं स्वयं सेवी संस्थाओं के सहयोग से सीप नदी के गिर्राज घाट पर साफ-सफाई के लिए श्रमदान किया। सिवनी में जन-सहयोग के लिए जागरुकता रैली औऱ श्रमदान सिवनी जिले में जल गंगा संवर्धन-अभियान में ग्रामीण क्षेत्रों में नदी, कुंओं, तालाबों, बावड़ियों सहित अन्य जल संरचनाओं के संरक्षण एवं पुनर्जीवन कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। साथ ही इस अभियान में जनसमुदाय को जोडने के लिए जागरूकता रैली और दीवार लेखन जैसी गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।   recent visitors 42

केंद्र सरकार इस माह 26 राफेल-मैरीटाइम स्ट्राइक फाइटर्स की खरीद को मंजूरी देने के लिए तैयार

नई दिल्ली  केंद्र सरकार इस महीने 26 राफेल-मैरीटाइम स्ट्राइक फाइटर्स की खरीद को हरी झंडी देने के लिए पूरी तरह तैयार है। सरकार डिफेंस खरीद के ट्रेंड को बरकरार रखे हुए है। 2024-25 में एनडीए सरकार डिफेंस इक्यूपमेंट की खरीद 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए हैं। राफेल मरीन विमान इतने खतरनाक और क्षमताओं से लैस हैं कि यह चीन के पास मौजूद F-16 और चीन के पास मौजूद J-20 से बेहतर है। ऐसे में दुश्मन नेवी की तरफ की तरफ आंख उठाने से पहले कई बार सोचेंगे। रिपोर्ट के अनुसार 7.6 अरब डॉलर के फाइटर प्लेन डील को इस महीने के अंत में सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीएस) के समक्ष रखा जाएगा। इसके साथ ही सभी हितधारकों को एकमत करने के बाद तीन अतिरिक्त डीजल इलेक्ट्रिक पनडुब्बियों के लिए सरकार की मंजूरी मिल जाएगी। नौसेना को मिलेगी मजबूती राफेल-एम लड़ाकू विमानों का यूज भारत के दो विमान वाहक पोतों पर समुद्र में भारतीय नौसेना को अधिक शक्ति प्रदान करने के लिए किया जाएगा। वहीं, अतिरिक्त पनडुब्बियां हिंद महासागर क्षेत्र (आईओआर) में पारंपरिक प्रतिरोध को मजबूत करेंगी। राफेल मरीन का वजन करीब 10,300 किलोग्राम है। यह एक मिनट में 18 हजार मीटर की ऊंचाई पर जा सकता है। पारंपरिक राफेल के विपरित मरीन राफेल के विंग मुड़ सकते हैं। राफेल मरीन में पनडुब्ब्यिों को खोजने और मार गिराने के लिए एडवांस राडार लगाए गए हैं। इसमें एंटी शिप मिसाइल भी लगाए जाएंगे। इसके अलावा ये विमान मीटियोर, स्कैल्प और हैमर जैसी मिसाइल से भी लैस होंगे। यह प्लेन मैक2 की स्पीड से दुश्मन पर हमला करने में सक्षम है। यह स्टील्थ से लैस है, ऐसे में यह दुश्मन को आसानी से चकमा दे सकता है। एक दशक में डिफेंस इक्यूपमेंट पर खर्च रक्षा मंत्रालय ने 2024-2025 में ₹209059.85 करोड़ के खर्च के साथ 193 कॉन्ट्रैक्ट पर साइन किए। जबकि 2023-2024 में ₹104855.92 करोड़ के 192 कॉन्ट्रैक्ट्स पर साइन किए गए। 2014 में नरेंद्र मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद से, मंत्रालय ने लगभग ₹10 लाख करोड़ के 1096 कॉन्ट्रैक्ट पर साइन किए हैं। भारत के पड़ोसियों, विशेष रूप से चीन की तरफ से 3488 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर सीमावर्ती बुनियादी ढांचे को एडवांस करने और भारतीय उपमहाद्वीप के देशों द्वारा गंभीर राजनीतिक और वित्तीय तनाव के संकेत दिए जाने के मद्देनजर, मोदी सरकार ने 'आत्मनिर्भर भारत' पर ध्यान केंद्रित किया है। इसके तहत सैन्य क्षमता निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का फैसला किया है। recent visitors 30

TATA Capital आ रही 15000Cr का IPO, SEBI के पास कॉन्‍फिडेशियल प्री-फाइलिंग रूट के जरिए पेपर जमा किया

मुंबई नमक से सॉफ्टवेयर प्रोवाइडर टाटा ग्रुप (Tata Group) अपने एक और कंपनी का IPO लाने की तैयारी कर रहा है. इस आईपीओ का साइज 15000 करोड़ रुपये से ज्‍यादा का होने वाला है. टाटा की इस कंपनी ने सेबी के पास डॉक्‍यूमेंट्स सबमिट किया है. टाटा की यह कंपनी TATA Capital है, जो फाइनेंशियल सर्विस प्रोवाइड कराती है.  रिपोर्ट के मुताबिक, नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल सर्विस फर्म और Tata Sons की सहायक फर्म ने मार्केट रेग्‍युलेटर SEBI के पास कॉन्‍फिडेशियल प्री-फाइलिंग रूट के जरिए पेपर जमा किया है. IPO के जरिए कितने जारी होंगे शेयर? 25 फरवरी को टाटा कैपिटल (Tata Capital) के बोर्ड ने IPO प्‍लान अप्रूव किया था. इस आईपीओ के जरिए 23 करोड़ शेयर फ्रेश इश्‍यू के जरिए जारी किए जाएंगे. ऑफर फॉर सेल पर मौजूदा शेयर होल्‍डर्स द्वारा इक्विटी जारी किया जाएगा. कंपने के मुताबिक, स्टॉक मार्केट के कंडीशन और रेग्‍युलेटरी क्लियरेंस के आधार पर IPO जारी किया जाएगा. अभी आईपीओ लाने का क्लियर डेट नहीं है. टाटा कैपिटल में इन फर्मों की हिस्‍सेदारी 31 मार्च तक टाटा संस (Tata Sons) के पास टाटा कैपिटल लिमिटेड (Tata Capital) के 92.83% शेयर होल्डिंग थी. इसमें टाटा ग्रुप की और कंपनियों और IFC की भी हिस्‍सेदारी है. पहले बताया गया था कि टाटा कैपिटल गोपनीय प्री-फाइलिंग सिस्‍टम का यूज करते हुए मार्च के आखिरी या अप्रैल की शुरुआत तक पेपर को अंतिम रूप देकर पेश कर देगा. IPO के लिए इन बैंकों की ली मदद कंपनी ने IPO की तैयारी में सलाहकार सहायता के लिए कोटक महिंद्रा कैपिटल (Kotak Mahindra Capital), सिटी, जेपी मॉर्गन (JP Morgan), एक्सिस कैपिटल (Axis Capital), ICICI सिक्योरिटीज, SBC सिक्योरिटीज, IIFL कैपिटल, बीएनपी पारिबा (BNP Paribas), SBI कैपिटल और HDFC बैंक समेत 10 निवेश बैंकों की सेवाएं ली हैं. क्‍यों आ रहा टाटा का ये IPO? टाटा ग्रुप की ओर से लिया गया है ये फैसला RBI के उस निर्देश के अनुरूप है, जिसमें टॉप एनबीएफसी को अधिसूचना के तीन साल के भीतर सार्वजनिक होने का निर्देश दिया गया है, जो सितंबर 2025 तक निर्धारित है. टाटा कैपिटल फाइनेंशियल सर्विसेज, जो अब जनवरी 2024 तक टाटा कैपिटल के साथ विलय हो चुकी है, को नियामक सूची में शामिल किया गया है. इसके अलावा, जून 2024 में, टाटा मोटर्स लिमिटेड (TML), टाटा कैपिटल लिमिटेड (TCL) और टाटा मोटर्स फाइनेंस लिमिटेड (TMFL) के निदेशक मंडल ने एनसीएलटी व्यवस्था योजना के माध्यम से TMFL के साथ टीसीएल के विलय को मंजूरी दे दी है. विलय समझौते के हिस्से के रूप में, टीसीएल अपने इक्विटी शेयर TMFL शेयरधारकों को जारी करेगा, जिससे TML के पास संयुक्त इकाई में 4.7 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी. क्रिसिल रेटिंग्‍स की रिपोर्ट क्‍या कहता है? क्रिसिल रेटिंग्स की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि Tata Sons ने पिछले पांच वित्तीय वर्षों में टाटा कैपिटल लिमिटेड में कुल 6,097 करोड़ रुपये का निवेश किया है. इसमें वित्त वर्ष 2019 में 2,500 करोड़ रुपये, वित्त वर्ष 2020 में 1,000 करोड़ रुपये, वित्त वर्ष 2023 में 594 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024 में 2,003 करोड़ रुपये शामिल हैं, जो समूह के कर्ज कारोबार पर बढ़ते फोकस को दर्शाता है. इस फैसले से टाटा कैपिटल, टाटा प्ले, ओयो, स्विगी, विशाल मेगा मार्ट, क्रेडिला फाइनेंशियल सर्विसेज, इंदिरा आईवीएफ और फिजिक्सवाला के बाद गोपनीय प्री-फाइलिंग मार्ग को चुनने वाली आठवीं प्रमुख भारतीय फर्म बन गई है. recent visitors 49