दिल्ली में नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 19 या 20 फरवरी को हो सकता है, सरकार गठन की प्रक्रिया तेज

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद सरकार गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार, दिल्ली में नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 19 या 20 फरवरी को हो सकता है। वहीं, विधायक दल की बैठक 17 और 18 फरवरी को आयोजित की जाएगी, जिसमें नई सरकार के गठन से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात अमेरिका से दिल्ली पहुंचेंगे। इसके बाद सरकार बनाने को लेकर एक अहम बैठक होगी। पीएम मोदी के साथ केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और पार्टी के अन्य शीर्ष नेता भी मौजूद होंगे। इन नेताओं की बैठक में दिल्ली में सरकार गठन के लिए अंतिम रूप से निर्णय लिया जाएगा। इस दौरान दिल्ली का अगला सीएम कौन होगा, यह भी तय हो जाएगा। भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने दिल्ली में सरकार गठन के लिए पहले ही होमवर्क पूरा कर लिया है। पार्टी ने दिल्ली में सरकार गठन के लिए विधायकों के नामों की एक सूची तैयार की है, जिसमें 48 में से 15 विधायकों के नाम को प्राथमिकता दी गई है। इन 15 विधायकों में से 9 नामों को अंतिम रूप से चुना जाएगा, जिसमें मुख्यमंत्री, मंत्री और स्पीकर के नाम तय किए जाएंगे। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री निर्वाचित विधायकों में से होगा और इस बारे में निर्णय विधायक दल की बैठक में लिया जाएगा। नड्डा ने यह भी संकेत दिया कि मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण के बाद पहली कैबिनेट बैठक में कुछ महत्वपूर्ण नीतिगत फैसले लिए जाएंगे। एक अन्य महत्वपूर्ण घोषणा यह है कि दिल्ली में नई भाजपा सरकार में कोई उपमुख्यमंत्री नहीं होगा। बता दें कि 8 फरवरी को दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित किए गए। इस चुनाव में भाजपा ने 42 सीटों पर शानदार जीत हासिल की, तो वहीं, आम आदमी पार्टी महज 22 सीटों पर सिमट गई। इस चुनाव में एक बार फिर कांग्रेस का खाता नहीं खुला। दिल्ली विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल 26 फरवरी को समाप्त हो रहा है और नई सरकार को उससे पहले कार्यभार संभालना होगा। recent visitors 82

डोनाल्ड ट्रंप भारत को F-35 लड़ाकू विमान बेचेगा, यह डील भारत के लिए एक बड़ी जीत

वाशिंगटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नई दिल्ली को 'एफ-35' स्टील्थ फाइटर जेट बेचने का ऐलान किया। इस कदम से भारत अत्याधुनिक स्टील्थ विमानों वाले देशों के विशिष्ट क्लब में शामिल हो जाएगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस जेट को दुनिया के सबसे उन्नत जेट में से एक माना जाता है। इसलिए यह डील भारत के लिए एक बड़ी जीत है। यह अभी स्पष्ट नहीं है कि एफ-35 आखिरकार भारत को कब मिलेगा। विदेशी हथियारों की डील को फाइनल होने में कई साल लग जाते हैं। सबसे पहले यह समझते हैं कि स्टील्थ विमान किसे कहा जाता है? स्टील्थ विमान को रडार, इन्फ्रारेड और अन्य प्रकार के इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन से बचने के लिए डिजाइन किया जाता है। हालांकि रडार से पूरी तरह से बचना मुश्किल है लेकिन यह विमान अन्य प्लेन के मुकाबले रडार की पकड़ में मुश्किल से आते हैं। एफ-35 ऐसा ही एक स्टील्थ प्लेन है जिसे अमेरिकी कंपनी लॉकहीड मार्टिन ने डेवलप किया है। विमान का आकार रडार एनर्जी को सोर्स से दूर करने के लिए डिजाइन किया गया है, जैसे कि एक तिरछा दर्पण। इसकी सतह को भी मिश्रित और चिकना किया गया है ताकि रडार ऊर्जा आसानी से इससे प्रवाहित हो सके – ठीक वैसे ही जैसे पानी चिकनी सतह पर बहता है। एफ-35 लड़ाकू जेट विमानों में एक एफ135 इंजन का इस्तेमाल होता है जो 40,000 पाउंड का थ्रस्ट पैदा करता है। इससे यह मैक 1.6 (1,200 मील प्रति घंटे) की हाई स्पीड तक पहुंच सकता है। एफ-35 का कॉकपिट अन्य लड़ाकू विमानों से अलग है; इसमें अन्य विमानों की तरह गेज या स्क्रीन नहीं है। इसमें बड़ी टचस्क्रीन और हेलमेट-माउंटेड डिस्प्ले सिस्टम है जो पायलट को रियल टाइम जानकारी देखने और जानने के काबिल बनाता है। हेलमेट पायलट को विमान के आर-पार देखने की भी अनुमति देता है। यह एफ-35 के डिस्ट्रिब्यूटेड अपर्चर सिस्टम (डीएएस) और विमान के चारों ओर रणनीतिक रूप से लगे छह इन्फ्रारेड कैमरों की वजह से संभव होता है। एफ-35 लड़ाकू विमानों की हथियार क्षमता भी 6,000 किलोग्राम से 8,100 किलोग्राम तक है। हालांकि एक्सपर्ट कहते हैं कि एफ-35 की मारक क्षमता नहीं बल्कि उसकी कंप्यूटिंग शक्ति उसे सबसे अलग बनाती है। यही कारण है कि एफ-35 को 'आसमान में क्वार्टरबैक' या 'एक कंप्यूटर जो उड़ता है' के रूप में जाना जाता है। कीमत के मामले में भी यह विमान अन्य प्लेन पर भारी है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक एफ-35ए के लिए प्रति यूनिट लागत लगभग 80 मिलियन डॉलर (695 करोड़ रुपये), ए-35बी के लिए 115 मिलियन डॉलर (10,005 करोड़ रुपये) और एफ-35सी के लिए 110 मिलियन डॉलर (9,622 करोड़ रुपये) है। प्रत्येक F-35 की लागत लगभग 36,000 डॉलर (31 लाख रुपये) प्रति उड़ान घंटा है, जो इसे संचालन के लिए सबसे महंगे जेट में से एक बनाता है। अमेरिका ने इन विमानों को यूनाइटेड किंगडम, इजरायल, जापान, ऑस्ट्रेलिया और इटली जैसे सहयोगी देशों को बेचा है। ऐसा नहीं है कि इस विमान की आलोचना नहीं हुई। अमेरिका के सरकारी दक्षता विभाग (डीओजीई) के प्रमुख एलन मस्क F-35 का मजाक उड़ा चुके हैं। पिछले नवंबर में, दुनिया के सबसे अमीर आदमी ने कहा, "कुछ बेवकूफ अभी भी ड्रोन के युग में एफ-35 जैसे मानवयुक्त लड़ाकू विमान बना रहे हैं"। हालांकि, तत्कालीन वायु सेना सचिव फ्रैंक केंडल ने विमान का बचाव किया। उन्होंने एयर फोर्स एसोसिएशन के वेबकास्ट के दौरान कहा, "एफ-35 खत्म नहीं होने वाला है क्योंकि यह एक अत्याधुनिक प्रणाली है जिसे लगातार अपग्रेड किया जा रहा है।" उन्होंने कहा कि निकट भविष्य में इसका कोई विकल्प नहीं है। हमें इसे खरीदना जारी रखना चाहिए। एफ-35 से भारत की आसमान में मारक क्षमता को बढ़ाने में मदद मिलेगी, जिससे उसे किसी भी खतरे, खासकर चीन और पाकिस्तान से निपटने में मदद मिलेगी। फिलहाल, भारत के पास अपने शस्त्रागार में पांचवीं पीढ़ी का कोई विमान नहीं है। एफ-35 इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि चीन के पास जे-35ए विमान है। कुछ एक्सपर्ट्स एफ-35 डील को भारत-अमेरिका रक्षा संबंधों का महत्वपूर्ण क्षण मानते हैं। वहीं कुछ रक्षा विशेषज्ञों का यह भी मानना ​​है कि ट्रंप ने एफ-35 को भारत को देने का ऐलान कर रूस के साथ भारत के घनिष्ठ सैन्य संबंधों को कमजोर करने की कोशिश की है। recent visitors 58

महाकुंभ के आयोजन के कारण राज्य की अर्थव्यवस्था में 3 लाख करोड़ रुपये का इजाफा होगा: सीएम योगी

लखनऊ लखनऊ में केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह और नितिन गडकरी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक की मौजूदगी में 114 बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इस मौके पर तीनों नेताओं ने लोगों को संबोधित किया और उत्तर प्रदेश के विकास की दिशा में किए गए प्रयासों की सराहना की। महाकुंभ पर खर्च हुए 1500 करोड़ रुपए, सीएम योगी का खुलासा इस अवसर पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ के आयोजन को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने बताया कि कुंभ और महाकुंभ आयोजन से यूपी की अर्थव्यवस्था को भारी लाभ होता है। योगी ने कहा कि महाकुंभ के आयोजन के कारण राज्य की अर्थव्यवस्था में 3 लाख करोड़ रुपये का इजाफा होगा। सीएम योगी ने उन लोगों का जवाब दिया, जो पूछते हैं कि 5000-6000 करोड़ रुपये क्यों खर्च किए गए। उन्होंने बताया कि यह राशि सिर्फ कुंभ के आयोजन पर नहीं, बल्कि प्रयागराज शहर के जीर्णोद्धार पर भी खर्च की गई है। कुंभ के आयोजन में कुल 1500 करोड़ रुपये खर्च हुए, और यदि इसके बदले यूपी की अर्थव्यवस्था को 3 लाख करोड़ रुपये का लाभ हो, तो यह राशि उचित ही खर्च की गई है। महाकुंभ से यूपी की अर्थव्यवस्था को मिलेगा फायदा सीएम योगी ने कहा कि महाकुंभ के आयोजन से राज्य की अर्थव्यवस्था को और भी मजबूती मिलेगी। जब 50-55 करोड़ लोग उत्तर प्रदेश के महाकुंभ में शामिल होंगे, तो इससे उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में 3 लाख करोड़ रुपये की वृद्धि होगी। उन्होंने बताया कि डबल इंजन सरकार के आने के बाद, श्रद्धालु उन जगहों तक आसानी से पहुंच पा रहे हैं, जहां आठ साल पहले वे नहीं जा पाते थे। नितिन गडकरी ने महाकुंभ के प्रभाव पर जताई राय केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि महाकुंभ के दौरान प्रयागराज ने 3 लाख करोड़ रुपये की जीडीपी वृद्धि में योगदान दिया। उन्होंने पर्यटन क्षेत्र को एक महत्वपूर्ण आर्थिक क्षेत्र बताया, जहां 49 प्रतिशत पूंजी निवेश रोजगार पैदा करने में खर्च होता है। गडकरी ने कहा कि इस आयोजन से टैक्सी चालकों, रिक्शा चालकों और अन्य श्रेणियों के लोगों को रोजगार के कई अवसर मिले हैं। राजनाथ सिंह ने किया सीएम योगी और गडकरी का सम्मान लखनऊ में विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखने के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सीएम योगी और नितिन गडकरी की तारीफ की। उन्होंने कहा कि लखनऊ में जो विकास हो रहा है, वह पूरी तरह से सीएम योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के योगदान के कारण हो रहा है। राजनाथ सिंह ने यह भी कहा कि इन नेताओं के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को एक नई दिशा मिल रही है और राज्य का विकास तेज़ी से हो रहा है। यह उद्घाटन उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचा सुधार और राज्य की आर्थिक वृद्धि को एक नई दिशा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।   recent visitors 77

एलन मस्क ने की पीएम मोदी की तारीफ, दोनों के बीच मुलाकात के दौरान नवाचार जैसे कई मुद्दों पर हुई चर्चा

नई दिल्ली अरबपति एलन मस्क ने शुक्रवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलना सम्मान की बात है। दोनों के बीच मुलाकात के दौरान अंतरिक्ष, गतिशीलता, प्रौद्योगिकी और नवाचार जैसे कई मुद्दों पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में मस्क से कहा, "आपसे मिलना सम्मान की बात थी।" अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रमुख सलाहकार मस्क ने मस्क के साथ बैठक के बाद प्रधानमंत्री के पोस्ट के जवाब में यह बात कही। प्रधानमंत्री ने कहा, "एलन मस्क के परिवार से मिलना और विभिन्न विषयों पर बातचीत करना मेरे लिए खुशी की बात थी।" उन्होंने कहा, "हमने विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की, जिनमें अंतरिक्ष, गतिशीलता, प्रौद्योगिकी और नवाचार जैसे मुद्दे शामिल हैं, जिनके बारे में वह भावुक हैं। मैंने सुधार और 'न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन' को आगे बढ़ाने की दिशा में भारत के प्रयासों के बारे में बात की।"   किन मुद्दों को लेकर हुई बातचीत? विदेश मंत्रालय (एमईए) के अनुसार टेस्ला और स्पेसएक्स के सीईओ ने गुरुवार शाम वाशिंगटन डीसी के ब्लेयर हाउस में पीएम मोदी से मुलाकात की। विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया, "पीएम मोदी और मस्क ने नवाचार, अंतरिक्ष अन्वेषण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और सतत विकास में भारतीय और अमेरिकी संस्थाओं के बीच सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा की। उनकी चर्चा में उभरती प्रौद्योगिकियों, उद्यमिता और सुशासन में सहयोग को गहरा करने के अवसरों पर भी चर्चा हुई।" प्रधानमंत्री ने बच्चों को दिया ये गिफ्ट इसमें कहा गया कि इस बैठक में मस्क के साथ उनके परिवार के सदस्य भी थे। इस मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री ने एलन मस्क के तीन बच्चों को किताबें भी भेंट कीं। उन्होंने उन्हें रवींद्रनाथ टैगोर की द क्रिसेंट मून, द ग्रेट आरके नारायण कलेक्शन और पंडित विष्णु शर्मा की पंचतंत्र किताबें भेंट कीं। बाद में उन्होंने बच्चों को किताबें पढ़ते हुए तस्वीरें भी साझा कीं। इस दौरान मस्क ने पीएम मोदी को एक उपहार भी भेंट किया। माना जा रहा है कि यह एक हीट शील्ड टाइल है जो पिछले साल अक्टूबर में स्पेसएक्स के स्टारशिप फ्लाइट टेस्ट 5 पर उड़ाई गई थी। इस वस्तु पर लिखा था: "स्टारशिप फ्लाइट टेस्ट 5, 12 अक्टूबर, 2024।" recent visitors 67

मोती नगर में रहवासियों को 15 दिन में घर खाली करने का नोटिस, 500 मकानों को हटाया जाएगा

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल का बहुचर्चित मोतीनगर बस्ती के अतिक्रमण को अब प्रशासन द्वारा शहर में होने जा रही ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट (GIS) के बाद हटाया जाएगा। प्रशासन की ओर से मोतीनगर बस्ती के रहवासियों को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है। रहवासियों को मिली 15 दिनों की और मोहलत के बाद अब वो इस अवधि में संबंदित स्थान से अपना कब्जा हटा सकते हैं। हालांकि, जानकारी ये भी सामने आई है कि मोतीनगर बस्ती के रहवासियों ने प्रशासन की ओर से भेजे गए नोटिस को अस्वीकार कर दिया है।  बता दें कि, रेलवे और बीडीए की जमीन पर अतिक्रमण कर मोतीनगर बस्ती बनाई गई थी। शहर की भदभदा बस्ती के बाद मोतीनगर बस्ती टूटेगा। मोती नगर क्षेत्र से रेलवे की चौथी लाइन और सुभाष ओवर ब्रिज का तीसरे लेग का निर्माण प्रस्तावित किया गया है। निर्माण के पहले झुग्गियों को हटाने की प्रशासन द्वारा ये दूसरी बड़ी कार्रवाई की जा रही है। कार्रवाई के बाद शुरु होगा निर्माण मामले को लेकर रहवासी कोर्ट गए। कोर्ट से कुछ दिनों की राहत मिली थी। उसके बाद कार्रवाई शुरू की गई थी। 110 मकानों में कुछ में तोड़फोड़ कार्रवाई की गई है। अतिक्रमण को प्रशासन ने बुलडोजर के माध्यम हटा दिया है। कुछ हिस्सों में अभी मकान बाकी जिसे हटाया जाना है। अतिक्रमण हटाने के बाद निर्माण काम शुरू होगा। लोग हटा रहे दुकानों का मलबा दुकानें तोड़ने के बाद यहां ज्यादातर सामान तो पहले ही हटा लिया गया है। जिन दुकानों का मलबा बच गया था उसे भी हटाया जा रहा है। लोग अपने स्तर पर दीवारों को तोड़कर ईंट और प​त्थर निकाल रहे हैं। जिन दुकानों के पीछे मकान हैं उनकी दीवारों पर लोगों ने कलर स्प्रे, पेंट से लिख दिया है यह घर की दीवार है। यही नहीं कुछ लोगों ने प्रिंट निकलवा कर पर्चे लगा दिए हैं। प्रशासन के तेवर देख अब विरोध कर रहे लोगों ने भी मकान खाली करने का मन बना लिया है। हालांकि, वे विस्थापन की मांग कर रहे हैं। recent visitors 66

पाकिस्तान के बलूचिस्तान में श्रमिकों को ले जा रहे वाहन में जोरदार धमाका, 11 की मौत और कई जख्मी

 बलूचिस्तान पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में एक बार फिर धमाका हुआ है. कोयला खनिकों को ले जा रहे वाहन को निशाना बनाकर बम विस्फोट किया गया जिसमें कम से कम 11 लोग मारे गए हैं. इससे पहले भी इस क्षेत्र में इस तरह की घटनाएं सामने आ चुकी हैं. यह धमाका बलूचिस्तान प्रांत के हरनई में हुआ. कोयला खदान श्रमिकों को ले जा रहे एक पिकअप वाहन पर विस्फोटक उपकरण से हमला किया गया. हमले में तुरंत ही 11 लोगों की मौत हो गई और 6 लोग घायल हुए हैं जिन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती किया गया है. रिमोट से किया था ब्लास्ट एक अधिकारी बताया कि यह ब्लास्ट रिमोट से संचालित डिवाइस से किया गया था.किसी भी समूह ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है. क्षेत्र के डिप्टी कमिश्नर हजरत वली आगा ने कहा कि जब बम धमाका हुआ, तब ट्रक में 17 खनन श्रमिक सवार थे. स्थानीय अस्पताल के एक डॉक्टर ने बताया कि घायलों में से दो की हालत गंभीर है. खनिज समृद्ध बलूचिस्तान ईरान और अफगानिस्तान की सीमा पर स्थित है. यहां अलगाववादी जातीय बलूच समूहों द्वारा दशकों से विद्रोह किया जा रहा है. इस क्षेत्र में इस्लामी आतंकवादी भी सक्रिय हैं.   recent visitors 60

भारत को दिया चीन सीमा विवाद मध्यस्थता कराने ट्रंप ने दिया ऑफर, भारत ने ठुकराया, कहा हम सक्षम हैं

वॉशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन को दुनिया का एक बड़ा प्लेयर बताया है। इसके साथ ही उन्होंने भारत और चीन के बीच सीमा विवाद मध्यस्थता का भी ऑफर दे दिया, जिसे भारत ने बिना कोई वक्त गंवाए खारिज कर दिया। भारत ने यह फैसला इसलिए लिया ताकि किसी तरह भ्रम न उपजे। भारत ने साफ कहा कि सीमा विवाद द्विपक्षीय मसला है और हम सभी चीजों को अपने स्तर पर निपटाने में सक्षम हैं। पीएम मोदी के साथ मीडिया को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा था, 'मैं भारत की तरफ देखता हूं। कुछ सीमा विवाद भी हैं, जो सामान्य हैं। उन पर बात होनी चाहिए और पहल जारी रहनी चाहिए। यदि हम कोई मदद कर सकते हैं तो मुझे अच्छा लगेगा। मैं इसके लिए तैयार हूं क्योंकि मेरा मानना है कि विवादों का निपटारा होना चाहिए।' उन्होंने चीन के साथ अमेरिका के अच्छे रिश्तों की भी बात की। उन्होंने कहा कि अमेरिका तो चीन के साथ अच्छे रिश्तों का हिमायती है। दुनिया का एक बड़ा प्लेयर चीन भी है। उन्होंने कहा कि हम चीन के साथ अच्छे रिश्ते चाहते हैं। कोरोना काल तक हमारे शी जिनपिंग के साथ अच्छे संबंध थे। फिर बात थोड़ी बिगड़ गई। चीन दुनिया का एक बड़ा महत्वपूर्ण प्लेयर है। वहीं डोनाल्ड ट्रंप के ऑफर को भारत ने तत्काल खारिज कर दिया है। भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा, ‘हमारे पड़ोसियों के साथ जो भी मसले हैं। उनसे निपटने के लिए हमने हमेशा से द्विपक्षीय वार्ता का रास्ता ही अपनाया है। हमें किसी तीसरे पक्ष की आवश्यकता नहीं है।’ डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा कि रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग को रोकने के लिए भी हम मध्यस्थता करेंगे। हमारी ओर से हर मामले में अहम भूमिका अदा की जाएगी। उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि यूक्रेन और रूस के बीच विवाद खत्म हो जाना चाहिए। दोनों के बीच जंग बहुत ज्यादा हो चुकी। उन्होंने कहा कि अब हमें अपने प्रयासों को बेकार नहीं होने देना है। हम अब हल निकालने के बेहद करीब हैं।' उन्होंने कहा कि दुनिया की बड़ी शक्तियों को हल निकालने के लिए आगे बढ़ना होगा। ट्रंप ने कहा कि यह जंग बहुत समय से चल रही है। अब अमेरिका, भारत, चीन और रूस जैसी ताकतों को साथ आना होगा। यदि ये 4 देश साथ आए तो दुनिया की बहुत सी समस्याओं का हल हो सकेगा। 'भारत तेल और गैस खरीदे तो हमारा व्यापार घाटा कम होगा' उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूं कि भारत की ओर से अमेरिकी तेल और गैस की खरीद की जाए। हमने उस डील की ओर कदम बढ़ाए हैं। इससे वॉशिंगटन का व्यापार घाटा भी कम हो सकेगा। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की ओर से अमेरिका के कई उत्पादों पर टैक्स लगाया गया है। यह चिंता की बात है। ऐसी स्थिति में भारत के साथ कारोबार करना मुश्किल हो रहा है। recent visitors 61