Noida में एक शॉपिंग कॉम्पलेक्स में लगी भीषण आग, लोग ऊपर से कूदे; कुछ के फंसे होने की सूचना

नोएडा नोएडा के सेक्टर 18 स्थित कृष्णा अपरा प्लाजा मार्केट में एक दुकान में मंगलवार दोपहर भयंकर आग लग गई। आग लगते ही मार्केट के आसपास अफरा-तफरी मच गई और सैकड़ों की संख्या में लोग बाहर निकल आए। आग लगने और धुआं भरने के बाद मार्केट से कई लोग नीचे कूद गए और इसमें कुछ चोटिल भी हो गए। अग्निशमन विभाग की टीम रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर मार्केट के अंदर फंसे हुए लोगों को बाहर निकलने का प्रयास कर रही है। इस कॉम्पलेक्स में कई कंपनियों के दफ्तर हैं. आग लगने के बाद ग्राउंड फ्लोर पर काम करने वाले बाहर निकलने में सफल रहे. लेकिन ऊपरी मंजिलों पर मौजूद लोग फंस गए.फायर विभाग मौके पर पहुंच गया है और आग बुझाने की कोशिश कर रहा है. कहा जा रहा है कि अभी भी भीतर दो से तीन आदमी फंसे हुए हैं. कई लोगों को बचाया गया है और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. कृष्णा प्लाजा में लगी भीषण आग सेक्टर 20 थाना क्षेत्र के अट्टा मार्केट में स्थित कृष्णा प्लाजा में मंगलवार दोपहर को आग लग गई. यह बाजार का एक व्यस्त इलाका है, जहां बहुत लोग आते-जाते हैं. आग पहले सीढ़ियों के पास लगी और फिर देखते ही देखते पूरे ग्राउंड फ्लोर में फैल गई. इस हादसे से इमारत में हड़कंप मच गया और लोग डर के मारे चीखने लगे. ग्राउंड फ्लोर पर मौजूद लोग तो जल्दी बाहर निकल आए, लेकिन ऊपर की मंजिलों पर कई लोग फंस गए. जान बचाने के लिए इमारत से कूदे लोग धुएं से इमारत के अंदर लोगों का दम घुटने लगा, जिससे हालात और खराब हो गए. कुछ लोगों ने शीशे तोड़कर राहत की कोशिश की. वहीं कुछ लोग अपनी जान बचाने के लिए इमारत से कूद गए, जिनमें से तीन लोग जख्मी हो गए. उन्हें तुरंत अस्पताल भेजा गया. इस बीच, फायर ब्रिगेड की टीम भी मौके पर पहुंच गई और आग बुझाने के काम में जुट गई. दमकलकर्मियों ने शीशे भी तोड़े ताकि अंदर फंसे लोग सही सलामत बाहर आ सकें. शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका फायर ब्रिगेड ने सीढ़ियों के जरिए फंसे हुए लोगों को बाहर निकाला और मौके पर एंबुलेंस भी बुलाई गई. कुछ घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. आग लगने का कारण अभी तक साफ नहीं हो पाया है, लेकिन शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है. इस हादसे के बाद सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें लोग इमारत के अंदर फंसे हुए नजर आ रहे हैं. recent visitors 46

शिक्षा सत्र 2025-26 आज से शुरू हो गया, प्रवेश उत्सव के तहत अलग-अलग आयोजन हुए

 इंदौर  शिक्षा सत्र 2025-26 मंगलवार से शुरू हो गया। सुबह तय समय 10.30 बजे स्कूल खुले। आने वाले विद्यार्थियों को तिलक लगाकर स्वागत किया गया। प्रवेश उत्सव के तहत अलग-अलग आयोजन हुए। इसके साथ ही स्कूल चलें हम अभियान भी शुरू हो गया, जो कि चार अप्रैल तक चलेगा। प्रवेश उत्सव का मुख्य स्तरीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम सीएम राइज अहिल्याश्रम कन्या उमावि-2 में सुबह 10 बजे से आयोजित हुआ। फ्री बुक्स, विशेष मिड डे मील प्राचार्य दीपक हलवे ने बताया है कि कार्यक्रम में महापौर, जनप्रतिनिधि, पालक, समाज सेवी शामिल हुए। सभी छात्राओं का तिलक लगाकर स्वागत किया गाय। प्रवेश उत्सव के साथ ही विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें वितरित की गईं। नए नामांकन भी कराए जा रहे हैं। कक्षा एक से 8वीं तक सभी शालाओं में बालसभा का आयोजन किया गया। स्कूलों में विशेष मध्यान्ह भोजन दिया जाना है। हर दिन होंगे अलग आयोजन स्कूल चलें हम अभियान के दूसरे दिन स्कूलों में भविष्य से भेंट कार्यक्रम हुआ। जिसमें समाज के विभिन्न क्षेत्रों के प्रसिद्ध, प्रबुद्ध और सम्मानित व्यक्तियों को एक प्रेरक की भूमिका में विद्यार्थियों से भेंट के लिए बुलाया गया। तीसरे दिन स्कूल स्तर पर पालकों के साथ सांस्कृतिक और खेल-कूद की गतिविधियां आयोजित की जाएगी। चौथे दिन ऐसे छात्रों को चिन्हित किया जाएगा, जो फेल हो गए है। पालकों को इन बच्चों की आगे की पढ़ाई के लिए समझाइश दी जाएगी। recent visitors 48

1 अप्रैल से नए वित्त वर्ष की शुरुआत, राजमार्ग पर आज से सफर करना होगा महंगा, भोपाल में 200 फीसदी तक महंगी हुई प्रॉपर्टी

भोपाल नए वित्त वर्ष के पहले ही दिन से मध्य प्रदेश में लोगों पर महंगाई की मार पड़ने जा रही है। राजधानी भोपाल में जहां प्रॉपर्टी महंगी हुई है, वहीं प्रदेश में बिजली के दाम में औसत बढ़ोतरी 3.46 पैसे हुई है। इसी तरह अगर आप राष्ट्रीय राजमार्ग पर सफर करने जा रहे हैं तो अब आपको ज्यादा टोल टैक्स देना होगा। यहां पढ़िए 1 अप्रैल 2025 से लागू हुए नियमों के बारे में। टोल टैक्स: 1 अप्रैल से दरें होगी लागू, राजमार्ग पर सफर महंगा 30 मार्च की देर रात विद्युत नियामक आयोग ने नोटिफिकेशन जारी कर बिजली की दरों में 3.46 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी है। तीन साल में नियामक ने 2 बार बिजली के दाम बढ़ाए हैं। अब घरेलू और कमर्शियल बिजली उपभोक्ताओं को एक यूनिट बिजली के दाम 3.46 प्रतिशत ज्यादा देने होंगे। इसके साथ ही राजधानी भोपाल में कलेक्टर ने 1800 से ज्यादा इलाकों में प्रॉपर्टी के रेट बढ़ा दिए हैं। वहीं, भोपाल नगर-निगम पानी के ज्यादा पैसे वसूलने की तैयारी कर रहा है। इंदौर-देवास हाईवे के टोल टैक्स में भी नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने वृद्धि कर दी है। इस बढ़ोतरी से आम आदमी की जेब पर क्या असर पड़ेगा? बिजली के अलावा और क्या-क्या महंगा हुआ? ​​​पढ़िए, ऐसे सभी ​​सवालों के जवाब… बिजली कीमतों में क्या बदलाव हुए हैं? राज्य विद्युत नियामक आयोग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए टैरिफ ऑर्डर जारी कर दिया। बिजली दरों में औसत 3.46% का इजाफा किया गया है यानी बिजली उपभोक्ताओं को हर यूनिट पर 18 पैसे ज्यादा चुकाने होंगे। यह इजाफा घरेलू और कमर्शियल दोनों तरह के उपभोक्ताओं के लिए हुआ है। प्रदेश में 1 अप्रैल से नई टोल दरें लागू हो गई हैं। जहां सभी प्रकार के वाहनों को 5 से 25 रुपये तक अधिक टोल देना होगा। एक तरफ का टोल कार सहित अन्य फोर व्हीकल 100, हल्के वाहन 160, बस और ट्रक 340 और कमर्शियल वाहन 370 रुपये को चुकाना होगा। अधिकारियों के मुताबिक जनवरी में भी टोल दरों में बदलाव किया था। तीन महीने के भीतर दरों में दूसरी मर्तबा बढ़ोत्तरी हुई है। एनएचएआइ ने कुछ स्थानों से गुजरने पर कार और हल्के वाहनों के लिए टोल टैक्स में वृद्धि नहीं की है, जिसमें मांगलिया टोल, मेठवाडा, माछलिया घाट शामिल है। इन वाहन चालकों पर आर्थिक रूप से बोझ नहीं बढ़ेगा। जबकि कमर्शियल और हेवी वाहनों को अतिरिक्त शुल्क देना होगा। महंगी बिजली: ई-रिक्शा चार्जिंग पर 24 पैसे यूनिट का भार प्रदेश में बिजली के दाम में बढ़ोतरी से कोई भी क्षेत्र नहीं बचा है। मध्यमवर्गीय से लेकर ई-रिक्शा चालक तक इस बढ़ोतरी से सीधे प्रभावित होंगे। ई-रिक्शा में सबसे ज्यादा चार्जिंग की दर बढ़ाई गई है। मौजूदा दर से 24 पैसे महंगी बिजली की गई है। इसके अलावा उच्च दाब उपभोक्ता श्रेणी में भी 26 पैसे तक बिजली के दाम बढ़े हैं। एक बिजली बिल में खपत के अतिरिक्त कितने चार्ज जुड़ते हैं? बिजली बिल में एनर्जी चार्ज, फिक्स चार्ज, फ्यूल कॉस्ट, ड्यूटी चार्ज जुड़ते हैं। बिजली की दरों में वृद्धि के अनुपात में ही बाकी सारे चार्ज बढ़ते-घटते हैं। नियामक आयोग ने फिक्स चार्ज को खत्म कर दिया है। 100 यूनिट का 100 रुपए बिल वाली योजना पर क्या असर पड़ेगा? मध्यप्रदेश में 1 करोड़ से अधिक घरेलू उपभोक्ताओं को सरकार 150 यूनिट पर सब्सिडी देती है। अटल गृह ज्योति योजना के दायरे में आने वाले 100 यूनिट मासिक बिजली खपत वाले उपभोक्ताओं से भी 24 रुपए का अतिरिक्त बिल लिया जाना है, लेकिन फिलहाल उपभोक्ताओं को 100 रुपए ही देने होंगे। 24 रुपए सरकार भरेगी। 150 यूनिट तक के खपत की तब भी शुरुआती 100 यूनिट के 100 रुपए ही भुगतान करने पड़ेंगे। बिजली उपभोक्ताओं को क्या कोई राहत भी मिलेगी? हां। निम्न दाब उपभाेक्ताओं (घरेलू उपभोक्ता या जिन्हें लो टेंशन केबल यानी 230 से 400 वोल्टेज लाइन से बिजली सप्लाई होती है) और मौसमी उच्च दाब उपभोक्ताओं (कमर्शियल उपभोक्ता या जिन्हें हाई टेंशन केबल 11000 वोल्टेज लाइन से बिजली सप्लाई होती है) के मिनिमम चार्ज समाप्त किए गए हैं। एक बिजली उपभोक्ता को उस घर या फैक्ट्री का भी बिल चुकाना पड़ता था, जिसमें कई माह से बिजली का उपयोग ही नहीं हो रहा था। अब इसे समाप्त कर दिया गया है। स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं को क्या लाभ मिलेंगे? स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं को सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक (8 घंटे) उपयोग की गई बिजली खपत पर 20% छूट देने की घोषणा की गई है। बाकी 16 घंटों में जितनी बिजली उपयोग करेंगे, उसका 10 प्रतिशत ज्यादा देना होगा। ऐसा करने के पीछे बिजली कंपनी से जुड़े अफसर ने बताया कि गर्मियों में सौर पैनल बाकी मौसम की तुलना में अधिकतम क्षमता के साथ ज्यादा बिजली बनाते हैं, इसलिए दिन में छूट देने का प्रावधान किया है। स्मार्ट मीटर की लागत, संचालन, मेंटेनेंस और डाटा भेजने का खर्च टैरिफ में जुड़ जाएगा। इसके एवज में 10 साल तक किस्तों में 25 हजार रुपए वसूले जाएंगे। आज से भोपाल के 1312 स्थानों पर प्रॉपर्टी 10 से 50 प्रतिशत महंगी भोपाल जिले में पिछले दस सालों में तेजी से हुए विकास के साथ ही प्रॉपर्टी के दामों में भी बेहताशा वृद्धि की गई है। यह हम नहीं बल्कि पंजीयन विभाग के अधिकारियों द्वारा तैयार किया गया गाइडलाइन 2025-26 का प्रस्ताव बता रहा है। इसमें बीमाकुंज क्षेत्र में 10 साल में प्रॉपर्टी के दाम 10 गुना तक बढ़ गए हैं। यहां वित्तीय वर्ष 2015-16 में प्रॉपर्टी के दाम 20 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर थे और अब वित्तीय वर्ष 2025-26 में डेढ़ लाख से दो लाख रुपये प्रति वर्ग मीटर हो गए हैं। शहर में सात स्थान ऐसे हैं जहां एक से चार लाख रुपये प्रति वर्गमीटर तक जमीनों के दाम हो गए हैं। साथ ही 1312 स्थानों पर आज से 10 से 50 प्रतिशत और उससे अधिक प्रॉपर्टी महंगी हो जाएगी। जिनके घरों में स्मार्ट मीटर नहीं हैं, क्या उन्हें ये सुविधा नहीं मिलेगी? स्मार्ट मीटर के अलावा सामान्य ग्राहकों पर यह प्रावधान इसलिए नहीं लागू किया गया, क्योंकि उन मीटरों में हर घंटे यूनिट काउंट करने की सुविधा नहीं है। उन मीटरों से यह गिना नहीं जा सकता कि सुबह 9 से 5 … Read more

पश्चिम बंगाल में गैस सिलेंडर फटने से 7 लोगों की मौत, बम बनाने की अवैध फैक्ट्री चल रही थी

कोलकाता पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के पाथर प्रतिमा में सोमवार रात एक घर में गैस सिलेंडर में विस्फोट होने से चार बच्चों और दो महिलाओं समेत सात लोगों की मौत हो गई. पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि पथार प्रतिमा प्रखंड के धोलाघाट गांव में रात करीब नौ बजे हुए विस्फोट में एक महिला झुलस भी गई. सुंदरबन पुलिस जिले के पुलिस अधीक्षक कोटेश्वर राव ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘सभी शवों को घर से निकाल लिया गया है. झुलसी महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया है.'' हादसे की चपेट में आने वाले सभी लोगों के एक ही परिवार से होने की संभावना है. उन्होंने बताया कि पुलिस को संदेह है कि घर में दो गैस सिलेंडर थे और अंदर रखे पटाखों में आग लगने के बाद आग फैल गई. राव ने कहा, ‘‘स्थिति नियंत्रण में है और बचाव अभियान पूरा हो गया है. इलाके की घेराबंदी कर दी गई है और जांच जारी है.'' वहीं, एक अन्य अधिकारी ने बताया कि यह भी पता लगाने के लिए जांच की जाएगी कि क्या पटाखों का निर्माण घर के अंदर ही किया गया था. पुलिस के मुताबिक शुरुआती जांच में 2 गैस सिलेंडर में ब्लास्ट की जानकारी है। वहीं भाजपा विधायक और विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि यहां क्रूड बम बनाने की अवैध फैक्ट्री चल रही थी। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि सरकार मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पुलिस प्रशासन घटना को दबाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि SP कोटेश्वर राव ने कहा कि घर में कोई अवैध पटाखा फैक्ट्री नहीं थी। TMC विधायक समीर कुमार ने कहा कि पीड़ित परिवार का घर से कुछ मीटर की दूरी पर लाइसेंसी पटाखा फैक्ट्री थी। हो सकता है कि घर में पटाखों का कच्चा माल रखा गया हो, जिससे यह हादसा हुआ हो। ब्लास्ट में मरने वालों की पहचान हुई हादसे में मरने वालों की पहचान प्रभावती बनिक (80 वर्ष), अरविंद बनिक (65 वर्ष), स्वांतना बनिक (28 वर्ष), अर्नब बनिक (9 वर्ष), अनुष्का बनिक (6 वर्ष), अस्मिता (6 महीने), अंकित (6 महीने) और सुतापा जाना (मंगलवार सुबह अस्पताल में मौत) के रूप में की गई है। रेस्क्यू काम खत्म, पुलिस जांच में जुटी पुलिस ने कहा- आग लगने की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय प्रशासन की मदद से राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। अब स्थिति कंट्रोल में है। आग पर काबू पा लिया गया है। रेस्क्यू ऑपरेशन खत्म हो गया है। फिलहाल इलाके की घेराबंद की गई है। जांच जारी है। घर में पटाखे का काम चलता था रिपोर्ट के मुताबिक, हादसे वाले घर में कई सालों से पटाखे बनाने का काम होता था। बनिक परिवार में कुल 11 सदस्य रहते थे। जिनमें से 4 अभी भी लापता हैं। प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि आग सिलेंडर में विस्फोट के कारण लगी थी।   recent visitors 31

उपमुख्यमंत्री ने जमीन पर बैठकर श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण किया और आयोजन समिति के सदस्यों से भेंट कर उनका कुशलक्षेम जाना

रायपुर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा अपने कबीरधाम जिला के प्रवास के दौरान ग्राम मदनपुर में आयोजित भागवत गीता महापुराण में शामिल हुए। उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। धार्मिक आयोजन में भाग लेते हुए उन्होंने श्रद्धालुओं के साथ भक्ति और आध्यात्मिकता का अनुभव किया। उपमुख्यमंत्री ने जमीन पर बैठकर श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण किया और आयोजन समिति के सदस्यों से भेंट कर उनका कुशलक्षेम जाना। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि श्रीमद्भागवत गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को सही दिशा देने वाला पवित्र मार्गदर्शक है। यह धर्म, कर्म और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने इस आयोजन के सफल संचालन के लिए समिति और ग्रामवासियों को बधाई देते हुए इसे समाज में संस्कारों और सद्भाव को बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण प्रयास बताया। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा का आत्मीय स्वागत किया और उनसे अपने क्षेत्र की विभिन्न आवश्यकताओं को लेकर संवाद किया। उनके आगमन से ग्राम में उत्साह और भक्ति का विशेष माहौल बना रहा। recent visitors 33

एक कला, एक नजर, और एक वादा – यह क्षण बना एक प्रेरणा की मिसाल

रायपुर : प्रधानमंत्री की संवेदना से खिला एक पल — एक बेटी की कला को मिला आदर और अपनापन मोहभट्ठा की आमसभा में प्रधानमंत्री मोदी का दिल छू लेने वाला क्षण एक कला, एक नजर, और एक वादा – यह क्षण बना एक प्रेरणा की मिसाल "मैं आपको चिट्ठी भेजूंगा बेटा…" – मोहभट्ठा की आमसभा में प्रधानमंत्री मोदी का दिल छू लेने वाला क्षण रायपुर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के मोहभट्ठा ग्राम में आयोजित आमसभा और लोकार्पण-शिलान्यास समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन के दौरान एक ऐसा मानवीय और भावनात्मक पल आया, जिसे सभा में उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति ने देखा  और दिल से सराहा। जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंच से जनसभा को संबोधित कर रहे थे, तभी उनकी नजर एक बालिका पर पड़ी, जो उनकी पेंटिंग हाथ में उठाकर काफी देर से खड़ी थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उसकी भावना को समझा, और मंच से ही उन्होंने कहा "वहाँ एक बेटी पेंटिंग बना के लाई हैं, बेचारी कब से हाथ ऊपर रखे खड़ी हैं। मैं ज़रा सिक्योरिटी वालों से कहूंगा। उस बेटी को…  पेंटिंग के पीछे बेटा नाम-पता लिख देना, मैं आपको चिट्ठी भेजूंगा। जरा इस पेंटिंग को कोई कलेक्ट करके मेरे तक पहुंचा दे। बहुत-बहुत धन्यवाद बेटा, बहुत धन्यवाद।" प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस आत्मीयता भरी पहल से वहां मौजूद जनता की तालियों की गड़गड़ाहट से सभास्थल गूंज उठा। यह घटना प्रधानमंत्री मोदी की सरलता और संवेदनशील स्वभाव को दर्शाती है, जिससे वे हमेशा जनता के दिलों में विशेष स्थान बनाए रखते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ये बातें न सिर्फ उस बच्ची के चेहरे पर मुस्कान ले आईं, बल्कि वहाँ मौजूद हजारों लोगों के मन को भी छू गईं।  इस दृश्य ने यह भी दर्शाया कि यदि बच्चे की प्रतिभा को सही समय पर सही व्यक्ति से  सराहना मिले, तो उसके मन में आत्मविश्वास और प्रेरणा के दीप जलते है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह छोटा-सा लेकिन भावनाओं से भरा कदम, "बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ" जैसे अभियानों को और भी अधिक मानवीय अर्थ प्रदान करता है। यह प्रतिभा का सम्मान था – और वह सम्मान मिला देश के सर्वोच्च नेता के हाथों से। एक बेटी की कला, एक प्रधानमंत्री की संवेदना – यही है नया भारत। recent visitors 34

नवीन जल संरचनाओं के निर्माण के साथ पुरानी जल संरचनाओं का हो जीर्णोद्धार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जल संवर्धन के साथ उसका संरक्षण आज की महती आवश्यकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव जल संवर्धन अभियान में अधिक से अधिक हो जन-भागीदारी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव नवीन जल संरचनाओं के निर्माण के साथ पुरानी जल संरचनाओं का हो जीर्णोद्धार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि लोकतंत्र में जनता ही सरकार की सबसे बड़ी ताकत है। जनता को साथ लेकर प्रदेश के चहुँमुखी विकास की ओर हम आगे बढ़ रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट निर्माण में भी प्रदेश की जनता को जोड़ते हुए उनसे सुझाव आमंत्रित किये गये। प्रदेश में सभी प्रमुख त्यौहार भी प्रदेशवासियों को साथ लेकर मनाने की शुरूआत की गई है। अब 30 मार्च से प्रारंभ हुए राज्य स्तरीय जल गंगा संवर्धन अभियान में भी जन-भागीदारी को प्राथमिकता के साथ जोड़ा गया है। जल संकट को दूर करने बारिश के जल को अधिक से अधिक संग्रहण करने 30 मार्च से प्रांत व्यापी “जल गंगा संवर्धन’’ अभियान की शुरूआत की गई है। यह अभियान 30 जून तक निरंतर जारी रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि “जल गंगा संवर्धन’’ अभियान का राज्य स्तरीय शुभारंभ महाकाल की नगरी उज्जैन में क्षिप्रा नदी के तट से किया गया। इसमें राज्यपाल मंगुभाई पटेल और केन्द्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री डॉ. अर्जुनराम मेघवाल भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि प्रदेश में वर्षा जल की बूंद-बूंद बचाने का "जल गंगा संवर्धन" महा अभियान ग्रीष्म ऋतु में 30 जून तक 90 दिन से अधिक समय तक लगातार चलेगा। इस दौरान प्रति दिन छोटी-बड़ी जल संरचनाएं निर्मित कर लोकार्पित की जाएंगी। जल संरक्षण के इस अभियान से प्रदेश के भू-जल स्तर में सुधार आएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नागरिकों से मानवता ही नहीं समूची प्रकृति का जीवन अस्तित्व बचाए रखने के लिए पानी की बूंद-बूंद बचाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जन, जल, जंगल, जमीन और वन्य प्राणियों के संरक्षण के लिए संकल्पित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जल संरक्षण अभियान देशभर में एक व्यापक जन-आंदोलन बन चुका है। राज्य सरकार भी 'खेत का पानी खेत में-गांव का पानी गांव में' के सिद्धांत पर जल संरक्षण की दिशा में अभियान चला रही है। उन्होंने कहा कि "जल गंगा संवर्धन अभियान" में जल संरक्षण को प्रोत्साहित करने के लिए वर्षा जल संचयन, जल स्रोतों का पुनर्जीवन और जल संरक्षण तकनीकों को अपनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। प्रदेश सरकार का यह अभियान जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे जल संरक्षण से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता देकर अधिक से अधिक लोगों को अभियान से जोड़ें। उन्होंने कहा कि "जल गंगा संवर्धन अभियान", प्रदेश में जल की प्रचुर उपलब्धता और भावी पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करने में मील का पत्थर सिद्ध होगा।   recent visitors 55