Bhopal में काली पट्टी बांधकर Namaz अदा करने पहुंचे नमाजी, वक्फ बोर्ड की जायदाद के लिए दुआ भी

भोपाल देशभर में ईद-उल-फितर का त्योहार आज सोमवार को मनाया जा रहा है। सुबह से ही बड़ी संख्या लोग नमाज पढ़ने ईदगाह और मस्जिदों में पहुंचे। भोपाल की ताज उल मसाजिद, जामा मस्जिद और मोती मस्जिद सहित दूसरी मस्जिदों में भी ईद की नमाज अदा कर देश और मध्य प्रदेश में अमन-चैन और खुशहाली की दुआ मांगी। भोपाल में ईदगाह पर होने वाली मुख्य नमाज सुबह 7:30 बजे अदा की गई। हर साल की तरह इस बार भी नमाज की सूचना तोप से गोले दागकर दी गई। नमाज ए खास से पहले शहर काजी मुश्ताक अली नदवी ने तकरीर में नौजवानों से कहा कि कैरेक्टर और क्वालिटी पैदा करो। नशे से दूरी रखो, हलाल कमाई पर ध्यान दो। हलाल और हराम में फर्क करना सीखो। शहर काजी ने कहा कि अपने रोजमर्रा के खर्चों को कम करो लेकिन बच्चों की अच्छी तालीम पर खास ध्यान दो। इससे पहले रविवार शाम रूअत-ए-हिलाल कमेटी ने चांद नजर आने की पुष्टि कर दी थी। शहर काजी सैय्यद मुश्ताक अली नदवी की अगुवाई में मोती मस्जिद में चांद का दीदार किया गया। प्रदेश और देश के अन्य हिस्सों से भी इसकी तस्दीक हुई। भोपाल के ईदगाह और अन्य मस्जिदों में नमाज पढ़ने पहुंचे मुस्लिम धर्मावलंबी बांह पर काली पट्टी बांधकर नमाज पढ़ने पहुंचे। वे वक्फ अमेंडमेंट बिल का विरोध कर रहे थे। बता दें कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने मुस्लिम समुदाय से काली पट्‌टी बांधकर शांतिपूर्ण और मौन विरोध प्रदर्शन की अपील की थी। बोर्ड ने कहा था कि अगर ये बिल पारित हो गया तो मस्जिद, दरगाह, मदरसे, कब्रिस्तान और कई अन्य संस्थान उनके हाथ से चले जाएंगे। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने देशवासियों को ईद की शुभकामनाएं दी है। उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, 'देश के समस्त मुस्लिम भाइयों एवं बहनों को ईद-उल-फितर की दिली मुबारकबाद। इस अवसर पर, मैं देश में अमन, शांति, और आपसी भाईचारे की कामना करता हूं। ईद का यह त्योहार हमें प्रेम, सद्भाव, और एकता की भावना को मजबूत करने का संदेश देता है।' भोपाल में ईदगाह पर होने वाली मुख्य नमाज सुबह 7:30 बजे अदा की गई। हर साल की तरह इस बार भी नमाज की सूचना तोप से गोले दागकर दी गई। नमाज-ए-खास से पहले शहर काजी मुश्ताक अली नदवी ने तकरीर में नौजवानों से कहा- कैरेक्टर और क्वालिटी पैदा करो। नशे से दूरी रखो, हलाल कमाई पर ध्यान दो। हलाल और हराम में फर्क करना सीखो। शहर काजी ने कहा- अपने रोजमर्रा के खर्चों को कम करो लेकिन बच्चों की अच्छी तालीम पर खास ध्यान दो। भोपाल में फिलिस्तीन के समर्थन में बैनर भोपाल में ईदगाह के बाहर कुछ युवा फिलिस्तीन के समर्थन में बैनर लेकर खड़े नजर आए। यहां नमाज के बाद फिलिस्तीन के लोगों के लिए दुआ भी पढ़ी गई। मोती मस्जिद में भी दुआ के दौरान मुफ्ती अब्दुल कलाम साहब ने यमन और फिलिस्तीन में मासूमों के कत्ल-ए-आम के खिलाफ दुआ कराई। यहां वक्फ बोर्ड की जायदाद की हिफाजत के लिए भी दुआ पढ़ी गई। रविवार को नजर आया था चांद रविवार शाम को रूअत-ए-हिलाल कमेटी ने चांद दिखने की पुष्टि कर दी थी। इसके बाद, मोती मस्जिद में शहर काजी की अगुवाई में चांद का दीदार किया गया और ईद-उल-फितर मनाने की घोषणा हुई। जिसके बाद आज 31 मार्च को ईद मनाई जा रही है। ईद से पहले बाजारों में भारी भीड़ देखने को मिली। कपड़े, सेवइयां, मेवे और मिठाइयों की दुकानों पर जमकर खरीदारी हुई। मस्जिदों और घरों में खास पकवान तैयार किए गए। प्रदेशभर में ईद के अवसर पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल तैनात किया गया और ड्रोन से निगरानी भी की गई ताकि त्योहार शांतिपूर्ण तरीके से मनाया जा सके। recent visitors 30

रॉकेट की रफ्तार से भागेगी भारत की इकोनॉमी, बस करना होगा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा में निवेश : रिपोर्ट

नई दिल्ली भारतीय अर्थव्यवस्था अगले वित्त वर्ष (2025-26) में 6.5 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी. ईवाई इकनॉमी वॉच ने यह अनुमान लगाया है. ईवाई का मानना है कि एक अच्छी तरह से संतुलित राजकोषीय रणनीति जो राजकोषीय विवेक को बनाए रखते हुए मानव पूंजी विकास का समर्थन करती है, दीर्घकालिक वृद्धि की संभावनाओं को बढ़ाएगी. ईवाई इकनॉमी वॉच के मार्च संस्करण में वित्त वर्ष 2024-25 में भारत की वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 6.4 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है. अगले वित्त वर्ष के लिए आर्थिक वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है. इसमें कहा गया है कि इसके लिए राजकोषीय नीति को देश की विकसित भारत की यात्रा के मिलाने की जरूरत है. सरकारी खर्च बढ़ाना होगा राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के पिछले महीने जारी संशोधित राष्ट्रीय लेखा खाता आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2022-23 से 2024-25 के लिए वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर अब क्रमश: 7.6 प्रतिशत, 9.2 प्रतिशत और 6.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है. चालू वित्त वर्ष 2024-25 के लिए तिमाही वृद्धि दर के संबंध में, तीसरी तिमाही की वृद्धि 6.2 प्रतिशत अनुमानित है. इसका अर्थ है कि एनएसओ द्वारा अनुमानित 6.5 प्रतिशत की वार्षिक जीडीपी वृद्धि प्राप्त करने के लिए चौथी तिमाही में 7.6 प्रतिशत की वृद्धि की जरूरत होगी. रिपोर्ट कहती है, अंतिम तिमाही में 7.6 प्रतिशत की वृद्धि के लिए निजी अंतिम उपभोग व्यय में 9.9 प्रतिशत की वृद्धि की आवश्यकता होगी. हाल के वर्षों में इतनी अधिक वृद्धि देखने को नहीं मिली है. इसका एक विकल्प निवेश व्यय में वृद्धि करना है, जिसमें सरकार की ओर पूंजीगत व्यय वृद्धि एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है. इसमें कहा गया है कि संशोधित अनुमानों के अनुसार, सरकार का राजकोषीय घाटा अनुदान की किसी भी अनुपूरक मांग से प्रभावित हो सकता है. इस चीज पर बढ़ाना होगा बजट रिपोर्ट में कहा गया, बढ़ती आबादी और विकसित आर्थिक ढांचे के साथ, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा में अतिरिक्त निवेश दीर्घकालिक वृद्धि को बनाए रखने और मानव पूंजी परिणामों में सुधार करने के लिए आवश्यक हो सकता है. ईवाई इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, अगले दो दशक में, भारत को अपने सामान्य सरकारी शिक्षा और स्वास्थ्य व्यय को धीरे-धीरे बढ़ाने की आवश्यकता होगी, जिससे यह उच्च आय वाले देशों के करीब पहुंच सकता है. नौकरियों पर देना होगा जोर विश्लेषण से पता चलता है कि भारत की युवा आबादी और बढ़ती कार्यबल आवश्यकताओं को देखते हुए, सरकार द्वारा शिक्षा पर खर्च को वित्त वर्ष 2047-48 तक जीडीपी के मौजूदा 4.6 प्रतिशत से बढ़ाकर 6.5 प्रतिशत करने की आवश्यकता हो सकती है. बेहतर स्वास्थ्य सेवा पहुंच और परिणाम सुनिश्चित करने के लिए सरकार के स्वास्थ्य व्यय को इस दौरान 2021 के 1.1 प्रतिशत से बढ़ाकर 2047-48 तक 3.8 प्रतिशत करने की जरूरत होगी.   recent visitors 62

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार विकास के कार्य सांस्कृतिक समन्वय से कर रही है

उज्जैन सहित प्रदेश के अन्य धार्मिक नगरों में 1 अप्रैल से की जा रही है शराबबंदी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव पथ सही होने पर शपथ होती है सफल: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार विकास के कार्य सांस्कृतिक समन्वय से कर रही है मुख्यमंत्री डॉ. यादव जैन समाज के शपथ अनुष्ठान पर्व में शामिल हुए उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि विक्रम संवत चैत्र प्रतिपदा नववर्ष पर पावन पुनीत अवंतिका में देश भर से शपथ अनुष्ठान पर्व में पधारे सभी अतिथियों का स्वागत है। उज्जैन में भगवान महावीर स्वामी ने तपस्या की है। तपस्या का पथ सही होने पर शपथ सफल होती है। मानव जीवन संक्षिप्त समय का है, इसलिए जितना भी समय है, उसे हम परमार्थ के कार्य और सभी जीवों की सेवा में लगाना चाहिए। परमार्थ के कार्य कर मानव महापुरुष हो जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को उज्जैन में जैन समाज के शपथ अनुष्ठान पर्व में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार विकास के कार्य सांस्कृतिक समन्वय से कर रही है। इसी क्रम में उज्जयिनी और प्रदेश के अन्य धार्मिक नगरों में 1 अप्रैल से शराबबंदी की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलित कर की। कार्यक्रम में आयोजनकर्ताओं ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को उज्जैन का नाम संपूर्ण देश-प्रदेश में गौरवान्वित करने पर नागरिक अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, देवेंद्र काशल, अश्विन कोशलीवाल, सचिन कासलीवाल सहित जैन समाज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।   recent visitors 44

इंदौर-हजरत निजामुद्दीन और डॉ. अंबेडकर नगर-पटना के बीच स्पेशल ट्रेन का होगा संचालन, यात्रियों को मिलेगी सुविधा

इंदौर पश्चिम रेलवे ने यात्रियों की सुविधा और ग्रीष्मकालीन यात्रा की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए दो विशेष ट्रेनों के संचालन की घोषणा की है। ये ट्रेनें अप्रैल से जून 2025 तक विशेष किराए पर चलाई जाएंगी, जिससे यात्रियों को अतिरिक्त सुविधा मिलेगी। इंदौर-हजरत निजामुद्दीन सुपरफास्ट स्पेशल पश्चिम रेलवे द्वारा इंदौर से हजरत निजामुद्दीन के लिए सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन प्रत्येक शुक्रवार और रविवार को संचालित की जाएगी। 4 अप्रैल 2025 से 29 जून 2025 तक चलने वाली यह ट्रेन शाम 17:00 बजे इंदौर से रवाना होगी और अगले दिन सुबह 05:00 बजे हजरत निजामुद्दीन पहुंचेगी। वापसी में, यह ट्रेन 5 अप्रैल 2025 से 30 जून 2025 तक हजरत निजामुद्दीन से शनिवार और सोमवार को सुबह 08:20 बजे प्रस्थान करेगी और रात 21:00 बजे इंदौर पहुंचेगी। स्टॉपेज एवं कोच सुविधा ट्रेन देवास, उज्जैन, नागदा, शामगढ़, रामगंज मंडी, कोटा, सवाई माधोपुर, गंगापुर सिटी, भरतपुर और मथुरा स्टेशनों पर रुकेगी। इसमें सेकंड एसी, थर्ड एसी, स्लीपर और जनरल सेकंड क्लास कोच उपलब्ध होंगे। डॉ. अंबेडकर नगर – पटना स्पेशल (साप्ताहिक) डॉ. अंबेडकर नगर से पटना के लिए स्पेशल ट्रेन प्रत्येक गुरुवार को शाम 18:30 बजे रवाना होगी और अगले दिन शाम 18:30 बजे पटना पहुंचेगी। यह सेवा 3 अप्रैल 2025 से 26 जून 2025 तक जारी रहेगी। वापसी में, यह ट्रेन पटना से प्रत्येक शुक्रवार को रात 20:20 बजे चलेगी और अगले दिन रात 23:20 बजे डॉ. अंबेडकर नगर पहुंचगी। स्टॉपेज एवं कोच सुविधा यह ट्रेन इंदौर, फतेहाबाद चंद्रावतीगंज, उज्जैन, मक्सी, संत हिरदाराम नगर, विदिशा, बीना, सागर, दमोह, कटनी मुड़वारा, सतना, मानिकपुर, प्रयागराज छिवकी, मिर्ज़ापुर, पं. दीन दयाल उपाध्याय, बक्सर, आरा और दानापुर स्टेशनों पर रुकेगी। इसमें सेकंड एसी, थर्ड एसी, थर्ड एसी इकोनॉमी, स्लीपर और जनरल सेकंड क्लास कोच होंगे। recent visitors 32

पीएम ओली और कम्युनिस्ट सरकार के खिलाफ बड़ा मोर्चा खुल गया, राजशाही समर्थकों ने दिया 3 अप्रैल तक का अल्टीमेटम

नेपाल नेपाल में सिर्फ 16 साल तक संविधान में धर्मनिरपेक्ष शब्द लिखा रहा. इसके बाद फिर से नेपाल को हिंदू राष्ट्र बनाने की मांग उठी है जैसा 239 साल तक रहा. इस मांग के साथ जबरदस्त हिंसा हुई. पीएम ओली और कम्युनिस्ट सरकार के खिलाफ बड़ा मोर्चा खुल गया. राजशाही समर्थकों ने तीन अप्रैल तक का अल्टीमेटम दे रखा है और सरकार परेशान है. नेपाल में हिंसा ने एक बार फिर ये सवाल देश और दुनिया के सामने रखा है कि क्या इस छोटे से देश में 16 साल से जो राजा पद से हटाया चुका है, जिस राजशाही की जडे़ं उखाड़ दी गई हैं. वहां क्या एक बार फिर से राजशाही लौटेगी, लेकिन केपी शर्मा ओली की कम्युनिस्ट सरकार ने भी पूर्व राजा ज्ञानेंद्र को लेकर अपने तेवर तीखे कर लिए हैं. पूर्व राजा के खिलाफ एक्शन में ओली सरकार नेपाली सरकार ने एक के बाद एक नेपाल के पूर्व राजा ज्ञानेंद्र को लेकर कई सख्त फैसले किए. हाल में पूर्व राजा ज्ञानेंद्र ने नेपाल के एक बड़े हिस्से का दौरा करने के बाद फरवरी में जनता से सीधे समर्थन मांगा था, लेकिन अब सरकार भी एक्शन के मूड में हैं. शुक्रवार को हिंसक झड़प के बाद नेपाल की ओली सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए पूर्व राजा ज्ञानेंद्र की सुरक्षा को पूरी तरीके से बदल दिया है. जितने भी सुरक्षाकर्मी उनकी ड्यूटी पर लगे थे, उन सबको बदल दिया गया है. साथ ही उनकी सुरक्षा को घटा भी दिया है. पहले जहां ज्ञानेंद्र शाह को 25 सुरक्षाकर्मियों द्वारा सिक्योरिटी दी जाती थी, उसे घटाकर अब 16 कर दिया गया है. उधर काठमांडू नगर निगम भी राजा के खिलाफ सख्त एक्शन ले रहा है.   ज्ञानेंद्र शाह पर ठोका 7.93 लाख नेपाली रुपए का जुर्माना राजा ज्ञानेंद्र को कहा गया है कि शुक्रवार को हिंसा के दौरान जो तोड़फोड़ हुई उससे हुए नुकसान की भरपाई करे. काठमांडू नगर निगम में राजा ज्ञानेंद्र शाह पर 7.93 लाख नेपाली रुपए का जुर्माना ठोका गया है और जो भी नुकसान हुआ था उसकी भरपाई करने का आदेश दिया है. शुक्रवार की हिंसा में कई मकान, बिल्डिंग, सरकारी दफ्तर और सरकारी गाड़ियों को क्षतिग्रस्त और आग के हवाले कर दिया गया था. इस बीच नेपाल के गृहमंत्रालय ने भी राजशाही समर्थकों यानी राजा ज्ञानेंद्र का राज वापस लाने की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों को सख्त चेतावनी दे दी है. तस्वीर और इंटेलिजेंस इनपुट से दोषियों की पहचान हिंसा की गहन जांच जारी है, जो भी हिंसा में शामिल रहा उनके खिलाफ सख्त कानूनी एक्शन होगा. तस्वीर और इंटेलिजेंस इनपुट से दोषियों की पहचान होगी. साफ है कि नेपाल सरकार राजा ज्ञानेंद्र को बख्शने के मूड में नहीं है. recent visitors 37

उज्जैन में जल्द लॉन्च होगा विक्रमादित्य वैदिक एप; ज्योतिष संबंधी जानकारी भी मिलेगी, मोबाइल से जान सकेंगे शादी समेत अन्य शुभ मुहूर्त

Vikramaditya Vedic app will be launched soon in Ujjain; Astrological information will also be available, उज्जैन । उज्जैन में वैदिक घड़ी के बाद अब विक्रमादित्य वैदिक एप लॉन्च होने जा रहा है। इसमें न सिर्फ समय देखने को मिलेगा बल्कि सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त सहित पंचांग की दूसरी बारीकियां जैसे मांगलिक मुहूर्त और काल गणना के बारे में भी जानकारी होगी। इस एप का लोकार्पण देश के गृह मंत्री अमित शाह के हाथों किया जाना प्रस्तावित है। एप को गुजरात और उत्तर प्रदेश की टीमों ने मिलकर बनाया है। इसे एंड्रॉइड और IOS वर्जन पर भी चलाया जा सकेगा। खास बात ये है कि एप पूरी तरह मुफ्त होगा, जो दुनिया की करीब 189 भाषाओं में चलेगा। एप का ट्रायल रन गूगल प्ले स्टोर पर विक्रमादित्य शोध पीठ के निदेशक श्रीराम तिवारी ने बताया कि यह एप मिनी पंचांग की तरह होगा। अभी एप का ट्रायल रन गूगल प्ले स्टोर पर चल रहा है। जल्द इसे पूरा कर नए अपडेट के साथ अप्रैल में लाॅन्च कर दिया जाएगा। मुहूर्त के मतभेद कम नहीं कर पाएगा एप पंचांगों में मतभेद को लेकर निदेशक तिवारी ने कहा- मतभेद वास्तव में है ही नहीं क्योंकि भारतीय कालगणना की परंपरा को पिछले 200-300 साल में उज्जैन से अलग-अलग देशों जैसे ग्रीन विच ले जाया गया। ऐसे ही देश में अलग-अलग शहरों में रहने वाले ज्योतिषियों ने अपने समय अनुसार गणना शुरू कर दी इसलिए मतभेद सामने आए। उन्होंने बताया कि उज्जैन के कालगणना केंद्र को ध्वस्त कर दिया गया। जिसके बाद स्वतंत्र पंचांग तैयार हो गए। लोगों ने अपने हिसाब से पंचांग देखना शुरू कर दिया इसलिए मतभेद हो गए। recent visitors 117

एमपी में ईद उल फितर पर मांगी अमन-चैन की दुआ: काली पट्‌टी बांधकर पहुंचे नमाजी, भोपाल में शहर काजी ने कहा- तालीम पर खास ध्यान दो

Prayers for peace and harmony were offered on Eid ul Fitr in MP: Namazis arrived wearing black bands, Shahar Qazi in Bhopal said- pay special attention to education ईद-उल-फितर के पाक त्योहार पर अकीदतमंदों ने नमाज पढ़कर देश-प्रदेश में अमन-चैन की दुआ की। भोपाल सुशील दामले (ब्यूरो रिपोर्ट)। देशभर के साथ मध्यप्रदेश में भी ईद-उल-फितर का त्योहार आज सोमवार को मनाया जा रहा है। सुबह से ही अकीदतमंद नमाज पढ़ने ईदगाह और मस्जिदों में पहुंचे। भोपाल की ताज उल मसाजिद, जामा मस्जिद और मोती मस्जिद सहित दूसरी मस्जिदों में भी ईद की नमाज अदा कर देश और मध्यप्रदेश में अमन-चैन और खुशहाली की दुआ मांगी। भोपाल में ईदगाह पर होने वाली मुख्य नमाज सुबह 7:30 बजे अदा की गई। हर साल की तरह इस बार भी नमाज की सूचना तोप से गोले दागकर दी गई। नमाज ए खास से पहले शहर काजी मुश्ताक अली नदवी ने तकरीर में नौजवानों से कहा- कैरेक्टर और क्वालिटी पैदा करो। नशे से दूरी रखो, हलाल कमाई पर ध्यान दो। हलाल और हराम में फर्क करना सीखो।शहर काजी ने कहा- अपने रोजमर्रा के खर्चों को कम करो लेकिन बच्चों की अच्छी तालीम पर खास ध्यान दो।इससे पहले रविवार शाम रूअत-ए-हिलाल कमेटी ने चांद नजर आने की पुष्टि कर दी थी। शहर काजी सैय्यद मुश्ताक अली नदवी की अगुवाई में मोती मस्जिद में चांद का दीदार किया गया। प्रदेश और देश के अन्य हिस्सों से भी इसकी तस्दीक हुई। काली पट्‌टी बांधकर पहुंचे नमाजी भोपाल के ईदगाह और अन्य मस्जिदों में नमाज पढ़ने पहुंचे मुस्लिम धर्मावलंबी बांह पर काली पट्टी बांधकर नमाज पढ़ने पहुंचे। वे वक्फ अमेंडमेंट बिल का विरोध कर रहे थे।बता दें कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने मुस्लिम समुदाय से काली पट्‌टी बांधकर शांतिपूर्ण और मौन विरोध प्रदर्शन की अपील की थी। बोर्ड ने कहा था कि अगर ये बिल पारित हो गया तो मस्जिद, दरगाह, मदरसे, कब्रिस्तान और कई अन्य संस्थान उनके हाथ से चले जाएंगे। recent visitors 82