Jabalpur: नियमों के खिलाफ किया जा रहा आदिवासियों की जमीन का अधिग्रहण, याचिका पर सरकार ने HC में दिया यह जवाब

appointments made in bhoj university

Acquisition of tribal land is being done against the rules सिंगरौली जिले में गोंड वृहद सिंचाई परियोजना के तहत बांध बनाने के लिए आदिवासी वर्ग की जमीन का अधिग्रहण किए जाने को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई। याचिका में कहा गया कि नियम व कानून को ताक पर रखकर आदिवासियों की जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है। याचिका पर सरकार की तरफ से पेश जवाब में कहा गया है कि नियमानुसार भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई किए बिना बांध निर्माण के संबंध में अधिसूचना जारी नहीं की जाएगी। सरकार के जवाब को रिकॉर्ड में लेते हुए हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत और जस्टिस विवेक जैन की युगलपीठ ने याचिका का निराकरण कर दिया। युगलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि अगर, नियमों का उल्लंघन होता है तो याचिकाकर्ता उचित फोरम में जाने के लिए स्वतंत्र है। सिंगरौली निवासी लोहार सिंह की तरफ से दायर याचिका में कहा गया था कि सिंगरौली जिले में गोंड वृहद सिंचाई परियोजना की प्रशासकीय स्वीकृति सरकार द्वारा प्रदान कर दी गई है। योजना के तहत 34,500 हेक्टेयर में 1,097.67 करोड़ की लागत से बांध का निर्माण किया जाना है। याचिका में कहा गया था कि आदिवासियों की जमीन अधिग्रहण करने के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय ने ओडिशा माइनिंग कॉरपोरेशन के मामले में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए थे। जिसके अनुसार भूमि अर्जन, पुनर्वास और पुनर्विस्थापन के लिए उचित प्रतिकर दिया जाना आवश्यक है। इसके अलावा, बांध निर्माण की प्रशासकीय स्वीकृति के लिए पेसा कानून के तहत संबंधित ग्राम सभा से अनुमति प्राप्त करना भी आवश्यक है। बांध निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश और पेसा कानून का उल्लंघन किया जा रहा है। आदिवासी परिवारों की जमीन नियमों और कानून को ताक पर रखकर अधिग्रहित की जा रही है। युगलपीठ ने सरकार की तरफ से पेश जवाब को रिकॉर्ड में लेते हुए कहा कि यदि भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में नियम व कानून का पालन नहीं होता है, तो इसे उचित फोरम में चुनौती दी जा सकती है। इसी स्वतंत्रता के साथ याचिका का निराकरण कर दिया गया।याचिकाकर्ता की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ने पैरवी की। recent visitors 108

हाई कोर्ट OBC आरक्षण पर सख्त! सरकार को दिया आखिरी मौका, दो हफ्ते में जवाब दें

 जबलपुर  मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सुरेश कुमार कैत व न्यायमूर्ति विवेक जैन की युगलपीठ ने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को उसकी जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण देने की मांग को लेकर दायर याचिका पर राज्य शासन को जवाब पेश करने अंतिम मोहलत दी है। साथ ही साफ कर दिया है कि यदि जवाब नहीं आया तो 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई 16 जून वाले सप्ताह में नियत की गई है। याचिकाकर्ता जबलपुर की एडवोकेट यूनियन फार डेमोक्रेसी एंड सोशल जस्टिस की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर व विनायक प्रसाद शाह ने पक्ष रखा। एक साल में 11 बार सुनवाई, जवाब पेश नहीं किया वर्ष 2024 में याचिका दायर कर प्रदेश में ओबीसी वर्ग को संख्या के अनुपात में आरक्षण दिए जाने की मांग की गई थी। एक साल में 11 बार सुनवाई हुई, लेकिन सरकार ने जवाब पेश नहीं किया। कोर्ट को बताया गया कि 2011 की जनगणना के अनुसार मध्य प्रदेश में एससी की 15.6 प्रतिशत, एसटी की 21.14 प्रतिशत, ओबीसी की 50.9 प्रतिशत, मुस्लिम की 3.7 प्रतिशत आबादी है। शेष 8.66 प्रतिशत अनारक्षित वर्ग की जनसंख्या है। प्रदेश में एससी को 16 प्रतिशत, एसटी को 20 प्रतिशत, ओबीसी को 14 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। प्रदेश में ओबीसी वर्ग 51 प्रतिशत की आबादी है, इसलिए उसी अनुपात में आरक्षण दिया जाना चाहिए। आयोग बना लेकिन ओबीसी वर्ग के उत्थान पर काम नहीं हुआ दलील दी गई कि इंदिरा साहनी बनाम भारत संघ में सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों को यह निर्देश दिए थे कि ओबीसी वर्ग को निर्धारित मापदंडों के आधार पर उनकी सामाजिक, आर्थिक शैक्षणिक स्थितियों का नियमित रूप से परीक्षण करने के लिए स्थायी अयोग गठित किया जाए। आयोग तो बना, लेकिन ओबीसी वर्ग के उत्थान के लिए काम नहीं हुआ। recent visitors 35

माही भाई कह रहे थे कि तेरे ग्रह थोड़े इधर-उधर चल रहे हैं, अक्षर पटेल ने खोला बड़ा राज, किस बात का दिया क्रेडिट

नई दिल्ली महेंद्र सिंह धोनी का भारतीय क्रिकेट में बड़ा योगदान है। उन्होंने टीम इंडिया के कप्तान के रूप में कई ट्रॉफीज जीती हैं। इसके साथ ही साथ धोनी ने कई क्रिकेटरों को गाइड भी किया है। भारतीय ऑलराउंडर अक्षर पटेल ने बताया है कि कैसे धोनी की सलाह से उनका प्रदर्शन बेहतर हुआ। अक्षर ने बताया कि टी20 वर्ल्ड और चैंपियंस ट्रॉफी में जीत के बाद धोनी ने उन्हें मैसेज किया था। दिल्ली कैपिटल्स ने अक्षर का यह वीडियो अपने सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर किया है। इस वीडियो में अक्षर ने आईपीएल 2022 में धोनी से लेकर जुड़ा एक बड़ा राज भी खोला है। अक्षर ने कहा धोनी से क्लोज कनेक्शन ताजा वीडियो में अक्षर बताते हैं कि उनका महेंद्र सिंह धोनी से बहुत ही करीबी रिश्ता है। अक्षर कहते हैं, ‘माही भाई से बहुत क्लोज कनेक्शन है। वो जब टीम इंडिया के कप्तान थे तो मैं अपने थॉट्स उसने शेयर करता रहता था। वर्ल्ड कप के बाद और चैंपियंस ट्रॉफी के बाद उनका मैसेज आया था।’ इसके बाद अक्षर ने बताया कि 2021 वाले वर्ल्ड कप में भी एक मेंटर के तौर पर टीम से जुड़े थे। तब भी मैंने उनसे बात की थी कि माइंडसेट में क्या बदलाव हो रहा है। उसके बाद से जो कुछ भी आया है, उसका थोड़ा क्रेडिट माही भाई को जाता है। एमएस धोनी की फोटो का जिक्र वीडियो में वह धोनी के साथ की एक फोटो की तरफ इशारा करके कुछ राज की बात बताते हैं। यह फोटो आईपीएल 2022 की है। अक्षर बताते हैं कि उधर भी वही बात हो रही थी। माही भाई कह रहे थे कि तेरे ग्रह थोड़े इधर-उधर चल रहे हैं। कभी बॉल इधर गिर जाता है, कभी उधर गिर जाता है। कभी अच्छा बॉल गिर जाता है। तब वो कह रहे थे कि तू एक काम कर, कुछ पूजा-पाठ करवा ले। इसके बाद अक्षर पटेल जोर-जोर से हंसने लगते हैं। दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान हैं अक्षर पटेल गौरतलब है कि अक्षर पटेल ने टी20 वर्ल्डकप और चैंपियंस ट्रॉफी में भारत की जीत में बेहद अहम रोल प्ले किया था। उन्होंने गेंद से तो अपना योगदान दिया ही था, साथ ही साथ बल्ले से भी उनका प्रदर्शन काफी शानदार रहा था। इस सीजन में दिल्ली कैपिटल्स ने अक्षर पटेल को अपनी टीम का कप्तान बनाया है। दिल्ली का प्रदर्शन भी अभी तक काफी अच्छा रहा है। टीम ने अपने पहले दोनों मैच जीते हैं और चार अंकों के साथ अंक तालिका में दो नंबर पर है। recent visitors 45

मध्यप्रदेश में शिखर खेल पुरस्कारों की घोषणा, इन खिलाड़ियों के नाम शामिल

भोपाल  मध्य प्रदेश सरकार ने साल 2023 के लिए राज्य स्तरीय शिखर खेल पुरस्कारों की घोषणा कर दी है. इसमें 12 विक्रम, 11 एकलव्य, 3 विश्वामित्र और एक लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार शामिल हैं. राज्य के खेल मंत्री विश्वास सारंग ने ट्वीट कर सभी पुरस्कार विजेता खिलाड़ियों को बधाई दी है. बता दें कि ये अवॉर्ड राज्य के उत्कृष्ट खिलाड़ियों और कोचों को उनके  योगदान और उपलब्धियों के लिए दिए जाते हैं. मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने दी बधाई प्रदेश के खेल मंत्री विश्वास सारंग ने बधाई देते हुए सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा कि 'मध्यप्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2023 के राज्यस्तरीय शिखर खेल पुरस्कार—विक्रम पुरस्कार, एकलव्य पुरस्कार, विश्वामित्र पुरस्कार, स्व. श्री प्रभाष जोशी खेल पुरस्कार एवं लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित सभी खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों एवं खेल हस्तियों को हार्दिक बधाई! आपकी कड़ी मेहनत, समर्पण और खेल के प्रति जुनून ने प्रदेश का गौरव बढ़ाया है. आप सभी के उज्ज्वल भविष्य और निरंतर सफलता की शुभकामनाएँ!' एकलव्य पुरस्कार-2023 व्यक्तिगत खेल – ओलंपिक, एशियन गेम्स एवं राष्ट्रीय खेलों में खेले जाने वाले खेल – 9 पुरस्कार 1- रितुराज बुंदेला पिता लक्ष्मण सिंह बुंदेला शूटिंग टीकमगढ़ 2- भूमि बघेल पिता विजय कुमार क्याकिंग-केनोइंग महेश्वर 3- कृष्णा मिश्रा पिता राकेश मिश्रा स्क्वैश इंदौर 4- पूजा दांगी पिता कैलाश दांगी फेंसिंग राजगढ़ 5- प्रभाकर सिंह राजावत पिता दीवान सिंह राजावत रोइंग ग्वालियर 6- नेहा ठाकुर पिता मुकेश कुमार ठाकुर सेलिंग देवास 7- प्रखर जोशी पिता कैलाश जोशी तैराकी इंदौर 8 -अर्जुन वास्कले पिता नेमा वास्कले एथलेटिक्स खरगोन 9- प्रियांशी प्रजापत पिता मुकेश प्रजापत कुश्ती उज्जैन दलीय खेल-ओलंपिक/एशियन गेम्स एवं राष्ट्रीय खेल में खेले जाने वाले खेल-03 पुरस्कार में से 1 10- अंकित पाल पिता संतोष पाल हॉकी ग्वालियर ओलंपिक/एशियन गेम्स एवं राष्ट्रीय खेल में नहीं खेले जाने वाले अन्य खेल-1 पुरस्कार 11 गौरव पचौरी पिता सुरेश पचौरी पावर लिफ्टिंग मुरैना विक्रम पुरस्कार-2023 व्यक्तिगत खेल-ओलंपिक, एशियन गेम्स एवं राष्ट्रीय खेलों में खेले जाने वाले खेल-6 पुरस्कार 1 ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर पिता वीर बहादुर सिंह तोमर शूटिंग खरगोन 2- जाहन्वी श्रीवास्तव श्री राजेश श्रीवास्तव क्याकिंग-केनोइंग भोपाल 3- रागिनी मार्कों पिता मान सिंह मार्कों तींरदाजी जबलपुर 4- शिवानी पवार पिता नंदलाल पवार कुश्ती छिंदवाड़ा 5- श्रृति यादव पिता वीरेन्द्र कुमार यादव बॉक्सिंग भोपाल 6-  यामिनी मौर्य पिता हरिओम मौर्य जूडो सागर दलीय खेल-ओलम्पिक, एशियन गेम्स एवं राष्ट्रीय खेलों में खेले जाने वाले खेल-03 पुरस्कार 7- सचिन भार्गो पिता भेरू खो-खो देवास 8- नीलू डांडिया पिता राजकुमार डांडिया हॉकी मंदसौर 9- प्रवीण कुमार दवे पिता शंभूलाल दवे सॉफ्टबाल इन्दौर दिव्यांग श्रेणी-ओलम्पिक, एशियन गेम्स एवं राष्ट्रीय खेलों में खेले जाने वाले खेल-1 पुरस्कार 10- रूबिना फ्रांसिस पिता सिमोन फ्रांसिस शूटिंग जबलपुर ओलंपिक/एशियन गेम्स एवं राष्ट्रीय खेल में नही खेले जाने वाले अन्य खेल-1 पुरस्कार 11- अपूर्व दुबे पिता दिनेश दुबे पावरलिफ्टिंग इन्दौर साहसिक खेल-1 पुरस्कार 12- भावना डेहरिया पिता मुन्नालाल डेहरिया माउंट एवरेस्ट छिंदवाड़ा विश्वामित्र पुरस्कार-2023 व्यक्तिगत खेल-ओलम्पिक, एशियन गेम्स एवं राष्ट्रीय खेलों में खेले जाने वाले खेल-02 पुरस्कार 1- पीजूष कांती बरोई पिता गोकुल बरोई क्याकिंग-केनोइंग भोपाल 2 – अशोक कुमार यादव पिता बलदेव यादव तीरंदाजी जबलपुर दलीय खेल-ओलम्पिक, एशियन गेम्स एवं राष्ट्रीय खेलों में खेले जाने वाले खेल-1 पुरस्कार 3 – लोकेन्द्र शर्मा पिता डॉ. राधाचरण शर्मा हॉकी भोपाल लाइफ टाइम एचीवमेंट पुरस्कार-2023 वर्ष 2023 के लाइफ टाइम एचीवमेंट पुरस्कार के लिए रतनलाल वर्मा, पुत्र स्व. गंगाराम वर्मा, जिम्नास्टिक खेल, उज्जैन में महत्वपूर्ण योगदान देने पर वर्ष 2023 के लाइफ टाइम एचीवमेंट पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है।   recent visitors 37

कोच निर्माण में दुनिया का अग्रणी देश बनकर उभरा भारत, भारतीय रेल का नया कीर्तिमान

नई दिल्ली भारतीय रेलवे ने पिछले वित्त वर्ष में 9 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज करते हुए 7,134 कोच बनाए, आम आदमी की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने पिछले दशक में 5481 कोच बनाए थे, जो अब नया रिकॉर्ड है। गैर-एसी सेगमेंट पर ध्यान केंद्रित करते हुए, भारतीय रेलवे 2024-25 में 4,601 कोच बनाएगी। रेल मंत्रालय के अनुसार, आईसीएफ चेन्नई ने 3,000 की वार्षिक सीमा को पार करते हुए 178 ज्यादा कोच बनाए, आरसीएफ कपूरथला ने 201 और एमसीएफ रायबरेली ने 341 ज्यादा कोच बनाकर रिकॉर्ड उत्पादन की प्रतिष्ठित यात्रा में योगदान दिया। यह वृद्धि, बढ़ती यात्री मांग को पूरा करने के लिए रेलवे अवसंरचना के आधुनिकीकरण पर भारत के बढ़ते जोर को दर्शाती है। घरेलू विनिर्माण में वृद्धि आपको बता दें, 2004 से 2014 के बीच, भारतीय रेलवे ने प्रति वर्ष औसतन 3,300 से कम कोच का निर्माण किया। हालांकि, 2014 से 2024 के दौरान, उत्पादन में 54,809 कोचों के उत्पादन के साथ प्रति वर्ष औसतन 5,481 कोचों के उत्पादन के साथ बड़ी वृद्धि दर्ज की गई, जो रेलवे विनिर्माण में बेहतर परिवहन-संपर्क सुविधा पर जोर और आत्मनिर्भरता के अनुरूप है। यह विस्तार घरेलू उत्पादन क्षमताओं को बढ़ाने, आयात पर निर्भरता को कम करने और रेलवे डिजाइन में उन्नत प्रौद्योगिकी को एकीकृत करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है। यात्री अनुभव और परिवहन-संपर्क सुविधा में सुधार रिकॉर्ड कोच उत्पादन सरकार के ‘सबका साथ, सबका विकास’ विजन के अनुरूप है, जो घरेलू विनिर्माण को सक्षम करने के साथ-साथ बेहतर सार्वजनिक परिवहन सेवाएं सुनिश्चित करता है। अधिक कोच पेश किए जाने से, यात्री बेहतर सुविधाओं, बढ़ी हुई सुरक्षा सुविधाओं और बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए बढ़ी हुई क्षमता की उम्मीद कर सकते हैं। यह उपलब्धि ‘मेक इन इंडिया पहल’ को मजबूत करती है इसके अतिरिक्त, यह उपलब्धि ‘मेक इन इंडिया पहल’ को मजबूत करती है, जिससे रेल-निर्माण में भारत की प्रमुख भूमिका को बल मिलता है। आधुनिक, ऊर्जा-कुशल और यात्री-अनुकूल कोचों पर ध्यान केंद्रित करके, भारतीय रेलवे एक अधिक मजबूत और भविष्य के लिए तैयार परिवहन नेटवर्क बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है। रेलवे विद्युतीकरण, हाई-स्पीड कॉरिडोर और उन्नत यात्री सेवाओं के चल रहे प्रयासों के साथ, बढ़ा हुआ कोच उत्पादन भारत की रेल परिवहन प्रणाली के भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जिससे लाखों यात्रियों के लिए अधिक दक्षता, आराम और पहुँच सुनिश्चित होगी।   recent visitors 55

नोएडा के दंपत्ति ने पॉर्न रैकेट से कमाए ₹22 करोड़, 400+ लड़कियों से उतरवाए कपड़े, रूस से सीखकर आया था धंधा

नोएडा नोएडा के सेक्टर 105 की एक कोठी से पोर्न वीडियो स्ट्रीमिंग करके करोड़ों रुपये कमाने वाला उज्ज्वल किशोर पूरा धंधा रूस से सीखकर आया था। पिछले दिनों जब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम कोठी पर पहुंची तो 3 मॉडल्स को स्टूडियो में बिठाकर उनका जिस्म विदेशी दर्शकों के सामने परोसा जा रहा था। उज्ज्वल अपनी पत्नी नीलू के साथ यह कारोबार चला रहा था। पता चला है कि उज्जवल रूस में भी ऐसे ही एक पोर्न कारोबार में काफी समय तक काम कर चुका था। वहां उसने देखा कि इस धंधे में कितना पैसा है। उसने वहां इस कारोबार को अच्छे से समझा और फिर भारत आकर अपना काम शुरू करने का फैसला किया। उसने भारत आकर पत्नी के साथ इस गोरखधंधे को शुरू कर दिया। दोनों ने सबडिजी वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम से एक कंपनी बनाई थी और इसके जरिए विदेशी पोर्न वेबसाइट्स को कंटेंट उपलब्ध करा रहा था। जांच में पता चला है कि दंपति ने माडलों की भर्ती के लिए इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म का खुलकर इस्तेमाल किया। उन्होंने फेसबुक पर भी एक पेज बनाया और उसमें आकर्षक वेतन के वादे के साथ युवतियों को माडलिंग का ऑफर दिया जाता था। मॉडलिंग की प्रतियोगिता के लिए नोएडा स्थित फ्लैट पर पहुंचीं लड़कियों को पोर्न वीडियो में शामिल होने पर एक से दो लाख रुपये प्रति महीने कमाने का लालच दिया जाता था। खुद उज्ज्वल और उसकी पत्नी की 22 करोड़ से अधिक कमाई का पता चल चुका है। ईडी को पता चला है कि कंपनी और डायरेक्टर के खातों में विदेशों से 15.66 करोड़ रुपए आए, जबकि विदेश में मौजूद एक खाते में भी 7 करोड़ रुपए आए थे। इस रकम की कैश के रूप में निकासी की जा चुकी है। 75-25 का था फॉर्मूला ईडी को फ्लैट में एक वेबकैम स्टूडियो मिला था, जो अश्लील प्लेटफार्म पर मिलने वाले कंटेंट को को प्रसारित करता था। यहां मॉडल्स के साथ न्यूड वीडियो शूट किए जाते थे। मॉडल्स ने वीडियो स्ट्रीमिंग के दौरान कितने कपड़े उतारे उस आधार पर उन्हें पैसा दिया जाता था। पोर्न वीडियो के लिए मॉडल्स को आधा, कम और पूरी अश्लीलता के लिए अलग-अलग पैकेज देते थे, जिसमें 75 प्रतिशत दंपती के पास और 25 प्रतिशत रकम मॉडल को देते थे। recent visitors 60

खंडवा में कुएं में जहरीली गैस से 8 लोगों की मौत, कोंडावत में मातम का माहौल, एक साथ जलीं 8 चिताएं

खंडवा खंडवा जिले के कोंडावद गांव में गणगौर माता के जवारे विसर्जन के लिए कुएं की सफाई के दौरान हादसे का शिकार हुए 8 ग्रामीणों के शव शुक्रवार सुबह करीब 8:30 बजे जिला अस्पताल से गांव पहुंचे। एंबुलेंस का काफिला पहुंचते ही गांव में चीख पुकार और हर आंख नम हो गई। गांव में एक साथ आठ अर्थियां निकली गई। इसमें दो हजार से अधिक लोग शामिल हुए। कुंडावत गांव के श्मशान घाट पर पहली बार एक साथ आठ शवों का अंतिम संस्कार सुबह हुआ। यहां आठ आर्थियों को परिवार के लोगों द्वारा अग्नि देते ही माहौल गमगीन हो गया। गुरुवार दोपहर से गांव के अधिकांश घरों में चूल्हा नहीं जला है। कुएं में सफाई करने उतरे थे आठ लोग बता दें कि गुरुवार शाम कुएं की सफाई करने उतरे आठ ग्रामीणों की मौत हो गई थी। गणगौर विसर्जन की तैयारी के तहत कुएं की सफाई करने के लिए आठ ग्रामीण नीचे उतरे थे। कुएं में जहरीली गैस होने के चलते ये सभी कुएं में फंस गए और सभी की मौत हो गई। करीब चार घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन में सभी आठों शव निकाले जा चुके थे। पुलिस, प्रशासन और एसडीआरएफ की टीमों ने ग्रामीणों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया। दोपहर में गांव के चार लोगों ने गणगौर पर्व के लिए कुएं की सफाई का काम शुरू किया। कुएं में जमी भारी मात्रा में गाद और दलदल के बीच फंसे ये लोग शाम तक बाहर नहीं निकल पाए। इनको बचाने के लिए चार अन्य युवक भी कुएं में उतरे, वे भी कुएं में फंस गए। ग्रामीणों ने पहले अपने स्तर पर बचाव का प्रयास शुरू किया। बाद में प्रशासन को सूचना दी गई। एसडीआरएफ की 15 सदस्यीय टीम ने किया रेस्क्यू ऑपरेशन घटना स्थल पर पहुंची एसडीआरएफ की 15 सदस्यीय टीम ने रस्सियों और जालों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। अधिकारियों ने बताया कि कुएं में गंदे पानी के जमाव के कारण जहरीली गैस बनने की आशंका है जिसके चलते युवकों का दम घुटने से मौत हुई होगी। इन्हें लील गया मौत का कुआं मृतकों में मोहन पिता मंशाराम पटेल (50), वासुदेव आशाराम पटेल (45), गजानंद पिता गोपाल पटेल (40), अनिल पिता आत्माराम (35), राकेश पिता हरिराम (26), अजय पिता मोहन पटेल (30), सरन पिता सुखराम पटेल (40), अर्जुन पिता गोविंद पटेल (35) हैं। सीएम ने किया 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता का ऐलान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया अकाउंट X पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा है कि- खंडवा के छैगांवमाखन क्षेत्र के कोंडावत गांव में एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना में 8 व्यक्तियों के काल कवलित होने का दुखद समाचार प्राप्त हुआ है। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पुलिस, प्रशासन, होम गार्ड्स एवं एसडीईआरएफ की टीम ने जॉइंट रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। दुख की इस घड़ी में सभी शोकाकुल परिजन के साथ मेरी गहरी शोक संवेदनाएं हैं। सभी मृतकों के परिवारजन को 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। परमपिता परमेश्वर से प्रार्थना है कि सभी पुण्यात्माओं को अपने श्री चरणों में स्थान और परिजन को यह गहन दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। recent visitors 31