भारतीय मजदूर संघ की 158वीं अखिल भारतीय कार्यसमिति बैठक 10-12 फरवरी 2025 गुवाहाटी, असम में पारित प्रस्ताव

Resolutions passed in the 158th All India Working Committee Meeting of Bharatiya Mazdoor Sangh 10-12 February 2025 Guwahati, Assam भोपाल (सुशील दामले) ! भारत सरकार द्वारा 1 फरवरी 2025 को प्रस्तुत बजट में जहां आयकर सीमा बढ़ाकर कर्मचारी जगत को राहत दी गयी है। वही डेयरी उद्योग, मत्सय उद्योग, गिग वर्कर एवम् लघु उद्योगों को भी राहत प्रदान की है। वरिष्ठ नागरिकों को भी टी०डी०एस द्वारा राहत देकर उनका सम्मान किया गया है। कैंसर जैसी बीमारी की दवा पर आयात शुल्क में छूट देकर राहत दी गई है, वही स्टार्टअप चमड़ा उद्योग ढांचागत विनिर्माण के माध्यम से रोजगार सृजन की दिशा का महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है जिसका यह कार्य समिति स्वागत करती है। किन्तु माननीय वित्त मंत्री महोदय को 6 जनवरी 2025 को बजट पूर्व बैठक में भारतीय मजदूर संघ द्वारा दिये गये सुझावों पर अपेक्षा के अनुरूप पूरी तरह कार्यवाही नहीं की गई। कार्यसमिति यह अनुभव करती है कि प्रस्तुत बजट से EPS 95 के 75 लाख से अधिक पेंशनर्स को केई राहत नहीं दी गई, जिससे उनमें घोर निराशा व्याप्त है क्योंकि इस मंहगाई के युग में 1000 रूपये से जीवन निर्वाह करना कल्पनातीत है। स्कीम वर्कर जैसे आंगनवाड़ी, आशा, मिड डे मील के साथ-साथ असंगठित जैसे बीड़ी, प्लांटेशन, चाय बागान मजदूर, कृषि मजदूर एवम् खनन मजदूरों की भी उपेक्षा की गई है। सरकार ने प्रस्तुत बजअ में वर्ष 2030 तक Assets Monetization के माध्यम से 10 लाख करोड़ रूपये जुटाने का लक्ष्य तय किया है। वहीं जीवन बीमा निगम में 100 प्रतिशत विदेशी निवेश की अनुमति देकर सार्वजनिक सम्पत्ति की बिकी का मार्ग खोलकर जले पर नमक छिड़का है और सरकार का यह कदम आत्मर्निभर भारत की अवधारण पर चोट है। अतः भारतीय मजदूर संघ की 158वीं कार्यसमिति भारत सरकार से यह मांग करती है किः- अतः भारतीय मजदूर संघ की यह कार्यसमिति अपने सभी कार्यकर्ताओं को आवाहन करती है कि उपरोक्त के सम्बन्ध में 1 मार्च से 10 मार्च तक व्यापक जन-जागरण किया जाये। कार्यसमिति सरकार को चेतावनी देती है कि बजट में उपरोक्त के सम्बन्ध में संशोधन कर पारित किया जाये अन्यथा दिनांक 18 मार्च 2025 को जिला स्तर धरना प्रदर्शन कर उपायुक्त महोदय के माध्यम से माननीय प्रधानमंत्री जी को ज्ञापन प्रेषित किया जायेगा। प्रस्तावकअशोक कुमार शुक्ला अनुमोदकपी.उन्नी कृष्णन recent visitors 95

आगामी 22 मार्च किया जायेगा राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन

जयपुर राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन आगामी 22 मार्च, शनिवार को किया जायेगा। राजस्व मंडल में लोक अदालत के तहत आपसी समझाइश योग्य राजस्व प्रकरणों का निस्तारण करने को लेकर राजस्व मंडल स्तर पर बैंच का गठन किया गया है। अतिरिक्त निबंधक (न्याय) श्री हेमन्त स्वरूप माथुर ने बताया कि  लोक अदालत के लिए राजस्व मण्डल स्तर से सदस्य श्री राजेश कुमार दड़िया (न्यायिक अधिकारी) व सदस्य श्री मदनलाल नेहरा की बैंच का गठन किया गया है। राजस्व मण्डल, अजमेर में 22 मार्च, शनिवार को प्रातः 10:30 बजे दीप प्रज्वलन कर लोक अदालत का शुभारम्भ किया जायेगा, जिसमें पक्षकारों के मध्य आम सहमति व समझाइश के आधार पर अधिक से अधिक प्रकरणों का निस्तारण किया जायेगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अजमेर के द्वारा जारी निर्देशों की पालना में राजस्व मण्डल में सेवानिवृत्त आर.ए.एस अधिकारी श्री सुरेश कुमार सिन्धी के स्तर से मार्गदर्शक के रूप में पक्षकारों के साथ समझाइश / काउन्सलिंग का कार्य किया गया। बड़ी संख्या में प्रकरणों की निस्तारण के प्रयास किये जा रहे हैं। राजस्व मंडल प्रशासन के स्तर से राष्ट्रीय लोक अदालत को पूर्ण सफल बनाने की दिशा में सभी स्तर से तैयारियां पूर्ण कर ली गई है। recent visitors 51

यूपीएससी परीक्षा में ईडब्ल्यूएस वर्ग के उम्मीदवारों को झटका, उम्मीदवारों को आयु सीमा में नहीं मिलेगी छूट

जबलपुर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सुरेश कुमार कैत व न्यायमूर्ति विवेक जैन की युगलपीठ ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग यानि ईडब्ल्यूएस को आयु सीमा में पांच वर्ष की छूट दिए जाने की मांग के मामले में सुनवाई पूरी होने के बाद पूर्व में सुरक्षित किया गया आदेश सुना दिया। कोर्ट ने 20 याचिकाओं की संयुक्त सुनवाई करते हुए दोनों पक्षों की बहस के मूलभूत बिंदुओं को अभिलेख पर लिया था। इसी के साथ अपना निर्णय सुरक्षित कर लिया था। जिसे सार्वजनिक करते हुए मांग अस्वीकार कर दी।   दरअसल, सतना निवासी आदित्य नारायण पांडे सहित 20 ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों की ओर से याचिकाएं दायर की गई थीं। उनकी ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल सहित अन्य ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पक्ष रखा था। इन्होंने रखा पक्ष आशुतोष चौबे व काशी प्रसाद शुक्ला एवं अन्य और प्रदीप कुमार मिश्रा सहित अन्य की याचिकाओं में वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर, विनायक प्रसाद शाह, रमेश प्रजापति, एस कौल ने पक्ष रखा था। वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने दलील दी थी कि जिस तरह पूर्व में माध्यमिक व प्राथमिक शिक्षक भर्ती परीक्षा में ईडब्ल्यूएस को पांच वर्ष की आयु सीमा की छूट का लाभ दिया गया था, उसी तरह संघ लोक सेवा आयोग यानि यूपीएससी की सिविल सर्विसेज परीक्षा-2025 के ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों को भी मिलना चाहिए।   ऐसा इसलिए भी क्योंकि ईडब्ल्यूएस भी एससी, एसटी व ओबीसी की भांति आयु सीमा में छूट के लाभ के अधिकारी हैं। केंद्र सरकार को निर्देश दिया जाए कि वह केंद्रीय भर्तियों में अन्य वर्गों की भांति ईडब्ल्यूएस को भी आयु सीमा में छूट का प्रविधान करे।   recent visitors 41

प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं को ईकेवायसी कराने पर ही मिलेगा योजनाओं का लाभ

भोपाल प्रदेश में ईकेवायसी कराने पर ही बिजली उपभोक्ताओं को शासकीय योजनाओं का लाभ मिलेगा।इसके लिए बिजली कंपनी द्वारा सतत प्रक्रिया के तहत ईकेवायसी करवाई जा रही है।जिसके तहत मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के राजधानी सहित 16 जिलों में कुल छह लाख 82 हजार 742 उपभोक्ताओं ने ईकेवायसी करवा ली है।   भोपाल में एक लाख से अधिक दर्ज हुईं ईकेवायसी राजधानी में एक लाख से अधिक उपभोक्ताओं ने ईकेवायसी करवा ली है। इनमें ग्रामीण क्षेत्र में 38 हजार 800 और शहरी क्षेत्र में 63 हजार 781 उपभोक्ता शामिल हैं। जबकि नर्मदापुरम ग्रामीण में 72 हजार, बैतूल ग्रामीण में 91 हजार 434, राजगढ़ ग्रामीण में 53 हजार 236, गुना ग्रामीण में 32 हजार 389, विदिशा ग्रामीण में 50 हजार 725, सीहोर ग्रामीण में 24 हजार 254, ग्वालियर ग्रामीण में 21 हजार 115, शहर वृत्त ग्वालियर में 47 हजार 300 अशोकनगर ग्रामीण में 26 हजार 384, दतिया ग्रामीण में 25 हजार 390, रायसेन ग्रामीण में 44 हजार 105, शिवपुरी ग्रामीण में 26 हजार 048, हरदा ग्रामीण में 20 हजार 993 श्योपुर ग्रामीण में 09 हजार 695, मुरैना ग्रामीण में 24 हजार 119 और भिंड ग्रामीण में 10 हजार 973 बिजली उपभोक्ताओं की ईकेवायसी की गई है। नो योर कंज्यूमर (केवायसी) बिजली कंपनी द्वारा 16 जिलों के बिजली उपभोक्ताओं के बिजली संबंधी व्यक्तिगत विवरण को कंपनी के रिकार्ड में अपडेट करने के लिए नो योर कंज्यूमर (केवायसी) प्रक्रिया शुरू की है। कंपनी द्वारा इस प्रक्रिया के तहत बिजली उपभोक्ताओं की व्यक्तिगत जानकारी जैसे समग्र आइडी, मोबाइल नंबर, बैंक खाता आदि की जानकारी को अपडेट किया जा रहा है। बिजली उपभोक्ताओं को जहां राज्य शासन की योजनाओं का लाभ सीधे लाभ अंतरण (डीबीटी) योजना के माध्यम से सुनिश्चित किया जा सकेगा वहीं दूसरी ओर प्रणाली में अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।   recent visitors 44

आईपीएल 2025: इस टीम के सामने ‘कमजोर’ हो जाती है CSK, अब तक 20 बार चखना पड़ा है हार का स्वाद

नई दिल्ली आईपीएल 2025 की शुरुआत के साथ ही, हर टीम अपने फॉर्म को लेकर चिंतित है और अपनी तैयारी में जुटी हुई है। इस बीच चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के एक दिलचस्प और महत्वपूर्ण आंकड़े ने सभी को चौंका दिया है। आईपीएल इतिहास की सबसे सफल टीम मानी जाने वाली सीएसके के पास शानदार ट्रॉफी रिकॉर्ड है, लेकिन एक टीम के खिलाफ यह हमेशा संघर्ष करती है। आइये जानते हैं वो कौन सी टीम है जिसके सामने 'कमजोर' नजर आती है CSK और उस टीम के हाथों CSK को अब तक 20 बार हार का स्वाद चखना पड़ा है…. महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी वाली चेन्नई सुपर किंग्स की टीम आईपीएल में कुल 15 सीजन खेल चुकी है, और लगभग हर टीम के खिलाफ उनका प्रदर्शन शानदार रहा है। हालांकि, मुंबई इंडियंस के खिलाफ सीएसके को 20 बार हार का सामना करना पड़ा है, जबकि मुंबई ने सिर्फ 17 मैचों में ही सीएसके को हराया है। मुंबई इंडियंस और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच अब तक 37 मैच खेले गए हैं, जिसमें मुंबई को 20 मैचों में जीत मिली है। यह आंकड़ा सीएसके के लिए सबसे खराब है, क्योंकि उनके पास आईपीएल के अधिकांश टीमों के खिलाफ बेहतरीन रिकॉर्ड है। अन्य टीमों के खिलाफ सीएसके का रिकॉर्ड मुंबई इंडियंस के अलावा, कुछ अन्य टीमें भी हैं जिनके खिलाफ सीएसके को संघर्ष करना पड़ा है। लखनऊ सुपरजायंट्स के खिलाफ भी चेन्नई का रिकॉर्ड खराब रहा है। दोनों टीमों के बीच 4 मैच खेले गए, जिनमें से सीएसके को सिर्फ एक मैच में ही जीत मिली है। इसके अलावा, गुजरात टाइटंस के खिलाफ भी सीएसके का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा है। गुजरात के खिलाफ अब तक खेले गए 7 मैचों में से सीएसके ने 3 मैच जीते हैं, जबकि गुजरात को 4 मैचों में जीत मिली है। सीएसके के खिलाफ सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली टीम यदि मुंबई इंडियंस सीएसके के लिए 'बड़ी चुनौती' है, तो रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) और कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के खिलाफ चेन्नई का रिकॉर्ड शानदार रहा है। आरसीबी के खिलाफ सीएसके ने कुल 32 मैच खेले हैं, जिनमें से 21 मैचों में जीत हासिल की है, जबकि केवल 11 मैचों में आरसीबी ने उन्हें हराया है। इसके अलावा, केकेआर के खिलाफ भी सीएसके का प्रदर्शन बेहतरीन रहा है। इन दोनों टीमों के बीच कुल 29 मैच खेले गए हैं, जिसमें से 19 मैचों में सीएसके ने जीत दर्ज की है और 10 मैचों में हार का सामना करना पड़ा है।   आईपीएल 2025 के लिए सीएसके के फैंस को उम्मीदें अब जब आईपीएल 2025 का आगाज होने वाला है, सीएसके की टीम के लिए ये आंकड़े बहुत मायने रखते हैं। मुंबई इंडियंस के खिलाफ उनका संघर्ष एक बड़ा सवाल बन सकता है, लेकिन अन्य टीमों के खिलाफ उनकी रिकॉर्ड देखकर यह कहा जा सकता है कि चेन्नई सुपर किंग्स इस सीजन में काफी मजबूत नजर आ सकती है। धोनी की कप्तानी में टीम हमेशा कठिन परिस्थितियों में उभरकर सामने आई है और इस बार भी उम्मीद की जा रही है कि सीएसके अपने पुराने रंग में लौटेगी। सीएसके का हेड-टू-हेड रिकॉर्ड सभी टीमों के खिलाफ यहां हम सीएसके का सभी टीमों के खिलाफ हेड-टू-हेड रिकॉर्ड देख सकते हैं: दिल्ली कैपिटल्स: 19 मैच में जीत – 11 मैच में हार मुंबई इंडियंस: 17 मैच में जीत – 20 मैच में हार कोलकाता नाइट राइडर्स: 19 मैच में जीत – 10 मैच में हार रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर: 21 मैच में जीत – 11 मैच में हार पंजाब किंग्स: 16 मैच में जीत – 14 मैच में हार गुजरात टाइटंस: 3 मैच में जीत – 4 मैच में हार लखनऊ सुपरजायंट्स: 1 मैच में जीत – 3 मैच में हार सनराइजर्स हैदराबाद: 15 मैच में जीत – 6 मैच में हार राजस्थान रॉयल्स: 16 मैच में जीत – 13 मैच में हार   recent visitors 57

प्राइम लोकेशन की संपत्तियों पर बनी दुकानों को ग्वालियर नगर निगम 30 साल के लिए लीज पर देगा

 ग्वालियर  ग्वालियर शहर में प्राइम लोकेशन वाली शहर की पांच प्रमुख संपत्तियों में बनी 25 दुकानों को नगर निगम निजी हाथों में देने जा रहा है। इन संपत्तियों पर बनी दुकानों को निगम 30 साल के लिए लीज पर देगा। निगम अफसरों ने बताया कि इन संपत्तियों को लीज पर देकर करीब पांच करोड़ रुपए से अधिक के रेवेन्यू निगम के खाते में आने की उम्मीद है।  उपायुक्त राजस्व सुनील चौहान ने बताया कि नगर निगम स्वामित्व की इन दुकानों को लीज पर देने के लिए निगम की ओर से टेंडर डालने की अंतिम तिथि 24 मार्च 2025 निर्धारित की गई है। इसके लिए दुकान लेने इच्छुक व्यक्ति निगम की वेबसाइट अथवा नगर निगम मुयालय सिटी सेंटर स्थित राजस्व कक्ष क्रमांक 6 में प्राप्त कर सकते हैं। इन दुकानों को दिया जाएगा लीज पर -गजराराजा स्कूल के पास स्थित दुकानें प्रथम तल पर एक दुकान 13.78 वर्ग मीटर, द्वितीय तल पर 8 दुकानें 13.78 वर्ग मीटर से 17.94 वर्ग मीटर तक की है। -सागर ताल मछली मंडी मार्केट स्थित दुकानें भूतल पर 6 दुकान 9.29 वर्ग मीटर। -आवा महाराज की गली दाल बाजार स्थित मार्केट की दुकानें भूतल पर 8 दुकान 8.57 वर्ग मीटर से 10.8 वर्ग मीटर तक। -खुर्जेवाला मोहल्ला मार्ग स्थित दुकान भूतल पर एक दुकान 7.8 वर्ग मीटर। -नौगजा रोड विकलांग मार्केट स्थित दुकान भूतल पर एक दुकान 13.94 वर्ग मीटर है। recent visitors 56

डीटीसी की उन सीएनजी एसी लो फ्लोर बसों में ये रेस्टोरेंट खोले जाएंगे, अब पुरानी बसों में खाने का लुत्फ

नई दिल्ली आपने कई जगहों पर ट्रेन और प्लेन थीम वाले रेस्टोरेंट देखे होंगे। अब दिल्ली में नई सरकार बनते ही दिल्ली की पुरानी बसों का इस्तेमाल करके रेस्टोरेंट बनाए जाने जा रहे हैं। इस अभियान को चलाने के पीछे दिल्ली सरकार का मुख्य उद्देश्य यमुना के किनारों को साफ रखना है। इसके साथ ही दिल्ली में यमुना किनारे जगह-जगह 'बस रेस्टोरेंट' खोले जाएंगे। इस महत्वपूर्ण योजना को मूर्त रूप देने के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने काम भी शुरू कर दिया है। 'एक पंथ दो काज' डीडीए के उद्यान विभाग की यह योजना 'एक पंथ दो काज' से जुड़ी है। विभाग की ओर से जारी रिक्वेस्ट ऑफ इंफॉर्मेशन (आरएफआई) के मुताबिक, डीटीसी की उन सीएनजी एसी लो फ्लोर बसों में ये रेस्टोरेंट खोले जाएंगे, जो अपनी लाइफ पूरी कर चुकी हैं। मतलब एक तरफ ये रेस्टोरेंट अपने आप में आकर्षण का केंद्र होंगे तो दूसरी तरफ डीटीसी की पुरानी बसों का भी इस्तेमाल किया जा सकेगा। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर पहला रेस्टोरेंट कश्मीरी गेट बस अड्डे के पास स्थित यमुना वाटिका में खोलने की तैयारी है। डीडीए इसके लिए एजेंसी फाइनल करने में जुटा है। बस के पावर सिस्टम में बदलाव किए जाएंगे शीर्ष अधिकारियों ने बताया कि बस के इंटीरियर को फिर से डिजाइन किया जाएगा, ताकि किचन के उपकरण, स्टोरेज और बैठने की जगह के लिए जगह बनाई जा सके। बस में कुछ संरचनात्मक बदलाव भी किए जाएंगे, जैसे फ्लोरिंग, दीवारें और छत, खिड़कियां और गेट बदले जाएंगे। बस के बाहरी लुक में भी बदलाव किए जाएंगे। बस के किचन में प्रोफेशनल किचन स्टोव, रेफ्रिजरेटर, स्टोरेज, सिंक, काउंटर टॉप शामिल होंगे। सभी बेहतर क्वालिटी के होंगे। बस के पावर सिस्टम में भी बदलाव किया जाएगा। टेंडर से पहले आरएफआई के जरिए हर पहलू पर चर्चा होगी डीडीए के मुताबिक टेंडर देने से पहले आरएफआई के जरिए यह भी जानने की कोशिश है कि डीटीसी की सीएनजी एसी लो फ्लोर बसों को किचन में बदलने की कितनी संभावनाएं हैं। इस काम में क्या प्रक्रिया अपनाई जाएगी, कितना खर्च आएगा, किस तरह के सामान की जरूरत होगी, कितने समय में एक बस को किचन में बदला जा सकता है और सीएनजी बसों में किचन शुरू करना किस हद तक सुरक्षित रहेगा? रेस्टोरेंट में टाटा मार्कोपोलो मॉडल का होगा इस्तेमाल डीडीए अधिकारियों के मुताबिक जिस बस को रेस्टोरेंट में बदलने की योजना बनाई जा रही है, वह टाटा मार्कोपोलो मॉडल की एसी सीएनजी लो फ्लोर बस है। यह 2010 का मॉडल है। बस में 36 पैसेंजर सीट, इंजन और सभी इंटीरियर हैं। इलेक्ट्रिक फिटिंग भी है। बस की लाइफ खत्म हो चुकी है। recent visitors 56