मोहन यादव ने कहा- भोपाल में निवेश के महाकुंभ ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में शहरी विकास के क्षेत्र पर विशेष फोकस

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि झीलों की नगरी भोपाल में निवेश के महाकुंभ ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में शहरी विकास के क्षेत्र पर विशेष फोकस किया जा रहा है। स्मार्ट सिटी, मजबूत बुनियादी ढांचा, निर्बाध विकास के चलते मध्यप्रदेश भारत के शहरी परिवर्तन में अग्रणी राज्य है, जो रणनीतिक निवेश, सतत विकास और अत्याधुनिक डिजिटल गवर्नेंस का संयोजन कर रहा है। प्रदेश में 72 हजार करोड़ रुपए की चल रही शहरी परियोजनाओं और 88 हजार करोड़ रुपए की आगे आने वाली परियोजनाओं के साथ राज्य तेजी से अपने बुनियादी ढांचे, आवास और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स का विस्तार कर रहा है। सात स्मार्ट सिटी, विश्व स्तरीय कनेक्टिविटी और प्रगतिशील शहरी नीतियों के साथ मध्यप्रदेश निवेशकों और डेवलपर्स के लिए बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदान करने की स्थिति में है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत 2047 के संकल्प को पूरा करने के लिये प्रदेश में शहरी विकास की योजनाओं में अधिक से अधिक निवेश को प्रोत्साहित करने का संकल्प लिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में नागरिकों को सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इन योजनाओं के जरिये रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। स्वच्छ भारत मिशन स्वच्छ भारत मिशन और स्मार्ट सिटी रैंकिंग में अग्रणी राज्य के रूप में मध्यप्रदेश भविष्य के लिए तैयार निवेश-अनुकूल शहर बन रहा है। बेहतर कनेक्टिविटी, पर्यावरण की दृष्टि से टिकाऊ और डिजिटल रूप से उन्नत प्रदेश के शहरों को अपनी अलग पहचान मिलेगी। प्रदेश में चाहे किफायती आवास हो, ग्रीनफील्ड शहर का विस्तार हो या मल्टीमॉडल परिवहन समाधान, मध्यप्रदेश दूरदर्शी शहरी विकास का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनने को तैयार है। प्रदेश में 7 स्मार्ट सिटी शहरी विकास में मध्यप्रदेश निवेशकों को आकर्षित कर रहा है, इसकी बड़ी वजह है 40 लाख से अधिक आबादी वाले शहर, 7 स्मार्ट सिटी और 72 हजार करोड़ रुपए की परियोजनाएं, साथ ही पाइपलाइन में 88 हजार करोड़ रुपए की परियोजनाएं। प्रदेश में 8.32 लाख घरों का निर्माण पूरा हुआ है, वहीं 50 हजार करोड़ रुपए से 10 लाख नए आवासों की योजना प्रस्तावित है। शहरी विकास के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रहे मध्यप्रदेश के शहरी क्षेत्रों में 80 प्रतिशत पाइप जलापूर्ति का लक्ष्य हासिल किया जा चुका है, जिसे वर्ष 2027 तक 100 प्रतिशत पूरा किया जाएगा। प्रदेश में 6000 किलोमीटर शहरी सड़कें गतिशीलता और बेहतर कनेक्टिविटी को बढ़ाती हैं। प्रदेश में वर्ष 2030 तक 100 प्रतिशत सीवर कवरेज कर लिया जाएगा। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला मध्यप्रदेश स्वच्छ भारत सर्वेक्षण 2023 में शीर्ष 2 राज्यों में रहा है। इंदौर ने लगातार सातवीं बार देश के सबसे स्वच्छ शहर होने का गौरव प्राप्त किया है। भोपाल देश की सबसे स्वच्छ राजधानी और सर्वेक्षण में पांचवें स्थान पर रहा है। मध्यप्रदेश शहरी विकास क्षेत्र में निवेशकों के लिए अद्वितीय अवसर प्रदान करता है। इसका प्रमुख कारण सभी के लिए आवास में 50 हजार करोड़ रुपए, आवश्यक सुविधाओं में 17,230 करोड़ रुपए, रियल एस्टेट के विकास में 32,400 करोड़ रुपए के निवेश पाइपलाइन में है। आकर्षक एमपी री-डेंसिफिकेशन पॉलिसी प्रदेश में एमपी री-डेंसिफिकेशन पॉलिसी 2022 और एमपी पुनर्विकास नीति 2022 आधुनिक बुनियादी ढांचे और पुनर्विकास को बढ़ावा देने के लिए तैयार की गयी है। एमपी टीडीआर नियम, 2018 भूमि उपयोग को अनुकूलित करता है और टिकाऊ शहरी विकास का समर्थन करता है। ईवी पॉलिसी 2025 बुनियादी ढांचा प्रोत्साहन के साथ इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को प्रोत्साहित करता है। ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) पॉलिसी 2019 ट्रांजिट हब के आसपास उच्च घनत्व वाले शहरी क्षेत्रों का विकास करता है। भविष्य के लिए तैयार बुनियादी ढांचा प्रदेश में निर्बाध परिवहन नेटवर्क है। इससे निवेशकों को हर तरह की सुविधा मिलेगी। प्रदेश में 5 लाख किलोमीटर सड़क नेटवर्क, 46 राष्ट्रीय राजमार्ग, 20 प्रमुख रेलवे जंक्शन और 6 क्रियाशील हवाई अड्डे हैं। उन्नत व्यापार और कनेक्टिविटी के लिए इंदौर और जबलपुर में आगामी मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क भी प्रस्तावित है। प्रदेश में ग्लोबल इंवेस्टर समिट, रिमोट सेंसिंग और एआई-आधारित गवर्नेंस के साथ एकीकृत नगर पालिका बुनियादी ढांचा उपलब्ध है। recent visitors 78

आज सीबीएसई की 10वीं और 12वीं की परीक्षा होगी शुरू, दिल्ली मेट्रो ने की बड़ी घोषणा, छात्रों को मिलेगी मदद

नई दिल्ली केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की दसवीं और बारहवीं कक्षा की परीक्षा आज से 4 अप्रैल, 2025 तक संचालित होंगी। इसको देखते हुए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने परीक्षा में बैठने वाले छात्रों के लिए सुगम और बिना किसी परेशानी की यात्रा सुनिश्चित करने के लिए कई उपाय किए हैं। डीएमआरसी के मुताबिक लगभग 3.30 लाख छात्र और हजारों स्कूल कर्मचारी इस दरम्यान मेट्रो से यात्रा करेंगे। डीएमआरसी ने सीआईएसएफ के साथ मिलकर परीक्षा के दिनों में बढ़ती भीड़ को प्रबंधित करने के लिए मेट्रो स्टेशनों पर विशेष सुविधा उपाय लागू करने जा रही है। मेट्रो स्टेशनों पर बोर्ड के परीक्षार्थियों के किए गए उपाय • मेट्रो स्टेशनों पर सुरक्षा जांच के दौरान सीबीएसई प्रवेश पत्र ले जाने वाले छात्रों को प्राथमिकता दी जाएगी। • टिकट ऑफिस मशीन (टीओएम) और कस्टमर केयर (सीसी) सेंटर पर टिकट खरीदते समय अपने प्रवेश पत्र दिखाने वाले छात्रों को भी प्राथमिकता दी जाएगी। • डीएमआरसी स्टाफ ने स्कूलों का दौरा किया, प्रिंसिपलों के साथ बातचीत की और उन्हें निकटतम मेट्रो स्टेशनों और छात्रों के लिए उपलब्ध सहायता के बारे में जानकारी दी। • डीएमआरसी ने स्कूलों से छात्रों को उनकी यात्रा की योजना बनाने में सहायता के लिए आसान टिकट बुकिंग के लिए क्यूआर कोड के साथ निकटतम मेट्रो स्टेशन का विवरण प्रदान करने वाले पोस्टर लगाने का अनुरोध किया है। • मेट्रो स्टेशनों पर विशेष केंद्रीकृत घोषणाएं की जाएंगी। • सुगम यात्रा के लिए परीक्षा केंद्रों के निकटतम मेट्रो स्टेशनों की एक विस्तृत सूची डीएमआरसी वेबसाइट और आधिकारिक मोबाइल एप्लिकेशन पर भी अपलोड की गई है। डीएमआरसी ऐप पर अधिक जानकारी मिल सकेगी डीएमआरसी ने बताया कि छात्रों से अपनी यात्रा की योजना पहले से बनाने का आग्रह किया गया है और सभी उम्मीदवारों को उनकी परीक्षाओं के लिए शुभकामनाएं भी देता है। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी डीएमआरसी की आधिकारिक वेबसाइट (www.delhimetrorail.com) और डीएमआरसी मोमेंटम दिल्ली सारथी 2.0 मोबाइल ऐप पर जा सकते हैं। recent visitors 58

देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट का रनवे सुधार 15 फरवरी से 31 मार्च तक रात 12 से सुबह 6 बजे तक चलेगा

इंदौर मध्यप्रदेश में इंदौर शहर के देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट पर 15 फरवरी से रनवे की मरम्मत का कार्य शुरू किया जाएगा। पुरानी डामर को निकालकर नई डामर चढ़ाने समेत कई काम होंगे। काम करीब 1 साल तक चलेगा। शुरुआती डेढ़ माह रात में 6 घंटे तो 1 अप्रेल से रात में 8 घंटे एयरपोर्ट बंद रहेगा। मेंटेनेंस अवधि में फ्लाइट का संचालन नहीं हो सकेगा। विंटर शेड्यूल में हुआ बदलाव एयरपोर्ट का रनवे सुधार 15 फरवरी से 31 मार्च तक रात 12 से सुबह 6 बजे तक चलेगा। 1 अप्रेल से यह समय रात 10 से सुबह 6 बजे हो जाएगा। रात 12 से सुबह 6 बजे तक की फ्लाइट का समय विंटर शेड्यूल में बदला जा चुका है। मेंटनेंस जनवरी से शुरू होना था, लेकिन काम में देरी हुई। इसे समायोजित करने के लिए 1 अप्रेल से मेंटनेंस का काम रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक होगा। ऐसे में कई फ्लाइट का समय बदला जाएगा। एयरपोर्ट प्रबंधन ने सभी एयरलाइंस को इसकी जानकारी दे दी है। शारजाह, मुंबई फ्लाइट का समय बदलेगा रात 10.30 बजे से रात 12 के बीच इंडिगो की मुंबई फ्लाइट इंदौर आती है तो एयर इंडिया की शारजाह फ्लाइट रवाना होती है। इन दोनों फ्लाइट का समय 1 अप्रेल से बदल जाएगा। इसके पहले 12 बजे से सुबह 6 बजे तक की करीब 7 फ्लाइट का समय बदला गया था। 2754 मीटर लंबे रनवे की मरम्मत के लिए 25 करोड़ रुपए का टेंडर एयरपोर्ट प्रबंधन ने जारी किया था। recent visitors 55

श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में श्रद्धालुओं ने अब तक एक माह में लगभग सात करोड़ रुपये हुंडियों में नकद अर्पित किए, उमड़े भक्त

वाराणसी महाकुंभ आरंभ होने के बाद श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में उमड़े भक्त बाबा के चरणों में खुले हृदय से समर्पण कर रहे हैं। श्रद्धालुओं ने अब तक एक माह में लगभग सात करोड़ रुपये हुंडियों में नकद अर्पित किए हैं। इनमें अभी समर्पित सोने-चांदी के दान की गणना नहीं की जा सकी है। श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर विशिष्ट विकास क्षेत्र उपजिलाधिकारी शंभूशरण ने बताया कि अभी नकद राशि के बारे में यह अनुमान ही है, पूरी गणना होने के बाद और स्वर्ण-रजत के दान जोड़ने के बाद पूरी तरह से स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। अतिरिक्त के साथ सोने व चांदी के दान का मिलान अभी किया जाना शेष है। एक माह में मिला अब तक का सर्वाधिक दान भक्तों के समर्पण और आस्था का यह बिंदु तब है जब महाकुंभ के बाद धाम में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के चलते मंदिर प्रशासन ने सुगम दर्शन और आरती सहित सभी टिकटों की बिक्री को महाशिवरात्रि तक रोक दिया है। यह मंदिर प्रशासन को एक माह में मिला अब तक का सर्वाधिक दान बताया जा रहा है। फरवरी महीने में 77 लाख से अधिक श्रद्धालु बीते जनवरी माह में जहां 1.08 करोड़ श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे तो फरवरी के महीने अब तक के 13 दिनों में ही यह संख्या 77 लाख के पार पहुंच चुकी है। महाशिवरात्रि तक अभी भक्तों का भारी जनप्रवाह बने रहने की प्रबल संभावना है।  उपजिलाधिकारी ने बताया कि पर्वों की इस भारी भीड़ में व्यस्तता के कारण अभी गणना पूरी तरह से नहीं की जा सकी है, यह एक अनुमानित आंकड़ा है। गणना पूरी होने पर ही वास्तविक राशि का पता चलेगा। नागा संन्यासियों के दर्शन को उमड़ रही भीड़ महाकुंभ से लौटे जूना अखाड़ा के संन्यासियों की संख्या काशी में पहली राजसी यात्रा के पश्चात और बढ़ गई है। प्रयागराज की दमक अब काशी की चमक बन गई है। यहां गंगा घाटों पर बने छोटे-छोटे शिविरों में नागा संन्यासियों ने अपना डेरा बना लिया है। ये लोगों के लिए आस्था और आकर्षण का केंद्र बिंदु बने हुए हैं, उनके दर्शन के लिए प्रतिदिन हजारों लोग वहां उमड़ रहे हैं तथा संतों की रज लेकर माथे से लगा रहे हैं। जूना अखाड़ा के अतिरिक्त अन्य शैव अखाड़ों के संत भी काशी पहुंच गए हैं और गंगा घाटाें पर अपने-अपने शिविर स्थापित कर लिए हैं। recent visitors 103

मैंने रेल यात्रियों से जुड़ी समस्याएं, और कई मुद्दे उठाए थे, उन पर वित्त मंत्री मेरे बयान को गलत तरीके से पेश किया

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने शुक्रवार को एक वीडियो जारी कर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा राज्यसभा में उन पर किए गए कटाक्ष पर अपना पक्ष रखा है। मैंने अपने भाषण में रेल यात्रियों से जुड़ी समस्याएं, मध्यम वर्ग की वित्तीय चुनौतियां, डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए जा रहे शुल्क और टैरिफ, और गिरता हुआ रुपया जैसे कई मुद्दे उठाए थे। उन पर जवाब न देते हुए, उन्होंने टैक्स वाले मुद्दे पर मेरे बयान को गलत तरीके से पेश किया। राघव चड्ढा ने वीडियो में कहा, "गुरुवार को राज्यसभा में बजट पर बात करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मेरे बयान पर काफी कटाक्ष किया और यह भी कहा कि मैंने सदन को गुमराह करने की कोशिश की। जब मैंने उनके सवालों का जवाब देने की अनुमति मांगी तो मुझे अनुमति नहीं दी गई, इसलिए मैंने सोचा कि इस वीडियो के माध्यम से सीधे वित्त मंत्री से बात करूं और सच्चाई स्पष्ट करने की कोशिश करूं। केंद्रीय बजट 2025 पर चर्चा के दौरान मैंने कई मुद्दे उठाए, जैसे कि रेल यात्रियों से जुड़ी समस्याएं, मध्यम वर्ग की वित्तीय चुनौतियां, डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए जा रहे शुल्क और टैरिफ और गिरता हुआ रुपया। वित्त मंत्री ने इन मुद्दों पर कोई जवाब नहीं दिया। लेकिन हां, उन्होंने मेरे द्वारा बताए गए आयकर छूट के उदाहरण पर कई बयान दिए। सबसे पहले, मैं यह कहना चाहूंगा कि मैंने जो कुछ भी कहा था, मैं आज भी उस पर पूरी तरह से कायम हूं।" उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा दी जा रही यह 12 लाख रुपये की कर छूट कर कटौती नहीं है। यह सिर्फ और सिर्फ कर छूट है, जिसका मतलब है कि अगर आप एक वित्तीय वर्ष में 12 लाख रुपये से ज्यादा कमाते हैं, तो आपको अपनी पूरी आय पर आयकर देना होगा। वित्त मंत्री ने इस अवधारणा को समझाने के लिए मेरे द्वारा दिए गए उदाहरण को तकनीकी रूप से जटिल बनाने की कोशिश की और इसमें सीमांत कर छूट की अवधारणा को जोड़कर यह साबित करने की कोशिश की कि मेरा उदाहरण गलत था। मैं आपसे सीधे पूछना चाहता हूं वित्त मंत्री जी, क्या यह सच नहीं है कि अगर कोई व्यक्ति 12 लाख रुपये से ज्यादा कमाता है, तो उसे अपनी पूरी आय पर कर देना होगा?" उन्होंने कहा, "आप 12 लाख 75 हजार रुपये तक सीमांत कर छूट दे रही हैं। आप मुझे बताएं कि अगर कोई व्यक्ति एक वित्तीय वर्ष में 13 लाख रुपये कमाता है, तो क्या उसे अपने स्लैब के अनुसार 13 लाख रुपये की पूरी आय पर आयकर देना होगा या नहीं? या उसे 13 लाख रुपये में से 12 लाख रुपये घटाकर कर देना होगा? सही उत्तर यह है कि उसे पूरे 13 लाख रुपये पर आयकर देना होगा। मान लीजिए कोई व्यक्ति सालाना 12 लाख 76 हजार रुपये कमाता है, तो उसे पूरे 12 लाख 76 हजार रुपये पर आयकर देना होगा, न कि सिर्फ 12 लाख रुपये से ऊपर कमाए गए 76 हजार रुपये पर। इस टैक्स छूट की अवधारणा को समझाने के लिए मैंने एक उदाहरण दिया था और मैं आज भी उस पर कायम हूं कि अगर आप 12 लाख रुपये में से एक रुपया भी अतिरिक्त कमाते हैं, तो आपको अपनी पूरी आय पर आयकर देना होगा।" आप सांसद ने कहा, "वित्त मंत्री ने मेरे उस बयान को लेकर मुझ पर काफी व्यक्तिगत हमले भी किए। मेरे बारे में व्यक्तिगत टिप्पणियां कीं। मैं बस इतना कहना चाहता हूं कि माननीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के प्रति मेरे मन में बहुत आदर और सत्कार है। वह अनुभव, पद और उम्र में मुझसे काफी बड़ी हैं। मैं बस इतना कहना चाहता हूं कि मुझे उम्मीद है कि भविष्य में वित्त मंत्री इस तरह के व्यक्तिगत बयान देने से बचेंगी और सरल टैक्स अवधारणाओं को सामने लाने के लिए दिए गए उदाहरणों को तकनीकी रूप से तोड़-मरोड़ कर जनता के सामने पेश करने की कोशिश नहीं करेंगी।" recent visitors 96

महाकुंभ में स्नान जारी, सड़क पर उतरें अधिकारी, यातायात व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री योगी ने सख्त निर्देश दिए

महाकुंभ नगर प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ में स्नान जारी है। शुक्रवार को यहां पर यातायात की व्यवस्था को सुचारू ढंग से चलाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए अधिकारी भी सड़क पर उतरें। महाकुंभ में शुक्रवार होने के कारण भीड़ बढ़ने लगी है। कल शनिवार और फिर रविवार है। ऐसे में प्रशासन का अंदेशा है कि सप्ताह के आखिरी में एक बार फिर भीड़ बढ़ सकती है। इसको देखते हुए इंतजाम किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी लखनऊ में मीटिंग की। महाकुंभ में यातायात व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त निर्देश दिए हैं। वरिष्ठ अधिकारी स्वयं सड़क पर उतरें। प्रयागराज महाकुंभ नगर, प्रयागराज जनपद, अयोध्या, वाराणसी और आसपास के सभी जिलों में कहीं भी सड़क पर जाम न लगे। हर स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित करें। जहां जाम होगा, वहां के अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी। दरअसल, प्रयागराज में कुंभ जाने वाले श्रद्धालु अयोध्या भी जाना चाहते हैं। इसे लेकर जाम के हालात बन रहे हैं। अमेठी, सुल्तानपुर और अंबेडकर नगर में जाम लग रहा है। कई बाहरी राज्यों की गाड़ियां जाम में फंस रही हैं। उधर, महाकुंभ में सफाई कर्मियों की तरफ से एक साथ घाटों की सफाई का अभियान चलाया जाएगा। महाकुंभ में शुक्रवार को 40.02 लाख लोगों ने स्नान किया है। वहीं, 13 फरवरी से आज तक 49.14 करोड़ लोगों ने स्नान किया है। शुक्रवार को भी कई अतिविशिष्ट लोग त्रिवेणी में स्नान के लिए आएंगे। कुंभ में करोड़ों श्रद्धालुओं के अलावा देश के कई वीवीआईपी ने भी आस्था की डुबकी लगाई है। देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, जितिन प्रसाद समेत कई बड़े सियासी दिग्गज यहां स्नान कर चुके हैं। recent visitors 69

भारत का ई-वेस्ट एक बड़ा आर्थिक अवसर हो सकता है, 6 बिलियन डॉलर की अनुमानित आर्थिक क्षमता का दावा

बेंगलुरु भारत का ई-वेस्ट एक बड़ा आर्थिक अवसर उपलब्ध करा रहा है। मेटल एक्सट्रैक्शन के जरिए रिकवर किए जाने वाले मटीरियल में 6 बिलियन डॉलर की अनुमानित आर्थिक क्षमता का दावा एक रिपोर्ट कर रही है। शुक्रवार को एक रिपोर्ट के हवाले से ये जानकारी दी गई। भारत अब चीन और अमेरिका के बाद दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ई-वेस्ट उत्पादक है। रेडसीर स्ट्रैटेजी कंसल्टेंट्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि देश का ई-वेस्ट वित्त वर्ष 2014 में 2 मिलियन मीट्रिक टन (एमएमटी) से दोगुना होकर वित्त वर्ष 2024 में 3.8 एमएमटी हो गया है, जो शहरीकरण और बढ़ती आय के कारण हुआ है। मुख्य रूप से घरों और व्यवसायों द्वारा उत्पन्न कंज्यूमर सेगमेंट ने वित्त वर्ष 2024 में कुल ई-वेस्ट का लगभग 70 प्रतिशत योगदान दिया। ई-वेस्ट उत्पादन में एक बड़ा ट्रेंड मटीरियल की तीव्रता में बदलाव है। जबकि उपकरण अधिक कॉम्पैक्ट और हल्के होते जा रहे हैं। त्यागे गए सामानों की मात्रा बढ़ रही है, जिससे कुशल रीसाइक्लिंग रणनीतियों की आवश्यकता होती है। रेडसीर स्ट्रैटेजी कंसल्टेंट्स के पार्टनर जसबीर एस. जुनेजा ने कहा, "आने वाले वर्षों में ई-वेस्ट की मात्रा बढ़ने की उम्मीद है। ई-वेस्ट में मेटल का बढ़ता मूल्य भारत के लिए रिकवरी दक्षता बढ़ाने और खुद को सस्टेनेबल मेटल एक्सट्रैक्शन में लीडर के रूप में स्थापित करने का एक बड़ा अवसर प्रस्तुत करता है।" वर्तमान में, भारत में कंज्यूमर ई-वेस्ट का केवल 16 प्रतिशत फॉर्मल रिसाइक्लर द्वारा प्रोसेस किया जाता है। वित्त वर्ष 2035 तक फॉर्मल रिसाइकलिंग सेक्टर में 17 प्रतिशत सीएजीआर वृद्धि के अनुमानों के बावजूद, इसके द्वारा भारत के ई-वेस्ट का केवल 40 प्रतिशत ही हैंडल करने की उम्मीद है। इस सेक्टर को अनौपचारिक प्लेयर्स से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है, जो कम अनुपालन लागत और व्यापक संग्रह नेटवर्क का लाभ उठाते हैं। इस बीच, 10-15 प्रतिशत ई-वेस्ट घरों में स्टोर रहता है और 8-10 प्रतिशत लैंडफिल में समाप्त हो जाता है, जिससे रिसाइकलिंग दक्षता कम हो जाती है। एक सस्टेनेबल ई-वेस्ट मैनेजमेंट इकोसिस्टम बनाने के लिए, भारत सरकार ने एक्सटेंडेड प्रोड्यूसर रिस्पॉन्सिबिलिटी (ईपीआर) फ्रेमर्क पेश किया है। ईपीआर तब से उत्पादकों के लिए परिभाषित संग्रह लक्ष्यों के साथ एक अनिवार्य प्रणाली में विकसित हुआ है। हालांकि, कम न्यूनतम ईपीआर शुल्क और अपर्याप्त औपचारिक रीसाइक्लिंग क्षमता के कारण अंतराल बने हुए हैं। फॉर्मल रीसाइक्लिंग नेटवर्क को मजबूत करना मेटल रिकवरी रेट में सुधार और रिटर्न को अधिकतम करने की कुंजी है। इससे भारत की मेटल आयात मांग में 1.7 बिलियन डॉलर तक की कमी आ सकती है, जबकि हाई-वैल्यू रिसाइकल्ड मेटल की निरंतर सप्लाई सुनिश्चित हो सकती है। recent visitors 63