कोस्मो आनंदा टाउनशिप में सनसनीखेज हत्याकांड, अपहरण किये बच्चे का शव टाउनशिप में ढाई फीट गहरे गड्ढे में मिला

ग्वालियर  ग्वायिलर के सिरोल स्थित कोस्मो आनंदा टाउनशिप से मंगलवार दोपहर जिस चार वर्षीय बालक का अपहरण हुआ था। 33 घंटे बाद उसकी लाश टाउनशिप के ही पिछले हिस्से में ढाई फीट गहरे गड्ढे में मिली।हत्या करने वाली 12 वर्षीय बालिका है, जो उसे अपने साथ बेर तोड़ने के बहाने ले गई थी। बालिका ने मंगलवार दोपहर में ही करीब एक बजे मासूम का पहले गला दबाया फिर मुंह के बल उसे गड्ढे में गिराया। इसके बाद भारी पत्थर पटक दिया। लाश को छिपाने के लिए ऊपर से और पत्थर पटक दिए। हत्या का कारण साफ नहीं हत्या क्यों की, यह स्पष्ट नहीं हो सका है। प्रारंभिक पूछताछ में उसने कहा कि उसे उन बच्चों को देखकर गुस्सा आता है, जो उसकी बात नहीं मानते। पुलिस बाल अपचारी बालिका की काउंसलिंग भी कराएगी, जिससे हत्या की असल वजह सामने आ सके। बच्चे की लाश मिलने पर परिवार आक्रोशित हुआ यूनिवर्सिटी थाना पुलिस ने बालिका को हिरासत में लिया है। बालिका के माता-पिता से भी पूछताछ चल रही है। बच्चे की लाश मिलने के बाद परिवार आक्रोशित हो गया। इसके चलते चार थानों की फोर्स कास्मो आनंदा टाउनशिप में लगाई गई। एसएसपी धर्मवीर सिंह, एएसपी कृष्ण लालचंदानी, डीएसपी हिना खान सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। मासूम बच्चे के पिता पत्नी व चार बच्चों के साथ दो माह पहले ही ग्वालियर आए थे। सिरोल क्षेत्र में फूटी बैरक में रहते थे। कास्मो आनंदा टाउनशिप में नगरीय प्रशासन विभाग की डिप्टी डायरेक्टर सविता प्रधान के भवन का निर्माण कार्य चल रहा है। यहां रामकुमार और पत्नी काम करते हैं। मंगलवार को काम करने आए और बेटे को भी साथ ले आए थे। लौटकर आए तो बेटा गायब मिला बेटा यहां दूसरे मजदूरों के बच्चों के साथ खेल रहा था। जब वह लौटकर आए तो बेटा गायब मिला। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई थी। एसएसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि हत्या 12 वर्षीय बालिका ने की है। बालिका ने यह कुबूल कर लिया है। हत्या क्यों की, इसे लेकर पड़ताल जारी है। 30 घंटे में 10 बार बालिका ने उलझाया, हमउम्र बालिका ने खोला राज तो मिला सुराग आरोपित बालिका से सबसे पहले पूछताछ मंगलवार दोपहर तीन बजे हुई, जब पुलिस को पता लगा कि वह बेर तोड़ने के लिए बच्चे को साथ ले गई थी। उस समय उसने कहा- वह बेर तोड़ने के बाद बच्चे को छोड़ गई थी। दोबारा पूछताछ हुई तो कहा- कुत्ते पीछे पड़ गए थे, कुत्तों ने उसे काट लिया होगा। यहां से उस पर संदेह हुआ। फिर उसने बेर तोड़ने जाने के रास्ते बदल-बदलकर बताए। पुलिस को पता लगा कि उस समय यहां तीन बच्चे और खेल रहे थे। इन्हीं में से हमउम्र किशोरी को आरोपित बालिका के सामने बैठाकर खाना खिलाया फिर बात की तो लौटने के रास्ते के बारे में सवाल किया। इस पर आरोपित बालिका ने दूसरा रास्ता बताया, दूसरी किशोरी ने हकीकत बताई और इसी बात पर अड़ गई। तब आरोपित बालिका से बात की गई, तो वह टूट गई और खुद ही लाश के पास लेकर पहुंच गई। recent visitors 56

छात्राओं के यौन शोषण मामले में गिरफ्तार हुआ प्रोफेसर रजनीश कुमर, पूछताछ में कई सच्‍चाइयों का खुलासा

हाथरस यूपी के हाथरस के बागला कॉलेज में पिछले 20 साल से छात्राओं का यौन शोषण करने का आरोपी प्रोफेसर रजनीश कुमार गिरफ्तार कर लिया गया है। प्रोफेसर के पास से पुलिस ने मोबाइल और लैपटॉप भी बरामद किया है। उससे पूछताछ में छात्राओं के यौन शोषण से जुड़ी कई सच्‍चाइयों का खुलासा होने की संभावना है। प्रोफेसर के घिनौने कृत्‍यों का खुलासा तब हुआ था जब छात्राओं के अश्‍लील हरकत करने के उसके कई वीडियो लीक हो गए। इस मामले को लेकर पिछले कई दिनों से हाथरस में हड़कंप मचा हुआ है। छात्र और अभिभावक गुस्‍से में हैं। वे सब लगातार प्रदर्शन कर प्रोफेसर की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। प्रोफेसर की तलाश में पुलिस की कई टीमें जुटी थीं। डीएम ने भी इस मामले में चार सदस्‍यीय जांच कमेटी बनाई है जो कॉलेज और अन्‍य स्‍थानों पर लोगों से पूछताछ कर अपनी जांच-पड़ताल में जुटी है। यौन शोषण मामले में गिरफ्तार किया गया प्रोफेसर रजनीश कुमर पीसी बागला कॉलेज में भूगोल विभाग का अध्‍यक्ष रहा है। उसके पास चीफ प्रॉक्‍टर का भी चार्ज था। प्रोफेसर के खिलाफ छात्राओं ने उत्‍तर प्रदेश राज्‍य महिला आयोग, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और अन्य अधिकारियों को कई गुमनाम चिट्ठ‍ियां भेजकर शिकायत की थी। उन्‍होंने प्रोफेसर रजनीश कुमार की आपत्तिजनक स्थिति में कुछ तस्‍वीरें भी भेजी थीं। आरोप है कि प्रोफेसर रजनीश कुमार परीक्षा में अच्‍छे नंबर दिलवाने और सरकारी नौकरी दिलाने का लालच देकर छात्राओं का यौन शोषण करता था। वह छात्राओं को अपने जाल में फंसाकर उनके साथ अश्‍लील हरकतें करता था और इस दौरान खुद ही वीडियो भी रिकॉर्ड करता था। इन्‍हीं में से 59 वीडियो पिछले दिनों सोशल मीडिया में लीक हो गए थे। 13 मार्च को मुकदमा दर्ज होने के बाद से वह लगातार फरार चल रहा था। इस बीच प्रोफेसर को कॉलेज प्रबंधन ने सस्पेंड भी कर दिया था। प्रोफेसर की जांच के लिए हाथरस के डीएम ने चार सदस्‍यीय कमेटी गठित कर सात दिन में रिपोर्ट मांगी थी। इस कमेटी ने कल कॉलेज में जाकर कई लोगों से पूछताछ की थी। यूपी से राजस्‍थान तक हो रही थी प्रोफेसर की तलाश यूपी पुलिस की कई टीमें प्रो. रजनीश कुमार की तलाश में जुटी थीं। यूपी से लेकर राजस्‍थान तक उसकी तलाश की जा रही थी। प्रोफेसर का मोबाइल लगातार बंद था लेकिन पुलिस उसकी निगरानी में जुटी थी। पुलिस की टीमें मथुरा में उसके गांव समेत संभावित ठिकानों पर भेजी गईं थीं। लेकिन वह वहां नहीं मिला था। पुलिस की लगातार कोशिशों के परिणामस्‍वरूप गुरुवार की सुबह प्रो. रजनीश कुमार को पकड़ने में पुलिस को कामयाबी मिली। recent visitors 45

जॉर्जटाउन विश्वविद्यालय के भारतीय छात्र की गिरफ्तारी, हमास से संबंध रखने का लगाया गया है आरोप

वॉशिंगटन  अमेरिका की जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले एक भारतीय छात्र को गिरफ्तार किया गया है। बदर सूरी नाम के इस छात्र पर DHS (यूएस डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी) ने आरोप लगाया है कि उसका फिलिस्तीनी गुट हमास से संबंध हैं। उस पर सोशल मीडिया पर हमास का प्रचार और यहूदी विरोधी बातें फैलाने का भी इल्जाम है। अमेरिका गाजा को नियंत्रित करने वाले हमास को आतंकी गुट मानता है। बदर के वकील ने  बताया कि ट्रंप प्रशासन उसे अमेरिकी विदेश नीति के लिए खतरा बताकर भारत डिपोर्ट करने की योजना बना रहा है। फिलहाल उसका केस लुइसियाना के अलेक्जेंड्रिया की इमिग्रेशन कोर्ट में है। वाइट हाउस के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ स्टीफन मिलर ने बताया है कि विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि सूरी के काम उसके निर्वासन के लिए काफी हैं। बयान में कहा गया है कि सूरी एक छात्र वीजा पर अमेरिका में रहकर पढ़ाई कर रहा था। उसने एक अमेरिकी लड़की से शादी की हुई है। बदर को सोमवार रात वर्जीनिया के रॉसलिन में उसके घर के बाहर से पुलिस ने गिरफ्तार किया। फिलहाल कोर्ट में है केस बदर सूरी वॉशिंगटन डीसी के जॉर्जटाउन विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ फॉरेन सर्विस में अलवलीद बिन तलाल सेंटर फॉर मुस्लिम-क्रिश्चियन अंडरस्टैंडिंग में फेलो हैं। DHS ने फॉक्स न्यूज को बताया कि सूरी पर हमास से संबंध रखने का आरोप है। हालांकि DHS ने अपने आरोपों के समर्थन में कोई सबूत नहीं दिया है। इस पर सूरी के वकील ने भी सवाल किए हैं। कोलंबिया यूनिवर्सिटी की भारतीय पीएचडी छात्रा रंजनी श्रीनिवासन को भी हाल ही में अमेरिका छोड़ना पड़ा है। उन्होंने भी फिलिस्तीन के समर्थन में प्रदर्शन किया था। इसके चलते उनका वीजा 5 मार्च को रद्द कर दिया गया था। उन पर भी आतंकवाद का समर्थन करने और हमास से जुड़ी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया गया। इससे रंजनी श्रीनिवासन को सेल्फ डिपोर्टेशन के लिए मजबूर होना पड़ा। ट्रंप प्रशासन ने चला रखा है अभियान अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के प्रशासन ने फिलहाल कोलंबिया यूनिवर्सिटी को मिलने वाली करीब 400 मिलियन डॉलर की सरकारी मदद रोकी है। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि अगर कोई छात्र हिंसा और आतंकवाद का समर्थन करता है, तो उसे अमेरिका में रहने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए। इस पर ट्रंप प्रशासन सख्त दिख रहा है। recent visitors 39

यूपी में 20 और आईपीएस अफसरों का हुआ तबादला, बड़ा प्रशासनिक फेरबदल

लखनऊ यूपी में इन दिनों आईपीएस अधिकारियों के तबादलों का दौर जारी है। गुरुवार की सुबह सात आईपीएस अधिकारियों के तबादले हुए। इसके पहले बुधवार को 20 आईपीएस अधिकारियों को नई तैनाती मिली थी। गुरुवार की सुबह हुए इन तबादलों में  उपेंद्र कुमार अग्रवाल को पुलिस महानिरीक्षक सुरक्षा लखनऊ बनाया गया है। पहले वह पुलिस महानिरीक्षक आर्थिक अपराध में थे। इसी तरह आईपीएस विनोद कुमार सिंह को अपर पुलिस आयुक्त अपराध कानपुर नगर बनाया है पहले वह पुलिस महानिरीक्षक सुरक्षा लखनऊ के पद पर आसीन थे। आईपीएस अमित वर्मा को संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध लखनऊ बनाया गया है इसके पहले वह संयुक्त पुलिस आयुक्त लखनऊ के पद पर कार्यरत थे। आईपीएस बबलू कुमार को संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था पुलिस कमिश्नरेट बनाया गया इसके पहले वह संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध एवं मुख्यालय पुलिस कमिश्नरेट थे। आईपीएस प्रदीप कुमार को पुलिस अधीक्षक आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन वाराणसी बनाया गया इसके पहले वह पुलिस अधीक्षक एएनटीएफ मुख्यालय पर तैनात थे। इसी तरह आईपीएस एसम कासिम को पुलिस उपायुक्त पुलिस कमिश्नरेट कानपुर नगर बनाया गया है इसके पहले वह पुलिस अधीक्षक सतर्कता अधिष्ठान उत्तर प्रदेश लखनऊ में कार्यरत थे। आईपीएस मनोज कुमार अवस्थी को पुलिस अधीक्षक कानून एवं व्यवस्था पुलिस महानिदेशक लखनऊ बनाया गया है। इसके पहले वह पुलिस अधीक्षक/अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण शाहजहांपुर थे।  recent visitors 57

मेरठ जेल में करवटें बदलती रही मुस्कान, खाना नहीं खाया, बोली- मुझे अपने किए पर पछतावा

मेरठ मेरठ में पति सौरभ का कत्ल कर मुस्कान अपने प्रेमी साहिल के साथ हिमाचल, मनाली और शिमला में अय्याशी करने के लिए चली गई। वहीं, मासूम बेटी अपने पिता से बात करने के लिए बार-बार सौरभ और मुस्कान के मोबाइल पर कॉल करती रही। वह अपनी मां से हर बार एक ही बात कहती कि मां, जरा पापा से मेरी बात करा दो। लेकिन मुस्कान ने कभी सौरभ के व्यस्त होने और कभी सो जाने की बात कहकर हर बार उसे टाल दिया। मासूम को अब भी नहीं मालूम कि उसके सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया है। 18 मार्च को सुबह मासूम ने बार-बार अपने पापा से बात कराने की जिद की तो मुस्कान टूट गई। पहले परिजनों को बताया कि सौरभ को उसके ही परिवार ने मार दिया है और ड्रम में बंद कर दिया है। इस दौरान उसे अगवा कर बंधक बनाकर रखा और अब छोड़ा है। हालांकि जब मुस्कान के पिता प्रमोद रस्तोगी ने ज्यादा खोजबीन की तो मुस्कान ने साहिल के साथ मिलकर सौरभ की हत्या का खुलासा किया। मासूम को नहीं पता, पिता का साया सिर से उठ गया सौरभ और मुस्कान की बेटी अपने नाना प्रमोद रस्तोगी के पास है। मासूम बच्ची को नहीं पता कि मां ने ही पिता की हत्या कर दी और सिर से पिता का साया उठ चुका है। फिलहाल बच्ची को प्रमोद रस्तोगी ने अपने पास रखने की ही बात कही है। सीमेंट तोड़ निकाली लाश,दो घंटे चला पोस्टमार्टम सौरभ की लाश को जिस ड्रम में डालकर सीमेंट का घोल भरा गया था, उसे पुलिस ने मंगलवार रात को मोर्चरी भिजवाया। इसके बाद करीब डेढ़ घंटे मशक्कत करने के बाद इस ड्रम को काटकर और सीमेंट को तोड़कर लाश के टुकड़े बाहर निकाले गए। ड्रम में सौरभ का सिर और दोनों हाथ कटे हुए अलग मिले थे, जबकी बाकी शरीर अलग था। इसके बाद शव को मोर्चरी में रखवाया गया। बुधवार को करीब 2 घंटे पोस्टमार्टम चला। पोस्टमार्टम के अनुसार सौरभ की मौत दिल में चाकू लगने से हुई है। सीने पर चाकू के कुल मिलाकर पांच वार मिले हैं। पोस्टमार्टम हाउस के चिकित्सक और स्टाफ का कहना है कि उन्होंने अपनी नौकरी में सीमेंट के ड्रम में जमे शव का पहली बार पोस्टमार्टम किया है। खुलासा किया गया है कि किसी धारदार हथियार से सीने पर वार किए गए। इसके बाद उस्तरे से गर्दन काटने का प्रयास किया गया था, लेकिन बात नहीं बनी। इसके बाद किसी बड़े चाकू या आरी से गर्दन काटी गई। इतना ही नहीं, दोनों हाथ भी काटकर अलग किए गए थे। पोस्टमार्टम में किसी नशीली दवा के इस्तेमाल की फिलहाल पुष्टि नहीं हुई है। डॉक्टर ने जांच के लिए बिसरा सुरक्षित रखा है। सीएमओ डॉ. अशोक कटारिया ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के कुछ बिंदुओं पर बातचीत करते हुए बताया कि शव पूरी तरह डी- कंपोज्ड हो गई थी। त्वचा पूरी तरह से हट गई थी। शरीर पर पपड़ी जमी थी। पोस्टमार्टम करने में चिकित्सक, पुलिस और स्टाफ को दो घंटे से ज्यादा का समय लगा। recent visitors 58

बीकानेर के वल्लभ गार्डन इलाके में एक ही परिवार के तीन लोगों के शव मिले

बीकानेर राजस्थान के बीकानेर जिले से एक बुरी खबर सामने आई है। बीकानेर के वल्लभ गार्डन इलाके में एक ही परिवार के तीन लोगों के शव मिले हैं। परिवार में तीन ही सदस्य रहते थे। पड़ोसियों के मुताबिक पिछले कुछ दिनों से घर में कोई आवाजाही नजर नहीं आई थी। बुधवार देर रात को जब कॉलोनी में दुर्गंध फैली तो स्थानीय लोगों ने अनहोनी की आशंका जताते हुए पुलिस को सूचना दी। परिवार के रिश्तेदारों को भी कॉल करके बुलाया गया। रिश्तेदार और पुलिस मौके पर पहुंचे। घर में घुसकर देखा तो पति, पत्नी और जवान बेटी के शव पड़े हुए मिले। घटना की गंभीरता को देखते हुए बीकानेर एसपी कावेंद्र सागर भी मौके पर पहुंचे। दुर्गंध आने पर पड़ोसियों ने दी सूचना बिजली और पानी की फिटिंग का कार्य करने वाले 50 वर्षीय नितिन खत्री के परिवार में यह घटनाक्रम हुआ है। वल्लभ गार्डन में चिराग होटल के सामने वाली गली में नितिन अपनी पत्नी रजनी और 18 वर्षीय बेटी जेसिका के साथ रहते थे। वे बिजली और पानी फिटिंग के काम में आने वाले उपकरणों की दुकान के मालिक भी थे। उनकी पत्नी रजनी भी नितिन के साथ दुकान संभालती थी और बेटी जेसिका फिलहाल पढ़ाई कर रही थी। पिछले करीब 8-10 दिन से घर में कोई आवाजाही नहीं हुई। जब कॉलोनी में दुर्गंध फैली तो लोगों को अनहोनी की आशंका हुई। जिसके बाद यह पूरा घटनाक्रम सामने आया। एक शव फंदे से लटका हुआ मिला, दो फर्श पर पड़े थे बीकानेर एसपी कावेंद्र सागर ने बताया कि सूचना मिलने पर व्यास कॉलोनी थाना पुलिस की टीम वल्लभ गार्डन स्थित नितिन खत्री के घर पहुंची। पुलिस टीम ने जब घर में प्रवेश किया नितिन खत्री का शव एक कमरे की छत पर लगे हुक में फंदे से लटका हुआ मिला। 45 वर्षीय रजनी और 18 वर्षीय जेसिका के शव फर्श पर पड़े मिले थे। तीनों शवों को पीबीएम अस्पताल के मुर्दाघर में रखवाया गया है। पोस्टमार्टम के बाद परिवार के नजदीकी सदस्यों के सुपुर्द किए जाएंगे। पुलिस का मानना है कि करीब 7-8 दिन पहले ही तीनों की मौत हो चुकी थी। शव सड़ने के कारण आसपास के घरों तक दुर्गंध फैल गई थी। सामूहिक सुसाइड या हत्या के बाद आत्महत्या एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत कैसे हुई। इसकी जांच की जा रही है। एसपी सागर बताते हैं कि तीनों ने सामूहिक सुसाइड किया है या नितिन द्वारा पत्नी और बेटी की हत्या करने के बाद खुद फंदे पर झुला। इसका पता लगाया जा रहा है। एसपी का कहना है कि घर में तलाशी ली गई लेकिन कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नितिन की दुकान अच्छी चल रही थी। ऐसे में परिवार में कोई आर्थिक तंगी नहीं थी। इसके बावजूद भी ये घटनाक्रम क्यों हुआ, इसे लेकर लोग अचंभित हैं।   recent visitors 59

दिशा सालियान के पिता पहुंचे हाईकोर्ट, आदित्य ठाकरे के खिलाफ FIR की मांग, HC जाएंगे

मुंबई सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान के पिता ने बेटी की मौत की जांच सीबीआई को सौंपने का आग्रह किया है। साथ ही मौत की नई सिरे से जांच की भी मांग की है। उन्होंने इस संबंध में बुधवार, 19 मार्च को बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर की। याचिका में दिशा सालियान के पिता ने शिवसेना के आदित्य ठाकरे के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की भी मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि दिशा की गैंगरेप के बाद हत्या की गई है। मालूम हो कि करीब तीन साल पहले बीजेपी नेता नितेश राणे ने आरोप लगाया था कि दिशा सालियान की गैंगरेप के बाद हत्या की गई। हालांकि, तब दिशा की मां और पिता ने नितेश के खिलाफ यह कहते हुए केस दर्ज करवा दिया था कि यह उनकी बेटी को बदनाम करने की साजिश है। पर अब पिता का कुछ और ही कहना है। उन्होंने बेटी की मौत की नए सिरे से जांच का आग्रह किया है, और कहा है कि उन्हें नजरबंद करके पुलिस द्वारा पेश किए गए सबूतों को सच मानने के लिए मजबूर किया गया था। दिशा सालियान की 8 जून 2020 को मुंबई के मलाड स्थित एक बिल्डिंग की 8वीं मंजिल से गिरकर मौत हो गई थी। तब पुलिस ने इसे सुसाइड का केस बताया था। दिशा के माता-पिता ने भी जांच पर संतुष्टि दिखाते हुए इसे सुसाइड का केस मान लिया था। पर अब गैंगरेप के बाद हत्या का अंदेशा जताया है। दिशा के पिता ने दायर याचिका में मुंबई पुलिस, तत्कालीन मेयर किशोरी पेडनेकर, एक्टर डिनो मोरिया और सूरज पंचोली पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। दिशा के पिता ने यह भी आरोप लगाया है कि मुंबई पुलिस और किशोरी पेडनेकर ने उन्हें गुमराह किया और दबाव बनाया। बीजेपी नेता नितेश राणे का दावा- CCTV फुटेज डिलीट, पुलिस को सब पता इसके बाद बीजेपी नेता नितेश राणे ने कहा कि आदित्य ठाकरे को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने कहा कि दिशा सालियान की हत्या की गई थी। सोसाइटी का जो विजिटर रजिस्टर था, उसके पन्ने फाड़ दिए गए और सीसीटीवी फुटेज तक डिलीट कर दिया गया। उन्होंने इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी। नितेश राणे ने दो साल पहले कहा था कि दिशा ने 100 नंबर पर पुलिस को फोन कर सारी बात बताई थी, और मदद मांगी थी। चूंकि यह कॉल रिकॉर्डेड था, इसलिए पुलिस के पास जरूर जानकारी होगी। नितेश राणे ने यह भी कहा कि वह सीबीआई की मदद करने को भी तैयार हैं। दिशा सालियान की मौत पर क्या बोली थी पुलिस? वहीं, पुलिस ने दावा किया था कि दिशा सालियान करियर को लेकर दबाव में थीं, और इसलिए सुसाइड किया। पर दिशा की मौत के कुछ दिन बाद एक वीडियो सामने आया था, जिसमें वह पार्टी करती नजर आईं। इसे उनकी मौत से एक घंटे पहले का बताया गया। वीडियो में दिशा काफी खुश नजर आ रही थीं, और साथ में उनके बॉयफ्रेंड रोहन भी थे। पुलिस ने बताया था कि दिशा ने मौत से पहले लंदन में एक दोस्त को फोन किया था, और कहा था कि उन पर काम का काफी दबाव है। और बाद में फिर वह मृत मिली थीं। दिशा की मौत के 6 दिन बाद ही सुशांत सिंह राजपूत अपने फ्लैट में मृत पाए गए थे। recent visitors 43