अमित शाह ने पूर्वोत्तर राज्यों के मुख्यमंत्रियों संग तीन नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन की समीक्षा की

गुवाहाटी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को गुवाहाटी के एक होटल में पूर्वोत्तर राज्यों के मुख्यमंत्रियों और डीजीपी के साथ बैठक की। इसमें तीन नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन की समीक्षा की गई। राष्ट्रपति शासन वाले मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला बैठक में शामिल हुए। असम के मुख्यमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन पर गुवाहाटी में पूर्वोत्तर राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक की अध्यक्षता कर रहे हैं। बैठक में पूर्वोत्तर क्षेत्र के सात मुख्यमंत्री भाग ले रहे हैं, जबकि मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर को छोड़कर पांच राज्यों के डीजीपी मौजूद हैं। इसमें कई पूर्वोत्तर राज्यों के मुख्य सचिव भी मौजूद हैं। आठ राज्यों में से प्रत्येक भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) के कार्यान्वयन पर केंद्रीय गृह मंत्री को अद्यतन करने के लिए प्रस्तुति दे रहा है। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि बैठक का उद्देश्य पूर्वोत्तर राज्यों में पुलिस, जेल, अदालतों, अभियोजन और फोरेंसिक से संबंधित विभिन्न नए प्रावधानों के कार्यान्वयन और वर्तमान स्थिति की समीक्षा करना है। इस दौरान शाह ने असम सीआईडी की ओर से तैयार और असम सरकार से प्रकाशित पुस्तक ‘न्यू क्रिमिनल लॉज : स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर्स एंड रूल्स’ का विमोचन किया।   recent visitors 62

अब दिल्ली की सड़कें होंगी धूल मुक्त, दिए निर्देश, सीएम रेखा गुप्ता के नेतृत्व में कई ठोस कदम उठाए जा रहे

नई दिल्ली दिल्ली सरकार ने राजधानी में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने और पर्यावरण को बेहतर बनाने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान शुरू किया है। सीएम रेखा गुप्ता के नेतृत्व में कई ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। डिवाइडर पर लगाए जाएंगे पेड़ अभियान के तहत पूरे रिंग रोड को धूल मुक्त बनाने, सड़क किनारे डिवाइडर पर पेड़ लगाने और ट्रैफिक जाम को कम करने के लिए व्यापक योजना तैयार की गई है। सरकार ने विभिन्न उपायों की समीक्षा की है और सभी संबंधित विभागों को तत्काल प्रभाव से प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। वायु प्रदूषण नियंत्रण कार्ययोजना के बारे में सीएम ने कहा कि दिल्ली को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाना भाजपा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। वैज्ञानिक और टिकाऊ उपायों के माध्यम से वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सड़कों के किनारे हरित पट्टी विकसित करके, आधुनिक तकनीकों से धूल को नियंत्रित करके और सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करके दिल्ली के लोगों को स्वच्छ, स्वस्थ और हरित भविष्य देने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदूषण सोखने वाले पौधे लगाए जाएंगे इस दिशा में सरकार ने एमसीडी, पीडब्ल्यूडी, डीडीए और अन्य संबंधित सड़क स्वामित्व एजेंसियों को सड़क के किनारे और डिवाइडर पर पेड़ लगाने के निर्देश दिए हैं। सड़क के किनारे विशेष प्रदूषण सोखने वाले पौधे लगाए जाएंगे, जिससे वायु गुणवत्ता में सुधार होगा। रेखा गुप्ता ने आगे बताया कि दिल्ली में धूल प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए पूरे रिंग रोड को धूल मुक्त बनाया जाएगा। इसके लिए रिंग रोड पर नियमित रूप से मैकेनाइज्ड रोड स्वीपिंग की जाएगी। सड़क किनारे धूल जमने से रोकने के लिए स्प्रिंकलर और ट्रीटेड पानी का इस्तेमाल किया जाएगा। साथ ही निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण प्रबंधन को सख्ती से लागू किया जाएगा। पीयूसीसी के गहन निरीक्षण के भी निर्देश दिए गए हैं। मिलेगा जाम से छुटकारा सीएम ने कहा कि दिल्ली में जाम की समस्या के समाधान के लिए 250 प्रमुख सड़कों की पहचान की गई है। सभी संबंधित विभागों को ट्रैफिक पुलिस की मदद से जाम के कारणों का निदान करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम को बढ़ावा दिया जाएगा। सीएम ने कहा कि सार्वजनिक परिवहन को और अधिक कुशल बनाने के लिए डीटीसी बसों के रूट रेशनलाइजेशन प्लान पर भी काम किया जाएगा। सार्वजनिक बसों की रियल टाइम मॉनिटरिंग के लिए कंट्रोल रूम बनाया जा रहा है। रेखा गुप्ता ने कहा कि सड़कों के किनारे ग्रीन बेल्ट विकसित करने, यातायात सुधार और सार्वजनिक परिवहन को और अधिक सुचारू बनाने से राजधानी की वायु गुणवत्ता में काफी सुधार आएगा। recent visitors 40

कर्नाटक सरकार ने मुस्लिम के लिए उठाया ये बड़ा कदम, बीजेपी ने लगाया तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप

बेंगलूरू कर्नाटक सरकार ने हाल ही में एक बड़ा निर्णय लिया है, जिससे राजनीतिक माहौल में हड़कंप मच गया है। राज्य सरकार ने मुस्लिम ठेकेदारों को सरकारी निविदाओं में 4 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रस्ताव पारित किया है। यह फैसला राज्य के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की अध्यक्षता में हुई एक कैबिनेट बैठक में लिया गया। इसके साथ ही कर्नाटक सरकार ने कर्नाटक ग्राम स्वराज और पंचायत राज (संशोधन) विधेयक को भी मंजूरी दी। इस फैसले से जहां एक तरफ मुस्लिम ठेकेदारों में खुशी की लहर है, वहीं दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया है। कर्नाटक सरकार का बड़ा कदम कर्नाटक सरकार ने अब सरकारी निविदाओं में मुस्लिम ठेकेदारों के लिए 4 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने शुक्रवार को कर्नाटक ट्रांसपेरेंसी इन पब्लिक प्रोक्योर्मेंट (KTPP) एक्ट में बदलाव का प्रस्ताव पेश किया, जिसे कैबिनेट ने मंजूरी दे दी। इस बदलाव के बाद, अब एक करोड़ रुपये तक की निविदाओं में मुस्लिम ठेकेदारों को 4 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। यह निर्णय कर्नाटक के मुस्लिम ठेकेदारों के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे उन्हें सरकारी टेंडर हासिल करने में कुछ हद तक सहूलियत हो सकती है। हालांकि, इस फैसले के राजनीतिक और कानूनी पहलू भी हैं, जिन पर बहस हो रही है। भाजपा का तुष्टीकरण की राजनीति का आरोप कर्नाटक सरकार के इस फैसले के बाद, भाजपा ने कांग्रेस पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने शनिवार को एक प्रेस वार्ता में कहा कि कर्नाटक सरकार का यह कदम राहुल गांधी के पूर्ण समर्थन से लिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि यह कदम राहुल गांधी की "मानसिकता" को दर्शाता है और कांग्रेस केवल एक समुदाय को खुश करने के लिए ऐसे फैसले ले रही है। रविशंकर प्रसाद ने कहा, "कर्नाटक सरकार ने इस फैसले को पारित करने से पहले यह सुनिश्चित किया कि राहुल गांधी का पूरा समर्थन हो।" इसके साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता ऐसे निर्णयों के माध्यम से देश में धार्मिक असंतुलन को बढ़ावा दे रहे हैं। मुस्लिम ठेकेदारों के लिए 4% आरक्षण कर्नाटक सरकार द्वारा पारित इस प्रस्ताव के बाद, एक करोड़ रुपये तक की सरकारी निविदाओं में मुस्लिम ठेकेदारों के लिए 4 प्रतिशत आरक्षण का रास्ता साफ हो गया है। इसका मुख्य उद्देश्य मुस्लिम समुदाय के ठेकेदारों को सरकारी ठेकों में समान अवसर प्रदान करना है। कर्नाटक सरकार का कहना है कि इस निर्णय से मुस्लिम ठेकेदारों को सार्वजनिक कार्यों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। वहीं, विपक्षी पार्टी भाजपा का कहना है कि यह कदम असंवैधानिक है और धर्म आधारित आरक्षण संविधान के खिलाफ है।   भाजपा ने दी संविधान का हवाला भा.ज.पा. नेता रविशंकर प्रसाद ने स्पष्ट रूप से कहा कि सरकारी ठेकेों में धर्म आधारित आरक्षण पूरी तरह से असंवैधानिक है। उनका कहना है कि भारतीय संविधान में धर्म के आधार पर आरक्षण की कोई व्यवस्था नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि केवल सामाजिक पिछड़ेपन के आधार पर आरक्षण की अनुमति दी जा सकती है, न कि किसी विशेष धार्मिक समुदाय के लिए सीधे आरक्षण दिया जा सकता है। रविशंकर प्रसाद ने इस फैसले को राष्ट्रीय स्तर पर एक खतरनाक कदम बताया और कहा कि इस तरह के निर्णय राष्ट्र की एकता और अखंडता को खतरे में डाल सकते हैं। उनका कहना था, "स्वतंत्रता संग्राम के दौरान छोटे-छोटे मुद्दों के आधार पर विभाजन हुआ था। इस प्रकार की नीतियां भी भविष्य में किसी बड़े विभाजन का कारण बन सकती हैं।"   recent visitors 45

यूपी भाजपा ने जारी की नए जिला अध्यक्षों की लिस्ट, कुछ को दिया दोबारा तो कुछ को बनाया नया अध्यक्ष

लखनऊ उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी ने नए जिला अध्यक्षों की लिस्ट जारी कर दी है। इटावा से अन्नू गुप्ता, रामपुर से हरीश गंगवार, मथुरा से निर्भय पांडेय, बुलंदशहर में विकास चौहान को दोबारा जिला अध्यक्ष बनाया गया है। मैनपुरी से ममता राजपूत, मथुरा से महानगर अध्यक्ष बने राजू यादव, मुरादाबाद से आकाश पाल, बहराइच से ब्रजेश पांडेय दोबारा मौका मिला, फर्रुखाबाद में फतेह चंद्र वर्मा, ओम प्रकाश राय को गाजीपुर का जिलाध्यक्ष बनाया गया। अमेठी में सुधांशु शुक्ला, उन्नाव में अनुराग अवस्थी, आजमगढ़ से ध्रुव सिंह, हरदोई में बीजेपी के जिलाध्यक्ष अजीत सिंह बब्बन, ललितपुर के नए जिलाध्यक्ष हरिश्चंद्र रावत के रूप में कार्य करने का मौका मिला है जबकि यूपी के 26 जिलों के अध्यक्ष और महानगर की चुनाव की प्रक्रिया रोकी गई। गौरतलब है कि जिला अध्यक्षों की लिस्ट 30 दिसंबर तक होनी थी, लेकिन नहीं हो सकी है। इसको लेकर कई तरह की बातें सामने आ रही हैं की लोगों में आपसी खींचतान और सामाजिक समीकरण ठीक से नहीं बैठ रहा है। जिससे कई जिलों में अध्यक्ष को लेकर आम सहमति नहीं बन पा रही है, लेकिन नई लिस्ट में दलितों और महिलाओं की हिस्सेदारी पर सहमति बन गई है। फिर नए नामों की लिस्ट जारी की गई है। फिलहाल 26 जिलों के अध्यक्ष और महानगर की चुनाव की प्रक्रिया रोकी गई। भाजपा के नवनिर्वाचित जिलाध्यक्षों की सूची- क्र. सं. जिला जिलाध्यक्ष का नाम 1 बुलंदशहर विकास चौहान  2 कानपुर ग्रामीण उपेंद्र नाथ पासवान 3 कानपुर देहात रेणुका सचान 4 कानपुर महानगर दक्षिण शिवराम सिंह चौहान 5 कानपुर महानगर उत्तर अनिल दीक्षित 6 सोनभद्र नंदलाल गुप्ता 7 प्रयागराज महानगर संजय शुक्ला 8 प्रयागराज यमुनापार राजेश शुक्ला 9 प्रयागराज गंगापार निर्मला पासवान 10 गाजीपुर ओम प्रकाश राय 11 सुल्तानपुर सुशील त्रिपाठी 12 मछलीशहर डॉ. अजय कुमार सिंह 13 भदोही दीपक मिश्रा 14 प्रतापगढ़ आशीष श्रीवास्तव 15 गाजीपुर ओमप्रकाश राजभर 16 वाराणसी महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि 17 कासगंज नीरज शर्मा 18 गोरखपुर जनार्दन तिवारी 19 औरैया सर्वेश कठेरिया 20 सुल्तानपुर सुशील त्रिपाठी 21 हरदोई अजीत सिंह बब्बन 22 उन्नाव अनुराग अवस्थी 23 अमेठी सुधांशु शुक्ला 24 फर्रुखाबाद फतेहचंद्र वर्मा 25 बहराइच ब्रजेश पांडेय (दूसरी बार) 26 रामपुर हरीश गंगवार 27 ललितपुर हरिश्चंद्र रावत 28 इटावा अन्नू गुप्ता 29 मथुरा महानगर अध्यक्ष राजू यादव 30 मथुरा निर्भय पांडेय 30 इटावा अरुण कुमार गुप्ता 31 मैनपुरी ममता राजपूत 32 लखनऊ महानगर आनंद द्विवेदी 33 बलरामपुर रवि मिश्रा 34 उन्नाव अनुराग अवस्थी 35 फिरोजाबाद महानगर अध्यक्ष सतीश दिवाकर  36 गौतम बुद्धनगर अभिषेक शर्मा  37 नोएडा महानगर महेश चौहान 38 लालगंज विनोद राजभर 39 आजमगढ़ ध्रुव सिंह  40 गोरखपुर महानगर अध्यक्ष देवेश श्रीवास्तव 41 गोरखपुर जनार्दन तिवारी  42 रायबरेली बुद्धि लाल 43 लखनऊ जिला विजय मौर्या 44 गाजियाबाद महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल 45 कासगंज नीरज शर्मा   46 मुरादाबाद महानगर अध्यक्ष गिरीश भंडुला 47 मुरादाबाद  आकाश पाल (दोबारा चुने गए) 48 आगरा जिला प्रशांत पोनिया 49 आगरा महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता   50 अमेठी सुधांशु शुक्ला   भाजपा के नवनिर्वाचित जिलाध्य्क्ष- क्र. सं. जिला जिलाध्यक्ष 51 ललितपुर हरिश्चंद्र रावत  52 गाजीपुर ओमप्रकाश राय 53 बदायूं राजीव कुमार गुप्ता 54 श्रावस्ती मिश्रीलाल वर्मा 55 बहराइच  बृजेश पांडेय (दोबारा) 56 बिजनौर भूपेंद्र सिंह चौहान 'बॉबी' 57 गोंडा  अमर किशोर कश्यप उर्फ बमबम 58 संभल  हरेंद्र चौधरी 59 सहारनपुर महानगर शीतल विष्णोई 60 मुजफ्फरनगर सुधीर सैनी 61 झांसी जिला प्रदीप पटेल 62 महोबा मोहनलाल कुशवाह 63 चित्रकूट महेन्द्र कोटार्य 64 संत कबीरनगर नीतू सिंह 65 महाराजगंज अशोक उर्फ़ संजय पांडेय 66 मऊ रामाश्रय मौर्य 67 कुशीनगर दुर्गेश राय 68 बस्ती विवेकानंद मिश्रा 69 बलिया संजय मिश्रा 70 मेरठ महानगर विवेक रस्तोगी 71 शाहजहांपुर ज़िला कृष्ण चंद मिश्रा 72 शाहजहांपुर महानगर शिल्पी गुप्ता recent visitors 49

एशिया कप में ये खिलाड़ी होगा कप्तान!, विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे सितारे इस बार नहीं खेलेंगे

नई दिल्ली साल 2025 में होने वाला एशिया कप भारतीय क्रिकेट टीम के लिए एक बड़ा बदलाव लेकर आ रहा है। विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे सितारे इस बार टीम का हिस्सा नहीं होंगे। ये दोनों खिलाड़ी और साथ ही रविंद्र जडेजा ने क्रिकेट के सबसे छोटे फॉर्मेट (टी-20) को अलविदा कह दिया है, जिससे टीम इंडिया को एक नई दिशा में कदम बढ़ाने की चुनौती का सामना करना पड़ेगा। इस बार एशिया कप की मेज़बानी भारत के पास है, लेकिन खबरों के मुताबिक टूर्नामेंट को किसी न्यूट्रल वेन्यू पर कराने की तैयारी की जा रही है। यह फैसला इसलिए लिया जा रहा है क्योंकि भारतीय टीम में बदलावों के बावजूद इस टूर्नामेंट का आयोजन ठीक से और निष्पक्ष रूप से किया जा सके। टीम की जिम्मेदारी किसपर? कोहली और रोहित के बिना टीम इंडिया की कप्तानी का जिम्मा सूर्यकुमार यादव या हार्दिक पांड्या पर होगा। दोनों ही खिलाड़ी इस वक्त शानदार फॉर्म में हैं और टीम को मजबूती देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। सूर्यकुमार यादव, जिन्होंने पिछले कुछ समय में अपने खेल से सबका दिल जीता है, अब कप्तान के रूप में टीम का नेतृत्व करेंगे। वहीं, हार्दिक पांड्या, जो एक ऑलराउंडर के रूप में अपनी भूमिका निभा रहे हैं, उनसे भी बड़े प्रदर्शन की उम्मीद होगी। युवा खिलाड़ियों को मिलेगा मौका इस एशिया कप में युवाओं को भी मौका मिलेगा। टीम इंडिया के युवा खिलाड़ी जैसे यशस्वी जायसवाल और शुभमन गिल पर बहुत कुछ निर्भर करेगा। दोनों खिलाड़ी पिछले कुछ समय में शानदार प्रदर्शन कर चुके हैं और अब एशिया कप में अपनी टीम के लिए बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। उनकी बेहतरीन बल्लेबाजी से टीम को मजबूत बनाने की उम्मीद की जा रही है। गेंदबाजी की अगुवाई करेंगे जसप्रीत बुमराह गेंदबाजी में भारतीय टीम का मुख्य आधार जसप्रीत बुमराह होंगे। बुमराह, जो दुनिया के सबसे बेहतरीन पेस बॉलर्स में से एक माने जाते हैं, इस बार एशिया कप में अपनी टीम के लिए कड़ी चुनौती से मुकाबला करने के लिए तैयार हैं। उनके नेतृत्व में पेस अटैक को मजबूती मिलेगी और टीम को विपक्षी टीमों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण फायदा मिलेगा। भारत-पाकिस्तान की भिड़ंत एशिया कप में भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला हमेशा ही आकर्षण का केंद्र रहता है। इस बार भी दोनों टीमों के बीच तीन बार भिड़ंत हो सकती है। पहले ग्रुप स्टेज में दोनों टीमें एक-दूसरे के खिलाफ खेल सकती हैं, फिर सुपर फोर में भी इन दोनों के बीच मैच हो सकता है। अगर सब कुछ सही रहा तो एशिया कप का फाइनल भी भारत-पाकिस्तान के बीच हो सकता है, जो क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक रोमांचक मुकाबला होगा।   recent visitors 36

रमाकांत रथ भारतीय साहित्य जगत की एक प्रमुख विभूति थे, जताया दुःख: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू

नई दिल्ली राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रख्यात ओडिया कवि पद्म भूषण रमाकांत रथ के निधन पर दुख जताया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि रमाकांत रथ भारतीय साहित्य जगत की एक प्रमुख विभूति थे। उन्हें पद्म भूषण सहित अनेक पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कार्यालय ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ''प्रख्यात कवि रमाकांत रथ जी के निधन के बारे में जानकर मुझे बहुत दुख हुआ है। रमाकांत रथ भारतीय साहित्य जगत की एक प्रमुख विभूति थे। उन्हें पद्म भूषण सहित अनेक पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। ओडिया साहित्य में अपने चिरस्मरणीय योगदान द्वारा उन्होंने अखिल भारतीय साहित्य को समृद्ध किया है। मैं उनके शोक संतप्त परिवारजनों और प्रशंसकों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करती हूं।'' प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा,'' रमाकांत रथ जी ने एक प्रभावी प्रशासक और विद्वान के रूप में अपनी पहचान बनाई है। उनकी रचनाएं, विशेषकर कविताएं, समाज के सभी वर्गों में व्यापक रूप से लोकप्रिय हैं। उनके निधन से बहुत दुःख हुआ है। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और प्रशंसकों के साथ हैं। '' इससे पहले ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने रमाकांत रथ के निधन पर शोक जताया। उन्होंने एक्स पोस्ट में लिखा,''मुझे पद्म भूषण से सम्मानित, पूर्व सिविल सेवक एवं लेखक रमाकांत रथ के निधन के बारे में जानकर दुख हुआ है। उन्हें भारतीय सिविल सेवा के साथ-साथ साहित्य जगत में उनके योगदान के लिए हमेशा याद किया जाएगा। उनका अंतिम संस्कार राष्ट्रीय सम्मान के साथ किया जाएगा। मैं भगवान जगन्नाथ से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं और शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं।'' recent visitors 35

सिंधी मेला समिति द्वारा आयोजित होली मिलन एवं पारिवारिक पिकनिक का आयोजन

Holi Milan and Family Picnic organized by Sindhi Mela Samiti  भोपाल (सुशील दामले)। सिंधी मेला समिति द्वारा रतिबड स्थित नक्षत्र रिसोर्ट में होली मिलन समारोह एवं पारिवारिक पिकनिक का आयोजन किया गया।इस मौके पर सिंधी समाज के सभी लोगों ने जमकर फूलो की होली खेली, समारोह में उपस्थित सभी लोगों को सिंधी मिठाई (गिहर) से मुह मीठा करवाया इस आयोजन को लेकर सभी लोगों में काफ़ी उत्साह देखा गया। साथ ही पारिवारिक वातावरण में लोगों ने पिकनिक का भी भरपूर आनंद लिया। इस दौरान महिलाओं के लिए चम्मच रेस, तंबोला, फन क्विज़, चेयर रेस, पुल पार्टी, डांस म्यूजिक, इत्यादि गेम्स खेले गये, सभी लोगों ने इस पल को खूब एंज्याय किया एवं इस पल की यादो को अपने कैमरे में कैप्चर कर लिया गया साथ ही लज़ीज व्यंजन का भी लोगों ने भरपूर लुफ्त उठाया। इस अवसर पर सिंधी मेला समिति के अध्यक्ष मनीष दरयानी ने बताया कि सिंधी मेला परिवार की और से आयोजन आयोजित किया गया है इस पारिवारिक होली मिलन समारोह में उज्जैन के सर्वोत्तम नृत्य अकादमी के कलाकार द्वारा माथुरा के गीत पर नृत्य प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों का समाबांध दिया। इस अवसर पर प्रमुख रूप से विधायक भगवानदास सबनानी, नरेश तलरेजा, के. एल. दलवानी, प्रदीप आर्त्तवानी,महेश बजाज, दीपक राजानी, नरेश गिदवानी, रवि आनंद, पंडित रवि शर्मा, ठाकुर पंजवानी, पिकनिक संयोजक सुनील किंगरानी, हरीश मेंघानी महिला संयोजक सिया आसुदानी, सीमा सबनानी. दिव्या दरयानी, पूजा भाटिया, भावना जगवानी, सुनील मंगवानी, चंदन डुलानी, कपिल भाटिया, राम आसुदानी, मोहित शेवानी, हरकिशन निहालानी, सहित समाज के गणमान्य नागरिक विशेष रूप से उपस्थित हुए थे। सिन्धी मेला समिति भोपाल की नई पहल, सिन्धी मैराथान,  समाज के हर आयु वर्ग को फिजिकल फिटनेस की ओर आकर्षित करने हेतु सिंधी मेला समिति द्वारा शहीद हेमू कालानी जी के जन्म दिवस रविवार 23 मार्च 2025 को सुबह 06 बजे भोपाल में पहली बार सिन्धी मैराथन आयोजित की जा रही है जिसमें अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त पद्मश्री, पद्मभूषण प्राप्त पंकज आडवाणी भाग ले रहे है। recent visitors 114