‘सुरक्षा एवं सुगमता का संकल्प समारोह’ से सीएम शर्मा ने 150 नए पुलिस वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरूवार को राजस्थान दिवस कार्यक्रम श्रृंखला के तहत जवाहर सर्किल पर आयोजित कार्यक्रम ‘सुरक्षा एवं सुगमता का संकल्प समारोह’ से 150 नए पुलिस वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। राज्य सरकार प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसके लिए पुलिस बल को तमाम आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसी क्रम में पुलिस बल में शामिल हुए इन नए वाहनों से राज्य में आमजन के लिए सुरक्षा तंत्र को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों का किया हौसला अफजाई कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों से मिलकर उनका हौसला अफजाई किया। उन्होंने प्रत्येक पुलिसकर्मी से व्यक्तिशः मुलाकात कर कुशलक्षेम पूछी। इस दौरान शर्मा ने पुलिस बेण्ड सहित सभी पुलिस बल के साथ सामूहिक फोटो भी खिंचवाई। पुलिस कार्मिकों का मुख्यमंत्री द्वारा हौसला अफजाई करने पर मनोबल बढ़ा तथा वे बेहद उत्साहित नजर आए। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक यू. आर. साहू, अतिरिक्त मुख्य सचिव आनंद कुमार, महानिदेशक साइबर क्राइम हेमंत प्रियदर्शी, महानिदेशक इन्टेलिजेंस संजय अग्रवाल, महानिदेशक टी.एन.टी. अनिल पालीवाल सहित पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण एवं पुलिस कार्मिक मौजूद रहे। recent visitors 51

HRTC में शामिल होंगी 324 सुपर लग्जरी बसें, हिमाचल सरकार ने दी मंजूरी, नहीं करना होगा इंतजार

शिमला हिमाचल के लोगों के लिए एक खुशखबरी है। हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के बेड़े में जल्द ही 297 इलेक्ट्रिक बसें (HRTC New Buses) शामिल होगी। गुरुवार को आयोजित निदेशक मंडल (बीओडी) की बैठक में बस खरीद को मंजूरी देकर वर्क ऑर्डर जारी करने के निर्देश दिए हैं। निगम इस बार जो बसें खरीदेगा उसकी मरम्मत (एएमसी) का कार्य भी संबंधित कंपनी 12 साल तक करेगी। निगम ने टेंडर में इसका प्रविधान किया था। इसके चलते निगम को बसें महंगी पड़ रही है। जो बस 1.25 करोड़ में पड़नी थी वह एमएमसी के तहत 1.71 करोड़ में पड़ेगी। लेकिन निगम को इसका फायदा मिलेगा, क्योंकि बसें खराब होने की सूरत में उन्हें ज्यादा खर्च वहन करना पड़ रहा है। पहले निगम के पास जो ई बसें हैं उसमें यह प्रविधान नहीं था। जिसके चलते इसके पार्ट्स को विदेश से मंगवाना पड़ रहा था जो काफी मंहगा पड़ रहे थे। सरकार के इस कदम से यात्रियों को मदद मिलेगी। वहीं, बसों के अंदर पैनिक बटन, स्वचालित दरवाजें और एसी इत्यादि की व्यवस्था भी होगी। 24 सुपर लग्जरी बसों का वर्क ऑर्डर जारी सरकार नाबार्ड की मदद से बसों की खरीद को पैसा जारी करेगी। निदेशक मंडल ने 24 सुपर लग्जरी बसों का वर्क आर्डर जारी करने को भी मंजूरी दे दी है। यह बस 1.52 करोड़ की लागत से निगम खरीदेगा। सभी बसें बीएस-6 श्रेणी की होगी। शनिवार को होने वाली राज्य मंत्रिमंडल की बैठक को यह मामले भेजे जाएंगे। बसों के लिए किया आवेदन बैठक में निगम में बसों की खरीद को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। अधिकारियों ने उप-मुख्यमंत्री को बताया कि 250 डीजल बसों के लिए दो अशोका लीलेंड और टाटा दो ही कंपनियां आगे आई है। 100 मिनी मिडी (Himachal New Buses) बसों के लिए एक ही कंपनी ने आवेदन किया है। निदेशक मंडल ने निर्णय लिया है कि नई शर्तों के साथ चैसी बिल्ड कंपनियों के साथ बात की जाएगी और उनसे टेंडर मंगवाए जाएंगे। यदि बात बनी तो एचआरटीसी  (HRTC New Buses) इनकी चैसी खरीदेगा और बॉडी खुद बनवाएगा। बैठक में उपाध्यक्ष अजय वर्मा, अतिरिक्त मुख्य सचिव परिवहन आरडी नजीम, निगम के प्रबंध निदेशक डॉ. निपुण जिंदल सहित अन्य अधिकारी व निदेशक मंडल के सदस्य मौजूद रहे। recent visitors 68

दक्षिण कोरिया के जंगल में नहीं थम रही आग ने भारी तबाही मचाई है और लगभग 36,000 हेक्टेयर जंगल जलकर खाक

सोल दक्षिण कोरिया के दक्षिण-पूर्वी प्रांत नॉर्थ ग्योंगसांग में लगी अब तक की सबसे बड़ी जंगल की आग पर काबू पाने के लिए अग्निशमन कर्मी हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस आग में अब तक 26 लोगों की मौत हो चुकी है और 30 अन्य लोग घायल हुए हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले शुक्रवार से इस क्षेत्र में लगी जंगल की आग ने भारी तबाही मचाई है और लगभग 36,000 हेक्टेयर जंगल जलकर खाक हो गया है। यह आग 2000 में पूर्वी तट पर लगी जंगल की आग से लगभग 13,000 हेक्टेयर ज्यादा क्षेत्र को प्रभावित कर रही है। उस समय की आग में 23,794 हेक्टेयर जंगल जल गया था। लगभग 37,000 लोग अपने घरों से बेघर हो गए हैं, जिनमें उत्तरी ग्योंगसांग प्रांत के उइसियोंग और अंडोंग इलाकों के 29,911 लोग शामिल हैं। इससे पहले कार्यवाहक दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति हान डक-सू ने कार्यवाहक आंतरिक मंत्री की-डोंग को उत्तर ग्योंगसांग प्रांत में रहकर आग पर काबू पाने तक प्रभावित लोगों के लिए राहत कार्यों की देखरेख करने का आदेश दिया। हान ने कहा, "यह बहुत चिंता की बात है कि पीड़ितों में से कई बुजुर्ग लोग हैं, जिनमें नर्सिंग अस्पतालों के मरीज भी शामिल हैं।" उन्होंने कहा, "कृपया पीड़ितों की सेहत और सुरक्षा का ध्यान रखें और एक प्रभावी सहायता प्रणाली बनाएं, ताकि आग बुझाने वाले कर्मचारी और स्वयंसेवक थककर जलने से बच सकें।" उत्तरी ग्योंगसांग प्रांत में, अधिकारियों ने जंगली आग को फैलने से रोकने के लिए फिर से प्रयास शुरू कर दिए हैं। योनहाप समाचार एजेंसी के अनुसार, वन अधिकारियों ने सोल से करीब 180 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में उइसियोंग काउंटी में लगी आग पर काबू पाने के लिए शनिवार सुबह 6:30 बजे हेलीकॉप्टर, दमकल गाड़ियां और अग्निशमन कर्मी भेजने शुरू कर दिए। यह आग तेज हवाओं के कारण जल्दी फैल गई। मौसम अधिकारियों के अनुसार, उत्तरी ग्योंगसांग प्रांत में लगभग 5 मिमी बारिश होने की उम्मीद है। प्रांत में लगी आग से 21 लोगों की मौत होने का अनुमान है, जिनमें से चार लोग एंडोंग में मारे गए और आठ लोगों की मौत येओंगदेओक काउंटी में हुई। recent visitors 53

EPFO : UPI पेमेंट से लेकर ATM के इस्तेमाल से निकल निकाल सकेंगे पैसे

नई दिल्ली EPFO यूजर्स के लिए सरकार की तरफ से लगातार नए फैसले लिए जाते हैं। UPI पेमेंट से लेकर ATM के इस्तेमाल तक की योजना बनाई जा रही है। बीते दिनों एक रिपोर्ट आई थी, इसमें दावा किया गया था कि यूजर्स UPI की मदद से 1 लाख रुपए तक का EPFO निकाल सकेंगे। इसके साथ ही ATM की मदद से EPFO निकालने की बात भी कही जा रही थी। अब साफ हो गया है कि सरकार ने इसके लिए काम भी शुरू कर दिया है। साथ ही NPCI से भी बात की जा रही है। EPFO पेमेंट को लेकर योजना बनाई जा रही है। टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए लेबर सचिव सुमिता डावरा ने खुद पुष्टि की है। सुमिता बताती हैं, EPFO की तरफ से इसके लिए योजना बनाई जा रही है और आने वाले महीनों में इसे लागू करने का भी काम पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा, 'ये सभी मेंबर्स के लिए फायदेमंद साबित होने वाला है। वह EPFO अकाउंट भी देख पाएंगे। लेकिन इसमें खास बात होगी कि वह UPI की मदद से EPFO अकाउंट देख पाएंगे। यहीं वह ऑटो क्लेम भी कर सकते हैं। सब्सक्राइबर्स को इसकी मदद से जल्दी अप्रूवल लेने में मदद मिलेगी और पेमेंट भी तुरंत उनके अकाउंट में आ जाएगी।' 1 लाख रुपए तक लिमिट EPFO की तरफ से इसके लिए लिमिट भी तय कर दी गई है। इसके लिए 1 लाख रुपए तक की लिमिट तय की गई है। क्योंकि यूजर्स को जल्द फंड मिल जाएगा और वह इसका इस्तेमाल अलग-अलग चीजों के लिए कर सकते हैं। वह मेडिकल एक्पेंस, हाउसिंग एडवांस, एजुकेशन और शादी के लिए इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।' दरअसल ये पूरा प्रोसेस यूजर्स के लिए फास्ट पोर्टल के लिए बनाया जा रहा है। यानी यूजर्स आसानी से पेमेंट की निकासी कर सकें और उन्हें इसको लेकर कोई परेशानी न हो। EPFO ने बनाया डेटा बेस सुमिता डावरा आगे कहती हैं, 'EPFO ने इसके लिए नया डेटा बेस बना लिया है। हमारा पूरा उद्देश्य UPI को सिस्टम में लाना है। हमें NPCI की तरफ से फीडबैक भी मिल रहा है। EPFO उसी कदम के साथ आगे भी बढ़ रहा है। टेस्टिंग करने के बाद, EPFO क्लेम के लिए हम UPI सिस्टम को दुरुस्त करने पर काम कर रहे हैं। ये सभी मेंबर्स को फायदा दे सकता है। इसकी मदद से EPFO अकाउंट्स को डायरेक्ट देखना भी आसान होने वाला है। ऐसा करने से ये साफ हो जाएगा कि ये सही है या नहीं। सब्सक्राइबर्स को किसी प्रकार की परेशानी भी नहीं होगी। क्योंकि उन्हें जल्दी पैसे मिल पाएंगे।' recent visitors 58

‘बिग बॉस’ पर तत्काल रोक लगाई जाए, अश्लीलता और अभद्र भाषा को बढ़ावा दिया जा रहा: उज्जैन सांसद

उज्जैन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद अनिल फिरोजिया ने बृहस्पतिवार को लोकसभा में कहा कि टेलीविजन के मशहूर रियलिटी शो ‘बिग बॉस’ पर तत्काल रोक लगाई जाए क्योंकि इसमें अश्लीलता और अभद्र भाषा को बढ़ावा दिया जा रहा है जो समाज के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। मध्य प्रदेश के उज्जैन से लोकसभा सदस्य फिरोजिया ने सदन में शून्यकाल के दौरान यह विषय उठाया। उन्होंने कहा, ‘‘बिग बॉस एक ऐसा शो है जिसे भारतीय टीवी पर बड़े पैमाने पर प्रसारित किया जाता है और इसके करोड़ों दर्शक हैं।’’ फिरोजिया ने कहा, ‘‘शुरुआत में यह एक सामान्य रियलिटी शो था, लेकिन बाद में इसमें अश्लीलता और विवादों का स्तर बढ़ गया जो न सिर्फ इसे देखने वालों के लिए, बल्कि समाज के लिए खतरनाक हो सकता है।’’ उन्होंने दावा किया कि शो में अक्सर अभद्र भाषा और विवादों को बढ़ावा दिया जा रहा है तथा कई बार प्रतियोगियों के ‘‘निजी जीवन की गंदगी’’ को दिखाया जाता है। सांसद ने कहा, ‘‘हमारे युवाओं और बच्चों पर इस शो का बहुत गहरा असर हो रहा है।’’ फिरोजिया ने इस शो के प्रस्तोता अभिनेता सलमान खान का नाम लेते हुए कहा, ‘‘मैं मांग करता हूं कि इस शो और ऐसे अन्य शो पर तुरंत रोक लगाई जाए।’’ recent visitors 56

मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा- पंचायतों को स्वावलंबी बनाना सरकार की प्राथमिकता भी है और जिम्मेदारी भी

भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा है कि पंचायतों को स्वावलंबी बनाना सरकार की प्राथमिकता भी है और जिम्मेदारी भी मंत्री श्री पटेल गुरूवार को नरसिंहपुर के सरदार बल्लभ भाई पटेल सभा कक्ष में जिला पंचायत की साधारण सभा की बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में वन नेशनल-वन इलेक्शन के प्रस्ताव को पारित किया गया। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती ज्योति नीलेश काकोड़िया, तेंदूखेड़ा विधायक श्री विश्वनाथ सिंह पटेल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती अनीता राजेन्द्र ठाकुर, पूर्व राज्यमंत्री श्री जालम सिंह पटेल, जनपद पंचायत अध्यक्ष व उपाध्यक्ष, महंत प्रीतमपुरी गोस्वामी, जिला पंचायत सदस्य, अन्य जनप्रतिनिधि, सीईओ जिला पंचायत श्री दलीप कुमार और अन्य जिला अधिकारी मौजूद थे। जल गंगा संवर्धन अभियान मंत्री श्री पटेल ने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में 30 मार्च से जल गंगा संवर्धन अभियान की शुरुआत की जा रही है। इस अभियान का उद्देश्य है कि जल स्रोतों का संरक्षण, पौधरोपण, जल संरचनाओं की सफ़ाई, तालाबों की डिसिल्टिंग जैसे अन्य कार्य किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि हमारी पंचायतों को स्वच्छ और स्वावलम्बी बनाने के लिये यह प्रयास करना होगा कि हम किसी पर निर्भर नहीं रहें। इसके लिए हमें यह देखना होगा कि पेयजल के स्त्रोत स्वच्छ एवं साफ हो। गांव के गंदे पानी की निकासी पृथक से हो। नाली निर्माण इस तरह हो कि उसका पानी स्वच्छ जल को दूषित नहीं करें। हमें अपशिष्ट प्रबंधन की दिशा में गंभीरता से काम करें। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संतुलन के लिये भूमि चिन्हित कर फ़ेंसिंग की जाये, जिससे कि बारिश के पहले पौधा-रोपण के लिये सोच समझकर पौधों का चयन किया जाये। पौधरोपण के दौरान बड़े ही किया जाये। ग्रीष्मकाल को दृष्टिगत रखते हुए जिले में पेयजल संकट के लिए क्या तैयारियां होनी चाहिए। इस बारे में कार्ययोजना बनाकर काम करें। सड़कों का होगा नवीनीकरण मंत्री श्री पटेल ने सड़कों की बेहतर कनेक्टिविटी के लिये इंटर डिस्ट्रिक्ट कनेक्टिविटी वाली सड़कों को पहचान करने और 5 वर्ष या उससे अधिक पुरानी सड़कों के नवीनीकरण की कार्य योजना बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के प्रथम चरण के अंतर्गत आने वाली सड़कों का मूल्यांकन करने के निर्देश दिये। नेशनल हाइवे के समीप के गावों में सड़क मार्ग की कनेक्टिविटी है अथवा नहीं या जो सड़क मार्ग इससे छूट गए हैं, इनका सर्वे कर पांचवे फेज में शामिल करने के निर्देश भी बैठक में दिये। योजनाओं की हर 4 माह में होगी समीक्षा मंत्री श्री पटेल ने बताया कि शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा हर 4 माह में की जायेगी। जिला पंचायत और जनपद अध्यक्षों को वित्तीय मामलों की जानकारी समय-समय पर दी जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं अन्य पदाधिकारी भी जनपद पंचायतों की बैठक में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहे। recent visitors 53

जीवनसाथी का त्महत्या करने की धमकी देना क्रूरता है, यह तलाक का वैध आधार: बॉम्बे हाई कोर्ट

मुंबई बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा है कि जीवनसाथी का आत्महत्या का प्रयास करना या आत्महत्या करने की धमकी देना क्रूरता है और यह तलाक का वैध आधार है। हाई कोर्ट की औरंगाबाद पीठ के जस्टिस आरएम जोशी ने पिछले महीने अपने आदेश में दंपती के विवाह को खत्म करने के परिवार अदालत के आदेश को बरकरार रखा। महिला ने फैमिली कोर्ट के आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। पति ने लगाए थे ये आरोप? पति ने आरोप लगाया था कि उसकी पत्नी ने धमकी दी थी कि वह आत्महत्या करके उसे व उसके परिवार को जेल भिजवा देगी। परिवार अदालत के समक्ष दायर तलाक की याचिका में उसने कहा कि हिंदू विवाह अधिनियम के प्रविधानों के तहत यह क्रूरता है।हाई कोर्ट पीठ ने अपने आदेश में कहा कि पति की ओर से परिवार अदालत में प्रस्तुत साक्ष्य एवं अन्य गवाह यह प्रदर्शित करने के लिए पर्याप्त से अधिक हैं कि उसकी क्रूरता की दलील साबित होती है।   अदालत ने कहा कि पति ने न सिर्फ पत्नी द्वारा आत्महत्या की धमकी का आरोप लगाया था बल्कि पत्नी ने एक बार आत्महत्या का प्रयास किया भी था। हाई कोर्ट ने कहा, 'जीवनसाथी की ओर से इस तरह का कृत्य ऐसी क्रूरता मानी जाएगी जो तलाक का आदेश देने का आधार बन जाती है।' पीठ ने तलाक मंजूर करने के परिवार अदालत के आदेश को रद करने से इनकार कर दिया और कहा कि इसमें कुछ भी प्रतिकूलता नहीं है, लिहाजा किसी तरह के हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है।मामले के अनुसार, दंपती का अप्रैल, 2009 में विवाह हुआ था और उनकी एक पुत्री भी है। सास-ससुर पर हस्तक्षेप का आरोप पति ने दावा किया था कि उसके सास-ससुर अक्सर उसके घर आया करते थे और उनके वैवाहिक जीवन में हस्तक्षेप करते थे। 2010 में उसकी पत्नी उसका घर छोड़कर अपने माता-पिता के घर चली गई और लौटने से इन्कार कर दिया। पति का आरोप था कि उसकी पत्नी ने कहा था कि वह उसके और उसके परिवार के खिलाफ झूठी शिकायतें दर्ज करा देगी और उन्हें जेल भिजवा देगी। जबकि महिला ने अपनी याचिका में कहा कि पति व उसके पिता उसके साथ दु‌र्व्यवहार करते थे, लिहाजा उसने पति का घर छोड़ दिया। उसने पति के साथ किसी तरह की क्रूरता करने से इनकार किया था। recent visitors 55