प्रदेश के सरकारी कॉलेजों में अधिकारियों, कर्मचारियों और अतिथि विद्वानों की उपस्थिति सार्थक एप से दर्ज करना अनिवार्य

 भोपाल  प्रदेश के सरकारी कालेजों में कार्यरत अधिकारी, कर्मचारी और अतिथि विद्वानों की सार्थक एप से उपस्थिति पिछले साल जुलाई से ही अनिवार्य की गई है। इसके बावजूद उपस्थिति आनलाइन दर्ज नहीं हो रही है। हालांकि उच्च शिक्षा विभाग आनलाइन उपस्थिति के लिए लगातार कवायद कर रहा है। 60 फीसद उपस्थिति अभी भी सिर्फ 60 फीसद उपस्थिति एप के माध्यम से लगाई जा रही है। इसे देखते हुए उच्च शिक्षा विभाग ने फिर से सभी क्षेत्रीय संचालकों को पत्र जारी करते हुए निर्देश दिए हैं कि एक मार्च से सबकी उपस्थिति सार्थक एप से ही मान्य की जाएगी। वेतन का भुगतान रोक दिया जाएगा इसमें गैरहाजिर होने पर वेतन का भुगतान रोक दिया जाएगा। साथ ही कार्रवाई भी की जाएगी। आदेशित में यह भी कहा गया है कि कालेजों के सभी अधिकारी/कर्मचारी/अतिथि विद्वान/आउटसोर्स एवं अन्य सभी की एक सूची बनाएं। सूची के अनुसार अधिकारी व कर्मचारी के लिए लागिन उनका ट्रेजरी एम्प्लाय कोड ही होना चाहिए। वहीं अतिथि विद्वानों के लिए लागिन आइडी उनका मोबाइल नंबर ही होना चाहिए। प्रदेश के सभी अतिरिक्त संचालकों को इस कार्य को पूर्ण करने के लिए 28 फरवरी तक का समय दिया गया है। एक मार्च से सभी की उपस्थिति सार्थक एप के माध्यम से की जाएगी। recent visitors 63

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग ने किया दावा- कोहली से बेहतर खिलाड़ी मैंने वनडे क्रिकेट में नहीं देखा

नई दिल्ली पाकिस्तान के खिलाफ चैंपियंस ट्रॉफी 2025 मैच में भारत के लिए विराट कोहली सबसे बड़े हीरो रहे। उन्होंने दमदार शतक जड़कर एक दबाव भरे मैच में टीम इंडिया को जीत दिलाई। विराट के बल्ले से 51वां वनडे इंटरनेशनल शतक निकला। इस पारी को देखकर ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग भी हैरान रह गए और उन्होंने विराट की जमकर तारीफ की। रिकी पोंटिंग ने यहां तक कह दिया है कि इस फॉर्मेट में उनसे बेहतर कोई भी खिलाड़ी नहीं है। आईसीसी रिव्यू में रिकी पोंटिंग ने महत्वपूर्ण क्षणों में आगे आकर खेलने की कोहली की क्षमता और इस दौरान ढेर सारे रिकॉर्ड तोड़ने की उनकी सराहना की। आईसीसी हॉल ऑफ फेम हासिल कर चुके पोंटिंग ने कहा, "मैंने हमेशा कहा है कि बड़े मैच बड़े नामों के बराबर होते हैं। आपको उन बड़े मौकों पर अपने बड़े नामों को खड़ा करने की जरूरत होती है और भारत के लिए पाकिस्तान के खिलाफ मैच से बड़ा कोई मैच नहीं हो सकता। आपकी प्रतिष्ठा अंतरराष्ट्रीय मंच पर सबसे बड़ी प्रतियोगिताओं में आपके प्रदर्शन से बनती है। इसलिए मेरे लिए यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि ऐसा हुआ है।" विराट को लेकर ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज ने कहा, "हां, जैसा कि आप कहते हैं, 2022 और अब, वह उस टीम के खिलाफ खड़ा हुआ जिसके खिलाफ खेलने के लिए वह शायद खुद को सबसे अधिक तैयार करेगा और कल रात से बड़ा कोई पल नहीं था, जब पाकिस्तान ने मुश्किल विकेट पर पहले बल्लेबाजी की थी। उस तरह की मैच जीतने वाली पारी खेलने के लिए शीर्ष क्रम में किसी की जरूरत थी और एक बार फिर कोहली ने इस काम को पूरा किया।" मैच को लेकर पोंटिंग बोले, "आप दोनों टीमों का स्कोरकार्ड देखें, एक में विराट ने शतक बनाया और दूसरे में कई पाकिस्तानी खिलाड़ियों ने शुरुआत हासिल की, लेकिन बड़ा स्कोर नहीं बनाया। मैंने हमेशा कहा है कि खेल के किसी भी प्रारूप में, अर्धशतक से आप या आपकी टीम को कुछ नहीं मिलता। आपको बड़े स्कोर बनाने होते हैं। इस मैच में पाकिस्तान के लिए व्यक्तिगत बड़े स्कोर भी नहीं थे और ना ही बड़ी साझेदारियां थीं।" इस मैच के दौरान विराट कोहली ने सबसे तेज वनडे में 14000 रन बनाने का विश्व रिकॉर्ड भी तोड़ा और इंटरनेशनल क्रिकेट में रनों के मामले में रिकी पोंटिंग को भी पीछे छोड़ा। इस पर पोंटिंग ने कहा, "वह स्पष्ट रूप से लंबे समय से चैंपियन खिलाड़ी रहे हैं और विशेष रूप से सफेद गेंद के प्रारूपों में, जहां वह अविश्वसनीय रूप से अच्छे 50 ओवर के खिलाड़ी रहे हैं। मुझे नहीं लगता कि मैंने विराट कोहली से बेहतर इस फॉर्मेट में कोई खिलाड़ी कभी देखा है। अब जब वह मुझसे आगे निकल गए हैं और उनसे केवल दो ही बल्लेबाज आगे हैं तो मुझे यकीन है कि वह खेल में सर्वकालिक अग्रणी रन स्कोरर के रूप में याद किए जाने का खुद को सर्वश्रेष्ठ मौका देना चाहेंगे।" recent visitors 66

छात्रों ने 150 प्रोफेसर्स को बनाया बंधक, होलकर साइंस कॉलेज में बवाल

इंदौर इंदौर के होलकर साइंस कॉलेज में सोमवार को छात्र नेताओं ने बड़ा हंगामा किया। उन्होंने प्रिंसिपल समेत 150 से अधिक प्रोफेसर्स को 30 मिनट तक बंधक बना लिया। सभी को हॉल में बंद कर बाहर से लकड़ी अड़ा दी, ताकि कोई बाहर न आ सके। इतना ही नहीं, उन्होंने मेन स्विच ऑफ कर पूरे परिसर की बिजली भी बंद कर दी।   दरअसल, यह विवाद तब शुरू हुआ जब छात्र नेताओं ने कॉलेज परिसर में एक निजी कोचिंग द्वारा प्रायोजित होली मिलन समारोह के पोस्टर लगाए। प्रिंसिपल डॉ. अनामिका जैन ने बिना अनुमति के पोस्टर लगाए जाने की वजह से उन्हें हटवा दिया। इससे नाराज छात्र नेताओं ने प्रोफेसर्स को यशवंत हॉल में बंद कर दिया और गेट के बाहर नारेबाजी करने लगे। एक कर्मचारी किसी तरह हॉल की खिड़की से बाहर निकला और गेट खोलकर सभी को बाहर निकाला। इसके बाद प्रिंसिपल डॉ. अनामिका जैन ने कलेक्टर से मुलाकात की और पूरी घटना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सुरक्षा कारणों से इस आयोजन को मंजूरी नहीं दी गई थी। बिना अनुमति लगे पोस्टर हटवाने पर छात्र नेताओं ने बवाल खड़ा कर दिया। इस आयोजन को किसी "शर्मा कोचिंग" द्वारा स्पॉन्सर किया गया था।   प्राचार्य कक्ष में भी हुआ हंगामा कुछ दिन पहले कुछ छात्र नेता और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं ने 7 मार्च को कॉलेज मैदान में होली सेलिब्रेशन की अनुमति मांगी थी। हालांकि, सोमवार को पूरे परिसर में शर्मा कोचिंग के सहयोग से इस आयोजन के पोस्टर लगा दिए गए थे। कॉलेज प्रशासन ने इन्हें हटवाया, तो छात्र नेताओं ने विरोध शुरू कर दिया। प्रिंसिपल डॉ. अनामिका जैन उस समय फैकल्टी की मीटिंग के लिए यशवंत हॉल में थीं। छात्र नेता वहां भी पहुंच गए और नारेबाजी शुरू कर दी। स्थिति बिगड़ती देख प्रिंसिपल ने हॉल के दरवाजे अंदर से बंद करवा दिए, लेकिन गुस्साए छात्र नेताओं ने बाहर से दरवाजा बंद कर दिया। इसके बाद उन्होंने प्राचार्य कक्ष में भी जमकर हंगामा किया।   छात्र नेताओं का दावा- मिली थी अनुमति   एबीवीपी से जुड़े छात्र नेता रितेश पटेल ने मीडिया से कहा कि उन्होंने होली मिलन समारोह के लिए कॉलेज प्रशासन से अनुमति ली थी। अनुमति मिलने के बाद ही उन्होंने पोस्टर लगाए थे। जब प्रिंसिपल ने पोस्टर हटवा दिए और इसका कारण पूछा गया, तो वह कोई जवाब देने के बजाय सीधे मीटिंग में चली गईं। इस घटना के बाद कॉलेज प्रशासन में हड़कंप मच गया। कॉलेज प्रबंधन ने इस मामले में कलेक्टर से शिकायत कर दी है और आगे की कार्रवाई पर विचार किया जा रहा है। recent visitors 46

सपा के पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम खान को कोर्ट से मिली राहत, आजम खान को बड़ी राहत

हरदोई धोखाधड़ी के केस में हरदोई जेल में बंद आजम खान के बेटे और सपा के पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम खान मंगलवार को करीब 17 महीने बाद रिहा हो गए। कोर्ट से उनकी जमानत मंजूर होने के बाद सोमवार को रिहाई का परवाना जेल प्रशासन के लिए भेज दिया गया था। दो जन्म प्रमाण पत्र के मामले में कोर्ट द्वारा अक्तूबर 2023 में सात साल की सजा सुनाए जाने के बाद से सपा के पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम को न्यायिक अभिरक्षा में लेते हुए रामपुर जिला जेल भेज दिया था। उनके साथ ही उनके पिता आजम खान और मां तजीन फात्मा को भी जेल भेज दिया गया था। सुरक्षा कारणों से आजम खान को सीतापुर, अब्दुल्ला आजम को हरदोई जेल शिफ्ट किया गया था। तब से आजम और अब्दुल्ला जेल में ही हैं। हालांकि, तजीन फात्मा जमानत पर रिहा हैं। अब अब्दुल्ला भी सलाखों से बाहर आ गए हैं। अब्दुल्ला के अधिवक्ता नासिर सुल्तान ने बताया कि अदालत ने चंद रोज पहले जमानत मंजूर कर दी थी लेकिन,जमानतियों का सत्यापन आदि की औपचारिताएं पूरी होने के बाद सोमवार को रिहाई परवाना जारी हो गया। आज उनकी रिहाई हो गई है। उनकी रिहाई की सूचना से समर्थकों में खुशी की लहर है। बिना न्यायालय की अनुमति के अब्दुल्ला आजम देश नहीं छोड़ेंगे हरदोई जेल में बंद सपा के पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम भले ही मंगलवार को सलाखों से बाहर आ जा गए लेकिन, जिन शर्तों पर उनकी जमानत अर्जी अदालत ने मंजूर की है, उनके अनुसार वह जमानत अवधि में देश नहीं छोड़ सकेंगे। मालूम हो कि पूर्व में शत्रु संपत्ति को खुर्द-बुर्द करने के आरोप से घिरे सपा नेता आजम खान व अब्दुल्ला आजम को रामपुर पुलिस ने क्लीन चिट दे दी थी। जिस पर यह मामला शासन तक पहुंचा था। जिसके बाद इस मामले में शासन ने दोबारा विवेचना के आदेश दिए गए थे। एसपी ने इस मामले की विवेचना अपराध शाखा के इंस्पेक्टर नवाब सिंह को सौंपी थी। नवाब सिंह इस वक्त रामपुर में शहर कोतवाल हैं। इस मामले में बीते मंगलवार को एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने अब्दुल्ला आजम की जमानत अर्जी मंजूर की थी। लेकिन, कोर्ट ने अपने आदेश में चार शर्तें भी लगाई हैं। कोर्ट ने कहा है कि बिना न्यायालय की अनुमति के अब्दुल्ला आजम देश नहीं छोड़ेंगे, प्रत्येक तिथि पर न्यायालय में हाजिर होंगे और गवाहों से छेड़छाड़ नहीं करेंगे एवं विचारण में पूरा सहयोग करेंगे। recent visitors 61

मुश्किलों में घिरी पाकिस्तान टीम, अब स्पॉन्सर जुटाना भी पीसीबी के लिए चुनौती बन सकता है

कराची पाकिस्तान क्रिकेट एक बार फिर मुश्किल में है। चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में अपनी मेजबानी में पाकिस्तान ने खराब प्रदर्शन किया है। इसके बाद राष्ट्रीय टीम के लिए स्पॉन्सर जुटाना भी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड यानी पीसीबी के लिए चुनौती बन सकता है। पारंपरिक प्रतिद्वंद्वी भारत ने रविवार 23 फरवरी को दुबई में खेले गए मैच में पाकिस्तान को छह विकेट से हरा दिया था। इसके बाद मेजबान टीम टूर्नामेंट से बाहर होने की कगार पर पहुंच गई थी। अगले दिन न्यूजीलैंड ने जीत दर्ज की और इससे आधिकारिक तौर पर पाकिस्तान का चैंपियंस ट्रॉफी 2025 से सफर समाप्त हो गया। भारत से हारने से एक दिन पहले ऑस्ट्रेलिया-इंग्लैंड मैच के लिए गद्दाफी स्टेडियम में लोगों की शानदार भीड़ को देखकर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के अधिकारी आत्मविश्वास से भरे हुए थे। बोर्ड के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘लोगों की प्रतिक्रिया और पाकिस्तान से इतर मैच का आनंद लेते देखना एक उत्साहवर्धक अनुभव था, लेकिन अब चुनौती यह सुनिश्चित करना है कि पाकिस्तान में बचे हुए मैचों के लिए दर्शकों की भीड़ आती रहे, क्योंकि हम 29 साल बाद इतने बड़े टूर्नामेंट की मेजबानी कर रहे हैं।" 1996 के विश्व कप के बाद पाकिस्तान में आठ टीमों की चैंपियंस ट्रॉफी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) का पहला टूर्नामेंट है और उम्मीद थी कि घरेलू टीम अच्छा प्रदर्शन करेगी। हालांकि, सोमवार को न्यूजीलैंड की जीत का मतलब है कि बांग्लादेश और पाकिस्तान दोनों ही टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं। वहीं, न्यूजीलैंड और भारत ने ग्रुप ए से सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है। उधर, बोर्ड के वाणिज्यिक इकाई के एक विश्वसनीय सूत्र ने कहा कि अगर पाकिस्तान सेमीफाइनल में नहीं भी खेलता है तो भी पीसीबी को वित्तीय रूप से कोई बड़ा झटका नहीं लगेगा, क्योंकि केवल गेट पर्ची और मैदान की आय के अन्य स्रोत ही प्रभावित होंगे। इसके अलावा संकटग्रस्त टीम की ‘ब्रांड वैल्यू’ पर असर पड़ने वाला है। उन्होंने कहा, ‘‘हमें मेजबानी शुल्क, टिकट बिक्री सहित आईसीसी राजस्व में हमारा हिस्सा मिलने की गारंटी है, लेकिन अन्य मुद्दे भी हैं जैसे कि लोगों का इस बड़े टूर्नामेंट में रुचि खत्म होना और प्रसारणकर्ता द्वारा आधे भरे हुए स्टेडियम दिखाना आदि। और सबसे बड़ी चिंता यह है कि यहां क्रिकेट के प्रति दीवानगी के बावजूद भविष्य में पाकिस्तान क्रिकेट को एक ब्रांड के रूप में बेचना आसान नहीं होगा। ’’ recent visitors 69

पीलीभीत में जाली नोटों का कारोबार करने वाले चार अपराधी गिरफ्तार, पुलिस ने बरामद की 2.90 लाख की नकली करंसी

पीलीभीत उत्तर प्रदेश के पीलीभीत की बरखेड़ा थाना पुलिस ने नकली नोट का कारोबार करने वाले चार इंटरस्टेट धंधेबाजों को गिरफ्तार किया है. इनके कब्जे से 2.90 लाख रुपये की नकली भारतीय करेंसी और इसे बनाने की मशीन बरामद हुई है. पुलिस द्वारा पकड़े गए चारों आरोपी शाहजहांपुर, बरेली, और बदायूं के रहने वाले हैं. अपर पुलिस अधीक्षक विक्रम दहिया ने जानकारी देते हुए बताया कि मुखबिर की सूचना पर इन्हें पकड़ा गया है पूछताछ में इन्होंने बताया कि यूट्यूब के जरिए इन्होंने नोट बनाना सीखा था. नकली नोट बनाकर यह ग्रामीण क्षेत्रों में भोले भाले लोगों को दे दिया करते थे. पकड़े गए आरोपियों में से 2 लोग शाहजहांपुर जनपद के है जिनके नाम रिजवान व अब्दुल सत्तार है. तो वही खलील अहमद बदायूं का रहने वाला है. चौथा आरोपी फरियाद बरेली का रहने वाला है. पुलिस का कहना है कि रिमांड लेकर इनसे पूछताछ की जाएगी इन्होंने अभी तक एक करोड़ के नकली नोट छापने की बात कबूली है. पीलीभीत  के अपर पुलिस अधीक्षक विक्रम दहिया  ने बताया कि नकली नोट छापने वाले गैंग का आज भंडाफोड़ हुआ है. सभी पकड़े गए आरोपी जेल जा रहे है,ये लोग अब तक 1 करोड़ रुपये के नकली नोट छाप चुके है.     recent visitors 87

नजमुल हुसैन शांतो ने कहा- हम वनडे क्रिकेट में रेग्युलर 300 रन नहीं बना रहे, खोला बांग्लादेश की टीम का कच्चा-चिट्ठा

नई दिल्ली बांग्लादेश की टीम आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 से एलिमिनेट हो गई है। बांग्लादेश को पहले इंडिया और अब न्यूजीलैंड से हार का सामना करना पड़ा और इस तरह टीम टॉप 4 की रेस से बाहर हो गई। टीम के कप्तान नजमुल हुसैन शांतो ने हार का कारण बताया और उन्होंने अपनी टीम के बल्लेबाजों के साथ-साथ फील्डर्स पर भी गुस्सा जाहिर किया। नजमुल हुसैन शांतो ने कहा है कि हम वनडे क्रिकेट में रेग्युलर 300 रन नहीं बना रहे। न्यूजीलैंड के खिलाफ बांग्लादेश की टीम 236 रन बना सकी थी। न्यूजीलैंड ने 237 रनों के लक्ष्य को आसानी से हासिल कर लिया था। खराब शॉट सिलेक्शन, बहुत अधिक डॉट बॉल खेलना, स्पिनरों के खिलाफ योजना की कमी और गलत समय आउट होने के कारण रावलपिंडी में सपाट पिच पर भी बांग्लादेश के बल्लेबाजों का खराब प्रदर्शन रहा। कप्तान शांतो ने जरूर 110 गेंदों में 77 रन बनाए, जबकि जाकिर अली ने फिर से 45 रनों की पारी खेली। पोस्ट मैच प्रेस कॉन्फ्रेंस में नजमुल हुसैन शांतो ने कहा, "एक कप्तान के तौर पर यह सचमुच निराशाजनक है। मुझे लगता है कि बल्लेबाजी और फील्डिंग के मामले में हमें काफी सुधार करने की जरूरत है। मैंने कई बार कहा है कि बल्लेबाजी इकाई के तौर पर हमें काफी सुधार करने की जरूरत है, लेकिन हमने बार-बार वही गलतियां कीं। हमें अपनी बल्लेबाजी को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित करना होगा। मुझे उम्मीद है कि इस टूर्नामेंट के बाद, हम एक बल्लेबाजी इकाई के रूप में कुछ बदलाव करेंगे और अलग-अलग तरीकों के बारे में सोचेंगे और अपनी बल्लेबाजी को बेहतर बनाने की कोशिश करेंगे।" जब उनसे पूछा गया कि वे किस तरह के बदलावों की बात कर रहे हैं, तो शांतो ने जोर देकर कहा कि खिलाड़ियों में कोई बदलाव नहीं, बल्कि उनकी सोच और वर्किंग प्रोसेस में बदलाव होना चाहिए। उन्होंने कहा, "मेरा मतलब यह नहीं था कि खिलाड़ियों में बदलाव होगा। मुझे लगता है कि हमें अपनी थॉट प्रोसेस में बदलाव करने की जरूरत है। हमें बल्लेबाजी करते समय अधिक जिम्मेदारी लेने की जरूरत है, ताकि टीम के लिए अधिक योगदान दे सकें।" कप्तान शांतो ने आगे कहा, "दरअसल यह हमें ही करना है। अगर हम बहुत ज्यादा बदलाव करेंगे, तो बल्लेबाजों के लिए भी मुश्किल हो जाएगी। इसलिए हमें अपने पास मौजूद संसाधनों को मौके देने होंगे।" उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि वे ऐसी टीम नहीं हैं, जो हर दिन 300 से ज्यादा रन बना सकें। भारत में खेले गए 2023 वनडे विश्व कप के बाद से बांग्लादेश ने 24 फरवरी को खेले गए मैच को मिलाकर कुल 23 मैच खेले हैं और केवल एक बार ही 300 से ज्यादा का स्कोर बनाया है। वनडे में 300 रन बनाने के लिए जद्दोजहद कर रही बांग्लादेश की टीम को लेकर कप्तान ने कहा, "हम नियमित रूप से 300 रन नहीं बना पाते। यह सच्चाई है और हमें इसे स्वीकार करना होगा। हमें नियमित रूप से 300 रन बनाने की आदत डालनी होगी; कभी-कभार नहीं। इसलिए हमें नियमित रूप से अभ्यास करना होगा और अच्छी विकेटों पर मैच खेलना होगा, बड़ी टीमों के खिलाफ खेलना होगा और रन बनाने होंगे।" recent visitors 75