देश अपने हितों की रक्षा के लिए इनका इस्तेमाल करते हैं, पसंद हो या न हो, टैरिफ वॉर पर जयशंकर की दो टूक

नई दिल्ली विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने वैश्विक व्यापार में बढ़ते शुल्क (टैरिफ) और प्रतिबंधों की प्रवृत्ति को एक सच्चाई बताते हुए कहा कि विभिन्न देश अपने आर्थिक हितों की रक्षा के लिए इनका इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि “चाहे हमें यह पसंद हो या न हो, टैरिफ और प्रतिबंध आज एक हकीकत हैं, और देश अपने हितों की रक्षा के लिए इनका इस्तेमाल करते हैं।” उनके इस बयान को हाल के वैश्विक घटनाक्रमों के संदर्भ में देखा जा रहा है, जहां व्यापार और वित्त को रणनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की प्रवृत्ति बढ़ी है। जयशंकर ने यह टिप्पणी नई दिल्ली में आयोजित रायसीना डायलॉग के दौरान "कमिसार्स एंड कैपिटलिस्ट्स: पॉलिटिक्स, बिजनेस एंड न्यू वर्ल्ड ऑर्डर" नामक पैनल चर्चा में की। आर्थिक गतिविधियों का बढ़ता सैन्यीकरण जयशंकर ने कहा, "टैरिफ और प्रतिबंध आज की हकीकत हैं, देश इनका उपयोग करते हैं। यदि हम पिछले एक दशक पर नजर डालें, तो हमने देखा है कि किसी भी प्रकार की क्षमता या आर्थिक गतिविधि का बड़े पैमाने पर सैन्यीकरण किया गया है। इसमें वित्तीय प्रवाह, ऊर्जा आपूर्ति और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्र भी शामिल हैं।" उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि व्यापार केवल लाभ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह रोजगार और समग्र राष्ट्रीय शक्ति से भी जुड़ा हुआ है। जयशंकर ने कहा, "आप अपने व्यवसाय के लिए लड़ते हैं, क्योंकि यह आपके रोजगार और समग्र राष्ट्रीय शक्ति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।" अंतरराष्ट्रीय संबंधों में आ रही "कम प्रतिबंधित संस्कृति" जयशंकर ने बताया कि आज अंतरराष्ट्रीय संबंध पहले की तुलना में कम प्रतिबंधित हो गए हैं। उन्होंने कहा, "आज विभिन्न डोमेन के बीच विभाजन की रेखाएं मिट रही हैं। अंतरराष्ट्रीय संबंधों में भी यह बदलाव स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। यदि हम एक दशक पहले की स्थिति देखें, तो आज की तुलना में वह ज्यादा संतुलित थी।" अमेरिका-भारत व्यापारिक तनाव पर व्हाइट हाउस की प्रतिक्रिया गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका ने भारत सहित विभिन्न देशों से आयातित वस्तुओं पर नए टैरिफ लगाने की घोषणा की है। इससे पहले, 13 मार्च को व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट ने अमेरिका पर विभिन्न देशों द्वारा लगाए गए टैरिफ पर चिंता जताई थी। उन्होंने भारत द्वारा अमेरिकी शराब और कृषि उत्पादों पर लगाए गए टैरिफ का विशेष रूप से उल्लेख किया। प्रेस वार्ता के दौरान लेविट ने कहा, "मेरे पास विभिन्न देशों द्वारा लगाए गए टैरिफ का एक चार्ट है। अगर आप कनाडा की बात करें तो अमेरिकी पनीर और मक्खन पर लगभग 300% शुल्क है।" उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप निष्पक्ष और संतुलित व्यापार नीति में विश्वास रखते हैं और जवाबी (रेसिप्रोसिटी) के सिद्धांत का पालन करना चाहते हैं। वैश्विक व्यापार में शक्ति संतुलन की नई दिशा जयशंकर के बयान इस बात की ओर संकेत करते हैं कि आज के दौर में व्यापार केवल आर्थिक गतिविधि तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भू-राजनीतिक और राष्ट्रीय शक्ति समीकरण का भी अहम हिस्सा बन चुका है। ऐसे में आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय व्यापार नीतियों में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। recent visitors 40

सऊदी अरब ने इस टी20 लीग के लिए 500 मिलियन यूएस डॉलर का निवेश करने का फैसला किया, शुरू करना चाहता है मेगा T20 लीग

नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल की लोकप्रियता को देखते हुए दुनियाभर में टी20 लीग शुरू हो गई हैं। हालांकि, जो औहदा इस समय आईपीएल का है, उसका कोई तोड़ नहीं है। ऐसे में एक नई सोच के साथ सऊदी टी20 लीग की नींव रखी जा रही है। खुद सऊदी अरब ने इस टी20 लीग के लिए 500 मिलियन यूएस डॉलर का निवेश करने का फैसला किया है। जिस तरह टेनिस में ग्रैंड स्लैम खेले जाते हैं। उसी तरह की ये लीग बनाने की योजना है। फाइनल सऊदी अरब में खेला जाएगा। चार अलग-अलग स्थानों पर मैच आयोजित कराने का प्लान है। हालांकि, इस पर इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड यानी ईसीबी अड़ंगा डाल सकता है। सऊदी अरब की एसआरजे स्पोर्ट्स इन्वेस्टमेंट्स ने इस लीग में निवेश करने का फैसला किया। ये देश के 1 ट्रिलियन डॉलर सॉवरेन वेल्थ फंड (पब्लिक इन्वेस्टमेंट फंड) की सहायक कंपनी है। यह कॉन्सेप्ट नील मैक्सवेल के दिमाग की उपज है, जो एक पूर्व फर्स्ट क्लास क्रिकेटर हैं, जिन्होंने न्यू साउथ वेल्स और विक्टोरिया का प्रतिनिधित्व किया है और ऑस्ट्रेलियाई कप्तान पैट कमिंस के वर्तमान प्रबंधक हैं। मैक्सवेल ने ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर्स एसोसिएशन और क्रिकेट न्यू साउथ वेल्स के बोर्ड में भी प्रमुख पदों पर कार्य किया है। इस लीग का मुख्य उद्देश्य है कि इससे जो कमाई होगी, वह उन देशों को सपोर्ट करेगी, जो टेस्ट क्रिकेट में पीछे हैं। इस लीग में सबसे बड़ी समस्या खिलाड़ियों की उपलब्धता होगी, क्योंकि खिलाड़ी पहले से ही बिजी शेड्यूल का हिस्सा हैं। इस टूर्नामेंट के लिए शेड्यूल और स्लॉट निकालना सभी के लिए चुनौती भरा होगा। बीसीसीआई अपने खिलाड़ियों को किसी भी ओवरशीज लीग में खेलने की अनुमति नहीं देती है। इसके अलावा इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड यानी ईसीबी ने इस लीग से अपना समर्थन वापस ले लिया है। सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड को ईसीबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रिचर्ड गॉल्ड ने कहा है कि इंग्लिश क्रिकेट बोर्ड लीग का समर्थन नहीं करेगा। इसका कारण है कि इसके लिए समय नहीं है। उन्होंने कहा, "व्यस्त इंटरनेशनल कैलेंडर, दुनिया भर में स्थापित फ्रेंचाइजी लीगों की मेजबानी और खिलाड़ियों के कार्यभार के बारे में मौजूदा चिंताओं को देखते हुए, इस तरह के विचार की कोई गुंजाइश या मांग नहीं है। यह ऐसी बात नहीं है जिसका हम समर्थन करेंगे।" रिपोर्ट के अनुसार, ईसीबी द हंड्रेड लीग को बचाने के लिए उत्सुक है, जिसने हाल ही में निजी निवेशकों को फ्रेंचाइजी हिस्सेदारी बेची है। बीसीसीआई और सीए भी अपनी-अपनी टी20 लीग को सुरक्षित रखने के लिए उत्सुक होंगे। recent visitors 53

भाषण ने इलाके में सांप्रदायिक तनाव को भड़काया, जिससे हिंसा भड़क उठी, फहीम खान निकला मास्टरमाइंड

नागपुर नागपुर में सोमवार रात हुई हिंसा के बाद स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन शहर के कई संवेदनशील इलाकों में कर्फ्यू जारी है। इस बीच नागपुर पुलिस ने बुधवार को फहीम शमीम खान की पहली फोटो जारी की है। फहीम 17 मार्च को शहर में हुए सांप्रदायिक हिंसा का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। इस हिंसा में कई लोग घायल हो गए थे।फहीम खान एमडीपी का नगर अध्यक्ष है और नागपुर के यशोधरा नगर में संजय बाग कॉलोनी में रहता है। सांप्रदायिक झड़पों के सिलसिले में दर्ज की गई एफआईआर में उसका नाम आधिकारिक तौर पर शामिल किया गया है। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि फहीम खान ने झड़प शुरू होने से कुछ समय पहले कथित तौर पर भड़काऊ भाषण दिया था। पुलिस अधिकारियों ने दावा किया कि उनके भाषण ने इलाके में सांप्रदायिक तनाव को भड़काया, जिससे हिंसा भड़क उठी। गडकरी के खिलाफ लड़ा था चुनाव फहीम खान ने 2024 के लोकसभा चुनाव में नागपुर सीट से अल्पसंख्यक डेमोक्रेटिक पार्टी (MDP) के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था। बीजेपी के दिग्गज नेता और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से 6.5 लाख से अधिक वोटों के बड़े अंतर से हार गया था। नागपुर के पुलिस आयुक्त रविंद्र कुमार सिंघल ने बताया कि दोपहर बाद स्थिति की समीक्षा की जाएगी। वहीं, एक अन्य अधिकारी ने बताया कि संवेदनशील इलाकों में दो हजार से अधिक सशस्त्र पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि इसी तरह, त्वरित प्रतिक्रिया दल (क्यूआरटी) और दंगा नियंत्रण पुलिस (आरसीपी) द्वारा पुलिस उपायुक्त रैंक के अधिकारी के नेतृत्व में गश्त की जा रही है। औरंगजेब की कब्र को लेकर हुई थी झड़प सोमवार रात साढ़े सात बजे के करीब मध्य नागपुर में हिंसा भड़क गई थी और पुलिस पर पथराव किया गया था। अधिकारियों ने बताया कि यह हिंसा इस अफवाह के बाद फैली कि औरंगजेब की कब्र हटाने के लिए एक दक्षिणपंथी संगठन द्वारा किए गए प्रदर्शन के दौरान एक समुदाय के धार्मिक ग्रंथ को जला दिया गया। हिंसा में 34 पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। इसके बाद शहर के संवेदनशील इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया गया, जिससे लोगों और वाहनों की आवाजाही पर रोक लग गई। पुलिस के अनुसार, अब कोतवाली, गणेशपेठ, तहसील, लकडगंज, पाचपावली, शांति नगर, सक्करदरा, नंदनवन, इमामवाडा, यशोधरा नगर और कपिल नगर पुलिस थाना क्षेत्र में आने वाले इलाकों में कर्फ्यू प्रभावी है। पुलिस के द्वारा कहा गया कि कर्फ्यू के दौरान संबंधित इलाकों के पुलिस उपायुक्त सड़कों पर वाहनों की आवाजाही के बारे में निर्णय लेंगे। अधिकारियों के अनुसार, सोमवार रात हुई हिंसा में तीन पुलिस उपायुक्तों समेत 12 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। पथराव और आगजनी के सिलसिले में अब तक करीब 50 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। recent visitors 47

पत्नी की गला घोंटकर हत्या, रातभर हत्या को आत्महत्या दर्शाने की करता रहा कोशिश , पुलिस से बोला- पंखे में फंस गई थी साड़ी

इंदौर लसूड़िया थाना क्षेत्र में पति ने विवाद के बाद पत्नी की गला घोंटकर हत्या कर डाली। रातभर हत्या को आत्महत्या दर्शाने की कोशिश करता रहा। छोटे बच्चों को भी उसने झूठे बयान रटाए। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने बच्चे से अकेले में पूछताछ की, तो टूट गया। पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है। चौकीदारी करता था परिवार, झोपड़ी में रहता था टीआई तारेश सोनी के मुताबिक, 46 वर्षीय शीला निवासी सिद्ध विहार कॉलोनी की मौत हुई है। शीला और उसका पति मदन ज्ञानशीला कॉलोनी में चौकीदारी करते है। दोनों झोपड़ी बनाकर दो बच्चों के साथ कॉलोनी में ही रहते हैं। शीला मजदूरी भी करती थी। सोमवार रात रुपयों को लेकर विवाद हो गया। ठेकेदार से रुपए न लेने की बात पर मदन ने शीला के साथ मारपीट कर डाली। गुस्से में उसने शीला का गला घोंट दिया। दम घुटने से शीला की मौत हो गई। मदन रात भर हत्या को आत्महत्या बताने में जुट गया। सबसे पहले वह खुद ऑटो रिक्शा से एक डॉक्टर के पास दिखाने ले गया। मृत बताने पर घर लेकर आया और शव को पलंग पर लिटा दिया। मदन के दो बेटे हैं। एक की उम्र 8 साल और दूसरे की 5 साल है। उसने बच्चों से कहा कि पुलिस पूछताछ करेगी। तुम बता देना कि मम्मी की साड़ी पंखे में अटक गई थी। उजाला होने पर मदन ने कॉलोनी के रहवासियों को बुलाया और कहा कि उसकी पत्नी मर गई। झोपड़ी में पंखा नीचे है। गलती से साड़ी पंखे में अटक गई और दम घुटने से शीला की मौत हो गई।   recent visitors 42

PM मोदी ग्रेट लीडर हैं, पुतिन ने उनसे बात करने के बाद ही रोकी जंग, मुरीद हुए पोलैंड के नेता

मॉस्को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और डोनाल्ड ट्रंप के बीच दो घंटे लंबी वार्ता हुई। इसके बाद यूक्रेन और रूस के बीच तीन सालों से चली आ रही जंग में सीजफायर पर सहमति बन गई। इस तरह एक जंग के रुकने के पीछे पीएम नरेंद्र मोदी को भी वजह माना जा रहा है। पोलैंड के उप-विदेश मंत्री व्लादिस्लॉ बारतोसज्विस्की ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के रुख के चलते ऐसा हुआ है। उन्होंने कहा, 'व्लादिमीर पुतिन लगातार परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की धमकी दे रहे थे। उनका कहना था कि यूक्रेन पर इन हथियारों का इस्तेमाल किया जाएगा। अमेरिकी लगातार उनसे कह रहे थे कि ऐसा न किया जाए। व्लादिमीर पुतिन को इस हमले के अंजाम के बारे में बचाया जा रहा था। लेकिन वह नहीं माने।' पोलैंड के लीडर ने कहा, 'फिर व्लादिमीर पुतिन के पास दो फोन कॉल आए। एक चीन से और दूसरा भारत से पीएम नरेंद्र मोदी का। चीन और भारत दोनों ने ही परमाणु जंग करने को मंजूरी नहीं दी। दोनों देशों ने कहा कि ऐसा करना गलत होगा। हम ऐसी जंग का समर्थन नहीं करते हैं। रूस इन दोनों देशों को अपना दोस्त मानता है। इसके बाद भी उनकी ओर से जंग के लिए मना करने से उन्हें पीछे हटना ही सही लगा। इसलिए पीएम मोदी ने यूक्रेन और रूस की जंग को रुकवाने में अहम भूमिका अदा की। वह एक महान राजनेता हैं।' बता दें कि यूक्रेन के नेता वोलोदिमीर जेलेंस्की भी कह चुके हैं कि पीएम नरेंद्र मोदी इसमें अहम भूमिका अदा कर सकते हैं। उनका कहना था कि व्लादिमीर पुतिन से अच्छे संबंधों का इस्तेमाल करते हुए वह जंग रुकवा सकते हैं। मंगलवार की शाम को दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत के बाद क्रेमलिन ने कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन यूक्रेन के ऊर्जा ठिकानों पर 30 दिनों के लिए हमले रोकने पर सहमत हो गए हैं। ट्रंप ने 20 जनवरी को अमेरिकी राष्ट्रपति का कार्यभार संभालने के पांच दिनों बाद दुनियाभर के कई नेताओं से बात की थी, जिनमें रूसी राष्ट्रपति पुतिन भी शामिल थे। तभी से माना जा रहा था कि ट्रंप अब पुतिन के साथ अपने रिश्तों का इस्तेमाल करते हुए जंग रुकवा सकते हैं। इसके लिए उन्होंने पहले यूक्रेनी नेता वोलोदिमीर जेलेंस्की को राजी किया और फिर व्लादिमीर पुतिन को भी सहमत किया गया। इसके लिए सऊदी अरब ने मध्यस्थ की भूमिका अदा की और वहीं पर यूक्रेन और रूस के प्रतिनिधियों की बात भी हुई। recent visitors 41

महिला पुलिस की वर्दी उतारने की कोशिश, हिंसा के 19 आरोपियों को 21 मार्च तक के लिए पुलिस रिमांड पर भेजा गया

नागपुर नागपुर में हुई हिंसा की जांच जारी है। इसी बीच खबर है कि हिंसा के दौरान एक उपद्रवी ने ड्यूटी पर तैनात महिला पुलिसकर्मी के साथ बदसलूकी की गई है। खबर है कि उनकी वर्दी भी उतारने की कोशिश की गई। फिलहाल, इसे लेकर पुलिस ने आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है। फिलहाल, हिंसा के 19 आरोपियों को 21 मार्च तक के लिए पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एक आरोपी ने कथित तौर पर महिला पुलिस कर्मी की वर्दी और शरीर को आपत्तिजनक तरीके से छुआ, अश्लील इशारे किए और बदसलूकी की। इस संबंध में गणेशपेठ पुलिस स्टेशन में FIR भी दर्ज कराई गई है। महिला पुलिस अधिकारी RCP स्क्वॉड में शामिल थीं। खबरें ये भी हैं कि आरोपी ने उनकी वर्दी उतारने की भी कोशिश की थी। फिलहाल, यह साफ नहीं है कि आरोपी की पहचान हो चुकी है या नहीं और उसे गिरफ्तार किया गया है या नहीं। हिंसा के लगातार दूसरे दिन भी नागपुर शहर का माहौल पूरी तरह से शांत नहीं है। 11 पुलिस थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू के साथ भारी पुलिस बंदोबस्त तैनात रहा। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इसे साजिश करार दिया था। साथ ही उन्होंने पुलिसकर्मियों पर हमला करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा जताया था। शिकायत में यह भी बताया गया है कि उसी आरोपी ने वहां मौजूद अन्य महिला पुलिसकर्मियों के साथ भी बदसलूकी की थी। कहा जा रहा है कि भीड़ ने ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों को डराने कि लिए उनकी ओर देखकर गंदे इशारे किए और अभद्र टिप्पणियां की थीं। अब क्या हैं नागपुर के हाल पुलिस आयुक्त रविंद्र कुमार सिंघल ने बताया कि दोपहर बाद स्थिति की समीक्षा की जाएगी। वहीं, एक अन्य अधिकारी ने बताया कि संवेदनशील इलाकों में दो हजार से अधिक सशस्त्र पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि इसी तरह, त्वरित प्रतिक्रिया दल (क्यूआरटी) और दंगा नियंत्रण पुलिस (आरसीपी) द्वारा पुलिस उपायुक्त रैंक के अधिकारी के नेतृत्व में गश्त की जा रही है। सोमवार रात साढ़े सात बजे के करीब मध्य नागपुर में हिंसा भड़क गई थी और पुलिस पर पथराव किया गया था। अधिकारियों ने बताया कि यह हिंसा इस अफवाह के बाद फैली कि औरंगजेब की कब्र हटाने के लिए एक दक्षिणपंथी संगठन द्वारा किए गए प्रदर्शन के दौरान एक समुदाय के धार्मिक ग्रंथ को जला दिया गया। हिंसा में 34 पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। इसके बाद शहर के संवेदनशील इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया गया, जिससे लोगों और वाहनों की आवाजाही पर रोक लग गई। recent visitors 36

प्रदेश के 13 जिलों में आंधी व वर्षा होने की संभावना, 30 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक रफ्तार से चल सकती है हवा

भोपाल वर्तमान में अलग-अलग स्थानों पर दो मौसम प्रणालियां सक्रिय होने से मौसम का मिजाज बदलने लगा है। बुधवार को बादल छा सकते हैं। प्रदेश के 13 जिलों छतरपुर, पन्ना, दमोह, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्ना, सिवनी, बालाघाट, मंडला, सीधी एवं सिंगरौली में आंधी व वर्षा होने की संभावना है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चल सकती है। सबसे अधिक 37 डिग्री सेल्सियस तापमान धार एवं रतलाम में दर्ज किया गया। रात का सबसे कम 14.5 डिग्री सेल्सियस तापमान नौगांव में रिकार्ड हुआ। हिल स्टेशन पचमढ़ी में पारा 13.6 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विज्ञानी अभिजीत चक्रवर्ती ने बताया कि वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ दक्षिण-पूर्वी ईरान एवं उसके आसपास हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात के रूप में बना हुआ है।    मध्य छत्तीसगढ़ से लेकर कर्नाटक तक एक द्रोणिका बनी हुई है। इसके प्रभाव से 13 जिलों में वर्षा व आंधी की संभावना है। मौसम विशेषज्ञ ने बताया कि बुधवार से छत्तीसगढ़ एवं उससे लगे पूर्वी मध्य प्रदेश में असर होगा। बंगाल की खाड़ी से आने वाली दक्षिण-पूर्वी एवं अरब सागर से उत्तर-पश्चिमी हवा का सम्मिलन होगा।  इस वजह से 19 से 22 मार्च तक बादल बने रहने के साथ-साथ कुछेक स्थानों पर वर्षा होने के आसार हैं। दिल्ली का मौसम अपडेट दिल्ली में इस समय मौसम सुहाना है और दिन गर्म हो रहे हैं। राष्ट्रीय राजधानी में ठंड का दौर खत्म हो गया है और मौसम अब हल्का हो गया है। अधिकतम तापमान में वृद्धि देखी गई है, जिसके मार्च के अंत तक और बढ़ने की उम्मीद है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इस सप्ताह अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान लगाया है। यह डेटा संकेत देता है कि महीने के अंत तक दिल्ली 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। इसके अलावा, देश के अन्य हिस्सों में भी गर्मी का प्रकोप शुरू हो गया है।   recent visitors 35