ग्वालियर जिले के प्रवास पर आज रहेंगे केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, विभिन्न कार्यक्रमों में होंगे शामिल

ग्वालियर केन्द्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया 24 मार्च को ग्वालियर जिले के प्रवास पर रहेंगे। श्री सिंधिया इस दिन विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार केन्द्रीय मंत्री श्री सिंधिया 24 मार्च को प्रात: 10.30 बजे विजयाराजे शासकीय कन्या महाविद्यालय मुरार के वार्षिकोत्सव में शामिल होंगे और विद्यार्थियों के साथ संवाद करेंगे। इसके बाद सड़क मार्ग से कल्याणी – छीमक होते हुए अपरान्ह 1.15 बजे भितरवार पहुँचेंगे और वहाँ पर भितरवार व डबरा क्षेत्र के विद्युत उपकेन्द्र और अन्य विकास कार्यों का लोकार्पण करेंगे। श्री सिंधिया इस कार्यक्रम के बाद सड़क मार्ग द्वारा ग्वालियर में कोटेश्वर पैलेस गार्डन पहुँचकर होली मिलन समारोह में शामिल होंगे।  केन्द्रीय मंत्री श्री सिंधिया 24 मार्च को ग्वालियर में रात्रि विश्राम करेंगे और 25 मार्च को दोपहर 12.20 बजे राजमाता विजयाराजे सिंधिया एयर टर्मिनल से वायुमार्ग द्वारा नई दिल्ली के लिये प्रस्थान करेंगे। recent visitors 40

संभल जाओ नहीं तो हो जाएगा सब बर्बाद! इन गलतियों के कारण महिलाओं पर ज्यादा अटैक कर रहा कैंसर

नई दिल्ली भारत के प्रमुख चिकित्सा पैनल ने खुलासा किया है कि निदान के बाद पाच में से तीन लोग कैंसर से मर जाते हैं। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) की रिपोर्ट में पाया गया कि पिछले दशक में कैंसर की घटनाओं में वृद्धि हुई है, पुरुषों की तुलना में महिलाओं की स्थिति ज्यादा खराब है।  चिंता की बात तो यह है कि दुनियाभर में कैंसर से हो रही मौतों के 10% से ज्यादा मामले सिर्फ भारत में ही आ रहे हैं। दुनिया में हर मिनट में एक महिला की ब्रेस्ट कैंसर से मौत हो रही है. डब्ल्यूएचओ ने इसके लिए कई कारण भी बताए हैं, इसमें अनहेल्दी खानपान, बदलती लाइफस्टाइल, बढ़ती उम्र समेत कई समस्याएं शामिल हैं. ब्रेस्ट कैंसर की ज्यादा शिकार हो रही महिलाएं रिपोर्ट के मुताबिक महिलाओं में कैंसर के नए केस में करीब 30% मामले ब्रेस्ट कैंसर के हैं, इसके बाद गर्भाशय कैंसर के करीब 19% मामले हैं.। पुरुषों में सबसे ज्यादा माउथ कैंसर पाया गया है, जिससे 16% नए मामले दर्ज किए गए। रिसर्च टीम ने अलग-अलग एज ग्रुप में कैंसर बढ़ने के लेवल में भी बदलाव पाया है। शोधकर्ताओं का मानना है कि कैंसर की सबसे ज्यादा बीमारी वृद्धावस्था में देखी गई है, इनमें 70 साल या इससे ज्यादा उम्र के लोग हैं। इसके बाद 15 से 49  साल की उम्र वालों में कैंसर के मामले पाए गए । खुलकर बात करने से बचती हैं महिलाएं हमारा समाज अभी भी स्त्री रोग संबंधी समस्याओं के बारे में नियमित रूप से बात करने में सहज नहीं है।  महिलाएं अभी भी इसे वर्जित मानती हैं और किसी भी स्त्री रोग संबंधी समस्या के लिए स्त्री रोग विशेषज्ञ से परामर्श करने में झिझकती हैं, जिससे उपचार में देरी होती है। कभी-कभी उनके लिए यह समझना मुश्किल हो जाता है कि उनके शरीर में क्या सामान्य है और क्या असामान्य। महिलाओं में कैंसर की स्क्रीनिंग कम होती है, जिससे बीमारी देर से पकड़ में आती है। देर से पहचान होने के कारण कैंसर के मामलों की संख्या और मृत्यु दर बढ़ जाती है।   महिलाओं को कैंसर अधिक क्यों होता है? स्तन कैंसर, सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर) और ओवेरियन कैंसर महिलाओं में सबसे आम प्रकार हैं। इसके कई कारण हो सकते हैं, जिनमें हार्मोनल बदलाव, जीवनशैली, जागरूकता की कमी, और जेनेटिक कारण शामिल हैं। महिलाओं में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन** के उतार-चढ़ाव से स्तन और ओवरी से जुड़े कैंसर की संभावना बढ़ जाती है।  रजोनिवृत्ति (Menopause) के बाद कैंसर का खतरा अधिक होता है।   जिन महिलाओं के परिवार में स्तन या सर्वाइकल कैंसर का इतिहास रहा हो, उनमें इसकी संभावना बढ़ जाती है।   स्तन कैंसर और सर्वाइकल कैंसर का खतरा ज्यादा भारत में हर 8 में से 1 महिला को अपने जीवनकाल में स्तन कैंसर होने की संभावना रहती है। भारत में हर साल 1 लाख से अधिक महिलाओं को गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर होता है। इन दोनों प्रकार के कैंसरों की दर पुरुषों में पाए जाने वाले प्रमुख कैंसरों (फेफड़े, लीवर, मुँह के कैंसर) की तुलना में अधिक होती है।  स्तन कैंसर की सेल्फ-चेकिंग, पैप स्मीयर टेस्ट, और नियमित हेल्थ चेकअप** की कमी के कारण महिलाओं को देर से डायग्नोस किया जाता है।   देरी से मां बनना भी खतरनाक  जो महिलाएं  30-35 की उम्र के बाद मां बनती हैं, उनमें स्तन और ओवेरियन कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।  ब्रेस्टफीडिंग न करने वाली महिलाओं में स्तन कैंसर की संभावना ज्यादा होती है। पुरुषों के मुकाबले कम प्रतिशत में सही, लेकिन जो महिलाएं शराब या तंबाकू का सेवन करती हैं, उनमें कैंसर की संभावना ज्यादा होती है। महिलाओं में धूम्रपान से फेफड़ों का कैंसर और गले का कैंसर बढ़ रहा है।   घरेलू और कॉस्मेटिक उत्पादों में मौजूदकेमिकल्स (BPA, पैराबेन्स, फॉर्मल्डिहाइड) से हार्मोनल बदलाव होते हैं, जो कैंसर का खतरा बढ़ा सकते हैं।  पानी और खाने में मौजूद कीटनाशक (Pesticides) और भारी धातुएं महिलाओं के प्रजनन अंगों पर नकारात्मक प्रभाव डालती हैं।      कैंसर से बचाव के लिए क्या करें? -40 वर्ष की उम्र के बाद स्तन कैंसर की जांच के लिए हर साल मैमोग्राफी करवाएं। -सर्वाइकल कैंसर की पहचान के लिए 21 साल के बाद हर 3-5 साल में पैप स्मीयर टेस्ट कराएं।   – हरी सब्जियां, फल, होल ग्रेन्स और एंटीऑक्सीडेंट युक्त फूड्स खाएं।   – रोज़ाना कम से कम 30 मिनट की एक्सरसाइज या योग करें और वजन को नियंत्रण में रखें।   – मेडिटेशन, योग और रिलैक्सेशन तकनीकों से मानसिक शांति पाएं।   -एचपीवी वैक्सीन (HPV Vaccine)सर्वाइकल कैंसर से बचाव में मदद कर सकती है।   इन बातों से अनजान हें महिलाएं जब 45 वर्षीय महिला गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर से पीड़ित होती है, तो उसके कैंसर की प्रक्रिया कई साल पहले ही शुरू हो चुकी होती है। इसलिए गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर की रोकथाम के लिए एचपीवी टीकाकरण की सिफारिश 9-14 वर्ष की बहुत कम उम्र में की जाती है (यानी एचपीवी वायरस के संपर्क में आने से पहले)।मो टापा अब एंडोमेट्रियल (गर्भाशय) कैंसर के लिए प्रमुख परिवर्तनीय जोखिम कारक के रूप में तंबाकू चबाने के समान है। एंडोमेट्रियल कैंसर के लगभग 50% मामले मोटापे के कारण होते हैं। और दुखद बात यह है कि ऐसी अधिकांश महिलाएँ अभी भी 30 वर्ष की आयु में हैं, इस प्रकार वे अपना गर्भाशय और आगे गर्भधारण करने की क्षमता खो देती हैं। लगभग 99.9% गर्भाशय-ग्रीवा कैंसर विभिन्न प्रकार के HPV वायरस के कारण होता है, जिनमें सबसे आम HPV 16 और 18 प्रकार हैं। दस में से आठ महिलाएँ अपने जीवन में किसी न किसी समय HPV वायरस से संक्रमित होती हैं। recent visitors 46

प्रदेश में नवीन सिंचाई परियोजनाओं के निर्माण के समुचित प्रबंधन से सिंचाई रकबे में निरंतर वृद्धि हो रही: मंत्री सिलावट

भोपाल जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में नवीन सिंचाई परियोजनाओं के निर्माण और जल संसाधन के समुचित प्रबंधन से सिंचाई रकबे में निरंतर वृद्धि हो रही है। हर खेत तक पानी पहुंचाना प्रदेश सरकार का संकल्प है। मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि यह प्रसन्नता और गौरव का विषय है कि राजगढ़ जिले की मोहनपुरा-कुंडालिया सिंचाई परियोजना को जल संसाधनों के कुशल उपयोग, जल संरक्षण और कृषि क्षेत्र में सुधार के लिए सीबीआईपी (सेंट्रल बोर्ड ऑफ इरिगेशन एंड पॉवर) अवॉर्ड्स- 2024 में ‘सर्वश्रेष्ठ समन्वित जल संसाधन प्रबंधन’ (बेस्ट आईडब्लूआरएम) पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। इसके लिए विभागीय अमला तथा क्षेत्र के किसान बधाई के पात्र हैं। पुरस्कार नई दिल्ली में सेंट्रल बोर्ड ऑफ इरीगेशन एंड पॉवर के ज्यूरी सदस्य श्री ए.के. दिनकर, श्री घनश्याम प्रसाद एवं डॉ. एम.के. सिन्हा द्वारा गत दिवस दिया गया है। इसे मुख्य अभियंता एवं परियोजना निदेशक श्री जीपी सिलावट, अधीक्षण यंत्री एवं परियोजना प्रशासक श्री विकास राजोरिया, परियोजना निदेशक श्री शुभंकर बिस्वास ने प्राप्त किया। मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि यह पुरस्कार मध्यप्रदेश की अभिनव जल प्रबंधन प्रणाली और सतत कृषि विकास में योगदान को मान्यता प्रदान करता है। यह सम्मान राज्य सरकार की दूरदर्शी जल प्रबंधन नीतियों और कुशल कार्यान्वयन का परिणाम है। पुरस्कार जल संरक्षण और आधुनिक सिंचाई प्रणालियों के विस्तार को प्रोत्साहित करेगा। उन्होंने बताया कि मोहनपुरा-कुंडालिया सिंचाई परियोजना की सबसे बड़ी खासियत ‘रिजर्वायर से सीधे खेत तक’ (रिजर्वायर टू फॉर्म) पानी पहुंचाने की नवीनतम तकनीक है। इस तकनीक में पारंपरिक नहरों के बजाय प्रेशराइज्ड पाइप लाइन नेटवर्क का उपयोग किया जाता है, जिससे पानी बिना किसी रिसाव और वाष्पीकरण के सीधे खेतों तक पहुँचता है। पाइप लाइन आधारित सिंचाई प्रणाली से जलाशय से निकलने वाला पानी बिना खुली नहरों के सीधे किसानों तक पाइपों के माध्यम से पहुँचाया जाता है, जिससे पानी का अपव्यय न के बराबर होता है। मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि भू-जल स्तर संतुलन, पर्यावरणीय संतुलन, जलभराव, मिट्टी कटाव और जैव विविधता संरक्षण के साथ ही जल प्रबंधन में यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। मोहनपुरा-कुंडालिया सिंचाई परियोजना ने मध्यप्रदेश को जल प्रबंधन के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बना दिया है। इस पुरस्कार से यह सिद्ध होता है कि नवीनतम तकनीकों और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ जल संसाधनों का उपयोग किया जाए, तो जल संरक्षण और सतत कृषि विकास को बढ़ावा दिया जा सकता है। यह परियोजना अन्य राज्यों के लिए भी एक प्रेरणादायक मॉडल बनेगी और जल संसाधन प्रबंधन में मध्यप्रदेश की भूमिका को और सशक्त बनाएगी। वे नवाचार जिनके चलते मिला पुरस्कार ऊर्जा दक्षता : पानी को खेतों तक पहुँचाने के लिए प्राकृतिक ढलान और पम्पिंग सिस्टम का उपयोग किया, इससे कम ऊर्जा खपत के साथ किसानों को सिंचाई में अतिरिक्त लागत नहीं लगती। ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई का समावेश : खेतों में ड्रिप और स्प्रिंकलर तकनीक को बढ़ावा दिया, जिससे किसान कम पानी में अधिक उत्पादन कर सकते हैं। जलभराव और मिट्टी कटाव रोकथाम : पारंपरिक नहरों में होने वाले जलभराव और मिट्टी के कटाव की समस्या इस प्रणाली में समाप्त हो गई, जिससे पर्यावरणीय संतुलन बना रहता। हर मौसम में जल उपलब्धता : यह प्रणाली रबी और खरीफ दोनों सीजन में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करती है, जिससे किसान अधिक आत्मनिर्भर बनते हैं। "आईडब्लूआरएम सिद्धांतों का सफल क्रियान्वयन परियोजना में जल संसाधनों के समुचित और समग्र प्रबंधन का एक उदाहरण प्रस्तुत किया है। आईडब्लूआरएम के तहत जल की उपलब्धता, कुशल उपयोग और पर्यावरणीय स्थिरता सुनिश्चित की गई है। पारंपरिक नहरों की जगह प्रेशराइज्ड पाइप लाइनों से जल सप्लाई की। सभी जल उपभोक्ताओं को परियोजना से कृषि, पीने के पानी का समान वितरण किया। साथ ही उद्योगों के लिए भी जल आरक्षित किया गया। किसानों को आधुनिक कृषि और जल प्रबंधन तकनीकों की जानकारी दी गई, ताकि वे जल का बेहतर उपयोग कर अधिक उत्पादकता हासिल कर सकें।   recent visitors 38

आगामी एक अप्रैल से यूनिफाइड पेंशन स्कीम लागू होने वाली है, पेंशन फंड रेगुलेटरी स्कीम को अमल में लाने वाली अधिसूचना जारी

नई दिल्ली केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बेहद काम की खबर है। अगले महीने 1 अप्रैल से नई स्कीम लागू होने जा रही है। यह स्कीम यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) है। आगामी एक अप्रैल से यूनिफाइड पेंशन स्कीम लागू होने वाली है। बता दें कि केंद्र द्वारा सरकारी कर्मचारियों के लिए शुरू की गई एक नई पेंशन योजना है। अब बीते दिन गुरुवार को पेंशन फंड रेगुलेटरी और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) ने यूनिफाइड पेंशन स्कीम को अमल में लाने वाली अधिसूचना जारी कर दी। पीएफआरडीए ने बयान में कहा कि यूपीएस से संबंधित नियम एक अप्रैल, 2025 से लागू हो जाएंगे। बता दें कि इसके लागू होने से लगभग 23 लाख केंद्रीय कर्मचारियों को लाभ होगा। क्या है स्कीम की डिटेल यूपीएस का उद्देश्य सरकार की राजकोषीय नीति और कर्मचारी लाभों के बीच संतुलन बनाना है। इस योजना के तहत रिटायरमेंट से पहले के 12 महीनों में मिले औसत मूल वेतन की 50 प्रतिशत राशि को सुनिश्चित पेंशन के तौर पर देने का प्रावधान है। इनमें कम से कम 10 साल की सेवा वाले कर्मचारियों के लिए प्रति माह ₹10,000 की सुनिश्चित न्यूनतम पेंशन शामिल है। हालांकि, ओपीएस के तहत, जबकि कोई विशिष्ट न्यूनतम पेंशन राशि अनिवार्य नहीं थी, सेवानिवृत्त लोगों को आम तौर पर उनके अंतिम वेतन का 50% पेंशन के रूप में मिलता था। यह स्कीम नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत एक विकल्प के रूप में उपलब्ध होगी, जिसमें कर्मचारी NPS और UPS में से एक को चुन सकते हैं। फैमिली पेंशन का लाभ इसके अलावा फैमिली पेंशन के तहत केंद्रीय कर्मचारी की मृत्यु होने पर उसके परिवार को कर्मचारी की पेंशन का 60% मिलेगा। योजना में कर्मचारी अपनी बेसिक सैलरी का 10% योगदान देंगे। वहीं, सरकार का योगदान 18.5% होगा। बता दें कि NPS में सरकार 14% का योगदान देगी। यह योजना NPS में शामिल केंद्रीय कर्मचारियों के लिए लागू है, जो इसे चुनते हैं। वहीं, न्यूनतम 10 साल की सेवा वाले कर्मचारी निश्चित न्यूनतम पेंशन के हकदार होंगे। नामांकन कैसे करें? – पात्र कर्मचारी 1 अप्रैल, 2025 से प्रोटीन सीआरए पोर्टल (https://npscra.nsdl.co.in) के जरिए अपना नामांकन और दावा फॉर्म ऑनलाइन जमा कर सकते हैं। – वैकल्पिक रूप से वे फिजिकली जमा करने का विकल्प चुन सकते हैं। – सरकार ने पहले 24 जनवरी, 2025 को एनपीएस के तहत केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए एक नए पेंशन ढांचे के रूप में यूपीएस को अधिसूचित किया था। recent visitors 49

राज्य मंत्री श्रीमती गौर ने कहा- संस्कृति के सरंक्षण और संवर्धन में शिक्षक समाज का महत्वपूर्ण योगदान है

भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा कि शिक्षक समाज का संस्कृति के सरंक्षण और संवर्धन में महत्वपूर्ण योगदान है । शिक्षकों के प्रयास से एक ऐसी पीढ़ी का निर्माण हो, जिसमें राष्ट्रभक्ति की भावना प्रबल हो और जो राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य का आधार बने। राज्य मंत्री श्रीमती गौर महारानी लक्ष्मी बाई कन्या महाविद्यालय भोपाल में मध्यप्रदेश शिक्षण संघ द्वारा आयोजित दायित्व बोध/ शपथ समारोह को संबोधित कर रही थी। राज्य मंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि मध्यप्रदेश शिक्षक संघ बीते 55 वर्षों से पूर्ण समर्पण के साथ राष्ट्र हित, शिक्षा हित, शिक्षक हित और छात्र हित में सतत कार्यरत है। राज्य मंत्री श्रीमती गौर ने पदाधिकारियों को शपथ भी दिलाई। राज्य मंत्री श्री नारायण सिंह पंवार, विधायक श्री भगवानदास सबनानी, डॉ. छत्रवीर सिंह राठौर, श्री राजीव शर्मा, नागेश पांडे सहित मध्यप्रदेश शिक्षक संघ के नगर, महानगर विकासखंड, तहसील और जिलों से आए हुए सभी निर्विरोध निर्वाचित सामान्य पदाधिकारी मौजूद रहे।   recent visitors 42

पेंशनरों ने की बैठक : मांगे नहीं मानी तो आगामी माह में करेंगे प्रांतव्यापी आंदोलन।

Pensioners held a meeting: If demands are not met, we will launch a statewide agitation in the coming month. भोपाल (सुशील दामले) । पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन की जिला शाखा भोपाल द्वारा आयोजित होली मिलन समारोह में बड़ी संख्या में पेंशनरों ने भाग लिया भोपाल जिला अध्यक्ष सुरेश शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश अध्यक्ष आमोद सक्सेना ने उपस्थित पेंशनरों को पुष्पगुच्छ एवं गुलाल लगाकर स्वागत किया । होली मिलन के बाद की गई बैठक में उपस्थित पेंशनरों ने मांगे पूरी नहीं होने की स्थिति में आने वाले माह में प्रांतव्यापी आंदोलन करने का निर्णय लिया । प्रदेश अध्यक्ष आमोद सक्सेना ने समय पर महंगाई राहत नहीं देने पर प्रदेश शासन पर भेदभाव का आरोप लगाया वहीं उपाध्यक्ष शंभूनाथ मुखर्जी ने सरकार को पेंशनर विरोधी बताया । भोपाल जिला अध्यक्ष सुरेश शर्मा ने प्रदेश के पेंशनरों को एकजुट होकर भोपाल में विशाल आंदोलन प्रदर्शन के लिए तैयार रहने का आह्वान किया । संगठन के संरक्षक गणेश दत्त जोशी ने फोन पर पेंशनरों को संबोधित कर होली की शुभकामनाएं दी एवं संगठित रहने का संदेश दिया । सक्सेना के अनुसार महंगाई राहत, कैशलेस चिकित्सा, वेतनमान का बकाया सहित पेंशनरों की सभी मांगों को लेकर आगामी माह में प्रांतव्यापी आंदोलन किया जाएगा बैठक में संगठन के मीडिया प्रभारी एस.के. शुक्ला, जिला शाखा के संरक्षक प्रमोद सिंगल, सर्वैश तिवारी उपाध्यक्ष हरेंद्र तिवारी,  बैरसिया के अध्यक्ष हरि बल्लभ शर्मा भेल के अध्यक्ष पी.एन. उपाध्याय सहित कई पदाधिकारी ने सभा को संबोधित किया । मंच संचालन अनिल पांडे एवं राजेंद्र नायक ने किया ।    recent visitors 166

24 मार्च 2025, सोमवार: सूर्य की तरह चमकेगा इन राशियों का भाग्य

मेष राशि- अपने खर्चों पर नियंत्रण रखें। घर में मांगलिक कार्यों का आयोजन संभव है। प्रॉपर्टी से जुड़े विवाद तनाव बढ़ा सकते हैं। शैक्षिक कार्यों में आपकी परफॉर्मेंस शानदार रहने वाली है। करियर में तरक्की के सुनहरे मौकों का भरपूर लाभ उठाने के लिए तैयार रहें। वृषभ राशि– पारिवारिक जिम्मेदारियां बढ़ेंगी। शैक्षिक कार्यों की चुनौतियां दूर होंगी।। व्यापार में विस्तार होगा। अपने बजट पर ध्यान दें और बिना सोचे-समझे पैसे खर्च न करें। वाहन सावधानी से चलाएं। वैवाहिक जीवन में खुशियां आएंगी। मिथुन राशि- बुरी आदतों को छोड़ने की कोशिश करें। धन बचत करें। फालतू के खर्चों को कम कर दें। प्रॉपर्टी से जुड़े फैसलों में देरी होगी। शैक्षिक कार्यों में अपार सफलता मिलेगी। सामाजिक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे। स्किल का प्रदर्शन करने के लिए तैयार रहें। कर्क राशि- व्यापार में मुनाफा होगा। घर में किसी फंक्शन या इवेंट के सेलिब्रेशन के चलते खुशियों का माहौल रहेगा। लंबी यात्रा के योग बनेंगे। प्रॉपर्टी से जुड़े विवाद बढ़ सकते हैं। आध्यात्मिक कार्यों में दिलचस्पी बढ़ेगी। आज आप प्रेमी के साथ कुछ स्पेशल प्लान बना सकते हैं। इससे आपका रिश्ता मजबूत होगा। सिंह राशि- प्रॉपर्टी को बेचकर या किराए से धन लाभ होगा। शैक्षिक कार्यों के अच्छे रिजल्ट मिलेंगे। सफलता की सीढ़ियां चढ़ेंगे। आय के कई स्त्रोतों से पैसे आएंगे। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। ऑफिस मीटिंग में इनोवेटिव आइडियाज के साथ शामिल हों। इससे तरक्की के कई मौके मिलेंगे। कन्या राशि- आज आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। स्वास्थ्य में सुधार आएगा। फैमिली और दोस्तों के साथ ट्रिप का प्लान बन सकता है। कुछ जातकों को विरासत में पैतृक संपत्ति मिल सकती है। शैक्षिक कार्यों में नई उपलब्धियां हासिल करेंगे। प्रेमी की बातों को ध्यान से सुनें और धैर्य बनाए रखें। तुला राशि- पुराने निवेशों से अच्छा रिटर्न मिलेगा। प्रॉपर्टी को लेकर वाद-विवाद संभव है। भावुकता से बचें और इमोशनल होकर कोई डिसीजन न लें। हेल्दी डाइट लें। रेगुलर एक्सरसाइज करें। इससे एनर्जी लेवल मेंटेन रहेगा और आप स्वस्थ रहेंगे। वृश्चिक राशि- ज्यादा पैसे खर्च करते समय थोड़ी सावधानी बरतें। हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं। नौकरीपेशा वालों के लिए शुभ दिन है। प्रमोशन के चांस बढ़ेंगे। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगा,लेकिन धन का प्रबंधन होशियारी से करें। धनु राशि- आर्थिक मामलों में छोटी-मोटी दिक्कतें रहेंगी। जिसका असर आपके लाइफस्टाइल पर हो सकता है। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। परिजनों के साथ आनंददायक जीवन गुजारेंगे। नौकरी-कारोबार में तरक्की के योग बनेंगे। सिंगल जातकों की किसी दिलचस्प से मुलाकात होगी। मकर राशि- स्वास्थ्य में सुधार आएगा। करियर में बड़ी कामयाबी हासिल होगी। यात्रा के योग बनेंगे। प्रॉपर्टी को लेकर विवाद हो सकता है। अपने करियर पर फोकस करें। दूसरों की मदद करने के लिए तैयार रहें। प्रेमी से अपने दिल की बात शेयर करने में संकोच न करें। कुंभ राशि- खर्चों की अधिकता से मन परेशान रह सकता है। परिजनों से वैचारिक मतभेद हो सकता है। शैक्षिक कार्यों में अच्छे परिणाम मिलेंगे। नए कार्यों की शुरुआत कर सकते हैं। आर्थिक मामलों में थोड़ा सतर्क रहें और सोच-समझकर धन खर्च करें। मीन राशि- आपको फैमिली का सपोर्ट मिलेगा। शैक्षिक कार्यों में नई उपलब्धियां हासिल करेंगे। आपमें आत्मविश्वास भरपूर होगा। निवेश करने से पहले अच्छे से रिसर्च जरूर करें। कुछ जातक दोस्तों के साथ ट्रिप का प्लान बना सकते हैं। प्रॉपर्टी से जुड़े डॉक्यूमेंट्स को संभालकर रखें। recent visitors 136