MP की इंदौर लोकसभा सीट के सांसद लालवानी की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, याचिका हाईकोर्ट में दायर

इंदौर  मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में इंदौर सांसद शंकर लालवानी के मामले पर मंगलवार को सुनवाई हुई. दरअसल, इंदौर सांसद के खिलाफ पिछले साल एक चुनाव याचिका दायर की गई थी. इंदौर से दूसरी बार निर्वाचित हुए सांसद शंकर लालवानी के खिलाफ सेना से रिटायर्ड धर्मेन्द्र सिंह झाला ने ये याचिका दायर की थी. इस याचिका में धर्मेंद्र सिंह झाला ने अपना नामांकन गलत तरीके से रिजेक्ट किए जाने के आरोप लगाते हुए वर्तमान सांसद लालवानी का निर्वाचन शून्य कराने की मांग की थी. दो सप्ताह बाद फिर होगी सुनवाई इंदौर हाई कोर्ट में इंदौर सांसद शंकर लालवानी का निर्वाचन शून्य घोषित करने के मामले पर सुनवाई हुई. इस दौरान कोर्ट ने अन्य पक्षों को सुनने की बात कही है और इस पूरे मामले में दो सप्ताह बाद फिर सुनवाई होगी. वहीं सांसद शंकर लालवानी की ओर से भी कोर्ट में एक आवेदन लगाया गया है. याचिकाकर्ता ने लगाए ये आरोप बता दें कि याचिकाकर्ता धर्मेंद्र सिंह झाला ने 2024 लोकसभा चुनाव के दौरान निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में इंदौर लोकसभा क्षेत्र से नामांकन फॉर्म भरा था. उन्होंने याचिका में कहा कि जिला निर्वाचन अधिकारी ने उनका नाम गलत तरीके से प्रत्याशियों की सूची से बाहर कर दिया था. उन्होंने आरोप लगाए कि नाम वापसी के फॉर्म पर उनके हस्ताक्षर नहीं थे और फॉर्म पर पिता का नाम भी अलग था. याचिकाकर्ता ने आगे कहा, '' मैंने नामांकन वापस लिया ही नहीं. बावजूद इसके, मेरा नाम प्रत्याशी की सूची से बाहर कर दिया गया.'' इसके साथ ही याचिकाकर्ता ने कोर्ट के समक्ष विभिन्न तरह के तर्क भी दिए, जिसपर कोर्ट ने सुनवाई की. याचिका खारिज करने की मांग कोर्ट के समक्ष सांसद शंकर लालवानी की ओर से अधिवक्ता मनोज द्विवेदी ने भी एक आवेदन प्रस्तुत किया है. इसमें यह मांग की गई है कि धर्मेंद्र सिंह झाला द्वारा दायर की गई याचिका चलने योग्य नहीं है, इसे निरस्त किया जाए. फिलहाल कोर्ट ने इस पूरे मामले में सुनवाई कर याचिकाकर्ता से इस संबंध में अन्य तथ्यों पर दो सप्ताह में जवाब मांगा है. कौन हैं शंकर लालवानी? शंकर लालवानी इंदौर के लोकप्रिय नेता हैं, जिनके नाम सबसे ज्यादा वोटों से जीतने का रिकॉर्ड भी दर्ज है. लोकसभा चुनाव 2024 में शंकर लालवानी ने मध्य प्रदेश की इंदौर लोकसभा सीट से 10 लाख से ज्यादा वोटों से जीतकर इतिहास रच दिया था. यहां से कांग्रेस प्रत्याशी अक्षय कांति बम ने नामांकन वापिसी के आखिरी दिन अपना नाम वापस ले लिया था. recent visitors 28

टी20 क्रिकेट में 13 हजार रन पूरा करने के करीब विराट कोहली, 4 खिलाड़ी कर चुके हैं ये कारनामा

नई दिल्ली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलरु के स्टार बल्लेबाज विराट कहोली आईपीएल 2025 में शानदार फॉर्म में हैं। उन्होंने अपने पहले ही मैच में नाबाद 59 रन की पारी खेली थी और टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी जारी फॉर्म को देखते हुए फैंस को उम्मीद है कि अनुभवी बल्लेबाज टूर्नामेंट के आगे के मैचों में भी अच्छा प्रदर्शन करेगा। आरसीबी ने अपने शुरुआती दोनों मैच जीते हैं। आरसीबी की टीम अपना तीसरा मुकाबला बुधवार को गुजरात टाइटंस के खिलाफ खेलेगी। इस मैच के दौरान विराट कोहली के पास एक बड़ी उपलब्धि हासिल करने का मौका होगा। टी20 क्रिकेट के इतिहास में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड दिग्गज क्रिस गेल के नाम है। गेल ने 2005 से 2022 तक 463 मैचों में 14562 रन बनाए हैं। उन्होंने 22 शतक भी लगाए हैं। टी20 क्रिकेट में 13 हजार या उससे अधिक रन सिर्फ चार बल्लेबाजों ने बनाए हैं, इस लिस्ट में आज विराट कोहली का नाम भी जुड़ सकता है। कोहली को टी20 क्रिकेट में 13 हजार रन पूरा करने के लिए सिर्फ 24 रन चाहिए। विराट कोहली ने टी20 क्रिकेट में 2007 से अभी तक 401 मैचों में 12976 रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने नौ शतक और 98 अर्धशतक लगाए हैं। वह टी20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले पांचवें बल्लेबाज हैं। उनके आगे कीरोन पोलार्ड (13537), शोएब मलिक (13557), एलेक्स हेल्स (13610) और क्रिस गेल (14562) हैं। विराट कोहली वनडे में सबसे तेज 10 हजार रन पूरा करने वाले बल्लेबाज हैं। इसके अलावा टी20 और टेस्ट में उनके नाम कई बड़े रिकॉर्ड हैं। एक समय कोहली टी20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज भी थे। उन्होंने पिछले साल खेल के सबसे छोट प्रारूप से संन्यास ले लिया था। उन्होंने 125 मैचों में 4188 रन बनाए थे। विराट आईपीएल के इतिहास में सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज रहे हैं और टी20 लीग में 8000 से अधिक रन बनाने वाले एकमात्र खिलाड़ी हैं। recent visitors 40

वक्फ संशोधन बिल पर समर्थन की लहर, मंत्री सारंग बोले- गुमराह करने वालों को जनता ने दिया करारा जवाब!

Wave of support on Waqf Amendment Bill

Wave of support on Waqf Amendment Bill, Minister Sarang said- People have given a befitting reply to those who mislead! भोपाल। वक्फ संशोधन बिल को लेकर चर्चाओं के बीच मध्यप्रदेश के सहकारिता और खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इस बिल का आम मुसलमान से कोई विरोधाभास नहीं है, बल्कि कुछ अमीर मुस्लिम नेता, जो वक्फ बोर्ड की संपत्तियों पर बेजा कब्जा किए बैठे हैं, वही इसका विरोध कर रहे हैं। मुस्लिम समाज ने दिखाया समर्थन, झूठे प्रचार करने वालों को दिया जवाब : मंत्री सारंग मंत्री सारंग ने कहा कि भोपाल में हजारों मुस्लिम भाइयों और बहनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वक्फ संशोधन बिल का खुलकर समर्थन किया है। यह उन नेताओं के लिए करारा तमाचा है, जो इस बिल को लेकर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह बिल किसी समुदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि वक्फ बोर्ड की संपत्तियों के सही उपयोग और आम मुसलमान के हित में लाया गया है। वक्फ संपत्तियों पर बेजा कब्जा करने वालों में मचा हड़कंप : मंत्री सारंग मंत्री सारंग ने कहा कि यह बिल केवल उन लोगों के पेट में दर्द पैदा कर रहा है, जिन्होंने अवैध रूप से वक्फ संपत्तियों पर कब्जा कर रखा है। यह आम मुसलमान के खिलाफ नहीं, बल्कि पारदर्शिता लाने और गरीब मुस्लिम समुदाय को इसका सही लाभ दिलाने के लिए बनाया गया है। राजनीतिक रोटी सेंकने वालों को जनता का करारा तमाचा : मंत्री सारंग उन्होंने कहा कि कुछ नेता अपनी राजनीति चमकाने के लिए इस मुद्दे पर झूठ फैला रहे हैं, लेकिन भोपाल में मुस्लिम समाज द्वारा दिए गए समर्थन ने इस झूठ को बेनकाब कर दिया है। मंत्री सारंग ने जोर देकर कहा कि जो लोग इस बिल को पढ़ेंगे, वे इसका विरोध नहीं करेंगे। यह बिल पढ़ने के बाद विरोध नहीं करेगा कोई : मंत्री सारंग मंत्री सारंग ने जनता से अपील करते हुए कहा कि वक्फ संशोधन बिल को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम को दूर करना आवश्यक है। यह कानून मुस्लिम समाज को मजबूत करने और उनकी संपत्तियों का सही उपयोग सुनिश्चित करने के लिए लाया गया है। उन्होंने कहा कि भोपाल के मुस्लिम समाज ने जिस तरह से इस बिल का समर्थन किया है, वह यह साबित करता है कि यह बिल किसी समुदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि उनके अधिकारों की रक्षा करने वाला है। recent visitors 79

FY 2025 में देश में कुल 43 लाख गाड़ियां बिकीं, वैगनआर की बिक्री 1.98 लाख यूनिट रही

नई दिल्ली  आजकल लोगों के बीच SUV गाड़ियां खरीदने का चलन बढ़ रहा है। लेकिन देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी की पुरानी गाड़ी वैगनआर ने एक बार फिर सबको चौंका दिया है। फाइनेंशियल ईयर 2025 में वैगनआर देश में सबसे ज्यादा बिकने वाली गाड़ी रही। उसने टाटा की पंच को पछाड़कर यह मुकाम हासिल किया है। पिछले वित्त वर्ष में देश में वैगनआर की बिक्री 1.98 लाख यूनिट रही जबकि टाटा की पंच 1.96 लाख यूनिट के साथ दूसरे नंबर पर रही। हुंडई की क्रेटा 1.94 लाख यूनिट के साथ तीसरे नंबर पर रही। वैगनआर की जीत इसलिए भी खास है क्योंकि टॉप 5 में ये अकेली छोटी गाड़ी है। बाकी सब SUV या UV गाड़ियां हैं। मारुति की अर्टिगा 1.90 लाख यूनिट के साथ चौथे और ब्रेजा 1.89 लाख यूनिट के साथ पांचवें नंबर पर रही। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक मारुति सुजुकी के सीनियर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (मार्केटिंग एंड सेल्स) पार्थो बनर्जी ने कहा कि कई लोगों को लगता था कि हैचबैक गाड़ियां अब नहीं चलेंगी। लेकिन वैगनआर की बिक्री ने दिखा दिया कि अभी भी इस कैटगरी में दम है। उन्होंने कहा कि भारत एक बड़ा देश है और यहां हर तरह के ग्राहक हैं। कुछ लोग हैचबैक गाड़ियों को पसंद करते हैं और उन्हें खरीदना चाहते हैं। बनर्जी ने यह भी कहा कि मारुति हर तरह की गाड़ियां बनाने और बेचने पर ध्यान दे रही है। इसमें SUV भी शामिल हैं, जो कंपनी के लिए एक अहम क्षेत्र है। एसयूवी की बिक्री उन्होंने कहा कि मारुति हर कैटगरी में गाड़ियां बेचती है। हम SUV या किसी और कैटगरी को कम नहीं आंकते। हम ग्राहकों को विकल्प देकर उनकी पसंद को सीमित नहीं करना चाहते। बाजार में SUV गाड़ियों की मांग बहुत ज्यादा है। पिछले कुछ साल में SUV की बिक्री दोगुनी हो गई है। अब ये सबसे ज्यादा बिकने वाली गाड़ियां हैं। FY25 में SUV की बिक्री 54% रहने का अनुमान है। इस दौरान कुल मिलाकर 43 लाख गाड़ियां बिकीं। मारुति की एक और हैचबैक गाड़ी स्विफ्ट 1.79 लाख यूनिट के साथ छठे नंबर पर रही। बलेनो की बिक्री 1.67 लाख यूनिट रही। मार्च में गाड़ियों की बिक्री मार्च में मारुति सुजुकी और हुंडई मोटर की थोक बिक्री में सालाना आधार पर गिरावट आई। वहीं, महिंद्रा एंड महिंद्रा और टाटा मोटर्स की होलसेल बिक्री एसयूवी मॉडलों की मांग के दम पर बढ़ गई। मारुति ने पिछले महीने घरेलू बाजार में डीलरों को 1,50,743 यात्री वाहन भेजे, जबकि एक साल पहले इसी महीने में 1,52,718 वाहनों की बिक्री घरेलू बाजार में हुई थी। यह सालाना आधार पर 1% की गिरावट है। हुंडई की मार्च में उसकी घरेलू बिक्री 51,820 यूनिट रही, जो पिछले साल मार्च में 53,001 यूनिट रही थी। महिंद्रा एंड महिंद्रा की घरेलू यात्री वाहनों की बिक्री 18% बढ़कर 48,048 यूनिट हो गई जबकि मार्च 2024 में यह 40,631 यूनिट रही थी। इसी तरह टाटा मोटर्स की मार्च में कुल यात्री वाहन बिक्री 3% बढ़कर 51,872 यूनिट हो गई, जो मार्च, 2024 में 50,297 यूनिट थी। किआ इंडिया की थोक बिक्री मार्च में 19% बढ़कर 25,525 यूनिट हो गई। टोयोटा किर्लोस्कर मोटर ने कहा कि उसने पिछले महीने 11 प्रतिशत वृद्धि के साथ 30,043 गाड़ियां बेचीं, जो पिछले साल इसी महीने 27,180 यूनिट थी। जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर इंडिया की थोक बिक्री इस साल मार्च में नौ प्रतिशत बढ़कर 5,500 यूनिट हो गई, जबकि पिछले साल इसी महीने में उसने 5,050 गाड़ियां बेची थीं। होंडा कार्स इंडिया ने मंगलवार को कहा कि मार्च में उसकी घरेलू बिक्री सालाना आधार पर दो प्रतिशत बढ़कर 7,228 यूनिट हो गई, जो पिछले साल मार्च में 7,071 यूनिट थी। recent visitors 44

दूसरे ODI में न्यूजीलैंड ने पाकिस्तान को 84 रनों के अंतर से हराया, न्यूजीलैंड ने सीरीज पर किया कब्जा

नई दिल्ली न्यूजीलैंड की टीम ने तीन मैचों की वनडे इंटरनेशनल सीरीज के दूसरे मुकाबले में पाकिस्तान को बुरी तरह हराया। इसी के साथ पाकिस्तान की टीम इस सीरीज को भी गंवा बैठी। इस मुकाबले में न्यूजीलैंड ने पाकिस्तान को 84 रनों के अंतर से हराया है। सीरीज के पहले मैच में पाकिस्तान को 75 रनों से हार मिली थी। पाकिस्तान का कोई भी मुख्य बल्लेबाज इस मुकाबले में नहीं चला। पुछल्ले बल्लेबाजों में फहीम अशरफ और नसीम शाह ने अर्धशतक जड़े। न्यूजीलैंड के लिए मिचेल हे ने 99 रनों की पारी खेली और बेन सियर्स ने 35विकेट निकाले। इस मुकाबले की बात करें तो पाकिस्तान की टीम के कप्तान मोहम्मद रिजवान ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी थी। ऐसे में न्यूजीलैंड की टीम पहले बल्लेबाजी करने उतरी। कप्तान रिजवान का फैसला उस समय गलत साबित हो गया, जब पहली विकेट के लिए उनको 50 से ज्यादा रनों का इंतजार करना पड़ा। पाकिस्तानी गेंदबाजों को इस मैच में 8 विकेट जरूर मिले, लेकिन छोटी-छोटी साझेदारियों के दम पर मेजबान कीवी टीम 300 के करीब पहुंचने में सफल रही। न्यूजीलैंड ने 50 ओवर में 8 विकेट खोकर 292 रन बनाए। न्यूजीलैंड की ओर से मिलेच हे 99 रनों की नाबाद पारी खेलने में सफल रहे, जबकि 41 रनों की पारी मुहम्मद अब्बास ने खेली। 31 रन निक केली ने भी बनाए। पाकिस्तान की ओर से 2-2 विकेट सूफियान मुकीम और मुहम्मद वसीम जूनियर को मिलीं। इसके बाद जब पाकिस्तान की टीम 293 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी तो ताश के पत्तों की तरह ढह गई। 6 रन के कुल स्कोर पर अब्दुल्लाह शफीक का विकेट गिरा। सात पर बाबर आजम चलते बने। 9 रन पर इमाम उल हक पवेलियन लौट गए। इसके बाद जिम्मेदारी कप्तान मोहम्मद रिजवान और उपकप्तान सलमान अली आगा पर थी, लेकिन दोनों के बीच 22 रनों की साझेदारी हुए। 31 रनों के कुल स्कोर पर सलमान अली आउट हो गए। एक रन के बाद मोहम्मद रिजवान भी चलते बने। इस तरह स्कोर 32 रन पर 5 विकेट हो गया था। यहां से हार तय हो गई थी, क्योंकि आने वाले बल्लेबाजों को ना तो उतना अनुभव था और ना ही उनमें वो दमखम कि 300 के पास पहुंच पाएं। फहीम अशरफ (73) और नसीम शाह (51) ने अर्धशतक जड़कर शर्मनाक हार के अंतर को कम करने की कोशिश की। इस मैच में पाकिस्तान की टीम 208 रनों पर ढेर हो गई और मैच 84 रनों से हार गई। 3 मैचों की सीरीज भी पाकिस्तान हार गया। recent visitors 40

कोर्ट ने कहा ट्रैफिक जाम की स्थिति हर कहीं बनती, इसके लिए नगर निगम के जनहित में लिए गए फैसले पर कोर्ट हस्तक्षेप नहीं कर सकता

इंदौर  शहर की छप्पन दुकान के मामले में मंगलवार को इंदौर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. यहां 56 दुकान के सामने बने बगीचे व अन्य व्यवस्थाओं को हटाकर ट्रैफिक शुरू करने के लिए याचिका दायर की गई थी, जिसे कोर्ट ने सुनवाई के बाद खारिज कर दिया है. कोर्ट ने कहा है कि ट्रैफिक जाम की स्थिति हर कहीं बनती है, इसके लिए नगर निगम द्वारा जनहित में लिए गए फैसले पर कोर्ट हस्तक्षेप नहीं कर सकता. क्या है 56 दुकान ट्रैफिक जाम का मामला? दरअसल, इंदौर हाई कोर्ट में 56 दुकान के सामने मौजूद कमर्शियल कॉम्प्लेक्स के दुकान संचालकों ने ये याचिका दायर की थी. इंदौर हाईकोर्ट में दायर याचिका में कहा गया कि 56 दुकान के सामने बनाए गए बगीचे व बैठक व्यवस्था ट्रैफिक संचालन में बाधा है और इसे हटाकर ट्रैफिक शुरू किया जाए. इंदौर हाई कोर्ट ने सुनवाई के बाद दुकान संचालक की याचिका को खारिज कर दिया. कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि ट्रैफिक जाम दुनिया के लिए कोई नई बात नहीं है. अगर वाहनों को एमजी रोड से 56 दुकान क्षेत्र की ओर मोड़ा गया तो बड़ी समस्या हो सकती है. निगम के काम में हस्तक्षेप नहीं करेगा कोर्ट कोर्ट ने आगे कहा, '' वर्तमाम में एमजी रोड से 56 दुकान में वाहनों को जाने की अनुमति नहीं है. कई वाहन एमजी रोड पर रुकते हैं या पार्क किए जाते हैं, जिससे जाम लगता है. नगर निगम उस जगह बैरिकेडिंग का निर्णय सुविचार और सार्वजनिक हित में लिया गया है, इसमें हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता है.'' इस मामले में इंदौर नगर निगम की ओर से अधिवक्ता कमल एरन ने पैरवी की. उन्होंने कोर्ट के समक्ष विभिन्न तर्क रखे, जिसके बाद कमर्शियल कॉम्प्लेक्स के व्यापारियों द्वारा लगाई गई याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया. क्या है 56 दुकान? दरअसल, इंदौर में 56 दुकान एक तरह की चौपाटी है. यहां देश और दुनिया के तमाम तरह के व्यंजन चखने मिल जाते हैं. फूडी, ट्रैवलर्स और लोकल लोगों के बीच छप्पन दुकान काफी लोकप्रिय है. छप्पन दुकान का नाम यहां मौजूद 56 दुकानों की वजह से पड़ा. यहां 100 से ज्यादा वैरायटी का स्वादिष्ट खाना व फास्ट फूड लोगों को मिलता है, यही वजह है कि यहां सुबह 6 बजे से लेकर रात 10 बजे तक रौनक रहती है और अब यह इंदौर की पहचान भी बन चुका है. recent visitors 44

अवधपुरी में शराब ठेके के विरोध में उतरी महिलाएं, समाजसेवी मृणालिनी सेंगर ने दिया समर्थन

social worker Mrinalini Sengar extended support

Women protested against the liquor shop in Avadhpuri, social worker Mrinalini Sengar extended support भोपाल। राजधानी में करीब चार ठेके स्वीकृत हुए हैं, जिनका खुलने से पहले ही स्थानीय स्तर पर विरोध शुरू हो गया है। अवधपुरी थाना क्षेत्र के प्रगति नगर चौराहे की सरकारी जमीन पर एक बिल्डर माफिया द्वारा बनाई गई दुकानो में शराब ठेका खुलने की पूरी तैयारी है, जिसका क्षेत्रीय स्तर पर महिलाओं और अन्य समाजसेवी विरोध कर रहे हैं। ठेका स्थान पर अखंड सुंदरकांड पाठ भी चल रहा है। यह विरोध प्रदर्शन तब और तेज हो गया, जब समाजसेवी मृणालिनी सेंगर उनका समर्थन करने पहुंच गई। उन्होंने शराब ठेका खुलने का खुलकर विरोध किया। समाजसेवी सेंगर का कहना है कि इस क्षेत्र की विधायक महिला के साथ वे मंत्री भी हैं, बावजूद इसके यहां शराब ठेका खुलना लोगों की समझ में नहीं आ रहा है, क्या विधायक कृष्णा गौर क्षेत्र के लोगों को शराब पिलाना चाहती हैं?अधिकारियों, नेताओं और ठेकेदार की मिलीभगत से ही शराब ठेका खुल रहा है। इतने विरोध के बावजूद ना तो ठेका खोलने की अनुमति कैंसिल की जा रही है और ना ही सरकारी जमीन पर बनी अवैध दुकानों को हटाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिस सरकारी जमीन पर अभी भूमाफिया ने दुकान बनाई है, उसी जमीन पर 5 साल पहले भी इनके द्वारा कब्जा कर निर्माण किया गया था, जिसको प्रशासन ने सरकारी बताकर बलपूर्वक हटाया था। अब दोबारा से भी वही स्थिति निर्मित हो गई है, लेकिन इस बार नेताओं के दबाव में प्रशासन सख्त दिखाई नहीं दे रहा है। बता दे पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने भी इस क्षेत्र से शराब दुकान को पत्थर मारकर हटाया था। श्रीमती सेंगर ने मुख्यमंत्री से मांग है कि इस शराब ठेका को रहवासी इलाके से हटाकर कहीं और स्थानांतरित किया जाए। recent visitors 86