रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा- देश की सामरिक सुरक्षा दो तरह के खतरों का सामना करती

नई दिल्ली भौगोलिक दृष्टि से भारत तीन तरफ से समुद्र से घिरा हुआ है और इसकी तटरेखा बहुत बड़ी है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का कहना है कि देश की सामरिक सुरक्षा दो तरह के खतरों का सामना करती है। पहला युद्ध है, जिसका सामना सशस्त्र बलों को करना पड़ता है और दूसरा समुद्री डकैती, आतंकवाद, घुसपैठ, तस्करी और अवैध मछली पकड़ने की चुनौतियां हैं। इनके लिए समुद्री सेनाएं, खास तौर पर भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) हमेशा सतर्क रहती हैं। गौरतलब है कि आईसीजी ने कुल 37,000 करोड़ रुपये कीमत के मादक पदार्थ भी जब्त किए। रक्षा मंत्री का कहना है कि इन चुनौतियों से निपटने के लिए आईसीजी सक्रिय रूप से काम कर रहा है और सामरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभा रहा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 25 फरवरी को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 18वें आईसीजी अलंकरण समारोह में शामिल हुए। इस दौरान भारतीय तटरक्षक बल के कर्मियों को वीरता, विशिष्ट सेवा और सराहनीय सेवा पदक प्रदान किए गए। वर्ष 2022, 2023 और 2024 के लिए कुल 32 पदक दिए गए। इनमें छह राष्ट्रपति तटरक्षक पदक (विशिष्ट सेवा), 11 तटरक्षक पदक (वीरता) और 15 तटरक्षक पदक (सराहनीय सेवा) शामिल हैं। यहां पुरस्कार विजेताओं और उनके परिवारों ने राजनाथ सिंह से बातचीत की। पिछले एक साल में आईसीजी ने समुद्री सुरक्षा, संरक्षा और मानवीय कार्यों में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। इनमें 14 नावों और 115 समुद्री लुटेरों को पकड़ना शामिल है। साथ ही लगभग 37,000 करोड़ रुपये कीमत के मादक पदार्थ जब्त किए गए। इसके अलावा, आईसीजी ने विभिन्न बचाव कार्यों के माध्यम से 169 लोगों की जान बचाई और 29 गंभीर रूप से घायल लोगों को चिकित्सा सहायता प्रदान की। रक्षा मंत्री ने इन उपलब्धियों को केवल आंकड़े नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति आईसीजी के साहस और समर्पण की कहानी बताया। उन्होंने कहा कि समुद्री सीमाओं पर सतर्क रहकर आईसीजी न केवल अवैध घुसपैठ को रोकता है, बल्कि भारत की संप्रभुता और आंतरिक सुरक्षा को सकारात्मक रूप से प्रभावित करने में भी मदद करता है। नवीनतम तकनीकी प्रगति के कारण अपरंपरागत खतरों के उभरने पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने समुद्री बलों, विशेष रूप से आईसीजी से पारंपरिक खतरों के अलावा साइबर हमलों, डेटा उल्लंघन, सिग्नल जामिंग, रडार व्यवधान और जीपीएस स्पूफिंग जैसी चुनौतियों के प्रति सतर्क रहने का आह्वान किया। रक्षा मंत्री ने जवानों को बधाई देते हुए कहा कि ये पदक सिर्फ एक स्मृति चिन्ह नहीं हैं, बल्कि ये तिरंगे के सम्मान को बनाए रखने के लिए बहादुरी, दृढ़ता और अटूट संकल्प का प्रतीक हैं। उन्होंने तटीय सुरक्षा, संगठनात्मक दक्षता, मादक पदार्थों की जब्ती, बचाव अभियान और अंतरराष्ट्रीय अभ्यास सुनिश्चित करने में जवानों के प्रयासों की सराहना की। राजनाथ सिंह ने कहा कि सुरक्षित और समृद्ध भारत का सपना तभी साकार हो सकता है जब देश की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हो और सेनाएं सशक्त हों। उन्होंने आईसीजी की दक्षता बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा, “वित्त वर्ष 2025-26 के लिए भारतीय तटरक्षक बल को 9,676.70 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो पिछले बजट से 26.50 प्रतिशत अधिक है। यह आईसीजी के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके अलावा, आईसीजी को मजबूत बनाने के लिए 14 फास्ट पेट्रोल वेसल, छह एयर कुशन वाहन, 22 इंटरसेप्टर बोट्स, छह नेक्स्ट जेनरेशन ऑफशोर पेट्रोल वेसल और 18 नेक्स्ट जेनरेशन फास्ट पेट्रोल वेसल की खरीद को मंजूरी दी गई है।” रक्षा मंत्री ने डिजिटल कोस्ट गार्ड परियोजना की आधारशिला रखने की सराहना करते हुए आईसीजी की तकनीकी प्रगति पर ध्यान केंद्रित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि ये सभी प्रयास आईसीजी को पारंपरिक और अपारंपरिक खतरों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए निरंतर मजबूत करेंगे। उन्होंने इस उद्देश्य को प्राप्त करने में सरकार के पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया। समारोह से पहले रक्षा मंत्री ने औपचारिक सलामी गारद का निरीक्षण किया, जो इस अवसर की गंभीरता और महत्व को दर्शाता है। recent visitors 74

मुंबई में मंत्रालय भवन से कूदा युवक, जाली पर गिरा, सुरक्षाकर्मियों ने किया रेस्क्यू

मुंबई मुंबई में एक व्यक्ति द्वारा मंत्रालय भवन से नीचे छलांग लगाने का मामला सामने आया है। हालांकि गनीमत रही कि वह नीचे कूदकर मंत्रालय की सुरक्षा जाली पर जाकर गिरा और उसकी जान बच गई। घटना के बाद, सुरक्षाकर्मियों ने युवक को तुरंत कस्टडी में ले लिया। पुलिस ने युवक से पूछताछ और मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, युवक ने मंत्रालय भवन की ऊपरी मंजिल से कूदने का प्रयास किया, लेकिन वह सुरक्षा जाली पर गिरकर बच गया। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि युवक ने ऐसा कदम क्यों उठाया और उसके पीछे क्या कारण था। पुलिस मामले की तहकीकात कर रही है और युवक से पूछताछ की जा रही है। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि एक युवक सुरक्षा जाली पर गिरा हुआ है और सुरक्षाकर्मी उसे रेस्क्यू करने में जुटे हुए हैं। recent visitors 71

व्यापार-व्यवसाय में सहकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि व्यापार-व्यवसाय में सहकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका है। दुग्ध क्षेत्र, पर्यटन, एमएसएमई सहित हर क्षेत्र में सहकारिता का अलग ही महत्व है। सहकारिता के बिना कुछ भी संभव नहीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जीआईएस के दूसरे दिन थीमेटिक सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने राज्य सरकार की ओर से आश्वासन दिया कि जिस क्षेत्र में भी इन्वेस्टर काम करना चाहते हैं, म.प्र. सरकार उनका पूरा सहयोग करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मौजूदगी में 19 एमओयू होना क्रांतिकारी पहल है। यह सहकारिता और अर्थव्यवस्था को नया आयाम देने के लिये उपयोगी साबित होंगे। सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने को-ऑपरेटिव पब्लिक प्राइवेट-पार्टनरशिप (सीपीपीपी) मॉडल की घोषणा कर सहकारिता क्षेत्र में सीपीपीपी के तहत कुल राशि 2305 करोड़ रूपये की राशि में 19 एमओयू किये गये। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि मध्यप्रदेश का सीपीपीपी मॉडल देश की सहकारिता को बदलने का काम करेगा। बिना सहकार के रोजमर्रा की जिंदगी नहीं जी सकते। सहकारिता क्षेत्र में बड़े-बड़े उद्योगपतियों को भी जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि सहकारिता क्षेत्र का नेटवर्क बहुत बड़ा है। हर व्यक्ति तक पहुंच बनाने के लिए सहकारिता बड़ा माध्यम है।   प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत@2047 के सपने को पूरा करने के लिये सहकारिता को मूल बनाया तो उस ध्येय तक पहुंचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि सहकार से ही समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होगा। मंत्री श्री सारंग ने सहकारिता विभाग में निवेश विंग की स्थापना की घोषणा की। उन्होंने कहा कि निवेश विंग डे-टू-डे काम करेगी। वो स्वयं इसकी मॉनीटरिंग करेंगे। उन्होंने जुड रहे निवेशकों का धन्यवाद दिया और नये इन्वेस्टर से जुडने का आग्रह किया कि सभी देश और प्रदेश की इकॉनॉमी ग्रोथ में अपना योगदान दें। केन्द्रीय सहकारिता मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री सिद्धार्थ ने कहा कि सहकारिता हमारा संस्कार है। पुराने समय से ही सहकारिता का अपना अलग महत्व है। उन्होंने बताया कि एक लाख पैक्स देशभर में है और 30 करोड़ की आबादी सहकारिता से जुड़ी हुई हैं। इस अमृतकाल में यही वह क्षेत्र है जो बहुत ज्यादा आगे बढ़ सकता है। सहकारिता में पैक्स को कम्प्यूटराईजेशन का काम चल रहा है। इसमें कोई संदेह नहीं विश्वास करें अगले दो वर्ष में यह समृद्धि के नये कीर्तिमान रचेगी। म.प्र. का नया सीपीपीपी मॉडल को भारत सरकार की ओर से पूरा सहयोग कर आगे बढ़ाया जायेगा। अपर मुख्य सचिव श्री अशोक बर्णवाल ने कहा कि जीआईएस में पहली बार सहकारिता क्षेत्र को जोड़ा गया है। हर क्षेत्र में सहकारिता की समितियां है। उन्होंने बातया कि मध्यप्रदेश में एक करोड़ 9 लाख सदस्य है और 16 हजार आउटलेट का नेटवर्क है। उन्होंने निवेशकों से कहा कि म.प्र. में पैक्स हर जरूरत पूरी करेगी। यह किसानों के लिये भी लाभदायक होगा। कार्यक्रम में बुलढाणा अर्बन को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी के संस्थापक एवं अध्यक्ष श्री राधेश्याम चांडक, रिलायंस के श्री कुमार अभिषेक, प्रतिभा सिन्टेक्स के श्री श्रेयसकर चौधरी, एग्रीविस्टा के श्री राजीव सिंह, वैधनाथ के श्री अनिरूद्ध गौर, भारतीय बीज के श्री जे.पी. सिंह, मेजेस्टिक बासमती के श्री विज्ञान लोधा, आरएम ग्रुप के श्री अनिमेष जैन, मशरूम वर्ल्ड के श्री समीर सागर, वी विन के श्री अभिषेक गुप्ता, न्यूट्रेलिस कृषि उत्पादक सहकारी समिति के श्री प्रदीप द्विवेदी, सावीर बॉयोटेक के श्री संदीप सुदन आदि ने अपने विचार साझा किये। recent visitors 89

उद्योगों के विकास से ही बढ़ेंगे रोजगार के अवसर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल दो दिवसीय ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट के दूसरे दिन सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम तथा स्टार्ट-अप समिट सत्र में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी का अभिवादन करते हुए संबोधन में कहा कि यह दो दिवसीय समिट सकारात्मक भावना और योजनाबद्ध तरीके से आयोजित की गई है। संभागवार रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन कर हमने प्रदेश में एक सकारात्मक औद्योगिक वातावरण तैयार करने का प्रयास किया है। जिससे व्यापक संवाद हुआ है, और इसके उत्साहजनक परिणाम एमएसएमई क्षेत्र में देखने को मिले है। उन्होंने कहा कि उद्योग और निवेश को प्रोत्साहित किए बिना आर्थिक आधार मजबूत नहीं हो सकता। उद्योगों के विकास से ही रोजगार के अवसर बढ़ते हैं और प्रदेश समृद्ध होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र बहुत विस्तृत है और इससे नई संभावनाओं के द्वार खुले है। उन्होंने प्रदेश के मंत्री श्री चैतन्य काश्यप की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में लागू की गई नई एमएसएमई नीति में सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं को समाहित किया गया है, जिससे यह क्षेत्र और अधिक सशक्त बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास व्यक्त किया कि समिट के अंत में जब आंकड़े आएंगे तब तक यह स्पष्ट हो जाएगा कि एमएसएमई सेक्टर को अभूतपूर्व उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली है। उन्होंने कहा कि सरकार जो भी कमिटमेंट कर रही है और जिस पारदर्शिता के साथ नीतियों को लागू कर रही है, वह प्रदेश के औद्योगिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने एमएसएमई विभाग की सराहना की और कहा कि सरकार की नीतियां स्पष्ट हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश अब उड़ान भरने के लिए पूरी तरह तैयार है। हमारी सरकार और उद्यमी मिलकर सफलता के नए आयाम स्थापित करेंगे।     सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री श्री चैतन्य काश्यप ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. यादव और उद्योग जगत के सभी साथियों का अभिनंदन किया। उन्होंने बताया कि सरकार ने उद्यमियों के प्री-प्रोडक्शन से पोस्ट-प्रोडक्शन तक की हर प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए नई 18 नीतियां लागू की हैं। भूमि आवंटन प्रक्रिया को भी सरल किया गया है ताकि उद्यमियों को सरकारी सुविधाओं का लाभ आसानी से और निश्चित समय में मिले। मंत्री श्री काश्यप ने कहा कि सरकार उद्यमशीलता को बढ़ावा देने और रोजगार सृजन के दो मुख्य लक्ष्यों पर कार्य कर रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि यदि नई नीतियों की आवश्यकता हुई तो सरकार उद्यमियों के साथ पूरी पारदर्शिता से काम कर उसे भी लागू करेगी। उन्होंने समिट से प्रदेश के सुनहरे भविष्य की कल्पना करते हुए कहा कि नवाचारों और निवेश से लाखों रोजगार सृजित होंगे, इससे देश विश्वगुरु बनने की दिशा में अग्रसर होगा। सत्र के आरंभ अवसर पर एमएसएमई सचिव श्रीमती प्रियंका दास द्वारा एमएसएमई और स्टार्ट-अप इको सिस्टम के संदर्भ में विस्तार से जानकारी दी। एमएसएमई मंत्रालय भारत सरकार की अपर विकास आयुक्त सुश्री अश्विनी लाल ने बताया कि एमएसएमई सेक्टर के माध्यम से ग्रामीण, शहरी और हैंडीक्राफ्ट उत्पादों को वैश्विक पहचान मिल रही है। उन्होंने कहा कि स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम्स के जरिए युवाओं को आंत्रप्रेन्योरशिप के लिए तैयार किया जा रहा है। उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों ने की मध्यप्रदेश सरकार की नीतियों की सराहना एसएवी, दुबई की फाउंडर सुश्री पूर्वी मुनोट ने कहा कि एमपी सरकार ने उद्योगों और युवाओं के लिए सकारात्मक परिवेश तैयार किया है। राज्य एआई, ग्रीन एनर्जी और लॉजिस्टिक सप्लाई चेन के माध्यम से ग्लोबल हब बन रहा है।     इन एंड ब्रेडस्ट्रीट, मुंबई के एमडी व सीईओ श्री अविनाश गुप्ता ने कहा कि नवाचारों से भारत जल्द ही विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा। एशियाई विकास बैंक की डिप्टी कंट्री डायरेक्टर सुश्री आरती मेहरा ने कृषि, ऑर्गेनिक फार्मिंग और उद्यमियों को दी जाने वाली वित्तीय सहायता की प्रशंसा की।     नेशनल एमएसएमई बोर्ड के चेयरमैन श्री सुनील ने एमपी सरकार की 18 नई नीतियों को सराहा और कहा कि यह प्रधानमंत्री श्री मोदी के विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने में सहायक होंगी।     सत्र के अंत में स्टार्ट-अप और इको सिस्टम पर आधारित शॉर्ट फिल्म का प्रदर्शन किया गया, जिसमें मध्यप्रदेश सरकार की उपलब्धियों और आसान नीतियों को दर्शाया गया। सत्र में अन्य उद्योगपति एवं विभागीय अधिकारी भी उपस्थित रहे।   recent visitors 71

महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर महाकुंभ अपने चरम पर, अद्भुत संयोग का साक्षी बनने उमड़े करोड़ों लोग

प्रयागराज महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर महाकुंभ अपने चरम पर पहुंच चुका है। 144 साल बाद बने इस अद्भुत संयोग का साक्षी बनने के लिए करोड़ों श्रद्धालु संगम तट पर उमड़ पड़े हैं। मां गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पावन संगम में रोज सवा करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु डुबकी लगाकर शांति और मोक्ष की कामना कर रहे हैं। यही नहीं, 10 दिनों से लगातार बढ़ रहे आस्था के इस महाज्वार को देखते हुए स्वास्थ्य और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। महाकुंभ में अब तक 64 करोड़ से अधिक श्रद्धालु पवित्र स्नान के सहभागी बन चुके हैं। इसे देखते हुए महाशिवरात्रि पर यह आंकड़ा 66 करोड़ के पार हो जाने की संभावना है। सनातन धर्मावलंबी जितनी बड़ी संख्या में यहां पहुंचे हैं, उतने पूरी दुनिया में आज तक कहीं दूसरी जगह एक साथ एकत्र नहीं देखे गए। गंगा स्नान करने वाले श्रद्धालुओं का आंकड़ा सात बार दो करोड़ के पार जा चुका है। पिछले 10 दिनों से हर दिन सवा करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु संगम में पवित्र स्नान कर रहे हैं, जिससे महाकुंभ क्षेत्र के साथ-साथ पूरे देश में भक्तिमय माहौल बना हुआ है। यहां लोगों के उत्साह का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि महाकुंभ में पवित्र स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या सात बार दो करोड़ के पार जा चुकी है। महाकुंभ में पवित्र स्नान करने के लिए बड़ी संख्या में देश के कोने-कोने से लोग पहुंचे। यही नहीं, विभिन्न देशों से प्रयागराज आने वाले विदेशी श्रद्धालुओं की भी इनमें अच्छी खासी तादाद रही है। बात सिर्फ प्रमुख स्नान की हो तो करीब 17 करोड़ से अधिक श्रद्धालु इस दौरान संगम तट पर पहुंचे और आस्था की डुबकी लगाई। हर अमृत स्नान पर महाकुंभ नगर में जनसैलाब उमड़ा। प्रत्येक अमृत स्नान के मौके पर ढाई करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र त्रिवेणी में डुबकी लगाकर अपने जीवन को धन्य किया। यही नहीं, महाकुंभ में ऐसा 12 बार हो चुका है जब गंगा स्नान करने वाले डेढ़ करोड़ लोगों की यहां संगम की रेत पर सहभागिता रही। महाकुंभ के इस दिव्य और भव्य आयोजन में महाशिवरात्रि के अंतिम महत्वपूर्ण स्नान को लेकर तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने इसे लेकर विशेष निर्देश जारी किए हैं, जिसके तहत स्वास्थ्य और सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाले टॉप के अधिकारियों को पूरे मेला क्षेत्र में 24 घंटे मुस्तैद रहने के लिए कहा गया है, जिससे श्रद्धालु निर्बाध रूप से पवित्र स्नान और धार्मिक अनुष्ठान कर सकें। recent visitors 68

केजरीवाल और सिसोदिया के लिए नई मुश्किलों का हो सकता है आगाज, PAC के पास जाएगी CAG की रिपोर्ट

नई दिल्ली दिल्ली में अरविंद केजरीवाल सरकार के दौरान लागू की गई नई शराब नीति पर नियंत्रक एवं मसहालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट को काफी समय तक लंबित रहने के बाद मंगलवार को विधानसभा में पेश किया गया। रिपोर्ट में कई तरह की गड़बडियों और इससे सरकारी खजाने को 2000.68 करोड़ रुपए के नुकसान की बात कही गई है। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने इस रिपोर्ट को आगे की कार्रवाई के लिए प सरब्लिक अकाउंट्स कमिटी (पीएसी) के पास भेजने की बात कही है। माना जा रहा है कि इसके बाद अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के लिए नई मुश्किलों का आगाज हो सकता है, जो पहले भी इस मामले में जेल जा चुके हैं। दिल्ली विधानसभा में सीएजी रिपोर्ट पेश होने के बाद विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने एएनआई से बातचीत में कहा कि इस रिपोर्ट पर अभी विधानसभा में और भी चर्चा होनी है। इसके बाद इसे आगे की कार्रवाई के लिए पीएएसी के पास भेजा जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, गुप्ता जल्द ही इस पर 12 सदस्यीय पीएसी का गठन कर सकते हैं, जिसमें भाजपा और 'आप' के सदस्यों को शामिल किया जाएगा। पीएसी की जांच के बाद रिपोर्ट स्पीकर को सौंपी जाएगी और इसके बाद वह इस पर आगे ऐक्शन का आदेश दे सकते हैं। तलब किए जा सकते हैं केजरीवाल और सिसोदिया जानकारों का कहना है कि सीएजी रिपोर्ट पीएसी के पास जाने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और आबकारी मंत्री रहे मनीष सिसोदिया के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं। उन्हें एक बार फिर इस मामले में सवाल-जवाब का सामना करना पड़ सकता है। पीएसी की ओर से उन्हें तलब किया जा सकता है। पीएसी के पास इस मामले से जुड़े लोगों को तलब करने का अधिकार है। पीएसी की ओर से अरविंद केजरीवाल के अलावा तब के जीओएम (ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स) को भी बुलाया जा सकता है। पीएससी की ओर से संबंधित पक्षों से पूछताछ के बाद एक रिपोर्ट तैयार की जाएगी और इसे स्पीकर को भेजा जाएगा। कमिटी इसमें सिफारिश करेगी कि आगे क्या कार्यवाही की जाए। recent visitors 54

महाकुंभ आस्था व विश्वास का संगम है, CM सुक्खू ने परिवार संग लगाई आस्था की डुबकी

शिमला मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार को प्रयागराज महाकुंभ में त्रिवेणी संगम पर सपरिवार डुबकी लगाई। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश की खुशहाली व समृद्धि की कामना की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि महाकुंभ आस्था व विश्वास का संगम है और हमारी संस्कृति का परिचायक है। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा आज परिवार सहित पवित्र स्नान करने का अवसर मिला है, यह बहुत अच्छा अहसास है। मुख्यमंत्री ने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि हिंदुस्तान की संस्कृति और हिंदुत्व पहले से ही विश्व विख्यात है। यदि इतिहास के पन्नों को पलट कर देखेंगे तो पता लग जाएगा कि हमारी संस्कृति और संस्कार पहले से ही विश्व विख्यात है। मुख्यमंत्री ने प्रयागराज के लिए आईजीआई एयरपोर्ट नई दिल्ली से मंगलवार सुबह 10.20 पर उड़ान भरी और वहां पवित्र स्नान किया। मुख्यमंत्री प्रयागराज से देर शाम चंडीगढ़ पहुंचे। सीएम के साथ ही उनके राजनीतिक सलाहकार सुनील बिट्टू और प्रधान सलाहकार मीडिया नरेश चौहान भी मौजूद रहे। सोशल मीडिया पर शेयर की पोस्ट सीएम ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि त्रिवेणी सदियों से केवल एक जलधारा नहीं है। यह हमारी आस्था, परंपरा और समरसता का जीवंत प्रतीक है। यहां लहरें पूर्वजों की श्रद्धा, संकल्पों और सनातन मूल्यों की साक्षी हैं। पीढ़ियां बदलीं, समय आगे बढ़ा पर इस पावन संगम ने हर युग में मानवता को एक सूत्र में पिरोने का कार्य किया है। प्रयाग महत्ता अडिग है, अनंत है। अंत में उन्होंने लिखा है कि जय तीर्थराज प्रयाग। जय मां गंगे। बुधवार को लौटेंगे शिमला मुख्यमंत्री को पहले मंगलवार को शिमला आने का कार्यक्रम था लेकिन उसमें अब फेरबदल हुआ है। इसके तहत मुख्यमंत्री बुधवार को चंडीगढ़ से होते हुए वापस शिमला पहुंचेगें। गौर हो कि बीते एक सप्ताह से मुख्यमंत्री प्रदेश से बाहर है। पहले वे निजी दौरे पर मालदीव गए थे और वहां से लौटने के बाद प्रयागराज गए। recent visitors 94