मंदसौर के औद्योगिक क्षेत्र स्थित मसाला फैक्ट्री में लगी आग, आग ने देखते- देखते विकराल रूप किया धारण, मचा हड़कंप

मंदसौर मंदसौर के औद्योगिक क्षेत्र स्थित मसाला फैक्ट्री में रविवार सुबह आग लगने से हड़कंप मच गया. आग ने देखते- देखते विकराल रूप धारण कर लिया. कई प्रकार के मसाले होने से आग की लपटों में तेज दुर्गंध भी फैली. दमकल कर्मियों को आग बुझाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग काबू में आई. एसडीएम शिवलाल शाक्य ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि आग की चपेट में आकर उपकरण और उत्पाद जलकर खाक हो गए. अधिकारी ने बताया कि फैक्ट्री में सुबह साढ़े आठ बजे आग लगी थी. फैक्ट्री से निकलता धुआं काफी दूर तक दिखाई दे रहा था. राहत की बात है कि हादसे में किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है. शिवलाल शाक्य ने बताया कि आस-पास से दमकल की गाड़ियों को बुलाया गया. दो घंटे बाद रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा हो गया. आग से फैक्ट्री मालिक को हुए नुकसान का आंकलन किया जा रहा है. अधिकारी ने बताया कि हादसे के वक्त फैक्ट्री में कर्मचारी नहीं थे. मसाला फैकट्री में लगी भीषण आग सुरक्षा कारणों से एहतियातन ‘फायर अलार्म’ बजाकर आसपास की फैक्ट्रियों को सतर्क किया गया. पुलिस अधीक्षक अभिषेक आनंद ने बताया कि आग से हुए नुकसान का पता लगाने के लिए जांच जारी है. फैक्ट्री के मालिक मनोहर मूलचंदानी ने बताया कि मिर्च, हल्दी और धनिया जैसे मसालों को प्रसंस्कृत और पीसने का काम होता है. लाखों रुपये के नुकसान की आशंका उन्होंने दावा किया कि 70 लाख रुपये से अधिक मूल्य की मशीनें और करोड़ों रुपये मूल्य के तैयार मसाले नष्ट हो गए. मूलचंदानी ने बताया कि घटना के वक्त परिसर में कर्मचारी ड्यूटी पर तैनात नहीं थे. फिलहाल आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. धमाके की आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे लोगों ने देखा कि फैक्ट्री से धुआं निकल रहा है. recent visitors 52

सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने कहा- मध्यप्रदेश में प्रतिवर्ष मनाया जाएगा विक्रमोत्सव

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने कहा है कि प्रदेश की युवा पीढ़ी को नव संवत्सर मनाने के लिये प्रदेश के ग्रामीण स्तर तक नव वर्ष की जानकारी पहुंचानी होगी। उन्होंने कहा कि प्रतिपदा, नव संवत्सर, हिन्दू नव वर्ष और गुड़ी पड़वा आज चैत्र नवरात्र से शुरू होता है। आज का दिन सूर्य उपासना का दिन है। आज ही के दिन ब्रह्मा जी ने सृष्टि का निर्माण किया था। यह जानकारी नई पीढ़ी को मिले, इसलिए इस तरह के आयोजन किए जाने चाहिए। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा भोपाल के सुभाष उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित विक्रमोत्सव-2025 कोटि सूर्योपासना के जिला स्तरीय आयोजन को संबोधित कर रहे थे। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प को पूरा करने का आज शुभ दिन है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस कार्यक्रम को भव्य रूप से पूरे प्रदेश में मनाने का जो बीड़ा उठाया है, वो सराहनीय है। उज्जैन में राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन भी किया जा रहा है। श्री देवड़ा ने कहा कि यह नव वर्ष सभी के लिए मंगलमय हो और देश-प्रदेश आगे बढ़े। प्रधानमंत्री का संकल्प है कि वर्ष 2047 तक हमारा देश विकसित देशों की श्रेणी में अव्वल बने। इसके लिये हम सबको संकल्पित होकर कार्य करना होगा। सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि हम प्रतिवर्ष विक्रमोत्सव मनाएंगे। उन्होंने कहा कि 31 दिसम्बर के बाद जिस पहली जनवरी को न्यू ईयर मनाया जाता है, उसका कोई इतिहास नहीं है। नव संवत्सर हमारा विजय दिवस है, शक्ति आराधना दिन है। हम सभी को आज अपने-अपने घर पर विजय पताका फहराना है। सांसद श्री शर्मा ने कहा कि दुनिया जिस कैलेन्डर पर चल रही है, उससे 57 साल पहले हमारा कैलेण्डर आ चुका था। आज से हम सभी 9 दिन माँ की आराधना अलग-अलग तरीके से कर ऊर्जा प्राप्त करेंगे। प्रधानमंत्री नवरात्र पर नौ दिन व्रत के दौरान सिर्फ नींबू पानी पर रहते हैं। प्रधानमंत्री दुनिया के किसी भी कोने में जाते हैं तो वहां मंदिरों का भ्रमण भी करते हैं और भारत की संस्कृति और योग की बात करते हैं। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर ब्रह्मध्वज वंदना के साथ किया गया। इस दौरान सम्राट विक्रमादित्य पर केन्द्रीय नृत्य नाट्य की प्रस्तुति भी दी गई। इस अवसर पर भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय, कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह सहित विद्यालय के शिक्षक, छात्र और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।   recent visitors 50

रबी विपणन वर्ष 2025-26 में अभी तक उपार्जित गेहूँ का परिवहन एवं भण्डारण सुनिश्चित करें: खाद्य मंत्री राजपूत

भोपाल खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि मौसम विभाग द्वारा प्रदेश में आगामी दिनों असामयिक वर्षा होने का पूर्वानुमान जारी किया गया है। अत: रबी विपणन वर्ष 2025-26 में अभी तक उपार्जित गेहूँ का परिवहन एवं भण्डारण सुनिश्चित करें। इस तरह के प्रयास करें कि किसी भी उपार्जन केन्द्र पर असामयिक वर्षा से गेहूँ भीगना नहीं चाहिए। 7 लाख मीट्रिक टन से अधिक का गेहूँ उपार्जन मंत्री श्री राजपूत ने कहा है कि अभी तक 7 लाख 98 हजार 461 मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन किया जा चुका है। इसमें से 6 लाख 96 हजार 625 मीट्रिक टन उपार्जित गेहूँ का परिवहन एवं भण्डारण किया जा चुका है। शेष मात्रा 1 लाख 1 हजार 836 मीट्रिक टन गेहूँ का परिवहन एवं भण्डारण अति शीघ्र करवायें। कलेक्टर्स को निर्देशित किया गया है कि उपार्जन केन्द्रों पर उपलब्ध गेहूँ का परिवहन कर गोदामों में सुरक्षित भण्डारण के लिये जरूरी हो तो अन्य परिवहनकर्ताओं के ट्रकों को इस कार्य में लगाएं। गोदाम स्तरीय उपार्जन केन्द्रों पर खुले में भण्डारित गेहूँ को समितियों के माध्यम से गोदामों में भण्डारण सुनिश्चित करें। उपार्जन केन्द्रों पर गेहूँ की स्टेक लगाकर पक्के प्लेटफार्म पर भण्डारित करायें और उसे तिरपाल से कवर करवायें। नियुक्त नोडल अधिकारी अपने-अपने केन्द्र पर उपस्थित रहकर सभी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें।   recent visitors 43

पुतिन के काफिले में शामिल लिमोजिन कार में धमाके के बाद लगी आग, जेलेंस्की ने की है मौत की भविष्यवाणी

मॉस्को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के काफिले में शामिल लिमोजिन कार में धमाके के बाद आग लग गई। इसके बाद सवाल उठने लगे कि कहीं पुतिन को निशाने पर नहीं थे? गाड़ी में यह धमाका मॉस्को के एफएसबी हेडक्वार्टर के पास लग्जरी कार ऑरस लिमोजिन में हुआ। गाड़ी में आग लगा देख तुरंत आसपास से लोग मदद के लिए दौड़ पड़े। हाल ही में यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने पुतिन की मौत की भविष्यवाणी भी की थी। यह घटना लुब्यंका में एफएसबी गुप्त सेवा मुख्यालय के पास हुई। इस कार की कीमत 275,000 पाउंड है। लिमोजिन कार में आग लगने का एक वीडियो भी ऑनलाइन वायरल हो रहा है। क्लिप में दिखाया गया है कि आग इंजन को अपनी चपेट में लेती है और फिर वाहन के पूरे इंटीरियर में फैल जाती है। इस गाड़ी का प्रबंधन राष्ट्रपति संपत्ति विभाग द्वारा किया जाता है, जो राष्ट्रपति के परिवहन का ध्यान रखता है। हालांकि, अभी तक यह नहीं पता चल सका है कि जब धमाका हुआ तो कार के अंदर कोई था या नहीं। जेलेंस्की ने पुतिन की मौत का किया था दावा उल्लेखनीय है कि पिछले कई सालों से रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध चल रहा है। कुछ दिन पहले ही यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने कहा था कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की जल्द ही मौत हो जाएगी। उनकी मृत्यु रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे संघर्ष को समाप्त कर सकती है। कीव इंडिपेंडेंट के अनुसार, जेलेंस्की ने 26 मार्च को पेरिस में यूरोपीय पत्रकारों के साथ एक इंटरव्यू के दौरान ये टिप्पणियां की थीं। पुतिन के स्वास्थ्य के बारे में लगातार अटकलों के बीच यह टिप्पणी आई थी। जेलेंस्की के इस बयान और फिर पुतिन के काफिले की गाड़ी में बम धमाके के बाद सवाल उठने लगे हैं। माना जा रहा है कि जांच एजेंसियां इस बात की भी पुष्टि करेंगी कि धमाके का यूक्रेन से चल रहे युद्ध में कोई संबंध तो नहीं है। लिजोजिन कारों का इस्तेमाल करते हैं पुतिन 72 वर्षीय पुतिन इन रूसी निर्मित लिमोजिन कारों का नियमित रूप से इस्तेमाल करते आए हैं और उन्होंने उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन सहित सहयोगियों को भी इन्हें गिफ्ट में दिया है। यह विस्फोट ऐसे समय में हुआ जब रूसी राष्ट्रपति को खतरा महसूस हो रहा है। हाल ही में मरमंस्क में संघीय सुरक्षा सेवा के अधिकारियों द्वारा औपचारिक गार्डों की तलाशी ली गई। एक रूसी प्रसारक से एक पूर्व अंगरक्षक ने कहा, "यह दर्शाता है कि उन्हें अपनी जान का कितना डर ​​है।" उन्होंने यह भी कहा कि पुतिन अपने स्वयं के कर्मचारियों पर भरोसा नहीं करते हैं। recent visitors 52

अब सभी की निगाहें ट्रंप की दो अप्रैल की शुल्क घोषणा पर टिकी, तभी तय होगी इस हफ्ते शेयर बाजार की दिशा

मुंबई ग्लोबल ट्रेड पर दो अप्रैल से लागू होने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के जवाबी शुल्क (टैरिफ) के प्रभाव, विदेशी बाजारों के रुख और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां इस सप्ताह स्थानीय शेयर बाजारों की दिशा तय करेंगी। ‘ईद-उल-फितर’ के मौके पर सोमवार को शेयर बाजार बंद रहेंगे। अमेरिका ने दो अप्रैल को भारत सहित अपने प्रमुख व्यापारिक भागीदार देशों पर दो अप्रैल से जवाबी शुल्क लगाने की घोषणा की है। क्या है एक्सपर्ट्स की राय मेहता इक्विटीज लिमिटेड के सीनियर वाइस प्रेसीडेंट (शोध) प्रशांत तापसे ने कहा, “अब सभी की निगाहें ट्रंप की दो अप्रैल की शुल्क घोषणा पर टिकी हैं।” इस सप्ताह घोषित किए जाने वाले वृहद आर्थिक आंकड़ों में विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों के लिए पीएमआई (क्रय प्रबंधक सूचकांक) आंकड़ों पर भी निवेशकों की नजर रहेगी। रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के सीनियर वाइस प्रेसीडेंट (शोध) अजित मिश्रा ने कहा, “आगामी छुट्टियों के कारण कम कारोबारी सत्रों वाले सप्ताह में घरेलू मोर्चे पर संकेतकों के अभाव में बाजार भागीदारी की निगाह वैश्विक घटनाक्रमों पर रहेगी। दो अप्रैल से लागू होने वाले जवाबी शुल्क का वैश्विक व्यापार पर क्या प्रभाव पड़ेगा, इसपर सभी की निगाह रहेगी।” जियोजीत इन्वेस्टमेंट लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी के विजयकुमार ने कहा, “आगे चलकर विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) का प्रवाह मुख्य रूप से ट्रंप के जवाबी शुल्क पर निर्भर करेगा। यदि शुल्क का प्रतिकूल प्रभाव बहुत अधिक नहीं रहता है, तो एफआईआई का प्रवाह जारी रह सकता है।” उन्होंने कहा कि एफआईआई की रणनीति बिकवाली से मामूली खरीद की हो गई है। 21 मार्च को समाप्त सप्ताह में यह दिखाई दिया था और 28 मार्च को समाप्त सप्ताह में भी यह रुख जारी रहा। रुपये और डॉलर पर भी रहेगी निगाह निवेशकों की निगाह रुपये-डॉलर के रुझान और वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतों पर भी रहेगी। जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लि. के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘इस सप्ताह शुल्क को लेकर चीजें अधिक साफ हो सकेंगी। इससे निवेशक वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसके प्रभाव का आकलन कर सकेंगे। सप्ताह के दौरान अमेरिका के रोजगार और भारत के पीएमआई आंकड़े आने हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इस बीच, निवेशकों का ध्यान कंपनियों के तिमाही नतीजों पर है, जिससे उनके प्रदर्शन को लेकर स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।’’ पिछले सप्ताह बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 509.41 अंक या 0.66 प्रतिशत चढ़ा, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 168.95 अंक या 0.72 प्रतिशत के लाभ में रहा। वित्त वर्ष 2024-25 में बीएसई सेंसेक्स 3,763.57 अंक या 5.10 प्रतिशत चढ़ा है, वहीं निफ्टी में 1,192.45 अंक या 5.34 प्रतिशत का उछाल आया है। इस दौरान बीएसई की सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) 25,90,546.73 करोड़ रुपये बढ़कर 4,12,87,646.50 करोड़ रुपये (4,820 अरब अमेरिकी डॉलर) हो गया है। recent visitors 49

ओडिशा में बड़ा रेल हादसा, बेंगलुरु-असम कामाख्या एक्सप्रेस के कई डिब्बे पटरी से उतरे, यात्रियों में मचा हड़कंप

ओडिशा ओडिशा के कटक जिले में एक बड़ा रेल हादसा हुआ। बेंगलुरु-असम कामाख्या एक्सप्रेस ट्रेन (12551) पटरी से उतर गई, जिससे यात्रियों में हड़कंप मच गया। ट्रेन के 11 AC कोच पटरी से उतरकर पलट गए। हादसा चौद्वार इलाके के मंगुली पैसेंजर हॉल्ट के पास हुआ। घटना के तुरंत बाद यात्री ट्रेन से उतरकर पटरियों पर बैठ गए और राहत कार्य का इंतजार करने लगे। हादसे के बाद NDRF, पुलिस और मेडिकल टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई। राहत और बचाव कार्य तेजी से जारी है। अच्छी खबर यह है कि अब तक किसी भी यात्री के गंभीर रूप से घायल होने या किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं मिली है। अधिकारियों के मुताबिक, सभी यात्री सुरक्षित हैं और ट्रेन में सफर कर रहे लोगों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। कैसे हुआ हादसा? ईस्ट कोस्ट रेलवे के CPRO अशोक कुमार मिश्रा ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि यह दुर्घटना खुर्दा रोड डिवीजन के कटक-नरगुंडी रेलवे सेक्शन में सुबह करीब 11:54 बजे हुई। ट्रेन बेंगलुरु से गुवाहाटी जा रही थी, जब अचानक पटरी से उतर गई। DRM खुर्दा रोड, GM/ECOR समेत रेलवे के उच्च अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए हैं। हादसे की असल वजह का पता जांच के बाद ही चलेगा। प्रभावित ट्रेनें और हेल्पलाइन नंबर जारी इस हादसे के कारण रेलवे ने कुछ ट्रेनों को डायवर्ट किया है। प्रभावित ट्रेनों में शामिल हैं:     ट्रेन नंबर 12822 (BRAG)      ट्रेन नंबर 12875 (BBS)     ट्रेन नंबर 22606 (RTN) रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं:     8455885999     7205149591     9437443469 रेलवे ने क्या कहा? रेलवे अधिकारियों ने बताया कि राहत कार्य पूरा होने के बाद प्रभावित मार्ग को बहाल कर दिया जाएगा। इस हादसे के कारण यात्रियों को कुछ असुविधाओं का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन रेलवे हर संभव मदद पहुंचाने की कोशिश कर रहा है। पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे भारत में ट्रेन हादसे कोई नई बात नहीं हैं। इससे पहले भी कई बार रेलवे दुर्घटनाएं हुई हैं, जिनमें से कई जानलेवा साबित हुई हैं। हालांकि, इस बार प्रशासन की तत्परता के कारण यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। यात्रियों से अपील रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और रेलवे अधिकारियों द्वारा दी जा रही जानकारी पर ध्यान दें। यात्रियों के परिजन हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क कर अपने प्रियजनों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।   recent visitors 39

84 शहरों में अधूरे प्रोजेक्ट्स, केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि स्मार्ट सिटी मिशन को अब आगे बढ़ाया नहीं जाएगा

नई दिल्ली भारत सरकार के शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा चलाए गए स्मार्ट सिटी मिशन का समापन 31 मार्च 2023 को हो रहा है। यह मिशन, जो जून 2015 में शुरू हुआ था, अब 100 शहरों को कवर करने के लिए निर्धारित था, लेकिन 10 सालों में तीन बार डेडलाइन बढ़ाने के बावजूद केवल 16 शहरों में ही मिशन के तहत सभी प्रोजेक्ट्स पूरे हो पाए हैं। बाकी 84 शहरों में कई प्रोजेक्ट अधूरे रह गए हैं। इस मिशन में 14 हजार करोड़ से अधिक का निवेश किया गया था, लेकिन बड़े हिस्से में काम समय पर पूरा नहीं हो सका। अधूरे प्रोजेक्ट्स की स्थिति: केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि स्मार्ट सिटी मिशन को अब आगे बढ़ाया नहीं जाएगा और न ही इसे किसी अन्य नाम या स्वरूप में फिर से लागू किया जाएगा। शहरी मामलों के मंत्रालय ने संसद में बताया कि मिशन के तहत काम पूरा करने में कई समस्याएं आईं। पूर्वोत्तर और पहाड़ी राज्यों में काम की गति धीमी रही, मुख्य रूप से एजेंसियों की पहचान में देरी और भूमि अधिग्रहण में समस्याओं के कारण। इसके अलावा कई शहरों में अधिकारियों के तबादले भी प्रोजेक्ट्स की रफ्तार को प्रभावित कर रहे थे। कौन से राज्य और शहर प्रभावित हुए: स्मार्ट सिटी मिशन में महाराष्ट्र सबसे प्रभावित राज्य रहा, जहां 1898 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट अधूरे रह गए। इसके बाद बिहार में 1138 करोड़ और उत्तर प्रदेश में 772 करोड़ के प्रोजेक्ट पूरे नहीं हो सके। बंगाल के कोलकाता शहर में 618 करोड़ रुपये के छह प्रोजेक्ट अधूरे रहे। इसके अतिरिक्त धर्मशाला में 200 करोड़, सतना में 259 करोड़, पटना में 383 करोड़, मुजफ्फरपुर में 340 करोड़ और बिहारशरीफ में 306 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट भी अधूरे रहे। अधूरे प्रोजेक्ट्स की संख्या और शहरों की स्थिति: स्मार्ट सिटी मिशन के तहत पूरे देश में 100 शहरों को चयनित किया गया था, जिनमें 8058 प्रोजेक्ट्स प्रस्तावित किए गए थे। इनमें से 7491 प्रोजेक्ट्स यानी 93 फीसदी प्रोजेक्ट्स पूरे हुए हैं। हालांकि, 567 प्रोजेक्ट्स 14,357 करोड़ रुपये के अधूरे रह गए हैं। शहरों में जिनकी प्रगति सबसे अच्छी रही, उनमें चंडीगढ़, इंदौर, चेन्नई, अहमदाबाद, राजकोट, बैंगलोर, शिवमोगा, पिंपरी-चिंचवाड़, सोलापुर, भुवनेश्वर और लखनऊ शामिल हैं, जहां 1-1 प्रोजेक्ट बाकी रह गए। वहीं, गुवाहाटी, गांधीनगर, ठाणे, कोहिमा, राउरकेला, तंजापुर, तिरुनेलवेली, तिरुप्पुर, वेल्लोर, कानपुर, मुरादाबाद और प्रयागराज जैसे शहरों में 2-2 प्रोजेक्ट अधूरे रह गए हैं। केंद्र सरकार की भूमिका और वित्तीय स्थिति: केंद्र सरकार ने इस मिशन के लिए कुल 48 हजार करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया था, जिसमें से 47,425 करोड़ रुपये जारी किए गए। इन जारी किए गए फंड्स में से 45,506 करोड़ रुपये खर्च किए गए। हालांकि, स्मार्ट सिटी मिशन के तहत किए गए प्रोजेक्ट्स में केवल 93 प्रतिशत काम ही समय पर पूरा हो सका है, जबकि बाकी के 7 प्रतिशत प्रोजेक्ट्स अधूरे रह गए। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत 100 शहरों के लिए निर्धारित लक्ष्य का 93 प्रतिशत ही कार्य पूरा हो सका। हालांकि यह मिशन अपनी पूरी क्षमता के अनुसार सफल नहीं रहा, लेकिन जिन शहरों में कार्य पूरी गति से हुआ, वे इस मिशन को भविष्य के लिए एक सीख के रूप में देख सकते हैं। इस मिशन से जुड़े अधूरे प्रोजेक्ट्स को लेकर अब सवाल उठते हैं कि क्या सरकार भविष्य में इन प्रोजेक्ट्स को पूरा करेगी या यह पूरी तरह से समाप्त हो जाएगा।   recent visitors 36