आपत्तिजनक पोस्ट के बाद धर्म विशेष के लोग भड़क गए और सैकड़ों की संख्या में कोतवाली पहुंच गए

बुरहानपुर सोशल मीडिया पर की गई आपत्तिजनक पोस्ट के बाद धर्म विशेष के लोग भड़क गए और सैकड़ों की संख्या में कोतवाली पहुंच गए। जिससे शहर की शांति भंग होने का खतरा पैदा हो गया था। सूचना पाकर कलेक्टर हर्ष सिंह और एसपी देवेंद्र पाटीदार भी मौके पर पहुंच गए थे। उन्होंने लोगों को समझाने का काफी प्रयास किया, लेकिन वे मानने तैयार नहीं थे। इसके चलते पुलिस को हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को खदेड़ना पड़ा। पुलिस ने आनन फानन में पोस्ट करने वाले युवक को हिरासत में लेकर उसके खिलाफ केस दर्ज किया। तब जाकर मामला शांत हो पाया। बुधवार को भी दिन भी शहर के प्रमुख चौराहों और संवेदनशील क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात रहा। इसके चलते शहर की शांति भंग होने से बच गई। पुलिस ने बताया कि लोहारमंडी के उवेश हुसैन 21 वर्ष ने शिकायत दर्ज कराई थी कि बाई साहब की हवेली के पास रहने वाले देवेश दलाल ने इंस्टाग्राम पर धर्म को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इससे उसकी और समाज के अन्य लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई थीं। पुलिस ने देवेश को रात में ही गिरफ्तार कर लिया था। एसपी देवेंद्र पाटीदार ने एडवाइजरी जारी कर नागरिकों से कहा है कि वे सोशल मीडिया पर न तो आपत्तिजनक पोस्ट करें और न ही उसे फाॅरवर्ड करें। इस तरह की पोस्ट नजर में आती है तो अपने नजदीकी थाने में सूचना दें। पुलिस नियमानुसार उचित कार्रवाई करेगी। recent visitors 47

उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं की ओर बढ़ते प्रदेश के कदम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि एम्स भोपाल के चिकित्सकों ने मध्यप्रदेश में शासकीय क्षेत्र का पहला ट्रांसकैथेटर एओर्टिक वाल्व इम्प्लांटेशन (टीएवीआई) सफलतापूर्वक किया है। यह प्रदेश के चिकित्सा क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया 'एक्स' पर इस गौरवशाली सफलता के लिए एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक प्रोफेसर (डॉ.) अजय सिंह सहित सम्पूर्ण चिकित्सा दल को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।   recent visitors 120

क्या है CCTV और 7 करोड़ की रिश्वत वाला केस, सत्येंद्र जैन पर एक और मुसीबत

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (आप) सरकार में पीडब्ल्यूडी मंत्री रहे सत्येंद्र जैन की मुसीबतें लगातार बढ़ रही हैं। वरिष्ठ 'आप' नेता के खिलाफ एक और मुकदमा दर्ज हो गया है। दिल्ली की एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने जैन के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। 571 करोड़ रुपए के सीसीटीवी प्रॉजेक्ट में कथित धांधली से जुड़े मामले में जैन पर 7 करोड़ रिश्वत लेने का आरोप लगाया गया है। दिल्ली सरकार ने सभी 70 विधानसभा सीटों में कुल 1.4 लाख सीसीटीवी कैमरा लगाने के लिए 571 करोड़ के प्रॉजेक्ट को मंजूरी दी थी। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) को इसका ठेका दिया गया था। लेकिन सीसीटीवी इंस्टॉल करने में देरी की वजह से कंपनी पर 16 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया गया था। आरोप है कि सत्येंद्र जैन ने 7 करोड़ रुपए की रिश्वत लेकर यह जुर्माना माफ कर दिया। एसीबी के जॉइंट कमिश्नर मधुर वर्मा की ओर से बताया गया कि आरोप सबसे पहले एक न्यूज आर्टिकल से सामने आया था जिसमें बताया गया था कि प्रॉजेक्ट के नोडल ऑफिसर सत्येंद्र जैन को देने के लिए 7 करोड़ रिश्वत की व्यवस्था की गई थी। एसीबी ने इसके सत्यापन के लिए बीईएल के एक अधिकारी से पूछताछ की। इस दौरान उन्होंने आरोपों का समर्थन करते हुए इस मामले में विस्तृत शिकायत भी दी। 23 अगस्त 2019 को मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया था कि सीसीटीवी कैमरा लगाने में हुई देरी को लेकर तबकी दिल्ली सरकार ने बीईएल पर 16 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया। हालांकि, शिकायत के मुताबिक, ना सिर्फ 16 करोड़ रुपए माफ किए गए, बल्कि 1.4 लाख और कैमरे लगवाने के लिए बीईएल से ही समझौता किया गया। शिकायतकर्ता ने कहा कि 7 करोड़ की रिश्वत उसी ठेकेदार के जरिए दी गई जिसे 1.4 लाख अतिरिक्त कैमरे लगाने का ठेका मिला। एसीबी के मुताबिक शिकायतकर्ता ने कहा कि पूरे प्रॉजेक्ट को घटिया तरीके से अंजाम दिया गया और पीडब्ल्यूडी को सौंपे जाने के वक्त ही बहुत से कैमरे खराब हो चुके थे। एसीबी ने कहा है कि केस चलाने के लिए मंजूरी पहले ही ली जा चुकी है। recent visitors 55

आज से शुरू हुए यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन

प्रयागराज उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन आज से शुरू हो गया। यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने बताया कि प्रदेशभर में उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए कुल 261 मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं जहां मूल्यांकन आज शुरू हो गया। यह मूल्यांकन कार्य 2 अप्रैल 2025 को संपन्न होगा। उन्होंने बताया कि मूल्यांकन कार्य में किसी प्रकार की गड़बड़ी ना हो इसके लिए यहां यूपी बोर्ड परिसर में बने कंट्रोल रूम से मूल्यांकन कार्य पर पैनी नजर रखी जा रही है। अप्रैल के अंतिम सप्ताह में जारी किए जाएंगे परीक्षाओं के परिणाम मिली जानकारी के मुताबिक, सिंह ने बताया कि मूल्यांकन प्रक्रिया पर कई स्तर पर निगरानी की जा रही है। जिला स्तर पर, मंडल स्तर पर और यूपी बोर्ड के 5 क्षेत्रीय कार्यालयों में मूल्यांकन पर ऑनलाइन नजर रखी जा रही है। इसके अलावा, यूपी बोर्ड और लखनऊ स्थित कैंप कार्यालय के जरिए भी नजर रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं के परिणाम अप्रैल के अंतिम सप्ताह में जारी किए जाएंगे। 15 दिनों में पूरी होगी 3 करोड़ कॉपियों की जांच बताया जा रहा है कि यूपी बोर्ड की हाईस्कूल की परीक्षा में 1,63,22,248 लिखित उत्तर पुस्तिकाओं के लिए 84,122 परीक्षक और 8,437 उप प्रधान परीक्षक नियुक्त किए गए हैं, जबकि इंटरमीडिएट में 1,33,71,607 लिखित उत्तर पुस्तिकाओं के लिए 50,601 परीक्षक और 5,471 उप प्रधान परीक्षक नियुक्त किए गए हैं। प्रदेश में कुल 8,140 परीक्षा केंद्रों में 24 फरवरी से 12 मार्च, 2025 तक यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं संपन्न कराई गईं जिसमें हाईस्कूल की परीक्षा में कुल 25,56,992 छात्र-छात्राएं और इंटरमीडिएट की परीक्षा में 25,77,733 छात्र-छात्राएं शामिल हुए।  recent visitors 46

अमेरिका में काम करने वाले मजदूरों को अच्छा वेतन मिलता है, खासकर कंस्ट्रक्शन मजदूरों को, जानकर हो जाएंगे हैरान

वाशिंगटन अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश है, जिसकी कुल अर्थव्यवस्था लगभग 28 ट्रिलियन डॉलर की है। यह दुनिया की हर बड़ी कंपनी का घर भी है और यहां की कंस्ट्रक्शन इंडस्ट्री भी काफी विकसित है। अमेरिका में काम करने वाले मजदूरों को अच्छा वेतन मिलता है, खासकर कंस्ट्रक्शन मजदूरों को, जो अपने दिन-प्रतिदिन के काम से अमेरिका के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती प्रदान करते हैं। अगर हम अमेरिका में कंस्ट्रक्शन मजदूर की सैलरी की बात करें तो एक औसत मजदूर को हर महीने लगभग $4000 (लगभग 3 लाख रुपये) तक सैलरी मिलती है। हालांकि, यह आंकड़ा अलग-अलग राज्यों और काम के प्रकार के अनुसार भिन्न हो सकता है। कंस्ट्रक्शन मजदूर के काम की प्रकृति कंस्ट्रक्शन मजदूरों का काम कई प्रकार का होता है। ये वे लोग होते हैं जो घरों, बिल्डिंगों, दुकानों और अन्य संरचनाओं को बनाने का काम करते हैं। अमेरिका में लगभग 10 लाख लोग कंस्ट्रक्शन मजदूरी के तौर पर काम करते हैं। इनमें से कुछ मजदूर भवन निर्माण, सड़क निर्माण, पेंटिंग, और दूसरी असंरचित श्रेणियों में काम करते हैं। कंस्ट्रक्शन मजदूर को प्रति घंटा कितनी सैलरी मिलती है? एक कंस्ट्रक्शन मजदूर को औसतन $23.69 प्रति घंटा की दर से वेतन मिलता है। इसका मतलब यह है कि यदि कोई कंस्ट्रक्शन मजदूर सप्ताह में 40 घंटे काम करता है तो वह एक महीने में लगभग $4000 (लगभग 3 लाख रुपये) कमा सकता है। इसके अलावा, कंस्ट्रक्शन मजदूर का औसतन सलाना वेतन लगभग $49,280 (लगभग 37 लाख रुपये) होता है। यह वेतन अमेरिकी कंस्ट्रक्शन इंडस्ट्री के लिए एक आम आंकड़ा है, लेकिन इसमें कई भिन्नताएं हो सकती हैं जैसे कि व्यक्ति की कौशल स्तर, अनुभव, और काम की कठिनाई के आधार पर। अमेरिका में कंस्ट्रक्शन मजदूर के फायदे अमेरिका में कंस्ट्रक्शन मजदूरों को कई प्रकार के लाभ मिलते हैं, जैसे कि: स्वास्थ्य बीमा: कई कंपनियां अपने कर्मचारियों को स्वास्थ्य बीमा प्रदान करती हैं। पेंशन और रिटायरमेंट फंड: कामकाजी जीवन के अंत में कर्मचारियों के लिए पेंशन और रिटायरमेंट योजनाएं होती हैं। अवकाश लाभ: छुट्टियों और स्वास्थ्य अवकाश का लाभ भी दिया जाता है।   recent visitors 31

65 जमीन मालिकों के चलते रुका बिलासपुर-उरगा राष्ट्रीय राजमार्ग

बिलासपुर केंद्र सरकार के भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत बिलासपुर-उरगा राष्ट्रीय राजमार्ग -130 ए भूमि बटांकन विवाद के कारण अधर में लटका हुआ है। 1,520 करोड़ रुपये की इस परियोजना का काम वर्ष 2022 में शुरू हुआ था और इसे 2025 जून तक पूरा किया जाना है। बटांकन विवाद और प्रशासनिक ढिलाई के चलते अब तक काम ठप है। प्रधानमंत्री कार्यालय इस पर लगातार नजर रखे हुए है। बिलासपुर के ढेका गांव से उरगा तक 70 किलोमीटर लंबी इस सड़क परियोजना का काम ढेका की लगभग आधा किलोमीटर की भूमि पर बटांकन विवाद के चलते रुका हुआ है। कमिश्नर कोर्ट से नहीं आया है फैसला लगभग 65 जमीन मालिकों की भूमि योजना के चलते प्रभावित हो रही है। यही जमीन बटांकन में विभाजन को लेकर असहमति बनी हुई है। कई लोगों ने बटांकन प्रक्रिया पारदर्शी नहीं होने और अनियमितता के आरोप लगाए हैं। मामला आयुक्त न्यायालय में चल रहा है। कमिश्नर कोर्ट से अंतिम फैसला आने तक काम शुरू नहीं हो सकता। जमीन बटांकन को लेकर चल रहे विवाद की जानकारी लगते ही कलेक्टर अवनीश शरण लगभग दो माह पूर्व ढेका-उरगा नेशनल हाइवे 130 ए परियोजना क्षेत्र का निरीक्षण किया था। उन्होंने एसडीएम को जल्द से जल्द बटांकन विवाद को सुझाने व प्रोजक्ट को तय समय सीमा में पूरा करने निर्देश दिए थे। जून 2025 तक पूरा करना था प्रोजेक्ट का काम बिलासपुर-उरगा एनएच 130 ए परियोजना 2022 में शुरू हुई थी और 2025 जून तक पूरी होने की समय-सीमा है। प्रोजेक्ट बटांकन विवाद व आयुक्त न्याय प्रशासन की सुस्ती के चलते काम अधर में लटका है। प्रशासन ने समय रहते विवाद सुलझाया होता, तो यह सड़क अब तक बनकर तैयार होने की कगार पर होती। इस देरी के कारण न सिर्फ लागत बढ़ेगी, बल्कि क्षेत्रीय विकास भी प्रभावित होगा। भारतमाला परियोजना के फायदे     बिलासपुर से कोरबा सिर्फ एक घंटा में पहुंच सकेंगे।     बेहतर परिवहन से आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।     स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।     पिछड़े क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा।   recent visitors 39

आतंकियों को पनाह देने वालों पर गिरी गाज, NIA ने जम्मू में 12 ठिकानों पर मारी रेड

नई दिल्ली राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने पाकिस्तान से जुड़े आतंकवादियों की घुसपैठ की घटनाओं पर संज्ञान लेते हुए बड़ा एक्शन लिया है। बीते दिनों सीमा पार से घुसपैठ की घटनाओं में इजाफा होने के बाद NIA ने जम्मू में 12 ठिकानों पर रेड किया है। अधिकारियों ने बताया है कि जिन लोगों के खिलाफ एक्शन लिया गया है उनमें आतंकवादी समूहों को मदद करने वाले ओवरग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) शामिल हैं जो भारत में आने वाले आतंकवादियों को लॉजिस्टिक्स, सुरक्षित ठिकाने और रास्ता मुहैया कराने में मदद करते हैं। इससे पहले NIA ने पिछले साल 24 अक्टूबर को हुए घुसपैठ से संबंधित घटनाओं में इन लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए थे जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय सीमा और LOC के जरिए भारत में लश्कर और जैश से जुड़े सक्रिय आतंकवादियों को मदद पहुंचाई थी। एनआईए के एक अधिकारी के मुताबिक, “जम्मू क्षेत्र के गांवों में रहने वाले ओजीडब्ल्यू और अन्य आतंकी गुटों ने इन घुसपैठियों की मदद की थी। इन्होंने आतंकवादियों को खाना पीना, शरण और पैसे भी दिए थे।” अधिकारी ने बताया कि संदिग्ध हाइब्रिड आतंकवादी और ओजीडब्ल्यू प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों की शाखाओं से जुड़े हुए हैं। इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस साल अब तक जम्मू-कश्मीर पर केंद्रित तीन सुरक्षा समीक्षा बैठक कर चुके हैं। इस दौरान उन्होंने सुरक्षा बलों को आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने का निर्देश दिया है। recent visitors 34