8 वर्षीय बच्ची के साथ बलात्कार, देश में भर में लोगों ने सड़कों पर उतर कर विरोध प्रदर्शन किया

ढाका बांग्लादेश में एक आठ वर्ष की बच्ची के साथ रेप की घटना के बाद लोगों को गुस्सा भड़क उठा है। देश में भर में लोगों ने रविवार को सड़कों पर उतर कर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने महिलाओं और बच्चों के खिलाफ हिंसा को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की। रिपोर्ट के अनुसार, यह दुखद घटना बुधवार को तब हुई जब बच्ची मगुरा में अपनी बड़ी बहन के घर गई थी। बहन के ससुर ने इस अपराध को अंजाम दिया। बांग्लादेश के प्रमुख समाचार पत्र 'द डेली स्टार' की रिपोर्ट के अनुसार, बच्ची को गंभीर चोटें आईं और उसे पहले ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल के बाल चिकित्सा गहन चिकित्सा इकाई में भर्ती कराया गया, उसके बाद उसे अधिक देखभाल के लिए सीएमएच अस्पताल में ट्रांसफर कर दिया गया। पुलिस के मुताबिक बहन के पति ने कथित तौर पर अपराध में सहयोग किया। उन्होंने बताया कि बलात्कारी की पत्नी और बड़े बेटे को भी घटना की जानकारी थी और बाद में उन्होंने इसे छुपाने के लिए बच्ची को मारने का भी प्रयास किया। पीड़िता की बहन के ससुर, पति, सास और देवर को आरोपी बनाया गया और पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर चुकी है। घटना के विरोध में ढाका विश्वविद्यालय के शिक्षकों और छात्रों ने रविवार को परिसर में विरोध रैली निकाली। यूनिवर्सिटी टीचर्स नेटवर्क की ओर से आयोजित यह प्रदर्शन सुबह 11:00 बजे प्रतिष्ठित अपराजियो बांग्ला मूर्ति के नीचे शुरू हुआ और रैली सुबह 11:45 बजे शुरू हुई। राजशाही में, राजशाही यूनिवर्सिटी के सैकड़ों छात्रों ने अपनी कक्षाओं और परीक्षाओं का बहिष्कार किया, ढाका-राजशाही राजमार्ग को लगभग आधे घंटे तक ब्लॉक कर दिया गया। छात्रों ने महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यौन हिंसा के अपराधियों के लिए त्वरित कार्रवाई और कठोर दंड की मांग की। कुश्तिया में इस्लामिक यूनिवर्सिटी (आईयू) में भी विरोध प्रदर्शन हुए। छात्रों ने यूनिवर्सिटी के मुख्य द्वार के पास खुलना-कुश्तिया राजमार्ग को अवरुद्ध कर दिया। देश के प्रमुख दैनिक द ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, यह प्रदर्शन दोपहर में यूनिवर्सिटी के बोटाटोला क्षेत्र से शुरू हुए विरोध मार्च के बाद हुआ। छात्रों ने ऐसे जघन्य अपराधों के आरोपियों के लिए मृत्युदंड की मांग की। इस बीच, बांग्लादेश में पिछले पांच दशकों से बाल संरक्षण के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे संगठन 'सेव द चिल्ड्रन' ने मगुरा की घटना की निंदा की। 'सेव द चिल्ड्रन' ने एक बयान में चिंताजनक आंकड़ों पर प्रकाश डाला, जिसमें बताया गया कि इस साल 2,362 महिलाओं और लड़कियों को हिंसा का सामना करना पड़ा है, जिनमें 1,036 बच्चे शामिल हैं। बांग्लादेश में 'सेव द चिल्ड्रन' के कंट्री डायरेक्टर शुमोन सेनगुप्ता ने व्यवस्थागत सुधारों की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा, "हम इस भयानक अपराध की पीड़िता के लिए न्याय की मांग करते हैं। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि अपराधियों पर तुरंत मुकदमा चलाया जाए। हिंसा के लगभग 40 प्रतिशत पीड़ित बच्चे हैं, इसलिए उनकी, विशेष रूप से छोटी लड़कियों की सुरक्षा के लिए तत्काल सुधार जरूरी हैं।" मोहम्मदू यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के गृह मामलों के सलाहकार लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) मोहम्मद जहांगीर आलम चौधरी ने आश्वासन दिया कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि आरोपियों को सजा मिले। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे जघन्य अपराधों के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेही से बचने की अनुमति नहीं दी जाएगी। recent visitors 65

आज भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाला एविएशन मार्केट है: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

नई दिल्ली रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को कहा कि आज भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाला एविएशन मार्केट है। भारत इस समय दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा बाजार है। पिछले दशक में देश में विमानों की संख्या 400 से बढ़कर 800 से ज्यादा हो गई है, और हवाई अड्डों की संख्या 74 से बढ़कर 159 हो गई है। राजनाथ सिंह ने कहा कि एयर एंबुलेंस, कार्गो आदि के क्षेत्र में भी देश में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इंस्टीट्यूट ऑफ एयरोस्पेस मेडिसिन के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह संस्थान देश के उच्चतम मेडिकल संस्थानों में से एक है। यह दक्षिण-पूर्व एशिया में एयरोस्पेस मेडिसिन का एकमात्र पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टिट्यूट है। रक्षा मंत्री ने बताया कि इस इंस्टीट्यूट ने एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर, लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर, लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर से लेकर लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट तेजस तक के डिजाइन और डेवलपमेंट में अपना अहम योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि दुनिया में कई निजी अंतरिक्ष एजेंसियां अब अंतरिक्ष मिशनों को अंजाम दे रही हैं। वैसे तो यह उनके लिए बड़ा अवसर है, लेकिन उनके सामने कई नई चुनौतियां भी आएंगी। ऐसे में उन एस्ट्रोनॉट तक भी एयरोस्पेस मेडिसिन की सुविधाएं पहुंचाने और उनके सामने आने वाली नई चुनौतियों की ओर पर्याप्त ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हमारे पायलट दुनिया के सर्वश्रेष्ठ पायलटों में से एक हैं। उन्हें अनुकूल वातावरण प्रदान करना हमारी बड़ी जिम्मेदारी है। रक्षा मंत्री ने कहा, "मैं इंडियन एयर फोर्स के हमारे बहादुर योद्धाओं को नमन करता हूं। इंडियन एयर फोर्स का शौर्य और पराक्रम अतुलनीय है। एक सैन्य बल के रूप में इंडियन एयर फोर्स, इंसान और मशीन का परफेक्ट कॉम्बिनेशन है। वायु सेना के जांबाज सैनिक, अपनी कर्तव्यनिष्ठता से, दिन-रात हमारी सीमाओं की सुरक्षा कर रहे हैं। हमारा मानव शरीर एक जटिल मशीन की तरह है, जो मुख्य रूप से पृथ्वी के वातावरण के लिए ही बना है। जब मनुष्य स्पेस में जाता है, तब उसे माइक्रो ग्रेविटी, रेडिएशन और आइसोलेशन जैसी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। उस स्थिति में, एयरोस्पेस मेडिसिन ही किसी इंसान के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है। कॉकपिट डिजाइन यानी क्रू सीट कैसी होनी चाहिए, क्रू की मेडिकल किट में क्या-क्या होना चाहिए, यहां तक कि क्रू के सामने लगी डिस्प्ले कैसी होनी चाहिए और उस डिस्प्ले में क्या-क्या होना चाहिए जैसी बारीकियों के बारे में भी उन्होंने बात की। उन्होंने कहा कि इंस्टीट्यूट ऑफ एयरोस्पेस मेडिसिन ने देश के पहले कॉस्मोनॉट राकेश शर्मा को प्रशिक्षित करने की जिम्मेदारी निभाई थी। यह अत्यंत महत्वपूर्ण है कि इसरो के साथ मिलकर हमारे वर्तमान गगनयान एस्ट्रोनॉट का चयन भी, इसी संस्थान में हुआ है। रक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन पर आगे बढ़ते हुए, भारत ने स्वयं को 2047 तक, एक विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है। इस संकल्प को साकार करने में एयरोस्पेस सेक्टर की बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका होने वाली है। recent visitors 53

आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में श्रेयस अय्यर फिफ्टी के करीब, भारत को जीत के लिए चाहिए 80 से कम रन

दुबई आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी का फाइनल रविवार को भारत और न्यूजीलैंड के बीच दुबई में खेला जा रहा है। टॉस जीतकर न्यूजीलैंड ने चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल में पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में सात विकेट खोकर 251 रन बनाए हैं। 252 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को रोहित शर्मा और शुभमन गिल ने अच्छी शुरुआत दिलाई। दोनों के बीच पहले विकेट के लिए 105 रन की साझेदारी हुई। गिल 50 गेंद में 31 रन बनाकर आउट हुए। विराट कोहली दो गेंद में एक रन ही बना सके। रोहित 83 गेंद में 76 रन बनाकर पवेलियन लौटे। न्यूजीलैंड की ओर से डेरिल मिचेल ने सर्वाधिक 61 रन की पारी खेली। उनके अलावा रचिन ने 37, ब्रेसवेल ने 41 रन बनाए। भारतीय टीम की ओर से वरुण चक्रवर्ती, कुलदीप यादव ने 2-2 विकेट लिए। भारत को तीसरी बार चैंपियन बनने के लिए 252 रन चाहिए। पहले बैटिंग कर रही न्यूजीलैंड की टीम को सलामी बल्लेबाज विल यंग और रचिन रविंद्र ने अच्छी शुरुआत दिलाई। दोनों के बीच 57 रन की साझेदारी हुई। वरुण चक्रवर्ती ने भारत को पहली सफलता दिलाई। उन्होंने यंग (15) को पवेलियन का रास्ता दिखाया। रचिन रविंद्र 29 गेंद में 37 रन बनाकर आउट हुए। कुलदीप ने उन्हें क्लीन बोल्ड किया। केन विलियमसन 14 गेंद में 11 रन ही बना सके। टॉम लैथम ने 30 गेंद में 14 रन का योगदान दिया। ग्लेन फिलिप्स ने 34 रन की पारी खेली। 46ओवर में मोहम्मद शमी ने डैरिल मिचेल को आउटकर भारत को बड़ी सफलता दिलाई। डैरिल मिचेल ने 101 गेंदों में तीन चौके लगाते हुये (63) रनों की जूझारू पारी खेली। सातवें विकेट के रूप में 49वें में कप्तान मिचेल सैंटनर(आठ) रनआउट हुए। माइकल ब्रेसवेल ने 40 गेंदों में तीन चौके और दो छक्के लगाते हुए (नाबाद 53) रनों की पारी खेली। न्यूजीलैंड ने निर्धारित 50 ओवरों में सात विकेट पर 251 रन का स्कोर खड़ा किया।भारत की ओर वरूण चक्रवर्ती और कुलदीप यादव ने दो-दो विकेट लिये। रविंद्र जडेजा और मोहम्मद शमी ने एक-एक बल्लेबाज को आउट किया। भारत को जीत के लिए चाहिए 80 से कम रन भारत को जीत के लिए 78 गेंद में 76 रन चाहिए। श्रेयस अर्धशतक के करीब पहुंच गए हैं। अक्षर-श्रेयस के बीच 50 से ज्यादा रन की साझेदारी हो गई है। श्रेयस-अक्षर से बड़ी पारी की उम्मीद भारत ने अच्छी शुरुआत के बाद कुछ ओवर के अंदर ही तीन विकेट गंवा दिए। जिसके बाद श्रेयस और अक्षर ने पारी को संभाला है। न्यूजीलैंड ने पिछले कुछ ओवरों में कसी हुई गेंदबाजी की है। भारत ने 31 ओवर में बनाए 140 रन भारत ने 31 ओवर में 3 विकेट खोकर 141 रन बना लिए हैं। श्रेयस 21 और अक्षर 7 रन बनाकर खेल रहे हैं। न्यूजीलैंड ने दो ओवर मेडन डाले न्यूजीलैंड ने 26वां और 27वां ओवर मेडन डाला है। ब्रेसवेल ने अपने चौथे ओवर में कोई रन नहीं दिया, जबकि रचिन ने अपने 8वें ओवर में रोहित का विकेट लिया और मेडन भी डाला। recent visitors 73

भारत ने टैरिफ में कटौती का फैसला ट्रंप के दबाव में नहीं बल्कि दोनों देशों के बीच व्यापारिक समझौते के कारण लिया है

नई दिल्ली अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने की 2 अप्रैल की समय सीमा समाप्त होने में एक महीने से भी कम समय बचा है. इस बीच ट्रंप ने गत 7 मार्च को दावा किया था कि भारत ने अमेरिकी आयात पर टैरिफ में कटौती करने पर सहमति जताई है. उन्होंने इसका श्रेय अपने प्रशासन को दिया. ट्रंप ने दावा किया कि भारत ने यह कदम इसलिए उठाया है, क्योंकि इस मुद्दे पर आखिरकार कोई उसे एक्सपोज कर रहा है. हालांकि, केंद्र सरकार के उच्च पदस्थ सूत्रों ने ट्रंप के इन दावों को खारिज किया है कि भारत ने टैरिफ में कटौती उनके प्रशासन के दबाव के कारण लिया है. सूत्रों का कहना है कि भारत ने अमेरिकी आयात पर टैरिफ में कटौती का फैसला राष्ट्रपति ट्रंप के दबाव में नहीं बल्कि दोनों देशों के बीच पहले से तय व्यापारिक समझौते के कारण लिया है. यह द्विपक्षीय समझौतों के माध्यम से विकसित देशों के साथ व्यापार संबंधों को आगे बढ़ाने के देश के व्यापक प्रयासों के तहत लिया गया फैसला है.   भारत ने अन्य देशों के लिए भी घटाए टैरिफ अतीत में भी भारत द्विपक्षीय व्यापार समझौतों के तहत ऑस्ट्रेलिया, संयुक्त अरब अमीरात, स्विट्जरलैंड और नॉर्वे जैसे देशों के आयात पर लगने वाले टैरिफ में कटौती कर चुका है. वर्तमान में यूरोपीय संघ और ब्रिटेन के साथ इसी तरह के समझौतों पर बातचीत चल रही है. केंद्र सरकार के सूत्रों ने कहा कि अमेरिका आयात पर टैरिफ कम करने के लिए चल रही चर्चा को इसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए, न कि ट्रंप प्रशासन के दबाव के कारण. रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने भारत से कृषि उत्पादों को छोड़कर लगभग सभी वस्तुओं पर टैरिफ हटाने को कहा है. अगर यह मांग मान ली जाती है, तो इसका मतलब होगा कि नई दिल्ली को अपने ट्रेड प्रोटेक्शन को छोड़ना पड़ेगा और बदले में उसे कोई रियायत नहीं मिलेगी. अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है. पिछले वित्तीय वर्ष में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार रिकॉर्ड 118.2 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया था. मोदी-ट्रंप के ने किया का समर्थन पिछले महीने, दोनों राष्ट्र इस वर्ष के अंत तक द्विपक्षीय व्यापार समझौते  के पहले चरण पर बातचीत करने के लिए सहमत हुए थे, जिसका दीर्घकालिक लक्ष्य 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 500 बिलियन डॉलर तक पहुंचाना है. इस साल फरवरी में पीएम मोदी की वाशिंगटन यात्रा के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप और भारतीय प्रधानमंत्री ने इसका समर्थन किया था. दोनों नेताओं ने वार्ता को आगे बढ़ाने और टैरिफ और नॉ-टैरिफ बाधाओं को कम करने की दिशा में काम करने के लिए वरिष्ठ प्रतिनिधियों को नामित करने पर भी सहमति व्यक्त की थी. इसी सिलसिले में केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के नेतृत्व में एक भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने 3 से 6 मार्च तक वाशिंगटन का दौरा किया. यात्रा के दौरान, प्रतिनिधिमंडल ने अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड ल्यूटनिक और व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीर के साथ बातचीत की. राष्ट्रपति ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान भी वाशिंगटन और नई दिल्ली के बीच सीमित व्यापार समझौते पर चर्चा हुई थी. हालांकि, विभिन्न कारणों से वार्ता का कोई नतीजा नहीं निकला. recent visitors 55

मुंबई के नागपाड़ा इलाके में दर्दनाक हादसा, वॉटर टैंक की सफाई कर रहे 5 मजदूरों की दम घुटने से मौत

मुंबई मुंबई के नागपाड़ा इलाके में रविवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ। एक निर्माणाधीन इमारत में पानी की टंकी की सफाई कर रहे 5 मजदूरों की दम घुटने से मौत हो गई। कैसे हुआ हादसा? रविवार को कुछ मजदूर निर्माणाधीन बिल्डिंग की पानी की टंकी साफ कर रहे थे। अचानक दम घुटने की वजह से वे बाहर नहीं निकल पाए और उनकी जान चली गई। जब काफी देर तक मजदूर बाहर नहीं आए तो स्थानीय लोगों ने पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस ने शवों को निकाला सूचना मिलते ही नागपाड़ा पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से मजदूरों के शवों को बाहर निकाला। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। जांच में जुटी पुलिस पुलिस ने बताया कि मजदूरों की मौत पानी की टंकी में दम घुटने से हुई है। इस मामले में निर्माणाधीन इमारत के मालिक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की तैयारी की जा रही है। मृतकों के परिवारों को घटना की जानकारी दे दी गई है। recent visitors 50

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ओंकारेश्वर में माँ नर्मदा की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की समृद्धि की कामना की

भोपाल   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को ओंकारेश्वर के ब्रह्मपुरी घाट पर माँ नर्मदा की पूजा-अर्चना की। उन्होंने "अमृतस्य माँ नर्मदा पद परिक्रमा" कार्यक्रम में सपरिवार सम्मिलित होकर जीवनदायिनी माँ नर्मदा का आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों के सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया 'एक्स' पर कहा कि उन्होंने पुण्य सलिला नर्मदा मैया से मध्यप्रदेश पर कृपा बनाये रखने की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से माँ नर्मदा के संरक्षण और संवर्धन के लिए संकल्प लेने का आह्वान भी किया है।   recent visitors 56

महाकुंभ में आयोजित इस राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनी में खादी उत्पादों की कुल बिक्री 12.02 करोड़ रुपये तक पहुंच गई

प्रयागराज प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ के दौरान खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों की बिक्री ने नया कीर्तिमान स्थापित किया। 14 जनवरी से 27 फरवरी, 2025 तक आयोजित इस राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनी में खादी उत्पादों की कुल बिक्री 12.02 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। यह जानकारी सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय के खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) के अध्यक्ष मनोज कुमार ने दी। प्रदर्शनी में कुल 98 खादी स्टॉल और 54 ग्राम उद्योग स्टॉल लगाए गए थे। इन स्टॉल्स पर खादी उत्पादों की कुल बिक्री 9.76 करोड़ रुपये तक पहुंची, जबकि ग्राम उद्योग उत्पादों की बिक्री 2.26 करोड़ रुपये रही। पीएम नरेंद्र मोदी की ‘खादी क्रांति’ के प्रभाव के कारण इस वर्ष बिक्री में अभूतपूर्व वृद्धि देखी गई। ‘नए भारत के लिए नई खादी’ अभियान को बढ़ावा खादी को बढ़ावा देने के लिए ‘नए भारत के लिए नई खादी’ अभियान को और मजबूती दी गई। इसी कड़ी में, केवीआईसी अध्यक्ष मनोज कुमार ने दिल्ली स्थित केवीआईसी के राजघाट कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए छह राज्यों के 205 मधुमक्खी पालकों को 2,050 मधुमक्खी बक्से, शहद की बस्तियाँ और टूलकिट वितरित किए। ‘मीठी क्रांति’ को बढ़ावा देने का प्रयास खादी के साथ-साथ ‘मीठी क्रांति’ को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण के तहत मधुमक्खी पालन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। 2017 में शुरू किए गए ‘हनी मिशन’ के तहत अब तक 20,000 से अधिक लाभार्थियों को दो लाख से ज्यादा मधुमक्खी बक्से और बस्तियाँ प्रदान की जा चुकी हैं। मधुमक्खी पालन क्यों है जरूरी? मधुमक्खी पालन न केवल किसानों की आय बढ़ाने का एक जरिया है बल्कि इससे देश शहद उत्पादन में आत्मनिर्भर भी बन सकता है। एमएसएमई मंत्रालय के अनुसार, मधुमक्खी के मोम की मांग दवा, खाद्य, कपड़ा और कॉस्मेटिक उद्योगों में बहुत अधिक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ‘मन की बात’ कार्यक्रम में मधुमक्खी पालन से होने वाले लाभों पर चर्चा की थी। खादी और ग्रामोद्योग क्षेत्र की बढ़ती उपलब्धियां केवीआईसी अध्यक्ष ने बताया कि पिछले 10 वर्षों में खादी और ग्रामोद्योग क्षेत्र में पांच गुना वृद्धि दर्ज की गई है। खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों की कुल बिक्री 31,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,55,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। खादी परिधानों की बिक्री में भी जबरदस्त उछाल आया है, जो 1,081 करोड़ रुपये से बढ़कर 6,496 करोड़ रुपये हो गई है। रोजगार सृजन में खादी का योगदान खादी और ग्रामोद्योग क्षेत्र ने बीते वित्तीय वर्ष में 10.17 लाख नए रोजगार उत्पन्न किए हैं। पिछले एक दशक में खादी कारीगरों की आय में 213 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। खास बात यह है कि इस क्षेत्र में 80 प्रतिशत से अधिक रोजगार महिलाओं के लिए सृजित हुए हैं। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के मद्देनजर, विशेषज्ञों का मानना है कि खादी और ग्रामोद्योग क्षेत्र को निरंतर बढ़ावा देने से देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और लाखों लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। recent visitors 68