MLA यतनाल ने कहा, ‘मैं विधानसभा सत्र के दौरान इस मामले में शामिल सभी मंत्रियों के नाम का खुलासा करूंगा

बेंगलुरु अभिनेत्री रान्या राव के सोना तस्करी मामले की जांच जारी है। इसी बीच भारतीय जनता पार्टी के विधायक बासनगौड़ा पाटिल यतनाल ने राव को लेकर एक आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी है। साथ ही उन्होंने इस तस्करी कांड में कर्नाटक सरकार के कई मंत्रियों के जुड़े होने का भी दावा किया है। हालांकि, उन्होंने नाम जाहिर नहीं किए हैं और कहा है कि विधानसभा में खुलासा करेंगे।  रिपोर्ट के अनुसार, यतनाल ने कहा, 'उसने पूरे शरीर पर सोना लपेट रखा था। उसके पास जहां भी छेद था, वहां शोना छिपाया था और तस्करी की थी।' उन्होंने तस्करी के इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है। राव को 3 मार्च को बेंगलुरु एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया था। उनके पास 14 किलो से ज्यादा का सोना बरामद हुआ था, जिसकी कीमत 12.56 करोड़ रुपये बताई जा रही थी। यतनाल ने कहा, 'मैं विधानसभा सत्र के दौरान इस मामले में शामिल सभी मंत्रियों के नाम का खुलासा करूंगा। मैंने उनके (राव) के सभी संबंधों, जिसने उनकी सिक्योरिटी लेने में मदद की और कैसे सोना लेकर आईं, जैसी सभी जानकारियां जुटा ली हैं। मैं सत्र में सभी का खुलासा करूंगा। यह भी बताऊंगा कि उन्होंने सोना कहां छिपाया था और कैसे तस्करी कर लाई थीं।' कर्नाटक में विपक्षी भारतीय जनता पार्टी ने मीडिया में जारी खबरों का हवाला देते हुए कांग्रेस सरकार और मुख्यमंत्री सिद्धरमैया से सोना तस्करी मामले में कथित रूप से शामिल मंत्रियों के नामों का खुलासा करने का आग्रह किया है। राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) ने तीन मार्च को यहां केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रान्या के पास से 12.56 करोड़ रुपये मूल्य की सोने की बिस्किट जब्त की थीं। अधिकारियों ने बताया था कि बाद में उनके आवास से 2.06 करोड़ रुपये मूल्य के सोने के आभूषण और 2.67 करोड़ रुपये भारतीय मुद्रा भी बरामद की गई। DRI पर आरोप लगा रही हैं रान्या राव राव ने आरोप लगाए हैं कि DRI के अधिकारियों ने उससे मारपीट की और उसे खाली व पहले से लिखे कुछ कागजों पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया। अभिनेत्री ने दावा किया कि हिरासत में लिए जाने से लेकर अदालत में पेश किए जाने तक उसे 10 से 15 बार थप्पड़ मारे गए। उन्होंने आरोप लगाया, 'बार-बार मारपीट और थप्पड़ मारे जाने के बावजूद मैंने उनके (डीआरआई अधिकारियों) द्वारा तैयार किए गए बयान पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया।' रान्या ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें पहले से कुछ लिखे 50 से 60 और लगभग 40 खाली पन्नों पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया गया। रान्या ने बेंगलुरु में डीआरआई के अतिरिक्त महानिदेशक को संबोधित छह मार्च को लिखे एक पत्र में दावा किया कि उन पर झूठा मामला थोपा गया है। रान्या पुलिस महानिदेशक रैंक के अधिकारी के. रामचंद्र राव की सौतेली बेटी हैं। रामचंद्र राव वर्तमान में कर्नाटक राज्य पुलिस आवास और अवसंरचना विकास निगम के प्रबंध निदेशक के रूप में कार्यरत हैं। recent visitors 52

गामिनी कूनो को गुलजार करेगी, अफ्रीकी मादा चीता को लेकर सीएम मोहन यादव ने दी खुशखबरी

श्योपुर  कूनो नेशनल पार्क अब चीतों को सूट करने लगा है. यहां 26 चीतों का कुनबा अब प्रकृति से तालमेल बिठाने में कामयाब हो रहा है. यही वजह है कि अब सरकार भी इन्हें एक के बाद एक बाड़े से खुले जंगलों में छोड़ती जा रही है. कूनो प्रबंधन ने अब तक 12 चीतों को बाड़े से खुले जंगल में आजाद किया था, वहीं एक बार फिर एक मादा चीता और उसके चार शावकों को यहां छोड़ा जा रहा है. खुले जंगल में होगा 17 चीतों का दीदार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर यह खुशखबरी देते हुए कहा, " कूनो में बढ़ेगा चीतों का कुनबा! कूनो नेशनल पार्क के खजूरी पर्यटन जोन में दक्षिण अफ्रीका से आई मादा चीता गामिनी अपने दो नर और दो मादा शावकों के साथ कल खुले जंगल में छोड़ी जाएगी. सफारी के दौरान पर्यटकों को चीतों को उनके प्राकृतिक आवास में देखने का अवसर मिलेगा, जिससे निश्चित ही पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी. मध्य प्रदेश सरकार वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए संकल्पित है." बता दें कि पर्यटन के लिहाज से भी यह एक बड़ा कदम है क्योंकि लंबे अरसे से भारत में सैलानियों को चीतों के दीदार की आस है और हाल ही में जंगल में आजाद छोड़े गए चीते पर्यटकों की नजर में आने लगे हैं. ऐसे में पांच और चीतों को छोड़े जाने से चीता सफारी में साइटिंग की उम्मीदें और बढ़ गई हैं. अब कूनो में 17 चीतों को सफारी के दौरान देखा जा सकता है.         कूनो में बढ़ेगा चीतों का कुनबा !         कूनो नेशनल पार्क के खजूरी पर्यटन जोन में दक्षिण अफ्रीका से आई मादा चीता गामिनी अपने दो नर और दो मादा शावकों के साथ कल खुले जंगल में छोड़ी जाएगी। सफारी के दौरान पर्यटकों को चीतों को उनके प्राकृतिक आवास में देखने का अवसर मिलेगा जिससे निश्चित ही…         — Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) March 16, 2025 कूनो में कब-कब कितने चीते छोड़े गए? सबसे पहले 4 दिसम्बर 2024 को नर चीता पावन और अग्नि को जंगल में छोड़ा गया था. इसके बाद इसी साल 2 बार कुल 10 चीतों को छोड़ा जा चुका है. 6 फरवरी 2025 को मादा चीता धीरा, आशा और तीन शावक तो मुख्यमंत्री ने आजाद किया था. वहीं 21 फरवरी 2025 को मादा चीता ज्वाला और उसके चार शावकों को जंगल में रिलीज किया गया था. वहीं अब 17 मार्च 2025 को मादा अफ्रीकी चीता गामिनी, उसके दो नर शावक और दो मादा शावक जंगल में छोड़े जा रहे हैं. 17 मार्च को 17 होगी आजाद चीतों की संख्या कूनो नेशनल पार्क प्रबंधन द्वारा 12 चीतों को आजाद किया जा चुका है. इससे पहले मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 21 परवरी को 5 चीतों को रिलीज किया था. वहीं अब 17 मार्च को 5 और चीते कूनो के खुले जंगलों में छोड़े जाने से इनकी संख्या 17 पहुंच जाएगे. सोमवार को दक्षिण अफ्रीका से लाई गई मादा चीता गामिनी और उसके दो नर शावक और दो मादा शावक खुले जंगल में तूफानी रफ्तार से दौड़ते नजर आएंगे. recent visitors 32

Waqf Amendment Bill के खिलाफ जंतर मंतर पर हल्ला बोल, AIMIM के नेता होंगे शामिल

नई दिल्ली ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर वक्फ (संशोधन) विधेयक 2024 के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण चल रहा है।मिली जानकारी के मुताबिक, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड समेत अन्य मुस्लिम संगठनों ने जंतर-मंतर पर वक्फ बिल के खिलाफ सड़कों पर उतर गए हैं। देश में मुसलमान पूरी तरह सुरक्षित: मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के जिम्मेदार कह रहे हैं कि देश में मुसलमानों को खतरा है, सुरक्षित नहीं हैं। ये सरासर गलत और गुमराह करने वाली बातें हैं। उन्होंने कहा कि देश में मुसलमान पूरी तरह सुरक्षित है। देश में मुसलमान अपने धार्मिक त्योहार, नमाज, रोजा, हज, जकात, जुलूस और उर्स आदि कार्यक्रम आजादी से मनाता है। कोई भी व्यक्ति या हुकूमत इन धार्मिक कार्यक्रमों में कोई भी बाधा नहीं डालती। रमजान का महीना खुदा की इबादत के लिए मौलाना ने कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड वक्फ संशोधन बिल के विरोध में जंतर-मंतर दिल्ली पर धरना प्रदर्शन करने जा रहा है। धरना प्रदर्शन करना, अपनी आवाज बुलंद करना हर व्यक्ति को संविधान ने यह अधिकार दिए हैं। मगर रमजान का महीना खुदा की इबादत के लिए है, धरना प्रदर्शन के लिए नहीं। साल के 12 महीनों में रमजान के माह में मुसलमान पवित्रता के साथ रोजा रखता है। नमाज पढ़ता है, कुरआन शरीफ की तिलावत करता है। ऐसी स्थिति में रमजान शरीफ के दिनों में धरना-प्रदर्शन का आयोजन करना, लोगों को धार्मिक कार्य से रोककर राजनीतिक काम में लगाना है। साल के 11 महीनों में किसी दिन भी धरना प्रदर्शन किया जा सकता था। रमजान के महीने में ही क्यों आयोजन किया गया। वक्फ क्या होता है? वक्फ कोई भी चल या अचल संपत्ति हो सकती है, जिसे इस्लाम को मानने वाला कोई भी व्यक्ति धार्मिक कार्यों के लिए दान कर सकता है। इस दान की हुई संपत्ति की कोई भी मालिक नहीं होता है। दान की हुई इस संपत्ति का मालिक अल्लाह को माना जाता है। लेकिन, उसे संचालित करने के लिए कुछ संस्थान बनाए गए है। वक्फ कैसे किया जा सकता है? वक्फ करने के अलग-अलग तरीके हो सकते हैं। जैसे- अगर किसी व्यक्ति के पास एक से अधिक मकान हैं और वह उनमें से एक को वक्फ करना चाहता है तो वह अपनी वसीयत में एक मकान को वक्फ के लिए दान करने के बारे में लिख सकता है। ऐसे में उस मकान को संबंधित व्यक्ति की मौत के बाद उसका परिवार इस्तेमाल नहीं कर सकेगा। उसे वक्फ की संपत्ति का संचालन करने वाली संस्था आगे सामाजिक कार्य में इस्तेमाल करेगी। इसी तरह शेयर से लेकर घर, मकान, किताब से लेकर कैश तक वक्फ किया जा सकता है। सरकार ने जो वक्फ संशोधन विधेयक पेश किया है वो क्या है? पिछले कई दिनों से चर्चा थी कि सरकार संसद में वक्फ बोर्ड में संशोधन से जुड़ा विधेयक पेश कर सकती है। केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने 8 अगस्त को लोकसभा में वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 और मुसलमान वक्फ (निरसन) विधेयक, 2024 पेश किया। 40 से अधिक संशोधनों के साथ, वक्फ (संशोधन) विधेयक में मौजूदा वक्फ अधिनियम में कई भागों को खत्म करने का प्रस्ताव है। इसके अलावा, विधेयक में वर्तमान अधिनियम में दूरगामी परिवर्तन की बात कही गई है। इसमें केंद्रीय और राज्य वक्फ बोर्ड में मुस्लिम महिलाओं का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना भी शामिल है। इसके साथ ही किसी भी  धर्म के लोग इसकी कमेटियों के सदस्य हो सकते हैं। अधिनियम में आखिरी बार 2013 में संशोधन किया गया था।   recent visitors 40

MP के विशेष पुलिस महानिदेशक मनीष शंकर शर्मा का दिल्ली में निधन, भोपाल में होगा अंतिम संस्कार

भोपाल मध्य प्रदेश पुलिस के विशेष पुलिस महानिदेशक (रेल) और 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी मनीष शंकर शर्मा का दिल्ली में इलाज के दौरान निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार भोपाल में किया जाएगा। उनके निधन से पुलिस विभाग और उनके मित्रों में शोक की लहर है। मनीष शंकर शर्मा का जन्म मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में हुआ था और उन्होंने पुलिस सेवा में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। उन्होंने रायसेन, सतना, छिंदवाड़ा और खंडवा जिलों में एसपी के रूप में अपनी सेवाएं दी थीं। इसके अलावा, उन्होंने 1997-98 में संयुक्त राष्ट्र मिशन के तहत बोस्निया और हर्जेगोविना में कार्य किया, जहां उन्होंने स्थानीय पुलिस अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया। मनीष शर्मा का कार्यक्षेत्र बहुत विस्तृत था, और उन्होंने एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया में सुरक्षा निदेशक के रूप में भी अपनी भूमिका निभाई। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान शर्मा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कई सम्मान प्राप्त हुए थे। कैलिफोर्निया के सैन डिएगो शहर में उन्हें एक विशेष पुरस्कार से सम्मानित किया गया था, और यूएस हाउस ऑफ रिप्रिजेंटेटिव्स ने उन्हें सर्टिफिकेट ऑफ स्पेशल कांग्रेसनल रिकग्निशन भी प्रदान किया था। उनके योगदान को केवल भारत में ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी सराहा गया। चार महाद्वीपों में काम किया शर्मा की शिक्षा इंदौर के डेली कॉलेज से शुरू हुई और बाद में उन्होंने बिड़ला इंस्टीट्यूट ऑफ पिलानी से MBA की डिग्री प्राप्त की। इसके अलावा, उन्होंने कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी से इंटरनेशनल सिक्योरिटी, काउंटर टेररिज्म और पब्लिक पॉलिसी में मास्टर डिग्री भी प्राप्त की। उन्होंने अपने करियर के दौरान चार महाद्वीपों में काम किया और वैश्विक आतंकवाद पर लिखी गई पुस्तक ‘ग्लोबल टेररिज्म-चैलेंजेस एंड पॉलिसी ऑप्शंस’ में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान था।   परिवार में शोक की लहर मनीष शंकर शर्मा के पिता कृपा शंकर शर्मा मध्य प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव रहे थे, और उनके चाचा डॉ. सीताशरण शर्मा पूर्व विधानसभा अध्यक्ष थे। उनके परिवार और पुलिस विभाग में उनके योगदान को याद करते हुए, उनके समर्पण, कड़ी मेहनत और ईमानदारी की सराहना की जा रही है। उनका निधन मध्य प्रदेश पुलिस और उनके सभी सहयोगियों के लिए एक गहरी क्षति है। शिवराज ने जताया दुख केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी शर्मा के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त की हैं। उन्होंने एक्स पर लिखा कि मध्यप्रदेश के विशेष पुलिस महानिदेशक, रेल श्री मनीष शंकर शर्मा जी के निधन का समाचार अत्यंत दु:खद है। मनीष शंकर शर्मा जी एक कर्तव्यनिष्ठ और समर्पित पुलिस अधिकारी थे, जिन्होंने प्रशासनिक सेवा में अनुकरणीय योगदान दिया। उनका निधन पुलिस सेवा और समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें और उनके परिवारजनों को इस कठिन समय में संबल दें। विनम्र श्रद्धांजलि! मनीष शंकर शर्मा भारतीय पुलिस सेवा में 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी थे। उन्होंने मप्र में विभिन्न पदों पर काम किया। मनीष शंकर शर्मा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ख्याति प्राप्त थी। उन्हें अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य के सैन डिएगो शहर में विशेष पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। सैन डिएगो के महापौर केविन एल. फॉकनर ने 20 जुलाई को उन्हें सम्मानित करते हुए इस दिन को हर साल ‘मनीष शंकर शर्मा दिवस’ के रूप में मनाने की घोषणा की थी। पिता पूर्व प्रमुख सचिव और चाचा विधायक मनीष शंकर शर्मा के पिता कृपाशंकर शर्मा मध्यप्रदेश सरकार में मुख्य सचिव रह चुके हैं। उनके चाचा गिरिजाशंकर शर्मा पूर्व विधायक, डॉ. सीताशरण शर्मा पूर्व विधानसभा अध्यक्ष भी रहे हैं। वे वर्तमान में नर्मदापुरम विधायक है। मूल रूप से नर्मदापुरम के रहने वाले मनीष शंकर शर्मा ने मध्यप्रदेश के रायसेन, सतना, छिंदवाड़ा और खंडवा जिलों में एसपी के रूप में भी कार्य किया है। रामलाल शर्मा स्मृति समारोह हुआ स्थगित नर्मदापुरम स्थानीय सत्संग चौक, सेठानी घाट पर सोमवार से शुरू हो रहा पांच दिवसीय पंडित रामलाल शर्मा स्मृति समारोह स्थगित कर दिया गया। मनीष शंकर शर्मा के निधन के चलते समारोह के सभी कार्यक्रम स्थगित किए गए। समारोह में भागलपुर(बिहार) से मानस कोकिला कृष्णा देवी मिश्रा प्रवचन के लिए रविवार रात को ही नर्मदापुरम आ चुकी थी।   recent visitors 25

रायगढ़ जिला पंचायत के नव निर्वाचित अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सदस्यों का प्रथम सम्मिलन समारोह

रायपुर रायगढ़ जिला पंचायत के नव निर्वाचित अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सदस्यों का प्रथम सम्मिलन एवं शपथ ग्रहण समारोह नगर निगम ऑडिटोरियम, पंजरी प्लांट में संपन्न हुआ। इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वित्त मंत्री श्री चौधरी ने नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को बधाई देते हुए कहा कि जनता ने जो भरोसा आप पर जताया है, उस पर खरा उतरने के लिए एक टीम के रूप में कार्य करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि रायगढ़ जिले में विकास को गति देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मंत्री श्री चौधरी ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बीते सवा साल में किसानों को 1 लाख करोड़ रुपये की राशि विभिन्न योजनाओं के तहत अंतरित की गई है। हाल ही में धान खरीदी के अंतर की राशि के रूप में 12 हजार करोड़ रुपये किसानों को दिए गए, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में तेजी आई है। महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख माताओं और बहनों को प्रतिमाह 1,000 रुपये की सहायता दी जा रही है। सरकार ने आवास निर्माण को प्राथमिकता देते हुए 18 लाख नए आवासों की मंजूरी दी है, जिनका निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है। मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने श्री रामलला दर्शन योजना के माध्यम से अयोध्या और बनारस के दर्शन की सुविधा उपलब्ध कराई है। हाल ही में प्रयागराज कुंभ में छत्तीसगढ़ पवेलियन की स्थापना कर राज्य के श्रद्धालुओं को लाभ पहुंचाया गया। रायगढ़ में विकास की नई इबारत वित्त मंत्री श्री चौधरी ने रायगढ़ के विकास कार्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जिले में 35 करोड़ रुपये की लागत से नालंदा परिसर का निर्माण प्रारंभ हो चुका है। इतवारी बाजार के सौंदर्यीकरण, ऑक्सीजोन और आदर्श मंडी का कार्य प्रगति पर है। शहर की सड़कों को आधुनिक स्वरूप दिया जा रहा है। केलो परियोजना की नहरों के निर्माण के लिए 100 करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया है, साथ ही 291 करोड़ रुपये की अतिरिक्त प्रशासनिक स्वीकृति भी प्रदान की गई है। अन्य विकास कार्यों में सपनई डैम का विस्तार, घरघोड़ा-रायगढ़ और कसडोल-रायगढ़ सड़क निर्माण, रायगढ़ में फिजियोथेरेपी कॉलेज, पुसौर में नर्सिंग कॉलेज, कला एवं संगीत महाविद्यालय, हार्टिकल्चर कॉलेज की स्थापना शामिल हैं। इस अवसर पर नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिखा रविन्द्र गबेल, उपाध्यक्ष श्री दीपक सिदार एवं सभी नव निर्वाचित जिला पंचायत सदस्यों ने पंचायती राज अधिनियमों के तहत अपने दायित्वों का निर्वहन करने की शपथ ली। इस महत्वपूर्ण समारोह में रायगढ़ के लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया, नगर निगम महापौर श्री जीवर्धन चौहान, जिला पंचायत उपाध्यक्ष सारंगढ़ श्री अजय नायक, कलेक्टर श्री कार्तिकेया गोयल, पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग पटेल, अपर कलेक्टर श्री रवि राही सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। recent visitors 45

शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ दिलाई

रायपुर जशपुर जिला व्यवहार न्यायालय में आयोजित जिला अधिवक्ता संघ के शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ दिलाई और उन्हें न्यायिक सेवा के प्रति समर्पण का संकल्प दिलाते हुए शुभकामनाएं दीं। समारोह में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मंसूर अहमद, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जनार्दन खरे, विधायक श्रीमती गोमती साय और श्रीमती रायमुनी भगत सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। शपथ ग्रहण करने वालों में अध्यक्ष ओम प्रकाश साय, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जनार्दन प्रसाद सिन्हा, कनिष्ठ उपाध्यक्ष श्रीमती दीपिका कुजूर, सचिव सत्य प्रकाश तिवारी, सह सचिव सूरज चौरसिया, कोषाध्यक्ष सुचेन्द्र कुमार सिंह, ग्रंथपाल गोपाल प्रसाद रवानी और क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक सचिव सत्येन्द्र जोल्हे शामिल थे। मुख्यमंत्री  साय ने अधिवक्ता संघ के सभी पदाधिकारियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि न्यायपालिका लोकतंत्र की रीढ़ है और अधिवक्ताओं की इसमें प्रमुख भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं को पूरी प्रतिबद्धता और समर्पण के साथ न्याय प्रक्रिया को तेज करने में योगदान देना चाहिए, ताकि समाज के सबसे वंचित तबके को भी न्याय सुलभ हो सके। जशपुर अधिवक्ता संघ की ऐतिहासिक भूमिका और न्याय की परंपरा मुख्यमंत्री साय ने जशपुर जिला अधिवक्ता संघ के ऐतिहासिक योगदान की चर्चा करते हुए कहा कि यह संघ हमेशा से सामाजिक न्याय और विधिक सेवा में अग्रणी रहा है। उन्होंने भारतचंद काबरा, बालासाहेब देशपांडे और नरहरि साय जैसी विभूतियों का स्मरण करते हुए कहा कि इन सभी ने शोषित, पीड़ित और वंचित लोगों को न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने अधिवक्ताओं से आह्वान किया कि वे इस परंपरा को बनाए रखते हुए लोगों के अधिकारों की रक्षा करें और उनके लिए न्याय की राह को सुगम बनाएं। बार काउंसिल के जीर्णोद्धार एवं ई-लाइब्रेरी के लिए 1 करोड़ रुपये की घोषणा मुख्यमंत्री साय ने अधिवक्ताओं के लिए सुविधा और संसाधनों को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए बार काउंसिल के जीर्णोद्धार और ई-लाइब्रेरी के निर्माण हेतु 1 करोड़ रुपये की घोषणा की। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के इस दौर में ई-लाइब्रेरी से अधिवक्ताओं और कानून के छात्रों को नवीनतम विधिक जानकारी और अद्यतन संदर्भ सामग्री तक सहज पहुंच प्राप्त होगी। इससे न्यायिक प्रक्रियाओं में दक्षता बढ़ेगी और नए अधिवक्ताओं को अध्ययन व अनुसंधान के बेहतर अवसर मिलेंगे। न्यायपालिका और अधिवक्ता संघ का अटूट रिश्ता – प्रधान जिला न्यायाधीश इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मंसूर अहमद ने कहा कि न्यायपालिका और अधिवक्ता संघ के बीच अटूट रिश्ता है, और दोनों को मिलकर समाज में न्याय और विधि व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए कार्य करना  चाहिए। उन्होंने अधिवक्ताओं को न्याय की गरिमा बनाए रखने और विधिक सेवा को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने की अपील की। इस अवसर पर वक्ताओं ने अधिवक्ताओं की समाज में भूमिका, विधिक सहायता की आवश्यकता और न्याय प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के उपायों पर विचार साझा किए। शपथ ग्रहण समारोह में कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह, पवन साय, कृष्ण कुमार राय, रामप्रताप सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिवक्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। recent visitors 42

ऊर्जा मंत्री तोमर ने उप नगर ग्वालियर में किया विकास कार्यों का लोकार्पण

 ग्वालियर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने उप नगर ग्वालियर के वार्ड 2 में 60 हार्सपावर मोटर का लोकार्पण किया। इस मौके पर उन्होंने ग्वालियर को स्वच्छ, सुन्दर, प्रदूषण मुक्त और नशा मुक्त बनाने पर जोर देते हुए कहा कि आपका यह सेवक आप सभी के मान सम्मान में किसी तरह की कोर कसर नहीं छोड़ेगा। ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा हमारा ग्वालियर बदल रहा है, अब ग्वालियर को स्वच्छता में नम्बर वन बनाना है। उन्होंने कहा कि आप सभी साक्षी हैं कि पहले ग्वालियर उप नगर की क्या स्थिति थी, लेकिन आप सभी के आशीर्वाद और सहयोग के कारण ग्वालियर की तकदीर और तस्वीर बदली है। वह समय अब दूर नहीं है, जब ग्वालियर का नाम पूरे सम्मान के साथ विकसित शहरों की श्रेणी में लिया जाएगा। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने ग्वालियर उप नगर के वार्ड 2 में 22 लाख रूपये की लागत से  सत्यनारायण की टेकरी पर 60 हॉर्स पावर मोटर का लोकार्पण करते हुए कहा कि इस परियोजना के माध्यम से सत्यनारायण टेकरी पहाड़ी पर पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। इससे क्षेत्रवासियों को पर्याप्त पानी मिलेगा।   recent visitors 47