दिल्ली में हुए सांप्रदायिक दंगे में कपिल मिश्रा की भूमिका की जांच की मांग पर अदालत ने दिया FIR-जांच का आदेश

नई दिल्ली दिल्ली के कानून मंत्री कपिल मिश्रा को बड़ा झटका लगा है। दिल्ली दंगे से जुड़े केस में अदालत ने कपिल मिश्रा के खिलाफ जांच का आदेश दिया है। 2020 में उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुए सांप्रदायिक दंगे में कपिल मिश्रा की भूमिका की जांच की मांग करते हुए दायर याचिका पर राउज एवेन्यू कोर्ट ने मंगलवार को यह आदेश दिया। उत्तर-पूर्वी दिल्ली में 24 फरवरी, 2020 को दंगे हुए थे, जिसमें 53 लोग मारे गए थे और कई घायल हुए थे। अदालत ने कहा कि दिल्ली पुलिस की ओर से उपलब्ध कराई गई सामग्रियों के आधार पर पता चलता है कि कपिल मिश्रा की मौजूदगी कर्दम पुरी इलाके में थी और एक संज्ञेय अपराध हुआ है जिसकी जांच की आवश्यकता है। कपिल मिश्रा अभी करावल नगर से विधायक हैं और दिल्ली की भाजपा सरकार में उन्हें मंत्री बनाया गया है। मिश्रा कानून और रोजगार समेत कई अहम मंत्रालय संभाल रहे हैं। अडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट वैभव चौरसिया ने 'प्रथम दृष्टया' संज्ञेय अपराध पाया और आगे जांच की जरूरत बताई। उन्होंने कहा, 'यह साफ है कि वह कथित अपराध के समय इलाके में मौजूद थे। आगे जांच की आवश्यकता है।' अदालत ने यमुना विहार निवासी मोहम्मद इलियास की याचिका पर सुनवाई के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। मोहम्मद इलियास ने कपिल मिश्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर यह याचिका दायर की थी। दिल्ली पुलिस ने यह कहकर याचिका का विरोध किया था कि कपिल मिश्रा की दंगों में कोई भूमिका नहीं थी। पुलिस ने अदालत को बताया कि प्राथमिकी में मिश्रा की भूमिका की जांच की गई थी। अभियोजन पक्ष ने अदालत से कहा था, 'डीपीएसजी (दिल्ली प्रोटेस्ट सपोर्ट) समूह की चैट से पता चलता है कि चक्का जाम की योजना पहले से ही बनाई गई थी, 15 और 17 फरवरी, 2020 की शुरुआत में। पुलिस जांच से पता चला है कि मिश्रा पर दोष मढ़ने की एक योजना बनाई गई थी।' recent visitors 41

सलकनपुर देवी मंदिर रोप-वे पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा से खिलवाड़

salkanpur devi mandir ropeway

the safety of devotees is being compromised at salkanpur devi mandir ropeway सीहोर ! salkanpur devi mandir ropeway नवरात्र के दूसरे दिन सलकनपुर स्थित मा विजयासन देवी मंदिर में करीब 38 हजार श्रद्धालुओं ने दर्शन किए है। सोमवार को सलकनपुर देवी मंदिर के रोप-वे का एक आपत्तिजनक वीडियो भी सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल – वीडियो में सुरक्षा नियमों को दरकिनार कर दो युवक रोप-वे की बोगी के ऊपर बैठे हैं। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने संज्ञान देते हुए रोप-वे संचालक को फटकार लगाई है। रोप-वे संचालक का तर्क है कि यह रोप-वे का मेंटेनेंस करने वाले कर्मचारी थी, रूटीन चैकिंग कर रहे थे। जानकारी के अनुसार नवरात्र मेला के चलते रोपवे पर भीड़ हैं। सुबह 4 से रात 10 बजे तक रोपवे चल रहा है, एक दिन में करीब 900 श्रद्धालु रोपवे के माध्यम से देवी मंदिर परिसर तक आते-जाते हैं। रोप-वे का 120 रुपए प्रति सवारी के हिसाब से किराया फिक्स है, एक बोगी में 6 लोग बैठते हैं। सलकनपुर देवी मंदिर रोपवे प्रभारी राजू श्रीवास्तव का कहना है कि मेला के दौरान सुरक्षा की दृष्टि से हर घंटे रोप-वे की जांच की जाती है। वीडियो रविवार का है, कर्मचारी रूटीन चैकिंग कर रहे थे। श्रीवास्तव का तर्क है कि बोगी के ऊपर बैठे कर्मचारी सेफ्टी बेल्ट लगाए हुए थे। बुदनी एसडीओपी रवि शर्मा ने बताया कि रोप-वे संचालक को हिदायत दी है कि वह बिना सुरक्षा इंतजाम के रूटीन चेकिंग नहीं करें। salkanpur devi mandir ropeway सामान्य गति से चल रहा ट्रैफिकः मां विजयासन देवी के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए अल सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरु हो जाता है। श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना एवं दर्शन में किसी तरह की कोई परेशानी नहीं हो, इसके लिए प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। पर्याप्त पार्किंग होने के चलते ट्रैफिक सुचारु रहा है। सोमवार को दिनभर लोग आवाजाही करते दिखे। ट्रैफिक नियंत्रण के लिए पुलिस की तरफ से पर्याप्त बल तैनात किया गया है। पुलिस की तरफ से लाउ डस्पीकर की मदद से निरंतर निर्देश प्रसारित किए जा रहे हैं जिससे ट्रैफिक जाम नहीं हो। Read more: अब ChatGPT पर Free में बनेगी Ghibli इमेज, ट्रेंड वायरल पर Sam Altman ने की बड़ी घोषणा, जानें तरीका मेडिकल सहायता का लाभ ले रहे श्रद्धालु मंदिर परिसर में स्वास्थ्य परीक्षण के लिए हेल्थ कैंप लगाया है। सोमवार को करीब 80 व्यक्तियों ने परीक्षण कराया। ज्यादातर मरीज धूप के कारण घबराहट होने पर जांच कराने गए थे। प्रशासन की तरफ से मंदिर परिसर में हेल्प डेस्क भी बनाया गया है, जिसकी मदद से लोग मंदिर परिसर में चौतरफा घूम पा रहे हैं। सलकनपुर मंदिर के लिए बाहर से आने वाली बसों की पार्किंग के लिए अस्थाई बस स्टैंड बनाया गया है, जिसमें बसों को खड़ा करया जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए समिति द्वारा अधिकृत टैक्सी वाहन चलाए हैं। recent visitors 97

योगी ने बरेली से स्‍कूल चलो अभियान और विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया

बरेली मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने मंगलवार को बरेली से स्‍कूल चलो अभियान और विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके एक जनसभा को संबोधित करते हुए विरोधियों पर जमकर हमला बोला। उन्‍होंने अपनी सरकार की उपलब्धियों का उल्‍लेख करते हुए कहा कि ये वही बरेली है जहां 2017 के पहले, वर्ष में 5, 7, 10 दंगे हुआ करते थे। पिछले आठ वर्ष में बरेली में यहां कोई दंगा नहीं हुआ। बरेली अब चंगा है। अब बरेली में कोई दंगा नहीं होता है। अब बरेली में दंगा नहीं चंगा है। दंगाई सब चूहे की तरह बिलबिलाते हैं लेकिन बाहर निकलने का दुस्‍साहस नहीं कर पाते हैं। उन्‍हें मालूम है कि दंगा करेंगे तो दुष्‍परिणाम क्‍या होगा? बाप-दादाओं ने जो कमाई की होगी वो भी एक झटके में सरकार जब्‍त करके गरीबों में बंटवाने का काम कर देगी। सीएम योगी ने मंगलवार को बरेली को कई सौगातें दीं। उन्‍होंने 933 करोड़ की 132 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास और 2,554 नई एंबुलेंस का फ्लैग ऑफ किया। उन्‍होंने कहा कि आज बरेली विकास के पथ पर अग्रसर हुआ है। इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर का नया मॉडल दे रही है। अपनी नाथ नगरी की पहचान को पिछली सरकारों ने झुमका के साथ जोड़ा था, हम लोगों ने बरेली को नाथ नगरी के रूप में नाथ कॉरीडोर देकर आपको आपकी पहचान दिलाने का काम किया है। आज बरेली में निवेश आ रहा है। यहां पर इंडस्‍ट्री लग रही है। समाजवादी पार्टी के मुखिया के 'गोबर से दुर्गंध' वाले बयान पर उन्‍हें घेरते हुए सीएम योगी आदित्‍यनाथ ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने निराश्रित गोवंश दिए। गायों को लावारिस छोड़ दिया था। सपा के मुखिया कहते हैं कि गोवंश से दुर्गंध आती है। इनकी असलियत यही है। ये गोमाता को कसाइयों के हवाले करते थे। हमने कसाइयों को जब भेजा जहन्‍नुम की यात्रा में तो इनको परेशानी हुई। इनकी परेशानी तो ये है कि इनके मित्र कसाई तो सब चले गए जहन्‍नुम में। अब गोवंश को बचाने की चुनौती थी तो आप ही की धरती के सपूत आंवला के विधायक ने 7700 से अधिक निराश्रित गोआश्रय स्‍थल खोल दिए। वहां पर 14 लाख से अधिक गोवंश की देखभाल तो स्‍वयं राज्‍य सरकार कर रही है। शेष हमने अन्‍नदाता किसानों को दिए हैं। आप भी पालिए। एक गोवंश रखने के लिए सरकार 1500 रुपए देती है। गोवंश की सेवा के लिए पुण्‍य भी पाओ, सरकार का अनुदान भी पाओ। recent visitors 39

रोहित शर्मा और विराट कोहली का A+ ग्रेड पक्का, इस प्लेयर की हो सकती है सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में वापसी

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट के दिग्गज खिलाड़ी विराट कोहली और रोहित शर्मा का 2025-26 के लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के केंद्रीय अनुबंध सूची में ए ग्रेड बरकरार रहने वाला है, जबकि श्रेयस अय्यर, जिन्हें घरेलू क्रिकेट में कथित रूप से अनुपस्थित रहने के कारण पिछली बार सूची से बाहर कर दिया गया था, उनकी वापसी होने जा रही है। इस तरह की रिपोर्ट सामने आई है। बीसीसीआई विराट और रोहित को ए प्लस ग्रेड में बनाए रखने की तैयारी में है, जिसके तहत उन्हें टी20आई प्रारूप से संन्यास लेने के बावजूद 7 करोड़ रुपये मिलेंगे। रोहित और विराट ने पिछले साल बारबाडोस में टी20 विश्व कप जीतकर भारत के आईसीसी ट्रॉफी के सूखे को समाप्त करने के बाद इस फॉर्मेट में रिटायरमेंट ले लिया था। बीसीसीआई सूत्रों ने कहा, "रोहित और विराट टी20आई प्रारूप से संन्यास लेने के बाद भी अपना ए ग्रेड केंद्रीय अनुबंध (7 करोड़ रुपये) जारी रखेंगे। वे बड़े खिलाड़ी हैं और उन्हें वह सम्मान दिया जाएगा, जिसके वे हकदार हैं। श्रेयस अय्यर की केंद्रीय अनुबंध में वापसी तय है।" रोहित शर्मा भले ही पिछले कुछ समय से लय में नजर नहीं आए हैं, लेकिन चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के फाइनल में उन्होंने शानदार पारी खेलकर टीम को जीत दिलाई थी। एक तरह से कहा जाए कि टी20आई करियर को यादगार अंदाज में समाप्त करने के बाद अनुभवी सलामी बल्लेबाज का बल्ला शांत हो गया है तो इसमें कुछ गलत नहीं होगा। न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत को 3-0 से घरेलू टेस्ट सीरीज के बाद से उनकी कप्तानी टेस्ट फॉर्मेट में फीकी नजर आई, जबकि बल्ला भी शांत रहा। वहीं, विराट कोहली की बात करें तो टेस्ट और वनडे क्रिकेट में उनका बल्ला भी शांत रहा। एक शतक उन्होंने चैंपियंस ट्रॉफी में जरूर जड़ा, लेकिन वे उतने प्रभावशाली वहां नजर नहीं आए। ऑस्ट्रेलिया में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में उन्होंने 10 पारियों में सिर्फ 190 रन बनाए। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1-3 की सीरीज हार के बाद उन पर सवाल खड़े हुए। विराट ने पिछले साल 23 मैचों और 32 पारियों में सिर्फ 655 अंतरराष्ट्रीय रन बनाए। उनका औसत 21.83 रहा, जिसमें एक शतक और दो अर्धशतक शामिल थे। उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 100* था। दूसरी ओर श्रेयस अय्यर और ईशान किशन बीसीसीआई की केंद्रीय अनुबंध सूची से बाहर कर दिए गए थे। इसके बाद से श्रेयस ने भारत के घरेलू सर्किट में कड़ी मेहनत की है और शानदार फॉर्म का प्रदर्शन किया है। अपने पिछले रणजी ट्रॉफी अभियान में, श्रेयस ने मुंबई के लिए पांच मैचों में 68.57 की औसत और 90.22 के स्ट्राइक रेट से 480 रन बनाए। नौ मैचों में 345 रनों के साथ, श्रेयस सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में चौथे सबसे अधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी थे। उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी में भी अपनी शानदार फॉर्म का प्रदर्शन किया, जिसमें पांच मैचों में 325.00 की शानदार औसत से 325 रन बनाए। वह फरवरी में भारत की चैंपियंस ट्रॉफी जीतने वाली टीम का हिस्सा थे और पांच मैचों में 243 रन बनाकर टूर्नामेंट में देश के अग्रणी रन-स्कोरर के रूप में समाप्त हुए। इस तरह उनको भी कॉन्ट्रैक्ट मिलने वाला है। हालांकि, ईशान किशन को इंतजार करना पड़ सकता है। recent visitors 34

आज आमने-सामने होंगे लखनऊ सुपर जायंट्स और पंजाब किंग्स, , दोनों टीमें इकाना में मचाएगी धमाल

लखनऊ आज आईपीएल 2025 का 13वां मैच लखनऊ सुपर जायंट्स (एलएसजी) और पंजाब किंग्स (पीबीकेएस) के बीच खेला जाएगा। दोनों टीमें शाम साढ़े सात बजे से लखनऊ के इकाना क्रिकेट स्टेडियम में टकराएंगी। ऋषभ पंत की कप्तानी वाली एलएसजी मौजूदा सीजन में पहली बार होम ग्राउंड पर उतरेगी। एलएसजी ने दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ हार के साथ अपना अभियान शुरू किया था लेकिन अगले मैच में सनराइजर्स हैदराबाद को शिकस्त दी। पंत की नजरें अच्छा प्रदर्शन करने पर टिकी होंगी। आईपीएल इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ी पंत शुरुआती दो मैच में बल्लेबाज के तौर पर नाकाम रहे हैं। वहीं, श्रेयस अय्यर के नेतृत्व वाली पंजाब टीम दूसरा मैच खेलेगी। पीबीकेएस ने पहले मुकाबले में गुजरात टाइटंस को मात दी थी। अय्यर एक बार फिर धमाल मचाने की फिराक में होंगे, जिन्होंने गुजरात के सामने नाबाद 97 रनों की तूफानी पारी खेली। हेड-टू-हेड रिकॉर्ड लखनऊ और पंजाब ने आईपीएल में आपस में कुल चार मैच खेले हैं। एलएसजी का पलड़ा भारी है, जिसने पीबीकेएस को तीन मैचों में धूल चटाई है। वहीं, पंजाब ने एक बार लखनऊ के खिलाफ विजयी परचम फहराया। पंजाब किंग्स का स्क्वॉड श्रेयस अय्यर (कप्तान), प्रियांश आर्य, पायला अविनाश, हरनूर सिंह, जोश इंग्लिस, प्रभसिमरन सिंह, विष्णु विनोद, नेहाल वढेरा, अजमतुल्लाह उमरजई, आरोन हार्डी, मार्को यानसेन, ग्लेन मैक्सवेल, मुशीर खान, शशांक सिंह, मार्कस स्टोइनिस, युजवेंद्र चहल, प्रवीण दुबे, लॉकी फर्ग्युसन, हरप्रीत बरार, कुलदीप सेन, सूर्यांश शेडगे, अर्शदीप सिंह, जेवियर बार्टलेट, विजयकुमार वैशाख और यश ठाकुर। लखनऊ सुपर जायंट्स स्क्वॉड ऋषभ पंत (कप्तान), डेविड मिलर, एडेन मारक्रम, आर्यन जुयाल, आयुष बडोनी, आवेश खान, आकाश दीप, एम सिद्धार्थ, दिग्वेश सिंह, आकाश सिंह, शमर जोसेफ, प्रिंस यादव, मयंक यादव, मोहसिन खान, हिम्मत सिंह, मैथ्यू ब्रीटज्के, निकोलस पूरन, मिचेल मार्श, अब्दुल समद, शाहबाज अहमद, युवराज चौधरी, राजवर्धन हांगरगेकर, अर्शिन कुलकर्णी, शारदुल ठाकुर और रवि बिश्नोई। recent visitors 30

परिवर्तनशील महंगाई भत्ता में वृद्धि श्रमिकों को 01 अप्रैल 2025 से 30 सितंबर 2025 तक न्यूनतम वेतन की दरें देय होगी

रायपुर श्रमायुक्त छत्तीसगढ़ शासन द्वारा न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948 के अंतर्गत 45 अनुसूचित नियोजनों, कृषि नियोजन एवं अगरबत्ती नियोजन में कार्यरत श्रमिकों के लिये महंगाई भत्ते का निर्धारण लेबर ब्यूरो शिमला द्वारा जारी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर वर्ष में दो बार (01 अप्रैल एवं 01 अक्टूबर) किया जाता है। श्रमायुक्त छत्तीसगढ़ शासन सुश्री अलरमेल मंगई डी. द्वारा विभिन्न अनुसूचित नियोजनों में कार्यरत् श्रमिकों के लिये 01 अप्रैल 2025 से परिवर्तनशील मंहगाई भत्ता निर्धारित की गई है। लेबर ब्यूरों शिमला से प्राप्त औद्योगिक सूचकांक में जुलाई 2024 से दिसम्बर 2024 के मध्य 11.40 बिन्दु की औसत वृद्धि हुई तदनुसार प्रति बिन्दु 20/- रूपये के मान से 45 अनुसूचित नियोजनों में कार्यरत श्रमिकों के परिवर्तनशील महंगाई भत्ता में प्रतिमाह 228/- रूपये की वृद्धि की गई। कृषि नियोजन में कार्यरत श्रमिकों हेतु लेबर व्यूरो शिमला से प्राप्त सूचकांक में 43 बिन्दु की औसत वृद्धि होने से 5/- रूपये प्रति बिन्दु के मान से 215/- रूपये प्रतिमाह परिवर्तशील महंगाई भत्ते में वृद्धि की गई। अगरबत्ती उद्योग में नियोजित श्रमिकों हेतु उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में औसत वृद्धि के आधार पर परिवर्तनशील महंगाई भत्ते 7.88 रूपये प्रति हजार अगरबत्ती निर्माण में निर्धारित की गई। उक्त परिवर्तनशील महंगाई भत्ता में वृद्धि उपरांत अधिसूचित नियोजनों में कार्यरत श्रमिकों को 01 अप्रैल 2025 से 30 सितंबर 2025 तक न्यूनतम वेतन की दरें निम्नानुसार देय होगी। की दरें निम्नानुसार है -अनुसूचित सामान्य नियोजन के लिए निर्धारित न्यूनतम वेतन उक्त प्रभावशील न्यूनतम वेतन की दरें छत्तीसगढ़ शासन, श्रम विभाग की वेबसाईट https://www.shramevjayate.cg.gov.in/ पर भी उपलब्ध है तथा इससे संबंधित पुस्तिका श्रमायुक्त कार्यालय, इन्द्रावती भवन, खण्ड-तीन, द्वितीय-तल, नवा रायपुर, अटल नगर से भी प्राप्त की जा सकती है। recent visitors 50

EV: union minister nitin gadkari – लिथियम बैटरी की कीमतों में गिरावट से ईवी सेक्टर को मिलेगा बढ़ावा, जानें डिटेल्स

union minister nitin gadkari

union minister nitin gadkari says fall in lithium battery prices will boost ev sector union minister nitin gadkari ने कहा है कि लिथियम बैटरियों की कीमतों में कमी से इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की लागत में काफी गिरावट आएगी। जिससे वे आम लोगों के लिए ज्यादा किफायती बन जाएंगे। सोमवार को गडकरी ने कहा कि भारत में प्रदूषण सबसे बड़ी समस्या है और इसमें सबसे बड़ा योगदान ट्रांसपोर्ट सेक्टर का है। इसलिए पेट्रोल-डीजल जैसे जीवाश्म ईंधनों से हटकर वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को अपनाना बहुत जरूरी है। सड़क परिवहन और union minister nitin gadkari ने कहा कि बैटरी तकनीक में हो रही प्रगति भारत को सस्टेनेबल ट्रांसपोर्ट की ओर ले जाने में अहम भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि भारत की तेल पर निर्भरता न सिर्फ आर्थिक रूप से भारी पड़ रही है। बल्कि यह पर्यावरण के लिए भी नुकसानदेह है। हर साल करीब 22 लाख करोड़ रुपये ईंधन आयात पर खर्च हो रहे हैं। इस वजह से साफ ऊर्जा को अपनाना देश के विकास के लिए जरूरी है। ठाणे में एक ईको-फ्रेंडली इलेक्ट्रिक साइकिल लॉन्च के मौके पर union minister nitin gadkari ने कहा कि शहरीकरण बढ़ने के कारण साइक्लिंग को भी एक टिकाऊ शहरी परिवहन विकल्प के रूप में बढ़ावा देने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि 2014 से अब तक भारत का ऑटोमोबाइल सेक्टर इतनी तेजी से बढ़ा है कि यह जापान को पछाड़कर दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा वाहन बाजार बन गया है। गडकरी ने कहा कि 2030 तक भारत इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण में दुनिया का अग्रणी देश बन जाएगा, जिससे ग्लोबल ऑटो मार्केट पर बड़ा असर पड़ेगा। ईवी की लागत कम होगीगडकरी ने कहा कि लिथियम-आयन बैटरियों की कीमतों में आई तेज गिरावट (अब 100 डॉलर प्रति kWh) ने इलेक्ट्रिक वाहनों को ज्यादा सुलभ बना दिया है। और उनकी कीमतें पारंपरिक पेट्रोल-डीजल वाहनों के बराबर आने के करीब हैं। उन्होंने बताया, “कुछ साल पहले लिथियम की कीमत 150 डॉलर प्रति किलोवॉट थी, जो अब घटकर लगभग 100 डॉलर रह गई है। यह और कम होगी, तो इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमतें भी कम हो जाएंगी, जिससे आम लोगों को ये सस्ते में मिल सकेंगे।” गडकरी ने कहा, “प्रदूषण हमारे देश की सबसे बड़ी चुनौती है और इसका एक बड़ा हिस्सा परिवहन क्षेत्र से आता है।” उन्होंने दोहराया कि इलेक्ट्रिक और वैकल्पिक ईंधन पर शिफ्ट होना सिर्फ पर्यावरण के लिहाज से ही जरूरी नहीं है। बल्कि यह आर्थिक रूप से भी फायदेमंद होगा। उन्होंने भारत में पर्यावरण अनुकूल और लागत प्रभावी परिवहन समाधान की खोज में बैटरी से चलने वाले वाहनों (BEV) के महत्व को दोहराया। नई बैटरी तकनीकों पर शोधगडकरी ने कहा कि भारत में बैटरी तकनीक पर लगातार शोध हो रहा है, जिसमें सेमी-कंडक्टर्स, लिथियम-आयन, जिंक-आयन, सोडियम-आयन और एल्युमिनियम-आयन बैटरी शामिल हैं। उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स की अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती मांग एक बड़ा निर्यात अवसर है। जिससे अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और व्यापार संतुलन सुधरेगा। गडकरी ने हाल ही में हीरो के एक संयंत्र का उद्घाटन करने के लिए पंजाब के लुधियाना की अपनी यात्रा को याद करते हुए कहा, “भारत की 50 प्रतिशत टू-व्हीलर अब निर्यात की जा रही हैं, और हमें घरेलू बाजार से ज्यादा फायदा निर्यात से हो रहा है।” मंत्री ने एक अध्ययन का हवाला देते हुए कहा, “बजाज और टीवीएस जैसे पारंपरिक दोपहिया वाहन निर्माताओं ने एक बार चार्ज करने पर 125 किलोमीटर की रेंज वाले वाहन बनाए हैं। लखनऊ और कानपुर शहरों के युवाओं ने 60 किलोमीटर की रेंज वाली बाइक का निर्माण शुरू कर दिया है।” इस अध्ययन से पता चलता है कि एक बाइक आम तौर पर प्रति दिन अधिकतम 24-26 किलोमीटर की यात्रा करती है। बायोफ्यूल और किसानों के लिए नई संभावनाएंगडकरी ने कहा कि सरकार कृषि अपशिष्ट से बायोफ्यूल बनाने की दिशा में काम कर रही है, जिसमें बायो-सीएनजी और बायो-एविएशन फ्यूल शामिल हैं। इससे किसानों को अतिरिक्त आमदनी मिलेगी और प्रदूषण कम होगा। उन्होंने कहा, “अब किसान सिर्फ अन्नदाता नहीं रहेंगे, बल्कि ऊर्जा दाता भी बनेंगे।” सरकार की नीति “आयात प्रतिस्थापन, लागत प्रभावी, प्रदूषण मुक्त और स्वदेशी” तकनीकों को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। गडकरी ने बताया कि सरकार पराली से बायोफ्यूल बनाने की योजना पर भी काम कर रही है> जिससे किसानों को पराली जलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और इससे प्रदूषण कम होगा। उन्होंने कहा, “हरियाणा के किसान धान की पराली जलाते हैं, जिससे वायु प्रदूषण बढ़ता है। लेकिन अब हम इसे बायोफ्यूल में बदल रहे हैं। इस दिशा में 400 प्रोजेक्ट शुरू किए गए हैं, जिनमें से 60 पहले से ही काम कर रहे हैं।” शहरी परिवहन में साइक्लिंग को बढ़ावागडकरी ने कहा कि बढ़ते शहरीकरण के मद्देनजर साइक्लिंग को बढ़ावा देने के लिए विशेष साइकिल ट्रैक बनाए जाने चाहिए। ताकि पर्यावरण के अनुकूल यात्रा को प्रोत्साहन मिले, सड़क सुरक्षा बढ़े और ट्रैफिक जाम की समस्या कम हो। उन्होंने कहा, “भारत में नवाचार और प्रतिस्पर्धा के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया जा रहा है, जिससे देश इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण, वैकल्पिक ईंधन और ग्रीन मोबिलिटी समाधानों का प्रमुख केंद्र बन रहा है।” गडकरी ने दोहराया कि भारत हरित तकनीकों को अपनाकर प्रदूषण कम करने, आयात लागत घटाने और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। Read more: अब ChatGPT पर Free में बनेगी Ghibli इमेज, ट्रेंड वायरल पर Sam Altman ने की बड़ी घोषणा, जानें तरीका “पहले लोग विश्वास नहीं करते थे”गडकरी ने याद किया कि जब उन्होंने पहली बार इलेक्ट्रिक वाहनों और ई-बाइक्स के बारे में बात की थी, तो लोगों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया था। उन्होंने कहा, “जब मैंने इलेक्ट्रिक कार और ई-बाइक की बात की थी, तो लोग हंसते थे, लेकिन आज हालात बदल चुके हैं।” उन्होंने बताया कि हाल ही में टाटा ने हाइड्रोजन सेल से चलने वाले ट्रक पेश किए हैं, जो भारत में उन्नत तकनीक और नवाचार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। गडकरी ने कहा कि अत्याधुनिक तकनीक, युवा इंजीनियरों की प्रतिभा और कृषि नवाचारों के मेल से भारत वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बना रहेगा। recent visitors 107