गांधीसागर डूब क्षेत्र में रेत के अवैध खनन के खिलाफ पुलिस, राजस्व और खनिज विभाग ने संयुक्त कार्रवाई

नीमच नीमच जिले की मनासा तहसील के गांव खानखेड़ी और कुंडला गांधीसागर डूब क्षेत्र (बैक वाटर) में रेत के अवैध खनन के खिलाफ पुलिस, राजस्व और खनिज विभाग ने संयुक्त कार्रवाई की। खानखेड़ी के नदी घाट पर छापेमारी कर चार फाइटर मशीन, चार बड़ी नाव, एक छोटा जहाज और रेत से भरी दो ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त की। चंबल नदी के बैंक वाटर में कई मशीनों से अवैध उत्खनन की सूचना पर कलेक्टर ने संज्ञान लिया। कुकड़ेश्वर थाना पुलिस, खनिज विभाग अधिकारी गजेंद्र डाबर, आरआई कुलदीप डाबर, तहसीलदार मुकेश निगम, पटवारी और चौकीदार की टीम मौके पर पहुंची। इसके साथ ही एक अन्य दल पानी के रास्ते होते हुए भी दबिश देने पहुंचा। टीमों ने खानखेड़ी के नदी घाट पर छापा मारा। वहां चार फाइटर मशीन, चार बड़ी नाव और एक छोटा जहाज अवैध उत्खनन में लगे मिले। पास में रेत से भरी दो ट्रैक्टर-ट्रॉली भी खड़ी थी। सभी नौ मशीनों और दो ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त किया। कार्रवाई से पहले ही अवैध उत्खनन करने वाले ट्रैक्टर और मशीनें छोड़कर भाग निकले। खनिज अधिनियम की विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। जब्त ट्रैक्टर-ट्रॉली और मशीनों के मालिकों व चालकों की जानकारी जुटाई जा रही है। एसडीएम, खनिज विभाग तथा पुलिस की निगरानी में मौके पर ही जब्त की गई मशीनों को नष्ट कर पानी में डूबो दिया। गौरतलब है कि मंदसौर और नीमच जिले में गांधीसागर के बैक वाटर क्षेत्र में लंबे समय से खनन माफियाओं द्वारा नदी में सक्सर मशीन डाल कर रेती का अवैध खनन कर जिले में स्थित चंबल नदी, रेतम नदी के साथ ही मलेनी नदी को खोखला किया जा रहा था। मीडिया में लगातार खबरें प्रकाशित होने के बाद मंदसौर खनिज विभाग द्वारा कुछ दिन पूर्व कार्रवाई की गई थी। उसके बाद अब नीमच जिला प्रशासन और खनिज विभाग द्वारा संयुक्त रूप से कार्रवाई की गई है।   recent visitors 37

कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से मांगी डिटेल, कपिल मिश्रा के उस X में क्या विवादित था? 8 अप्रैल को फैसला

नई दिल्ली दिल्ली सरकार के कानून मंत्री कपिल मिश्रा की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। चुनाव आचार संहिता उल्लंघन मामले में दिल्ली की अदालत ने पुलिस से कपिल के उस विवादित एक्स पोस्ट की जानकारी मांगी है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने इसी के साथ मामले की अगली सुनवाई 8 अप्रैल तक के लिए टाल दी है। उस दिन कपिल मिश्रा पर आरोप भी तय हो सकता है। आचार संहिता के उल्लंघन वाले मामले पर आज सुनवाई करते हुए दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने उत्तरी पश्चिमी जिले के डीसीपी से 'एक्स' (पहले ट्विटर) से उस पोस्ट की जानकारी जुटाने के बारे में स्टेटस रिपोर्ट मांगी है,जो कथित तौर पर दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा ने पोस्ट की थी। कोर्ट ने आदेश दिया है कि डीसीपी अगली सुनवाई से पहले एक विस्तृत रिपोर्ट पेश करें। कोर्ट ने आरोप तय करने पर बहस के लिए मामले को 8 अप्रैल को सूचीबद्ध किया है। इससे एक दिन पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने कपिल मिश्रा को कोई राहत न देते हुए निचली अदालत में चल रही सुनवाई पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। कपिल मिश्रा के वकील ने निचली अदालत में चल रही सुनवाई को रोकने की मांग की थी। उन्होंने कहा कि कपिल मिश्रा के खिलाफ FIR CrPc में दिए गए नियमों और प्रक्रियाओं का पालन किए बिना दर्ज की गई थी। उनके वकील ने यह भी कहा कि 'एक्स' (पहले ट्विटर) पर किया गया पोस्ट किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से नहीं किया गया था। सोशल मीडिया पोस्ट में किसी भी धर्म या धार्मिक समुदाय का जिक्र नहीं था। इसके अलावा, पोस्ट में CAA प्रदर्शन को लेकर भी कोई टिप्पणी नहीं की गई थी। recent visitors 43

उज्जैन : महिला इंजीनियर को अश्लील मैसेज भेजने वाले कार्यपालन यंत्री के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली

उज्जैन उज्जैन नगर निगम की महिला सभी इंजीनियर को अश्लील मैसेज भेजने और रात में घर बुलाने के लिए दबाव बनाने वाले कार्यपालन यंत्री के खिलाफ कोतवाली थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है. अभी कार्यपालन यंत्री फरार बताया जा रहा है. दरअसल, उज्जैन नगर निगम में सब इंजीनियर के पद पर पदस्थ 35 वर्षीय महिला अधिकारी ने अपने ही विभाग के कार्यपालन यंत्री पीयूष भार्गव के खिलाफ कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज कराई है. महिला सब इंजीनियर का आरोप है कि कार्यपालन यंत्री भार्गव ने लंबे समय से प्रताड़ित कर रहे थे. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि वे रात के समय उन्हें घर बुलाते थे. इसके अलावा फोन पर अश्लील बातें भी करते थे. महिला अधिकारी ने व्हाट्सएप चैटिंग के अलावा पीयूष भार्गव की ऑडियो कॉल रिकॉर्डिंग भी सबूत के तौर पर पुलिस के समक्ष पेश की थी, जिसके बाद पुलिस ने गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है. एसपी प्रदीप कुमार शर्मा के मुताबिक आरोपी पीयूष भार्गव को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा. अभी आरोपी फरार है. 'नौकरी छोड़ने का बना लिया था मन' महिला अधिकारी ने अपने शिकायत में यह भी लिखा है कि पीयूष भार्गव की वजह से उन्होंने नौकरी छोड़ने का मन बना लिया था, लेकिन फिर उन्हें एहसास हुआ कि भार्गव दूसरी महिला अधिकारियों के साथ भी इस तरीके से बर्ताव कर सकता है. इसके बाद उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों से शिकायत की नगर निगम आयुक्त आशीष पाठक की सलाह पर उन्होंने पुलिस में भी शिकायत की है. 7 दिनों में होगी जांच पूरी नगर निगम आयुक्त आशीष पाठक ने बताया कि पीयूष भार्गव के खिलाफ उनके पास महिला अधिकारी ने शिकायत की है. महिला अधिकारी की शिकायत पर जांच कमेटी बनाई गई है जो कि सात दिनों मे अपनी रिपोर्ट पेश करेगी. इसके बाद निगम की ओर से अलग से कार्रवाई की जाएगी. पहले भी हो चुका है विवाद कार्यपालन यंत्री पीयूष भार्गव पूर्व में रिटायर हो चुका है. उसे संविदा के आधार पर रखा गया है. पूर्व में भी वे कई बार विवादों में रह चुके हैं. उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण करने वाली जांच एजेंसी भी जांच कर चुकी है. recent visitors 54

युजवेंद्र चहल और उनकी पत्नी धनश्री वर्मा को वकील ने कहा, तलाक हो गया है, शादी टूट गई

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेटर युजवेंद्र चहल और उनकी पत्नी धनश्री वर्मा का आज आधिकारिक रूप से तलाक हो गया है। कोर्ट में आज (20 मार्च) उनके तलाक पर अंतिम फैसला आया। दोनों मजिस्ट्रेट के सामने पेश हुए और उन्हें तलाक दे दिया गया। वकील ने कहा, "तलाक हो गया है, शादी टूट गई है। बता दें कि यह मामला क्रिकेट और ग्लैमर की दुनिया में काफी चर्चा में रहा है, क्योंकि दोनों की जोड़ी सोशल मीडिया पर बेहद पॉपुलर थी। लेकिन अब यह रिश्ता टूट गया है। बांद्रा फैमिली कोर्ट में धनश्री अपने चेहरे को ढककर कोर्ट पहुंचीं। दोनों ने मीडिया से कोई बातचीत नहीं की।   युजवेंद्र चहल भी अपने वकील के साथ फैमिली कोर्ट पहुंचे, लेकिन उन्होंने मास्क और हुडी पहनकर अपने चेहरे को पूरी तरह ढक लिया, जिससे किसी को उनकी पहचान न हो। उनका कोर्ट परिसर में प्रवेश करते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिस पर लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।   एलिमनी पर बनी सहमति बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों के बीच 4.75 करोड़ रुपये के एलिमनी सेटलमेंट पर सहमति बन चुकी है। चहल ने पहले ही 2.35 करोड़ रुपये धनश्री को दे दिए हैं। युजवेंद्र चहल और धनश्री वर्मा की शादी साल 2020 में बड़ी धूमधाम से हुई थी। हालांकि, पिछले एक साल से दोनों अलग रह रहे थे। हाल ही में धनश्री ने अपने इंस्टाग्राम से चहल के साथ तस्वीरें डिलीट कर दी थीं, लेकिन अब उन्हें दोबारा अनआर्काइव कर दिया है।   recent visitors 45

घनी टाइगर आबादी वाला देश का टाइगर रिजर्व बना रणथंभौर रचा इतिहास

सवाई माधोपुर राजस्थान का रणथंभौर टाइगर रिजर्व, जो विश्व पटल पर अपनी बाघों की अठखेलियों के लिए प्रसिद्ध है ने एक और कीर्तिमान रच दिया है। यह देश का सबसे घनी टाइगर आबादी वाला टाइगर रिजर्व बन गया है। यहां कुल 66 बाघ, बाघिन और शावक हैं, जिनमें 23 बाघ, 25 बाघिन और 18 शावक शामिल हैं। खास बात यह है कि रणथंभौर में टाइगर शावकों की संख्या कुल आबादी का लगभग 27.27% है। रणथंभौर टाइगर रिजर्व 1334 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है, जिसमें केवल 940 वर्ग किलोमीटर में ही बाघ विचरण करते हैं। इस सीमित क्षेत्र में बाघों की इतनी अधिक संख्या ने इसे देश का सबसे घनी टाइगर आबादी वाला टाइगर रिजर्व बना दिया है। एक बाघ के हिस्से में औसतन 14.25 वर्ग किलोमीटर का क्षेत्र आता है। रणथंभौर टाइगर रिजर्व को दो डिवीजन में विभाजित किया गया है। पहला डिवीजन 940 वर्ग किलोमीटर में फैला है, जिसमें 600 वर्ग किलोमीटर को कोर एरिया और शेष को बफर एरिया कहा जाता है। इसके अलावा 128 वर्ग किलोमीटर का क्षेत्र पालीघाट चंबल घड़ियाल सेंचुरी का हिस्सा है। आमतौर पर एक टाइगर अपनी टेरेटरी पेड़ों पर स्प्रे (पेशाब) और पंजों के निशान बनाकर निर्धारित करता है। रणथंभौर में एक विशेष स्थिति यह है कि यहां बाघ एक-दूसरे की टेरेटरी को ओवरलैप कर रहे हैं, जिससे बाघों के बीच टेरिटोरियल फाइट की घटनाएं भी होती हैं। कई बार ऐसे संघर्षों में बाघों की मौत भी हो चुकी है। रणथंभौर टाइगर रिजर्व प्रथम के डीएफओ रामानंद भाकर ने बताया कि वन विभाग रणथंभौर के क्वालंजी वन क्षेत्र को टाइगर हैबिटाट के रूप में विकसित कर रहा है। इसके अतिरिक्त रणथंभौर से रामगढ़ विषधारी वन्यजीव अभयारण्य, बूंदी तक एक टाइगर कॉरिडोर भी विकसित किया जा रहा है। इस पहल से बाघों को पर्याप्त पर्यावास मिलेगा और संघर्ष की घटनाओं में कमी आएगी। साथ ही कैलादेवी अभयारण्य को भी विकसित किया जा रहा है। जब ये इलाके विकसित होंगे तो रणथंभौर के बाघों को पर्याप्त जगह मिल सकेगी। recent visitors 72

मध्यप्रदेश के कूनो में चीतों को बसाने में विन्सेंट अब नहीं रहे, रियाद के अपार्टमेंट में मिला शव

 भोपाल दुनिया के प्रसिद्ध चीता विशेषज्ञ और 'द मेटापॉपुलेशन इनिशिएटिव' (TMI) के संस्थापक विन्सेंट वैन डेर मेरवे का शव सऊदी अरब की राजधानी रियाद के एक अपार्टमेंट में मिला है. उनके निधन की खबर से दुनियाभर के वन्यजीव संरक्षणवादियों में शोक की लहर दौड़ गई है. विन्सेंट वैन डेर मेरवे मूल रूप से दक्षिण अफ्रीका के निवासी थे और दक्षिण अफ्रीका के साथ-साथ एशिया में चीता संरक्षण एवं पुनर्वास के क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता के लिए जाने जाते थे. उनकी संस्था 'द मेटापॉपुलेशन इनिशिएटिव' इन दिनों सऊदी अरब सरकार के साथ मिलकर वहां चीतों को बसाने की योजना पर काम कर रही थी. इसी सिलसिले में वह रियाद गए थे, जहां उनका शव बरामद हुआ. PM मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट से जुड़े थे विन्सेंट विन्सेंट वैन डेर मेरवे भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महत्वाकांक्षी 'प्रोजेक्ट चीता' से भी गहरे तौर पर जुड़े थे. इस परियोजना के तहत मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में चीतों को फिर से बसाने का प्रयास किया जा रहा है. नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से भारत लाए गए चीतों को भारतीय परिस्थितियों के अनुकूल ढालने में उनकी भूमिका बेहद अहम थी. वह उन चुनिंदा अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों में से एक थे, जिन्होंने इस परियोजना को दिशा-निर्देश प्रदान किए. यह परियोजना भारतीय घास के मैदानों में अफ्रीकी चीतों को बसाने की एक अनूठी पहल है. चुनौतियों के बावजूद, विन्सेंट ने इस प्रोजेक्ट में अपनी आस्था जताई थी और इसके शुरुआती चरणों की सफलता में उनका बड़ा योगदान रहा. चीता संरक्षण में वैश्विक योगदान विन्सेंट ने अफ्रीका और एशिया में चीतों के पुनर्वास से जुड़े कई परियोजनाओं में सक्रिय रूप से काम किया था. उनकी विशेषज्ञता और समर्पण ने चीता संरक्षण के क्षेत्र में एक अमिट छाप छोड़ी. उनके असामयिक निधन से न केवल 'प्रोजेक्ट चीता', बल्कि वैश्विक संरक्षण समुदाय को भी गहरा आघात पहुंचा है. कैसे हुआ निधन? विन्सेंट वैन डेर मेरवे की संस्था TMI चीतों की आबादी को बढ़ाने और उनकी सुरक्षा के लिए काम करती है। उनकी संस्था 'द मेटापॉपुलेशन इनिशिएटिव' इन दिनों सऊदी अरब सरकार के साथ मिलकर चीतों को बसाने की योजना पर काम कर रही थी। इसी सिलसिले में विन्सेंट रियाद गए थे। रियाद में उनके अपार्टमेंट बिल्डिंग के हॉलवे में विन्सेंट का शव मिला। CCTV फुटेज से पता चला कि मेरवे अचानक गिरे और सिर पर चोट लग गई। गंभीर चोट लगने के कारण उनकी जान चली गई। कौन थे विन्सेंट वैन डेर मेरवे? विन्सेंट का जन्म 1983 में साउथ अफ्रीका में हुआ था। वन्यजीवों के प्रति उनके प्रेम ने उन्हें संरक्षण जीव विज्ञान में एक शानदार करियर की ओर अग्रसर किया। 'द मेटापॉपुलेशन इनिशिएटिव' (TMI) के संस्थापक थे।  चीतों की आबादी को बढ़ाने और उनकी सुरक्षा के लिए कई प्रयास किए। विन्सेंट ने चीतों को विभिन्न अभ्यारण्यों में सफलतापूर्वक फिर से बसाया।   217 चीतों के साथ हुई थी शुरुआत विन्सेंट के 'चीता मेटापॉपुलेशन प्रोजेक्ट' की शुरुआत साउथ अफ्रीका के 41 वन्यजीव अभ्यारण्यों में 217 चीतों के साथ हुई थी। आज यह प्रोजेक्ट साउथ अफ्रीका, मलावी, जाम्बिया, जिम्बाब्वे, मोजाम्बिक और भारत में 75 अभ्यारण्यों में 537 चीतों तक फैल चुका है। एमपी में चीते बसाने में अहम भूमिका भारत में पीएम नरेंद्र मोदी के 'प्रोजेक्ट चीता' की सफलता के पीछे विन्सेंट की अहम भूमिका रही। नरेंद्र मोदी के महत्वाकांक्षी 'प्रोजेक्ट चीता' से विन्सेंट गहरे तौर पर जुड़े थे। इस परियोजना के तहत मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में चीतों को फिर से बसाया। नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से भारत लाए गए चीतों को भारतीय परिस्थितियों के अनुकूल ढालने में उनकी भूमिका बेहद अहम थी। recent visitors 49

कोस्मो आनंदा टाउनशिप में सनसनीखेज हत्याकांड, अपहरण किये बच्चे का शव टाउनशिप में ढाई फीट गहरे गड्ढे में मिला

ग्वालियर  ग्वायिलर के सिरोल स्थित कोस्मो आनंदा टाउनशिप से मंगलवार दोपहर जिस चार वर्षीय बालक का अपहरण हुआ था। 33 घंटे बाद उसकी लाश टाउनशिप के ही पिछले हिस्से में ढाई फीट गहरे गड्ढे में मिली।हत्या करने वाली 12 वर्षीय बालिका है, जो उसे अपने साथ बेर तोड़ने के बहाने ले गई थी। बालिका ने मंगलवार दोपहर में ही करीब एक बजे मासूम का पहले गला दबाया फिर मुंह के बल उसे गड्ढे में गिराया। इसके बाद भारी पत्थर पटक दिया। लाश को छिपाने के लिए ऊपर से और पत्थर पटक दिए। हत्या का कारण साफ नहीं हत्या क्यों की, यह स्पष्ट नहीं हो सका है। प्रारंभिक पूछताछ में उसने कहा कि उसे उन बच्चों को देखकर गुस्सा आता है, जो उसकी बात नहीं मानते। पुलिस बाल अपचारी बालिका की काउंसलिंग भी कराएगी, जिससे हत्या की असल वजह सामने आ सके। बच्चे की लाश मिलने पर परिवार आक्रोशित हुआ यूनिवर्सिटी थाना पुलिस ने बालिका को हिरासत में लिया है। बालिका के माता-पिता से भी पूछताछ चल रही है। बच्चे की लाश मिलने के बाद परिवार आक्रोशित हो गया। इसके चलते चार थानों की फोर्स कास्मो आनंदा टाउनशिप में लगाई गई। एसएसपी धर्मवीर सिंह, एएसपी कृष्ण लालचंदानी, डीएसपी हिना खान सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। मासूम बच्चे के पिता पत्नी व चार बच्चों के साथ दो माह पहले ही ग्वालियर आए थे। सिरोल क्षेत्र में फूटी बैरक में रहते थे। कास्मो आनंदा टाउनशिप में नगरीय प्रशासन विभाग की डिप्टी डायरेक्टर सविता प्रधान के भवन का निर्माण कार्य चल रहा है। यहां रामकुमार और पत्नी काम करते हैं। मंगलवार को काम करने आए और बेटे को भी साथ ले आए थे। लौटकर आए तो बेटा गायब मिला बेटा यहां दूसरे मजदूरों के बच्चों के साथ खेल रहा था। जब वह लौटकर आए तो बेटा गायब मिला। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई थी। एसएसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि हत्या 12 वर्षीय बालिका ने की है। बालिका ने यह कुबूल कर लिया है। हत्या क्यों की, इसे लेकर पड़ताल जारी है। 30 घंटे में 10 बार बालिका ने उलझाया, हमउम्र बालिका ने खोला राज तो मिला सुराग आरोपित बालिका से सबसे पहले पूछताछ मंगलवार दोपहर तीन बजे हुई, जब पुलिस को पता लगा कि वह बेर तोड़ने के लिए बच्चे को साथ ले गई थी। उस समय उसने कहा- वह बेर तोड़ने के बाद बच्चे को छोड़ गई थी। दोबारा पूछताछ हुई तो कहा- कुत्ते पीछे पड़ गए थे, कुत्तों ने उसे काट लिया होगा। यहां से उस पर संदेह हुआ। फिर उसने बेर तोड़ने जाने के रास्ते बदल-बदलकर बताए। पुलिस को पता लगा कि उस समय यहां तीन बच्चे और खेल रहे थे। इन्हीं में से हमउम्र किशोरी को आरोपित बालिका के सामने बैठाकर खाना खिलाया फिर बात की तो लौटने के रास्ते के बारे में सवाल किया। इस पर आरोपित बालिका ने दूसरा रास्ता बताया, दूसरी किशोरी ने हकीकत बताई और इसी बात पर अड़ गई। तब आरोपित बालिका से बात की गई, तो वह टूट गई और खुद ही लाश के पास लेकर पहुंच गई। recent visitors 56