युवक ने फोन पर अधिकारियों से कहा- योगी आदित्यनाथ को मारना चाहता है, ताकि वह डॉन बन सके

मुरैना मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के एक गांव के 20 वर्षीय युवक ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जान से मारने की धमकी दी है। यह घटना तब सामने आई जब युवक ने सोशल मीडिया के जरिए उत्तर प्रदेश सरकार के विजिलेंस विभाग का फोन नंबर प्राप्त कर उसे कॉल किया। युवक ने फोन पर अधिकारियों से कहा कि वह योगी आदित्यनाथ को मारना चाहता है, ताकि वह "डॉन" बन सके युवक ने कैसे दी धमकी? युवक ने फोन पर अधिकारियों से कहा कि मेरी योगी आदित्यनाथ से बात करवा दीजिए।" जब अधिकारियों ने पूछा कि वह ऐसा क्यों करना चाहता है, तो उसने जवाब दिया, "मैं उन्हें मारकर डॉन बनना चाहता हूं।" उत्तर प्रदेश एसटीएफ की कार्रवाई इस धमकी की सूचना मिलते ही उत्तर प्रदेश पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और एसटीएफ की दो टीमों को मुरैना भेजा। मंगलवार देर शाम जब टीम युवक के गांव पहुंची, तो उसके घर पर ताला लगा मिला। करीब 10 घंटे की तलाश के बाद युवक को पकड़ लिया गया। युवक की सफाई युवक ने पूछताछ में बताया कि उसने यह सब सिर्फ मजाक में किया था। उसने कहा कि उसे यह फोन नंबर सोशल मीडिया पर मिला था और वह मोबाइल चलाते समय उसे कॉल करने का विचार आया। उसने आगे बताया कि वह अक्सर फोन पर धमकियां देता है और कुछ ग्रामीणों ने कहा कि वह मानसिक रूप से अस्वस्थ है। आरोपी पहुंचा थाने दिलचस्प बात यह है कि आरोपी खुद ही सिविल लाइन थाने पहुंच गया और मुरैना पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी। थाने के टीआई ने यूपी एसटीएफ के अधिकारियों को सूचित किया कि जिस युवक की तलाश थी, वह अब थाने में मौजूद है। इस घटना ने स्थानीय लोगों में भी चर्चा का विषय बना दिया है, क्योंकि कुछ ग्रामीणों ने बताया कि युवक अक्सर ऐसे फोन कॉल करता है। इस मामले की जांच अब आगे बढ़ रही है, और पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि युवक के पीछे और क्या कारण हो सकते हैं।   recent visitors 37

रिपोर्ट में 1400 मौत का दावा- बांग्लादेश हिंसा के लिए शेख हसीना जिम्मेदार: संयुक्त राष्ट्र

ढाका संयुक्त राष्ट्र ने आज बांग्लादेश में हुए हिंसक प्रदर्शन के लिए पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को जिम्मेदार ठहराया है। संयुक्त राष्ट्र ने बुधवार को कहा कि बांगलादेश की पूर्व सरकार ने सत्ता बनाए रखने के लिए पिछले साल प्रदर्शनकारियों पर सुनियोजित हमले करवा और हत्याएं हुईं। यह'मानवता के खिलाफ अपराध' हो सकती है। संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार कार्यालय ने अपनी जांच रिपोर्ट में कहा कि प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार ने विरोध प्रदर्शनों का दमन किया। इस दौरान सैकड़ों गैरकानूनी हत्याएं की गईं। संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार कार्यालय ने बांगलादेश में 1 जुलाई से 15 अगस्त 2024 के बीच हुए घटनाओं की जांच की और पाया कि पूर्व सरकार द्वारा हत्या, यातना, कैद और अन्य अमानवीय कृत्य किए गए। इन कृत्यों में शेख हसीना की सरकार, उनके अवामी लीग पार्टी के हिंसक तत्वों और बांगलादेशी सुरक्षा एवं खुफिया सेवाओं के हाथ थे। इस दौरान बांगलादेश में विरोध प्रदर्शन सरकारी नौकरी में आरक्षण के खिलाफ शुरू हुए थे। इसके बाद शेख हसीना से इस्तीफे की मांग शुरू हुई। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि करबी 1400 लोग मारे गए और हजारों लोग घायल हुए। रिपोर्ट में कहा गया कि मारे गए अधिकांश लोग बांगलादेश के सुरक्षा बलों द्वारा की गई गोलीबारी में मारे गए। उनमें बच्चे भी शामिल थे। मृतकों में 12 से 13 प्रतिशत बच्चे शामिल थे। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि सुरक्षा बलों ने शेख हसीना की सरकार का समर्थन किया और प्रदर्शनों को दबाने के लिए हिंसक उपायों का इस्तेमाल किया। इसमें महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा और बच्चों के खिलाफ अत्याचार भी शामिल थे। पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों ने बच्चों को मारा-पीटा और उन्हें अमानवीय परिस्थितियों में गिरफ्तार किया और यातना दी। संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर टर्क ने कहा, "पूर्व सरकार की बर्बर प्रतिक्रिया सत्ता बनाए रखने की एक सुनियोजित और समन्वित रणनीति थी, जो जन विरोध का सामना कर रही थी।" उन्होंने कहा कि इस दौरान हजारों व्यक्तियों की हत्या, गिरफ्तारियां और यातनाएं राजनीतिक नेतृत्व और वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों की जानकारी में हुईं। recent visitors 37

छात्रों को नग्न कर प्राइवेट पार्ट्स से लटका दिए डम्बल, रैगिंग की खौफनाक कहानी सुन कांप उठेगी रूह

कोट्टायम: केरल के एक मेडिकल कॉलेज से रैगिंग की एक खौफनाक वारदात सामने आई है जिसमें जूनियर छात्रों को सीनियर्स ने पहले कपड़े उतारकर नग्न कर दिया गया, फिर उनके गुप्तांगों पर डम्बल लटका दिया। इतना ही नहीं, उसके बाद सीनियर्स ने ज्योमेट्री बॉक्स के कंपास से बार बार वार किया गया और तीन महीने तक बुरी तरह पीटा। केरल के एक सरकारी कॉलेज में हुए रैगिंग की इस घटना ने लोगों को हिलाकर रख दिया है, जहां नर्सिंग के तीसरे वर्ष के पांच छात्रों को कथित तौर पर अपने जूनियर्स को महीनों तक क्रूर शारीरिक और मानसिक शोषण करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। थाने में दर्ज शिकायत से हुआ खुलासा यह घटना कोट्टायम के सरकारी नर्सिंग कॉलेज में हुई, जहां प्रथम वर्ष के तीन छात्रों, जो सभी तिरुवनंतपुरम से हैं, सभी ने कोट्टायम गांधीनगर पुलिस में एक औपचारिक शिकायत दर्ज की, जिसमें नवंबर 2024 में शुरू हुई और लगभग तीन महीने तक जारी हिंसक कृत्यों का खुलासा किया गया। शिकायत के कारण आरोपी छात्रों को निलंबित कर दिया गया और एंटी-रैगिंग अधिनियम के तहत उनकी गिरफ्तारी की गई। घटना जानकर रूह कांप जाएगी पुलिस के अनुसार, प्रथम वर्ष के छात्रों को सीनियर छात्रों ने नग्न खड़े होने के लिए मजबूर किया, जबकि उनके वरिष्ठ छात्रों ने उनके निजी अंगों से डम्बल लटका दिए। पीड़ितों को ज्योमेट्री बॉक्स से कंपास सहित तेज वस्तुओं का उपयोग करके भी चोट पहुंचाई गई थी। उनकी क्रूरता यहीं नहीं रुकी. घावों पर लोशन लगाया गया, जिससे दर्द होने लगा। जब पीड़ित दर्द से चिल्लाने लगे तो उनके मुंह में जबरन लोशन ठूंस दिया गया। वरिष्ठों ने कथित तौर पर इन कृत्यों को फिल्माया और जूनियर्स को धमकी दी कि यदि उन्होंने दुर्व्यवहार की रिपोर्ट करने की हिम्मत की तो उनका कैरियर खत्म हो जाएगा। पांच छात्र हुए गिरफ्तार शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि रविवार को सीनियर्स नियमित रूप से जूनियर्स से शराब खरीदने के लिए पैसे वसूलते थे। जो लोग इस आदेश को मानने  से इनकार करते थे उन्हें पीटा जाता था। एक छात्र, जो अब उत्पीड़न सहन करने में असमर्थ था, ने अपने पिता को सबकुछ बताया दिया, जिन्होंने उसे पुलिस से संपर्क करने के लिए प्रोत्साहित किया। सभी पांचों आरोपी छात्र फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं और उनके बुधवार दोपहर तक मजिस्ट्रेट के सामने पेश किए जाने की उम्मीद है।  recent visitors 48

डोनाल्ड ट्रंप के गाजा योजना को लेकर अरब देश करेंगे ध्वस्त, दिया दो टूक जवाब

वाशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के गाजा योजना को लेकर अरब दुनिया में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। अरब लीग के महासचिव अहमद अबुल गैत और जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला द्वितीय ने इस योजना को सख्ती से खारिज कर दिया है। अरब लीग के महासचिव अबुल गैत ने दुबई में वर्ल्ड गवर्नमेंट समिट में कहा कि फिलिस्तीनियों को गाजा और वेस्ट बैंक से विस्थापित करना अरब क्षेत्र के लिए अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा, "अरब जगत पिछले 100 साल से इस विचार के खिलाफ लड़ता आ रहा है।" इसी कड़ी में जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला द्वितीय ने भी ट्रंप के साथ बैठक में दो टूक कहा कि उनका देश फिलिस्तीनियों के विस्थापन के किसी भी प्रयास को स्वीकार नहीं करेगा। हालांकि, मानवीय आधार पर उन्होंने गाजा के 2,000 बीमार बच्चों को शरण देने की पेशकश की। ट्रंप के गाजा प्लान बढ़ा विवाद उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में यह प्रस्ताव रखा था कि अमेरिका गाजा पर नियंत्रण कर सकता है और इसे एक शानदार पर्यटन स्थल के रूप में विकसित कर सकता है। अरब देशों को लगता है कि उनकी यह योजना फिलिस्तीनियों को उनकी भूमि से बेदखल करने पर आधारित है, जिसे अरब देशों ने पूरी तरह से अस्वीकार कर दिया है। ट्रंप ने जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला के साथ एक बैठक के दौरान कहा, "हम गाजा को अपने नियंत्रण में लेंगे और संजो कर रखेंगे।" हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि वह व्यक्तिगत रूप से वहां कोई रियल एस्टेट प्रोजेक्ट नहीं करेंगे। किंग अब्दुल्ला ने ट्रंप को समझाने की कोशिश करते हुए कहा कि मिस्र इस मुद्दे पर एक व्यापक योजना तैयार कर रहा है, जिस पर आगे चर्चा होगी। उन्होंने कहा, "हमें इंतजार करना चाहिए कि मिस्र क्या प्रस्ताव रखता है, और फिर हम इस पर रियाद में चर्चा करेंगे।" मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी ने भी गाजा पुनर्निर्माण का समर्थन किया, लेकिन फिलिस्तीनियों के विस्थापन को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया। क्या जॉर्डन पर दबाव बनाएंगे ट्रंप? जॉर्डन को अमेरिका से हर साल करीब 750 मिलियन डॉलर की आर्थिक मदद और 350 मिलियन डॉलर की सैन्य सहायता मिलती है। ऐसा बताया जा रहा है कि ट्रंप इस सहायता को रोकने की धमकी देकर जॉर्डन और अन्य अरब देशों पर दबाव बना सकते हैं। हालांकि, किंग अब्दुल्ला ने यह संकेत दिया कि उनके देश का रुख अडिग रहेगा। अब सबकी नजरें आगामी रियाद बैठक पर टिकी हैं, जहां अरब देश ट्रंप के इस विवादास्पद प्रस्ताव पर अपनी साझा रणनीति तय करेंगे। recent visitors 48

शुभमन गिल ने रच दिया इतिहास, वनडे इंटरनेशनल में तोड़ दिया हाशिम अमला का ये बड़ा रिकॉर्ड

अहमदाबाद भारत और इंग्लैंड के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का आखिरी मुकाबला 12 फरवरी (बुधवार) को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला गया है. इस मुकाबले में भारत के स्टार ओपनर शुभमन गिल ने इतिहास रच दिया. गिल ने वनडे इंटरनेशनल में सबसे तेज 2500 रन बनाने की उपलब्धि हासिल कर ली. गिल ने 31 जनवरी 2019 को हैमिल्टन के सेडॉन पार्क में न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे डेब्यू किया था. भारत के लिए अपना 50वां वनडे मैच (50वीं पारी) खेलते हुए शुभमन गिल ने इस जादुई आंकड़े को छुआ. गिल ने साउथ अफ्रीकी दिग्गज हाशिम अमला के रिकॉर्ड को तोड़ा, जिन्होंने अपनी 51वीं वनडे पारी में 2500 रनों का आंकड़ा पार किया था. गिल को वनडे में 2500 रन पूरे करने के लिए 25 रनों की जरूरत थी और उन्होंने गस एटकिंसन द्वारा फेंके गए भारतीय पारी के 10वें ओवर की पांचवीं गेंद पर चौका लगाकर यह लक्ष्य हासिल कर लिया. वनडे (ODI) में सबसे तेज 2500 रन 1. शुभमन गिल (भारत)- 50 इनिंग्स 2. हाशिम अमला (साउथ अफ्रीका)- 51 इनिंग्स 3. इमाम उल हक (पाकिस्तान) – 52 इनिंग्स अहमदाबाद वनडे में गिल का शतक शुभमन गिल भारत और इंग्लैंड के बीच चल रही सीरीज में शानदार फॉर्म में हैं. पंजाब के इस क्रिकेटर ने 6 फरवरी को नागपुर के विदर्भ क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में खेले गए सीरीज के पहले मैच में 96 गेंदों पर 87 रन बनाए और रविवार (9 फरवरी) को कटक के बाराबती स्टेडियम में खेले गए दूसरे वनडे में 52 गेंदों पर 60 रन बनाए थे. अब गिल ने अहमदाबाद वनडे में शतक जड़ दिया. गिल ने 95 गेंदों पर अपना शतक पूरा किया. इस दौरान गिल ने 2 छक्के और 14 चौके जमाए. गिल का वनडे इंटरनेशनल में यह अपना 7वां शतक है. इसके अलावा उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 5 शतक जमाए हैं. जबकि टी20 इंटरनेशनल में भी गिल ने एक शतक लगाया है. इस तरह यह स्टार ओपनर तीनों फॉर्मेट में शतक जमा चुका है. अहमदाबाद वनडे लिए भारतीय टीम में तीन बदलाव हुए हैं. ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा और तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को आराम दिया गया, जबकि स्पिनर वरुण चक्रवर्ती पिंडली में दर्द के कारण बाहर रहे. इनके स्थान पर कुलदीप यादव, वॉशिंगटन सुंदर और अर्शदीप सिंह को प्लेइंग-11 में शामिल किया गया. उधर इंग्लैंड ने टॉम बैंटन को जेमी ओवर्टन की जगह प्लेइंग-11 में शामिल किया.   recent visitors 52

आप पार्टी के मुखिया केजरीवाल करेंगे विपक्ष की भूमिका का फैसला, आतिशी या कोई और?

नई दिल्ली दिल्ली में विधानसभा चुनाव के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को जहां मुख्यमंत्री और मंत्रियों पर फैसला लेना है तो दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी (आप) के मुखिया अरविंद केजरीवाल को भी एक अहम निर्णय लेना है। सरकार गठन के बाद दिल्ली में पहले विधानसभा सत्र की शुरुआत से पहले अरविंद केजरीवाल को विपक्ष के चेहरे की तलाश करनी होगी। लगातार तीन बार दिल्ली में सरकार बना चुकी 'आप' पहली बार विपक्ष में बैठने जा रही है। ऐसे में पार्टी को नेता विपक्ष के लिए चेहरा तय करना होगा। विधानसभा चुनाव में 22 सीटों पर सिमट गई पार्टी के अधिकतर बड़े चेहरे चुनाव हार गए हैं। खुद अरविंद केजरीवाल नई दिल्ली सीट से चुनाव हार गए तो मनीष सिसोदिया, सत्येंद्र जैन, सौरभ भारद्वाज, राखी बिड़लान के लिए भी विधानसभा के दरवाजे बंद हो गए हैं। ऐसे में अरविंद केजरीवाल को अब 22 विधायकों में से किसी एक ऐसे चेहरे की तलाश करनी होगी जो ना सिर्फ नेता विपक्ष के तौर पर ना सिर्फ जनता बल्कि पार्टी के हितों को भी साध सके। राजनीतिक जानकारों की मानें तो यह जिम्मेदारी आतिशी मार्लेना को मिल सकती है, जिनपर अरविंद केजरीवाल ने हाल के दिनों में सबसे अधिक भरोसा जताया है। पहले जहां मंत्री बनाकर उन्हें डेढ़ दर्जन विभागों की जिम्मेदारी दी गई तो बाद में मुख्यमंत्री भी बनाया। आतिशी ने भाजपा के पूर्व सांसद रमेश बिधूड़ी को कालकाजी सीट से हराया है। आतिशी ना सिर्फ अरविंद केजरीवाल की भरोसेमंद हैं, बल्कि वाकपटु भी हैं, जो नेता विपक्ष के लिए सबसे अहम योग्यता है। रेस में कुछ और भी नाम आतिशी के अलावा कुछ अन्य नाम भी रेस में बताए जा रहे हैं। पूर्व मंत्री और आप के संस्थापक सदस्य गोपाल राय भी प्रमुख दावेदार हैं। बाबरपुर से तीसरी बार जीते गोपाल राय दिल्ली प्रदेश के संयोजक भी हैं। उत्तर प्रदेश के मऊ में पैदा हुए गोपाल राय के जरिए पार्टी पूर्वांचली कार्ड भी खेल सकती है। पूर्वांचली दावेदारों में संजीव झा का भी नाम शामिल है। वहीं, कोंडली से विधायक और युवा दलित चेहरे कुलदीप कुमार (मोनू) भी केजरीवाल की पसंद हो सकते हैं। एमसीडी में एक सफाई कर्मचारी के बेटे कुलदीप के जरिए दलितों को साधा जा सकता है। recent visitors 57

नायब तहसीलदार अरुण चन्दवंशी को बनाया पटवारी, कर रहे थे ऐसा काम की उड़ने लगा था विभाग का मजाक

आगर मालवा मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले में प्रशासनिक सख्ती देखने को मिली है। फर्जी राशन कार्ड बनाने और न्यायिक शक्तियों के दुरुपयोग के आरोप में एक नायब तहसीलदार को पदावनत (डिमोट) कर पटवारी बना दिया गया है। यह कार्रवाई मध्य प्रदेश शासन के आदेश पर की गई। जिससे हड़कंप मच गया है। लोगों का कहना है कि सरकार के इस एक्शन से भ्रष्ट अधिकारियों में भय पैदा होगा, जाे न्याय हित में बहुत जरूरी है। नायब तहसीलदार गरीबी रेखा के राशन कार्ड में कर रहे थे खेल जानकारी के अनुसार, नायब तहसीलदार अरुण चन्दवंशी पर शासन के नियमों के खिलाफ काम करने और कई फर्जी आदेश जारी करने के गंभीर आरोप थे। बताया जाता है कि उन्होंने आगर मालवा के झोटा और बिजानगरी क्षेत्र में रहते हुए कई अनियमितताएं की थीं। इसमें एक-एक साल की अवधि के लिए गरीबी रेखा के राशन कार्ड जारी करने जैसी गड़बड़ियां शामिल हैं। लोकायुक्त में शिकायत के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने लिया एक्शन अरुण चन्दवंशी के खिलाफ लोकायुक्त में शिकायत दर्ज होने के बाद शासन ने उनके खिलाफ जांच शुरू की। जांच में आरोप सही पाए गए, जिसके बाद मध्य प्रदेश राजस्व विभाग, भोपाल ने आदेश जारी कर उन्हें नायब तहसीलदार पद से हटाकर पटवारी बना दिया। कलेक्टर को आदेश मिलने के बाद उन्हें उज्जैन स्थानांतरित कर दिया गया है, जहां वे अब पटवारी के रूप में कार्य करेंगे। सरकारी नियमों के खिलाफ काम करने पर कार्रवाई मध्य प्रदेश सरकार प्रशासनिक सख्ती बरतते हुए सरकारी पदों पर बैठे अधिकारियों द्वारा किए गए घोटालों पर कड़ा रुख अपना रही है। इसी क्रम में यह कार्रवाई एक उदाहरण के रूप में देखी जा रही है, जिससे अन्य सरकारी अधिकारियों को सख्त संदेश मिले कि प्रशासनिक शक्तियों का दुरुपयोग किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नायब तहसीलदार अरुण चंदवंशी की हरकतों से लोग बहुत परेशान हो गए थे। इसी वजह से उसकी कंप्लेन की गई थी। जिस पर यह एक्शन हुआ है। recent visitors 55