आयुष्मान कार्ड से अब इन अस्पतालों में नहीं होगा इलाज, 600 से अधिक प्राइवेट अस्पतालों ने छोड़ दी योजना

 नई दिल्ली साल 2018 में शुरू हुई भारत सरकार की महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य योजना, आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) को लेकर एक बड़ी जानकारी सामने आई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस योजना के शुरू होने के बाद से अब तक 600 से अधिक प्राइवेट अस्पतालों ने स्वेच्छा से इससे बाहर होने का फैसला किया है। इन अस्पतालों ने देरी से भुगतान और कम रिम्बर्समेंट रेट जैसे कारणों का हवाला देते हुए योजना से खुद को अलग कर लिया है। सबसे ज्यादा गुजरात के अस्पताल हुए बाहर आयुष्मान भारत योजना से खुद को अलग करने वाले प्राइवेट अस्पतालों में सबसे ज्यादा गुजरात राज्य से हैं। यहां 233 अस्पतालों ने योजना से बाहर होने का फैसला किया। इसके बाद केरल में 146 और महाराष्ट्र में 83 अस्पतालों ने भी इसी तरह का कदम उठाया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव द्वारा राज्यसभा में शेयर किए गए आंकड़ों के अनुसार, कुल 609 प्राइवेट अस्पताल अब तक इस योजना से बाहर हो चुके हैं। यह स्थिति उस योजना के लिए चिंता का विषय बन गई है, जिसका उद्देश्य देश के 10 करोड़ परिवारों या लगभग 50 करोड़ लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करना है। निजी अस्पतालों की शिकायतें निजी अस्पतालों का कहना है कि योजना के तहत निर्धारित कम दरें और भुगतान में होने वाली देरी उनके लिए कामकाज को मुश्किल बना रही हैं। कई अस्पतालों ने दावा किया है कि राज्य सरकारों द्वारा समय पर फंड जारी न करने के कारण उनको समय पर पैसे नहीं मिले, जिससे वे इस योजना में भागीदारी जारी रखने में असमर्थ हो रहे हैं। उदाहरण के तौर पर, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की हरियाणा इकाई के तहत फरवरी में सैकड़ों निजी अस्पतालों ने योजना के तहत सेवाएं बंद करने की घोषणा की थी, क्योंकि वहां 400 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान बकाया था। इसके बाद, पंजाब और जम्मू-कश्मीर में भी निजी अस्पताल और नर्सिंग होम एसोसिएशन ने इसी तरह की निलंबन की मांग की। छत्तीसगढ़ और गुजरात जैसे राज्यों में कुछ ट्रीटमेंट पैकेज केवल सरकारी अस्पतालों के लिए आरक्षित होने और सरकारी अस्पतालों से कोई रेफरल न मिलने के कारण भी निजी अस्पताल इससे बाहर निकल रहे हैं। स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने राज्यसभा में पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) ने अंतर-राज्यीय अस्पतालों के लिए क्लेम दाखिल करने के 15 दिनों के भीतर और पोर्टेबिलिटी अस्पतालों (राज्य के बाहर स्थित) के लिए 30 दिनों के भीतर अस्पतालों को क्लेम का भुगतान करने के लिए दिशा-निर्देश निर्धारित किए हैं। योजना का उद्देश्य और वर्तमान स्थिति आयुष्मान भारत योजना को 23 सितंबर, 2018 को झारखंड के रांची में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लॉन्च किया गया था। यह योजना गरीब और कमजोर परिवारों को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का मुफ्त स्वास्थ्य बीमा प्रदान करती है। योजना में शुरू में लगभग 10.74 करोड़ गरीब और कमजोर परिवार शामिल थे, जो 2011 की सामाजिक आर्थिक और जाति जनगणना (SECC) के अनुसार भारत की आबादी के निचले 40 प्रतिशत हैं। बाद में जनवरी 2022 में लाभार्थी आधार को संशोधित कर 55.0 करोड़ व्यक्तियों या 12.34 करोड़ परिवारों तक कर दिया गया। अकेले 2024 में, इस योजना का विस्तार करके 37 लाख आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और उनके परिवारों को मुफ्त स्वास्थ्य सेवा लाभ के लिए कवर किया गया, और साल के अंत में सरकार ने 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के लगभग 6 करोड़ वरिष्ठ नागरिकों को इसमें शामिल करने की घोषणा की। बाद में, ओडिशा और दिल्ली PMJAY में शामिल होने वाले 34वें और 35वें राज्य या केंद्र शासित प्रदेश (UT) बन गए, जिससे इस योजना के तहत 70 लाख से अधिक परिवार और जुड़ गए। सरकार का जवाब सरकार का कहना है कि वह इस समस्या को हल करने के लिए कदम उठा रही है। हरियाणा में आयुष्मान भारत की संयुक्त सीईओ अंकिता अधिकारी ने हाल ही में कहा था कि फंड जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और एक सप्ताह के भीतर स्थिति को संभाल लिया जाएगा। इसके अलावा, केंद्र सरकार ने निजी अस्पतालों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पैकेज दरों की समीक्षा और भुगतान प्रक्रिया को तेज करने की बात कही है। आगे की चुनौतियां हालांकि योजना ने अब तक कई करोड़ मरीजों को लाभ पहुंचाया है और करीब 36 करोड़ लोगों को आयुष्मान कार्ड जारी किए गए हैं, लेकिन निजी अस्पतालों का बाहर होना इसके भविष्य के लिए खतरा बन सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर भुगतान प्रणाली में सुधार नहीं किया गया, तो और भी अस्पताल इस योजना से बाहर हो सकते हैं, जिसका सबसे अधिक नुकसान गरीब और जरूरतमंद मरीजों को होगा। आयुष्मान भारत योजना को लेकर उठ रहे इन सवालों के बीच सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह सुनिश्चित करना है कि निजी क्षेत्र की भागीदारी बनी रहे और गरीबों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच प्रभावित न हो। इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाने की जरूरत है, ताकि यह योजना अपने मूल उद्देश्य को पूरा कर सके। recent visitors 40

अब ChatGPT पर Free में बनेगी Ghibli इमेज, ट्रेंड वायरल पर Sam Altman ने की बड़ी घोषणा, जानें तरीका

Ghibli trend photo is not just

Now Ghibli images in ChatGPT can be created for free on ChatGPT, Sam Altman made a big announcement on the trend going viral, know how OpenAI का ChatGPT अभी काफी चर्चा में है. इससे Studio Ghibli स्टाइल की इमेज जनरेशन की बाढ़ आ गई है. कंपनी के नेटिव इमेज जेनरेशन फीचर रोलआउट करने के बाद से ही यूजर्स AI से फोटो को बनवा रहे हैं. Studio Ghibli को वायरल ट्रेंड बन चुका है. Now Ghibli images in ChatGPT कंपनी ने बताया कि Studio Ghibli की वजह से महज एक घंटे में 10 लाख नए यूजर्स जुड़ गए. Sam Altman ने X पर ऐलान किया, “ChatGPT का लॉन्च 26 महीने पहले सबसे पागलपन भरे वायरल मोमेंट्स में से एक था, जब हमने 5 दिन में 10 लाख यूजर्स जोड़े थे. अब पिछले एक घंटे में ही 10 लाख यूजर्स और जुड़ गए.” उन्होंने आगे कहा, “अब इमेज जेनरेशन फ्री यूजर्स के लिए भी रोलआउट हो गया है.” यानी यूजर्स फ्री में ChatGPT से Ghibli Style Image बनवा सकते हैं. आपको बता दें कि 26 मार्च 2025 को OpenAI ने ChatGPT Plus, Pro और Team यूजर्स के लिए यह फीचर लॉन्च किया था. जापान के मशहूर Studio Ghibli स्टाइल आर्टवर्क ने सोशल मीडिया यूजर्स को इतना इंप्रेस किया कि लोग अपनी तस्वीरों को पॉपुलर ऐनिमे फिल्म्स की स्टाइल में बदलने लगे. हालांकि, फ्री यूजर्स के लिए यह फीचर कुछ देरी के बाद आज यानी 1 अप्रैल 2025 को आया है. Now Ghibli images in ChatGPT Read more: लाइफस्टाइल- गर्मियों में फायदेमंद गन्ने का जूस: लू से बचाए, शरीर को रखे हाइड्रेटेड, डाइटीशियन से जानें किन्हें नहीं पीना चाहिए ChatGPT पर फ्री में बनेगी Ghibli Style इमेजआपको बता दें कि अभी Ghibli Style Image की धूम मची हुई है. सभी अपनी Ghibli Style Image बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहे हैं. ChatGPT के फ्री ना होने पर यूजर्स इसके अल्टरनेटिव से अपनी Ghibli Style फोटो बनवा रहे हैं. लेकिन, अब इसके फ्री होने के बाद यूजर्स ChatGPT से ही Ghibli Style इमेज बनवा सकते हैं. आपको बस ChatGPT में अपना अकाउंट बनाना होगा. इसके बाद आप अपनी फोटो को इसमें अपलोड करके Ghibli Style में कन्वर्ट करने का कमांड दे सकते हैं. इसके बाद यह आपकी इमेज को Ghibli Style में बदल देगा. हालांकि, फ्री होने की वजह से इस पर थोड़ी लिमिट हो सकती है. Now Ghibli images in ChatGPT Studio Ghibli से OpenAI को फायदा आपको बता दें ति OpenAI ने ChatGPT को नवंबर 2022 में लॉन्च किया था. यह एक कन्वर्सेशनल AI टूल था, जो टेक्स्ट प्रॉम्प्ट्स लेकर इंसानों जैसे जवाब देता है. अब इमेज जेनरेशन जैसे फीचर्स के साथ ये और भी पावरफुल हो गया है. अब Studio Ghibli स्टाइल इमेज ने ChatGPT को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया, लेकिन OpenAI के सामने अब सिस्टम को स्टेबल रखने और बिजनेस वैल्यू देने की चुनौती है recent visitors 217

विधायक सुश्री रामसिया भारती ने बड़ामलहरा कन्या विद्यालय में किया प्रवेश दिवस का शुभारंभ

MLA Ramsiya Bharti inaugurated the admission day at Badamalhara Girls School छतरपुर: जिले की बड़ामलहरा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक सुश्री रामसिया भारती द्वारा शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बड़ामलहरा में नए शैक्षणिक सत्र के प्रारंभिक प्रवेश दिवस के अवसर पर विद्यालय का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने शिक्षकों, शिक्षिकाओं और छात्राओं से मुलाकात कर उनकी शैक्षणिक स्थिति और आवश्यकताओं की जानकारी ली। शिक्षा को बढ़ावा देने की पहल विधायक रामसिया भारती ने छात्राओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि शिक्षा ही आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण की कुंजी है। उन्होंने छात्राओं को मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य-निर्धारण के महत्व को समझाते हुए उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं। विद्यालय की सुविधाओं पर चर्चा विद्यालय प्रशासन और शिक्षकों से चर्चा करते हुए उन्होंने स्कूल में शिक्षा की गुणवत्ता, आधारभूत सुविधाओं और छात्राओं की जरूरतों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने आश्वासन दिया कि विद्यालय के विकास के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। MLA Ramsiya Bharti inaugurated बालिका शिक्षा पर विशेष जोर विधायक ने बालिका शिक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि सरकार और समाज को मिलकर लड़कियों की शिक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने छात्राओं को उच्च शिक्षा और करियर निर्माण के लिए प्रेरित किया। विधायक रामसिया भारती का यह दौरा विद्यालयी शिक्षा को प्रोत्साहित करने और छात्राओं को जागरूक करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था। उन्होंने छात्राओं को शिक्षा की शक्ति को पहचानने और अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करने का संदेश दिया। Read more: लाइफस्टाइल- गर्मियों में फायदेमंद गन्ने का जूस: लू से बचाए, शरीर को रखे हाइड्रेटेड, डाइटीशियन से जानें किन्हें नहीं पीना चाहिए recent visitors 275

भोपाल में शराब की दुकान को लेकर हंगामा, विरोध में लोगों ने किया रामचरितमानस का पाठ

भोपाल  मध्य प्रदेश के 19 धार्मिक स्थलों में आज से शराब बंद हो जाएगी। इन 19 जगहों पर चलने वाली सभी दुकानों पर हमेशा-हमेशा के लिए ताला लग जाएगा, लेकिन इसी बीच, राजधानी भोपाल में शराब दुकानों के विस्थापन मामले ने तूल पकड़ लिया है। लगातार अलग-अलग कॉलोनियों के लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। अब शहर के अवधपुरी में शराब दुकान खुलने का विरोध तेज हो गया है। यहां पर लोगों ने शराब की दुकान के विरोध में रामचरितमानस का पाठ किया है। दरअसल, अवधपुरी में शराब की दुकानों की शिफ्टिंग की जा रही है। यहां ऋषि पुरम तिराहे पर शराब की दुकान खोली जा रही है। इसके विरोध में लोगों ने रैली-धरना देकर प्रदर्शन किया। शासन प्रशासन की सद्बुद्धि के लिए 24 घंटे का अखंड रामचरितमानस का पाठ किया जा रहा है। यहां के नागरिकों का दावा है कि जहां दुकान खुल रही है, वहां पास में स्कूल, मंदिर, अस्पताल और बस स्टॉप भी है। नागरिकों ने यहां के स्थानीय विधायक और मंत्री कृष्णा गौर से मिलकर भी समस्या बताई थी। इन स्थानों में भी हो रहा विरोध शहर के मालवीय नगर, संत हिरदाराम नगर (बैरागढ़), सांई राम कॉलोनी सेमरा और बावड़ियाकलां चौक में भी 1 अप्रैल से नई दुकान शिफ्ट होने की बात कही जा रही है। इन सभी जगहों पर भी रहवासी शराब की दुकान का विरोध कर रहे हैं। महिला महापौर से शिकायत मालवीय नगर में वार्ड नंबर-34 में नई शराब दुकान आ रही है। जबकि पास में ही विधायक रेस्ट हाउस, बिड़ला मंदिर भी है। वहीं, घना रहवासी इलाका भी है। इसके चलते लोग विरोध कर रहे हैं। यहां पर महिलाएं महापौर मालती राय से मिलीं और शराब दुकान का विरोध जताया। recent visitors 33

पुलिस अधीक्षकों को अब पुलिस उप अधीक्षकों के तबादले का अधिकार

भोपाल मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय द्वारा एक नई व्यवस्था की जा रही है। जिसके तहत अब पुलिस अधीक्षकों (SP) को डीएसपी के तबादलों का अधिकार मिलेगा। वर्तमान में आरक्षक से लेकर निरीक्षक तक के स्थानांतरण का अधिकार पुलिस अधीक्षक के पास है, लेकिन अब यह अधिकार उप पुलिस अधीक्षकों (डीएसपी) तक विस्तारित किया जाएगा।     अभी तक डीएसपी या एसडीओपी स्तर के अधिकारियों को उनके स्थानांतरण के लिए पुलिस मुख्यालय से मंजूरी लेनी पड़ती थी, जिसमें समय की बर्बादी होती थी। अब पुलिस अधीक्षकों को यह अधिकार देने का उद्देश्य स्थानांतरण प्रक्रिया को तेज करना है, ताकि कानून-व्यवस्था के मुद्दों को तुरंत निपटाया जा सके। तबादला प्रक्रिया में सुधार मध्य प्रदेश में छोटे जिलों में 5 से 7 डीएसपी होते हैं, जबकि बड़े जिलों में यह संख्या 10 से अधिक हो सकती है। डीएसपी स्तर के अधिकारियों के पास कानून-व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां होती हैं, और कभी-कभी उन्हें सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) जैसे अधिकारियों को तात्कालिक रूप से इधर-उधर करने की जरूरत होती है। हालांकि, पुलिस मुख्यालय से अनुमति प्राप्त करने में अधिक समय लगता है, जिसके कारण तत्काल कार्रवाई में देरी होती थी। तबादला प्रक्रिया में प्रभारी मंत्री की भूमिका पुलिस अधिकारियों ने जानकारी दी कि इस नई व्यवस्था में, तबादला करने से पहले प्रभारी मंत्री की अनुशंसा आवश्यक होगी। इस व्यवस्था के तहत, पुलिस अधीक्षकों को डीएसपी के स्थानांतरण के अधिकार मिलने से जिलों में कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। अधिकारियों के अनुसार, यह नई व्यवस्था अप्रैल से प्रभावी हो सकती है, जिससे पुलिस व्यवस्था में और सुधार की उम्मीद है। 5 बिंदुओं पर समझिए पूरी स्टोरी  मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने एक नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है।  जिसके तहत पुलिस अधीक्षकों (SP) को अब डीएसपी (उप पुलिस अधीक्षक) के तबादलों का अधिकार मिलेगा।  वर्तमान में, पुलिस अधीक्षक के पास आरक्षक से लेकर निरीक्षक तक के स्थानांतरण का अधिकार था। लेकिन अब यह अधिकार डीएसपी तक विस्तारित किया जाएगा।  अब तक, डीएसपी और एसडीओपी को अपने तबादले के लिए पुलिस मुख्यालय से मंजूरी लेनी पड़ती थी। जिससे प्रक्रिया में समय की बर्बादी होती थी।   मध्य प्रदेश में छोटे जिलों में 5 से 7 डीएसपी होते हैं। जबकि बड़े जिलों में यह संख्या 10 से अधिक हो सकती है।  इस नई व्यवस्था के तहत, डीएसपी के स्थानांतरण के लिए पुलिस अधीक्षक को प्रभारी मंत्री की अनुशंसा प्राप्त करना जरूरी होगा। recent visitors 47

लाइफस्टाइल- गर्मियों में फायदेमंद गन्ने का जूस: लू से बचाए, शरीर को रखे हाइड्रेटेड, डाइटीशियन से जानें किन्हें नहीं पीना चाहिए

Lifestyle: Sugarcane juice is beneficial

Lifestyle: Sugarcane juice is beneficial in summers: Protects from heat wave, keeps the body hydrated, know from dietician who should not drink it हेल्थ डेस्क: Lifestyle: Sugarcane juice is beneficial आपने गर्मी के मौसम में अपने आसपास गन्ने का जूस बिकते जरूर देखा होगा। तेज धूप और हीट स्ट्रोक से बचने के लिए लोग इसे खूब पीते हैं। यह न केवल स्वादिष्ट होता है, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद है। यह शरीर को हाइड्रेट के साथ-साथ एनर्जेटिक भी रखता है। इसके अलावा गन्ने का रस पाचन तंत्र को बेहतर बनाने, इम्यूनिटी बूस्ट करने और स्किन को हेल्दी बनाए रखने में भी मददगार है। इसमें कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। फार्माकोग्नॉसी जर्नल में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, गन्ने के जूस के कई हेल्थ बेनिफिट्स हैं। आयुर्वेद और यूनानी पद्धति में पीलिया व यूरिन संबंधी समस्याओं के इलाज के लिए गन्ने का जूस पीने की सलाह दी जाती है। इसमें विटामिन और मिनरल्स का खजाना होता है। Lifestyle: Sugarcane juice is beneficial गन्ना अनुसंधान केंद्र की एक स्टडी के मुताबिक, इसके जूस में हाई पॉलीफेनोल्स होते हैं, जो पावरफुल फाइटोन्यूट्रिएंट्स हैं। गन्ने के जूस में बैड कोलेस्ट्रॉल से लड़ने की क्षमता होती है। साथ ही ये मेटाबॉलिज्म को भी बेहतर बनाता है। इसलिए, आज जरूरत की खबर में गन्ने का जूस पीने के फायदों के बारे में बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट: डॉ. पूनम तिवारी, सीनियर डाइटीशियन, डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ सवाल- गन्ने में कौन-कौन से पोषक तत्व पाए जाते हैं? जवाब- नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, गन्ने में 70-75% पानी, 13-15% सुक्रोज (नेचुरल शुगर) और 10-15% फाइबर होता है। हालांकि गन्ने का जूस निकालने की प्रक्रिया में फाइबर लगभग खत्म हो जाता है। नीचे दिए ग्राफिक में 250ml जूस की न्यूट्रिशनल वैल्यू जानिए- सवाल– गन्ने का जूस सेहत के लिए किस तरह से फायदेमंद है? जवाब- गन्ने के जूस में मौजूद विटामिन C और फ्लेवोनोइड्स व फेनोलिक जैसे एंटीऑक्सिडेंट्स इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाते हैं। ये एक बेहतरीन हाइड्रेटिंग ड्रिंक्स है क्योंकि इसमें भरपूर मात्रा में पानी होता है। गन्ने के जूस में नेचुरल शुगर, फाइबर और इनवर्टेज जैसे एंजाइम होते हैं, जो पाचन तंत्र को मजबूत बनाते हैं। गन्ना सुक्रोज और ग्लूकोज जैसे कार्बोहाइड्रेट का एक नेचुरल सोर्स है, जो इंस्टेंट एनर्जी देता है। गन्ने के डाइयूरेटिक गुण यूरिन के जरिए शरीर के टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मददगार हैं। गन्ने में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो ओरल हेल्थ के लिए फायदेमंद हैं। इसमें मौजूद कैल्शियम दांतों और हड्डियों को मजबूत बनाते हैं। Lifestyle: Sugarcane juice is beneficial इसमें पाए जाने वाले एंटीऑक्सिडेंट्स स्किन को हेल्दी बनाए रखने में मदद करते हैं। ये उम्र बढ़ने के संकेतों जैसे झुर्रियां, महीन रेखाएं और स्किन के दाग-धब्बे को कम करते हैं। वहीं पॉलीफेनोल और पोटेशियम जैसे कंपाउंड कार्डियो प्रोटेक्टिव होते हैं। गन्ने के एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण आर्टरीज की सूजन और कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करके हार्ट हेल्थ को बेहतर बनाते हैं। इसका जूस शरीर के तापमान को कंट्रोल करने के साथ-साथ इलेक्ट्रोलाइट को भी बैलेंस करता है। इस तरह ये हमें गर्मी में हीट स्ट्रोक के खतरे से बचाता है। नीचे दिए ग्राफिक से गन्ने का जूस पीने के कुछ फायदे समझिए- सवाल- गन्ना या गन्ने का जूस क्या ज्यादा फायदेमंद है? जवाब- सीनियर डाइटीशियन डॉ. पूनम तिवारी बताती हैं कि चाहे गन्ने की बाइट चबाएं या उसका जूस पिएं दोनों ही फायदेमंद है। हालांकि गन्ने में फाइबर की मात्रा भरपूर होती है। इसलिए जूस पीने से ज्यादा इसे चबाना बेहतर है। सवाल- क्या गन्ने में बर्फ डालकर पीना सेहत के लिए अच्छा है? जवाब- बर्फ डालने से गन्ने का रस ठंडा हो जाता है, जिससे गर्मी में ताजगी मिलती है। ठंडा गन्ने का जूस पीने से गर्मी से तुरंत राहत मिलती है। लेकिन कुछ लोगों को इससे सर्दी-जुकाम, खांसी या पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए बहुत ज्यादा बर्फ वाला गन्ने का रस पीने से बचना चाहिए। सवाल- गन्ने का जूस पीने का सही तरीका क्या है? जवाब- गन्ने का जूस निकालने के तुरंत बाद पीना सबसे अच्छा होता है। बासी गन्ने के जूस में बैक्टीरिया पनप सकते हैं, जो सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। गन्ने का जूस हमेशा किसी साफ और स्वच्छ दुकान से ही पिएं। जिस मशीन से जूस निकाला जा रहा है, वह साफ-सुथरी होनी चाहिए। गन्ने का जूस पीने का सबसे अच्छा समय दोपहर से पहले का होता है। खाली पेट गन्ने का जूस नहीं पीना चाहिए क्योंकि इससे एसिडिटी हो सकती है। गन्ने के जूस में थोड़ा सा काला नमक और नींबू का जूस और पुदीना मिलाकर पीने से इसका स्वाद और न्यूट्रिशन दोनों बढ़ जाता है। सवाल- क्या गन्ने का जूस किडनी स्टोन में फायदेमंद है? जवाब- गन्ने का जूस किडनी स्टोन से पीड़ित लोगों के लिए सुरक्षित माना जाता है क्योंकि इसमें ऑक्सालेट कम होता है। जो शरीर में पथरी बनने से रोकने में मदद कर सकता है। इसके डाइयूरेटिक गुण टॉक्सिन्स को बाहर निकालने और नए स्टोन्स के प्रोडक्शन को रोकने में भी मदद कर सकते हैं। Read more: उज्जैन में जल्द लॉन्च होगा विक्रमादित्य वैदिक एप; ज्योतिष संबंधी जानकारी भी मिलेगी, मोबाइल से जान सकेंगे शादी समेत अन्य शुभ मुहूर्त इसके अलावा गन्ने के जूस में पोटेशियम, मैग्नीशियम और कई अन्य ऐसे पोषक तत्व होते हैं, जो किडनी की सेहत के लिए फायदेमंद हैं। गन्ने का रस शरीर में पानी की मात्रा को बढ़ाता है, जिससे किडनी में पथरी बनने की संभावना कम हो जाती है। सवाल- क्या डायबिटिक लोग गन्ने का जूस पी सकते हैं? जवाब- डॉ. पूनम तिवारी बताती हैं कि गन्ने के जूस में नेचुरल शुगर की मात्रा अधिक होती है, जो ब्लड शुगर लेवल को बढ़ा सकती है। इसलिए डायबिटिक लोगों को इसे पीने से बचना चाहिए। सवाल- एक दिन में कितना गन्ने का जूस पीना सुरक्षित है? जवाब- एक स्वस्थ व्यक्ति एक दिन में एक गिलास गन्ने का जूस पी सकता है। इससे ज्यादा पीना सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। सवाल- क्या गन्ने का जूस पीने के कोई साइड इफेक्ट भी हैं? जवाब- गन्ने का जूस पीना आमतौर पर सुरक्षित होता है। हालांकि इसके अधिक सेवन से … Read more

हार्दिक पांड्या तो अश्विनी की गेंदबाजी के कायल हो चुके हैं, मुंबई इंडियंस को मिली यंग टैलेंट की खान

नई दिल्ली पहले विग्नेश पुथुर और अब अश्विनी कुमार। मुंबई इंडियंस की स्काउट टीम ने इस सीजन में न सिर्फ गुमनामी में दबे हीरों की तलाश की है, बल्कि उन्हें तराशा भी है। टीम के कैप्टन हार्दिक पांड्या तो अश्विनी की गेंदबाजी के कायल हो चुके हैं। उन्होंने इस युवा गेंदबाज को शाबाशी देते हुए कहा है कि टीम को आप पर गर्व है। अश्विनी कुमार ने सोमवार को अपने डेब्यू मैच में कोलकाता की बल्लेबाजी को ध्वस्त करते हुए 4 विकेट झटके। ये आईपीएल में किसी भी भारतीय गेंदबाज का बेस्ट डेब्यू है। इस शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच से नवाजा गया। मुंबई इंडियंस के अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से एक वीडियो पोस्ट किया है जिसमें पांड्या युवा अश्विनी कुमार का जोश बढ़ा रहे हैं। मुंबई इंडियंस के कैप्टन वीडियो में कहते दिखते हैं, '…अश्विनी ने दिखाया है कि एमआई के बैज का मतलब क्या होता है। हमें तुम पर गर्व है। जारी रखो।' इस दौरान टीम तालियों की गड़गड़ाहट से इस यंग टैलेंट का इस्तकबाल करती है। जवाब में अश्विनी कुमार भी कैप्टन और टीम को भरोसा दिलाते हैं कि वह ऐसे ही आने वाले मैचों में भी अपना 100 प्रतिशत देने की कोशिश करेंगे। कुमार कहते हैं, 'मैं बड़ा ग्रेटफुल हूं कि इतने बड़े प्लेयरों के साथ खेलने का मौका मिला और बेस्ट टीम में। बाकी मैं कोशिश करूंगा आने वाले मैचों में ऐसे ही अपना 100 प्रतिशत दूं और टीम को जिताऊं।' बाएं हाथ के तेज गेंदबाज कुमार अपने डेब्यू मैच में ही छा गए। सोमवार को कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ खेले गए मैच में उन्होंने 3 ओवर में 24 रन देकर 4 विकेट झटके। उन्होंने अजिंक्य रहाणे, रिंकू सिंह, मनीष पांडे और आंद्रे रसेल को अपना शिकार बनाया। उनकी धारदार गेंदबाजी की बदौलत ही मुंबई की टीम कोलकाता की पूरी पारी को 17वें ओवर में ही 116 रन पर समेटने में कामयाब हो पाई। मुंबई ने इस मैच को 43 गेंद शेष रहते 8 विकेट से जीत लिया। कौन हैं अश्विनी कुमार? करीब 24 साल के अश्विनी कुमार पंजाब के मोहाली जिले के एक गांव झंजेरी के रहने वाले हैं। पिछले सीजन में वह चेन्नई सुपर किंग्स के कैंप में बतौर नेट बोलर दिखे थे। लेकिन इस बार मुंबई इंडियंस ने उन्हें 30 लाख रुपये में खरीदा। टीम शुरुआती दो मैच हार चुकी थी। तीसरे मैच में उसने अश्विनी को मौका दिया और इस युवा गेंदबाज ने डेब्यू मैच में ही 4 विकेट लेकर धमाल मचा दिया। विग्नेश पुथुर ने भी डेब्यू में किया था कमाल इसी सीजन में मुंबई इंडियंस ने चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ अपने पहले मैच में विग्नेश पुथुर मौका दिया था। इस लेफ्ट आर्म रिस्ट स्पिनर ने भी टीम को निराश नहीं किया और अपने आईपीएल डेब्यू मैच में ही 32 रन देकर 3 विकेट झटके। पुथुर ने रुतुराज गायकवाड़, शिवम दुबे और दीपक हुड्डा को अपना शिकार बनाया। हालांकि, अगले मैच में मुंबई ने पुथुर को नहीं खिलाया। लगातार दो हार के बाद तीसरे मैच में पुथुर को फिर मौका मिला और उन्होंने एक विकेट झटके। अब उनकी गिनती आईपीएल के राइजिंग स्टार में हो रही है। केरल के रहने वाले पुथुर के पिता ऑटो रिक्शा चलाते हैं। recent visitors 40