महाकुंभ में श्रद्धालुओं की संख्या ने तोड़े रिकॉर्ड, 65 करोड़ भक्त पहुंचे, 8 लाख श्रद्धालुओं को मिला आयुष का लाभ

प्रयागराज महाकुंभ में इस बार श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए केंद्र सरकार की ओर से कई व्यवस्थाएं की गई। इसी के तहत लाखों श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सुनिश्चित करते हुए, आयुष मंत्रालय ने आठ लाख से अधिक तीर्थयात्रियों को व्यापक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कीं, जिससे महाकुंभ मेले के दौरान उनकी पवित्र यात्रा सुरक्षित और स्वस्थ रही। 20 आयुष ओपीडी स्थापित करने से लेकर मोबाइल स्वास्थ्य इकाइयों की तैनाती तक, 90 से अधिक डॉक्टर और 150 स्वास्थ्यकर्मी पूरे भव्य आध्यात्मिक आयोजन के दौरान निरंतर चिकित्सा देखभाल प्रदान करने के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं। इन समर्पित प्रयासों ने सुनिश्चित किया कि भक्त, कल्पवासी और संत बिना किसी स्वास्थ्य संबंधी चिंता के पवित्र उत्सव में भाग ले सकें, खासकर पवित्र महाशिवरात्रि स्नान के दौरान। आठ लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने ली सेवाएं प्रयागराज महाकुंभ में आयुष के नोडल अधिकारी डॉ. अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि मंत्रालय ने आठ लाख से अधिक श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को सफलतापूर्वक पूरा किया है, जो पारंपरिक भारतीय चिकित्सा में बढ़ते भरोसे को दर्शाता है। श्रद्धालुओं को मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान (एमडीएनआईवाई) द्वारा आयोजित चिकित्सीय योग सत्रों से भी लाभ मिला, जिससे शारीरिक और मानसिक कल्याण को बढ़ावा मिला। अखाड़ों के साधुओं के लिए समर्पित स्वास्थ्य जांच स्वास्थ्य सेवा तक निर्बाध पहुंच सुनिश्चित करने के लिए सेक्टर-2, सेक्टर-21 और सेक्टर 24 में तीन आयुष कन्वेंशन हॉल स्थापित किए गए, जहां प्रतिदिन योग और स्वास्थ्य सत्रों के माध्यम से तीर्थयात्रियों को निवारक स्वास्थ्य सेवा, रोग प्रबंधन और समग्र जीवन शैली के बारे में शिक्षित किया गया। जूना, आनंद, निरंजनी और वैष्णव अखाड़ों जैसे प्रमुख अखाड़ों में समर्पित स्वास्थ्य जांच के साथ श्रद्धेय साधुओं और संतों पर भी विशेष ध्यान दिया गया। मोबाइल आयुष स्वास्थ्य इकाइयां इसके अतिरिक्त, मोबाइल आयुष स्वास्थ्य इकाइयों ने पूरे मेला क्षेत्र में दवाइयां वितरित कीं, जबकि विभिन्न टीमों ने विभिन्न आयुष सुविधाओं पर छतरियों से कार्य करते हुए कल्पवासियों को आवश्यक स्वास्थ्य जांच उपलब्ध कराई। श्रद्धालुओं को आम बीमारियों से बचाने के लिए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए) ने एक विशेष पहल की शुरुआत की, जिसके तहत 10,000 आयुष रक्षा किट वितरित की गईं, जिनमें आवश्यक आयुर्वेदिक दवाएँ और स्वास्थ्य उत्पाद शामिल थे। इस पहल के साथ ही एक सप्ताह तक चलने वाला स्वास्थ्य शिविर भी लगाया गया, जिसमें 15,000 तीर्थयात्रियों को लाभ मिला, जिससे निवारक और समग्र स्वास्थ्य सेवा के प्रति मंत्रालय की प्रतिबद्धता को बल मिला। श्रद्धालुओं को 25,000 से अधिक औषधीय पौधे किए वितरित इस आयोजन में हरित स्पर्श जोड़ते हुए, राष्ट्रीय औषधीय पौध बोर्ड (एनएमपीबी) ने श्रद्धालुओं को 25,000 से अधिक औषधीय पौधे वितरित किए – जिनमें तुलसी, अश्वगंधा, शतावरी, नीम, आंवला और करी पत्ता शामिल हैं – जिससे प्राकृतिक उपचार को बढ़ावा मिला और दैनिक जीवन में औषधीय पौधों के महत्व पर बल मिला। महाकुंभ मेला सिर्फ़ आध्यात्मिक जागृति के लिए न होकर; यह उन लाखों लोगों की भलाई के लिए भी है जो इस पवित्र यात्रा पर निकलते हैं। आयुष मंत्रालय इस भव्य आयोजन में पारंपरिक स्वास्थ्य सेवा को एकीकृत करने के अपने प्रयासों के लिए प्रतिबद्ध रहा, जिससे समग्र स्वास्थ्य आध्यात्मिक अनुभव का एक अभिन्न अंग बन गया। महाशिवरात्रि के दिन 81 लाख श्रद्धालु पहुंचे संगम सरकारी आंकड़ों के अनुसार, महाशिवरात्रि के दिन (जो महाकुंभ का आखिरी दिन था), रात 2 बजे तक 11.66 लाख श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान किया। अगले दो घंटों में ये संख्या बढ़कर 25.64 लाख और सुबह 6 बजे तक 41.11 लाख हो गई। सुबह 10 बजे तक कुल 81.09 लाख श्रद्धालु संगम में स्नान कर चुके थे। महाकुंभ का यह आयोजन न सिर्फ धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण था, बल्कि यह यूपी की अर्थव्यवस्था के लिए भी एक बड़ा आर्थिक ड्राइवर साबित हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में कहा था कि महाकुंभ यूपी की अर्थव्यवस्था को 3 लाख करोड़ रुपए का फायदा पहुंचाएगा। महाकुंभ 2025 की चौंकाने वाली संख्या महाकुंभ में 65 करोड़ श्रद्धालु जुटे हैं, जो किसी भी अन्य धार्मिक आयोजन की तुलना में सर्वाधिक हैं। महाशिवरात्रि का दिन विशेष महत्व रखता है, क्योंकि यह दिन भगवान शिव और देवी पार्वती के दिव्य मिलन की याद में मनाया जाता है। महाकुंभ के दौरान प्रमुख स्नान दिनों पर जैसे माघी संक्रांति (14 जनवरी) को 3.5 करोड़, मकर संक्रांति और पौष पूर्णिमा पर क्रमशः 2 करोड़ और 1.7 करोड़ श्रद्धालुओं का आगमन हुआ। यूपी सरकार ने अनुमान जताया था कि 45 दिनों में 45 करोड़ श्रद्धालु आएंगे, जो आंकड़ा महाकुंभ ने दो सप्ताह पहले ही पार कर दिया। 3 लाख करोड़ रुपए की राजस्व प्राप्ति महाकुंभ के आयोजन में सरकार ने 7,500 करोड़ रुपए खर्च किए, जबकि मुख्यमंत्री योगी ने 3 लाख करोड़ रुपए के राजस्व की उम्मीद जताई है। उनके अनुसार, अगर एक श्रद्धालु 8,000 रुपए खर्च करता है, तो कुल खर्च 3.2 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने भी इस आंकड़े को समर्थन दिया और बताया कि इस आयोजन से होटल, भोजन, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य व्यापारिक गतिविधियों में 2 लाख करोड़ रुपए से अधिक की आय हो सकती है। सुरक्षा और प्रबंधन महाकुंभ में सुरक्षा व्यवस्था भी बेहद सख्त थी। यूपी पुलिस के अनुसार, 50,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी और 2,700 ए.आई. कैमरों का उपयोग किया गया था। इसके अलावा, 113 अंडरवाटर ड्रोन भी पानी की निगरानी के लिए लगाए गए थे। कुंभ में विशाल तंबू और श्रमिकों की मेहनत इस बार के कुंभ मेले में लगभग 68 लाख लकड़ी की पोल का इस्तेमाल किया गया, जिनकी लंबाई कुल मिलाकर 20,726 किलोमीटर से अधिक थी। इसके अलावा, 100 किलोमीटर के कपड़े और 250 टन CGI शीट्स का उपयोग किया गया। इन संरचनाओं को तैयार करने के लिए 3,000 श्रमिकों ने तीन शिफ्टों में काम किया।   recent visitors 61

चैंपियंस ट्रॉफी में शतक बरस रहे , टूर्नामेंट का आधा सफर अभी बाकी, पाकिस्तान का हाथ यहां भी रहा खाली

नई दिल्ली पाकिस्तान की मेजबानी में हो रहे इस चैंपियंस ट्रॉफी में शतक बरस रहे हैं। टूर्नामेंट का आधा सफर अभी बाकी है और इससे पहले ही एक सीजन में सबसे ज्यादा शतक लगने का रिकॉर्ड टूट चुका है। अब तक 11 शतक दर्ज हो चुके हैं, जो इस बात का प्रमाण हैं कि पिचें बल्लेबाजों के लिए किसी शतक की खदान से कम नहीं हैं। जहां बल्लेबाज थोड़ी देर ठहर जाए तो फिर बिना किसी परेशानी के शतक बनाकर ही पवेलियन लौट रहा है। टूर्नामेंट में गुरुवार तक कुल नौ मैच खेले जाने थे, लेकिन बारिश के खलल की वजह से 7 मैच ही खेले जा सके हैं। यानी सिर्फ सात मैच की 14 पारियों में ही 11 शतक लगाए जा चुके हैं। इसका मतलब है कि इस एडिशन में लगभग हर 1.2 पारी में शतक लग रहा है। यह चैंपियंस ट्रॉफी के इतिहास में सबसे कम है। इंग्लैंड की मेजबानी में साल 2017 में हुए चैंपियंस ट्रॉफी टूर्नामेंट में प्रत्येक 3 पारी में एक शतक लग रहा था। जो इस साल की तुलना में दो गुने से भी ज्यादा है। मेजबान की तरफ से शतक नहीं पाकिस्तान को 29 सालों के बाद किसी आईसीसी टूर्नामेंट की मेजबानी मिली थी। ऐसे में टीम से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की उम्मीद थी। लेकिन पाकिस्तान की ओर से एक भी शतक नहीं आया। पाकिस्तान टूर्नामेंट में इकलौता देश रहा, जिसके किसी प्लेयर ने सेंचुरी नहीं बनाई। शतकों की इस रेस में न्यूजीलैंड सबसे आगे है। उसके तीन प्लेयर्स अब तक शतक लगा चुके हैं, जबकि भारत और इंग्लैंड के 2-2 बैटर्स शतक जमा चुके हैं। चैंपियंस ट्रॉफी के तीन सबसे बड़े टोटल 356/5- ऑस्ट्रेलिया vs इंग्लैंड, 2025 351/8- इंग्लैंड vs ऑस्ट्रेलिया, 2025 347/4- न्यूजीलैंड vs अमेरिका, 2004 दो बार गए 150 का स्कोर हुआ पार सिर्फ शतक ही नहीं बल्कि टूर्नामेंट में बड़े शतक लग रहे हैं। अभी तक चैंपियंस ट्रॉफी में किसी बल्लेबाज ने 150 का आंकड़ा नहीं छुआ था। ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच हुए मैच में इंग्लिश बैटर बेन डकेट ने 165 रन बनाए थे। यह टूर्नामेंट में सबसे बड़े इंडिविजुअल स्कोर का रिकॉर्ड था। यह रिकॉर्ड चार दिन ही टिका। अफगानिस्तान के इब्राहिम जादरान ने इंग्लैंड के खिलाफ ही इस रिकॉर्ड को ध्वस्त किया। उन्होंने बुधवार को 146 गेंद पर 177 रन की पारी खेली। स्ट्राइक रेट और ऐवरेज भी बेस्ट चैंपियंस ट्रॉफी के इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है कि टूर्नामेंट का ओवरऑल स्ट्राइक रेट 90+ (91.58)। इंग्लैंड में 2017 में हुई चैंपियंस ट्रॉफी में 87.95 स्ट्राइक रेट से रन बने थे। जो अब दूसरा बेस्ट है। स्ट्राइक रेट के साथ टूर्नामेंट में बैटिंग ऐवरेज भी पिछले टूर्नामेंट्स की तुलना में बेस्ट है। बैटर्स 35.93 बैटिंग ऐवरेज से रन बना रहे हैं। यह सर्वाधिक है। साल 2017 का 35.73 बैटिंग ऐवरेज दूसरा बेस्ट है। recent visitors 81

हिट है एयरपोर्ट का ‘किफायती’ फूड आउटलेट, ₹10 की चाय, ₹20 का समोसा…

नई दिल्ली एयरपोर्ट पर चाय और समोसे का रेट देखकर ज्यादातर यात्री दूर से देखकर रह जाते हैं। लेकिन सरकार के प्रयास से अब आम आदमी भी एयरपोर्ट पर चाय और समोसे का मजा ले सकते हैं। एयरपोर्ट पर अब 10 रुपये में चाय और 20 रुपये में समोसा मिलना शुरु हुआ हो गया है। यात्री कैफे की शुरुआत 19 दिसंबर को कोलकाता एयरपोर्ट से हुई थी और अब चेन्नई में भी यह कैफे खुल गया है। माना जा रहा है कि कोलकाता और चेन्नई के बाद अब दिल्ली और मुंबई एयरपोर्ट्स का भी नंबर आ सकता है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बताया कि यह कैफे चेन्नई एयरपोर्ट के डोमेस्टिक टर्मिनल-1 पर चेक-इन से पहले एरिया में खोला गया है। यहां 10 रुपये में चाय, 10 रुपये में पानी की बोतल और 20 रुपये में समोसा, कॉफी और मिठाई खरीदी जा सकती है। नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने गुरुवार को चेन्‍नई एयरपोर्ट पर उड़ान यात्री कैफे का उद्घाटन किया। पहला उड़ान यात्री कैफे 19 दिसंबर को कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर किया गया था। चेन्नई में खुला उड़ान यात्री कैफे  कोलकाता के बाद अब चेन्नई में भी उड़ान यात्री कैफे की शुरुआत की गई है, जहां किफायती दरों पर लोगों को रिफ्रेशमेंट उपलब्ध कराया जाता है.  लोग मामूली कीमत पर यहां चाय-कॉफी से लेकर स्नैक्स खरीद सकते हैं. 19 दिसंबर, 2024 को कोलकाता एयरपोर्ट पर पहले उड़ान यात्री कैफे की सफलता के बाद अब चेन्नई एयरपोर्ट पर भी इस कैफे की शुरुआत की गई है.  चेन्नई एयरपोर्ट के बाद अगला नंबर दिल्ली के इंदिरा गांधी हवाई अड्डे का है. महंगे खाने की शिकायतों के बाद एविएशन मिनिस्ट्री की ओर से उड़ान कैफे की शुरुआत की गई है. कहां खुला था पहला यात्री कैफे एयरपोर्ट एथॉरिटी ऑफ इंडिया ने कोलकाता एयरपोर्ट की 100वीं वर्षगांठ पर यात्रियों को देश के पहले उड़ान यात्री कैफे का गिफ्ट दिया था। कोलकाता एयरपोर्ट के डिपार्चर एरिया में यात्री उड़ान कैफे खोला गया है। इसमें चाय, कॉफी, स्नैक्स और पानी जैसी चीजें सस्ती कीमत पर बेची जा रही है। इस योजना का मकसद हवाई यात्रा को अधिक किफायती बनाना है, क्योंकि भारत में एविएशन सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है। कोलकाता एयरपोर्ट पर देश के पहले उड़ान यात्री कैफे को मिली सफलता के बाद अब देश के दूसरे हवाई अड्डों पर भी उड़ान यात्री कैफे खोले जा सकते हैं। पिछले साल सितंबर में पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने एयरपोर्ट्स में सामान की महंगाई पर चिंता जताई थी। एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने लिखा, 'कोलकाता हवाई अड्डे पर गर्म पानी और टी बैग से बनी चाय की कीमत 340 रुपये है। कुछ साल पहले चेन्नई हवाई अड्डे पर गर्म पानी और टी बैग की कीमत 80 रुपये है।' दिल्ली एयरपोर्ट पर पानी की बोतल की कीमत 50 रुपये है जबकि समोसा 150 रुपये में मिलता है। इसी तरह डोसे की कीमत 300 रुपये और पाव भाजी की कीमत 250 रुपये है। क्या-क्या है कैफे के मैन्यू में   उड़ान यात्री कैफे में 10 रुपये का पानी का बोतल, 10 रुपये की चाय, 20 रुपये की कॉफी,  20 रुपये का समोसा और 20 रुपये का स्वीट ऑफ द डे जैसे हल्के स्नैक्स मिल जाते हैं. एयरपोर्ट पर लोगों की सुविधा के लिए इस कैफे की शुरुआत की गई है. आने वाले दिनों में और भी एयरपोर्ट्स पर ये कैफे खोले जाएंगे.  ताकि लोगों की शिकायतों को दूर किया जा सके.  इस बजट फ्रेंडली कैफे को कोलकाता एयरपोर्ट पर लोगों का अच्छा रिस्पांस मिला है . उम्मीद यही है कि चेन्नई में भी यह हिट रहेगा.   recent visitors 88

मेरठ में घरवालों को दूध में नशा मिलाकर पिलाया, फिर रात में दुल्हन ने किया कांड; सुबह मची चीख-पुकार

 मेरठ उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक लुटेरी दुल्हन का मामला सामने आया है. यहां एक शख्स ने पुलिस से शादी के 10 दिन बाद नई नवेली दुल्हन पर ज्वेलरी और नगदी लेकर फरार होने का आरोप लगाते हुए शिकायत की है .पुलिस अब पूरे मामले की जांच में लगी है.   दरअसल मामला मेरठ के भावनपुर थाना क्षेत्र के मुबारकपुर गांव का है जहां के रहने वाले जोगेंद्र ने पुलिस से शिकायत की है कि 26 जनवरी को दौराला थाना क्षेत्र का रहने वाला मदनपाल नाम का व्यक्ति मिला जो कि शादी कराने का काम करता है. इसके बाद मदनपाल दो और लोग – सुनील और शिवम को लेकर उस के घर आया.सुनील ने बताया कि उसके भाई की एक लड़की है जिसका नाम लक्ष्मी है और वह उससे जोगेंद्र की शादी कराना चाहता है.लड़की की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है और अगर जोगेंद्र शादी का खर्चा 8 लाख रुपये देगा तो वह शादी कर देगा. इसके बाद जोगेंद्र शादी करने के लिए तैयार हो गया और 8 लाख रुपये भी दे दिए.8 फरवरी को हिंदू रीति रिवाज के अनुसार योगेंद्र और लक्ष्मी की शादी हो गई और 18 तारीख को मदनपाल , सुनील व शिवम लक्ष्मी से मिलने घर आए और तीनों ने लक्ष्मी के साथ मिलकर जोगेंद्र और उसके परिवार को दूध में नींद की गोलियां मिलाकर पिला दी और पूरा परिवार गहरी नींद में सो गया. इसके बाद अगले दिन सुबह 8:00 बजे जोगेंद्र और पूरा परिवार उठा तो मदनपाल ,लक्ष्मी , सुनील और शिवम सभी गायब थे.घर से सोने चांदी के जेवर भी गायब थे और घर में रखे 60  हजार रुपये भी गायब थे. इसके बाद जोगेंद्र को घर में नींद की गोली के रैपर भी मिले.जोगेंद्र का कहना है कि इसके बाद वह अपनी ससुराल गया और अपना सामान और पैसे मांगे तो उसके साथ इन लोगों ने गाली गलौज की और जान से मारने की धमकी दी.लक्ष्मी ने भी उसके साथ आने से मना कर दिया और घर से भगा दिया .जोगेंद्र का कहना है कि गांव से पता चला है कि लक्ष्मी पहले भी ऐसा कर चुकी है.जोगेंद्र ने पुलिस से गुहार लगाई कि उसकी रिपोर्ट लिखकर कार्रवाई की जाए. इस मामले में मेरठ के एसपी देहात राकेश कुमार ने बताया कि थाना क्षेत्र भावनपुर के मुबारकपुर गांव के रहने वाले एक व्यक्ति ने प्रार्थना पत्र दिया है जिसमें आरोप लगाया है कि इसी महीने में उसकी शादी हुई है और घर का कीमती सामान लेकर दुल्हन चली गई है. जब उससे संपर्क करने का प्रयास किया गया तो संपर्क नहीं हो रहा है और अन्य भी आरोप है इस संबंध में थाना भावनपुर को निर्देशित किया गया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है. जो भी तथ्य प्रकाश में आएंगे उनके अनुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी.   recent visitors 52

चंदौली में भीषण हादसा ट्रक-बोलेरो की टक्कर से बच्‍ची समेत 4 की मौत, 7 घायल

चंदौली  नौगढ़-मधुपुर मुख्य मार्ग पर गुरुवार की देर रात बोलेरो और ट्रक की जोरदार टक्कर में बोलेरो के परखच्चे उड़ गए। दुर्घटना में बालिका समेत चार लोगों की मौत हो गई। वहीं, सात लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। 108 एंबुलेंस से सोनभद्र के मधुपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। डॉक्‍टरों ने जांच के बाद चार को मृत घोषित कर दिया। चार की हालत नाजुक होने पर ट्रामा सेंटर वाराणसी भेज दिया। तीन का उपचार मेडिकल कॉलेज सोनभद्र में किया जा रहा। चकिया थाना के पालपुर ग्राम में इस्तखार अहमद के घर 22 फरवरी को एक कार्यक्रम का आयोजन था। इसमें शामिल होने किए उनके रिश्तेदार विभिन्न जगहों से आए थे। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद लोगों के लौटने का सिलसिला शुरू हो गया था। इसी क्रम कोलकाता से आए कुछ रिश्तेदारों को ट्रेन पर बैठाने के लिए इस्तेखार बोलेरो से रेणुकूट जा रहे थे। ट्रक की टक्‍कर से पलट गई बोलेरो, चार लोगों की मौत जैसे ही वाहन नौगढ़ थाना के जयमोहिनी पोस्ता गांव के पास पहुंचा, विपरीत दिशा से आ रहे ट्रक ने बोलेरो में जोरदार टक्कर मार दी। टक्‍कर की वजह से गाड़ी पलट गई। हादसे में पालपुर निवासी 46 वर्षीय इस्तखार अहमद, कोलकाता के रहने वाले 52 वर्षीय अख्तर अंसारी, 33 वर्षीय हकीमुन निशा व सात वर्षीय सायना की मौत हो गई। वहीं, नूर अहमद, रोशन आरा, साबरा खातून, अफसाना खातून समेत तीन बच्चियां घायल हो गईं। पेड़ से टकराई अनियंत्रित कार, व्यवसायी की मौत, चार घायल इससे पहले बुधवार की देर रात में बभनियांव गांव के पास कमालपुर के व्यवसायी ओमप्रकाश रस्तोगी की कार असंतुलित होकर सड़क के किनारे पेड़ से टकरा गई। हादसे में ओमप्रकाश की मौके पर मौत हो गई। वहीं, अन्य चार लोग घायल हो गए। महाशि‍वरात्र‍ि पर पूजा करके वापस लौट रहे थे ओमप्रकाश कमालपुर के प्रतिष्ठित व्यवसायी ओम प्रकाश रस्तोगी अक्सर मार्कंडे महादेव जाकर जलाभिषेक करते थे। इसी क्रम में वह बीते 26 फरवरी को महाशिवरात्रि के मौके पर जलाभिषेक करने के लिए अपने चार अन्य व्यापारियों के साथ गए थे। वहां पर पूजा अर्चन कर जब सभी लोग घर वापस आ रहे थे तो कार का दुर्घटना का शिकार हो गई। recent visitors 55

महाकुंभ के समापन के बाद भी संगम में भारी भीड़, कार-बाइक से डुबकी लगाने पहुंच रहे श्रद्धालु

 प्रयागराज प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ-2025 का बुधवार को समापन हो गया, लेकिन बावजूद इसके बड़ी संख्या में तीर्थयात्री संगम तट पर उमड़े. जिनमें से कई ऐसे भी थे जो 45 दिनों तक चलने वाले इस भव्य आयोजन के दौरान पवित्र स्नान करने से चूक गए थे. चूंकि, प्रयागराज में यातायात प्रतिबंधों में ढील दी गई है, इसलिए कुंभ मेला क्षेत्र के पास के मैदान अब विभिन्न राज्यों से आई कारों और अन्य वाहनों के पार्किंग स्थल बन गए हैं. कई लोग सीधे गंगा घाटों की ओर जा रहे हैं. हालांकि, कोई आधिकारिक अनुमान नहीं है, लेकिन शुक्रवार सुबह से ही हजारों लोग त्रिवेणी संगम पर उमड़ पड़े हैं और सुबह तक स्नान अनुष्ठान कर रहे हैं. सुबह पांच बजे तक घाटों पर लोगों की ऊर्जा और उत्साह अभी भी बरकरार था, जिनमें से बिहार, महाराष्ट्र, तमिलनाडु के अलावा प्रयागराज के कई स्थानीय निवासी भी आए थे. महाकुंभ मेले में न आ पाने वाले कई तीर्थयात्री संगम पर आए हैं और संगम पर पवित्र स्नान करने से पहले और बाद में उनकी भावनाएं उसी उत्साह को दर्शाती हैं, जैसा कि मेला अवधि के दौरान स्नान करने वालों ने दिखाया था. अधिकांश तीर्थयात्री संगम के सिरे पर संगम नोज पर उमड़ रहे हैं, जबकि इसके पास के घाट भी तीर्थयात्रियों से भरे हुए हैं. इनमें से एक चेन्नई निवासी आशीष कुमार सिंह भी थे, जो तमिलनाडु की राजधानी से आए थे. उन्होंने बताया कि वे गुरुवार रात करीब 11.30 बजे पवित्र स्नान करने के लिए संगम स्थल के पास पहुंचे थे. उन्होंने न्यूज एजेंसी से कहा, "मैं रात करीब 11.45 बजे स्नान करने की योजना बना रहा था, लेकिन उसी समय आग लगने की घटना घट गई, इसलिए मैं नंदी द्वार पार करते समय दमकल गाड़ियों के पीछे-पीछे चला गया. लेकिन, मैं आखिरकार सुबह करीब 3 बजे वहां पहुंच गया. यह एक अद्भुत अनुभव था." कक्षा 11 के छात्र आशीष कुमार सिंह ने बताया कि उनका जन्म बिहार में हुआ, लेकिन वे चेन्नई में पले-बढ़े हैं और हिंदी, भोजपुरी, अंग्रेजी और तमिल भाषाएं समान रूप से बोलते हैं. संगम नोज पर उनके बगल में उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर से आए परिवार के सदस्यों के एक समूह ने भी पवित्र स्नान किया. बता दें कि 12 साल में एक बार होने वाला यह धार्मिक आयोजन 13 जनवरी (पौष पूर्णिमा) को शुरू हुआ और नागा साधुओं के भव्य जुलूस और तीन 'अमृत स्नान' हुए. बुधवार यानि 26 फरवरी को को महाशिवरात्रि पर अंतिम शुभ 'स्नान' के साथ इसका समापन हुआ. महाकुंभ मेले के दौरान 66 करोड़ से अधिक लोगों ने त्रिवेणी संगम में पवित्र डुबकी लगाई. हालांकि, महाकुंभ के समापन के बाद भी लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ है. गंगा जल ले जाने के लिए पानी के बर्तन बेचने वाले केदारनाथ भी संगम नोज क्षेत्र में मौजूद थे और आधी रात से भोर तक अपना सामान बेचते रहे. उन्होंने कहा कि कुंभ मेला खत्म हो गया है, लेकिन धार्मिक उत्साह अभी भी वैसा ही है, एक दिन बाद भी लोग संगम पर उमड़ रहे हैं. यह वैसा ही रहेगा, क्योंकि प्रयागराज गैर-मेला दिनों में भी तीर्थयात्रियों को आकर्षित करता है. जैसे-जैसे भोर हुई, पवित्र स्नान के लिए संगम स्थल पर आने वाले लोगों की संख्या हर गुजरते घंटे के साथ कम होती गई.   सुरक्षा पहले की तरह: संगम पर सुरक्षा व्यवस्था पहले की ही तरह है. श्रद्धालु आराम से स्नान कर रहे हैं. स्वच्छता कर्मी साफ-सफाई में लगे दिखे. पुलिसकर्मी श्रद्धालुओं को संगम नोज पर बाइक और कार न ले जाने के लिए माइक से अनाउंस कर रहे हैं. आगाह भी कर रहे हैं. संगम नोज पर काफी संख्या में बाइक और कार पहुंच चुकी हैं. जारी रहेंगी संगम नोज पर सभी सुविधाएं: महाकुंभ का 26 फरवरी को समापन हो चुका है. 13 जनवरी से लेकर के 26 फरवरी तक महाकुंभ रहा है, जिसमें 66 करोड़ से अधिक लोगों ने स्नान किया है. आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद कुंभ नगर में मौजूद हैं और उन्होंने महाकुंभ के समापन की औपचारिक घोषणा कर दी है. हालांकि, मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया है कि श्रद्धालुओं के लिए जो सुविधाएं हैं, उन्हें अभी संगम क्षेत्र में बहाल रखा जाए. टॉयलेट, प्रकाश व्यवस्था, वह सब अभी संगम क्षेत्र में रहेगी. इसके साथ ही साथ जो सेक्टर 1 से लेकर के चार तक में प्रदर्शनियां हैं, पंडाल हैं, वह सब अभी बने रहेंगे . 13 अखाड़ों के पंडाल और कल्पवासियों के शिविर भी उजड़े : 13 जनवरी से लेकर के 26 फरवरी तक महाकुंभ नगर के आकर्षण का केंद्र बने अखाड़े अब पूरी तरह से उजड़ चुके हैं. उनके जो शिविर हैं, वह सब भी खाली कर दिए गए हैं. महाशिवरात्रि तक कुछ नागा संन्यासी जूना अखाड़े में धूनी रमाए थे, वह जरूर देखे गए थे, लेकिन अब वह भी वाराणसी की तरफ निकल गए हैं. जो सभी प्रमुख 13 अखाड़े हैं, वह पहले ही वाराणसी कूच कर गए हैं और होली तक वाराणसी में रहेंगे. कल्पवासियों के शिविर अब पूरी तरह से उजड़ चुके हैं. गैर जनपदों से आए प्रशासनिक अफसर भी रिलीव किए जा रहे : महाकुंभ में मौनी अमावस्या के दिन 29 जनवरी को हुई भगदड़ के बाद प्रदेश में अच्छी छवि के अफसरों को बुलाया गया था. पीपीएस, आईपीएस और आईएएस स्तर के इन अधिकारियों को विभिन्न जिम्मेदारियां दी गई थीं. अब महाकुंभ की औपचारिक समापन के बाद इन्हें उनके संबंधित जिलों और जिम्मेदारियां के लिए रिलीव किया जा रहा है. कुंभ नगर से अब तक 34 एसडीएम स्तर के अधिकारियों को रिलीव किया गया है. आईएएस और आईपीएस स्तर के अधिकारियों को अभी कुछ दिन बाद रिलीव किया जाएगा.   recent visitors 65

न्यूजीलैंड के खिलाफ बदल सकता है भारत का कप्तान, टीम इंडिया का अगला मुकाबला न्यूजीलैंड से 2 मार्च को

नई दिल्ली ICC चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में टीम इंडिया का अगला मुकाबला न्यूजीलैंड से 2 मार्च को है। भारत सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर चुका है ऐसे में यह मैच सिर्फ एक औपचारिकता ही है। ऐसे में हैमस्ट्रिंग इंजरी से जूझ रहे भारतीय कप्तान रोहित शर्मा को इस मैच के लिए आराम दिया जा सकता है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार टीम मैनेजमेंट इस मुद्दे पर विचार भी कर रहा है। भारत का सेमीफाइनल मुकाबला 4 मार्च को है ऐसे में टीम मैनेजमेंट रोहित शर्मा पर कम से कम दबाव बनाना चाहेगी। अगर रोहित शर्मा को न्यूजीलैंड के खिलाफ रेस्ट दिया जाता है तो शुभमन गिल वनडे क्रिकेट में अपने कैप्टेंसी करियर का डेब्यू करेंगे। बता दें, चैंपियंस ट्रॉफी के लिए शुभमन गिल को रोहित शर्मा को डिप्टी यानी टीम का उप-कप्तान चुना गया है। पाकिस्तान के खिलाफ मैच के दौरान जब रोहित शर्मा चोटिल होने के बाद मैदान छोड़कर गए थे तो कुछ देर के लिए गिल ने ही टीम की कमान संभाली थी। हालांकि कुछ देर बाद ही हिटमैन फील्ड पर आकर अपनी जिम्मेदारी संभालने लगे थे, मगर वह 100 प्रतिशत फिट नहीं दिखाई दे रहे थे। रिपोर्ट्स के अनुसार रोहित शर्मा और शुभमन गिल दोनों ने ही बुधवार को हुए बैटिंग प्रैक्टिस सेशन में हिस्सा नहीं लिया था। रोहित चोटिल थे तो गिल अच्छा महसूस नहीं कर रहे थे। हालांकि गिल ने गुरुवार को अलग से एक सेशन में हिस्सा लिया, जिसे देखने के बाद भारतीय फैंस ने राहत की सांस ली। कौन करेगा रोहित शर्मा को रिप्लेस? अगर रोहित शर्मा को न्यूजीलैंड के खिलाफ मुकाबले में आराम दिया जाता है तो ऋषभ पंत की टीम में जगह बन सकती है। वहीं शुभमन गिल के साथ केएल राहुल पारी का आगाज करते हुए नजर आ सकते हैं। बता दें, टीम इंडिया के पास कोई बैकअप ओपनर नहीं है। पहले स्क्वॉड में यशस्वी जायसवाल का नाम था, मगर अंतिम समय में उन्हें ट्रैवलिंग रिजर्व में शामिल कर भारत ने वरुण चक्रवर्ती को टॉप-15 में जगह दी। recent visitors 66