राष्ट्रपति भवन में रचा इतिहास, पहली बार गूंजी शहनाई, जानिए किसकी हुई शादी, कौन हैं दूल्हा-दुल्हन?

शिवपुरी प्यार के दिन वेलेंटाइन डे से  पहले  राष्ट्रपति भवन एक बेहद ही खूबसूरत पल का गवाह बना। इस भवन ने दो चाहने वालों को हमेशा- हमेशा के लिए एक दूसरे से मिल दिया। हम बात कर रहे हैं  सीआरपीएफ अधिकारी पूनम गुप्ता की जिन्होंने राष्ट्रपति भवन में फेरे लेकर यहां का इतिहास बदल दिया। राेष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी वर-वधू को आशीर्वाद देने पहुंची, जिसके तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। 74वें गणतंत्र दिवस परेड के दौरान महिला टुकड़ी का नेतृत्व करने वाली सीआरपीएफ की सहायक कमांडेंट पूनम गुप्ता 12 फरवरी को प्रतिष्ठित स्थल पर शादी के बंधन में बंधी।  राष्ट्रपति की विशेष अनुमति से यहां राष्ट्रपति भवन के मदर टेरेसा कॉम्प्लेक्स में  शादी का आयोजन किया गया, इयमें परिवार के करीबी लोग और वीआईपी मेहमान पहुंचे थे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी  वर-वधू को आशीर्वाद देने पहुंची, जिसके चलते वहां कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई। बता दें कि महिला सशक्तिकरण की प्रबल समर्थक गुप्ता हमेशा से ही अपने क्षेत्र में एक आदर्श रही हैं। उनके  पति अवनीश कुमार भी सीआरपीएफ में असिस्टेंट कमांडेंट हैं और जम्मू-कश्मीर में तैनात हैं। नए जोड़े की कई  तस्वीरें सामने आई हैं, एक तस्वीर में  दोनों एक दूसरे के सामने हाथ जाेड़कर खड़े हैं, दोनों के चेहरे पर शादी की खुशी साफ दिखाई दे रही है। दुल्हन बनी CRPF अफसर के लुक की बात करें तो लाल जोड़े में वह एकदम राजकुमारी लग रही थी। उन्होंने अपने अटायर की एम्बॉडरी को मैच करते हुए गोल्डन जूलरी पहनी थी जबकि दूल्हे राजा यानी की CRPF अधिकारी अवनीश सिंह ने लाइट शेड चुना। उन्होंने स्टैंड कॉलर वाली ऑफ वाइट की शेरवानी पहनी थी और गोल्डन बॉर्डर वाला मैचिंग दुपट्टा स्टाइल किया था। इस तरह से डार्क और लाइट कलर का कॉम्बिनेशन कपल के लुक को परफेक्ट बना रहा था। अपनी व्यावसायिक उपलब्धियों के अलावा, गुप्ता सोशल मीडिया, खासकर इंस्टाग्राम पर भी बहुत सक्रिय हैं, जहां वह नियमित रूप से अपने काम, अभियानों और छात्रों के लिए प्रेरक संदेशों के बारे में पोस्ट करती हैं। अपनी ऑनलाइन उपस्थिति के माध्यम से, वह सेवा और नेतृत्व के प्रति अपने जुनून के माध्यम से दूसरों, खासकर महिलाओं को प्रेरित और सशक्त बनाती रहती हैं। recent visitors 54

माघी के बाद भी हिलोरे मार रही श्रद्धालुओं की आस्था, 20 लाख से अधिक ने लगाई डुबकी

प्रयागराज माघी पूर्णिमा के बाद भी महाकुंभ में आस्था हिलोरे मार रही है। बृहस्पतिवार को हर तरफ श्रद्धालुओं का रेला रहा तथा करीब 85.46 लाख लोगों ने स्नान किया। इसी के साथ महाकुंभ में कुल स्नानार्थियों की संख्या 49 करोड़ पार हो गई। माघी पूर्णिमा के साथ बुधवार को एक महीने का कल्पवास पूरा हो गया। इसी के साथ कल्पवासियों के जाने का सिलसिला भी शुरू हो गया। हालांकि, मेला प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार बृहस्पतिवार को भी पांच लाख से अधिक कल्पवासियों ने स्नान किया। इसके अलावा माघी पूर्णिमा के बाद भी स्नानार्थियों के आने का सिलसिला जा रही है। मेला क्षेत्र के काली एवं त्रिवेणी मार्ग के अलावा अन्य प्रमुख सड़कों पर भी श्रद्धालुओं की लगातार भीड़ बनी रही। शहर में भी शास्त्री ब्रिज समेत संगम की तरफ आने वाले मार्गों पर लगातार रेला बना रहा। यह सिलसिला भोर में ही शुरू हो गया था जो देर शाम तक बना रहा।इसका नतीजा रहा कि बृहस्पतिवार की रात आठ बजे तक 85.46 लाख लोग स्नान कर चुके थे। वहीं बुधवार तक 48.29 करोड़ लोग स्नान कर चुके थे। इस तरह से बृहस्पतिवार रात आठ बजे तक महाकुंभ में कुल स्नानालार्थियों की संख्या 49.14 करोड़ से अधिक हो गई। जबकि, इसके बाद भी स्नानार्थियों के आने और संगम स्नान का क्रम बना हुआ था।   महाकुंभ मेले के 32वें दिन शहर में जाम से मिला लोगों को राहत महाकुंभ के दौरान लगने वाले भीषण जाम से शहरवासियों को बृहस्पतिवार को राहत मिल गई। मेला शुरू होने के 32वें दिन शहर में आम दिनों की तरह यातायात सुगमता से चलता रहा। मेला शुरू होने के बाद ऐसा पहली बार हुआ है, जब सड़कों पर जाम की स्थिति न के बराबर रही। जबकि बाहरी नंबर के गाड़ियों को भी प्रवेश दिया गया था। माघी पूर्णिमा स्नान के बाद से अधिकतर कल्पवासियों का वापस जाना शुरू हो गया है। मेले में श्रद्धालुओं के कम होने पर पुलिस ने विभिन्न जगहों पर लगे बैरिकेडिंग कम कर दिया। इस कारण सुबह नौ बजे से ही शहर की सड़काें पर रोजाना के मुकाबले गाड़ियों का कम लोड दिखा। इससे शहरी और श्रद्धालुओं को जाम से जूझना नहीं पड़ा। मेडिकल चौराहा, बालसन, सिविल लाइंस, सोहबतिया बाग, तेलियरगंज, फाफामऊ, लेप्रोसी, जानसेनगंज, सीएमपी, अलोपी बाग समेत अन्य जगहों पर जाम की स्थिति सामान्य रही। मुख्य वजह श्रद्धालुओं का मेले से वापस लौटना और चार पहिया वाहनों का इस्तेमाल न होना है। 50 करोड़ का आंकड़ा हो सकता पार माघी पूर्णिमा के बाद भी महाकुंभ में श्रद्धालुओं की भीड़ बनी हुई है। बृहस्पतिवार को कुल स्नानार्थियों का आंकड़ा 49.14 करोड़ को पार हो गया। ऐसे में यदि शुक्रवार को भी बृहस्पतिवार की तरह भीड़ रही और 85 लाख से अधिक लोगों ने संगम में डुबकी लगाई तो कुल स्नानार्थियों की संख्या 50 करोड़ पार हो जाएगी। सीएम ने संगम में लगाई डुबकी लगा मांगी त्रिपुरा की समृदि महाकुंभ नगर। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ.माणिक साहा ने अपने परिवार के साथ बृहस्पतिवार को संगम में डुबकी लगाई। उन्होंने मां गंगा से त्रिपुरा की समृद्धि और शांति की प्रार्थना की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि संगम का पवित्र स्नान जीवन को शुद्ध करता है और आत्मिक शांति प्रदान करता है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि आज महाकुंभ में स्नान करने का सौभाग्य मिला। पवित्र जल, दिव्य ऊर्जा और आध्यात्मिक माहौल ने इसे अविस्मरीय अनुभव बना दिया। गुजरात के मंत्री हर्ष सांघवी ने किया संगम स्नान  गुजरात के गृह राज्य मंत्री हर्ष सांघवी ने बृहस्पतिवार को संगम में डुबकी लगाई तथा पूजन किया। इस दौरान उनके साथ फिल्म कलाकार विक्की कौशल भी रहे। मंत्री ने जून अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि, सतुबा बाबा का भी आशीर्वाद प्राप्त किया। सचिन पायटल ने लगाई संगम में डुबकी कांग्रेस विधायक एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री सचिन पायलट ने भी बृहस्पतिवार को संगम में डुबकी लगाई तथा मांग गंगा से देश-प्रदेश की प्रगति एवं खुशहाली की कामना की। इस मौके पर उन्होंने ने कहा कि महाकुंभ श्रद्धा और आस्था का प्रतीक है। उन्होंने सोशल प्लेटफार्म भी संगम स्नान के फोटो एवं अनुभव साझा किए। काशी तमिल संगमम कल से, तैयारी तेज तृतीय काशी तमिल संगमम कार्यक्रम का आयोजन 15 से 24 फरवरी के बीच होगा। काशी आने वाला दक्षिण भारत का विशेष दल संगम स्नान तथा मेला क्षेत्र एवं अन्य स्थलों का भ्रमण भी करेगा। डीएम रविंद्र कुमार मांदड़ ने बृहस्पतिवार को बैठक कर प्रतिनिधिमंडल के स्वागत तथा अन्य तैयारियों की समीक्षा की। साथ ही विभागों एवं अफसरों की जिम्मेदारी तय की।   recent visitors 58

वृहद नृत्‍य मैराथन रिले से बनेगा विश्व रिकॉर्ड, खजुराहो बाल नृत्य महोत्सव, प्रणाम, सृजन और नाद जैसे नवाचार

51वां खजुराहो नृत्य समारोह 20 से 26 फरवरी तक श्रेष्ठ कलाकारों की प्रस्तुतियां, भारतीय संस्कृति और कलाओं से परिचित करातीं अनुषांगिक गतिविधियां होंगी आकर्षण वृहद नृत्‍य मैराथन रिले से बनेगा विश्व रिकॉर्ड खजुराहो बाल नृत्य महोत्सव, प्रणाम, सृजन और नाद जैसे नवाचार स्काई डाइविंग, हॉट एयर बैलून, कैम्पिंग, विलेज टूर जैसी रोमांचक पर्यटन गतिविधियां होंगी विशेष आकर्षण पद्मभूषण, पद्मश्री, एसएनए अवॉर्डी प्राप्त नृत्य कलाकारों के साथ युवाओं को प्रदर्शन के अवसर भोपाल संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी ने कहा है कि यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट खजुराहो के एक हजार वर्ष प्राचीन मंदिरों की दिव्य आभा में 51वां खजुराहो नृत्य समारोह 20 से 26 फरवरी, 2025 तक आयोजित किया जायेगा। खजुराहो स्थित कंदरिया महादेव मंदिर एवं देवी जगदंबा मंदिर प्रांगण के मध्य में आयोजित होने वाले इस अंतर्राष्ट्रीय नृत्य समागम की भव्यता वर्ष अपने उत्कर्ष पर होगी। समारोह में इस वर्ष कई नए आयाम तथा अनुषांगिक गतिविधियां शामिल की गई हैं। सभी प्रमुख भारतीय शास्‍त्रीय नृत्‍यों कथक, भरतनाट्यम, कुचीपुड़ी, ओडिसी आदि के साथ शास्‍त्रीय नृत्‍य मैराथन (रिले) प्रस्‍तुति की जा रही है, जिसे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्‍ड रिकार्ड में दर्ज करने का प्रयास किया जाएगा। राज्य मंत्री लोधी ने कहा कि खजुराहो नृत्‍य समारोह के मंच को बहुत ही सम्‍मान और आदर के साथ देखा जाता है। यहां प्रस्‍तुति देना किसी भी नृत्‍य कलाकार के लिए गर्व की बात होती है। इसे ध्‍यान में रखते हुए 51वें खजुराहो नृत्‍य समारोह में होने वाली गतिविधियों को विस्‍तार एवं व्‍यापकता देने का प्रयास किया गया है। कला प्रेमी नृत्‍य के साथ ही अन्‍य कला माध्‍यमों का भी आनंद ले सकें। राज्य मंत्री लोधी जनजातीय संग्रहालय में प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे। प्रमुख सचिव, संस्कृति एवं पर्यटन शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव 51वें खजुराहो नृत्‍य समारोह का शुभारम्‍भ करेंगे। इस अवसर पर मध्यप्रदेश राज्य रूपंकर कला पुरस्कार अलंकरण समारोह भी आयोजित किया जाएगा। समारोह में नृत्‍य प्रस्‍तुतियां प्रतिदि‍न सायं 6:30 बजे से प्रारम्‍भ होंगी। अंतर्राष्ट्रीय खजुराहो नृत्य समारोह का आयोजन मध्यप्रदेश शासन, संस्कृति विभाग के लिए उस्ताद अलाउद्दीन खां संगीत एवं कला अकादमी, भोपाल द्वारा भारतीय पुरातत्‍व सर्वेक्षण, मध्‍यप्रदेश पर्यटन एवं छतरपुर जिला प्रशासन के सहयोग से किया जाता है। इस अवसर पर संचालक संस्कृति एन.पी.नामदेव, निदेशक, उस्ताद अलाउद्दीन खां संगीत एवं कला अकादमी डॉ. धर्मेंद्र पारे उपस्थित रहे। वृहद शास्‍त्रीय नृत्‍य मैराथन (रिले) से बनेगा विश्व रिकॉर्ड  सबसे लंबे वृहद शास्‍त्रीय नृत्‍य मैराथन (रिले) प्रस्तुति में निरन्‍तर 24 घंटे से भी अधिक नृत्‍य प्रस्‍तुतियां होंगी। यह गतिविधि आदिवर्त संग्रहालय, खजुराहो में होगी। गति‍विधि का शुभारम्‍भ 19 फरवरी, 2025 को दोपहर 2:00 बजे होगा जो निरन्‍तर 20 फरवरी, 2025 को सायं 5:00 बजे तक आयोजित की जाएगी। इसका नृत्‍य निर्देशन/संयोजन कथक नृत्‍यांगना तथा फिल्‍म अभिनेत्री श्रीमती प्राची शाह, मुम्‍बई एवं संगीत निर्देशन/संयोजन कौशिक बसु, मुम्‍बई द्वारा किया जाएगा। प्रारंभिक रूप से 5-5 कलाकारों के 25 ग्रुप तैयार किये जायेंगे, जिसमें लगभग 125 कलाकार भाग लेंगे। विभागीय संगीत महाविद्यालय/विश्‍वविद्यालय एवं नृत्‍य के वरिष्‍ठ कलागुरुओं के साधनारत शिष्‍यों को प्रस्‍तुति के लिए अमांत्रित किया गया है। खजुराहो बाल नृत्य महोत्सव खजुराहो नृत्य समारोह जैसे अंतर्राष्ट्रीय स्तर के आयोजन से स्‍थानीय युवाओं को जोड़ने के लिए मध्यप्रदेश शासन, संस्कृति विभाग ने पहली बार ''खजुराहो बाल नृत्‍य महोत्‍सव'' का आयोजन किया जाएगा। इसमें मध्‍यप्रदेश के मूल निवासी 10 से 16 साल के युवा कलाकार एक पृथक मंच पर अपनी प्रस्तुति देंगे। आयोजन का उद्देश्य भारतीय शास्‍त्रीय नृत्‍य परम्‍परा को संरक्षित करना और युवा पीढ़ी को भारतीय शास्‍त्रीय नृत्‍यों के प्रति अभिरूचि को प्रोत्‍साहित करना है। ये प्रस्‍तुतियां खजुराहो नृत्‍य समारोह परिसर में स्थित पृथक मंच पर सायं 5 से 6 बजे तक होंगी। इस महोत्‍सव के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए थे, जिसमें 310 नृत्‍य कलाकारों के आवेदन प्राप्‍त हुए थे। वरिष्‍ठ नृत्‍य गुरुओं की चयन समिति द्वारा 15 नृत्‍य कलाकारों को चयनित किया गया है। प्रणाम : वरिष्‍ठ भरतनाट्यम नृत्‍यांगना पद्मविभूषण डॉ. पद्मा सुब्रह्मण्यम के जीवन एवं कला अवदान पर प्रदर्शनी एवं व्‍याख्‍यान 51वें खजुराहो नृत्य समारोह में इस वर्ष एक नई अनुषांगिक गतिविधि "प्रणाम" को जोड़ा गया है। इस गतिविधि के अंतर्गत सुविख्यात नृत्यांगना और पद्मविभूषण डॉ. पद्मा सुब्रह्मण्यम के जीवन और कला अवदान को अभिव्यक्त करते आयोजन होंगे। डॉ. पद्मा सुब्रह्मण्यम के जीवन और कला अवदान पर प्रदर्शनी, व्याख्यान एवं संवाद सह प्रदर्शन भी शामिल होंगे। इसमें उनकी प्रस्‍तुति के फोटो, किताबें, उनके द्वारा डिजाइन नृत्‍य परिधान एवं उन्‍हें प्राप्‍त अवार्ड शामिल होंगे। जैसा कि विदित है डॉ. पद्मा सुब्रह्मण्यम भरतनाट्यम नृत्य की सुप्रसिद्ध कलाकार हैं। वह एक रिसर्च स्कॉलर, कोरियोग्राफर, म्यूजिक कंपोजर, गायिका, शिक्षिका, इंडोलॉजिस्ट और लेखिका भी हैं। वह भारत के साथ-साथ विदेशों में भी प्रसिद्ध हैं। जापान, ऑस्ट्रेलिया और रूस जैसे देशों द्वारा उनके सम्मान में कई फिल्में और वृत्तचित्र बनाए गए हैं। हाल ही में वर्ष 2024 के पद्म विभूषण पुरस्कार के लिए उनके नाम की घोषणा हुई है। वे खजुराहो नृत्य समारोह में पूर्व में प्रस्तुति दे चुकी हैं। व्‍याख्‍यान एवं संवाद हेतु डॉ. जयराजगोपालन, सुअनुराधा विक्रांत, सुमहती कन्‍नन, अरविंद कुमारस्‍वामी, पियाल भट्टाचार्य, डॉ. राजवासुदेवन, अर्जुन भारद्वाज एवं डॉ. सच्चिदानंद जोशी पधारेंगे। पद्म पुरस्कार प्राप्त और एसएनए अवॉर्डी कलाकार देंगे नृत्य प्रस्तुतियां खजुराहो नृत्य समारोह में प्रारंभ से ही नृत्य जगत के सुप्रसिद्ध कलाकारों ने प्रस्तुतियां दी हैं। इस वर्ष भी यह परम्परा जारी रखते हुए पद्म पुरस्‍कार एवं संगीत नाटक अकादमी अवॉर्ड प्राप्‍त नृत्‍य कलाकारों को आमंत्रित किया गया है। इन नामों में कुचिपुड़ी की सुप्रसिद्ध नृत्यांगना पद्मभूषण विदुषी राधा—राजा रेड्डी, मणिपुरी नृत्य कलाकार पद्मदर्शना झवेरी, छाऊ नृत्य कलाकार पद्मशशधर आचार्य, ओडिसी नृत्य कलाकार प्रवत कुमार स्वाइन, मोहिनीअट्टम नृत्य कलाकार पद्मविदुषी भारती शिवाजी, कथक नृत्य कलाकार पद्मविदुषी शोभना नारायण, सत्रीय नृत्य कलाकार पद्मगुरु जतिन गोस्वामी शामिल हैं। वहीं एसएनए अवॉर्डी में मोहिनीअट्टम नृत्य कलाकार सुपल्लवी कृष्णनन, भरतनाट्यम नृत्य कलाकार डॉ.संध्या पुरेचा, कुचिपुड़ी नृत्य कलाकार सुदीपिका रेड्डी, कथकली नृत्य कलाकार सदानम के.हरिकुमार, कथक नृत्य कलाकार सुअदिति मंगलदास, मणिपुरी नृत्य कलाकार गुरु कलावती देवी—बिम्बावती देवी का नाम शामिल है। साथ ही फिल्म अभिनेत्री और भरतनाट्यम की सुप्रसिद्ध नृत्यांगना सुमीनाक्षी शेषाद्रि की एकल नृत्य प्रस्तुति भी होगी। नाद : भारतीय लोक एवं शास्त्रीय संगीत में उपयोगी वाद्यों की प्रदर्शनी भारतीय लोक एवं नृत्य — संगीत में विभिन्न प्रकार के वाद्यों का प्रयोग किया जाता … Read more

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने संभाग स्तरीय बैठक में स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा की

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि मातृ मृत्यु दर व शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिये स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग को समन्वित प्रयास करना होगा। ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य कार्यकर्ताएँ व आंगनवाड़ी कार्यकर्ता गर्भवती महिलाओं का शत-प्रतिशत पंजीयन करें तथा प्रतिमाह उन्हें चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई जाय। उप मुख्यमंत्री ने कमिश्नर कार्यालय सभागार रीवा में स्वास्थ्य सूचकांक, एएनसी पंजीयन व संस्थागत प्रसव सहित स्वास्थ्य सुविधाओं की विस्तार से समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि मातृ मृत्यु दर व शिशु मृत्यु दर में सुधार की आवश्यकता है। स्वास्थ्य विभाग का मैदानी अमला पूरी संवेदनशीलता के साथ घर-घर जाकर गर्भवती माताओं का शत-प्रतिशत पंजीयन करते हुए उन्हें प्रतिमाह व तिमाही में मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाएँ दें तथा उनकी जांच कराये ताकि वह महिलाएँ हाई रिस्क में न जा पाये। उन्होंने कहा कि हाई रिस्क में यदि गर्भवती महिला पहुंचती है तो उसको समय समय पर उपचार दिया जाय। तदुपरांत उसका संस्थागत प्रसव कराकर सुरक्षित किया जाय। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य के क्षेत्र में अधोसंरचना विकास के अनेक कार्य संचालित हैं। ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में अस्पताल भवनों के निर्माण के साथ ही पर्याप्त दवाइयों की उपलब्धता, डॉक्टर्स व पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति के कार्य प्राथमिकता से किये जा रहे हैं। जरूरत इस बात की है कि मैदानी अमला पूरी निष्ठा से कार्य करें तथा जिला एवं विकासखण्ड स्तरीय अधिकारी गंभीरता से मानीटरिंग करें व क्षेत्र का नियमित भ्रमण करें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत प्रतिमाह की 9 एवं 25 तारीख को दी जाने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं की मानीटरिंग की जाएं ताकि इसका अधिक से अधिक आउटपुट निकले। उप मुख्यमंत्री ने अपेक्षा की कि गर्भवती महिलाओं के परिजनों को भी उसके स्वास्थ्य का ध्यान रखने के लिये जागरूक किया जाएं जिससे जच्चा व बच्चा स्वस्थ्य रहे। उप मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों से अपेक्षा की कि वह क्षेत्र का भ्रमण कर स्वास्थ्य सुविधाओं की सतत मॉनिटरिंग करें।कमियों को दूर करने के लिये प्रयास करें। उन्होंने रीवा संभाग का व्हाट्सअप ग्रुप बनाकर स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रगति की नियमित जानकारी शेयर करने के भी निर्देश दिये। उप मुख्यमंत्री ने अपेक्षा की कि रीवा संभाग में समन्वित प्रयासों से शिशु मृत्यु दर व मातृ मृत्यु दर में कमी लाने में सफलता मिलेगी और इसकी लिये प्रतिमाह रिव्यू बैठक की जायेगी। कमिश्नर रीवा संभाग बीएस जामोद, कलेक्टर सतना डॉ. सतीश कुमार एस, कलेक्टर मऊगंज अजय श्रीवास्तव, कलेक्टर मैहर सुरानी बाटड़, सीईओ जिला पंचायत रीवा एवं सीधी उपस्थित रहे। कलेक्टर सिंगरौली वीसी के माध्यम से बैठक में जुड़े। इस दौरान स्वास्थ्य तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के रीवा संभाग के जिलों के अधिकारी उपस्थित रहे।   recent visitors 39

नए वित्त वर्ष के लिए योजना प्रस्तावों पर दिये समुचित निर्देश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों को छात्रावास में किसी भी तरह की असुविधा न होने पायें। सभी छात्रावासों में बेहतर से बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। बच्चों को पढ़ने के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार किया जाये। छात्रावास में प्रवेश लेने के बाद विद्यार्थी सिर्फ़ अपनी पढ़ाई पर ही अधिकाधिक ध्यान केंद्रित करें, ऐसा समय प्रबंधन किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में अनुसूचित जाति कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अनुसूचित जाति कल्याण विभाग की संचालित योजनाओं की वर्तमान प्रगति और आगामी वित्तीय वर्ष के लिए तैयार योजना प्रस्तावों एवं आवंटन की स्थिति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अजा वर्ग के लिए सभी कल्याण योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू किया जाए, जिससे समाज के वंचित वर्गों को अधिकतम लाभ मिल सके। डॉ. अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय महू में विधि संकाय प्रारंभ करें मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि 24 जनवरी को महेश्वर में हुई कैबिनेट में महू स्थित डॉ. भीमराव अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय में विधि संकाय प्रारंभ करने के लिए 25 करोड़ रुपए मंजूर किए गये हैं। विधि संकाय प्रारंभ करने के लिए सभी तैयारियां समय रहते कर ली जायें। प्रमुख सचिव ने बताया कि अनुसूचित जाति कल्याण विभाग द्वारा डॉ. अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय, महू (इंदौर) को वित्तीय वर्ष 2024-25 में 6 करोड़ 40 लाख रुपए की अनुदान राशि जारी की गई है। बैठक में अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार कॉश्यप, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव वित्त मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव अनुसूचित जाति कल्याण डॉ. ई. रमेश कुमार सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास पर विशेष ध्यान प्रमुख सचिव अजा कल्याण डॉ. कुमार ने बताया कि अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों के शैक्षणिक उत्थान के लिए छात्रावासों का संचालन, छात्रवृत्ति योजनाओं का क्रियान्वयन, शिक्षा प्रोत्साहन योजनाएं, अनुदान कार्यक्रम और स्वरोजगार योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। अत्याचार निवारण अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन भी विभाग की विशेष प्राथमिकता में है।   recent visitors 46

महिला प्रीमियर लीग 2025 की शुरुआत होगी आज से, जिसमें पांच टीमें खिताब के लिए जंग लड़ेंगी

नई दिल्ली आगामी टूर्नामेंट में कुल पांच टीमें भाग लेंगी। सभी टीमें एक-दूसरे के खिलाफ 2-2 मैच खेलेंगी। इस तरह एक टीम कुल आठ मुकाबले खेलेगी। 14 फरवरी से 11 मार्च तक लीग स्टेज के 20 मुकाबले खेले जाएंगे। दिलचस्प बात यह है कि इस बार किसी भी दिन डबल हेडर नहीं होगा यानी एक भी दिन दो मैच नहीं खेले जाएंगे। महिला प्रीमियर लीग 2025 की शुरुआत में अब 24 घंटे से भी कम समय शेष है। शुक्रवार को इस टूर्नामेंट के तीसरे संस्करण का आगाज होगा, जिसमें पांच टीमें खिताब के लिए जंग लड़ेंगी। एक महीने तक चलने वाले इस टूर्नामेंट में  कुल 22 मुकाबले खेले जाएंगे। इस दौरान खेल, प्रतिभा और प्रतिस्पर्धा का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। आगामी टूर्नामेंट में कुल पांच टीमें भाग लेंगी। सभी टीमें एक-दूसरे के खिलाफ 2-2 मैच खेलेंगी। इस तरह एक टीम कुल आठ मुकाबले खेलेगी। 14 फरवरी से 11 मार्च तक लीग स्टेज के 20 मुकाबले खेले जाएंगे। दिलचस्प बात यह है कि इस बार किसी भी दिन डबल हेडर नहीं होगा यानी एक भी दिन दो मैच नहीं खेले जाएंगे। महिला प्रीमियर लीग का पहला मुकाबला गत चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात जाएंट्स के बीच मुकाबले से होगा। यह मुकाबला वडोदरा के में कोतांबी स्टेडियम में शाम 7:30 बजे से खेला जाएगा। इससे पहले भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) भव्य उद्घाटन समारोह का आयोजन करेगा।   दिल्ली कैपिटल्स: मेग लैनिंग (कप्तान), एलिस कैप्सी, सारा ब्राइस, एनाबेल सदरलैंड, मिन्नू मणि, शैफाली वर्मा, अरुंधति रेड्डी, एन चरानी, शिखा पांडे, जेमिमा रोड्रिग्स, नंदिनी कश्यप, स्नेहा दीप्ति, जेस जोनासेन, निकी प्रसाद, तानिया भाटिया, मार्चिजैन कैप, राधा यादव, तितास साधु। गुजरात टाइटंस: एश्ले गार्डनर (कप्तान), हरलीन देओल। प्रकाशिका नाइक, बेथ मूनी, काशवी गौतम, प्रिया मिश्रा, भारती फुलमाली, लौरा वोल्वार्ड्ट, सयाली साचरे, डेनिएल गिब्सन, मन्नत कश्यप, शबनम शकील, दयालन हेमलता, मेघना सिंह, सिमरन शेख, डींड्रा डॉटिन, फोएबे लिचफील्ड, तनुजा कंवर। मुंबई इंडियंस: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), अक्षिता माहेश्वरी, पूजा वस्त्राकर, अमनदीप कौर, हेले मैथ्यूज, सैका इशाक, अमनजोत कौर, जिन्तिमनी कलिता, सजीवन सजना, अमेलिया केर, कीर्तना बालाकृष्णन, संस्कृति गुप्ता, क्लो ट्रायॉन, नादिन डी क्लार्क, शबनीम इस्माइल, जी कमलिनी, नताली साइवर-ब्रंट, यास्तिका भाटिया। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु: स्मृति मंधाना (कप्तान), आशा शोभना जॉय, जोशिता वीजे, ऋचा घोष, डैनी व्याट, कनिका आहूजा, सब्बीनेनी मेघना, एकता बिष्ट, केट क्रॉस, श्रेयंका पाटिल, एलिसे पेरी, प्रेमा रावत, जॉर्जिया वेयरहैम, राघवी बिस्ट, सोफी डिवाइन, जाग्रवी पवार, रेणुका सिंह, सोफी मोलिनेक्स। यूपी वारियर्स: दीप्ति शर्मा (कप्तान), अलाना किंग, गौहर सुल्ताना, साइमा ठाकोर, एलिसा हीली, ग्रेस हैरिस, श्वेता सहरावत, अंजलि सरवानी, किरण नवगिरे, सोफी एक्लेस्टोन। अरुशी गोयल, क्रांति गौड़, ताहलिया मैकग्राथ, चमारी अथापथु, पूनम खेमनार, उमा छेत्री, राजेश्वरी गायकवाड़, वृंदा दिनेश। महिला प्रीमियर लीग 2025 का पूरा कार्यक्रम तारीख     मैच     स्थान 14 फरवरी     गुजरात जाएंट्स बनाम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू     वडोदरा 15 फरवरी     मुंबई इंडियंस बनाम दिल्ली कैपिटल्स     वडोदरा 16 फरवरी     गुजरात जाएंट्स बनाम यूपी वॉरियर्स     वडोदरा 17 फरवरी     दिल्ली कैपिटल्स बनाम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू     वडोदरा 18 फरवरी     गुजरात जाएंट्स बनाम मुंबई इंडियंस     वडोदरा 19 फरवरी     यूपी वॉरियर्स बनाम दिल्ली कैपिटल्स     वडोदरा 21 फरवरी     रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू बनाम मुंबई इंडियंस     बंगलुरू 22 फरवरी     दिल्ली कैपिटल्स बनाम यूपी वॉरियर्स     बंगलुरू 24 फरवरी     रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू बनाम यूपी वॉरियर्स     बंगलुरू 25 फरवरी     दिल्ली कैपिटल्स बनाम गुजरात जाएंट्स     बंगलुरू 26 फरवरी     मुंबई इंडियंस बनाम यूपी वॉरियर्स     बंगलुरू 27 फरवरी     रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू बनाम गुजरात जाएंट्स     बंगलुरू 28 फरवरी     दिल्ली कैपिटल्स बनाम मुंबई इंडियंस     बंगलुरू 1 मार्च     रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू बनाम दिल्ली कैपिटल्स     बंगलुरू 3 मार्च     यूपी वॉरियर्स बनाम गुजरात जाएंट्स     लखनऊ 6 मार्च     यूपी वॉरियर्स बनाम मुंबई इंडियंस     लखनऊ 7 मार्च     गुजरात जाएंट्स बनाम दिल्ली कैपिटल्स     लखनऊ 8 मार्च     यूपी वॉरियर्स बनाम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू     लखनऊ 10 मार्च     मुंबई इंडियंस बनाम गुजरात जाएंट्स     मुंबई 11 मार्च     मुंबई इंडियंस बनाम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू     मुंबई 13 मार्च     एलिमिनेटर     मुंबई 15 मार्च     फाइनल     मुंबई नोट: सभी मुकाबले शाम 7:30 बजे से खेले जाएंगे।   recent visitors 63

महाकाल मंदिर तक पहुंचने के लिए रुद्रसागर पर नया पुल बना, भक्तों को अब खास रास्ता मिलेगा

उज्जैन महाकाल मंदिर तक पहुंचने के लिए रुद्रसागर पर नया पुल बन गया है जिसका भक्तों को अब खास रास्ता मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 15 फरवरी को उज्जैन का दौरा करेंगे। इस दौरान वह महाकाल मंदिर तक पहुंचने के लिए रुद्रसागर पर बनाए गए पैदल पुल का लोकार्पण करेंगे। यह पुल उज्जैन स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा 25 करोड़ 22 लाख रुपये की लागत से बनाया गया है। मुख्यमंत्री इस कार्यक्रम में शाम 7 बजे पुल पर मौजूद रहकर इसे जनता के लिए खोलेंगे। इसके अलावा मुख्यमंत्री नगर निगम द्वारा दशहरा मैदान पर बनाए गए राजाभाऊ महाकाल स्टेडियम का भी लोकार्पण करेंगे जिसकी लागत 4 करोड़ 43 लाख रुपये है। वहीं मोती नगर में श्रीकृष्ण आश्रय सभा मंडप का लोकार्पण भी करेंगे जिसकी लागत 4 करोड़ 33 लाख रुपये है। इसके अलावा त्रिवेणी शनि मंदिर के पास बने हाल का भी उद्घाटन किया जाएगा। लोकार्पण के बाद शुरू हो जाएगी आवाजाही मुख्यमंत्री के लोकार्पण के बाद रुद्रसागर पर बने पैदल पुल से आवाजाही शुरू हो जाएगी। कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने बताया कि प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है और उद्घाटन के बाद श्रद्धालु आसानी से इस पुल का उपयोग कर सकेंगे। महाकाल मंदिर तक पहुंचने के लिए नौवां रास्ता तैयार इस नए पुल के बनने से महाकाल मंदिर तक पहुंचने का नौवां रास्ता तैयार हो गया है। श्रद्धालु अब शक्ति पथ पर पिनाकी द्वार से आगे माधवगंज स्कूल के सामने से रुद्रसागर पर बने पुल से होकर महाकाल महालोक में मानसरोवर भवन के सामने पहुंच सकेंगे और सीधे महाकाल मंदिर में प्रवेश कर पाएंगे। यह पुल 200 मीटर लंबा और छह मीटर चौड़ा है। पुल के मध्य में 19 मीटर चौड़ी जगह है जहां श्रद्धालु कुछ समय रुक कर रुद्रसागर और आसपास की खूबसूरती का आनंद ले सकेंगे। इसी जगह से महाकाल मंदिर के शिखर के दर्शन भी किए जा सकेंगे। यह नया पुल श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण रास्ता साबित होगा और महाकाल मंदिर तक पहुंचने में सुविधा प्रदान करेगा।   recent visitors 47