अवधपुरी में शराब ठेके के विरोध में उतरी महिलाएं, समाजसेवी मृणालिनी सेंगर ने दिया समर्थन

social worker Mrinalini Sengar extended support

Women protested against the liquor shop in Avadhpuri, social worker Mrinalini Sengar extended support भोपाल। राजधानी में करीब चार ठेके स्वीकृत हुए हैं, जिनका खुलने से पहले ही स्थानीय स्तर पर विरोध शुरू हो गया है। अवधपुरी थाना क्षेत्र के प्रगति नगर चौराहे की सरकारी जमीन पर एक बिल्डर माफिया द्वारा बनाई गई दुकानो में शराब ठेका खुलने की पूरी तैयारी है, जिसका क्षेत्रीय स्तर पर महिलाओं और अन्य समाजसेवी विरोध कर रहे हैं। ठेका स्थान पर अखंड सुंदरकांड पाठ भी चल रहा है। यह विरोध प्रदर्शन तब और तेज हो गया, जब समाजसेवी मृणालिनी सेंगर उनका समर्थन करने पहुंच गई। उन्होंने शराब ठेका खुलने का खुलकर विरोध किया। समाजसेवी सेंगर का कहना है कि इस क्षेत्र की विधायक महिला के साथ वे मंत्री भी हैं, बावजूद इसके यहां शराब ठेका खुलना लोगों की समझ में नहीं आ रहा है, क्या विधायक कृष्णा गौर क्षेत्र के लोगों को शराब पिलाना चाहती हैं?अधिकारियों, नेताओं और ठेकेदार की मिलीभगत से ही शराब ठेका खुल रहा है। इतने विरोध के बावजूद ना तो ठेका खोलने की अनुमति कैंसिल की जा रही है और ना ही सरकारी जमीन पर बनी अवैध दुकानों को हटाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिस सरकारी जमीन पर अभी भूमाफिया ने दुकान बनाई है, उसी जमीन पर 5 साल पहले भी इनके द्वारा कब्जा कर निर्माण किया गया था, जिसको प्रशासन ने सरकारी बताकर बलपूर्वक हटाया था। अब दोबारा से भी वही स्थिति निर्मित हो गई है, लेकिन इस बार नेताओं के दबाव में प्रशासन सख्त दिखाई नहीं दे रहा है। बता दे पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने भी इस क्षेत्र से शराब दुकान को पत्थर मारकर हटाया था। श्रीमती सेंगर ने मुख्यमंत्री से मांग है कि इस शराब ठेका को रहवासी इलाके से हटाकर कहीं और स्थानांतरित किया जाए। recent visitors 86

मंडला में नक्सली मुठभेड़ में दो महिला नक्सली ढेर, :एक एसएलआर और एक भरमार बंदूक मिली

 मंडला मंडला जिले के बिछिया रेंज में सीआरपीएफ और पुलिस की हॉक फोर्स के संयुक्त ऑपरेशन में दो महिला नक्सलियों को मार गिराया गया है। मुठभेड़ के बाद सीआरपीएफ और पुलिस हॉक फोर्स ने सर्चिंग में सीआरएल समेत ऑटोमेटिक हथियार और वायरलेस सेट बरामद किए गए हैं। घने जंगल में सीआरपीएफ और हॉक फोर्स के जवानों द्वारा सघन सर्चिंग की जा रही है।   मुठभेड़ बुधवार सुबह करीब 10 बजे बिछिया थाना क्षेत्र के मुंडिदादर और गन्हेरिदादर के जंगल में हुई। सर्चिंग के दौरान मुठभेड़ स्थल से एक एसएलआर, एक भरमार बंदूक, वायरलेस सेट और दैनिक जरूरत का सामान मिला है। सीनियर अफसर मौके पर पहुंच रहे हैं। सीआरपीएफ से मिली जानकारी  के अनुसार भिलवानी कैंप के पास स्थित एआरो क्षेत्र में नक्सलियों से मुठभेड़ हो रही है। जिसमें अभी तक दो महिला नक्सलियों की मौत हो चुकी है। जंगल में सर्चिंग ऑपरेशन चलाया जा रहा है, यहां अन्य नक्सलियों के छिपे होने की भी आशंका जताई जा रही है। जंगल में मुठभेड़ हुई सूत्रों ने बताया कि सुरक्षाबलों के जवानों की टीम बिछिया थाना अंतर्गत मुंडिदादर गन्हेरिदादर के जंगल में नक्सल विरोधी अभियान पर निकली थी. तभी जंगल में पुलिस और नक्सलियों की मुठभेड़ शुरू हो गई. इस मुठभेड़ में 2 महिला नक्सली मारी गईं. वहीं मौके से एक एसएलआर और भरमार बंदूक बरामद की. इससे पहले 25 लाख की महिला नक्सली का हुआ खात्मा इससे पहले, महिला नक्सली रेणुका को 31 मार्च को सुरक्षा बलों द्वारा मार गिराया गया. इसके अलावा, सुरक्षा बलों ने 9 अन्य नक्सलियों को भी ढेर किया था. जानकारी के मुताबिक, मुठभेड़ में मारी गई नक्सली रेणुका को बानु और सरस्वती के नाम से भी जाना जाता था. यह वारंगल के कडवेन्डी की रहने वाली थी. छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा इसके सिर पर 25 लाख का इनाम रखा गया था. सुरक्षा बलों के मुताबिक, इस साल की शुरुआत से लेकर अब तक सुरक्षा बलों द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान में अब तक 119 नक्सलियों को मार गिराया जा चुका है. बालाघाट में मार गिराई थीं चार महिला नक्सली इससे पहले 19 फरवरी को बालाघाट के गढ़ी थाना इलाके में हुई मुठभेड़ में चार महिला नक्सली मारी गई थी। ये सभी कान्हा भोरमदेव एबी डिवीजन खटिया मोर्चा दलम की सदस्य थी। इनमें से एक आशा पर 14 लाख का इनाम था। सुकमा- दंतेवाड़ा सीमा में भी हुई थी मुठभेड़ इससे पहले, छत्तीसगढ़ के सुकमा-दंतेवाड़ा सीमा में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच शुक्रवार को मुठभेड़ हुई थी, जिसमें 16 नक्सली मारे गए थे. वहीं, 4 सुरक्षा बल घायल हो गए थे. recent visitors 30

इंदौर में पेट में 8 किलो गठान से परेशान थी 15 साल की बच्ची, डॉक्टरों ने ऑपेरशन कर दिया नया जीवन

इंदौर  मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के एमटीएच अस्पताल के डॉक्टरों की टीम ने कमाल कर दिखाया। एक 15 वर्षीय किशोरी के पेट से 8 किलो की गठान निकालकर उसकी जान बचा ली। यह ऑपरेशन मेडिकल क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है, क्योंकि इतनी बड़ी गठान को निकालना अत्यधिक जोखिम भरा था। लंबे समय से झेल रही थी तकलीफ सरदारपुर निवासी रेणुका (15) को पिछले कुछ महीनों से पेट दर्द की शिकायत थी। धीरे-धीरे दर्द बढ़ने लगा और उसके पेट में सूजन भी दिखाई देने लगी। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे महंगे अस्पतालों में इलाज कराने में असमर्थ थे। जब समस्या गंभीर हो गई और सांस लेने में भी दिक्कत होने लगी, तो वे इंदौर के एमटीएच अस्पताल पहुंचे। जांच में सामने आई 36 सेमी की गठान एमटीएच अस्पताल में डॉक्टर सुमित्रा यादव की यूनिट ने रेणुका की प्रारंभिक जांच की और पेट में गठान का संदेह हुआ। बाद में एमआरआई स्कैन में पुष्टि हुई कि उसके अंडाशय में 36 सेंटीमीटर की विशाल गठान थी। इसकी वजह से न केवल पेट में दर्द हो रहा था, बल्कि वह ठीक से चल-फिर भी नहीं पा रही थी। जटिल था ऑपरेशन मरीज की उम्र कम थी और शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी भी थी, इसलिए यह ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण था। लेकिन गठान का बढ़ता आकार उसकी जान के लिए खतरा बन सकता था। इसलिए डॉक्टरों ने ऑपरेशन का निर्णय लिया। डॉ. सुमित्रा यादव के नेतृत्व में डॉक्टरों की एक अनुभवी टीम ने ऑपरेशन किया। परिवार ने जताया आभार करीब तीन घंटे तक चले इस ऑपरेशन में डॉक्टरों ने सफलता पूर्वक 8 किलो की गठान निकालकर मरीज की जान बचा ली। ऑपरेशन के बाद रेणुका की हालत स्थिर है और वह तेजी से स्वस्थ हो रही है। परिवार ने डॉक्टरों को भगवान का रूप बताते हुए कहा कि जब बाकी अस्पतालों ने हाथ खड़े कर दिए थे, तब एमटीएच अस्पताल के डॉक्टरों ने उनकी बेटी को नई जिंदगी दी। उन्होंने पूरे मेडिकल स्टाफ का आभार व्यक्त किया। recent visitors 36

पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. गिरिजा व्यास की हालत नाजुक, पूजा के दौरान लगी थी आग, 90 प्रतिशत झुलसीं

अहमदाबाद कांग्रेस की वरिष्ठ नेत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. गिरिजा व्यास उदयपुर में सोमवार को गणगौर पूजा के दौरान हादसे का शिकार हो गईं। गिरिजा व्यास हर रोज की तरह अपने आवास पर पूजा कर रही थीं। इस दौरान आरती करते समय उनकी चुन्नी में आग लग गई, जिससे वे गंभीर रूप से झुलस गईं। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें अहमदाबाद के जायड्स अस्पताल में रेफर किया गया, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। जानकारी के अनुसार गिरिजा व्यास 90 प्रतिशत तक झुलस चुकी हैं और उन्हें ब्रेन हेमरेज होने की भी सूचना मिल रही है। हालांकि ब्रेन हेमरेज की खबर की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। उनके परिजनों और समर्थकों में चिंता का माहौल है और सभी उनके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं। डॉ. गिरिजा व्यास का राजनीतिक करियर काफी प्रभावशाली रहा है। वे चार बार सांसद रह चुकी हैं और कई अहम पदों पर कार्य कर चुकी हैं, जिनमें केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्षता भी शामिल है। राजस्थान की राजनीति में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। कैसे हुआ हादसा मिली जानकारी के अनुसार, गिरिजा व्यास अपने घर में गणगौर पूजा कर रही थीं। इस दौरान वहां आग लग गई। गिरिजा व्यास की साड़ी में आग लगने के कारण उनका शरीर बुरी तरह से झुलस गया। झुलसने के कारण उनकी हालत गंभीर है। इसके अलावा आग लगने के बाद वो घर में गिर गई थीं, जिस वजह से उनके सिर में भी चोट आई है। अस्पताल के आईसीयू में उनका इलाज चल रहा है। इस घटना की जानकारी देते हुए गिरिजा व्यास के भाई गोपाल शर्मा ने बताया कि सोमवार को पूजा करने के दौरान उनकी साड़ी में आग लगी थी। आग लगने के कारण वो बुरी तरह झुलस गई थीं। इस घटना के बाद उनको उदयपुर के एक प्राइवेट अस्पताल में इलाज के बाद अहमदाबाद रेफर कर दिया गया था। यहां उनका इलाज चल रहा है। उन्होंने बताया कि आग लगने की घटना के बाद कांग्रेस के कई नेताओं ने उनके परिवार से संपर्क किया और उनके जल्दी ठीक होने की कामना भी की है। गिरिजा व्यास के स्वास्थ्य पर अपडेट देते हुए अहमदाबाद के जाइडस अस्पताल में ऑपरेशन प्रमुख जैस्मीन शाह ने बताया कि उनकी हालत गंभीर है। उन्होंने कहा कि गिरिजा व्यास का शरीर 89 प्रतिशत तक झुलस गया है। इसके अलावा गिरने के कारण उनके ब्रेन में भी चोट आई है। डॉक्टर ने कहा कि उनका ब्रेन इंफार्क्ट हुआ है। डॉ. गिरिजा व्यास की हालत को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चिंता जताई जा रही है। पूरे देश से उनके स्वस्थ होने की कामनाएं की जा रही हैं। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी जायड्स में डॉक्टर्स से बात करते हुए डॉक्टर व्यास के स्वास्थ्य और इलाज के लिए आवश्यक निर्देश दिए हैं। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने इस संदर्भ में गुजरात के सीएम से भी बात की है। recent visitors 26

भगवान श्रीराम के आदर्श गुणों को आत्मसात करना ही मन की अयोध्या को सजाना है – सह सरकार्यवाह रामदत्त चक्रधर

रायपुर : स्वदेश पत्र समूह ने समाज में भारतीयता की भावना को पुष्ट किया – मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री साय 'स्वदेश' द्वारा आयोजित 'विमर्श' कार्यक्रम में हुए शामिल भगवान श्रीराम के आदर्श गुणों को आत्मसात करना ही मन की अयोध्या को सजाना है – सह सरकार्यवाह रामदत्त चक्रधर "समय है अब मन की अयोध्या को सजाने का" विषय पर हुआ विशेष व्याख्यान "राम काजु कीन्हें बिनु" एवं छत्तीसगढ़ की लोक कला संस्कृति पुस्तक का विमोचन रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में राष्ट्रीय विचार पत्रिका "स्वदेश" द्वारा आयोजित विशेष कार्यक्रम "विमर्श" में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। "समय है अब मन की अयोध्या को सजाने का" विषय पर आयोजित इस विमर्श व्याख्यान में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह रामदत्त चक्रधर मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित थे। सह सरकार्यवाह चक्रधर ने अपने व्याख्यान में कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्शों एवं गुणों को मन में आत्मसात करना ही “मन की अयोध्या” को सजाना है। उन्होंने कहा कि केवल मन ही नहीं, बल्कि अपने परिवार, समाज, गांव और राष्ट्र को भी राममय बनाना है। उन्होंने श्रीराम के आदर्शों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका जीवन वचन-पालन, धैर्य, करुणा भाव, परामर्श, श्रेय, न्याय, अहंकार का त्याग, मित्रता और दूसरों के प्रति सम्मान एवं समभाव जैसे गुणों से परिपूर्ण था। इन गुणों को अपनाकर हम अपने जीवन को सार्थक बना सकते हैं। चक्रधर ने आगे श्रीराम के जीवन से जुड़ी घटनाओं के छोटे-छोटे उदाहरणों के माध्यम से उनके आदर्श गुणों को विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि श्रीराम वचन के प्रति दृढ़ प्रतिज्ञ थे—राजतिलक की घोषणा के अगले ही दिन उन्होंने पिता दशरथ द्वारा दिए गए वचन के सम्मान में सहर्ष वनवास स्वीकार किया। इसी प्रकार उन्होंने हर सुख-दुख की परिस्थिति में धैर्य बनाए रखा, कभी भी अहंकार को अपने पास नहीं आने दिया और सभी के साथ समभाव रखते हुए सम्मान का आदर्श प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि इन गुणों को आत्मसात कर हम अपने मन, परिवार, समाज और राष्ट्र को सशक्त बना सकते हैं और 2047 के विकसित भारत की परिकल्पना को साकार कर सकते हैं। इस अवसर पर अयोध्या आंदोलन पर केंद्रित ग्रंथ "राम काजु कीन्हें बिनु" एवं छत्तीसगढ़ की लोक कला-संस्कृति पर आधारित पुस्तक का विमोचन मंच से किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मध्य क्षेत्र के संघचालक डॉ. पूर्णेंदु सक्सेना ने की। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, स्वदेश पत्रिका समूह के संपादक अतुल तारे एवं प्रबंध संपादक यशवर्धन जैन मंच पर उपस्थित थे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन में कहा कि स्वदेश पत्र समूह ने अपनी सात दशकों की अविरल यात्रा में समाज में भारतीयता की भावना को पुष्ट करने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि स्वदेश समाचार पत्र आज भले ही नए कलेवर में है, लेकिन इसका इतिहास अत्यंत समृद्ध है। देश की आजादी के तुरंत बाद 1948 में अंत्योदय और एकात्म मानवतावाद के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय की परिकल्पना से इस पत्र का प्रकाशन आरंभ हुआ। हमारे देश के पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी भी इसके संपादक रहे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वर्ष 1975 में जब देश में आपातकाल लागू हुआ, तब स्वदेश समाचार पत्र समूह के अधिकांश लोगों को जेल में डाल दिया गया। इसके बावजूद यह पत्र भारतीयता की भावना को लोगों तक पहुँचाता रहा और अडिग रहा। आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की हत्या की गई और लाखों लोगों को जेल में डाल दिया गया। अनेक परिवार उजड़ गए। ऐसे मीसाबंदियों को पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की सरकार ने सम्मान निधि देना प्रारंभ किया था, जो पिछले 5 वर्षों से बंद थी, जिसे हमारी सरकार ने पुनः प्रारंभ किया है। साथ ही विधानसभा में विधेयक लाकर यह सुनिश्चित किया गया है कि मीसाबंदियों को यह सम्मान राशि निरंतर मिलती रहे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज का व्याख्यान विषय – "समय है अब मन की अयोध्या को सजाने का" – अत्यंत प्रासंगिक है। छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की भूमि है और भगवान श्रीराम को यहां भांजा कहा जाता है। उन्होंने कहा कि रामराज्य का अर्थ है—जनता की सेवा। हमारी सरकार सभी वर्गों को साथ लेकर जनसेवा का कार्य कर रही है। भ्रष्टाचार के प्रति हमारी नीति जीरो टॉलरेंस की है। हम श्रीराम के आदर्शों के अनुरूप रामराज्य की कल्पना को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। कार्यक्रम को विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह एवं मध्य क्षेत्र के संघचालक डॉ. पूर्णेंदु सक्सेना ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम की प्रस्तावना समूह संपादक अतुल तारे ने रखी। आभार प्रदर्शन योगेश मिश्रा (स्थानीय संपादक) ने किया तथा संचालन शशांक शर्मा ने किया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के छत्तीसगढ़ प्रांत प्रचारक अभयराम, प्रांत संघचालक डॉ. टॉपलाल वर्मा, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप, वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, विधायक किरण देव, पुरंदर मिश्रा, सुनील सोनी, खुशवंत साहेब, पवन साय सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। recent visitors 29

जल संरक्षण, रेनोवेशन, जलसंरचनाओं का पुनर्जीवन और जनजागरण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे

भोपाल मध्यप्रदेश में जल संरक्षण को लेकर राज्य सरकार द्वारा प्रारंभ किया गया महत्वाकांक्षी ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ जनान्दोलन का रूप ले रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में महाकाल की नगरी उज्जैन में क्षिप्रा नदी के तट से शुभारंभ के बाद अब यह अभियान पूरे प्रदेश में सक्रिय हो गया है। इसमें जल संरक्षण, रेनोवेशन, जलसंरचनाओं का पुनर्जीवन और जनजागरण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। बैतूल के काशी तालाब और पूर्णा नदी घाट पर हुआ श्रमदान बैतूल जिले में जन अभियान परिषद के तत्वावधान में काशी तालाब में स्वच्छता अभियान और श्रमदान आयोजित किया गया। नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती पार्वतीबाई बारस्कर और जिला समन्वयक श्रीमती प्रिया चौधरी ने स्थानीय रहवासियों को तालाब स्वच्छ रखने और पॉलीथिन व कचरा न फेंकने की समझाइश दी। वहीं, विकासखंड भैंसदेही में मां पूर्णा नदी के घाट पर सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों के सहयोग से स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस दौरान 92 श्रमदानियों ने सहभागिता निभाई। धार जिले में प्राचीन बावड़ियों के पुनर्जीवन की पहल धार जिले की नगर परिषद राजगढ़ ने अभियान के तहत प्राचीन बावड़ियों, कुओं और तालाबों के पुनर्जीवन की दिशा में पहल की है। वार्ड क्रमांक 14 में बाबाजी के कुएं पर सफाई अभियान चलाकर जल संरक्षण की शपथ दिलाई गई। नगर परिषद विभिन्न जल स्रोतों की पहचान कर उन्हें पुनर्जीवित करने के प्रयास कर रही है। जनभागीदारी से तालाब का गहरीकरण मंदसौर जिले में जन अभियान परिषद के मार्गदर्शन में खेरखेड़ी तालाब का गहरीकरण किया गया। यह कार्य सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से किया जा रहा है। शाजापुर जिले में तालाब जीर्णोद्धार और रूफवाटर हार्वेस्टिंग कार्य प्रारंभ कालापीपल विधायक घनश्याम चंद्रवंशी के नेतृत्व में ग्राम पंचायत भैसायागढ़ा में तालाब जीर्णोद्धार का कार्य शुरू हुआ। वहीं, ग्राम पंचायत खमलाय में रूफवाटर हार्वेस्टिंग कार्य का भूमि-पूजन भी किया गया। दीवार लेखन और रैली से बढ़ी जागरूकता कटनी जिले में दीवार लेखन और जागरूकता रैली के माध्यम से जल संरक्षण की प्रेरणा दी जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में 'बूंद-बूंद में शक्ति है, जीवन की यह भक्ति है' जैसे प्रेरक नारों का उपयोग कर जल संरक्षण का संदेश दिया जा रहा है। 18 तालाबों के गहरीकरण का कार्य प्रारंभ नीमच जिले में जल संरचनाओं के निर्माण एवं संरक्षण के कार्यों में जन भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। 173 तालाबों का गहरीकरण, 22 अमृत सरोवर, 7 तालाबों एवं 82 खेत तालाबों के निर्माण कार्य चिन्हित किए गए हैं। इनमें जिला प्रशासन, संबंधित विभाग के साथ जन-भागीदारी के साथ काम शुरू किया जा रहा है। पृथ्वी तालाब एवं वीरपुरा तालाब का जीर्णोद्धार ग्वालियर जिले में पृथ्वी तालाब और वीरपुरा तालाब के संरक्षण के लिए श्रमदान के माध्यम से कार्य प्रारंभ हुआ। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने वृक्षारोपण कर अभियान की शुरुआत की। युवाओं ने जल संरक्षण का लिया संकल्प शिवपुरी जिले में नवांकुर संस्था ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति और मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास पाठ्यक्रम के तत्वावधान में भुजरिया तालाब में श्रमदान किया गया। युवाओं ने तालाब को स्वच्छ एवं निर्मल बनाने का संकल्प लिया। तालाबों से हटेंगे अतिक्रमण, बनेंगे 19 नए अमृत सरोवर, इंदौर जिले में पिछले वर्ष चलाए गए अभियान के तहत 101 नए अमृत सरोवर बनाए गए थे। इन सरोवरों को राजस्व अभिलेखों में दर्ज करने की कार्रवाई की जाएगी। अभियान में अमृत सरोवर 2.0 के तहत 19 नए तालाबों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है, जिस पर लगभग 4 करोड़ 18 लाख रुपये व्यय होना संभावित है। अब तक 10 स्थलों का चयन हो चुका है, जबकि शेष का चयन वैज्ञानिक (GIS) पद्धति से किया जाएगा। अभियान के तहत राजस्व विभाग के साथ तालाबों का सीमांकन किया जाएगा। राजस्व अभिलेखों में नवीन तालाबों को दर्ज किया जाएगा। तालाबों पर अतिक्रमण को चिन्हित कर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। तालाबों की सीमा को दर्शाने हेतु चॉदे-मुनारे बनाए जाएंगे। तालाबों का जन भागीदारी से गहरीकरण होगा। मनरेगा एवं अन्य योजनाओं से तालाब का जीर्णोद्धार और सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। तालाबों में जल की आवक बढ़ाने के लिए इनलेट क्षमता बढ़ाई जाएगी। तालाबों के पास पौध-रोपण होगा। उपयोगकर्ता समूह बनाकर इनका संधारण एवं रख-रखाव किया जाएगा। 'जल गंगा संवर्धन अभियान' पूरे मध्यप्रदेश में व्यापक रूप से संचालित किया जा रहा है। जनभागीदारी से जल संरचनाओं के संरक्षण और पुनर्जीवन के कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस पहल से न केवल जल संकट से निपटने में मदद मिलेगी, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा का मजबूत आधार भी बनेगा।   recent visitors 27

मुख्यमंत्री ने म.प्र. अर्बन डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड के संचालक मंडल की 10वीं बैठक में कार्य प्रस्ताव का किया अनुमोदन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के सभी नगरों में चल रहे सीवरेज प्रोजेक्ट्स जल्द से जल्द पूरे किये जायें। सीवरेज के लिए स्थायी प्रकृति के काम हों। शहरों के वेस्ट वाटर का नदियों में निस्तारण (डिस्पोजल) न होने पाए, इससे हमारी नदियां प्रदूषित होने से बचेंगी। उन्होंने कहा कि सॉलिड वेस्ट के साथ लिक्विड वेस्ट (गंदा पानी) के समुचित निस्तारण पर भी विशेष ध्यान देकर प्रभावी कार्यवाही की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड के संचालक मंडल की 10वीं बैठक की अध्यक्षता कर संबोधित कर रहे थे। बैठक में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री तथा म.प्र. अर्बन डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड के उपाध्यक्ष एवं संचालक श्री कैलाश विजयवर्गीय, नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, मुख्य सचिव एवं म.प्र. अर्बन डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड के उपाध्यक्ष एवं संचालक श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय एवं कंपनी के संचालक डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव ऊर्जा एवं कंपनी के संचालक श्री नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवास एवं कंपनी के संचालक श्री संजय कुमार शुक्ला, प्रमुख सचिव वित्त एवं कंपनी संचालक श्री मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव पीएचई एवं कंपनी के संचालक श्री पी.नरहरि, मुख्यमंत्री के सचिव एवं आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास एवं कंपनी के प्रबंध संचालक श्री सिबी चक्रवर्ती एम. सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल और इंदौर जल्द ही मेट्रोपॉलिटन सिटी बनने की ओर बढ़ रहे हैं। इसलिए अपने कार्य में महारत हासिल करने वाले अच्छे शहर नियोजकों को अर्बन कंपनी से जोड़ें। दोनों शहरों की भावी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इनकी सिस्टमेटिक प्लानिंग करें। सड़क, लोक परिवहन एवं सीवरेज ट्रीटमेंट में विशेषज्ञता रखने वाले विशेषज्ञ व्यक्तियों को भी इस कंपनी से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि अर्बन डेवलपमेंट कंपनी की बैठक कंपनी लॉ के मुताबिक नियमित रूप से कराई जाएं। इससे लंबित कार्य प्रस्तावों का समय-समय पर अनुमोदन किया जा सकेगा। साथ ही कंपनी के कार्यों में नियमितता आएगी और निर्माण कार्यों की लागत भी नहीं बढ़ेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी निर्माणाधीन कार्य तय समय-सीमा में ही पूरे किए जाएं। सभी कामों के लिए एक्शन प्लान बना कर कार्यवाही की जाए। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में नर्मदा नदी के आसपास करीब 12 सीवरेज निर्माण कार्य जारी है, इनमें से 10 कार्य पूरे हो चुके हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कंपनी यह तय करें कि शहरों के वेस्ट से नदियां प्रदूषित न होने पाए। नदियां हमें जीवन देती हैं और उन्हें अविरल प्रवाहमान बनाए रखना भी हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि उज्जैन में क्ष्िाप्रा नदी में किसी भी सूरत में प्रदूषण न होने पाए इसके लिए सीवरेज प्रबंधन के समुचित उपाय किए जाएं। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संचालक मंडल द्वारा रखे गए सभी कार्य प्रस्तावों एवं भावी आवश्यकताओं के अनुसार कंपनी में पद सृजन प्रस्ताव को अनुमोदन दिया। बैठक में संचालक मंडल के स्वतंत्र संचालकों के रूप में श्री के.के. सिंह व श्रीमती स्नेहलता श्रीवास्तव के पूरे हो चुके कार्यकाल के विस्तार का अनुमोदन किया गया। साथ ही अन्य प्रशासनिक प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। आयुक्त, नगरीय प्रशासन एवं कंपनी के प्रबंध संचालक श्री चक्रवर्ती ने मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड के गठन से लेकर अब तक किए गए कार्यों और इनकी उपयोगिता का प्रेजेंटेशन दिया। उन्होंने बताया कि कंपनी का गठन 1 जनवरी 2015 को किया गया था। कंपनी द्वारा प्रदेश के सभी नगरों में नागरिकों की बेहतरी एवं सुविधा विस्तार के लिए शहरी विकास एवं नियोजन से जुड़े सभी श्रेणी के कार्य कराए जा रहे हैं। वर्तमान में कंपनी द्वारा शहरी नियोजन के लिए करीब 8000 करोड़ रुपए का दीर्घकालीक ऋण लेकर कार्य कराए जा रहे हैं। वर्ष 2024-25 में 76 निर्माण कार्य पूरे हो चुके हैं, वर्तमान में 86 निर्माण कार्य तेजी से जारी हैं।   recent visitors 30