शिवराज सिंह के बेटों के रिसेप्शन, शामिल होंगे राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु और पीएम नरेंद्र मोदी

भोपाल एमपी के पूर्व सीएम, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) इन दिनों एक बार फिर अपने दोनों बेटों कार्तिकेय सिंह और कुणाल सिंह के रिसेप्शन (Reception) की तैयारियां कर रहे हैं। चौंकिए मत, क्योंकि बेटों पर फिदा शिवराज सिंह ने अपने बेटों के लिए एक दो नहीं बल्कि, कई रिसेप्शन पार्टी रखी हैं। इस बार तीसरी बार रिसेप्शन का आयोजन किया जा रहा है, फर्क केवल ये कि इस बार दोनों बेटों का अलग-अलग नहीं बल्कि एक साथ रिसेप्शन होने जा रहा है।  बता दें कि पहले शिवराज ने अपने छोटे बेटे कुणाल सिंह (Kunal Singh Chouhan)की शादी की रस्में भोपाल के होटल ताज में निभाईं। फिर भोपाल के ही नीलबड़ इलाके के वाना ग्रीन होटल में शादी का रिसेप्शन आयोजित किया गया। जिसमें देश-प्रदेश की तमाम शख्सियतें, राजनीतिक हस्तियां शामिल हुईं। इसके बाद बड़े बेटे कार्तिकेय सिंह (Kartikey Singh Chouhan) का विवाह जोधपुर में संपन्न हुआ, जिनके रिसेप्शन का आयोजन राजधानी भोपाल के जंबूरी मैदान में ही किया गया। इस समारोह में VVIP समेत 10 हजार से ज्यादा लोग पहुंचे। 18 को होगा सम्मिलित रिसेप्शन शिवराज सिंह चौहान के दोनों बेटों कार्तिकेय और कुणाल का अब एक सम्मिलित रिसेप्शन आयोजित किया जा रहा है। इस रिसेप्शन में सबसे खास मेहमान होंगे राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु और पीएम नरेंद्र मोदी। 18 मार्च को आयोजित होने जा रहे इस रिसेप्शन में भी कई वर और वधु पक्ष के साथ ही कई VVIP को आमंत्रण दिया गया है। recent visitors 54

विधानसभा के बजट सत्र के दौरान 19 मार्च को मोहन सरकार दूसरी बार 6 हजार करोड़ का कर्ज लेने जा रही

भोपाल एमपी विधानसभा के बजट सत्र के दौरान रंगपंचमी यानी 19 मार्च को मोहन सरकार दूसरी बार 6 हजार करोड़ का कर्ज लेने जा रही है। यह कर्ज 7 साल, 21 साल और 24 साल के लिए दो-दो हजार करोड़ रुपए की तीन अलग-अलग किस्तों में लिया जाएगा। मार्च में सरकार द्वारा 15 दिन के अंतराल में लिया जाने वाला यह तीसरा कर्ज होगा। इसके बाद संभावना जताई जा रही है कि मार्च के अंतिम सप्ताह में एक और कर्ज लिया जा सकता है। तीसरे कर्ज के पहले विधानसभा में डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा कह चुके हैं कि यह कर्ज नहीं निवेश है। रंगपंचमी तक अकेले मार्च में ही 16 हजार करोड़ रुपए का कर्ज सरकार ले चुकी होगी। कर्ज की इस राशि का भुगतान 19 मार्च 2032, 19 मार्च 2046 और 19 मार्च 2049 तक किया जाएगा। मार्च में दो बार पहले भी कर्ज ले चुकी सरकार इससे पहले 4 मार्च को सरकार ने 6 हजार करोड़ रुपए के तीन कर्ज दो-दो हजार करोड़ की तीन किस्तों पर लिए थे। इसके बाद 12 मार्च को फिर 4 हजार करोड़ रुपए के दो कर्ज दो-दो हजार करोड़ की रकम के रूप में लिए गए। अब 19 मार्च को तीसरा कर्ज उठाने की तैयारी है। इस तरह रंगपंचमी को लिए जाने वाले कर्ज समेत 15 दिन में सरकार ने तीन बार में 16 हजार करोड़ रुपए का कर्ज लेने का फैसला किया है। अब तक 3.75 लाख करोड़ का कर्ज मध्यप्रदेश की जनता पर 31 मार्च 2024 को खत्म हुए वित्त वर्ष में 3 लाख 75 हजार 578 करोड़ रुपए का कर्ज है। एक अप्रैल 2023 से 31 मार्च 2024 तक बीजेपी सरकार ने एक साल में 44 हजार करोड़ रुपए कर्ज लिया था। इसके पहले 31 मार्च 2023 को सरकार पर कर्ज की राशि 3 लाख 31 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा थी। recent visitors 50

संजना ने जसप्रीत को खास अंदाज में दी शादी की सालगिरह की बधाई, रोमांटिक पोस्ट कर कही यह बात

मुंबई  भारतीय टीम के स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की शादी को चार साल पूरे हो गए हैं। शादी की वर्षगांठ पर पत्नी संजना गणेशन ने इंस्टाग्राम पर एक विशेष पोस्ट साझा किया है। संजना और बुमराह की शादी 15 मार्च 2021 को गोवा में एक निजी सेरेमनी में हुई थी। बुमराह की शादी में उनके करीबी रिश्तेदार और दोस्त शामिल हुए थे। इन दोनों ने अपने शादी की जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट के द्वारा दी थी। संजना का पोस्ट हुआ वायरल बुमराह और संजना का एक बेटा है जिसका नाम इन्होंने अंगद रखा है। अंगद का जन्म चार सितंबर 2023 को हुआ था। शादी की वर्षगांठ के मौके पर संजना ने प्यार भरे अंदाज में बुमराह को बधाई दी है। संजना ने बुमराह के साथ तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, 'तू है तो दिल धड़कता है, तू है तो सांस आती है। तू ना तो घर, घर नहीं लगता, तू है तो डर नहीं लगता। हैपी 4।' संजना ने इस पोस्ट में बुमराह को टैग भी किया है। फैंस दे रहे हैं जमकर बधाई सोशल मीडिया यूजर्स ने कमेंट सेक्शन में बधाई संदेश भेजे और जोड़े को शादी की सालगिरह की शुभकामनाएं दीं। एक यूजर ने कहा, "रब ने बना दी जोड़ी", जबकि दूसरे ने कहा, "सुपर कपल!" एक यूजर ने टिप्पणी करते हुए लिखा कि उनके जैसे जोड़े ही कारण हैं कि हम आज भी जीवन के हर पल को किसी न किसी के लिए समर्पित करने में विश्वास करते हैं। वहीं एक अन्य यूजर ने दावा किया कि बुमराह जल्द ही दोबारा पिता बनने वाले हैं। साल 2021 में रचाई थी शादी साल 2021 में इस जोड़े ने गोवा में एक निजी समारोह में शादी की, जिसमें करीबी परिवार और दोस्त शामिल हुए। उन्होंने सोशल मीडिया पर शादी की खूबसूरत तस्वीरें शेयर कीं, जिसका कैप्शन था, "प्यार, अगर आपको योग्य पाता है, तो आपका रास्ता तय करता है।" उनके अफेयर की अफ़वाहें तब सामने आईं जब बुमराह ने 2021 की शुरुआत में क्रिकेट से ब्रेक लिया, जिससे उनकी शादी की तैयारियों के बारे में अटकलें लगाई जाने लगीं।   recent visitors 72

भीषण सड़क हादसा : कार और बाइक में भिड़ंत, तीन दोस्तों की दर्दनाक मौत

कोरबा सड़क हादसे में तीन दोस्तों की दर्दनाक मौत होने से इलाके में मातम पसर गया है. जानकारी के मुताबिक, तीनों दोस्त बाइक में सवार होकर जा रहे थे, तभी कार और बाइक में जोरदार भिड़ंत हो गई. इस हादसे में मौके पर ही बाइक सवार तीनों युवकों की मौत हो गई. यह घटना जटगा चौकी के खोडरी के पास की है. हादसे के बाद घटना स्थल पर राहगीरों की भीड़ लग गई. हादसे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची. मृतक की पहचान आदित्य निर्मलकर, सूरज कंवर और तीसरा साथी तीनों दोस्त के रूप में हुई है. सभी मृतक जटगा चौकी अंतर्गत ग्राम बरबसपुर स्कूल बस्ती के रहने वाले थे. पुलिस मृतकाें के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर घटना की जांच में जुटी है. recent visitors 58

वैलेंटाइन डे के दिन हुआ था विवाह होली पर अपने मायके आई नवविवाहिता ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या

ग्वालियर  मध्यप्रदेश के ग्वालियर से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। होली(Holi) के दिन जहां शहर भर में खुशियों का माहौल था वहीं एक परिवार की सारी खुशियां मातम में बदल गई। जिले में शुक्रवार को होली पर अपने मायके आई नवविवाहिता ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या(Suicide) कर ली। महिला राजस्थान के केंद्रीय विद्यालय(kendriya vidyalaya) में अकाउंटेंट के पद पर कार्यरत थी। पिछले महीने वैलेंटाइन डे के दिन ही महिला का विवाह भोपाल के धीरज चौरसिया से हुआ था। घटना के बाद मृतिका के परिजन ने ससुराल पक्ष पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। होली में पसरा मातम ये पूरा मामला ग्वालियर जिले के माधौगंज थाना क्षेत्र के प्रीतमपुर कॉलोनी का बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार की दोपहर 25 वर्षीय नवविवाहिता अलका चौरसिया अपने कमरे में आराम करने गई थी। काफी देर तक जब वो बाहर नहीं आई तो परिजन उसे बुलाने कमरे के पास गए। परिजन ने जैसे ही दरवाजा खोलकर देखा तो अलका अपने कमरे में फांसी के फंदे पर लटकी(Suicide) मिली। मौके पर मौजूद लोग उसे तत्काल अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजन का आरोप वहीं इस पूरे मामले में मृतिका के परिजन का बयान सामने आया है। उन्होंने ससुराल पक्ष पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है। साथ ही ये भी बताया कि आत्महत्या करने से पहले फोन पर अलका का उसके पति धीरज से विवाद चल रहा था। फिलहाल माधौगंज पुलिस ने मृतका के शव का पोस्टमार्टम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।   recent visitors 52

महाकालेश्वर मंदिर में काम करने वाले सैकड़ों आउटसोर्स कर्मचारी हर महीने वेतन के लिए तरस रहे

उज्जैन मध्य प्रदेश के महाकालेश्वर मंदिर में काम करने वाले सैकड़ों आउटसोर्स कर्मचारी हर महीने वेतन के लिए तरस रहे हैं। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि रक्षाबंधन, दशहरा, दीपावली और अब होली जैसे बड़े त्योहार भी उनके लिए मुश्किल भरे साबित हो रहे हैं। समय पर वेतन न मिलने से उनकी रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना कठिन हो गया है, लेकिन मंदिर प्रशासन इस पर ध्यान देने के बजाय चुप्पी साधे बैठा है। हर महीने देरी से मिल रहा वेतन मंदिर में सफाई, सुरक्षा, तकनीकी और अन्य सेवाओं में लगे करीब 1500 कर्मचारी क्रिस्टल और केएसएस जैसी आउटसोर्स कंपनियों के माध्यम से नियुक्त किए गए हैं। अनुबंध के अनुसार, उन्हें हर महीने की 5 तारीख तक वेतन मिल जाना चाहिए, लेकिन हकीकत यह है कि वेतन कभी 15 तारीख के बाद तो कभी 25 तारीख तक टल जाता है। त्योहारों पर अधूरी रह जाती हैं जरूरतें समय पर वेतन न मिलने की वजह से त्योहारों पर कर्मचारियों की मुश्किलें और बढ़ जाती हैं। न तो वे घर की जरूरतें पूरी कर पाते हैं और न ही परिवार के साथ त्योहार मना पाते हैं। इस साल भी रक्षाबंधन से लेकर होली तक उनकी आर्थिक परेशानियां कम नहीं हुईं, जिससे उनकी खुशियां फीकी पड़ गईं। प्रशासनिक उदासीनता से बढ़ी समस्या मंदिर प्रशासन इस पूरे मामले पर कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है। कर्मचारियों से ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा की उम्मीद की जाती है, लेकिन उनके वेतन को लेकर कोई गंभीरता नहीं दिखाई जा रही। वेतन में देरी की वजह से कई बार कर्मचारियों पर दर्शनार्थियों से अवैध वसूली के आरोप भी लगे हैं, जिन पर कार्रवाई भी हुई है। नियंत्रण की कमी, बढ़ता असंतोष मंदिर समिति के वरिष्ठ अधिकारियों को इस समस्या की पूरी जानकारी है, लेकिन आउटसोर्स कंपनियों पर उनका कोई प्रभाव नहीं दिख रहा। कर्मचारी भी मजबूरी में शोषण सहने को मजबूर हैं, क्योंकि नौकरी छोड़ने का जोखिम नहीं उठा सकते। अगर समय पर वेतन नहीं मिला, तो आने वाले दिनों में असंतोष और बढ़ सकता है, जिससे मंदिर की कार्यप्रणाली भी प्रभावित हो सकती है। recent visitors 50

इंदौर सब्जी मंडी में टमाटर की भरपूर आवक, किसानों की बढ़ी चिंता, कीमत 3 रुपए प्रति किलो पहुंचे

इंदौर इंदौर की देवी अहिल्याबाई फल एवं सब्जी मंडी में इन दिनों टमाटर की भारी आवक हो रही है। रोजाना लगभग 6 से 7 हजार कैरेट टमाटर मंडी में पहुंच रहा है, जिससे टमाटर के दामों में तेजी से गिरावट आई है। वर्तमान में टमाटर की कीमत गुणवत्ता के आधार पर केवल 3 से 5 रुपए प्रति किलो तक रह गई है, जबकि प्रति कैरेट दर 50 से 80 रुपए तक पहुंच गई है। मंडी व्यापारियों के अनुसार, टमाटर के दामों में गिरावट का मुख्य कारण इसकी अधिक आवक के साथ-साथ केचअप फैक्टरियों द्वारा बड़े पैमाने पर की जा रही खरीदी भी है। इसके अलावा, अप्रैल-मई में महाराष्ट्र से नई फसल आने के बाद भी कीमतों में सुधार की संभावना कम बताई जा रही है। किसान को लागत भी नहीं निकल रही खरगोन के किसान अशोक वर्मा, भूपेंद्र वर्मा और जीतू बागड़ी का कहना है कि मौजूदा दरों पर उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। एक कैरेट टमाटर की लागत 80 से 90 रुपए तक आती है, जिसमें तुड़ाई, गाड़ी भाड़ा, मजदूरी, बीज, खाद और दवाई का खर्च शामिल है। अभी प्रति कैरेट दर 50 से 80 रुपए तक पहुंच गई है। किसानों के पास टमाटर को खेतों में खराब होने से बचाने के लिए मंडी में बेचने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। सर्दियों में हरी सब्जियों की अधिक उपलब्धता के कारण टमाटर की मांग कम हो जाती है, जिससे इसके दाम गिर जाते हैं। गर्मियों में जब आवक घटकर 2 से 3 हजार कैरेट रह जाती है, तब टमाटर के दाम धीरे-धीरे बढ़ने लगते हैं। यही टमाटर बारिश और सर्दियों के मौसम में 1000 से 1200 रुपए प्रति कैरेट तक बिकता है। टमाटर उगाने वाले किसान परेशान टमाटर की फसल दो प्रकार से लगाई जाती है। पहली विधि में इसे जमीन पर सीधे बोया जाता है और दूसरी विधि में इसे तार और बांस-बल्लियों के सहारे बेल के रूप में चढ़ाया जाता है। जमीन पर लगाई गई टमाटर की फसल में लागत कम आती है, लेकिन यह टमाटर जल्दी खराब हो जाता है। इसके अलावा, स्टोरेज में भी इसे रखना मुश्किल होता है, जिससे इसकी मांग फिलहाल कम है। दूसरी ओर, तार-बांस-बल्लियों पर चढ़ाई गई बेल वाली टमाटर की फसल ज्यादा समय तक टिकती है, जिससे इसकी मांग अधिक बनी रहती है। मई से अक्टूबर तक टमाटर के दाम थे आसमान पर व्यापारी विनोद भिलवारे और फारूक राइन ने बताया कि मई से अक्टूबर के बीच टमाटर की कीमतें 1500 से 2000 रुपए प्रति कैरेट तक पहुंच गई थीं। इसके बाद नवंबर-दिसंबर में ठंड शुरू होते ही भारी मात्रा में टमाटर की आवक होने लगी, जिससे दाम घटकर 500 से 700 रुपए प्रति कैरेट तक रह गए। अब मार्च में टमाटर के दामों में भारी गिरावट आई है और भाव औंधे मुंह गिरते हुए 50 से 80 रुपए प्रति कैरेट तक आ पहुंचे हैं। एक कैरेट में लगभग 25 किलो टमाटर होता है। इस तरह प्रति किलो टमाटर का दाम केवल 3 से 5 रुपए तक रह गया है। मौजूदा समय में रोजाना 6 से 7 हजार कैरेट टमाटर मंडी में पहुंच रहा है। तीन तरह के लोकल टमाटर की आवक व्यापारी फारूक राइन ने बताया कि इंदौर के आसपास के क्षेत्रों जैसे महेश्वर, मंडलेश्वर, खरगोन, राजगढ़-धार, सेंधवा के पास नागलवाड़ी, बलवाड़ी गांवों से बड़ी मात्रा में देसी, हाईब्रिड और हिम सोना किस्म के टमाटर की भारी आवक हो रही है। इस ठंडे मौसम में टोमेटो केचअप बनाने के लिए फैक्ट्री मालिक बड़ी मात्रा में खरीदी कर रहे हैं, क्योंकि इस दौरान टमाटर काफी सस्ता हो जाता है। इसके अलावा, राजस्थान के भीलवाड़ा, जयपुर, चोमू, मध्यप्रदेश के ग्वालियर, शिवपुरी, गुना और उत्तर प्रदेश के झांसी जैसे क्षेत्रों की मंडियों में भी इन क्षेत्रों से टमाटर की बड़ी मात्रा में आपूर्ति हो रही है। इसी कारण इंदौर की चोइथराम मंडी में टमाटर की खपत घट गई है, जिससे आसपास के क्षेत्रों में उपजाया गया टमाटर स्थानीय स्तर पर ही खपाया जा रहा है।   recent visitors 41