यूपी में महंगी होगी बिजली, मल्टी ईयर टैरिफ डिस्ट्रीब्यूशन रेगुलेशन-2025 को अंततः जारी किया

लखनऊ प्रदेश में अब बिजली महंगी होने का रास्ता साफ हो गया है। उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने पांच वर्षों तक बिजली की दरों को तय करने संबंधी मल्टी ईयर टैरिफ डिस्ट्रीब्यूशन रेगुलेशन-2025 को अंततः जारी कर दिया है। नए रेगुलेशन के तहत अगले वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए आयोग बिजली की दरों को तय करने की अब प्रक्रिया शुरू करेगा। माना जा रहा है कि पावर कारपोरेशन की बिजली कंपनियों द्वारा चार माह पहले दाखिल किए गए 1.16 लाख करोड़ रुपये के एआरआर (वार्षिक राजस्व आवश्यकता) संबंधी प्रस्ताव को आयोग जल्द ही स्वीकार कर जनसुनवाई करेगा। नियमानुसार प्रस्ताव स्वीकारने के अधिकतम 120 दिनों में आयोग को नई बिजली की दरें घोषित करनी होती है। मौजूदा बिजली की दरों से एआरआर में 13 हजार करोड़ रुपये के दिखाए गए घाटे को देखते हुए साढ़े पांच वर्ष बाद 15 से 20 प्रतिशत तक बिजली की दरों में इजाफा होने का अनुमान लगाया जा रहा है। सभी उपभोक्ताओं के यहां अभी स्मार्ट मीटर न लग पाने के कारण दिन-रात बिजली की दरें फिलहाल एक समान ही रहेंगी।   आयोग द्वारा जनसुनवाई के बाद तैयार किया गया मल्टी ईयर टैरिफ डिस्ट्रीब्यूशन रेगुलेशन-2025, अगले वित्तीय वर्ष 2025-26 की पहली अप्रैल से अगले पांच वर्ष यानी 2029 तक लागू रहेगा। इस संबंध में राज्य सरकार द्वारा जल्द ही अधिसूचना जारी कर दी जाएगी।   बिजली कंपनियों के एआरआर को ध्यान में रखते हुए बिजली की दरों का निर्धारण नियामक आयोग रेगुलेशन के तहत ही करता है। आयोग द्वारा नए रेगुलेशन के मसौदे में भविष्य के निजीकरण का प्रविधान था लेकिन जनसुनवाई के दौरान विद्युत उपभोक्ता परिषद द्वारा इस पर उठाई गई आपत्तियों का नतीजा रहा कि लागू किए गए नए रेगुलेशन में भविष्य के निजीकरण की कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में 42 जिलों की बिजली व्यवस्था को निजी हाथों में सौंपने संबंधी राह फिलहाल कठिन हो गई है। नए रेगुलेशन में कहा गया है कि पावर कारपोरेशन के प्रस्ताव पर ही आयोग रात-दिन के लिए बिजली की अलग-अलग दरें तय करेगा। अप्रैल से देश में रात-दिन का टैरिफ लागू उल्लेखनीय है कि भारत सरकार ने पहली अप्रैल से देश में रात-दिन का टैरिफ लागू करने को कह रखा है लेकिन पावर कारपोरेशन प्रबंधन पहले ही आयोग से कह चुका है कि वर्ष 2027-28 तक इसे प्रदेश में लागू करना मुश्किल है। कारण है कि सभी उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने में अभी दो वर्ष लगने की उम्मीद है। बिना स्मार्ट मीटर के रात-दिन के लिए अलग-अलग दरों को व्यवस्था को नहीं लागू किया जा सकता। उद्योगों की तरह घरेलू सहित अन्य उपभोक्ताओं की बिजली के मामले में टीओडी (टाइम आफ डे) टैरिफ की व्यवस्था लागू होने पर 24 घंटे बिजली की दर एक समान न होकर अलग-अलग समय में कम-ज्यादा होती है। यह मौजूदा दर से 10 से 20 प्रतिशत तक महंगी या सस्ती हो सकती है। चूंकि आयोग ने नए रेगुलेशन में केंद्र सरकार व केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के सभी नियम-कानून को शामिल किया है इसलिए आरडीएसएस (संशोधित वितरण क्षेत्र योजना) के तहत तय ज्यादा लाइन हानियों का खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ेगा। बिजली चोरी के चलते लाइन हानियां के एवज में दरें बढ़ने पर कंपनियों को फायदा होगा। हालांकि, नए रेगुलेशन में कंपनियां के वास्तविक खर्चे को ही आयोग मंजूरी देगा। उतनी ही बिजली खरीदी जा सकेगी जितनी आयोग ने अनुमन्य की होगी। बिजली कंपनियों के मनमाने खर्चे पर अंकुश लगने से उनकी वित्तीय स्थिति में अब सुधार की उम्मीद भी जताई जा रही है। बिजली दरों में बढ़ोतरी से लेकर निजीकरण का करेंगे विरोध वर्मा उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा का कहना है कि नियामक आयोग ने नए रेगुलेशन से बिजली महंगी होने का रास्ता खोल दिया है लेकिन दरों में बढ़ोतरी को रोकने के लिए उपभोक्ता परिषद संघर्ष करेगा। वर्मा ने कहा नए रेगुलेशन से बिजली कंपनियों पर उपभोक्ताओं के निकलने वाले 33,122 करोड़ रुपये के सरप्लस में कमी आएगी क्योंकि अब बिजली चोरी का खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ेगा। परिषद अध्यक्ष के अनुसार बिजली कंपनियों के मौजूदा वार्षिक राजस्व आवश्यकता के आकलन से उपभोक्ताओं पर बिजली कंपनियों का तीन से चार हजार करोड़ रुपये सरप्लस निकलने का अनुमान है। विदित हो कि पूर्व में आयोग ने बिजली चोरी से कारपोरेशन को होने वाले नुकसान की भरपाई उपभोक्ताओं से करने पर रोक लगा दी थी। परिषद अध्यक्ष ने कहा कि रात-दिन के लिए अलग बिजली दर को अभी दो-तीन वर्ष पावर कारपोरेशन ही लागू करने की स्थिति में नहीं है। जब कारपोरेशन इस संबंध में आयोग में प्रस्ताव दाखिल करेगा तब विरोध करेंगे क्योंकि इससे गरीब उपभोक्ताओं को ज्यादा नुकसान होगा।   recent visitors 47

जस्टिस वर्मा के इलाहाबाद हाई कोर्ट में ट्रांसफर का नोटिफिकेशन जारी, नहीं काम आया विरोध

नई दिल्ली कैशकांड विवाद के बीच केंद्र सरकार ने दिल्ली हाई कोर्ट के जज यशवंत वर्मा का ट्रांसफर करने का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। जस्टिस वर्मा का दिल्ली हाई कोर्ट से इलाहाबाद हाई कोर्ट ट्रांसफर किया गया है। जस्टिस वर्मा का ट्रांसफर किए जाने का इलाहाबाद हाई कोर्ट के वकील विरोध कर रहे हैं। होली वाले दिन जस्टिस वर्मा के दिल्ली स्थित घर में आग लग गई थी, जिसके बाद वहां से बड़ी मात्रा में नकदी मिली थी। मामला सामने आने के बाद जांच की मांग की गई थी। सुप्रीम कोर्ट इस पूरे मामले में इन हाउस जांच करवा रहा है। साथ ही, कॉलेजियम ने जस्टिस वर्मा का ट्रांसफर भी कर दिया था, जिसको लेकर आज सरकार ने अधिसूचना भी जारी कर दी। जस्टिस वर्मा से इलाहाबाद हाई कोर्ट जाकर कार्यभार संभालने के लिए कहा गया है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस यशवंत वर्मा के राष्ट्रीय राजधानी में स्थित सरकारी आवास पर 14-15 मार्च की रात आगजनी की घटना के दौरान कथित रूप से बेहिसाब धन मिलने के मामले में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए पुलिस को निर्देश देने की गुहार वाली याचिका पर विचार करने से शुक्रवार को इनकार कर दिया। जस्टिस अभय एस ओका और जस्टिस उज्जल भुइयां की पीठ ने यह कहते हुए याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया कि इन-हाउस जांच पूरी हो जाने बाद सभी रास्ते खुले हैं। पीठ ने कहा कि चूंकि इन-हाउस जांच चल रही है, इसलिए इस स्तर पर इस रिट याचिका पर विचार करना उचित नहीं होगा। अगर जरूरत पड़ी तो देश के मुख्य न्यायाधीश प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दे सकते हैं। गौरतलब है कि शीर्ष अदालत ने 22 मार्च को इस मामले की जांच के लिए उच्च न्यायालय के तीन न्यायाधीशों की एक समिति गठित की थी, जो अपना काम कर रही है। पीठ ने याचिकाकर्ता मैथ्यूज जे नेदुम्परा से पूछा, ''हमने अर्जी देखी है कि हमें इस स्तर पर इस पर क्यों विचार करना चाहिए।'' याचिकाकर्ता ने कहा कि जांच देश का काम नहीं है और आम जनता पूछता रहता है कि 14 मार्च को कोई प्राथमिकता क्यों दर्ज नहीं की गई। आग के दौरान कथित तौर पर मिले रुपये क्यों जब्त नहीं किए गए और दिल्ली फायर चीफ ने क्यों कहा कि कोई रुपया बरामद नहीं हुआ। हालांकि, अदालत तमाम दलीलें सुनने के बाद याचिका पर फिलहाल विचार करने से इनकार कर दिया। recent visitors 49

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा- क्षेत्र के विकास के लिए एकजुट होकर प्रयास करें तो सभी कार्य सफल होते है

भोपाल उप मुख्यमंत्री एवं शहडोल जिले के प्रभारी मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने शहडोल जिले के धनपुरी नगर पालिका क्षेत्र में नगर पालिका द्वारा 25 करोड़ रुपए की लागत से 10.30 एकड़ भूमि में वाटर पार्क निर्माण व अन्य विकास कार्यों का निरीक्षण किया। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए एकजुट होकर प्रयास करें तो सभी कार्य सफल होते है। उन्होंने कहा कि धनपुरी नगर पालिका द्वारा बनाए जा रहे वॉटर पार्क, स्विमिंग पुल व अन्य विकास कार्यों से धनपुरी के लोग ही नहीं बल्कि शहडोल संभाग के लोग भी इससे लाभांवित होंगे। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि धनपुरी नगर पालिका सशक्त नगर पालिका है और इसे अधिक विकसित करने का संकल्प लें और उसे पूरा करें। धनपुरी नगर पालिका क्षेत्र के अंतर्गत 25 करोड़ की लागत से बनाए जाने वाले लगभग 10.30 एकड़ भूमि में वाटर पार्क, स्विमिंग पूल, क्लब हाउस, रैन डांस, रेस्टोरेंट, पार्किंग व अन्य विकास कार्य किए जाएंगे। विधायक श्री जयसिंह मरावी, विधायक श्रीमती मनीषा सिंह, अध्यक्ष नगर पालिका धनपुरी श्रीमती रविंदर कौर सहित स्थानीय जन प्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।   recent visitors 47

रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के शोध शिखर विज्ञान पर्व 2025 में प्रमुख वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने साझा किए विचार

भोपाल रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय और सहयोगी संस्थाओं द्वारा अंतर्राष्ट्रीय शोध और नवाचार सम्मेलन शोध शिखर 2025 का भव्य शुभारंभ हुआ। इस वर्ष इस कार्यशाला का विषय ‘विकसित भारत-नया भारत' है। इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि श्री अतुल कोठारी, राष्ट्रीय सचिव, शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास उपस्थित रहे। साथ ही विशिष्ट अतिथि के तौर पर डॉ. नम्रता पाठक, वैज्ञानिक-जी, एनजीपी और एसएमपी, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय (DST), डॉ. अरविन्द रानाडे, नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन, अहमदाबाद, डॉ. अमिताभ मिश्रा, डीजेएम और हेड (बायो-फार्मा), राष्ट्रीय अनुसंधान विकास निगम उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री संतोष चौबे ने की। कार्यक्रम की भूमिका प्रस्तुत करते हुए डॉ. रचना चतुर्वेदी ने बताया कि शोध शिखर युवाओं को शोध तथा नवाचार के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत तथा अन्य राष्ट्रीय विकास की योजनाओं को जोड़ने की एक अनोखी पहल है।शोध शिखर के अंतर्गत अनुशोधन व नवनिर्माण प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है जिसमें विद्यार्थी व शोधार्थी शोध पत्रों व शोध प्रोजेक्ट प्रस्तुत करते हैं। यह महोत्सव सस्टेनेबल डेवलवमेंट गोल, लोकल टू ग्लोबल, नई शिक्षा नीति, डिजिटल इंडिया, स्किल इंडिया, ग्रीन इंडिया, जैसे राष्ट्रीय मिशन में शोध के माध्यम से योगदान को प्रोत्साहित करने के लिए मंच प्रदान करता है। हम समाज के प्रवाह के साथ चलकर ही समाज को कुछ दे सकते हैं : डॉ. अमिताभ मिश्रा  डॉ. अमिताभ मिश्रा ने अपने उद्बोधन में बताया कि हिक्स कंपनी द्वारा विकसित एक नवाचारी थर्मामीटर जानकारी साझा की। इस थर्मामीटर का उद्देश्य आने वाली पीढ़ी के लिए एक उपयोगी और तकनीकी दृष्टिकोण से प्रभावी समाधान प्रदान करना था। डॉ. मिश्रा ने इस थर्मामीटर के पीछे के विचार को साझा करते हुए कहा, हम समाज के प्रवाह के साथ चलकर ही समाज को कुछ दे सकते हैं। हिक्स कंपनी ने यह थर्मामीटर इस सोच के साथ विकसित किया था कि यह समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सके। ऐसे नवाचारों के माध्यम से हम न केवल तकनीकी क्षेत्र में कदम बढ़ा सकते हैं, बल्कि समाज के हर पहलू में सकारात्मक बदलाव भी ला सकते हैं। कार्यक्रम में रवींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के योगदान को भी सराहा गया, जहां डॉ. मिश्रा ने विश्वविद्यालय के प्रति अपनी उम्मीद व्यक्त की। उन्होंने कहा, "मैं रवींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय में इस स्पार्क को देखता हूँ, और मुझे पूरा यकीन है कि यह विश्वविद्यालय समाज और देश को आने वाले समय में कई महत्वपूर्ण योगदान देगा।" रवींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय का विजन 2047 की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान : श्री अरविंद रानाडे अरविंद रानाडे ने विजन 2047 के संदर्भ में सरकार की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि रवींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है और आने वाले वर्षों में यह विश्वविद्यालय अपने विद्यार्थियों और समाज को सशक्त बनाने के लिए कई नई योजनाओं और पहलुओं पर काम कर रहा है। श्री रानाडे ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा, विजन 2047 केवल एक योजना नहीं, बल्कि एक दृष्टिकोण है, जिसमें हम भारत को अगले 25 वर्षों में एक समृद्ध, आत्मनिर्भर और प्रौद्योगिकियों से लैस राष्ट्र के रूप में देखेंगे। मुझे खुशी है कि रवींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय इस विजन को साकार करने के लिए शिक्षा, अनुसंधान, और नवाचार के क्षेत्रों में लगातार प्रयास कर रहा है। राष्ट्र की उन्नति के लिए युवाओं को रिसर्च और इनोवेशन से जोड़ना होगा : डॉ. नम्रता पाठक श्रीमती नम्रता पाठक ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विभाग विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। उनका मानना है कि वैज्ञानिकों को सहयोग प्रदान करके ही राष्ट्र की उन्नति संभव है। श्रीमती नम्रता पाठक ने कहा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) देश के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह विभाग विभिन्न योजनाओं के माध्यम से युवा वैज्ञानिकों को प्रेरित कर रहा है और उन्हें रिसर्च और इनोवेशन के क्षेत्र में अवसर प्रदान कर रहा है।" उन्होंने यह भी बताया कि DST के कई कार्यक्रम युवाओं को नवीनतम शोध, तकनीकी विकास और नवाचार के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं, जो आने वाले समय में देश के लिए बेहद फायदेमंद साबित होंगे। शोध के लिए विचार प्रक्रिया और अनुसंधान में मातृभाषा को महत्व देना चाहिए: डॉ अतुल कोठारी डॉ. अतुल कोठारी ने अपने उद्बोधन में शोध और शिक्षा के लिए मातृभाषा के महत्व पर जोर दिया। उनके अनुसार, जब शोधकर्ता अपनी मातृभाषा में विचार करते हैं और लिखते हैं, तो वे अपने विचारों को अधिक स्पष्ट और सटीक रूप से व्यक्त कर पाते हैं, जिससे अनुसंधान का स्तर और प्रभाव बढ़ता है। डॉ. कोठारी ने यह भी कहा कि मातृभाषा को अनुसंधान की प्रक्रिया में शामिल करने से न केवल विचारों की स्पष्टता बढ़ती है, बल्कि यह भी सुनिश्चित होता है कि समाज के विभिन्न वर्गों तक शोध का प्रभाव पहुंचे। उनके मुताबिक, शोधकर्ताओं के लिए अपनी मातृभाषा में अनुसंधान करना और उसे साझा करना एक महत्वपूर्ण कदम है, जो न केवल व्यक्तिगत समझ को सशक्त बनाता है, बल्कि समाज में विज्ञान और ज्ञान के प्रसार को भी बढ़ावा देता है। recent visitors 53

महिला के साथ कार में आपत्तिजनक स्थिति में पाए गए कॉन्स्टेबल, आपत्तिजनक वीडियो वायरल, SP ने कर दिया सस्पेंड

नई दिल्ली राजस्थान के जालौर जिले में एक पुलिस कांस्टेबल का महिला के साथ आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने के बाद उसे निलंबित कर दिया गया है। यह घटना सरवाना पुलिस थाने में तैनात कांस्टेबल हनुमान राम से जुड़ी है, जो एक महिला के साथ कार में आपत्तिजनक स्थिति में पाए गए। जानकारी के मुताबिक, महिला कॉन्सटेबल की गर्लफ्रेंड बताई जा रही है। गुड़ामालानी क्षेत्र के एक गांव में हाइवे किनारे खड़ी स्विफ्ट कार में संदिग्ध गतिविधियों को देखकर ग्रामीणों को शक हुआ। जब वे पास पहुंचे, तो उन्होंने कांस्टेबल और महिला को आपत्तिजनक हालत में पाया। ग्रामीणों ने इस घटना के वीडियो बना लिए और हंगामा किया। SP ने कर दिया सस्पेंड वीडियो वायरल होने के बाद, जालौर के पुलिस अधीक्षक ज्ञानचंद यादव ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कांस्टेबल हनुमान राम को तत्काल निलंबित कर दिया। इसके साथ ही, सांचौर के डिप्टी एसपी कांबले शरण गोपीनाथ को मामले की जांच सौंपी गई है।   इस घटना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और विभाग की छवि पर सवाल उठे हैं। कांस्टेबल हनुमान राम करीब चार साल पहले उदयपुर से जालौर स्थानांतरित हुए थे और विभिन्न थानों में तैनात रहे हैं। फिलहाल वे सांचौर के सरवाना थाने के अंतर्गत डूंगरी पुलिस चौकी में पदस्थ थे। यह पहली बार नहीं है जब पुलिसकर्मियों से जुड़ी आपत्तिजनक वीडियो वायरल हुई है। पहले भी सोशल मीडिया पर धोखाधड़ी और अश्लील वीडियो के मामलों में पुलिसकर्मी संलिप्त पाए गए हैं, जिससे विभाग की साख पर असर पड़ा है। recent visitors 50

सिलीगुड़ी में रोजगार की मांग करते हुए DYFI का विरोध प्रदर्शन, पुलिस ने दागे आंसू गैस गोले, लाठीचार्ज भी किया

सिलीगुड़ी पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी से एक बड़ी खबर सामने आई है। यहां पर डीवाईएफआई कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प देखने को मिली है। बताया जा रहा है कि डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीवाईएफआई) के कार्यकर्ताओं ने राज्य में भ्रष्टाचार बढ़ने का आरोप लगाया है और इसके खिलाफ मोर्चा खोला है। डीवाईएफआई कार्यकर्ता शुक्रवार को राज्य में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए और रोजगार की मांग करते हुए उत्तरकन्या की ओर विरोध मार्च निकाल रहे थे। इस मार्च को रोकने के लिए पुलिस ने कई जगहों पर बैरिकेडिंग की। डीवाईएफआई कार्यकर्ताओं पर दागे गए आंसू गैस के गोले कार्यकर्ताओं ने पहले ही इस प्रदर्शन को लेकर चेतावनी दी थी। पुलिस ने कार्यकर्ताओं को उत्तरकन्या तक जाने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की थी। जब कार्यकर्ता पुलिस की बैरिकेडिंग पर नहीं रूके तो सुरक्षाकर्मियों ने डीवाईएफआई कार्यकर्ताओं को तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछारें और आंसू गैस के गोले दागे। ये कार्यकर्ता राज्य में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए और रोजगार की मांग करते हुए उत्तरकन्या, मिनी सचिवालय की ओर विरोध मार्च निकाल रहे थे। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेड्स लगा दिए। प्रदर्शनकारियों ने क्या कहा? DYFI द्वारा किए जा रहे विरोध मार्च पर एक प्रदर्शनकारी रत्ना चौबे ने कहा कि युवा शांतिपूर्ण मार्च निकाल रहे थे। हम उनके साथ मौजूद थे। जिस तरह से पुलिस ने लाठीचार्ज किया। पुरुष पुलिसकर्मियों ने महिला प्रदर्शनकारियों को पीटा। DYFI की मीनाक्षी को गिरफ्तार किया गया। हमारी तरफ से कोई हिंसा नहीं हुई, यह सब शांतिपूर्ण था। युवा बेरोजगारी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। पुलिस को इस बारे में जानकारी थी, लेकिन उन्हें रोक दिया गया। पश्चिम बंगाल में भ्रष्टाचार एक बड़ा मुद्दा है। जल्द शुरू होगी आवाजाही उल्लेखनीय है कि डीवाईएफआई के विरोध मार्च पर सिलीगुड़ी मेट्रोपॉलिटन पुलिस के डीसीपी राकेश सिंह ने कहा कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। अब स्थिति शांतिपूर्ण है। यातायात की नियमित आवाजाही जल्द ही फिर से शुरू हो जाएगी। recent visitors 28

सीएसके ने आरसीबी के खिलाफ जीता टॉस, पहले गेंदबाजी करने का लिया फैसला, प्लेइंग XI में हुए ये बदलाव

नई दिल्ली चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) वर्सेस रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) आईपीएल 2025 का 8वां मुकाबला चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेला जा रहा है। ऋतुराज गायकवाड़ ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया है। सीएसकी की प्लेइंग XI में एक बदलाव हुआ है। नाथन एलिस की जगह मथीशा पथिराना टीम में आए हैं। वहीं आरसीबी में भुवनेश्वर कुमार की टीम में एंट्री हुई है। उनके आने से रसीख सलाम को बाहर बैठना होगा। दोनों ही टीमें अपना-अपना पहला मुकाबला जीतकर यहां पहुंची है, ऐसे में चेन्नई और बेंगलुरु दोनों की नजरें जीत की लय बरकरार रखने पर होगी। आरसीबी ने ओपनिंग मुकाबले में केकेआर को पटखनी दी थी, वहीं सीएसके ने अपने पहले मैच में एमआई को हराया है। आईपीएल 2025 पॉइंट्स टेबल में आरसीबी पहले तो सीएसके चौथे पायदान पर है। भुवनेश्वर कुमार भी चोट से परेशान भुवनेश्वर कुमार चोट के कारण सीजन के पहले मैच में नहीं खेल पाए थे। दिनेश कार्तिक ने खुलासा किया कि भुवनेश्वर कुमार ने मैच से दो दिन पहले गेंदबाजी की और उन्हें अच्छा महसूस हुआ। भुवनेश्वर ने मैच की पूर्व संध्या पर थोड़ी देर गेंदबाजी भी की। हालांकि, आरसीबी उनके साथ कोई जल्दबाजी नहीं करना चाहेगी। आरसीबी की संभावित XI विराट कोहली, फिल साल्ट (विकेटकीपर), देवदत्त पडिक्कल, रजत पाटीदार (कप्तान), लियाम लिविंगस्टोन, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), टिम डेविड, क्रुणाल पंड्या, रसिख डार, यश दयाल, जोश हेजलवुड, सुयश शर्मा सीएसके की संभावित XI राहुल त्रिपाठी, रचिन रवींद्र, रुतुराज गायकवाड़ (कप्तान), शिवम दुबे, दीपक हुडा, रवींद्र जड़ेजा, सैम कुरेन, एमएस धोनी (विकेटकीपर), रविचंद्रन अश्विन, नाथन एलिस, नूर अहमद, खलील अहमद recent visitors 39