बारिश के चलते नहीं होसका ऑस्ट्रेलिया वर्सेस साउथ अफ्रीका के बीच मुकाबला, बांटने पड़े अंक

इस्लामाबाद ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के बीच चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का 7वां मुकाबला बिना गेंद फेंके ही रद्द हो गया है। मंगलवार को रावलपिंडी क्रिकेट स्टेडियम में होने वाले मुकाबले के लिए टॉस भी नहीं हो सका। दोनों टीमों को एक-एक अंक से संतोष करना पड़ा है। हालात और खराब होते देख मैच अधिकारियों ने निर्धारित समय से तीन घंटे से कुछ अधिक समय बाद खेल रद्द कर दिया। दोनों टीमों ने ग्रुप बी में अपना पहला मैच जीता था। मैच रद्द होने के कारण दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया को एक-एक अंक मिले जिसका मतलब है कि बुधवार को इंग्लैंड और अफगानिस्तान के बीच होने वाला मुकाबला लगभग नॉकआउट हो गया है जिसमें हारने वाली टीम आईसीसी टूर्नामेंट से बाहर होने वाली तीसरी टीम बन जाएगी।ऑस्ट्रेलिया ने अपने पहले मुकाबले में इंग्लैंड की टीम को धूल चटाई थी, वहीं दक्षिण अफ्रीका ने अफगानिस्तान को हराकर टूर्नामेंट में जीत के साथ आगाज किया। बारिश के कारण रद्द हुआ मैच ऑस्ट्रेलिया वर्सेस साउथ अफ्रीका मैच बारिश की वजह से रद्द हो गया है। मैच में टॉस भी नहीं हो सका। दोनों टीमों को एक-एक अंक मिले। बारिश ने मूड किया खराब ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के बीच होने वाले मुकाबले के शुरू होने के आसार काफी कम लग रहे हैं। रावलपिंडी में लगातार बारिश हो रही है। ओवर्स कम होना हुए शुरू दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच मंगलवार को होने वाला मैच शुरू नहीं हो सका है। लगातार दो घंटे से बारिश हो रही है और इस वजह से ओवर कम होना शुरू हो गए हैं। recent visitors 70

12वीं बोर्ड परीक्षा का हुआ आगाज, 39 केंद्रों पर कड़ी निगरानी, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

बुरहानपुर जिले में माध्यमिक शिक्षा मंडल की 12वीं बोर्ड परीक्षा का आगाज हो गया है। परीक्षा 39 केंद्रों पर आयोजित की जा रही है, जिनमें से 3 केंद्रों को संवेदनशील के रूप में चिह्नित किया गया है। परीक्षा में नकल और अनियमितताओं को रोकने के लिए 7 उड़नदस्ते तैनात किए गए हैं। इस वर्ष कुल 4,983 छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल हो रहे हैं, जिनमें 4,392 नियमित और 591 प्राइवेट परीक्षार्थी हैं। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, जिससे परीक्षा शांतिपूर्ण और निष्पक्ष रूप से संचालित हो सके। प्रशासन की ओर से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसी भी तरह की गड़बड़ी न हो और परीक्षार्थियों को स्वच्छ परीक्षा माहौल मिले। recent visitors 35

इंदौर में लगा गंजों का मेला… बाल उगाने की गारंटी देने वाले से तेल लगवाने जुटे हजारों

इंदौर बाल झड़ने की समस्या और गंजेपन से जूझ रहे हजारों लोग इंदौर में एक साथ इकट्ठे हुए तो हर कोई हैरान रह गया. पता चला कि बिना बाल वालों की भीड़ 'जादुई तेल' के लिए लगी हुई. यह तेल दिल्ली से लगाने के लिए सलमान भाई आए हैं. दावा किया गया कि तेल से बाल उग आते हैं. लेकिन सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही सलमान भाई मौके से भाग निकले. इंदौर के डाकाचाइया इलाके में जादुई तेल लगवाने आए जवान, अधेड़ और बूढ़े लोगों को इतनी बड़ी संख्या में देख हर कोई अचंभित रह गया. दिल्ली से सलमान भाई के आने की खबर सुनकर सुबह 6 बजे से ही तेल लगवाने के लिए हजारों बिना बाल वाले लोग लाइन लगाकर खड़े हुए थे.  मौके पर इतनी भीड़ हो गई थी कि पुलिस को व्यवस्था संभालने के लिए तैनात करना पड़ा. दरअसल, खुद को दिल्ली निवासी बताने वाला सलमान भाई नाम का शख्स एक खास तेल और दवा लगाकर गंजेपन को दूर करने का दावा करता है. बालों की कमी से परेशान लोग सुबह से लेकर रात तक इस तेल को लगवाने के लिए मशक्कत करते हुए नजर आए. एक साथ इतनी बड़ी संख्या में गंजे लोगों को देखकर स्थानीय लोग हंसी नहीं रोक पाए, क्योंकि यह दृश्य कुछ खास था. इंदौर के अलग-अलग हिस्सों से आए लोग इस तेल का इस्तेमाल करने के लिए घंटों लंबी लाइन में खड़े रहे. हालांकि, यह पूरी घटना इंदौर में एक मजेदार दृश्य पैदा कर गई, जहां लोग अपनी परेशानी से जादुई तरीके से निजात पाने के लिए इंतजार कर रहे थे. इस मेला ने इलाके में अनोखा माहौल बना दिया. हंसी-मजाक के बीच लोग अपने बाल वापस पाने की उम्मीद में दिन-भर अपनी अपनी बारी का इंतजार करते रहे. इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ. हालांकि, वीडियो वायरल होने के बाद सलमान मौके से निकला. लेकिन कुछ लोगों ने सलमान के सहयोगी रईस अहमद को पकड़ लिया. दावा किया जा रहा है कि यूपी के मेरठ में भी इसी सलमान ने 20 रुपये की दवा और 300 रुपये का तेल देकर तमाम लोगों से बाल उगाने का वादा किया. अब इंदौर के लोगों से भी वादा करके गया है कि वह दोबारा आएगा और तेल लगाकर जाएगा. 'आजतक' इस तरह के किसी भ्रामक उत्पाद का समर्थन नहीं करता है. पाठकों को सलाह है कि बिना डॉक्टर की सलाह के किसी ऐसे उत्पाद का इस्तेमाल न करें.   recent visitors 44

ऊर्जा मंत्री ने संगम के पवित्र जल को लोगों के घरों तक पहुंचाने की बीड़ा उठाया

ग्वालियर  ग्वालियर विधानसभा क्षेत्र से भी हजारों की संख्या में श्रद्धालु कुंभ स्नान कर पुण्य अर्जित कर चुके हैं और बहुत से श्रद्धालु ऐसे है, जो किसी कारणवश इस महाकुंभ में श्रद्धा की डुबकी लगाने से वंचित हैं। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने खासतौर पर बुजुर्ग और दिव्यांगों के लिए अनूठी पहल की है। ऊर्जा मंत्री ने संगम के पवित्र जल को लोगों के घरों तक पहुंचाने की बीड़ा उठाया है। उन्होंने पवित्र जल को टैंकर के जरिए मंगाया गया है। गंगा की पवित्र त्रिवेणी का पवित्र जल घर-घर पहुंचाया जाएगा। त्रिवेणी का पवित्र जल प्रयागराज से विधिवत पूजा अर्चना के बाद ग्वालियर के लिए रवाना किया गया है। तोमर ने बताया कि वह खुद और उनकी पार्टी के कार्यकर्ता इस पवित्र गंगाजल को ढाई सौ मिलीलीटर मात्रा में लोगों को उनके घरों तक पहुंचाएंगे। ट्रेनों में महाकुंभ के अंतिम स्नान की भीड़, यात्रियों से खचाखच भरे कोच     इस बीच, ग्वालियर से ही खबर है कि महाशिवरात्रि पर महाकुंभ में डुबकी लगाने के लिए अब ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ लगातार बढ़ रही है। सोमवार को भी स्टेशन पर कुंभ जाने वाले यात्रियों का जमावड़ा नजर आया।     रेलवे ने दो स्पेशल ट्रेनों का संचालन कर इन यात्रियों को रवाना किया। ट्रेन के हर कोच यात्रियों की भीड़ से खचाखच भरे हुए थे। इस दौरान आरपीएफ के जवानों ने होल्डिंग एरिया बनाकर लाइन में यात्रियों को प्लेटफार्म पर प्रवेश दिया।     इसके अलावा कई यात्री ग्वालियर से झांसी के लिए रवाना हुए, क्योंकि झांसी से ज्यादा स्पेशल ट्रेनें प्रयागराज के लिए जा रही हैं। महाकुंभ के अंतिम शाही स्नान में केवल दो दिन शेष हैं। महाशिवरात्रि के स्नान के साथ ही कुंभ का समापन हो जाएगा।     ट्रेनों के स्लीपर से लेकर एसी कोच तक फुल नजर आ रहे हैं। श्रद्धालुओं की संख्या में कोई कमी नहीं आ रही है। ग्वालियर से झांसी जाने वाली कई ट्रेनों में तो यात्रियों की खासी भीड़ देखने को मिली। स्लीपर और जनरल कोच में यात्री खचाखच भरे हुए थे।     भीड़ के चलते लोगों को टॉयलेट में खड़े होकर यात्रा करने को मजबूर होना पड़ा, क्योंकि ग्वालियर से रेलवे ने सिर्फ दो स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया है। झेलम एक्सप्रेस रही रद, आज पुणे से नहीं आएगी महाकुंभ की विशेष ट्रेनों के कारण लंबी दूरी की ट्रेनों का संचालन खासा प्रभावित हो रहा है। सोमवार को जम्मू से पुणे जाने वाली झेलम एक्सप्रेस को रेलवे ने रद कर दिया। वहीं मंगलवार को पुणे से जम्मूतवी जाने वाली झेलम एक्सप्रेस भी रद रहेगी। उधर बुंदेलखंड एक्सप्रेस भी घंटों की देरी से चल रही है। जिस ट्रेन को रात में ग्वालियर से प्रयागराज होते हुए बनारस के लिए रवाना होना है, वह ट्रेन अगले दिन सुबह जा पा रही है। recent visitors 65

यूक्रेन को लेकर ट्रंप और मैक्रों के मतभेद साफ नजर आए, इस पर मैक्रों ने डोनाल्ड ट्रंप को बीच में ही रोक दिया

फ्रांस फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने वाइट हाउस में डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की। इस दौरान उनकी कई मसलों पर बात हुई तो कुछ मामलों में साफ तौर पर असहमति भी दिखी। खासतौर पर यूक्रेन को लेकर ट्रंप और मैक्रों के मतभेद साफ नजर आए। डोनाल्ड ट्रंप ने इस दौरान मीडिया से बात करते हुए कहा कि यूरोपीय देशों ने यूक्रेन को सैन्य सहायता दी थी और अब वे उसके बदले में पैसा वापस ले रहे हैं। इस पर मैक्रों ने डोनाल्ड ट्रंप को बीच में ही रोक दिया। उन्होंने कहा, 'मैं आपको करेक्ट करता हूं। यूरोप ने यूक्रेन को पैसा दिया था और अब वह उसे ही वापस ले रहा है।' मैक्रों के बीच में टोकने और करेक्ट करने के दौरान डोनाल्ड ट्रंप चुप रहे और हामी भरते हे। उनके चेहरे के हावभाव देखने लायक थे और इसी के चलते वाकये का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मैक्रों ने इस दौरान डोनाल्ड ट्रंप की बांह पकड़ ली। उन्होंने कहा, 'स्पष्ट रूप से कहें तो हमने कुल खर्च का 60 फीसदी हिस्सा लगाया। यह लोन, गारंटी के तौर पर था। यूरोप में हमारे पास 230 अरब डॉलर की रूस की एसेट्स हैं, जिन्हें फ्रीज किया गया है। लेकिन यह लोन के एवज में नहीं है। यह रूसी संपत्ति है और हमसे उसका कोई ताल्लुक नहीं है। इसलिए फ्रीज है।' मैक्रों ने कहा कि यह रूस की जिम्मेदारी है कि वह यूक्रेन को मिली मदद की रकम वापस करे। हमारी जब अंत में रूस से बात होगी तो हम कहेंगे कि वह लोन की रकम वापस करें। रूस को यह रकम लौटानी ही होगी। ट्रंप ने इस पर जवाब देते हुए कहा कि यदि आप ऐसा कहते हैं तो सही है। लेकिन मेरी चिंता यह है कि उन देशों को उनका पैसा तो वापस मिल रहा है, लेकिन हमें अपनी पूंजी नहीं मिल रही। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन फिलहाल यूक्रेन के साथ कुछ मिनरल्स को लेकर रेवेन्यू शेयरिंग अग्रीमेंट कर रहा है। इसके तहत यूक्रेन की कोशिश है कि बाइडेन प्रशासन के दौर में यूक्रेन को दी गई मदद का कुछ हिस्सा रिकवर किया जा सके। यह रकम अमेरिकी प्रशासन ने रूस के खिलाफ जंग में हथियार खरीदने के लिए दी थी। ट्रंप का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि यूक्रेन के साथ मिनरल्स को लेकर एक समझौता हो सकेगा। इसके तहत 180 अरब डॉलर की मदद जो अमेरिका ने की थी, उसका कुछ हिस्सा रिकवर हो सकेगा। ऐसा लगता है कि हम उस डील के बेहद करीब पहुंच गए हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा कि अमेरिका के साथ हम अग्रीमेंट के करीब हैं। recent visitors 64

चैंपियंस ट्रॉफी से बाहर पाक क्रिकेट टीम माली हालत के लिए हेड कोच समेत सपोर्ट स्टाफ पर गाज गिरने वाली है

नई दिल्ली पाकिस्तान की क्रिकेट टीम के खेल में गिरावट काफी समय में चली आ रही है। पिछले तीन आईसीसी टूर्नामेंट में पाकिस्तान की टीम नॉकआउट स्टेज से बाहर हो गई है। ताजा मामला चैंपियंस ट्रॉफी 2024 का है, जिसकी मेजबानी खुद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के पास थी। पाकिस्तान की टीम इस आईसीसी टूर्नामेंट के शुरू होने के 128 घंटे बाद टूर्नामेंट से बाहर हो गई। ऐसे में किसी ना किसी पर इस हार का ठीकरा फूटना ही था। यही कारण है कि अब रिपोर्ट्स आ रही हैं कि पाकिस्तान क्रिकेट टीम की इस माली हालत के लिए हेड कोच समेत सपोर्ट स्टाफ पर गाज गिरने वाली है। पीसीबी के शीर्ष अधिकारी अंतरिम मुख्य कोच आकिब जावेद और कोचिंग स्टाफ के अन्य सदस्यों को बाहर का रास्ता दिखाने के लिए तैयार हैं। चैंपियंस ट्रॉफी के ग्रुप ए में पाकिस्तान के साथ इंडिया, बांग्लादेश और न्यूजीलैंड की टीम थी। पाकिस्तान को न्यूजीलैंड और भारत से हार मिली थी। इसके बाद न्यूजीलैंड ने बांग्लादेश को हरा दिया तो फिर पाकिस्तान और बांग्लादेश दोनों के टॉप 4 में पहुंचने के सारे रास्ते बंद हो गए। पाकिस्तान को भारत से मिली हार के बाद टीम के पूर्व क्रिकेटरों ने मौजूदा टीम की जमकर आलोचना की थी। समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, चैंपियंस ट्रॉफी के बाद आकिब जावेद को अंतरिम मुख्य कोच के पद से मुक्त कर दिया जाएगा। पीटीआई से बातचीत में सूत्र ने कहा, "जाहिर है, चैंपियंस ट्रॉफी में टीम के प्रदर्शन को लेकर आलोचना हो रही है। बोर्ड ने अभी तक यह तय नहीं किया है कि टीम के पास अलग-अलग मुख्य कोच (लाल और सफेद गेंद वाली टीमों के लिए) होंगे या नहीं, लेकिन एक बात तय है: चैंपियंस ट्रॉफी में खराब प्रदर्शन के बाद अब मौजूदा सपोर्ट स्टाफ में बदलाव किया जाएगा, लेकिन जिस तरह से बोर्ड पिछले साल से कोच और चयनकर्ता बदल रहा है, इन पदों के लिए अन्य उम्मीदवारों को ढूंढना एक चुनौती होगी।" कोच के लिए पूर्व खिलाड़ियों की तलाश में पीसीबी पीसीबी अब मुख्य कोच की नौकरी के लिए पूर्व खिलाड़ियों की तलाश कर रहा है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड यानी पीसीबी के अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने गैरी कर्स्टन के इस्तीफे के बाद आकिब जावेद को व्हाइट-बॉल टीम के लिए अंतरिम मुख्य कोच नियुक्त किया था। यहां तक कि जेसन गिलेस्पी के रेड-बॉल कोच के पद से इस्तीफा देने के बाद आकिब को ही टेस्ट टीम की कमान दी गई थी। हालांकि, आकिब की कोचिंग में टीम अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई है। सूत्र ने कहा, "कर्स्टन और गिलेस्पी के इस्तीफे के बाद पीसीबी को विदेशी कोचों के लिए कोई विकल्प नहीं मिलेगा, इसलिए संभवत: पीसीबी इस पद के लिए पूर्व खिलाड़ियों पर विचार करेगा।" recent visitors 75

मंत्रियों के कहने पर किसी भ्रष्ट निजी सहायकों और विशेष कार्य अधिकारी की नियुक्तियों को मंजूरी नहीं देंगे: फडणवीस

मुंबई महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक बड़ा फैसला लेते हुए साफ कर दिया है कि वह मंत्रियों के कहने पर किसी भ्रष्ट निजी सहायकों (पीएस) और विशेष कार्य अधिकारी की नियुक्तियों को मंजूरी नहीं देंगे। कृषि मंत्री और अजित पवार गुट के वरिष्ठ नेता माणिकराव कोकाटे के बयान पर पलटवार करते हुए फडणवीस ने कहा कि चाहे कोई नाराज हो, लेकिन जिन अफसरों पर भ्रष्टाचार या गलत कामों के आरोप हैं, उन्हें वह अपनी मंजूरी नहीं देंगे। फडणवीस का साफ संदेश गौरतलब है कि माणिकराव कोकाटे ने सोमवार को एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि अब मंत्रियों के पीए और ओएसडी की नियुक्ति भी मुख्यमंत्री तय कर रहे हैं, जिससे उनके पास खुद के फैसले लेने की गुंजाइश नहीं बची है। इस बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी। इसके जवाब में फडणवीस ने कहा, "राज्य में मंत्रियों के पीए और विशेष कार्य अधिकारियों की नियुक्ति का अधिकार मुख्यमंत्री के पास होता है। कोकाटे साहब को शायद यह जानकारी नहीं है कि यह कोई नई परंपरा नहीं है। मैंने कैबिनेट बैठक में स्पष्ट किया था कि मंत्री अपने सुझाव भेज सकते हैं, लेकिन अगर उन पर गलत कामों का ठप्पा लगा है, तो मैं मंजूरी नहीं दूंगा।" सीएम फडणवीस ने बताया कि मंत्रियों की ओर से कुल 125 नाम भेजे गए थे, जिनमें से 109 को हरी झंडी दी गई, लेकिन जिन पर संदेह था, उन्हें मंजूरी नहीं दी गई। उन्होंने साफ कहा, "मैंने बाकी नामों को क्लीयर नहीं किया क्योंकि उन पर आरोप हैं और कुछ मामलों में जांच भी चल रही है। चाहे कोई नाराज हो या खुश, मैं ऐसे नामों को पास नहीं करूंगा।" साहित्य सम्मेलन पर भी बोले फडणवीस इस बीच, महाराष्ट्र विधान परिषद की उपाध्यक्ष और शिंदे गुट की शिवसेना नेता नीलम गोऱ्हे द्वारा उद्धव ठाकरे पर की गई टिप्पणी और फिर संजय राऊत के पलटवार से राजनीति गरमा गई। इस पर मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि ऐसे राजनीतिक बयानों से बचना चाहिए। उन्होंने कहा, "साहित्य सम्मेलन में भी नफरत झलक रही है। वहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर उद्धव ठाकरे तक पर कटाक्ष किए गए। लेकिन क्या ऐसे मंच का इस्तेमाल राजनीति के लिए करना सही है?" फडणवीस ने यह भी कहा कि साहित्य मंचों पर सभी को संयम बरतना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि अगर राजनीतिक नेता साहित्य सम्मेलनों में जाते हैं, तो उन्हें अपनी राजनीतिक बयानबाजी पर भी रोक लगानी चाहिए। इस बीच, राज्य के मुख्यमंत्री ने किसानों के लिए राहत की घोषणा करते हुए बताया कि केंद्र सरकार की किसान संमान निधि योजना के तहत अब राज्य सरकार अपनी तरफ से 6,000 रुपये की जगह 9,000 रुपये देगी। इससे किसानों को कुल 15,000 रुपये सालाना मिलेंगे, जिससे उनकी आर्थिक मदद हो सकेगी। recent visitors 80