NASA देगा 9 महीने की ओवरटाइम के लिए सुनीता विलियम्स को कितनी सैलरी, वापसी का रास्ता साफ

वाशिंगटन अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर की 8 दिन के मिशन के दौरान तकनीकी समस्याओं के कारण 9 महीने से ज्यादा समय तक अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर फंसी रहना एक लंबी और दिलचस्प कहानी बन चुकी है। अब नासा ने स्पेशल स्पेसक्राफ्ट भेजकर इन दोनों की पृथ्वी पर वापसी का रास्ता साफ किया है। लेकिन क्या इसके लिए उन्हें ओवरटाइम वेतन मिलेगा? आइए जानते हैं पूरी कहानी। सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर 2024 के जून महीने में नासा के मिशन के तहत 8 दिन के लिए अंतरिक्ष गए थे। यह मिशन अमेरिका के बोइंग स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान द्वारा आयोजित किया गया था। मिशन की अवधि पूरी करने के बाद वे वापस आना चाहते थे, लेकिन अचानक तकनीकी समस्याओं के कारण उनका अंतरिक्ष यान ISS पर ही फंस गया। इस वजह से उन्हें तय समय से कहीं अधिक समय तक अंतरिक्ष में रहना पड़ा। फंसे नहीं, बल्कि काम कर रहे थे! मीडिया में यह खबर थी कि दोनों अंतरिक्ष यात्री ISS पर "फंसे" हुए थे। लेकिन नासा के मुताबिक, वे वहां फंसे नहीं थे। दरअसल, दोनों अंतरिक्ष यात्री वहां पूरी तरह से सक्रिय थे और नासा के लिए विभिन्न कार्य कर रहे थे। नासा के अनुसार, वे संघीय कर्मचारी हैं, जो अपनी नियमित सैलरी प्राप्त कर रहे हैं, जैसे पृथ्वी पर किसी कर्मचारी को उसकी नियमित नौकरी के दौरान मिलती है। ओवरटाइम वेतन का क्या हुआ? अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इन 9 महीनों के लिए सुनीता और बुच को अतिरिक्त ओवरटाइम वेतन मिलेगा? इस सवाल का जवाब दिया है नासा की रिटायर्ड अंतरिक्ष यात्री कैथरीन ग्रेस (कैडी) कोलमैन ने। उन्होंने बताया कि अंतरिक्ष यात्रियों को ओवरटाइम या अतिरिक्त वेतन नहीं मिलता। जब वे अंतरिक्ष में होते हैं, तो उनकी नौकरी वही होती है जो वे पृथ्वी पर करते हैं, और वे अपनी नियमित सैलरी प्राप्त करते रहते हैं। लेकिन, उन्हें एक छोटा सा डेली स्टाइपेंड (प्रतिदिन का भत्ता) जरूर मिलता है, जो आकस्मिक खर्चों के लिए होता है। यह भत्ता 4 डॉलर (लगभग 347 रुपये) प्रतिदिन होता है। इस हिसाब से, सुनीता और बुच को अतिरिक्त मुआवजे के तौर पर लगभग 1,148 डॉलर (लगभग 1 लाख रुपये) मिलेंगे। यह एक आकस्मिक खर्च का रूप है, जो सैलरी के अलावा होता है। नासा में काम करने वाले संघीय कर्मचारियों का वेतन सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर नासा के जीएस-15 वेतन ग्रेड में आते हैं, जो संघीय कर्मचारियों का सबसे उच्चतम स्तर होता है। इस ग्रेड में कर्मचारियों को सालाना लगभग 1.08 करोड़ रुपये से लेकर 1.41 करोड़ रुपये तक की सैलरी मिलती है। यह वेतन नासा के अंतरिक्ष यात्री के रूप में उनकी जिम्मेदारियों को देखते हुए निर्धारित किया जाता है। स्पेशल स्पेसक्राफ्ट के जरिए वापसी अब दोनों की वापसी की प्रक्रिया भी बहुत दिलचस्प है। इन दोनों को लेने के लिए नासा ने स्पेसएक्स के ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट को भेजा है। यह स्पेसक्राफ्ट 19 मार्च तक इन दोनों अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी पर वापस ला सकता है। इस ड्रैगन कैप्सूल के जरिए, वे नासा के अंतरिक्ष यात्री निक हेग और रूसी अंतरिक्ष यात्री अलेक्जेंडर गोरबुनोव के साथ लौटेंगे। क्यों है यह मिशन महत्वपूर्ण? यह मिशन इसलिए भी खास है क्योंकि स्पेसएक्स ड्रैगन कैप्सूल ने न केवल नासा के नियमित क्रू रोटेशन मिशन को पूरा किया, बल्कि यह दो अंतरिक्ष यात्रियों की लंबे समय से प्रतीक्षित वापसी का रास्ता भी साफ कर दिया। इस मिशन से यह भी साबित होता है कि निजी कंपनियों की अंतरिक्ष उड़ान सेवाएं, जैसे स्पेसएक्स, अब नासा के साथ मिलकर बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।   recent visitors 43

जाने क्या है डोनाल्ड ट्रंप की बनाई ऑरेंज लिस्ट, जिसमें पाकिस्तान के साथ रूस का भी आया नाम

वॉशिंगटन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दुनिया के कुल 43 देशों पर ट्रैवल बैन लगाने की तैयारी में है। इन देशों में अफगानिस्तान, पाकिस्तान, रूस समेत कई बड़े मुल्क शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार इन देशों को तीन सूचियों में विभाजित किया गया है। ये लिस्ट हैं- रेड, ऑरेंज और येलो। इनमें से रेड लिस्ट वाले देशों का मतलब है कि उनके यहां के लोगों की अमेरिका में एंट्री पर पूरी तरह से पाबंदी रहेगी। भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान को ऑरेंज लिस्ट में शामिल किया गया है। इसके अलावा रूस भी इसी सूची में है। इस लिस्ट में कुल 10 देश शामिल हैं, जिनके नागरिकों को आंशिक पाबंदियां झेलनी होंगी। दरअसल प्रभावी लोगों और बिजनेस से जुड़े मामलों के लिए आने वालों को एंट्री मिलेगी। वहीं प्रवासियों और पर्यटकों की एंट्री पर पाबंदियां रहेंगी। क्या है ऑरेंज और रेड लिस्ट का मतलब इसके अलावा नागरिकों को एंट्री से पहले व्यक्तिगत साक्षात्कार से गुजरना होगा। पाकिस्तान और रूस के अलावा म्यांमार, बेलारूस, हैती, लाओस, एरिट्री, सिएरा लियोन, दक्षिण सूडान और तुर्कमेनिस्तान भी इस नारंगी लिस्ट का हिस्सा हैं। वहीं 10 देशों को रेड लिस्ट में रखा गया है। इसमें शामिल देशों के नागरिकों की अमेरिका में एंट्री पर पूरी तरह से रोक रहेगी। इन देशों में अफगानिस्तान और भूटान भी शामिल हैं, जो भारत के पड़ोसी मुल्क हैं। रेड लिस्ट में शामिल अन्य देशों में क्यूबा, ईरान, लीबिया, उत्तर कोरिया, सोमालिया, सूडान, सीरिया, वेनेजुएला और यमन शामिल हैं। वहीं 22 देशों को शामिल करते हुए एक येलो लिस्ट का भी ड्राफ्ट तैयार हुआ है। इसमें शामिल देशों को बताया जाएगा कि वे किन खामियों को दूर कर लें तो पाबंदियों से बच सकते हैं। किन देशों को रखा गया येलो लिस्ट में, बचाव का तरीका भी बताया यदि 60 दिनों की टाइम लिमिट के बीच भी वे खामियों को दूर नहीं कर सके तो फिर पाबंदियां झेलनी होंगी। रिपोर्ट के अनुसार येलो लिस्ट में शामिल देशों से समय-समय पर पूछा जाएगा कि कौन से यात्री आ रहे हैं। पासपोर्ट जारी करने में कोई गड़बड़ी तो नहीं है। यदि इन खामियों को वे दूर कर लेंगे तो उनके नागरिकों को अमेरिका प्रवेश की अनुमति मिलेगी अन्यथा नहीं। इस सूची में अंगोला, एंटीगुआ और बारबुडा शामिल हैं। इसके अलावा कंबोडिया, कैमरूम, चाड, कॉन्गो, माली, लाइबेरिया, वानुआतू, जिम्बाब्वे आदि देश शामिल हैं। यह दूसरी बार है, जब डोनाल्ड ट्रंप ट्रैवल बैन लगाने वाले हैं। इससे पहले उन्होंने अपने पहले कार्यकाल में मुस्लिम बहुल 7 देशों के लोगों की एंट्री पर बैन लगाया था। इन देशों में ईरान, इराक, लीबिया, सोमालिया, सूडान, सीरिया और यमन शामिल थे। recent visitors 33

नाइट ड्यूटी कर रहे रायसेन यातायात थाने में पदस्थ एएसआई की हार्ट अटैक से मौत, पुलिस विभाग ने जताया शोक

रायसेन ड्यूटी के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने से रायसेन यातायात थाने में पदस्थ एएसआई फूल सिंह उइके (55) की हार्ट अटैक से मौत हो गई। सोमवार सुबह उन्हें घबराहट महसूस हुई, जिसके बाद उन्होंने अपनी बेटी पलक को फोन किया। बेटी के थाने पहुंचने पर पुलिसकर्मियों की मदद से उन्हें तत्काल एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां पल्स नहीं मिलने पर डॉक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। इस दौरान रास्ते में ही फूल सिंह ने बेटी की गोद में दम तोड़ दिया। जानकारी के मुताबिक एएसआई फूल सिंह उइके रविवार को नाइट ड्यूटी पर थे। सोमवार सुबह करीब 7 बजे उन्होंने थाने में घबराहट और बेचैनी महसूस की। इस दौरान उन्होंने सबसे पहले बेटी पलक को फोन किया और बताया उनकी तबीयत खराब हो रही है। चूंकि सुबह का समय था और थाने में सीमित स्टाफ ही मौजूद था, इसलिए उन्होंने बेटी के साथ ही अन्य पुलिसकर्मियों को भी सूचना दी। बेटी पलक ने तुरंत थाने पहुंचकर पुलिसकर्मियों की मदद से पिता को एक निजी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उनकी हालत गंभीर देखकर उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। बेटी पलक अपने पिता को एंबुलेंस से जिला अस्पताल लेकर जा रही थी, लेकिन रास्ते में ही फूल सिंह ने बेटी की गोद में दम तोड़ दिया। घटना की जानकारी मिलते ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) कमलेश कुमार खुरपुसे जिला अस्पताल पहुंचे और फूल सिंह की बेटी पलक को सांत्वना दी। उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में पूरा पुलिस विभाग परिवार के साथ खड़ा है। यातायात थाना प्रभारी लता मालवीय ने बताया कि पुलिस विभाग की ओर से परिवार को एक लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी गई है। पोस्टमॉर्टम के बाद फूल सिंह के पार्थिव शरीर को पूरे सम्मान के साथ उनके गृह जिला बैतूल रवाना किया गया। पुलिस विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी पार्थिव शरीर के साथ मौजूद रहे, ताकि अंतिम संस्कार के दौरान परिवार को हरसंभव सहयोग मिल सके। फूल सिंह उइके को उनके साथी पुलिसकर्मी एक अनुशासित और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी के रूप में जानते थे। उनकी ड्यूटी के प्रति निष्ठा और व्यवहार के कारण थाने के कर्मचारियों में उनका विशेष सम्मान था। परिवार में पत्नी का पहले ही हो चुका है निधन फूल सिंह उइके के परिवार में दो बेटे और एक बेटी हैं। उनकी पत्नी का आठ साल पहले कैंसर से निधन हो गया था। पत्नी के निधन के बाद से उनकी बेटी पलक उनके साथ रायसेन में रह रही थी। फूल सिंह मूल रूप से बैतूल जिले के खंजनपुर के रहने वाले थे और पिछले चार साल से रायसेन यातायात थाने में पदस्थ थे। उनका बाकी पूरा परिवार अपने पैतृक गांव में रहता है। पुलिस विभाग ने जताया शोक एएसआई की आकस्मिक मृत्यु से पुलिस विभाग में शोक की लहर है। सहकर्मियों ने फूल सिंह को याद करते हुए बताया कि वे हमेशा अपनी ड्यूटी को प्राथमिकता देते थे और मुश्किल परिस्थितियों में भी संयम बनाए रखते थे। उनके निधन को पुलिस विभाग ने बड़ी क्षति बताया है। recent visitors 35

वरुण चक्रवर्ती से मिस्ट्री स्पिनर : क्रिकेट छोड़ बने आर्किटेक्ट, नौकरी में मन नहीं लगा तो पैशन को किया फॉलो

नई दिल्ली मिस्ट्री स्पिनर के रूप में अपनी अलग पहचान बनाने वाले वरुण चक्रवर्ती (33) ने करियर में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी चमक बिखेरी। हाल ही में सम्पन्न हुई आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी में भारत के लिए सबसे ज्यादा विकेट 9 विकेट लेने वाले खिलाड़ी रहे हैं। 30 से 40 ट्रायल दिए लेकिन सफल नहीं हुए 13 साल की उम्र में क्रिकेट की शुरूआत करते वाले चक्रवर्ती ने स्पिनर नहीं तेज गेंदबाज का बनने सपना देखा था। लेकिन उन्हें गेंदबाजी का मौका नहीं मिलता था और टीम में विकेटकीपर बल्लेबाज की कमी के कारण वह इस और चल दिए। 16 की उम्र तक उन्होंने 30 से 40 ट्रायल दिए। लेकिन चयन में सफल नहीं हुए। निराश होकर उन्होंने क्रिकेट को छोड़ने का फैसला लिया और किट अपने दोस्तों को देकर आर्किटेक्चर बनने निकल पड़े। उन्होंने आर्किटेक्चर की पढ़ाई पूरी की और उसी फील्ड में कुछ साल तक नौकरी भी की। नौकरी में मन नहीं लगा तो पैशन को किया फॉलो आर्किटेक्ट की नौकरी में मन नहीं लगा और उनका ध्यान तेज गेंदबाज बनने पर था जिस कारण उन्होंने क्रिकेट में वापसी की। लेकिन एक बार प्रैक्टिस में चोटिल हो गए और सभी विकल्प आजमाने के बाद स्पिन गेंदबाजी का रूख किया। यूट्यूब से राशिद खान, अनिल कुंबले और एडम जैम्पा की बॉलिंग देख खुद को तैयारी करने लगे। जुबली क्रिकेट वनडे से IPL और फिर नेशनल टीम तक का सफर 2017 में वरुण ने तमिलनाडु के जुबली क्रिकेट वनडे टूर्नामेंट में 7 मैच में 31 विकेट लिए जिसकी बदौलत उन्हें तमिलनाडु प्रीमियर लीग में मौका मिला। 28 की उम्र में वरुण की आईपीएल में एंट्री हुई, जब 2019 में पंजाब ने 8.4 करोड़ रुपए में खरीदा। फिर वे कोलकाता नाइट राइडर से जुड़े और उन्हें मिस्ट्री स्पिनर का तमगा मिला। इसके बाद उन्हें भारत के लिए खेलने का मौका मिला। श्रीलंका के खिलाफ 25 जुलाई 2021 को आर.प्रेमदासा स्टेडियम में उन्होंने टी20 क्रिकेट में एंट्री की। इसी दौरान साल 2021 में यूएई में हुए टी-20 विश्वकप में वरुण अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाने की वजह से उन्हें धमकियां भी मिली जिससे वरुण डिप्रेशन का शिकार हो गए थे। लेकिन उन्होंने मेहनत नहीं छोड़ी और प्रैक्टिस भी डबल कर दी। पिछले साल आईपीएल में 21 विकेट लेकर कोलकाता को ट्रॉफी जिताई। इस सीजन के लिए कोलकाता ने उन्हें 12 करोड़ रुपए में रिटेन किया है। चैम्पियंस ट्रॉफी में तीन मैच में 9 विकेट लेकर वे टूर्नामेंट के दूसरे सफल गेंदबाज और भारत के सबसे सफल गेंदबाज रहे हैं। इस साल भारत-इंग्लैंड के बीच हुई टी-20 सीरीज के 5 मैचों में 14 विकेट लेकर वे मैन ऑफ द सीरीज भी बने थे। इस दौरान उन्होंने एक द्विपक्षीय टी-20 सीरीज में भारत के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड भी बनाया। recent visitors 45

लोकायुक्त से मिलने पहुंचे कांग्रेसी, सौरभ शर्मा और गोविंद सिंह राजपूत से जुड़े सौंपे दस्तावेज

Congressmen reached to meet Lokayukta, submitted documents related to Saurabh Sharma and Govind Singh Rajput भोपाल ! राजधानी भोपाल में सोमवार को नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार प्रतिनिधिमंडल के साथ मध्य प्रदेश के लोकायुक्त से मिलने पहुंचे. उमंग सिंघार अपने साथ सौरभ शर्मा और उसके साथियों से जुड़े दस्तावेजों के साथ-साथ मंत्री गोविंद सिंह राजपूत जो की पूर्व में परिवहन विभाग के मंत्री थे, उनकी कई संपत्तियों की जानकारी व उनकी रजिस्ट्री लेकर लोकायुक्त के पास पहुंचे. जहां उन्होंने लोकायुक्त से निवेदन किया है कि इस पूरे मामले की जांच करवाकर इस पर कार्रवाई की जाए. लोकायुक्त को सौंपे दस्तावेजभोपाल में लोकायुक्त से मिलने के बाद उमंग सिंघार ने बताया कि “हमने परिवहन विभाग के पूरे घोटाले के संपूर्ण दस्तावेज और उन घोटाले के पैसों से खरीदी गई संपत्तियों की जानकारी लोकायुक्त को दे दी है. सौरभ शर्मा जो अभी जेल में बंद है. तीनों जांच एजेंसियां उससे उसकी कार में मिले 52 किलो सोना और 11 करोड़ कैश के बारे में कुछ भी नहीं उगलवा सकी. सौरभ शर्मा के मामले में अभी मध्य प्रदेश विधानसभा में भी चर्चा होना बाकी है. उमंग सिंघार को गोविंद सिंह राजपूत के खिलाफ आरोपलोकायुक्त से मुलाकात के बाद उमंग सिंघार ने बताया कि “किस तरह जनता के पैसों से यह लोग सोना-चांदी खरीद रहे थे. इस पूरे प्रकरण में तीन-तीन जांच एजेंसियों ने जांच करी, लेकिन अभी तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आए हैं. इसको लेकर भी हमने लोकायुक्त से बात की है कि इस पूरे मामले में जल्द से जल्द कार्रवाई की जाए. इसके साथ ही पूर्व में परिवहन मंत्री रहे गोविंद सिंह राजपूत और अन्य अधिकारियों के खिलाफ भी हमने लोकायुक्त को विस्तृत दस्तावेज दिए हैं. जिसमें हमने सभी प्रकार के दस्तावेज जैसे कि किस समय कौन सी जमीन गोविंद सिंह राजपूत या उनके परिजनों के नाम पर कहां-कहां खरीदी गई है. इसका विस्तृत उल्लेख किया है लोकायुक्त ने मामले में जांच करवाने के साथ-साथ कार्रवाई का भी आश्वासन दिया है. recent visitors 204

मेयर इन काउंसिलगिदवानी को मिली जगह, सदस्यों की सूची जारी

रायपुर रायपुर नगर निगम की महापौर मीनल चौबे ने आज नगर निगम मुख्यालय के प्रथम तल पर स्थित महापौर कार्यालय में प्रेस वार्ता आयोजित की. इस दौरान उन्होंने नगर निगम की मेयर इन काउंसिल (MIC) के सदस्यों की सूची जारी की. ये बनाए गए MIC सदस्य दीपक जायसवाल अनामिका सिंह मनोज वर्मा भारती बादल संतोष साहू गायत्री सुनील चंद्राकर सुमन अशोक पांडे महेंद्र कोरियार्ड हेम कुमार सेन सरिता आकाश दुबे संज्ञा अहीकार अमर गिदवानी नन्द किशोर साहू भोला राम साहू recent visitors 49

रतलाम में खेत से 40 क्विंटल लहसुन चुरा ले गए चोर, ट्रैक्टर – ट्रॉली लेकर आए थे

रतलाम  मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में आने वाले नामली में लहसुन चोरी होने का मामला सामने आया है। चोर खेत में रखे 40 क्विंटल लहसुन चोरी करके ले गए हैं, जब किसान सुबह खेत पर पहुंचा तो उसके होश उड़ गए इसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। चोर अपने साथ ट्रैक्टर – ट्रॉली लेकर आए थे और उसी में लहसुन रखकर फरार हो गए। किसान मुन्नालाल ने तत्काल पुलिस को सूचना दी किसान का कहना है कि उसने लहसुन खेत में सूखने के लिए रखे थे। चोर मुन्नालाल के खेत से 25 क्विंटल और द्वारका नाम के किसान के खेत से 15 क्विंटल लहसुन चोरी करके ले गए हैं। नामली थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है, चोरी गए लहसुन की कीमत 2 लाख रुपए बताई जा रही है। नामली थाना प्रभारी पातीराम डावरे के साथ पुलिस बल खेतों में पहुंचा। किसानों से जानकारी ली, आसपास क्षेत्रों में सर्चिंग की। अन्य किसान भी खेतों पर पहुंचे। चोरी गई लहसुन की कीमत करीब 2 लाख रुपए है। किसानों ने बताया कि खेत रोड से काफी अंदर है। आम व्यक्ति वहां पर नहीं पहुंचा सकता। किसानों ने बताया कि चोर मौके से सिर्फ लहसुन ही चुरा ले गए। जबकि, वहां पर अन्य सामान भी रखा था। नहीं चला सोयाबीन से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली का पता बता दें कि, नामली में लगातार दूसरे दिन चोरों ने वारदात को अंजाम दिया है। शनिवार रात अनाज व्यापारी बंकटलाल कुमावत के घर के बाहर से सोयाबीन से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली बदमाश चुरा ले गया था। नगर की सड़क से ट्रैक्टर ट्रॉली ले जाते हुए चोर सीसीटीवी में कैद हुआ था। उसमें 20 क्विंटल सोयाबीन थी। लेकिन, अब तक पुलिस ट्रैक्टर ट्रॉली के बारे में पता नहीं कर पाई है। लगातार दो दिन से हो रही चोरी से नगरवासियों में आक्रोश है।   recent visitors 35