रेल मंत्रालय ने अगले दो साल में 50 अमृत भारत 2.0 ट्रेनों के निर्माण का लक्ष्य रखा, तीसरी अमृत भारत ट्रेन की सौगात जल्द

चेन्नई भारतीय रेलवे ने यात्रियों के लिए एक अच्छी खबर दी है। चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्टरी (ICF) अगले महीने एक और अमृत भारत ट्रेन डिलीवर करने वाली है। यह नई ट्रेन मौजूदा अमृत भारत ट्रेनसेट का मॉडर्न वैरिएंट होगी। मालूम हो कि रेल मंत्रालय ने अगले दो साल में 50 अमृत भारत 2.0 ट्रेनों के निर्माण का लक्ष्य रखा है। इस दिशा में तेजी से काम जारी है। अमृत भारत ट्रेन निम्न आय और मध्यम आय वर्ग के परिवारों को ध्यान में रखकर बनाई गई है। अमृत भारत 2.0 लंबी दूरी की यात्रा करने वाले लोगों को सस्ती सेवा मुहैया कराती है। साथ ही, यात्री इसमें मिलने वाली सुविधाओं से काफी प्रभावित होते हैं। अमृत भारत ट्रेन 2023 में लॉन्च की गई थी । यह लंबी दूरी की यात्रा को आसानी से कवर करती है। इसमें 2 प्रकार के डिब्बे लगे होते हैं। पहला स्लीपर क्लास, जो कि आरक्षित यात्रियों के होता है। दूसरा जनरल क्लास, जो कि अनारक्षित यात्रियों के लिए है। ईटी नाउ की रिपोर्ट के मुताबिक, सीनियर रेलवे अधिकारी ने बताया कि आईसीएफ मार्च में अमृत भारत ट्रेनसेट की तीसरी रेक का निर्माण और डिलीवरी पूरा करेगा। तीसरी अमृत भारत रेक का पेंट्री कार आईसीएफ के फर्निशिंग सेक्शन में वायरिंग और फिटमेंट कार्य से गुजर रहा है। इस रेक की डिलीवरी अगले 15-20 दिनों में हो सकती है। जानें अमृत भारत ट्रेन 2.0 की खासियत बता दें कि अमृत भारत ट्रेन 2.0 में 22 कोच-रेक फॉर्मेशन है, जिसमें दोनों छोर पर लोकोमोटिव हैं। ट्रेन में Loco+1 LSLRD+5 LWS+4 LWSCN+1 LWCD+4 LWSCN +6 LWS +1 LSLRD+ Loco का फॉर्मेशन होगा। इससे पहले, अमृत भारत ट्रेन 1.0 में भी 22 कोच फॉर्मेशन था, लेकिन उसमें Loco+ 1 LSLRD+ 4 LWS+12 LWSCN+4 LWS+ 1 LSLRD+ Loco का फॉर्मेशन था। अमृत भारत ट्रेन 2.0 को पुश-पुल तकनीक के साथ बनाया गया है, जो कुशल यात्रा के लिए है। इस ट्रेन की गति 130 किमी प्रति घंटे तक होगी। ट्रेन में हाई एक्सीलरेशन के लिए दोनों छोर पर लोकोमोटिव के साथ पुश-पुल ऑपरेशन के लिए कंट्रोल कपलर होंगे। ट्रेन में झटके मुक्त यात्रा और आसान कनेक्शन के लिए सेमी-ऑटोमैटिक कपलर भी होंगे। recent visitors 73

पीएम मोदी की डिग्री से जुड़े अपने रिकॉर्ड अदालत को दिखाने के लिए तैयार: दिल्ली हाईकोर्ट

नई दिल्ली दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) ने दिल्ली हाईकोर्ट को बताया कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिग्री से जुड़े अपने रिकॉर्ड अदालत को दिखाने के लिए तैयार है, लेकिन इसे सूचना के अधिकार (RTI) के तहत सार्वजनिक रूप से उजागर नहीं किया जा सकता। न्यायमूर्ति सचिन दत्ता के समक्ष पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने यह दलील दी, जिसके बाद अदालत ने विश्वविद्यालय की उस याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया जिसमें केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) के आदेश को चुनौती दी गई थी। इस आदेश में प्रधानमंत्री की स्नातक डिग्री से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करने को कहा गया था। "हमें कुछ छिपाने की जरूरत नहीं" मेहता ने अदालत में कहा, "DU को अदालत के समक्ष रिकॉर्ड प्रस्तुत करने में कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन विश्वविद्यालय के रिकॉर्ड को किसी अजनबी के निरीक्षण के लिए नहीं रखा जा सकता।" उन्होंने दलील दी कि CIC का आदेश खारिज किया जाना चाहिए क्योंकि "निजता का अधिकार" जनता के "जानने के अधिकार" से ऊपर है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि RTI आवेदन एक ऐसे व्यक्ति ने दायर किया था जिसने प्रधानमंत्री के छात्र रहने के दौरान की डिग्री मांगी थी। मेहता ने अदालत को बताया, "हमारे पास वर्षवार रिकॉर्ड उपलब्ध है। 1978 में बैचलर ऑफ आर्ट्स (BA) की डिग्री दी गई थी।" RTI के जरिए डिग्री की जानकारी मांगने का मामला दरअसल, आरटीआई कार्यकर्ता नीरज ने एक याचिका दायर कर 1978 में परीक्षा देने वाले सभी छात्रों की जानकारी मांगी थी। इस पर CIC ने 21 दिसंबर 2016 को एक आदेश जारी कर 1978 में BA परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले छात्रों के रिकॉर्ड की जांच की अनुमति दी थी। प्रधानमंत्री मोदी ने भी उसी वर्ष परीक्षा दी थी। हालांकि, हाईकोर्ट ने 23 जनवरी 2017 को इस आदेश पर रोक लगा दी थी। "RTI का दुरुपयोग न हो" गुरुवार को सुनवाई के दौरान, मेहता ने तर्क दिया कि जानने का अधिकार "बिना किसी सीमा" का नहीं है और व्यक्तिगत जानकारी, जो जनहित से जुड़ी नहीं है, उसे उजागर नहीं किया जा सकता। उन्होंने आगाह किया कि RTI कानून का "कार्यकर्ताओं" द्वारा दुरुपयोग किया जा सकता है और अगर इस मामले में जानकारी सार्वजनिक कर दी गई तो विश्वविद्यालय को लाखों छात्रों की जानकारी से जुड़े आरटीआई आवेदनों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि RTI कानून "मुफ्त में बैठे लोगों" के लिए नहीं है जो केवल अपनी "जिज्ञासा शांत करने" या "दूसरों को शर्मिंदा करने" के लिए इसका उपयोग करते हैं। अब इस मामले में हाईकोर्ट का फैसला आना बाकी है। recent visitors 71

भारतीय अर्थव्यवस्था दिसंबर तिमाही में 6.2% की दर से बढ़ी इकोनॉमी, सरकार ने जारी किए आंकड़े

नई दिल्ली भारतीय अर्थव्यवस्था अक्टूबर-दिसंबर 2024 की तिमाही में 6.2 प्रतिशत की रफ्तार से बढ़ी है। एक साल पहले की समान अवधि में वृद्धि दर 9.5 प्रतिशत थी। चालू वित्त वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है जबकि वित्त वर्ष 2023-24 में यह 9.2 प्रतिशत थी। ₹11.70 लाख करोड़ है राजकोषीय घाटा अप्रैल से जनवरी के दौरान भारत का राजकोषीय घाटा ₹11.70 लाख करोड़ रहा, जो वार्षिक लक्ष्य का 74.5% है। यह पिछले वर्ष की समान अवधि में 63.6% पर था। सरकार की योजना चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटे को घटाकर जीडीपी का 4.8% करने की है, जो पिछले वर्ष 5.6% से कम है। recent visitors 58

दिल्ली के स्वास्थ्य ढांचे पर आई सीएजी की रिपोर्ट में फंड का कम इस्तेमाल और कोरोना कुप्रबंधन को उजागर किया

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा में शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार ने नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट पेश की, जिसमें कई तरह की खामियों को उजागर किया है। दिल्ली के स्वास्थ्य ढांचे पर आई सीएजी की रिपोर्ट में फंड का कम इस्तेमाल और कोरोना महामारी के कुप्रबंधन को उजागर किया गया है। 255 पन्नों की इस रिपोर्ट बताती है कि दिल्ली सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं में कई गंभीर खामियां हैं, जिनमें स्टाफ की कमी, दवाओं की अनुपलब्धता, अधूरी स्वास्थ्य परियोजनाएं और वित्तीय कुप्रबंधन शामिल हैं। 31 मार्च 2022 को समाप्त हुए वित्त वर्ष के लिए इस ऑडिट रिपोर्ट में कोरोना महामारी से निपटने के इंतजाम और मोहल्ला क्लीनिक को लेकर कई अहम बातें हैं। recent visitors 80

IPL के दौरान ही होगी पाकिस्तान सुपर लीग, लाहौर का गद्दाफी स्टेडियम 13 मैचों की मेजबानी करेगा

लाहौर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने शुक्रवार को घोषणा की कि पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) का 10वां टूर्नामेंट 11 अप्रैल से शुरू होगा जिसका पहला मैच रावलपिंडी क्रिकेट स्टेडियम में गत चैंपियन इस्लामाबाद यूनाइटेड और 2 बार के चैंपियन लाहौर कलंदर्स के बीच खेला जाएगा। लाहौर का गद्दाफी स्टेडियम 13 मैचों की मेजबानी करेगा, जिसमें 2 एलिमिनेटर और 18 मई को होने वाला फाइनल शामिल है। पीएसएल कार्यक्रम की पुष्टि का मतलब है कि इसका आयोजन अधिक आकर्षक और धनाढ्य लीग इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के दौरान किया जाएगा। आईपीएल 22 मार्च से 25 मई के बीच आयोजित किया जाएगा। पीएसएल में रावलपिंडी क्रिकेट स्टेडियम में 13 मई को क्वालीफायर एक सहित 11 मैच होंगे। कराची का नेशनल बैंक स्टेडियम और मुल्तान क्रिकेट स्टेडियम प्रत्येक पांच पांच मैचों की मेजबानी करेंगे। पीएसएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सलमान नसीर ने कहा कि हम एचबीएल पाकिस्तान सुपर लीग के ऐतिहासिक 10वें संस्करण के कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा करते हुए रोमांचित हैं। इस साल के टूर्नामेंट में प्रशंसक न केवल हाई-प्रोफाइल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों को देखेंगे, बल्कि 4 प्रमुख शहरों-कराची, लाहौर, मुल्तान और रावलपिंडी में 34 हाई-ऑक्टेन मैच भी देखेंगे। पीएसएल की पहुंच बढ़ाने की हमारी प्रतिबद्धता के हिस्से के रूप में, हमें टूर्नामेंट की शुरुआत से पहले पेशावर में एक प्रदर्शनी मैच की मेजबानी करने में खुशी हो रही है, जो खेल के प्रति गहरे प्रेम वाले शहर पेशावर में शीर्ष स्तरीय क्रिकेट लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हम खिलाड़ियों, प्रशंसकों और हितधारकों के अनुभव को बढ़ाने के लिए समर्पित हैं, जिन्होंने पिछले कुछ वर्षों में लीग में कुछ लुभावनी प्रतियोगिताएं देखी हैं। recent visitors 57

पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में स्थित एक मस्जिद में शक्तिशाली बम विस्फोट, कम से कम 5 लोगों की मौत

इस्लामाबाद पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में स्थित एक मस्जिद में शुक्रवार को शक्तिशाली बम विस्फोट हुआ, जिसमें कम से कम 5 लोगों की मौत हो गई और दर्जनों लोग घायल हो गए। यह घटना रमजान के पवित्र महीने की शुरुआत से पहले घटी है। पुलिस अधीक्षक अब्दुल राशिद ने बताया कि यह विस्फोट खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के अकोरा खटख जिले में हुआ। यह मस्जिद एक प्रो-तालिबान मदरसे, जामिया हक्कानिया के भीतर स्थित थी। घटना की जांच जारी पुलिस के अनुसार, विस्फोट के बाद मृतकों और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। अभी तक किसी भी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। जिस मदरसे में धमाका हुआ, उसे अफगान तालिबान से जुड़ा माना जाता है। इस वजह से आशंका जताई जा रही है कि हमले के पीछे आतंकवादी संगठनों की साजिश हो सकती है। रमजान से पहले हमला यह बम धमाका ऐसे समय में हुआ है जब मुस्लिम समुदाय रमजान की तैयारियों में जुटा हुआ था। इस्लामी कैलेंडर के अनुसार, रमजान का महीना शनिवार या रविवार से शुरू हो सकता है, जो चांद दिखने पर निर्भर करेगा। recent visitors 47

माइनिंग अधिकारी खुशबू वर्मा भीड़ में फंसी, खड़ी पनडुब्बी पर कार्रवाई करने पहुंची , तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर टीम को लौटाया

सीहोर  मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में ग्रामीणों ने एक खनिज अधिकारी को बंधक बना लिया है। खनिज अधिकारी छिदगांव स्थित काछी में कार्रवाई करने पहुंची थीं। उन्हें सूचना मिली थी कि खलिहान में पनडुब्बी खड़ी है। उसी को जब्त करने वह अमले के साथ पहुंचीं। इस दौरान ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने मैडम को घेर लिया। सूचना के बाद तहसीलदार मौके पर पहुंचे और समझाइश देकर खनिज अधिकारी को भीड़ से निकाला है। लौट गई टीम दरअसल, नर्मदा किनारे छिदगांव में खनिज विभाग का अमला कार्रवाई के लिए पहुंचा था। खनिज इंस्पेक्टर खुशबू वर्मा की नजर खेत में खड़ी पनडुब्बी पर पड़ी, जिस पर वह कार्रवाई करने लगी। खेत में खड़ी पनडुब्बी पर कार्रवाई से ग्रामीण नाराज हो गए और ग्रामीणों ने इसका विरोध किया। मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। इस दौरान भीड़ के बीच खनिज अधिकारी फंस गईं। सूचना के बाद तहसीलदार पहुंचे सूचना के बाद भेरूंदा के तहसीलदार सौरभ शर्मा पहुंचे, जहां उन्होंने ग्रामीणों से चर्चा की। ग्रामीणों ने तहसीलदार को बताया कि पनडुब्बी खलिहान में पिछले 6 महीने से खड़ी है। इसके बाद भी खनिज इंस्पेक्टर के द्वारा इस पर कार्रवाई की जा रही है। वहीं, तहसीलदार ने ग्रामीणों से बात की। इसके बाद खनिज विभाग के अमल को बैरंग लौटना पड़ा। वहीं, इसके फोटो वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहे हैं। मामले को लेकर तहसीलदार ने मीडिया से बातचीत में बताया कि सूचना मिली थी, जिसके बाद मौके पर पहुंचकर लोगों के बयान लिए गए। इसमें पता चला है कि मशीन जो है खेत में खड़ी थी, जिस पर खनिज विभाग की कार्रवाई गलत है। खड़ी मशीन पर कार्रवाई नहीं की जा सकती है। गौरतलब है कि सोशल मीडिया पर ग्रामीणों के बीच घिरी खनिज अधिकारी की तस्वीरें वायरल हो रही हैं। इसके बाद खनिज अधिकारी की फजीहत भी हो रही है। recent visitors 38