अभी अफगानिस्तान के लिए बंद नहीं हुए हैं सेमीफाइनल की रास्ते, जानें क्या है ग्रुप बी का पूरा सिनेरियो

लाहौर  आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में ग्रुप बी का सिनेरियो रोमांचक हो गया है। ग्रुप बी का लगातार दूसरा मैच बारिश के कारण रद्द हुआ, जिसकी वजह से ऑस्ट्रेलिया ने सेमीफाइनल में अपनी जगह बना ली है। इस ग्रुप में से सेमीफाइनल में दूसरी टीम कौन होगी इसका फैसला इंग्लैंड और साउथ अफ्रीका के बीच होने वाले मुकाबले से होगा। इंग्लैंड की टीम लगातार 2 मैच हारकर सेमीफाइनल से पहले ही बाहर हो चुकी है। इसके अलावा अफगानिस्तान की टीम का ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ यह आखिरी लीग मुकाबला था। अफगानिस्तान को उसके पहले मैच में हार मिली थी। उसने अपने दूसरे मुकाबले में इंग्लैंड को 8 हराकर 2 अंक हासिल किए थे। वहीं ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बारिश की वजह से मैच रद्द होने के बाद उसे एक और अंक मिले। ऐसे में आइए जानते हैं क्या है ग्रुप बी का अब नया सिनेरियो। ऑस्ट्रेलिया के बाद ग्रुप से सेमीफाइनल में कौन? ग्रुप बी से ऑस्ट्रेलिया की टीम सेमीफाइनल में पहुंच चुकी है। हालांकि, अफगानिस्तान और साउथ अफ्रीका दोनों के पास नॉकआउट में पहुंचने का रास्ता अभी भी खुला हुआ है। अफगानिस्तान के तीन मैचों में तीन अंक है। वहीं साउथ अफ्रीका ने 2 मैच में तीन अंक हासिल की है। साउथ अफ्रीकी टी का आखिरी लीग मैच इंग्लैंड के साथ है। ऐसे मे अफगानिस्तान के लिए यह मुकाबला निर्णायक हो जाएगा। यहां पर सिनेरियो ये बन रहा है कि इंग्लैं की टीम साउथ अफ्रीका को हरा देती तो अफगानिस्तान के लिए एक मौका बनेगा। क्योंकि फिर दोनों टीमें 3-3 अंक की बराबरी पर आ जाएगी। हालांकि, अफगानिस्तान के लिए दिक्कत ये है कि वह रन रेट के मामले में साउथ अफ्रीका से नीचे थे। ऐसी परिस्थिति में अफगानिस्तान चाहेगी कि इंग्लैंड साउथ अफ्रीका को एक बड़े अंतर से हराए। ऐसा होता है तो फिर एक उसके लिए सेमीफाइनल में पहुंचने का एक मौका रहेगा। अफगानिस्तान का सेमीफाइनल में पहुंचने का समीकरण इंग्लैंड को पहले बल्लेबाजी करने पर दक्षिण अफ्रीका को कम से कम 207 रनों से हराना होगा. अगर वे दूसरी पारी में बल्लेबाजी करते हैं, तो उन्हें 11.1 ओवरों के भीतर लक्ष्य हासिल करना होगा (दोनों मामलों में पहली पारी का कुल स्कोर 300 रन माना जाता है). अफगानिस्तान ऑस्ट्रेलिया मैच का हाल इस मैच में अफगानिस्तान ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था. अफगानी टीम ने 50 ओवर में 273 रनों पर ऑलआउट हो गई थी. इसके साथ ही ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिए 274 रनों का लक्ष्य मिला. ऑस्ट्रेलिया ने 12.5 ओवर में 1 विकेट खोकर 109 रन बना लिए थे. लेकिन तभी मैच में बारिश आ गई और मैच फिर दोबारा शुरू नहीं हो पाया. इसके बाद मैच का रिजल्ट नहीं निकल पाया और दोनों टीमों को 1-1 अंक से संतोष करना पड़ा. recent visitors 80

भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण की 175वीं वर्षगांठ पर शहर में होगा वॉकथॉन का आयोजन

भोपाल भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) की 175वीं वर्षगांठ के अवसर पर GSI द्वारा 02 मार्च 2025 सुबह 7:00 बजे 3.0 किलोमीटर की वॉकथॉन का आयोजन किया जा रहा है जो बिठ्ठल मार्केट से कैम्पियन स्कूल होते हुए मनीषा मार्केट रोड से वापस होगी व बिठ्ठल मार्किट पर समाप्त होगी। इस वॉकथॉन में रजिस्ट्रेशन के लिए  QR कोड के माध्यम से पंजीकृत कराया जा सकता है।  श्री विजय दुबे, सहायक पुलिस आयुक्त, कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहेंगे । भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI), वर्ष 2025 में अपनी 175वीं वर्षगांठ मना रहा है, जो एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। इस 175वीं वर्षगांठ के अवसर पर, GSI का भारत के प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन और आपदा तैयारियों में अत्यधिक प्रभाव रहा है, जो राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका का प्रतीक है। GSI के निरंतर प्रयासों ने कई नीतियों और रणनीतियों को आकार दिया है, जो आज भी देश के लाभ में योगदान दे रही हैं, और इसे एक अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त भूविज्ञान संस्था के रूप में स्थापित किया है। यह 175वीं वर्षगांठ न केवल GSI के समृद्ध इतिहास को दर्शाती है, बल्कि इसके भविष्य के प्रति भी प्रतिबद्धता को व्यक्त करती है, जो भारत के वैज्ञानिक और सामाजिक-आर्थिक विकास में निरंतर योगदान करता रहेगा। 175 वर्षों के इस मील के पत्थर पर, GSI भूविज्ञान के क्षेत्र में उन्नति, संसाधन विकास की स्थिरता, और भारतभर में समुदायों की सुरक्षा में अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखे हुए है। recent visitors 40

केवायसी प्रक्रिया में अब तक 06 लाख 73 हजार 534 उपभोक्ताओं ने सफलतापूर्वक केवायसी कराया

भोपाल राज्य की लाभकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए बिजली उपभोक्ताओं को ईकेवायसी कराना अनिवार्य है। उपभोक्ता मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के उपाय ऐप से भी ईकेवायसी करा सकते हैं। गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध "उपाय" ऐप डाउनलोड कर बिजली उपभोक्ता समग्र केवायसी में अपना उपभोक्ता क्रमांक एवं समग्र क्रमांक दर्ज करने के बाद लिंक मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी को दर्ज कर केवायसी प्रक्रिया को पूर्ण कर सकते हैं। केवायसी प्रक्रिया में अब तक 06 लाख 73 हजार 534 उपभोक्ताओं ने सफलतापूर्वक केवायसी करा ली है। कंपनी ने बताया है कि नर्मदापुरम ग्रामीण क्षेत्र में 71 हजार 940, बैतूल ग्रामीण में 91 हजार 012, राजगढ़ ग्रामीण में 51 हजार 223, शहर वृत्त भोपाल में 61 हजार 271, भोपाल ग्रामीण में 38 हजार 656, गुना ग्रामीण में 32 हजार 353, विदिशा ग्रामीण में 49 हजार 230, सीहोर ग्रामीण में 24 हजार 130, ग्वालियर ग्रामीण में 21 हजार 086, शहर वृत्त ग्वालियर में 46 हजार 642, अशोकनगर ग्रामीण में 25 हजार 737, दतिया ग्रामीण में 25 हजार 233, रायसेन ग्रामीण में 44 हजार 009, शिवपुरी ग्रामीण में 25 हजार 791, हरदा ग्रामीण में 20 हजार 964, श्योपुर ग्रामीण में 09 हजार 652, मुरैना ग्रामीण में 23 हजार 730 एवं भिण्ड ग्रामीण में 10 हजार 875 बिजली उपभोक्ताओं की केवायसी की गई है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कंपनी कार्य क्षेत्र के भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर एवं चंबल संभाग के अंतर्गत आने वाले 16 जिलों के बिजली उपभोक्ताओं के बिजली संबंधी व्यक्तिगत विवरण को कंपनी के रिकार्ड में अपडेट करने के लिए नो योर कंज्यूमर (केवायसी) प्रक्रिया शुरू की है। कंपनी द्वारा नो योर कंज्यूमर (केवायसी) प्रक्रिया के तहत बिजली उपभोक्ताओं की व्यक्तिगत जानकारी जैसे समग्र आईडी, मोबाइल नंबर एवं बैंक खाता इत्यादि की जानकारी को अपडेट किया जा रहा है। नो योर कंज्यूमर (केवायसी) प्रक्रिया से बिजली उपभोक्ताओं को जहां राज्य शासन की योजनाओं का लाभ सीधे लाभ अंतरण (डीबीटी) योजना के माध्यम से सुनिश्चित किया जा सकेगा वहीं दूसरी ओर प्रणाली में अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। साथ ही केवायसी से वास्तविक उपभोक्ताओं के विद्युत संयोजन एवं उनके भार की स्थिति का भौतिक सत्यापन सुनिश्चित किया जा सकेगा। इससे कंपनी कार्य क्षेत्र में विद्युत संरचनाओं के भविष्य में विस्तार की योजना बनाने में आसानी होगी। केवायसी होने से कंपनी द्वारा उपभोक्ताओं की सही पहचान और मोबाइल नंबर को सटीक रूप से टैग करने में मदद मिलेगी, जिससे कंपनी की सेवाओं का सुचारू संचालन   recent visitors 64

01 मार्च 2025 का राशिफल: मेष, कर्क, तुला, कुंभ वालों की स्थिति आज तनावपूर्ण हो सकती है

मेष राशि वालों का मन प्रसन्न रहेगा। फिर भी धैर्यशीलता बनाए रखें। बातचीत में भी संतुलित रहें। दाम्पत्य सुख में वृद्धि होगी। वस्त्रों आदि पर खर्च बढ़ेंगे। मित्र से किसी नए कारोबार का प्रस्ताव मिल सकता है। वृषभ राशि वालों का मन प्रसन्न रहेगा। आत्मविश्वास भी भरपूर रहेगा। नौकरी में बदलाव की संभावना बन रही है। तरक्की के अवसर मिलेंगे, परंतु किसी दूसरे स्थान पर भी जा सकते हैं। आय में वृद्धि होगी। मिथुन राशि वालों के आत्मविश्वास में कमी रहेगी। मन प्रसन्न रहेगा। आत्मविश्वास में भी वृद्धि होगी। नौकरी में बदलाव के योग बन रहे हैं। परिश्रम अधिक रहेगा। कर्क राशि वालों का मन परेशान हो सकता है। मन में नकारात्मक विचारों से बचें। धैर्यशीलता बनाए रखने का प्रयास करें। कुटुंब-परिवार में धार्मिक कार्य हो सकते हैं। भागदौड़ अधिक रहेगी। सिंह राशि वालों के मन में उतार-चढ़ाव रहेंगे। कारोबार में वृद्धि होगी। किसी मित्र का सहयोग मिल सकता है। कारोबार में कुछ सुस्ती भी देखने को मिल सकती है। कारोबार के लिए विदेश जाना भी हो सकता है। तुला राशि वालों का मन अशांत रहेगा। आत्मसंयत रहें। धैर्यशीलता बनाए रखने का प्रयास करें। नौकरी में तरक्की के साथ स्थान परिवर्तन भी हो सकता है। परिवार का साथ मिलेगा। भागदौड़ अधिक रहेगी। धनु राशि वालों के आत्मविश्वास में कमी हो सकती है। मन में नकारात्मक विचारों से बचें। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। शासन सत्ता का सहयोग मिलेगा। मान-सम्मान की प्राप्ति होगी। मकर राशि वालों का मन अशांत रहेगा। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। बातचीत में संयत रहें। सेहत का ध्यान रखें। घर-परिवार में धार्मिक कार्य होंगे। पिता की सेहत का ध्यान रखें। कुंभ राशि वालों के आत्मविश्वास में कमी रहेगी। मन में उतार-चढ़ाव भी रहेंगे। शैक्षिक व बौद्धिक कार्यों में व्यस्तता बढ़ेगी। कारोबार में बदलाव के योग बन रहे हैं। परिवार व मित्रों का सहयोग मिलेगा। कन्या राशि वालों का मन अशांत रहेगा। संयत रहें। धैर्यशीलता बनाए रखने के प्रयास करें। जीवनसाथी की सेहत का ध्यान रखें। खर्चों में वृद्धि होगी। कारोबार के लिए मित्र के साथ विदेश भी जा सकते हैं। वृश्चिक राशि वालों के आत्मविश्वास से लबरेज रहेंगे। माता का सान्निध्य मिलेगा। अति उत्साही होने से बचें। अपनी भावनाओं को वश में रखें। आय में भी कमी आ सकती है। भवन सुख में वृद्धि हो सकती है। मीन राशि वालों का मन प्रसन्न रहेगा। आत्मविश्वास भी भरपूर रहेगा, परंतु धैर्यशीलता में कमी हो सकती है। संयत रहें। नौकरी में कार्यक्षेत्र में बदलाव के योग बन रहे हैं। कारोबार में व्यस्तता बढ़ेगी। recent visitors 87

भारत में हर साल कम से कम 35-40 सैन्य विमानों के निर्माण की आवश्यकता, लक्ष्य को पूरा करना असंभव नहीं: वायुसेना चीफ

नई दिल्ली एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने रक्षा विनिर्माण के लिए स्वदेशी क्षमताओं को विकसित करने की वकालत की है। उन्होंने कहा कि भारत में हर साल कम से कम 35-40 सैन्य विमानों के निर्माण की आवश्यकता है और इस लक्ष्य को पूरा करना असंभव नहीं है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि भारतीय वायुसेना स्वदेशी प्रणाली को प्राथमिकता देगी, भले ही वह थोड़ा कम प्रदर्शन करे। शुक्रवार को यहां 'भारत 2047: युद्ध में आत्मनिर्भर' विषय पर आयोजित चाणक्य डायलॉग्स कॉन्क्लेव में वायुसेना प्रमुख ने कहा कि वायुसेना की पहली प्राथमिकता ऐसे सैन्य विमानों का निर्माण करना है जो स्वदेशी हो। स्वदेशी प्रणाली पर दें जोर वायुसेना प्रमुख ने जोर देते हुए कहा कि इस बात को लेकर मेरा दृष्टिकोण पूरी तरह से स्पष्ट है और मैं बिल्कुल आश्वस्त हूं कि भले ही स्वदेशी प्रणाली का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कम हो। अगर यह विश्व बाजार में उपलब्ध प्रणाली का 90 प्रतिशत या 85 प्रतिशत हो तो भी हम स्वदेशी प्रणाली पर ही जोर देंगे। उन्होंने कहा कि इसकी वजह यह है कि केवल यही एकमात्र तरीका है जिससे हम अपनी रक्षा की दृष्टि से आत्मनिर्भर होने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। वायुसेना प्रमुख ने यह भी कहा कि स्वदेशी प्रणाली रातोंरात विकसित नहीं की जा सकती है। इसमें समय लगेगा और इसे समर्थन की भी आवश्यकता होगी। इसके लिए भारतीय वायु सेना किसी भी अनुसंधान एवं विकास परियोजना के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हर साल भारत को बनाने होंगे कम से कम 40 लड़ाकू विमान वायुसेना प्रमुख ने कहा कि भारत को हर साल कम से कम 35- 40 लड़ाकू विमान बनाने की क्षमता विकसित करने की जरूरत है ताकि पुराने हो रहे बेड़े को बदलने की जरूरतें पूरी की जा सकें। मेरा मानना है कि ये क्षमताएं रातों-रात नहीं आ सकतीं। लेकिन, हमें खुद को इस दिशा में आगे बढ़ाना होगा। अब हल्के लड़ाकू विमान एमके1ए के निर्माण की तरह हिन्दुस्तान एयरोनाटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने वादा किया है कि अगले साल से हम हर साल 24 विमान बनाएंगे। साथ ही कुछ सुखोई या कुछ अन्य विमान का भी निर्माण किया जाएगा। मेक इन इंडिया पर रहेगा जोर उन्होंने कहा कि हम अकेले एचएएल द्वारा हर साल संभवत: 30 विमानों के निर्माण की उम्मीद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सैन्य विमान निर्माण के लिए अगर कोई निजी उद्योग 'मेक इन इंडिया' के तहत सामने आता है तो हम उनकी तरफ से भी हर साल शायद 12-18 विमान के निर्माण की उम्मीद कर सकते हैं। धीरे-धीरे हम उस संख्या तक पहुंच रहे हैं और इसे हासिल करना भी संभव है। उन्होंने लंबे युद्ध लड़ने के लिए घरेलू रक्षा उपकरणों के महत्व पर भी जोर दिया।एआइ जैसी तकनीकों के बारे में उन्होंने कहा कि भारतीय वायुसेना स्वचालन (आटोमेशन) के साथ बहुत तेजी से आगे बढ़ रही है। मुझे लगता है कि हम सभी एआई, क्वांटम कंप्यूटिंग और स्वचालन जैसी तकनीकों की उपयोगिता से भलीभांति परिचित हैं। उन्होंने कहा कि आज दुनिया भर में इन तकनीकों की खूब चर्चा हो रही है। इसलिए हम भी सकारात्मक रूप से इस दिशा में काम कर रहे हैं। बहुत सारी प्रणालियां स्वचालित हो गई हैं। बहुत सारे पूर्वानुमान स्वचालित हो गए हैं। इनकी बदौलत न केवल हमारा कीमती समय बच रहा है, अपितु यह हमें कुशल समाधान भी दे रहा है।   recent visitors 76

सुकमा में सरकार की योजनाओं से प्रभावित होकर एक नक्सली दंपति सहित 7 हार्डकोर नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

 सुकमा बस्तर में लगातार नक्सली संगठन को झटका लग रहा. सुकमा क्षेत्र में पीएलजीए बटालियन नंबर एक में सक्रिय एक नक्सली दंपति सहित 7 हार्डकोर नक्सलियों ने फिर आत्मसमर्पण किया है. इन आत्मसमर्पित नक्सलियों पर शासन ने कुल 32 लाख रुपए का इनाम घोषित किया था. छत्तीसगढ शासन की नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति व “नियद नेला नोर योजना से प्रभावित होकर नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है. इनमें 2 पुरुष एवं 01 महिला नक्सली पर 08-08 लाख, 01 महिला एवं 03 पुरुष पर 02 लाख, कुल 32 लाख रुपए का इनाम घोषित था. नक्सलियों को आत्मसमर्पण के लिए प्रोत्साहित कराने में नक्सल सेल सुकमा टीम, थाना दोरापाल एवं सीआरपीएफ 131, 241 वाहिनी की अहम भूमिका रही. recent visitors 65

मुझे विश्वास है कि आईएमईसी वैश्विक वाणिज्य, विकास और समृद्धि के लिए एक शक्ति के रूप में काम करेगा: पीएम मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष और कॉलेज ऑफ कमिश्नर्स की भारत यात्रा को 'अभूतपूर्व' बताया। उन्होंने शुक्रवार को कहा कि यह यात्रा भारत-यूरोपीय संघ की बहुआयामी साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। प्रधानमंत्री मोदी ने नई दिल्ली में हैदराबाद हाउस में यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, "यह न केवल यूरोपीय आयोग की भारत की पहली यात्रा है, बल्कि यह किसी एक देश में यूरोपीय आयोग की पहली व्यापक भागीदारी भी है। इसके अलावा, यह आयोग की अपने नए कार्यकाल की पहली यात्राओं में से एक है।" यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष, ईयू कॉलेज ऑफ कमिश्नर्स के साथ, प्रधानमंत्री मोदी के निमंत्रण पर दो दिवसीय भारत यात्रा पर गुरुवार दोपहर नई दिल्ली पहुंची थी। यह ईयू कॉलेज ऑफ कमिश्नर्स की पहली भारत यात्रा है। साथ ही दिसंबर 2024 में कार्यभार संभालने वाले नए कमिश्नर्स की यूरोप के बाहर पहली यात्रा है। पीएम मोदी ने कहा, "निवेश संरक्षण और जीआई (भौगोलिक संकेत) समझौते सहित निवेश ढांचे को मजबूत करने पर चर्चा हुई। हमने टेक्नोलॉजी और इनोवेशन में एक विश्वसनीय और मजबूत निवेश ढांचे पर जोर दिया। हमारी साझा प्रतिबद्धता में सेमीकंडक्टर, एआई और हाई परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग सहयोग शामिल है। दोनों पक्षों के बीच भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (आईएमईसी) पर भी व्यापक चर्चा हुई। इसकी घोषणा सितंबर 2023 में भारत में आयोजित जी-20 नेताओं के शिखर सम्मेलन के दौरान की गई थी। आईएमईसी में दो अलग-अलग गलियारे शामिल हैं – [भारत को खाड़ी क्षेत्र से जोड़ने वाला पूर्वी गलियारा और खाड़ी को यूरोप से जोड़ने वाला उत्तरी गलियारा]। इसका उद्देश्य दक्षता बढ़ाना, लागत कम करना, क्षेत्रीय आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुरक्षित करना, व्यापार और आर्थिक सहयोग बढ़ाना, रोजगार पैदा करना, ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन कम करना है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "मुझे विश्वास है कि आईएमईसी वैश्विक वाणिज्य, सतत विकास और समृद्धि के लिए एक प्रेरक शक्ति के रूप में काम करेगा। रक्षा और सुरक्षा मामलों पर हमारा बढ़ता सहयोग आपसी विश्वास को दर्शाता है। हम साइबर सुरक्षा, समुद्री सुरक्षा और आतंकवाद-रोधी सहयोग को मजबूत करेंगे।" recent visitors 68