रोहित शर्मा ने बतौर कप्तान हासिल करेंगे बड़ी उपलब्धि, सचिन तेंदुलकर से आगे निकलने का मौका

नई दिल्ली भारत और न्यूजीलैंड के बीच रविवार को चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का 12वां मुकाबला खेला जाएगा। रोहित शर्मा के नेतृत्व में भारतीय टीम ने लगातार दो मैच जीतकर सेमीफाइनल में जगह बना ली। भारत ने बांग्लादेश और पाकिस्तान को 6 विकेट से हराया। न्यूजीलैंड के खिलाफ मुकाबले के दौरान रोहित शर्मा के पास सचिन तेंदुलकर के एक बड़े रिकॉर्ड को पीछे छोड़ना का मौका है। रोहित शर्मा के पास सबसे ज्यादा रन बनाने वाले कप्तान के रूप में सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड को तोड़ने का मौका होगा। रोहित शर्मा को सचिन से आगे निकलने के लिए 68 रनों की जरूरत है। सचिन तेंदुलकर ने 73 मैचों में 37.75 के औसत से 2454 रन बनाए हैं। उन्होंने इस दौरान 6 शतक और 12 अर्धशतक लगाए हैं। रोहित शर्मा बतौर कप्तान 53 वनडे मैचों में 53.04 की औसत और 113.50 की स्ट्राइक रेट से 2387 रन बनाकर सातवें स्थान पर हैं। रोहित ने पांच शतक और 16 अर्धशतक लगाए हैं। भारत के दिग्गज एमएस धोनी लिस्ट में शीर्ष पर हैं। धोनी ने 6641 रन बनाए हैं। इसके बाद विराट कोहली (5549) हैं। इसके बाद मोहम्मद अजहरुद्दीन (5239), सौरव गांगुली (5082), राहुल द्रविड़ (2658), तेंदुलकर और रोहित हैं। वनडे में भारत के कप्तानों द्वारा सर्वाधिक रन एमएस धोनी – 200 मैचों में 6641 रन विराट कोहली – 95 मैचों में 5449 रन मोहम्मद अजहरुद्दीन – 174 मैचों में 5239 रन सौरव गांगुली – 146 मैचों में 5082 रन राहुल द्रविड़ – 79 मैचों में 2658 रन सचिन तेंदुलकर – 73 मैचों में 2454 रन रोहित शर्मा – 53 मैचों में 2387 रन recent visitors 75

यूपी के डिप्टी सीएम पहुंचे दतिया, पीतांबरा पीठ पहुंचकर मां बगलामुखी के किए दर्शन

दतिया  उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के उप मुख्यमंत्री (Deputy Chief Minister) केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Prasad Maurya) आज मध्य प्रदेश के दतिया (Datia) पहुंचे। उन्होंने पीतांबरा पीठ (Pitambara Peeth) पहुंचकर मां बगलामुखी (Maa Baglamukhi) के दर्शन (Darshan) किए। साथ ही पीठ परिसर में स्थित वनखंडेश्वर महादेव (Vankhandeshwar Mahadev) का अभिषेक किया। दर्शन के बाद वह झांसी (Jhansi) के लिए रवाना हो गए। विधि विधान से की पूजा उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य अपने अल्प प्रवास के दौरान विशेष विमान से दतिया पहुंचे। उन्होंने विधि विधान से मां बगलामुखी माता की पूजा अर्चना की और महाभारत कालीन वानखंडेश्वर महादेव का जलाभिषेक किया है। इस दौरान उन्होंने प्रदेश की सुख-समृद्धि की शुभकामना की है। महाकुंभ को लेकर कहा- आस्था पर सवाल उठाना सबसे बड़ा पाप डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने महाकुंभ पर सवाल उठाने वालों को करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा, “आस्था पर सवाल उठाना सबसे बड़ा पाप है। चाहे अखिलेश यादव हो या ममता बनर्जी, जनता उनको इस बयान का जवाब देगी।” जनप्रतिनिधियों ने किया स्वागत दरअसल, केशव प्रसाद मौर्य आज झांसी के दौरे पर हैं। उससे पहले वह दतिया पहुंचे और मां बगलामुखी देवी के दर्शन किए। उसने मध्य प्रदेश आगमन पर दतिया एयरपोर्ट पर जनप्रतिनिधियों और भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। सर्किट हाउस में करेंगे समीक्षा बैठक बता दें कि डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य आज जनपद झांसी के सर्किट हाउस में पार्टी पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से संवाद करेंगे। इसके बाद विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे। क्या है पीतांबरा पीठ की मान्यता? मान्यता है कि पीतांबरा पीठ पर स्थित महादेव का मंदिर महाभारतकालीन है, जबकि मढ़िया के महादेव के मंदिर की स्थापना 5 हजार वर्ष पूर्व दंत वक्रेश्वर नामक असुर ने की थी। तब यहां जंगल था। कालांतर में यहां शहर बस गया, जिसका नाम दंत वक्रेश्वर के नाम पर दंत्रिया था, जो बाद में अपभरंश होकर दतिया हो गया। इन दोनों शिव मंदिरों के बारे में मान्यता है कि दोनों मंदिर में श्रद्धालु सच्चे मन से जो भी कामना करता है वह पूर्ण होती है।  recent visitors 58

हाई कोर्ट ने महिला न्यायाधीश को बकाया वेतन की 50 प्रतिशत राशि का भुगतान किये जाने के आदेश जारी किये

जबलपुर  हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत तथा जस्टिस विवेक जैन की युगलपीठ ने महिला न्यायाधीश को बकाया वेतन की 50 प्रतिशत राशि का भुगतान किये जाने के आदेश जारी किये हैं. युगलपीठ ने इसके अलावा वरिष्ठता सूची को संशोधित करते हुए याचिकाकर्ता महिला जज को सभी उचित लाभ दिए जाने के निर्देश भी जारी किए. सिविल जज 2007 में घोषित रिजल्ट पर विवाद मामले के अनुसार वर्तमान में नीमच में पदस्थ महिला न्यायाधीश ने साल 2013 में हाई कोर्ट जबलपुर में याचिका दायर की थी. याचिका में कहा गया "सिविल जज 2007 में घोषित रिजल्ट की प्रतीक्षा सूची में वह पहले स्थान में थी. वह अनुसूचित जाति वर्ग की उम्मीदवार थी. अनुसूचित जाति वर्ग के दो अन्य वर्ग के अभ्यर्थियों को चयन किया गया. इस कारण पात्र होने के बावजूद उसका चयन नहीं हुआ." इसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई. हाई कोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लिया. हाई कोर्ट के आदेश पर महिला की नियुक्ति हाई कोर्ट के आदेश पर महिला को साल 2009 में नियुक्ति प्रदान की गयी. नियुक्ति प्रदान करने के बाद उन्हें वरिष्ठता व वेतन का लाभ नहीं मिला. युगलपीठ ने याचिका का निराकरण करते हुए आदेश में कहा "यह निर्विवाद है कि रामसुजन वर्मा और रामानुज सोंधिया अनुसूचित जनजाति वर्ग नहीं थे. इसके बावजूद उनका चयनित अनुसूचित जाति वर्ग में किया गया. याचिकाकर्ता पद के लिए पात्र थी परंतु उनका चयन नहीं हुआ. गलत रूप से चयनित दोनों व्यक्ति को बाद में हटा दिया गया. इस पूरी प्रक्रिया में याचिकाकर्ता की कोई गलती नहीं थी." महिला जज को अन्य लाभ भी देने के निर्देश युगलपीठ ने याचिकाकर्ता के पक्ष में आदेश जारी करते हुए बकाया वेतन का 50 प्रतिशत राशि का भुगतान 4 सप्ताह में करने के आदेश जारी किए. इसके अलावा युगलपीठ ने संशोधित वरिष्ठता सूची जारी करते हुए वरिष्ठता के आधार पर सभी लाभ देने के भी आदेश जारी किये. याचिकाकर्ता की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता शशांक शेखर ने पैरवी की. recent visitors 53

आदेश के बाद नहीं किया आरआरसी का निष्पादन, भोपाल कलेक्टर के खिलाफ जमानतीय वारंट जारी

भोपाल /जबलपुर  मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने अवमानना याचिका की सुनवाई करते हुए भोपाल कलेक्टर के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है. साथ ही व्यक्तिगत रूप से तलब किया है. हाईकोर्ट जस्टिस विवेक अग्रवाल की एकलपीठ ने पाया कि हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद कलेक्टर भोपाल बिल्डर के खिलाफ जारी आरआरसी का निष्पादन नहीं करवा सके. एकलपीठ ने याचिका पर अगली सुनवाई 12 मार्च को निर्धारित की है. आदेश के बाद भी बिल्डर के खिलाफ कार्रवाई नहीं याचिकाकर्ता प्रताप भानु सिंह की तरफ से दायर अवमानना याचिका में कहा गया "रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण मध्य प्रदेश ने कलेक्टर भोपाल के माध्यम से 23,26,363 रुपये प्रतिवर्ष 10 प्रतिशत ब्याज के साथ बिल्डर के खिलाफ आरसीसी अक्टूबर 2020 में जारी की थी. कलेक्टर भोपाल द्वारा 3 साल का समय गुजर जाने के बावजूद बिल्डर के खिलाफ जारी आरआरसी का निष्पादन नहीं करवाया गया." इसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की. कलेक्टर को व्यक्तिगत रूप से पेश होना होगा हाई कोर्ट ने जुलाई 2023 में कलेक्टर भोपाल को 3 माह में आरसीसी का निष्पादन करवाने के आदेश जारी किये थे. हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद कलेक्टर भोपाल ने निर्धारित समय सीमा में आरआरसी का निष्पादन नहीं करवाया. इस कारण अवमानना याचिका दायर की गयी. एकलपीठ ने सुनवाई के दौरान पाया कि अवमानना याचिका फरवरी 2024 में दायर की गयी थी. हाई कोर्ट के आदेश बावजूद कलेक्टर भोपाल ने आरआरसी के निष्पादन करने की कार्रवाई नहीं की. एकल पीठ ने भोपाली कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह के खिलाफ व्यक्तिगत रूप से उपस्थिति के लिए जमानती वारंट जारी किया. याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता कपिल दुग्गल तथा अधिवक्ता ध्रुव वर्मा ने पैरवी की. recent visitors 74

मध्यप्रदेश में आउटसोर्स कर्मचारियों, श्रमिकों के न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी, आदेश भी जारी

भोपाल  मध्यप्रदेश में एक बार फिर वेतन में बढ़ोत्तरी की गई है। कर्मचारियों, श्रमिकों को बड़ी सौगात देते हुए राज्य सरकार ने 2434 रुपए प्रतिमाह की वृद्धि कर दी है। इसका आदेश भी जारी कर दिया गया है। आउटसोर्स कर्मचारियों, श्रमिकों के न्यूनतम वेतन में यह बढ़ोतरी की गई है। इंदौर हाईकोर्ट के फैसले के बाद श्रम विभाग ने वेतन वृद्धि के आदेश जारी किए।  एमपी के आउटसोर्स कर्मचारियों, श्रमिकों के न्यूनतम वेतन में वृद्धि के आदेश जारी कर दिए गए हैं। कर्मचारियों, श्रमिकों को मार्च 2025 से ही इसका लाभ मिलेगा। प्रदेश के 21 लाख आउटसोर्स कर्मचारियों, श्रमिकों को इससे फायदा होगा। उनके वेतन में 1625 रुपए से लेकर 2434 रुपए प्रतिमाह तक इजाफा हो जाएगा। श्रम विभाग ने वेतन वृद्धि करने के आदेश तो जारी कर दिए हैं पर 11 माह के एरियर पर कुछ स्पष्ट नहीं किया है। आउटसोर्स और श्रमिक संगठन को अप्रैल 2024 से ही बढ़े वेतन और एरियर देने की उम्मीद है।  हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ के 10 फरवरी को सुनाए गए फैसले के बाद श्रम विभाग ने यह कदम उठाया है। कोर्ट ने टेक्सटाइल उद्योग में काम करने वाले श्रमिकों के लिए अलग से न्यूनतम वेतन तय करने के भी सरकार को निर्देश दिए। इन उद्योगों में कार्यरत करीब 4 लाख श्रमिकों को बढ़े हुए वेतन के लिए अभी इंतजार करना पड़ेगा। इससे पहले हाईकोर्ट ने एमपी टेक्सटाइल मिल्स एसोसिएशन द्वारा आउटसोर्स कर्मचारियों, मजदूरों की न्यूनतम वेतन में वृद्धि की अधिसूचना के खिलाफ लगी याचिका खारिज कर दी थी। बता दें कि न्यूनतम वेतन सलाहकार बोर्ड ने प्रदेश में नवंबर 2019 में आउटसोर्स कर्मचारियों, मजदूरों के वेतन में 25% वृद्धि की अनुशंसा की थी। सरकार ने इसे 1 अप्रैल 2024 से लागू किया पर श्रमिकों को केवल एक माह ही बढ़ा हुआ वेतन मिल सका था। एमपी टेक्सटाइल मिल्स एसोसिएशन ने न्यूनतम वेतन वृद्धि का विरोध करते हुए इंदौर हाईकोर्ट में याचिका लगाई जिसपर हाईकोर्ट ने स्टे दे दिया था। कोर्ट ने 3 दिसंबर 2024 को यह स्थगन हटा दिया था। recent visitors 69

मार्च से गर्मी के सीजन की शुरुआत, अगले 4 महीने तेज गर्मी पड़ेगी, 20 दिन तक हीट वेव चलने का अनुमान

भोपाल मध्यप्रदेश में 15 मार्च के बाद हीट वेव यानी, गर्म हवाएं चलने लगेगी। वहीं, दिन-रात का तापमान सामान्य से 2 से 3 डिग्री ज्यादा रहेगा। इस दौरान ग्वालियर-चंबल सबसे गर्म रहेंगे, जबकि भोपाल, इंदौर-उज्जैन में मावठा गिर सकता है। मार्च से गर्मी के सीजन की शुरुआत हो जाती है। अगले 4 महीने तेज गर्मी पड़ेगी। मौसम विभाग ने मार्च से मई तक 15 से 20 दिन तक हीट वेव चलने का अनुमान जताया है। हालांकि, अप्रैल-मई में हीट वेव का असर ज्यादा हो सकता है। इस कारण 30 से 35 दिन तक गर्म हवा चल सकती है। मौसम विभाग भोपाल की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, मार्च में 5 दिन तक गर्म हवा चलने की संभावना है। 15 मार्च के बाद जब शहरों में पारा 40 डिग्री से अधिक पहुंचेगा, तब गर्म हवा का असर देखने को मिलेगा। होली के बाद पारे में और भी बढ़ोतरी होगी होली के बाद दिन के पारे में और भी बढ़ोतरी हो सकती है। ग्वालियर, चंबल, उज्जैन और इंदौर संभाग के जिलों में तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच सकता है। मार्च में वेस्टर्न डिस्टरबेंस भी एक्टिव पिछले 10 साल के मौसम के ट्रेंड पर नजर डाले तो मार्च महीने में मावठा भी गिरता है। इस बार भी कई वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव होंगे। इस वजह से हल्की बारिश और बादल छाने की संभावना रहेगी। 2 मार्च से एक्टिव होने वाले वेस्टर्न डिस्टरबेंस की वजह से पूर्वी-उत्तरी हिस्से यानी, इंदौर, भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर और चंबल संभाग में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। अप्रैल-मई सबसे ज्यादा गर्म रहेंगे मौसम विभाग ने अप्रैल और मई में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ने का अनुमान जताया है। इन दो महीने के अंदर ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में पारा 45 डिग्री के पार पहुंच सकता है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग भी गर्म रहेंगे। मार्च में दिन के साथ रातें भी गर्म मार्च में रात का पारा 25 से 30 डिग्री तक पहुंच सकता है। इससे दिन के साथ रातें भी गर्म होंगी। हालांकि, मार्च की शुरुआत से पहले ही प्रदेश में रातें गर्म होने लगी। गुरुवार-शुक्रवार की रात में कई शहरों में पारा 18 डिग्री के पार पहुंच गया। भोपाल में 18.8 डिग्री, धार में 20.8 डिग्री, गुना में 18 डिग्री, नर्मदापुरम में 18.6 डिग्री, खंडवा में 18.4 डिग्री, खरगोन में 18.2 डिग्री, रतलाम में 18.6 डिग्री, दमोह में 18.4 डिग्री, रीवा में 18.8 डिग्री, सागर में 21.6 डिग्री दर्ज किया गया। recent visitors 51

7 साल बाद मध्य प्रदेश को नेशनल रोइंग चैंपियनशिप की मेजबानी मिली , 3 से 7 मार्च तक होगी चैंपियनशिप

भोपाल  नेशनल रोइंग चैंपियनशिप की मेजबानी 7 साल बाद एक बार फिर मध्य प्रदेश को मिली है. देशभर से 25 राज्यों के खिलाड़ी 3 से 7 मार्च तक भोपाल के बड़े तालाब में चप्पू चलाएंगे. पिछली बार मध्य प्रदेश में यह प्रतियोगिता साल 2018 में हुई थी. हालांकि इस बार नेशनल रोइंग चैंपियनशिप में मध्य प्रदेश को प्रबल दावेदार के तौर पर देखा जा रहा है. हाल में ही देहरादून में आयोजित नेशनल गेम्स में मध्य प्रदेश की टीम 5 गोल्ड और चार कास्य पदक जीत कर ओवरऑल चौंपियन रही है. ऐसे में मध्य प्रदेश की टीम को उम्मीद है कि इस बार नेशनल रोइंग चैंपियनशिप का खिताब जीत सकती है. 3 से 7 मार्च तक चलेगी चैंपियनशिप खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग ने बताया कि "बड़े तालाब स्थित मध्य प्रदेश राज्य वाटर स्पोर्ट्स अकादमी, बोट क्लब पर 3 मार्च से 7 मार्च तक 42वीं नेशनल रोइंग चैंपियनशिप का आयोजन होने जा रहा है. प्रतियोगिता का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 3 मार्च को करेंगे. प्रतियोगिता के उद्घाटन अवसर पर मध्य प्रदेश राज्य वाटर स्पोर्ट्स अकादमी के खिलाड़ी रोइंग, क्याकिंग-केनोइंग, सेलिंग और स्लालम खेलों की विशेष प्रस्तुति देंगे. इस दौरान खेल प्रेमियों को बड़ी झील में जल क्रीड़ा का अद्भुत नजारा दिखेगा. 25 राज्यों के 500 खिलाड़ी होंगे शामिल मंत्री सारंग ने बताया कि चैंपियनशिप में 25 राज्यों से लगभग 500 प्रतिभागी भाग लेंगे. जिसमें रोइंग के कुल 14 इवेंट होंगे. यह चैंपियनशिप देश के शीर्ष रोवर्स को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर प्रदान करेगी. बता दें कि भोपाल में होने वाली 42वीं नेशनल रोइंग चैंपियनशिप की तैयारियों को लेकर शुक्रवार को मंत्री सारंग ने खेल विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की. इस दौरान मंत्री ने खिलाड़ियों और कोच के ठहरने, भोजन, सुरक्षा और अन्य सुविधाओं का विशेष ध्यान रखने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया है. इस प्रतियोगिता का लाइव प्रसारण एलईडी स्क्रीन के माध्यम से बोट क्लब सहित शहर के प्रमुख चौराहों पर किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक खेल प्रेमी इस रोमांचक मुकाबले का आनंद ले सकें. इन कैटेगरी में होगी प्रतियोगिताएं 42वीं नेशनल रोइंग चैंपियनशिप में सीनियर पुरुष, सीनियर महिला और पैरा रोइंग स्पर्धाओं के अंतर्गत विभिन्न प्रतिस्पर्धाएं आयोजित की जाएंगी. सभी स्पर्धाएं 2000 मीटर की दूरी पर आयोजित की जाएंगी. सीनियर मेन्स वर्ग में सिंगल स्कल्स (M1X), डबल स्कल्स (M2X), कॉक्सलेस पेयर्स (M2-), कॉक्सलेस फोर्स (M4-), लाइटवेट मेन डबल स्कल्स (LM2X), ओपन डबल स्कल्स (M2X – सिविलियन), कॉक्सलेस फोर्स (M4- सिविलियन), क्वाड्रपल स्कल्स (M4X) और कॉक्स्ड ईट्स (M8+) शामिल हैं. recent visitors 41