PM मोदी ने पॉडकास्टर में शहडोल जिले के आदिवासी बाहुल्य गांव विचारपुर की बात की, जिसे ‘मिनी ब्राजील’ के नाम से जाना जाता

शहडोल  जुलाई 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शहडोल जिले का दौरा किया था, और ये दौरा उन्हें इतना भा गया कि शहडोल जिले के एक छोटे से आदिवासी गांव की तारीफ वे एक बार नहीं बल्कि कई बार कर चुके हैं. हाल ही में उन्होंने शहडोल जिले के इस मिनी ब्राजील की चर्चा अमेरिकन पॉडकास्टर से की है, जो सुर्खियों में है. अमेरिका तक शहडोल के मिनी ब्राजील की गूंज हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकन पॉडकास्टर लेक्स फ्रिडमैन के साथ विस्तार से बातचीत की, जिसमें उन्होंने मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के दौरे को भी याद किया. पॉडकास्ट में पीएम मोदी ने शहडोल जिले के आदिवासी बाहुल्य गांव विचारपुर की बात की, जिसे 'मिनी ब्राजील' के नाम से जाना जाता है, उन्होंने कहा कि शहडोल जिले की यात्रा में उन्हें उस जगह के बारे में पता चला, जहां के निवासियों में फुटबॉल के प्रति अटूट प्रेम था और वे अपने क्षेत्र को मिनी ब्राजील कहते हैं.'' अमेरिकन पॉडकास्ट में मोदी ने शहडोल को किया याद अमेरिकन पॉडकास्ट में पीएम मोदी ने कहा, " हमारे यहां मध्य प्रदेश एक स्टेट है, सेंट्रल पार्ट ऑफ इंडिया में. वहां शहडोल करके एक जिला है, वहां बहुत बड़ा ट्राइबल बेल्ट है, जहां काफी ट्राइबल लोग रहते हैं. वहां ट्राइबल वुमन के स्वसहायता समूह चलते हैं, उनसे मैं बातचीत कर रहा था. उनसे बातचीत करना मुझे पसंद आता है, ऐसे लोगों से बातचीत करने मिलने गया था, वहीं पर मैंने देखा कि स्पोर्ट्स की ड्रेस पहने हुए वहां 70 से 80 के करीब नौजवान, छोटे बच्चे, सभी लोग एक ही प्रकार से बैठे थे, स्वाभाविक है मैं उनके पास गया. मैंने पूछा कि आप लोग कहां से हैं, तो सभी ने कहा कि हम 'मिनी ब्राजील से हैं'. विचारपुर गांव को कहते हैं मिनी ब्राजील पीएम ने आगे कहा, '' मैंने कहा कि मिनी ब्राजील क्या है? तो वो बोले कि हमारे गांव को लोग मिनी ब्राजील कहते हैं, तो मैंने बोला कैसे मिनी ब्राजील कहते हैं? तो बोले हमारे गांव में हर परिवार में लगभग चार-चार पीढ़ी से लोग फुटबॉल खेलते आ रहे हैं, और नेशनल प्लेयर 80 के करीब हमारे गांव से निकले हैं, पूरा गांव फुटबॉल को समर्पित है, और वो कहते हैं कि हमारे गांव का इंडिविजुअल मैच जब होता है, तो 20 से 25 हजार दर्शक तो आसपास के गांव से ही आ जाते हैं, तो भारत में जो फुटबॉल का क्रेज इन दिनों बढ़ रहा है, मैं उसके लिए इसे शुभ संकेत मानता हूं. यह टीम स्पिरिट भी पैदा करता है. मिनी ब्राजील विचारपुर के बारे में गौरतलब है कि मिनी ब्राजील के नाम से पहचान रखने वाला यह गांव शहडोल जिला मुख्यालय से लगा हुआ विचारपुर गांव है, और ये आदिवासी बाहुल्य गांव है. यहां पर फुटबॉल के प्रति लोगों में गजब का क्रेज है. बच्चे हों, बड़े हों, बुजुर्ग हों या लड़के-लड़कियां सभी में फुटबॉल के प्रति जुनून है. क्रिकेट के इस दौर में भी विचारपुर गांव में फुटबॉल का एक अलग ही क्रेज देखने मिलता है. ठंडी हो या बरसात, यहां बच्चे हमेशा फुटबॉल खेलते आपको मिल जाएंगे. विचारपुर में खेलो इंडिया सेंटर करीब डेढ़ साल पहले विचारपुर में ही फुटबॉल के लिए साईं का खेलो इंडिया सेंटर भी खोला गया. यहां विचारपुर की ही फुटबॉल प्लेयर 9 नेशनल खेल चुकीं लक्ष्मी सहीस को सेंटर का कोच बनाया गया है, जो सेंटर में लगातार सुबह-शाम कोचिंग देती हैं. लक्ष्मी बताती हैं कि केंद्र में 20 लड़के और 20 लड़कियां हैं, बाकी गांव के भी बच्चे आते हैं. कुल मिलाकर 50-60 बच्चे हो जाते हैं. हर दूसरे घर में नेशनल प्लेयर विचारपुर के ही रहने वाले और खुद नेशनल खेल चुके प्लेयर अनिल सिंह गोंड बताते हैं, '' विचारपुर में कई पीढियों से लोग फुटबॉल खेल रहे हैं, और फुटबॉल के प्रति इनका गजब क्रेज है. यही वजह है कि इस गांव के हर दूसरे घर में आपको फुटबॉल के नेशनल प्लेयर मिल जाएंगे. सबसे अच्छी बात यह है कि यहां लड़कों से ज्यादा लड़कियां नेशनल खेली हुई हैं. कुछ लड़कियां तो ऐसी हैं कि अकेले ही 8 से 9 नेशनल गेम्स फुटबॉल में खेल चुकी हैं.'' recent visitors 40

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश का स्वर्णिम बजट प्रस्तुत किया, दूध के दाम 6 रुपये बढ़ाये

शिमला  मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू आज वित्तीय वर्ष 2025-26 का बजट पेश किया। सीएम सुक्खू बजट पेश करने के लिए ऑल्टो कार खुद चलाकर विधानसभा पहुंचे। सीएम ने बजट में मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू ने गाय के दूध की कीमत 45 रुपये से बढ़ाकर 51 रुपये प्रति लीटर और भैंस के दूध की कीमत 55 रुपये से बढ़ाकर 61 रुपये प्रति लीटर करने की घोषणा की। हिमाचल प्रदेश में गाय और भैंस का दूध अब महंगा हो गया है. दूध की कीमतों में छह-छह रुपये का इजाफा किया गया है. मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बजट में इसका ऐलान किया. इस इजाफे के बाद हिमाचल में गाय के दूध की कीमत 45 रुपये से बढ़ाकर 51 रुपये प्रति लीटर हो गई है जबकि भैंस के दूध की कीमत 55 रुपये से बढ़कर 61 रुपये प्रति लीटर हो गई है.  इससे पहले सीएम सुक्खू ने एक्स पर पोस्ट किया और लिखा, आज हिमाचल प्रदेश का स्वर्णिम बजट प्रस्तुत कर रहा हूं. यह आत्मनिर्भर प्रदेश की संकल्पना को साकार करने वाला होगा और प्रदेश की प्रगति को गति देगा. सवा साल में हमारी सरकार ने जनता के विश्वास को पुनः स्थापित किया है और विकास के नए प्रतिमान गढ़े हैं. जनता के सहयोग और आशीर्वाद से हम हिमाचल को आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य बनाएंगे. सीएम ने कहा, जनता के सहयोग और आशीर्वाद से हम हिमाचल को आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य बनाएंगे. हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू ने बजट भाषण में कहा, ‘राजस्व घाटा अनुदान कम करने, जीएसटी मुआवजा रोकने के कारण वित्त वर्ष 2025-26 वित्तीय चुनौतियों से भरा है’। राज्य सरकार द्वारा लिए गए कर्ज का लगभग 70 प्रतिशत पिछली सरकार के कर्ज, ब्याज को चुकाने पर खर्च किया गया। -सीएम ने पशुपालकों से गाय के दूध के खरीद मूल्य को 45 रुपये से बढ़ाकर 51 रुपये और भैस के दूध के मूल्य को 55 से बढ़ाकर 61 रुपये प्रति लीटर करने का ऐलान किया। भैंस और गाय के दूध के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 6-6 रुपये की बढ़ोतरी की है। पशुपालकों को 2 रुपये की परिवहन सब्सिडी भी मिलेगी। वंदे भारत एक्सप्रेस ने शताब्दी-राजधानी को छोड़ा पीछे, लेकिन स्पीड क्यों हो गई कम? रेल मंत्री ने खुद बताई यह वजह -सीएम सुक्खू ने बजट में बागवानी के लिए 4000 हेक्टेयर के लिए सर्वे कराए जाने की घोषणा की। HP शिवा प्रोजेक्ट के तहत 100 करोड़ रुपये होंगे खर्च। मछुआरों से सिर्फ 7.50 प्रतिशत रॉयल्टी ली जाएगी। 120 नई ट्राउट यूनिट की स्थापना होगी। -सीएम सुक्खू ने बजट पेश करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार को पिछली सरकार से 76,185 करोड़ रुपये का कर्ज विरासत में मिला। इस वजह से बड़ी रकम इसके ब्याज को चुकाने में चली गई। कृषि व संबंद्ध क्षेत्र में 3.38 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की संभावना है। प्रति व्यक्ति आय में 9.6 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है। -बजट पेश करते हुए सीएम ने घोषणा की- सैनिक स्कूल सुजानपुर के लिए तीन करोड़ रुपये दिए जाएंगे। 2025-2026 में NABARD की मदद से 50 सड़कों व पुलों को बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री सड़क योजना के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान बजट में किया गया है। -महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून के तहत श्रमिकों की दैनिक मजदूरी 300 रुपये से बढ़ाकर 320 रुपये प्रतिदिन की गई: सुक्खू ने बजट भाषण में कहा। -हिमाचल बजट पेश करते हुए सीएम ने ऐलान किया कि ‘इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना’ के तहत 1 जनवरी 2025 से 31 मार्च 2026 तक 21 साल की आयु पूरी करने वाली हर बेटी को इस योजना का फायदा मिलेगा। जो महिलाएं दूसरों के घरों में काम कर, अपना परिवार पालती हैं, उन्हें 1 जून 2025 से इसका लाभ मिलेगी। इनकी पात्र बेटियां भी 1500 रुपये प्रति माह पाने के योग्य होंगी। पंचायतों की ओर से चुनी गईं महिलाओं को चरणबद्ध तरीके से योजना का लाभ दिया जाएगा। BPL परिवारों में जन्म लेने वाली दो बेटियों के लिए इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना शुरू होगी। बेटी के जन्म पर 25,000 रुपये बीमा कराया जाएगा। recent visitors 28

वैष्णो देवी मंदिर के निकट शराब पीने के आरोप ओरी सहित 8 के खिलाफ एफआईआर दर्ज

जम्‍मू-कश्‍मीर सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर और बॉलीवुड सेलिब्रिटी ओरहान उर्फ ओरी ने जम्‍मू-कश्‍मीर के कटरा (वैष्णो देवी) में कुछ ऐसा काम कर दिया है कि उनके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है. उनके खिलाफ कटरा पुलिस ने केस दर्ज किया है. उसके साथ 8 अन्य लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है और पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है. जानकारी के मुताबिक ये सभी लोग होटल कटरा मैरियट रिजॉर्ट एंड स्पा में ठहरे थे. दरअसल, 15 मार्च को एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी. इस तस्वीर में ओरी एक निजी होटल में अपने कुछ दोस्तों के साथ पार्टी करते हुए नजर आए थे. इस तस्वीर में टेबल पर शराब की बोटल रखी हुई भी नजर आई थी. होटल प्रबंधक के मना करने के बाद भी पी शराब मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक होटल के प्रबंधक ने बताया कि मेहमानों में ओरी, दर्शन सिंह, पार्थ रैना, रितिक सिंह, राशि दत्ता, रक्षिता भोगल, शगुन कोहली और अनास्तासिला अर्जामास्कीन शामिल थे. इन्होंने 15 मार्च को होटल परिसर में शराब पी थी जब्कि उन्हें पहले ही बताया गया था कि कॉटेज सुइट में शराब और मांसाहारी खाना वर्जित है क्योंकि यहां दिव्य माता वैष्णोदेवी का तीर्थ स्थान है. बीएनएस की धारा 223 के तहत मामला दर्ज इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी रियासी ने सख्त निर्देश दिए हैं. इतना ही नहीं दोषियों को पकड़ने के लिए एक टीम का भी गठन किया गया है ताकि धार्मिक स्थलों पर नशीली दवाओं या शराब के ऐसे किसी भी कृत्य को बर्दाश्त न करने का उदाहरण दिया जा सके. इस वजह से जनता की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है. पुलिस ने बीएनएस की धारा 223 के तहत ये मामला दर्ज किया है. recent visitors 34

छतरपुर के फोर सीज़न होटल ने ग्राहक को कॉकरोच खिला दिया, शख्स हुआ बीमार

छतरपुर  जिले में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक शख्स ने ऑनलाइन फूड डिलिवरी प्लेटफॉर्म स्विगी से खाना ऑर्डर किया। ऑर्डर पहुंचने के बाद जब उसने खाना खाना शुरू किया तभी उसे खाने में कॉकरोच दिखाई दिया। इसके बाद शख्स की तबीयत खराब हो गई। बार-बार उल्टी करने की वजह से उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। शख्स का आरोप है कि उसने होटल फोर सीजन से स्विगी के माध्यम से खाना ऑर्डर किया था। बाद में जब उसने होटल में बात की तो उनका कहना है कि किचन में लाइट ठीक नहीं थी। शख्स ने होटल मैनेजमेंट पर कार्रवाई की मांग की है। खाने के बाद शख्स की बिगड़ी तबीयत दरअसल, पूरा मामला छतरपुर के सीताराम कॉलोनी का है। यहां के रहने वाले एक शख्स राहुल बिंदुआ ने होटल के खाने मे कॉकरोच होने की बात कही। वहीं खाने में कॉकरोच निकलने से युवक की हालत बिगड़ गई, जिसके बाद उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। सीताराम कॉलोनी निवासी राहुल बिंदुआ ने बताया कि उसने सागर रोड स्थित होटल फोर सीजन से स्विगी के माध्यम से ऑनलाइन खाना ऑर्डर करके मंगवाया था। उसने खाने में मिक्स वेज सब्जी, दाल, चावल, रोटी, रायता, बटर पनीर ऑर्डर किया था। होटल के किचन में नहीं थी लाइट राहुल बिंदुआ ने बताया कि उसने आधा खाना खाया था और जब दाल और चावल खाना शुरू किया तभी दाल में उसे कॉकरोच मिला। इसके बाद राहुल को उल्टी होने लगी और हालात बिगड़ने लगी। उसने बताया कि जब होटल फोर सीजन में उसने कॉल किया तो कर्मचारियों ने कहा कि होटल में लाइट नहीं है, जिस वजह से खाने में कॉकरोच गिर गया। राहुल ने कहा कि यह आपकी प्रॉब्लम है, मैं कस्टमर हूं। राहुल ने कहा कि होटल पर कार्रवाई होनी चाहिए। फिलहाल राहुल का जिला अस्पताल में उपचार किया जा रहा है। recent visitors 35

मोदी सरकार ने ‘चंद्रयान-5’ मिशन को दी मंजूरी, जापान भी करेगा सहयोग; इसरो प्रमुखवी नारायणन

नई दिल्ली केंद्र सरकार ने महत्वाकांक्षी ‘चंद्रयान-5 मिशन’ को मंजूरी दे दी है. इस मिशन के तहत, चंद्रमा की सतह का अध्ययन करने के लिए 250 किलोग्राम का रोवर भेजा जाएगा. ISRO के अध्यक्ष वी. नारायणन ने इस खबर की पुष्टि करते हुए बताया कि यह मिशन जापान के सहयोग से संचालित किया जाएगा. रविवार को एक सम्मान समारोह में बोलते हुए ISRO प्रमुख ने कहा कि ‘चंद्रयान-5’ को हाल ही में हरी झंडी मिली है. उन्होंने बताया कि इससे पहले ‘चंद्रयान-3’ मिशन के तहत 25 किलोग्राम का रोवर ‘प्रज्ञान’ चंद्रमा पर भेजा गया था, जो सफलतापूर्वक लैंड हुआ था. इस बार चंद्रयान-5 में अधिक क्षमता वाला रोवर भेजा जाएगा, जिससे चंद्रमा की सतह पर और गहराई से अध्ययन किया जा सकेगा ‘चंद्रयान-4’ मिशन पर काम जारी बता दें, ISRO ने चंद्रयान-3 मिशन को सफलतापूर्वक लॉन्च किया था, जिसमें लैंडर ‘विक्रम’ ने 23 अगस्त 2023 को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफलतापूर्वक ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ की थी. यह भारत के लिए एक ऐतिहासिक क्षण था, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा. इससे पहले, ISRO ‘चंद्रयान-4’ मिशन पर भी काम कर रहा है, जिसका उद्देश्य चंद्रमा से मिट्टी और चट्टानों के नमूने लाना है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसे 2027 में लॉन्च किया जा सकता है.  ‘चंद्रयान-5 मिशन’ का मकसद? चंद्रयान मिशनों का मकसद चंद्रमा की सतह और वहां मौजूद खनिजों का अध्ययन करना है. इसरो के वैज्ञानिक लगातार इस दिशा में काम कर रहे हैं और भारत को स्पेस रिसर्च के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं. चंद्रयान-5 मिशन के ऐलान के बाद देशभर में वैज्ञानिक समुदाय में उत्साह है, और अब सभी की नजरें इस नए मिशन पर टिकी हैं. जापान के साथ मिलकर चंद्रयान-5 मिशन को अंजाम देगा इसरो नारायणन ने कहा, 'अभी तीन दिन पहले ही हमें चंद्रयान-5 मिशन के लिए मंजूरी मिली है। हम इसे जापान के साथ मिलकर करेंगे।' चंद्रयान-4 मिशन के 2027 में लॉन्च होने की उम्मीद है, जिसका उद्देश्य चंद्रमा से एकत्र किए गए नमूने लाना है। इसरो की भविष्य की परियोजनाओं के बारे में नारायणन ने कहा कि गगनयान सहित विभिन्न मिशनों के अलावा, भारत का अपना अंतरिक्ष स्टेशन- भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करने की योजनाएं चल रही हैं। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने हाल ही में अपने अंतरिक्ष डॉकिंग प्रयोग – स्पैडेक्स की सफल अनडॉकिंग करने में भी सफलता हासिल की। इससे चंद्रयान-4 और अन्य भविष्य के मिशनों के लिए मंच तैयार हो गया।  recent visitors 52

मध्यप्रदेश में 19-20 मार्च को बारिश का यलो-ऑरेंज अलर्ट, भोपाल, जबलपुर-चंबल में ज्यादा रहेगा असर

 भोपाल  अलग-अलग स्थानों पर बनी मौसम प्रणालियों के असर से आ रही नमी के कारण प्रदेश में बादल छाने लगे हैं। कहीं-कहीं हल्की वर्षा भी हो रही है। इससे दिन के तापमान में गिरावट दर्ज हुई है, लेकिन रात का तापमान बढ़ गया है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक मंगलवार से बादल छंटने के कारण रात के तापमान में कुछ गिरावट होने लगेगी। उधर, 19 मार्च से रीवा, जबलपुर और शहडोल संभाग के जिलों में वर्षा होने के आसार हैं। इस दौरान कहीं-कहीं ओले भी गिर सकते हैं। मौसम विभाग ने 19 और 20 मार्च के लिए यलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इससे पहले रविवार को दिन के पारे में 1 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई। भोपाल, विदिशा, सागर, दमोह, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली में बादल छाए रहे। कहीं-कहीं बूंदाबांदी और गरज-चमक की स्थिति भी बनी रही। मौसम वैज्ञानिक वीएस यादव ने बताया, अभी राजस्थान के ऊपर और उत्तर-पश्चिमी मध्यप्रदेश के ऊपर दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम एक्टिव हैं। इस वजह से मौसम बदला हुआ है। 18 मार्च से फिर नया सिस्टम एक्टिव होगा। इसकी वजह से अगले 2 दिन तक बारिश हो सकती है। पिछले 4 दिन ऐसा रहा मौसम मौसम विभाग के अनुसार, 13 मार्च को मुरैना, भिंड में हल्की बारिश हुई। 14 मार्च को भिंड में बूंदाबांदी दर्ज की गई। वहीं, 15 मार्च को झाबुआ, रतलाम, भिंड, मुरैना, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ में कहीं-कहीं बौछारें गिरी और बादल छाए रहे। राजधानी भोपाल में भी दिन में बादल देखने को मिले। बाकी शहरों में आसमान साफ रहा और गर्मी का असर देखा गया। 16 मार्च को भी कई जिलों में गरज-चमक, बूंदाबांदी और आंधी वाला मौसम रहा। अगले 4 दिन ऐसा रहेगा मौसम     17 मार्च: कुछ जिलों में बादल छा सकते हैं। पूर्वी हिस्से में बूंदाबांदी की संभावना भी है।     18 मार्च: इंदौर, उज्जैन, भोपाल संभाग में बादल छा सकते हैं। पूर्वी हिस्से में बूंदाबांदी होने के आसार है।     19 मार्च: भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, सागर और शहडोल संभाग में बादल, बारिश, गरज-चमक और आंधी का असर देखने को मिलेगा।     20 मार्च: दमोह, कटनी, उमरिया-शहडोल में आंधी, गरज-चमक का ऑरेंज अलर्ट। भोपाल, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर, रायसेन, खंडवा, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, जबलपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडोरी, अनूपपुर, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, सतना, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ में गरज-चमक, बारिश-आंधी का यलो अलर्ट। महीने के आखिरी में चलेगी लू मौसम विभाग के अनुसार, मार्च के आखिरी दिनों में प्रदेश में फिर से गर्मी का असर देखने को मिलेगा। कुछ इलाकों में लू भी चल सकती है। कई शहरों में पारा 40 डिग्री के पार पहुंच सकता है। सामान्यतः दिन का तापमान 40 डिग्री से अधिक या सामान्य से 4.6 डिग्री तक अधिक हो तो हीट वेव यानी लू की स्थिति मानी जाती है। अप्रैल-मई में हीट वेव का असर ज्यादा बता दें कि मार्च से गर्मी के सीजन की शुरुआत हो जाती है। अगले 4 महीने तेज गर्मी पड़ेगी। मौसम विभाग ने मार्च से मई तक 15 से 20 दिन तक हीट वेव चलने का अनुमान जताया है। अप्रैल-मई में हीट वेव का असर ज्यादा हो सकता है। इस कारण 30 से 35 दिन तक गर्म हवा चल सकती है। अप्रैल-मई सबसे ज्यादा गर्म रहेंगे मौसम विभाग ने इस साल अप्रैल और मई में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ने का अनुमान जताया है। इन दो महीने के अंदर ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में पारा 45 डिग्री के पार पहुंच सकता है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग भी गर्म रहेंगे।     मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पाकिस्तान और उससे लगे जम्मू पर हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात के रूप में बना हुआ है। उससे एक द्रोणिका भी संबद्ध है।     उत्तर-पूर्वी राजस्थान एवं उससे लगे हरियाणा पर भी हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बना हुआ है। उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश पर हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात है। इस चक्रवात से लेकर मराठवाड़ा तक एक द्रोणिका बनी हुई है। रीवा, जबलपुर व शहडोल संभाग में हो सकती है बारिश     वरिष्ठ मौसम विज्ञानी एचएस पांडे ने बताया कि हवा के साथ नमी आने के कारण बादल बने हुए हैं। मंगलवार से बादल छंटने के साथ ही दिन का तापमान बढ़ने लगेगा, जबकि रात के तापमान में कुछ कमी दर्ज होगी।     मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला ने बताया कि छत्तीसगढ़ के पास एक द्रोणिका बनने के कारण बंगाल की खाड़ी से नमी मिलेगी। इस वजह से रीवा, जबलपुर, शहडोल संभाग के जिलों में दो-तीन दिनों तक वर्षा हो सकती है। इस दौरान पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी बादल छा सकते हैं। बूंदाबांदी होने की भी संभावना रहेगी।   recent visitors 55

कर्नाटक सरकार ने ठेकों में मुस्लिम वर्ग के ठेकेदारों के लिए 4 % कोटा देने के फैसले पर एमपी के सीएम यादव ने किया पलटवार

भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कर्नाटक की कांग्रेस सरकार द्वारा शासकीय कार्यों में ठेकेदारों के लिए धर्म आधारित आरक्षण की व्यवस्था को अनुचित और निंदनीय करार दिया है. उन्होंने इसे कांग्रेस की तुष्टिकरण नीति का हिस्सा बताते हुए कड़ी आलोचना की और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से इस फैसले को वापस कराने की मांग की.   मुख्यमंत्री ने कहा, "लोकतांत्रिक देश में किसी धर्म विशेष को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से नियम-प्रावधान बनाना कांग्रेस का अनैतिक चरित्र दर्शाता है. कर्नाटक सरकार का यह फैसला समाज को बांटने वाला है. हमारी सरकार दलित, पिछड़े और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए काम कर रही है, ताकि सभी को सम्मान और अधिकार मिले. लेकिन कांग्रेस ने हमेशा संविधान के मूल्यों की अनदेखी कर जातिगत पक्षपात और भेदभाव को बढ़ावा दिया है." उन्होंने इसे 'भारत तोड़ो' की विचारधारा का हिस्सा बताया. कांग्रेस पर निशाना CM यादव ने कहा कि इतिहास गवाह है कि कांग्रेस ने हमेशा समाज को बांटने की राजनीति की है. कर्नाटक सरकार का यह निर्णय उसी अपशिष्ट राजनीति का उदाहरण है. उन्होंने जोर देकर कहा, "धर्म आधारित आरक्षण के खिलाफ पहले भी न्यायालयों ने फैसले दिए हैं. यह फैसला भी कोर्ट में टिक नहीं पाएगा." उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से अपील की कि वे कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पर दबाव डालकर इस तुष्टिकरण के फैसले को वापस कराएं. कर्नाटक का फैसला कर्नाटक सरकार ने हाल ही में शासकीय ठेकों में ठेकेदारों के लिए धर्म आधारित आरक्षण का प्रावधान करने का फैसला लिया था, जिसे मध्य प्रदेश के CM ने संविधान विरोधी और समाज को बांटने वाला करार दिया. उनका कहना है कि यह कदम न केवल अल्पसंख्यक तुष्टिकरण की ओर इशारा करता है, बल्कि समानता के सिद्धांत को भी कमजोर करता है. BJP का रुख मुख्यमंत्री ने बीजेपी की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि उनकी सरकार सभी वर्गों के कल्याण के लिए काम कर रही है. उन्होंने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा, "कांग्रेसी भारत जोड़ो की बात करते हैं, लेकिन उनके फैसले भारत तोड़ो की नीति को दर्शाते हैं." इस बयान ने दोनों दलों के बीच सियासी तनाव को और बढ़ा दिया है. आगे की राह CM यादव ने इस मुद्दे को लेकर कानूनी और राजनीतिक लड़ाई की ओर इशारा किया. उनका मानना है कि यह फैसला न सिर्फ नैतिक रूप से गलत है, बल्कि संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ भी है. अब सभी की नजरें इस पर टिकी हैं कि कर्नाटक सरकार इस आलोचना पर क्या जवाब देती है और क्या यह मामला कोर्ट तक पहुंचेगा.   recent visitors 37