टिम सीफर्ट की विस्फोटक पारी की बदौलत न्यूजीलैंड ने पाकिस्तान को आठ विकेट से हरा दिया, सीरीज भी 4-1 से अपने नाम की

वेलिंग्टन जेम्स नीशम (पांच विकेट) और जैकब डफी (दो विकेट) की बेहतरीन गेंदबाजी के बाद टिम सीफर्ट (नाबाद 97) की विस्फोटक पारी की बदौलत न्यूजीलैंड ने बुधवार को पांचवें और आखिरी टी-20 मुकाबले में पाकिस्तान को 10 ओवर शेष रहते आठ विकेट से हरा दिया। इसी के साथ न्यूजीलैंड ने पांच मैचों सीरीज भी 4-1 से अपने नाम कर ली। पाकिस्तान के 128 रनों के जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड की टिम सीफटर् और फिन एलन की सलामी जोड़ी ने आतिशी बल्लेबाजी का मुजाहिरा करते हुए पहले विकेट 93 रन जोड़े। सातवें ओवर में सुफियान मुकीम ने फिन एलन को बोल्ड कर पाकिस्तान को पहली सफलता दिलाई। फिन एलन ने 12 गेंदों में पांच चौके और एक छक्का लगाते हुए (27) रन बनाये। नौवें ओवर में माकर् चैपमैन (तीन) रन बनाकर आउट हुए। उन्हें सुफियान मुकीन ने आउट किया। टिम सीफर्ट ने 38 गेंदों में 10 छक्के और छह चौके लगाते हुए (नाबाद 97) रनों की विस्फोटक पारी खेली। न्यूजीलैंड ने 10 ओवर में दो विकेट पर 131 रन बनाकर मुकाबला आठ विकेट से जीत लिया। जेम्स नीशम को उनकी बेहतरीन गेंदबाजी के लिए ‘प्लेयर ऑफ द मैच' तथा टिम सीफटर् को उनकी शानदार बल्लेबाजी के लिए ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज से नवाजा गया। पाकिस्तान की ओर से सुफियान मुकीम को दो विकेट मिले। इससे पहले आज यहां न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। बल्लेबाजी करने उतरी पाकिस्तान की शुरुआत बेहद खराब रही और उसने मात्र 25 के स्कोर तक अपने तीन विकेट गवां दिए। हसन नवाज (शून्य), उमर युसूफ (सात) और मोहम्मद हरिस (11) रन बनाकर आउट हुये। ऐसे संकट के समय बल्लेबाजी करने आये कप्तान आगा सलमान ने पारी को संभालने का प्रयास किया। इसके बाद उस्मान खान (सात), अब्दुल समद (चार) नीशम ने आउटकर पवेलियन भेज दिया। शादाब खान ने 20 गेंदों में पांच चौके लगाते हुए (28) रनों की पारी खेली। उन्हें 17वें ओवर की पहली गेंद पर नीशम ने ही आउट किया। जहानदाद खान (एक) और सुफियान मुकीम (शून्य) को भी नीशम ने अपना शिकार बनाया। आगा सलमान ने 39 गेंदों में छह चौके और एक छक्का लगाते हुए (51) रनों की महत्वूपर्ण पारी खेली। न्यूजीलैंड के बेहतरीन गेंदबाजी आक्रमण के आगे पाकिस्तान की टीम निर्धारित 20 ओवरों में नौ विकेट पर 128 रन ही बना पाई। न्यूजीलैंड की ओर से जेम्स नीशम ने चार ओवर मेें 22 रन देकर पांच विकेट लिये। जैकब डफी ने चार ओवरों में 18 रन देकर दो विकेट झटके। बेन सियर्स, ईश सोढ़ी ने एक-एक बल्लेबाज को आउट किया। recent visitors 51

राजाभोज विमानतल पर एयरफोर्स के विमान की ट्रायल लैंडिंग, पहली बार उतरा बोइंग-777-300ER

भोपाल  भारतीय वायुसेना ने भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट पर बोइंग 777-300ER की सफल ट्रायल लैंडिंग करवाई, जिससे यह राज्य का पहला एयरपोर्ट बन गया, जो इतने बड़े विमान को होस्ट कर सकता है। लंबी दूरी की उड़ानों के लिए इस्तेमाल होने वाला यह विमान 74 मीटर लंबा और विशाल विंगस्पैन वाला है, जिससे एयरपोर्ट के आधुनिक इंफ्रट्रक्चर और वीवीआईपी मूवमेंट को सपोर्ट करने की क्षमता का प्रमाण मिला। भोपाल एयरपोर्ट को इस अपग्रेड के तहत नए रनवे टर्न पैड और टैक्सीवे विस्तार जैसी सुविधाएं दी गई हैं, जिससे यह बड़े विमानों के संचालन में सक्षम हो गया है। तीन विशेष पार्किंग स्टैंड बनाए गए हैं, जहां बोइंग 777- 300ER जैसे बड़े विमान आसानी से खड़े हो सकते हैं। 2023 में बुनियादी ढांचे का सुधार पूरा हुआ और DGCA से कमीशनिंग की मंजूरी मिलने के बाद यह ऐतिहासिक ट्रायल संभव हुआ। अब तक यहां से 321 (34 मीटर विंगस्पैन) तक के विमान ही संचालित होते थे, लेकिन अब यह एयरपोर्ट और बड़े विमानों को संभालने में सक्षम हो गया है। इस ट्रायल के साथ, भोपाल हवाई अड्डा अंतरराष्ट्रीय स्तर के बड़े विमानों के संचालन और वीवीआईपी मूवमेंट के लिए पूरी तरह तैयार हो चुका है, जो राज्य की हवाई सेवाओं के विस्तार में मील का पत्थर साबित होगा। 64.8 मीटर के विंगस्पैन और 74 मीटर की लंबाई के साथ, बी-777 300-ईआर को आमतौर पर लंबी दूरी की उड़ानों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। भोपाल एयरपोर्ट पर उतरने वाला ये अब तक का सबसे बड़ा विमान है। हालांकि ये विमान तो एयर इंडिया का है लेकिन इसका संचालन एयरफोर्स करता है। पायलट भी एयरफोर्स के ही होते हैं। इसी तरह के एक विमान एयर इंडिया वन में पीएम मोदी लंबी विदेश यात्राएं करते हैं। लंबी दूरी की सेवा हो सकेगी शुरू भोपाल एयरपोर्ट से अब लंबी दूरी की हवाई यात्रा भी की जा सकेगी। एयरपोर्ट डायरेक्टर रामजी अवस्थी ने बताया कि बोइंग-777 का विंग स्पान 64.8 मीटर और लंबाई 74 मीटर होती है, जो भोपाल में अब तक आने वाले विमानों की तुलना में दोगुनी है। भोपाल एयरपोर्ट पर आने वाले विमानों की अधिकतम कैपेसिटी 232 यात्रियों की है, बोइंग-777 विमान 325 से 400 यात्रियों के लिए डिजाइन किए जाते हैं और इनसे लंबी दूरी की यात्रा की जा सकती है। बोइंग-777 विमान की लैंडिंग के लिए रन वे, फायर व अन्य सुरक्षा साधनों को बढ़ाया गया है। तकनीकी भाषा में कैटेगरी-9 तक बढ़ाया गया है, जबकि अभी तक भोपाल में कैटेगरी-7 की सुविधाएं उपलब्ध थीं। 17 घंटे लगातार उड़ान भर सकता है बी-777 300-ईआर इस विमान में न सिर्फ बेहतरीन सेल्फ-डिफेंस इक्विपमेंट हैं, बल्कि ये विमान दो GE90-115BL इंजन से लैस है, जो दुनिया का सबसे शक्तिशाली इंजन है। बोइंग 777-300 ईआर एक बार में 17 घंटे तक की उड़ान भर सकता है। भारत से अमेरिका के बीच की लंबी दूरी भी एक बार में तय कर सकता है। वो भी बिना रीफ्यूलिंग के। यानी एक बार के फ्यूल से ही इससे लंबी दूरी की उड़ान भरी जा सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि ये विमान काफी बड़ा है और इसकी फ्यूल कैपेसिटी भी ज्यादा है। इससे पहले बोइंग 747 में ये क्षमता नहीं थी। बोइंग 777-300 ईआर में सुरक्षा सबसे ज्यादा फोकस बोइंग 777-300 ईआर में सुरक्षा का सबसे ज्यादा ध्यान रखा गया है। नए एयरक्राफ्ट में इंटीग्रेटेड डिफेंसिव इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट (AIDEWS) है, जो प्लेन को इलेक्ट्रॉनिक खतरों से बचाता है। इन विमानों में लार्ज एयरक्राफ्ट इंफ्रारेड काउंटरमेजर्स (LAICRM) सेल्फ-प्रोटेक्शन सूट है, जो विमान की तरफ आने वाली मिसाइल को डिटेक्ट करने और उसे जाम करने में मदद करता है। भोपाल एयरपोर्ट पर अभी ए-321 विमानों का संचालन वर्तमान में भोपाल एयरपोर्ट पर अधिकतम A321 विमान (विंगस्पैन 34 मीटर) का संचालन होता है। हालांकि, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) से विशेष अनुमति मिलने के बाद, भोपाल एयरपोर्ट अब वीवीआईपी बी-777 300ER विमान को सीमित टेक-ऑफ वर्जन के साथ संचालित करने में सक्षम हो गया है। recent visitors 48

जबलपुर में पेरेंट्स को महंगी किताबों से राहत दिलाने के लिए बड़ी पहल, आधी कीमत पर किताबें, यूनिफॉर्म, स्कूल बैग

जबलपुर मध्यप्रदेश में नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने वाला है। इससे पहले जबलपुर जिले में पेरेंट्स को महंगी किताबों से राहत दिलाने के लिए बड़ी पहल की गई है। यहां लगाए गए पुस्तक मेले में आधी कीमतों पर स्कूली किताबें मिल रही हैं। इसका फायदा जिले के 1800 स्कूल में पढ़ने वाले पहली से बारहवीं क्लास तक के 4 लाख स्टूडेंट्स के पेरेंट्स को मिलेगा। खास बात यह है कि यहां स्टूडेंट्स को करियर काउंसिलिंग भी कराई जाएगी। वहीं, अगर कोई अपनी पुरानी किताबें डोनेट करना चाहता है तो बुक बैंक में दे सकता है। शहर के गोल बाजार स्थित शहीद स्मारक में 25 मार्च से शुरू हुआ पुस्तक मेला 5 अप्रैल तक चलेगा। मंगलवार शाम को मेले का उद्घाटन लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने किया। मेले में 57 स्टॉल लगाए गए हैं, जहां किताबों पर 50 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है। एनसीईआरटी की किताबें भी काफी कम दामों में उपलब्ध हैं। 3500 रुपए का बुक सेट 1500 रुपए में मेले में पहुंचे अभिभावक हनुमंत राव ने बताया कि पिछले साल पहली कक्षा का बुक सेट खरीदने में 3 से 3.5 हजार रुपए खर्च हुए थे। यही किताबें इस साल यहां 1500 रुपए में मिल रही हैं। अब तक स्कूल प्रबंधन की निर्धारित दुकानों से ही कॉपी-किताबें खरीदनी पड़ती थी लेकिन इस पुस्तक मेले से काफी राहत मिली है। निजी स्कूलों और प्रकाशकों की मिलीभगत पर भी रोक लगी है। पेरेंट्स सचिन गुप्ता ने बताया कि कक्षा 11वीं की गणित विषय की पुस्तकों और कॉपियों का सेट बाहर दुकानों में 5000 रुपए तक मिलता था लेकिन इस मेले में एनसीईआरटी की किताबों का सेट लगभग 1800 रुपए तक मिल रहा है। कक्षा 9वीं की छात्रा प्रियांशी ने बताया कि पहले निजी प्रकाशकों की मेरी किताबें 4500 रुपए तक आती थीं। लेकिन इस पुस्तक मेले में यही किताबें आधे से भी कम दामों में मिल गई हैं। प्रकाशक एवं बुक सेलर्स श्रीकांत इंदुरख्या और चंचल अग्रवाल का कहना है कि मेले से प्रतिस्पर्धा बढ़ी है। डिस्काउंट भी उसी हिसाब से देना पड़ रहा है। वैसे भी एनसीईआरटी की किताबें कम दामों की रहती है। उसके बाद भी लोगों को 2 से 3 प्रतिशत तक का डिस्काउंट दिया जा रहा है। जबलपुर बेस्ट पब्लिशर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष कुलदीप प्रवाह और सुदीप जैन ने बताया कि पुस्तक मेले में जबलपुर बेस्ड लगभग 30 पब्लिशर्स शामिल हुए हैं। सभी पुस्तकों पर डिस्काउंट दे रहे हैं। इस पुस्तक मेले के जरिए अभिभावकों तक नई-नई पुस्तकों की जानकारी सीधे पहुंच रही है। 250 से 500 तक यूनिफॉर्म के रेट पुस्तक मेले में स्कूल यूनिफॉर्म भी बेची जा रही है। इसमें कक्षा पहली से लेकर 12वीं तक के छात्रों के शर्ट और पेंट के रेट 250 से लेकर 500 तक हैं। लगभग 20% की छूट दी जा रही है। वहीं, गर्ल्स के लिए ट्यूनिक 400 रुपए और स्कर्ट 300 में बेचा जा रहा है। इन पर 20% की छूट है। इसके अलावा टाई ₹100 और मोजे ₹50 में बेचे जा रहे हैं। वहीं, बुधवार और शनिवार को स्कूलों में लगने वाले लोअर और शर्ट की कीमत भी 250 से 300 रुपए है। बुक बैंक, करियर काउंसिलिंग भी 12 दिन तक चलने वाले पुस्तक मेले में पुरानी किताबों को बदलने के लिए बुक बैंक का स्टॉल भी लगाया गया है। यहां विद्यार्थी अपनी पुरानी पुस्तकें दान कर सकते हैं। बुक बैंक के व्यवस्थित संचालन के लिए सभी विद्यालयों और नागरिकों से पुरानी पुस्तकें एकत्रित की गई हैं। अभी तक लगभग 10 हजार से ज्यादा पुस्तकें इकट्‌ठी की जा चुकी हैं। मेले में छात्र-छात्राओं की करियर काउंसिलिंग के लिए भी स्टॉल लगा है। फूड स्टॉलों के साथ बच्चों के मनोरंजन के लिए झूले भी लगाए जा रहे हैं। मेले में हर दिन होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम जबलपुर पुरातत्व, पर्यटन एवं संस्कृति परिषद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हेमंत सिंह ने बताया- मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाएगा। 26 मार्च को कीर्ति श्रीवास्तव, 27 मार्च को धीरज शर्मा एवं समूह द्वारा गीतों की प्रस्तुति दी जाएगी। झील सिंह द्वारा नृत्य एवं लाइव पेंटिंग की प्रस्तुति 28 मार्च के कार्यक्रमों के आकर्षण का मुख्य केंद्र होगी। 29 मार्च को शास्त्रीय, उपशास्त्रीय और भक्ति प्रधान विधाओं पर सामूहिक नृत्य होंगे। 30 मार्च को बेटी बचाओ एवं बेटी पढ़ाओ पर आधारित सामूहिक नृत्य होगा। 31 मार्च को जबलपुर के दर्शनीय स्थलों का मंचन करती कलात्मक प्रस्तुतियां पेश की जाएंगी। 1 अप्रैल को एकल और सामूहिक गीत, 2 अप्रैल को अयोध्या के राम जबकि 3 अप्रैल को बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का संदेश देती कलात्मक प्रस्तुतियां होंगी। पुस्तक मेले में 4 अप्रैल को भैरवी विश्वरूप एवं समूह और नव नृत्यांजलि कला केंद्र द्वारा नृत्य और अंतिम दिन 5 अप्रैल को लोक नृत्य किए जांएगे। recent visitors 38

दक्षिण कोरिया, जापान और अमेरिका के जंगलों में भीषण आग ने मचाई तबाही, 18 की मौत, कई हुए बेघर

सियोल अमेरिका के कैलिफोर्निया में उत्पात मचाने के बाद अब जंगल की आग ने साउथ कोरिया में भीषण तबाही मचाई है। देश के दक्षिणी क्षेत्र में लगी इस आग में अब तक कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई है। अधिकारियों के अनुसार 18 मृतकों में चार अग्निशामक और सरकारी कर्मचारी भी शामिल हैं। बुधवार को अधिकारियों ने बताया है कि आग में 200 से ज्यादा इमारतें राख हो चुकी हैं। वहीं लगभग 27 हजार से ज्यादा लोगों को अपना घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा है। इसे कोरिया के इतिहास की सबसे भीषण जंगल की आग बताया जा रहा है। दक्षिण कोरिया के कार्यवाहक राष्ट्रपति हान डक-सू ने बताया है कि यह आग बीते शुक्रवार को लगी थी और यह पहले से कहीं ज्यादा खतरनाक है। हान ने कहा, "नुकसान बढ़ता जा रहा है। ऐसी भीषण आग पहले कभी नहीं देखी गई। हम इस सप्ताह पूरी क्षमता के साथ आग को बुझाने की कोशिश करनी होंगी।" हान ने कहा कि रात भर तेज हवाएं चलने की वजह से जंगल में लगी आग को बुझाने के लिए कर्मचारियों को संघर्ष करना पड़ रहा है। हान ने आगे बताया कि बुधवार को लगभग 4,650 दमकल कर्मी, सैनिक और अन्य कर्मचारी लगभग 130 हेलीकॉप्टरों की मदद से जंगल में लगी आग को बुझाने के लिए काम कर रहे थे। उन्होंने कहा कि गुरुवार को थोड़ी राहत मिलने की की उम्मीद है। पांच जगह लगी भीषण आग दक्षिण कोरिया में पांच अलग-अलग स्थानों पर जंगल में भीषण आग लगी है। कोरिया वन सेवा के मुताबिक शनिवार को सानचियोंग में आग की चपेट में आने से चार दमकल कर्मियों की जान गई है। कार्यवाहक प्रधानमंत्री हान डक-सू ने आग को रोकने के लिए हरसंभव प्रयास करने करने की बात कही है। उन्होंने लोगों से भी सतर्कता बरतने को कहा है। 5500 लोगों को घर छोड़ना पड़ा अंडोंग और उसके पड़ोसी उइसियोंग व सानचियोंग काउंटियों तथा उल्सान शहर के 5500 से ज्यादा लोगों को अपने घरों को छोड़ना पड़ा है। दक्षिण कोरिया के आंतरिक एवं सुरक्षा मंत्रालय के मुताबिक आग ने यहां सबसे भीषण रूप धारण कर रखा है। उइसोंग काउंटी में लगी आग तेजी से आगे फैल रही है। अब अंडोंग और उइसोंग काउंटी के अधिकारियों ने कई गांवों और अंडोंग विश्वविद्यालय के पास रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने का आदेश दिया है। 130 हेलीकॉप्टर आग बुझाने में जुटे अधिकारियों का कहना है कि दमकल कर्मियों ने काफी हद तक आग बुझा दी थी। मगर शुष्क मौसम और तेज हवाओं के कारण आग ने दोबारा प्रचंड रूप धारण कर लिया। आग बुझाने में लगभग 9,000 दमकल कर्मी, 130 से अधिक हेलीकॉप्टर और सैकड़ों वाहनों की मदद ली जा रही है। 7वीं शताब्दी का मंदिर नष्ट कोरिया हेरिटेज सर्विस के अधिकारियों के मुताबिक उइसोंग में लगी आग ने 1300 साल पुराने बौद्ध मंदिर गौंसा को तबाह कर दिया है। इस मंदिर लकड़ी का बना था। इसे 7वीं शताब्दी में बनाया गया था। हालांकि यहां किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। मंदिर तक आग पहुंचने से पहले ही भगवान बुद्ध की प्रतिमा और कुछ राष्ट्रीय धरोहरों को निकाल लिया गया था। 2600 कैदियों को दूसरी जगह भेजा जा रहा आग की वजह से योंगदेओक शहर में सड़कों को बंद कर दिया गया है। चार गांवों के लोगों से अपने घरों को छोड़ने को कहा गया है। चेओंगसोंग काउंटी की एक जेल से लगभग 2600 कैदियों को दूसरी जगह भेजा जा रहा है। हालांकि दक्षिण कोरिया के न्याय मंत्रालय ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की। 1,300 साल पुराना बौद्ध मठ जलकर खाक सरकार के आपातकालीन प्रतिक्रिया केंद्र ने बताया कि इस आग में 1,300 साल पुराना बौद्ध मठ भी जलकर खाक हो गया है। कोरिया हेरिटेज सर्विस के अधिकारियों के मुताबिक उइसोंग में लगी आग में 7वीं शताब्दी में निर्मित गौंसा नाम के मठ को काफी नुकसान पहुंचा। अनुमान के मुताबिक आग अब तक करीब 43,330 एकड़ जमीन को अपने अंदर लील चुकी है। शुष्क हवाओं ने बढ़ाई मुश्किलें इससे पहले देश के दक्षिण-पूर्वी शहरों और कस्बों के अधिकारियों ने मंगलवार को लोगों को शहर खाली करने के निर्देश जारी किए थे। दक्षिण कोरिया के गृह मंत्रालय के अनुसार सबसे ज्यादा नुकसान एंडोंग, पड़ोसी काउंटी उइसोंग और सांचोंग और उल्सान जैसे शहरों में हुआ है। वहीं इससे पहले मंगलवार को अधिकारियों ने कहा था कि दमकलकर्मियों ने कुछ क्षेत्रों में लगी आग की अधिकांश लपटों को बुझा दिया है लेकिन हवा और शुष्क परिस्थितियों के कारण आग फिर से भड़क गई। recent visitors 59

ऑरेंज कैप की रेस में शामिल टॉप 5 खिलाड़ियों में तीन भारतीय और पर्पल कैप की रेस में टॉप 5 में चार भारतीय

नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल के 5 मुकाबले हो चुके हैं। सभी टीमों ने एक-एक मैच खेल लिया है। इन पांच मैचों के बाद ऑरेंज कैप की रेस में कौन आगे है और पर्पल कैप पर किसका कब्जा है? ये जान लीजिए। आने वाले समय में ऑरेंज और पर्पल कैप की रेस दिलचस्प होती जाएगी। हालांकि, पांच मैचों के बाद अच्छी बात यह है कि ऑरेंज कैप की रेस में शामिल टॉप 5 खिलाड़ियों में तीन भारतीय हैं। पर्पल कैप की रेस में टॉप 5 में चार भारतीय हैं। IPL 2025 के ऑरेंज कैप की रेस की बात करें तो टॉप 5 में तीन भारतीय खिलाड़ी हैं, जिनमें ईशान किशन शतक के साथ शीर्ष पर हैं। उन्होंने राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ 106 रनों की पारी खेली थी। दूसरे नंबर पर श्रेयस अय्यर हैं। श्रेयस ने 97 रन गुजरात के खिलाफ बनाए। लिस्ट में तीसरा नाम निकोलस पूरन का है, जिन्होंने दिल्ली के खिलाफ 75 रनों की पारी खेली। चौथे नंबर पर लिस्ट में तीसरे भारतीय साई सुदर्शन हैं। उन्होंने 74 रन पंजाब के खिलाफ बनाए। पांचवें पायदान पर मिचेल मार्श हैं। उन्होंने 72 रनों की पारी खेली। IPL 2025 ऑरेंज कैप की रेस में शामिल खिलाड़ी 1. ईशान किशन – 106 रन IPL 2025 की पर्पल कैप की रेस की बात करें तो इसमें शीर्ष पर नूर अहमद हैं, जो इस बार चेन्नई सुपर किंग्स का हिस्सा हैं। उन्होंने मुंबई इंडियंस के खिलाफ 4 विकेट निकाले थे। इसके अलावा टॉप 5 में जो अन्य चार खिलाड़ी हैं उनको 3-3 विकेट ही मिले हैं। इनमें खलील अहमद, क्रुणाल पांड्या, आर साई किशोर और विग्नेश पुथुर का नाम शामिल है। सभी खिलाड़ियों ने एक-एक मैच ही खेला है। IPL 2025 पर्पल कैप की रेस में शामिल खिलाड़ी 1. नूर अहमद – 4 विकेट 3. क्रुणाल पांड्या – 3 विकेट 4. आर साई किशोर – 3 विकेट 5. विग्नेश पुथुर – 3 विकेट recent visitors 49

मुख्यमंत्री ने परिवार सहित कथा में लिया भाग, 27 मार्च को होगा कथा का समापन

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज जशपुर जिले के मायाली के मधेश्वर महादेव धाम में आयोजित 7 दिवसीय शिव महापुराण कथा में सहभागी बने और भक्ति-भाव से विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा और बिरहोर जनजाति परिवारों के साथ बैठकर कथा का श्रवण किया। उल्लेखनीय है कि इस अवसर पर शिव महापुराण कथा का श्रवण करने  एक लाख से अधिक श्रद्धालु उपस्थित थे। मुख्यमंत्री साय ने कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा जी का पुष्पमाला पहनाकर एवं मधेश्वर महादेव का छायाचित्र भेंटकर अभिनंदन किया, साथ ही प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना करते हुए उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री साय के साथ उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, पवन साय, कृष्ण कुमार राय, भरत सिंह सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी — कमिश्नर नरेंद्र दुग्गा, आईजी अंकित गर्ग, कलेक्टर रोहित व्यास, पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। 27 मार्च को पुनः प्रारंभ होगी मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना मुख्यमंत्री साय ने श्रद्धालुजनों को संबोधित करते हुए कहा कि यह हम सबके लिए अत्यंत सौभाग्य की बात है कि भगवान शिव की दिव्य कथा कहने स्वयं पंडित प्रदीप मिश्रा मधेश्वर महादेव की धरती पर पधारे हैं। यहां पाँच दिनों से चल रही शिव भक्ति की धारा से समूचा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हो गया है। इस पावन कथा से लोगों को आध्यात्मिक ज्ञान की प्राप्ति हो रही है। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना का पुनः शुभारंभ 27 मार्च को किया जाएगा। इसके तहत इच्छुक श्रद्धालुओं को विभिन्न तीर्थ स्थलों के दर्शन हेतु भेजा जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि अयोध्या धाम रामलला दर्शन योजना के अंतर्गत अब तक 22,000 से अधिक श्रद्धालु प्रभु श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं। शिव महापुराण कथा की दिव्य धारा से विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा और बिरहोर  जनजाति के ग्रामीण भी लाभान्वित हुए। ग्राम पंडरसिली (मनोरा), बेहेराखार और भितघारा (बगीचा) से आए अनेक श्रद्धालु कथा स्थल पहुंचे। पहाड़ी कोरवा जनजाति के संतोष राम, बजरु राम, शंकर राम, दुर्गा राम और बिरहोर जनजाति के  गेंदु राम, गुरुबारु राम, लाखा राम ने कहा कि शिव कथा ने हमारे अंतर्मन को छू लिया है। प्रदीप मिश्रा जी के प्रवचन केवल भक्ति नहीं सिखाते, वे जीवन को नई दिशा भी देते हैं। मधेश्वर महादेव: आध्यात्मिक आस्था का केंद्र मुख्यमंत्री साय ने मधेश्वर महादेव धाम को विश्व के सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग के रूप में गौरव का प्रतीक बताया और कहा कि यह स्थल पूरे प्रदेश की धार्मिक आस्था का केंद्र है। उन्होंने आह्वान किया कि इस पावन अवसर का अधिक से अधिक लोग लाभ लें और कथा के शेष दो दिनों में भी उपस्थित होकर शिव भक्ति से स्वयं को अनुप्राणित करें। recent visitors 71

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रीमती कपूर की आत्मकथा का किया विमोचन

 उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार को कालिदास अकादमी परिसर उज्जैन में विक्रमोत्सव-2025  के अंतर्गत अंर्तराष्ट्रीय फिल्मोत्सव के समापन समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर फिल्म फेस्टिवल में विभिन्न देशों से आए राजनयिकों के साथ सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लेखक सीमा कपूर की आत्मकथा “युं गुजरी है अब तलक”  का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विक्रमोत्सव में धीरे-धीरे विभिन्न प्रकार के आयाम जुड़ रहे हैं। भारतीय संस्कृति की यह विशेषता रही है कि यहां के लोगों ने हर प्रकार की चुनौतियों और विषम परिस्थितियों में अपने आप को दृढ़ रखा है और पूरे विश्व के समक्ष एक मिसाल पेश की है। भारतीय संस्कृति पर केन्द्रित फिल्म फेस्टिवल हमारी कला और संस्कृति को पूरे विश्व के समक्ष प्रस्तुत करता है। इस फेस्टिवल में अतीत की कालजयी फिल्मों का प्रदर्शन किया गया है। चलित हिंदी फिल्मों की यात्रा दादा साहब फालके द्वारा निर्देशित फिल्म राजा हरिश्चंद्र से होती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति पर आधारित फिल्में आज भी समसामयिक हैं। आने वाले समय में और भव्य स्तर पर इस प्रकार के आयोजन किए जाने चाहिए। विक्रम महोत्सव से हम सम्राट विक्रमादित्य के स्वर्णिम काल को याद करते हैं। सम्राट विक्रमादित्य पर आधारित नाट्य और फिल्मों के माध्यम से पूरे विश्व में उनकी न्यायप्रियता और उनके सुशासन का संदेश जाता है। सम्राट विक्रमादित्य के विराट व्यक्तित्व में विभिन्न आयाम समाए हुए हैं। सही अर्थों में उज्जैन 64 कलाओं को प्रदान करने वाली नगरी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपनी ओर से फिल्मोत्सव के समापन के अवसर पर संस्कृति विभाग, कालिदास अकादमी और विक्रमादित्य शोध पीठ को शुभकामनाएं दीं। समापन समारोह में प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा,  दिलीप सिंह परिहार,  नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, ओम जैन, कालिदास संस्कृत अकादमी के निदेशक गोविंद गंधे, नरेश शर्मा,  राजेश सिंह कुशवाहा एवं अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे। विक्रमादित्य शोध पीठ के निदेशक श्रीराम तिवारी ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप भारत के ज्ञान और संस्कृति के प्रकाश को दुनिया में पहुंचाने के उद्देश्य से अंतर्राष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल का आयोजन हुआ, जिसमें 90 फिल्मों का प्रसारण किया गया है। इसमें अधिकतर फिल्में भगवान श्रीकृष्ण पर केन्द्रित रही। कार्यक्रम में साउथ अमेरिका के देश सूरीनाम की एंबेसी में कार्यरत सचिव श्रीमती सुनैना पी.आर. मोहन ने कहा कि उज्जैन शहर में उनका प्रथम बार आगमन हुआ है। यहां के लोगों के व्यक्तित्व में सादगी समाहित है। श्रीमती सुनैना ने कहा कि हमारे देश के युवा अपने शहर, अपने प्रदेश और अपने देश पर गर्व करें, गर्व से कहें कि हम भारतीय हैं। अन्तर्राष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल के समापन के पूर्व गोपाल कृष्ण (हिन्दी), भगवान श्रीकृष्णा (हिन्दी), श्रीकृष्ण अर्जुन युद्धम (तेलुगु), मीरा रो गिरधा (राजस्थानी),  भगवान श्रीकृष्णा चैतन्य (बंगाली),  श्रीकृष्णा लीला (तमिल), भगत्नसयो (गुजराती) भाषा फिल्मों का प्रस्तुतिकरण हुआ। इसके अलावा विदेशी भाषाओं में डेथ इन वेरीक्यूकोस और साचा: चेरनोबिल का एक बच्चा-1 फिल्मों का प्रस्तुतिकरण हुआ, जिसका कलाप्रेमी दर्शकों ने आनंद उठाया। recent visitors 50