योगी ने बरेली से स्‍कूल चलो अभियान और विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया

बरेली मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने मंगलवार को बरेली से स्‍कूल चलो अभियान और विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके एक जनसभा को संबोधित करते हुए विरोधियों पर जमकर हमला बोला। उन्‍होंने अपनी सरकार की उपलब्धियों का उल्‍लेख करते हुए कहा कि ये वही बरेली है जहां 2017 के पहले, वर्ष में 5, 7, 10 दंगे हुआ करते थे। पिछले आठ वर्ष में बरेली में यहां कोई दंगा नहीं हुआ। बरेली अब चंगा है। अब बरेली में कोई दंगा नहीं होता है। अब बरेली में दंगा नहीं चंगा है। दंगाई सब चूहे की तरह बिलबिलाते हैं लेकिन बाहर निकलने का दुस्‍साहस नहीं कर पाते हैं। उन्‍हें मालूम है कि दंगा करेंगे तो दुष्‍परिणाम क्‍या होगा? बाप-दादाओं ने जो कमाई की होगी वो भी एक झटके में सरकार जब्‍त करके गरीबों में बंटवाने का काम कर देगी। सीएम योगी ने मंगलवार को बरेली को कई सौगातें दीं। उन्‍होंने 933 करोड़ की 132 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास और 2,554 नई एंबुलेंस का फ्लैग ऑफ किया। उन्‍होंने कहा कि आज बरेली विकास के पथ पर अग्रसर हुआ है। इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर का नया मॉडल दे रही है। अपनी नाथ नगरी की पहचान को पिछली सरकारों ने झुमका के साथ जोड़ा था, हम लोगों ने बरेली को नाथ नगरी के रूप में नाथ कॉरीडोर देकर आपको आपकी पहचान दिलाने का काम किया है। आज बरेली में निवेश आ रहा है। यहां पर इंडस्‍ट्री लग रही है। समाजवादी पार्टी के मुखिया के 'गोबर से दुर्गंध' वाले बयान पर उन्‍हें घेरते हुए सीएम योगी आदित्‍यनाथ ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने निराश्रित गोवंश दिए। गायों को लावारिस छोड़ दिया था। सपा के मुखिया कहते हैं कि गोवंश से दुर्गंध आती है। इनकी असलियत यही है। ये गोमाता को कसाइयों के हवाले करते थे। हमने कसाइयों को जब भेजा जहन्‍नुम की यात्रा में तो इनको परेशानी हुई। इनकी परेशानी तो ये है कि इनके मित्र कसाई तो सब चले गए जहन्‍नुम में। अब गोवंश को बचाने की चुनौती थी तो आप ही की धरती के सपूत आंवला के विधायक ने 7700 से अधिक निराश्रित गोआश्रय स्‍थल खोल दिए। वहां पर 14 लाख से अधिक गोवंश की देखभाल तो स्‍वयं राज्‍य सरकार कर रही है। शेष हमने अन्‍नदाता किसानों को दिए हैं। आप भी पालिए। एक गोवंश रखने के लिए सरकार 1500 रुपए देती है। गोवंश की सेवा के लिए पुण्‍य भी पाओ, सरकार का अनुदान भी पाओ। recent visitors 46

रोहित शर्मा और विराट कोहली का A+ ग्रेड पक्का, इस प्लेयर की हो सकती है सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में वापसी

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट के दिग्गज खिलाड़ी विराट कोहली और रोहित शर्मा का 2025-26 के लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के केंद्रीय अनुबंध सूची में ए ग्रेड बरकरार रहने वाला है, जबकि श्रेयस अय्यर, जिन्हें घरेलू क्रिकेट में कथित रूप से अनुपस्थित रहने के कारण पिछली बार सूची से बाहर कर दिया गया था, उनकी वापसी होने जा रही है। इस तरह की रिपोर्ट सामने आई है। बीसीसीआई विराट और रोहित को ए प्लस ग्रेड में बनाए रखने की तैयारी में है, जिसके तहत उन्हें टी20आई प्रारूप से संन्यास लेने के बावजूद 7 करोड़ रुपये मिलेंगे। रोहित और विराट ने पिछले साल बारबाडोस में टी20 विश्व कप जीतकर भारत के आईसीसी ट्रॉफी के सूखे को समाप्त करने के बाद इस फॉर्मेट में रिटायरमेंट ले लिया था। बीसीसीआई सूत्रों ने कहा, "रोहित और विराट टी20आई प्रारूप से संन्यास लेने के बाद भी अपना ए ग्रेड केंद्रीय अनुबंध (7 करोड़ रुपये) जारी रखेंगे। वे बड़े खिलाड़ी हैं और उन्हें वह सम्मान दिया जाएगा, जिसके वे हकदार हैं। श्रेयस अय्यर की केंद्रीय अनुबंध में वापसी तय है।" रोहित शर्मा भले ही पिछले कुछ समय से लय में नजर नहीं आए हैं, लेकिन चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के फाइनल में उन्होंने शानदार पारी खेलकर टीम को जीत दिलाई थी। एक तरह से कहा जाए कि टी20आई करियर को यादगार अंदाज में समाप्त करने के बाद अनुभवी सलामी बल्लेबाज का बल्ला शांत हो गया है तो इसमें कुछ गलत नहीं होगा। न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत को 3-0 से घरेलू टेस्ट सीरीज के बाद से उनकी कप्तानी टेस्ट फॉर्मेट में फीकी नजर आई, जबकि बल्ला भी शांत रहा। वहीं, विराट कोहली की बात करें तो टेस्ट और वनडे क्रिकेट में उनका बल्ला भी शांत रहा। एक शतक उन्होंने चैंपियंस ट्रॉफी में जरूर जड़ा, लेकिन वे उतने प्रभावशाली वहां नजर नहीं आए। ऑस्ट्रेलिया में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में उन्होंने 10 पारियों में सिर्फ 190 रन बनाए। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1-3 की सीरीज हार के बाद उन पर सवाल खड़े हुए। विराट ने पिछले साल 23 मैचों और 32 पारियों में सिर्फ 655 अंतरराष्ट्रीय रन बनाए। उनका औसत 21.83 रहा, जिसमें एक शतक और दो अर्धशतक शामिल थे। उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 100* था। दूसरी ओर श्रेयस अय्यर और ईशान किशन बीसीसीआई की केंद्रीय अनुबंध सूची से बाहर कर दिए गए थे। इसके बाद से श्रेयस ने भारत के घरेलू सर्किट में कड़ी मेहनत की है और शानदार फॉर्म का प्रदर्शन किया है। अपने पिछले रणजी ट्रॉफी अभियान में, श्रेयस ने मुंबई के लिए पांच मैचों में 68.57 की औसत और 90.22 के स्ट्राइक रेट से 480 रन बनाए। नौ मैचों में 345 रनों के साथ, श्रेयस सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में चौथे सबसे अधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी थे। उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी में भी अपनी शानदार फॉर्म का प्रदर्शन किया, जिसमें पांच मैचों में 325.00 की शानदार औसत से 325 रन बनाए। वह फरवरी में भारत की चैंपियंस ट्रॉफी जीतने वाली टीम का हिस्सा थे और पांच मैचों में 243 रन बनाकर टूर्नामेंट में देश के अग्रणी रन-स्कोरर के रूप में समाप्त हुए। इस तरह उनको भी कॉन्ट्रैक्ट मिलने वाला है। हालांकि, ईशान किशन को इंतजार करना पड़ सकता है। recent visitors 43

आज आमने-सामने होंगे लखनऊ सुपर जायंट्स और पंजाब किंग्स, , दोनों टीमें इकाना में मचाएगी धमाल

लखनऊ आज आईपीएल 2025 का 13वां मैच लखनऊ सुपर जायंट्स (एलएसजी) और पंजाब किंग्स (पीबीकेएस) के बीच खेला जाएगा। दोनों टीमें शाम साढ़े सात बजे से लखनऊ के इकाना क्रिकेट स्टेडियम में टकराएंगी। ऋषभ पंत की कप्तानी वाली एलएसजी मौजूदा सीजन में पहली बार होम ग्राउंड पर उतरेगी। एलएसजी ने दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ हार के साथ अपना अभियान शुरू किया था लेकिन अगले मैच में सनराइजर्स हैदराबाद को शिकस्त दी। पंत की नजरें अच्छा प्रदर्शन करने पर टिकी होंगी। आईपीएल इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ी पंत शुरुआती दो मैच में बल्लेबाज के तौर पर नाकाम रहे हैं। वहीं, श्रेयस अय्यर के नेतृत्व वाली पंजाब टीम दूसरा मैच खेलेगी। पीबीकेएस ने पहले मुकाबले में गुजरात टाइटंस को मात दी थी। अय्यर एक बार फिर धमाल मचाने की फिराक में होंगे, जिन्होंने गुजरात के सामने नाबाद 97 रनों की तूफानी पारी खेली। हेड-टू-हेड रिकॉर्ड लखनऊ और पंजाब ने आईपीएल में आपस में कुल चार मैच खेले हैं। एलएसजी का पलड़ा भारी है, जिसने पीबीकेएस को तीन मैचों में धूल चटाई है। वहीं, पंजाब ने एक बार लखनऊ के खिलाफ विजयी परचम फहराया। पंजाब किंग्स का स्क्वॉड श्रेयस अय्यर (कप्तान), प्रियांश आर्य, पायला अविनाश, हरनूर सिंह, जोश इंग्लिस, प्रभसिमरन सिंह, विष्णु विनोद, नेहाल वढेरा, अजमतुल्लाह उमरजई, आरोन हार्डी, मार्को यानसेन, ग्लेन मैक्सवेल, मुशीर खान, शशांक सिंह, मार्कस स्टोइनिस, युजवेंद्र चहल, प्रवीण दुबे, लॉकी फर्ग्युसन, हरप्रीत बरार, कुलदीप सेन, सूर्यांश शेडगे, अर्शदीप सिंह, जेवियर बार्टलेट, विजयकुमार वैशाख और यश ठाकुर। लखनऊ सुपर जायंट्स स्क्वॉड ऋषभ पंत (कप्तान), डेविड मिलर, एडेन मारक्रम, आर्यन जुयाल, आयुष बडोनी, आवेश खान, आकाश दीप, एम सिद्धार्थ, दिग्वेश सिंह, आकाश सिंह, शमर जोसेफ, प्रिंस यादव, मयंक यादव, मोहसिन खान, हिम्मत सिंह, मैथ्यू ब्रीटज्के, निकोलस पूरन, मिचेल मार्श, अब्दुल समद, शाहबाज अहमद, युवराज चौधरी, राजवर्धन हांगरगेकर, अर्शिन कुलकर्णी, शारदुल ठाकुर और रवि बिश्नोई। recent visitors 36

परिवर्तनशील महंगाई भत्ता में वृद्धि श्रमिकों को 01 अप्रैल 2025 से 30 सितंबर 2025 तक न्यूनतम वेतन की दरें देय होगी

रायपुर श्रमायुक्त छत्तीसगढ़ शासन द्वारा न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948 के अंतर्गत 45 अनुसूचित नियोजनों, कृषि नियोजन एवं अगरबत्ती नियोजन में कार्यरत श्रमिकों के लिये महंगाई भत्ते का निर्धारण लेबर ब्यूरो शिमला द्वारा जारी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर वर्ष में दो बार (01 अप्रैल एवं 01 अक्टूबर) किया जाता है। श्रमायुक्त छत्तीसगढ़ शासन सुश्री अलरमेल मंगई डी. द्वारा विभिन्न अनुसूचित नियोजनों में कार्यरत् श्रमिकों के लिये 01 अप्रैल 2025 से परिवर्तनशील मंहगाई भत्ता निर्धारित की गई है। लेबर ब्यूरों शिमला से प्राप्त औद्योगिक सूचकांक में जुलाई 2024 से दिसम्बर 2024 के मध्य 11.40 बिन्दु की औसत वृद्धि हुई तदनुसार प्रति बिन्दु 20/- रूपये के मान से 45 अनुसूचित नियोजनों में कार्यरत श्रमिकों के परिवर्तनशील महंगाई भत्ता में प्रतिमाह 228/- रूपये की वृद्धि की गई। कृषि नियोजन में कार्यरत श्रमिकों हेतु लेबर व्यूरो शिमला से प्राप्त सूचकांक में 43 बिन्दु की औसत वृद्धि होने से 5/- रूपये प्रति बिन्दु के मान से 215/- रूपये प्रतिमाह परिवर्तशील महंगाई भत्ते में वृद्धि की गई। अगरबत्ती उद्योग में नियोजित श्रमिकों हेतु उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में औसत वृद्धि के आधार पर परिवर्तनशील महंगाई भत्ते 7.88 रूपये प्रति हजार अगरबत्ती निर्माण में निर्धारित की गई। उक्त परिवर्तनशील महंगाई भत्ता में वृद्धि उपरांत अधिसूचित नियोजनों में कार्यरत श्रमिकों को 01 अप्रैल 2025 से 30 सितंबर 2025 तक न्यूनतम वेतन की दरें निम्नानुसार देय होगी। की दरें निम्नानुसार है -अनुसूचित सामान्य नियोजन के लिए निर्धारित न्यूनतम वेतन उक्त प्रभावशील न्यूनतम वेतन की दरें छत्तीसगढ़ शासन, श्रम विभाग की वेबसाईट https://www.shramevjayate.cg.gov.in/ पर भी उपलब्ध है तथा इससे संबंधित पुस्तिका श्रमायुक्त कार्यालय, इन्द्रावती भवन, खण्ड-तीन, द्वितीय-तल, नवा रायपुर, अटल नगर से भी प्राप्त की जा सकती है। recent visitors 58

EV: union minister nitin gadkari – लिथियम बैटरी की कीमतों में गिरावट से ईवी सेक्टर को मिलेगा बढ़ावा, जानें डिटेल्स

union minister nitin gadkari

union minister nitin gadkari says fall in lithium battery prices will boost ev sector union minister nitin gadkari ने कहा है कि लिथियम बैटरियों की कीमतों में कमी से इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की लागत में काफी गिरावट आएगी। जिससे वे आम लोगों के लिए ज्यादा किफायती बन जाएंगे। सोमवार को गडकरी ने कहा कि भारत में प्रदूषण सबसे बड़ी समस्या है और इसमें सबसे बड़ा योगदान ट्रांसपोर्ट सेक्टर का है। इसलिए पेट्रोल-डीजल जैसे जीवाश्म ईंधनों से हटकर वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को अपनाना बहुत जरूरी है। सड़क परिवहन और union minister nitin gadkari ने कहा कि बैटरी तकनीक में हो रही प्रगति भारत को सस्टेनेबल ट्रांसपोर्ट की ओर ले जाने में अहम भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि भारत की तेल पर निर्भरता न सिर्फ आर्थिक रूप से भारी पड़ रही है। बल्कि यह पर्यावरण के लिए भी नुकसानदेह है। हर साल करीब 22 लाख करोड़ रुपये ईंधन आयात पर खर्च हो रहे हैं। इस वजह से साफ ऊर्जा को अपनाना देश के विकास के लिए जरूरी है। ठाणे में एक ईको-फ्रेंडली इलेक्ट्रिक साइकिल लॉन्च के मौके पर union minister nitin gadkari ने कहा कि शहरीकरण बढ़ने के कारण साइक्लिंग को भी एक टिकाऊ शहरी परिवहन विकल्प के रूप में बढ़ावा देने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि 2014 से अब तक भारत का ऑटोमोबाइल सेक्टर इतनी तेजी से बढ़ा है कि यह जापान को पछाड़कर दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा वाहन बाजार बन गया है। गडकरी ने कहा कि 2030 तक भारत इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण में दुनिया का अग्रणी देश बन जाएगा, जिससे ग्लोबल ऑटो मार्केट पर बड़ा असर पड़ेगा। ईवी की लागत कम होगीगडकरी ने कहा कि लिथियम-आयन बैटरियों की कीमतों में आई तेज गिरावट (अब 100 डॉलर प्रति kWh) ने इलेक्ट्रिक वाहनों को ज्यादा सुलभ बना दिया है। और उनकी कीमतें पारंपरिक पेट्रोल-डीजल वाहनों के बराबर आने के करीब हैं। उन्होंने बताया, “कुछ साल पहले लिथियम की कीमत 150 डॉलर प्रति किलोवॉट थी, जो अब घटकर लगभग 100 डॉलर रह गई है। यह और कम होगी, तो इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमतें भी कम हो जाएंगी, जिससे आम लोगों को ये सस्ते में मिल सकेंगे।” गडकरी ने कहा, “प्रदूषण हमारे देश की सबसे बड़ी चुनौती है और इसका एक बड़ा हिस्सा परिवहन क्षेत्र से आता है।” उन्होंने दोहराया कि इलेक्ट्रिक और वैकल्पिक ईंधन पर शिफ्ट होना सिर्फ पर्यावरण के लिहाज से ही जरूरी नहीं है। बल्कि यह आर्थिक रूप से भी फायदेमंद होगा। उन्होंने भारत में पर्यावरण अनुकूल और लागत प्रभावी परिवहन समाधान की खोज में बैटरी से चलने वाले वाहनों (BEV) के महत्व को दोहराया। नई बैटरी तकनीकों पर शोधगडकरी ने कहा कि भारत में बैटरी तकनीक पर लगातार शोध हो रहा है, जिसमें सेमी-कंडक्टर्स, लिथियम-आयन, जिंक-आयन, सोडियम-आयन और एल्युमिनियम-आयन बैटरी शामिल हैं। उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स की अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती मांग एक बड़ा निर्यात अवसर है। जिससे अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और व्यापार संतुलन सुधरेगा। गडकरी ने हाल ही में हीरो के एक संयंत्र का उद्घाटन करने के लिए पंजाब के लुधियाना की अपनी यात्रा को याद करते हुए कहा, “भारत की 50 प्रतिशत टू-व्हीलर अब निर्यात की जा रही हैं, और हमें घरेलू बाजार से ज्यादा फायदा निर्यात से हो रहा है।” मंत्री ने एक अध्ययन का हवाला देते हुए कहा, “बजाज और टीवीएस जैसे पारंपरिक दोपहिया वाहन निर्माताओं ने एक बार चार्ज करने पर 125 किलोमीटर की रेंज वाले वाहन बनाए हैं। लखनऊ और कानपुर शहरों के युवाओं ने 60 किलोमीटर की रेंज वाली बाइक का निर्माण शुरू कर दिया है।” इस अध्ययन से पता चलता है कि एक बाइक आम तौर पर प्रति दिन अधिकतम 24-26 किलोमीटर की यात्रा करती है। बायोफ्यूल और किसानों के लिए नई संभावनाएंगडकरी ने कहा कि सरकार कृषि अपशिष्ट से बायोफ्यूल बनाने की दिशा में काम कर रही है, जिसमें बायो-सीएनजी और बायो-एविएशन फ्यूल शामिल हैं। इससे किसानों को अतिरिक्त आमदनी मिलेगी और प्रदूषण कम होगा। उन्होंने कहा, “अब किसान सिर्फ अन्नदाता नहीं रहेंगे, बल्कि ऊर्जा दाता भी बनेंगे।” सरकार की नीति “आयात प्रतिस्थापन, लागत प्रभावी, प्रदूषण मुक्त और स्वदेशी” तकनीकों को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। गडकरी ने बताया कि सरकार पराली से बायोफ्यूल बनाने की योजना पर भी काम कर रही है> जिससे किसानों को पराली जलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और इससे प्रदूषण कम होगा। उन्होंने कहा, “हरियाणा के किसान धान की पराली जलाते हैं, जिससे वायु प्रदूषण बढ़ता है। लेकिन अब हम इसे बायोफ्यूल में बदल रहे हैं। इस दिशा में 400 प्रोजेक्ट शुरू किए गए हैं, जिनमें से 60 पहले से ही काम कर रहे हैं।” शहरी परिवहन में साइक्लिंग को बढ़ावागडकरी ने कहा कि बढ़ते शहरीकरण के मद्देनजर साइक्लिंग को बढ़ावा देने के लिए विशेष साइकिल ट्रैक बनाए जाने चाहिए। ताकि पर्यावरण के अनुकूल यात्रा को प्रोत्साहन मिले, सड़क सुरक्षा बढ़े और ट्रैफिक जाम की समस्या कम हो। उन्होंने कहा, “भारत में नवाचार और प्रतिस्पर्धा के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया जा रहा है, जिससे देश इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण, वैकल्पिक ईंधन और ग्रीन मोबिलिटी समाधानों का प्रमुख केंद्र बन रहा है।” गडकरी ने दोहराया कि भारत हरित तकनीकों को अपनाकर प्रदूषण कम करने, आयात लागत घटाने और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। Read more: अब ChatGPT पर Free में बनेगी Ghibli इमेज, ट्रेंड वायरल पर Sam Altman ने की बड़ी घोषणा, जानें तरीका “पहले लोग विश्वास नहीं करते थे”गडकरी ने याद किया कि जब उन्होंने पहली बार इलेक्ट्रिक वाहनों और ई-बाइक्स के बारे में बात की थी, तो लोगों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया था। उन्होंने कहा, “जब मैंने इलेक्ट्रिक कार और ई-बाइक की बात की थी, तो लोग हंसते थे, लेकिन आज हालात बदल चुके हैं।” उन्होंने बताया कि हाल ही में टाटा ने हाइड्रोजन सेल से चलने वाले ट्रक पेश किए हैं, जो भारत में उन्नत तकनीक और नवाचार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। गडकरी ने कहा कि अत्याधुनिक तकनीक, युवा इंजीनियरों की प्रतिभा और कृषि नवाचारों के मेल से भारत वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बना रहेगा। recent visitors 115

आयुष्मान कार्ड से अब इन अस्पतालों में नहीं होगा इलाज, 600 से अधिक प्राइवेट अस्पतालों ने छोड़ दी योजना

 नई दिल्ली साल 2018 में शुरू हुई भारत सरकार की महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य योजना, आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) को लेकर एक बड़ी जानकारी सामने आई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस योजना के शुरू होने के बाद से अब तक 600 से अधिक प्राइवेट अस्पतालों ने स्वेच्छा से इससे बाहर होने का फैसला किया है। इन अस्पतालों ने देरी से भुगतान और कम रिम्बर्समेंट रेट जैसे कारणों का हवाला देते हुए योजना से खुद को अलग कर लिया है। सबसे ज्यादा गुजरात के अस्पताल हुए बाहर आयुष्मान भारत योजना से खुद को अलग करने वाले प्राइवेट अस्पतालों में सबसे ज्यादा गुजरात राज्य से हैं। यहां 233 अस्पतालों ने योजना से बाहर होने का फैसला किया। इसके बाद केरल में 146 और महाराष्ट्र में 83 अस्पतालों ने भी इसी तरह का कदम उठाया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव द्वारा राज्यसभा में शेयर किए गए आंकड़ों के अनुसार, कुल 609 प्राइवेट अस्पताल अब तक इस योजना से बाहर हो चुके हैं। यह स्थिति उस योजना के लिए चिंता का विषय बन गई है, जिसका उद्देश्य देश के 10 करोड़ परिवारों या लगभग 50 करोड़ लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करना है। निजी अस्पतालों की शिकायतें निजी अस्पतालों का कहना है कि योजना के तहत निर्धारित कम दरें और भुगतान में होने वाली देरी उनके लिए कामकाज को मुश्किल बना रही हैं। कई अस्पतालों ने दावा किया है कि राज्य सरकारों द्वारा समय पर फंड जारी न करने के कारण उनको समय पर पैसे नहीं मिले, जिससे वे इस योजना में भागीदारी जारी रखने में असमर्थ हो रहे हैं। उदाहरण के तौर पर, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की हरियाणा इकाई के तहत फरवरी में सैकड़ों निजी अस्पतालों ने योजना के तहत सेवाएं बंद करने की घोषणा की थी, क्योंकि वहां 400 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान बकाया था। इसके बाद, पंजाब और जम्मू-कश्मीर में भी निजी अस्पताल और नर्सिंग होम एसोसिएशन ने इसी तरह की निलंबन की मांग की। छत्तीसगढ़ और गुजरात जैसे राज्यों में कुछ ट्रीटमेंट पैकेज केवल सरकारी अस्पतालों के लिए आरक्षित होने और सरकारी अस्पतालों से कोई रेफरल न मिलने के कारण भी निजी अस्पताल इससे बाहर निकल रहे हैं। स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने राज्यसभा में पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) ने अंतर-राज्यीय अस्पतालों के लिए क्लेम दाखिल करने के 15 दिनों के भीतर और पोर्टेबिलिटी अस्पतालों (राज्य के बाहर स्थित) के लिए 30 दिनों के भीतर अस्पतालों को क्लेम का भुगतान करने के लिए दिशा-निर्देश निर्धारित किए हैं। योजना का उद्देश्य और वर्तमान स्थिति आयुष्मान भारत योजना को 23 सितंबर, 2018 को झारखंड के रांची में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लॉन्च किया गया था। यह योजना गरीब और कमजोर परिवारों को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का मुफ्त स्वास्थ्य बीमा प्रदान करती है। योजना में शुरू में लगभग 10.74 करोड़ गरीब और कमजोर परिवार शामिल थे, जो 2011 की सामाजिक आर्थिक और जाति जनगणना (SECC) के अनुसार भारत की आबादी के निचले 40 प्रतिशत हैं। बाद में जनवरी 2022 में लाभार्थी आधार को संशोधित कर 55.0 करोड़ व्यक्तियों या 12.34 करोड़ परिवारों तक कर दिया गया। अकेले 2024 में, इस योजना का विस्तार करके 37 लाख आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और उनके परिवारों को मुफ्त स्वास्थ्य सेवा लाभ के लिए कवर किया गया, और साल के अंत में सरकार ने 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के लगभग 6 करोड़ वरिष्ठ नागरिकों को इसमें शामिल करने की घोषणा की। बाद में, ओडिशा और दिल्ली PMJAY में शामिल होने वाले 34वें और 35वें राज्य या केंद्र शासित प्रदेश (UT) बन गए, जिससे इस योजना के तहत 70 लाख से अधिक परिवार और जुड़ गए। सरकार का जवाब सरकार का कहना है कि वह इस समस्या को हल करने के लिए कदम उठा रही है। हरियाणा में आयुष्मान भारत की संयुक्त सीईओ अंकिता अधिकारी ने हाल ही में कहा था कि फंड जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और एक सप्ताह के भीतर स्थिति को संभाल लिया जाएगा। इसके अलावा, केंद्र सरकार ने निजी अस्पतालों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पैकेज दरों की समीक्षा और भुगतान प्रक्रिया को तेज करने की बात कही है। आगे की चुनौतियां हालांकि योजना ने अब तक कई करोड़ मरीजों को लाभ पहुंचाया है और करीब 36 करोड़ लोगों को आयुष्मान कार्ड जारी किए गए हैं, लेकिन निजी अस्पतालों का बाहर होना इसके भविष्य के लिए खतरा बन सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर भुगतान प्रणाली में सुधार नहीं किया गया, तो और भी अस्पताल इस योजना से बाहर हो सकते हैं, जिसका सबसे अधिक नुकसान गरीब और जरूरतमंद मरीजों को होगा। आयुष्मान भारत योजना को लेकर उठ रहे इन सवालों के बीच सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह सुनिश्चित करना है कि निजी क्षेत्र की भागीदारी बनी रहे और गरीबों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच प्रभावित न हो। इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाने की जरूरत है, ताकि यह योजना अपने मूल उद्देश्य को पूरा कर सके। recent visitors 50

अब ChatGPT पर Free में बनेगी Ghibli इमेज, ट्रेंड वायरल पर Sam Altman ने की बड़ी घोषणा, जानें तरीका

Ghibli trend photo is not just

Now Ghibli images in ChatGPT can be created for free on ChatGPT, Sam Altman made a big announcement on the trend going viral, know how OpenAI का ChatGPT अभी काफी चर्चा में है. इससे Studio Ghibli स्टाइल की इमेज जनरेशन की बाढ़ आ गई है. कंपनी के नेटिव इमेज जेनरेशन फीचर रोलआउट करने के बाद से ही यूजर्स AI से फोटो को बनवा रहे हैं. Studio Ghibli को वायरल ट्रेंड बन चुका है. Now Ghibli images in ChatGPT कंपनी ने बताया कि Studio Ghibli की वजह से महज एक घंटे में 10 लाख नए यूजर्स जुड़ गए. Sam Altman ने X पर ऐलान किया, “ChatGPT का लॉन्च 26 महीने पहले सबसे पागलपन भरे वायरल मोमेंट्स में से एक था, जब हमने 5 दिन में 10 लाख यूजर्स जोड़े थे. अब पिछले एक घंटे में ही 10 लाख यूजर्स और जुड़ गए.” उन्होंने आगे कहा, “अब इमेज जेनरेशन फ्री यूजर्स के लिए भी रोलआउट हो गया है.” यानी यूजर्स फ्री में ChatGPT से Ghibli Style Image बनवा सकते हैं. आपको बता दें कि 26 मार्च 2025 को OpenAI ने ChatGPT Plus, Pro और Team यूजर्स के लिए यह फीचर लॉन्च किया था. जापान के मशहूर Studio Ghibli स्टाइल आर्टवर्क ने सोशल मीडिया यूजर्स को इतना इंप्रेस किया कि लोग अपनी तस्वीरों को पॉपुलर ऐनिमे फिल्म्स की स्टाइल में बदलने लगे. हालांकि, फ्री यूजर्स के लिए यह फीचर कुछ देरी के बाद आज यानी 1 अप्रैल 2025 को आया है. Now Ghibli images in ChatGPT Read more: लाइफस्टाइल- गर्मियों में फायदेमंद गन्ने का जूस: लू से बचाए, शरीर को रखे हाइड्रेटेड, डाइटीशियन से जानें किन्हें नहीं पीना चाहिए ChatGPT पर फ्री में बनेगी Ghibli Style इमेजआपको बता दें कि अभी Ghibli Style Image की धूम मची हुई है. सभी अपनी Ghibli Style Image बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहे हैं. ChatGPT के फ्री ना होने पर यूजर्स इसके अल्टरनेटिव से अपनी Ghibli Style फोटो बनवा रहे हैं. लेकिन, अब इसके फ्री होने के बाद यूजर्स ChatGPT से ही Ghibli Style इमेज बनवा सकते हैं. आपको बस ChatGPT में अपना अकाउंट बनाना होगा. इसके बाद आप अपनी फोटो को इसमें अपलोड करके Ghibli Style में कन्वर्ट करने का कमांड दे सकते हैं. इसके बाद यह आपकी इमेज को Ghibli Style में बदल देगा. हालांकि, फ्री होने की वजह से इस पर थोड़ी लिमिट हो सकती है. Now Ghibli images in ChatGPT Studio Ghibli से OpenAI को फायदा आपको बता दें ति OpenAI ने ChatGPT को नवंबर 2022 में लॉन्च किया था. यह एक कन्वर्सेशनल AI टूल था, जो टेक्स्ट प्रॉम्प्ट्स लेकर इंसानों जैसे जवाब देता है. अब इमेज जेनरेशन जैसे फीचर्स के साथ ये और भी पावरफुल हो गया है. अब Studio Ghibli स्टाइल इमेज ने ChatGPT को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया, लेकिन OpenAI के सामने अब सिस्टम को स्टेबल रखने और बिजनेस वैल्यू देने की चुनौती है recent visitors 232