श्रद्धालु शक्ति पथ से सीधे महाकाल मंदिर पहुंच सकें, 15 फरवरी को CM करेंगे रूद्र सागर ब्रिज का लोकार्पण

उज्जैन 15 फरवरी से महाकाल मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक नया प्रवेश द्वार खुल जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 25 करोड़ की लागत से रूद्र सागर पर बने ब्रिज का लोकार्पण करेंगे। जिसके बाद श्रद्धालु शक्ति पथ से सीधे महाकाल मंदिर पहुंच सकेंगे। महाकाल मंदिर आने वाले दर्शनार्थियों को अब एक नया प्रवेश द्वार मिलने जा रहा है। गणेश नगर हायर सेकेंडरी स्कूल के सामने बने ब्रिज की शुरुआत होने जा रही है। उज्जैन स्मार्ट सिटी कंपनी द्वारा ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर के पीछे वाले हिस्से में रूद्र सागर के ऊपर शक्ति पथ से मानसरोवर तक जाने के लिए करीब ढाई वर्ष पहले मई-2022 में ब्रिज का काम शुरू किया गया था। ब्रिज 200 मीटर लंबा और सात मीटर चौड़ा बनाया गया है। ब्रिज के मध्य 19 मीटर चौड़ी जगह रखी गई है। ब्रिज का निर्माण 2023 नवंबर से पहले होना तय हुआ था। लेकिन करीब डेढ़ वर्ष देरी से इसका काम पूरा हो पाया है। ब्रिज पर खड़े होकर लाइट एंड साउंड शो का मजा ले सकेंगे भक्त 15 फरवरी से ब्रिज की शुरुआत होने के बाद श्रद्धालु सीधे मानसरोवर पहुंचेंगे। भक्त ब्रिज पर खड़े होकर जल्द ही महाकाल मंदिर में शुरू होने वाले लेजर लाइट एंड साउंड शो का भी मजा ले सकेंगे। यहां पांच सौ से अधिक श्रद्धालु एक साथ खड़े होकर महालोक का सुंदर दृश्य और लेजर लाइट एंड साउंड के शो देख सकेंगे। श्रद्धालु ब्रिज से भगवान शिव के प्राकट्य और उज्जयिनी की गौरव गाथा देख-सुन पाएंगे। लोकार्पण के बाद भक्तों के लिए इसे खोल दिया जाएगा उज्जैन कलेक्टर नीरज सिंह ने कहा कि महाकाल मंदिर के श्रद्धालुओं को नई सुविधा मिल पाएगी। हालांकि 27 फरवरी को महाशिवरात्रि के दिन ये श्रद्धालुओं के लिए बंद रहेगा। ब्रिज का एक छोर चारधाम मंदिर स्थित पानी की टंकी के नजदीक माधवगंज हायर सेकेंडरी स्कूल के सामने तो दूसरा छोर महाकाल महालोक में बने फेसिलिटी सेंटर-2 के सामने रहेगा। भीड़ प्रबंधन की दृष्टि से भी ब्रिज काफी मददगार होगा। recent visitors 48

देश के कम से कम 2 राज्यों में जीबीएस के मरीजों की पुष्टि, मुंबई में हुई पहली मौत, अब तक 8 ने गंवाई जान

नई दिल्ली GBS यानी गुलियन बार सिंड्रोम का कहर जारी है। खबर है कि अब देश की आर्थिक राजधानी कही जाने वली मुंबई में भी पहले मरीज की मौत हो गई है। इससे पहले महाराष्ट्र के ही पुणे में 7 मरीज जीबीएस के चलते जान गंवा चुके हैं। देश के कम से कम 2 राज्यों में जीबीएस के मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नायर अस्पताल में भर्ती 53 वर्षीय मरीज ने जीबीएस के चलते दम तोड़ दिया। वह वेंटिलेटर पर थे। शुक्रवार को ही शहर में जीबीएस का पहला मामला सामने आया था। तब 64 साल की एक महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बीएमसी अधिकारियों ने बताया कि शहर के अंधेरी पूर्व क्षेत्र निवासी महिला को बुखार और दस्त के बाद लकवाग्रस्त हो जाने की शिकायत पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कितना घातक जीबीएस जीबीएस एक दुर्लभ विकार है, जिसमें व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता परिधीय तंत्रिका पर हमला करती है, जिससे शरीर के हिस्से अचानक सुन्न पड़ जाते हैं। मांसपेशियों में कमजोरी आ जाती है और कुछ निगलने या सांस लेने में भी दिक्कत होती है। जीबीएस के गंभीर मामलों में मरीज पूरी तरह लकवाग्रस्त तक हो सकता है। अधिकतर वयस्कों और पुरुषों में इस विकार के होने के आसार ज्यादा हैं, हालांकि सभी उम्र के लोग इससे प्रभावित हो सकते हैं। अब तक 8 मौतें जीबीएस के चलते पुणे के 37 वर्षीय एक वाहन चालक की शहर के एक अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके साथ ही, पुणे में जीबीएस से जुड़ी मौतों की संख्या बढ़ कर सात हो गई थी, जिनमें संदिग्ध और पुष्टि हो चुके मामले, दोनों शामिल हैं। मुंबई में एक और मौत के बाद आंकड़ा बढ़कर 8 हो गया है। recent visitors 70

प्लास्टिक फैक्ट्री में भीषण आग, दमकल कर्मियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है, प्रशासन की टीम राहत कार्य में जुटी

 इंदौर इंदौर के बाणगंगा इलाके में बुधवार को स्थित एक प्लास्टिक फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने के प्रयास में जुट गईं। प्लास्टिक फैक्ट्री में लगी आग फायर ब्रिगेड अधिकारियों के अनुसार, आग सुपर कॉरिडोर इलाके के टिगरिया बादशाह स्थित अवंतिका नगर की एक प्लास्टिक फैक्ट्री में लगी, जिसकी जानकारी सबसे पहले आसपास की अन्य फैक्ट्रियों के चौकीदार ने दी। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में उसने भयावह रूप ले लिया, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस के मुताबिक, जिस इलाके में आग लगी, वहां आसपास कई केमिकल और अन्य औद्योगिक उत्पादों की फैक्ट्रियां स्थित हैं, जिससे आग और भी तेजी से फैलने की आशंका बनी रही। पहले लोगों ने ही आग बुझाने की कोशिश की शुरुआती दौर में स्थानीय लोगों ने आग बुझाने के लिए पानी का उपयोग किया, लेकिन जब आग बेकाबू हो गई तो तत्काल फायर ब्रिगेड को सूचित किया गया। आग पर काबू पाने के लिए नगर निगम ने फैक्ट्री का शेड गिराने के लिए जेसीबी मशीन भी मंगाई, जिससे राहत कार्य में तेजी लाई जा सके। दमकल कर्मियों और प्रशासन की टीम लगातार आग को काबू करने में जुटी हुई है, लेकिन भीषण आग के कारण पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है। recent visitors 65

मध्य प्रदेश में गिद्धों की संख्या में वृद्धि से पर्यावरण संतुलन में सुधार हुआ

 उमरिया  तीन दशक पहले बीमार गायों के इलाज के लिए दी जाने वाली दवा डाईक्लोफेनिक की वजह से खात्मे की ओर बढ़ रही गिद्धों की संख्या अब बढ़ने लगी है। इस वर्ष 17, 18 और 19 फरवरी को होने वाली गिद्धों की गणना में गिद्धों का आंकड़ा 12 हजार के पार होने की उम्मीद जाग रही है। पिछली गणना में गिद्धों की संख्या 10 से 11 हजार के बीच थी। मध्य प्रदेश में गिद्धों को संरक्षित करने के लिए विशेष कदम उठाए जा रहे हैं, जिसका परिणाम है कि गिद्धों की संख्या और उनके आवास में वृद्धि हो रही है। वर्ष 2016-17 में प्रदेश में गिद्धों की संख्या महज सात हजार 29 थी, जो अगले साल यानी वर्ष 2018-19 में बढ़कर बढ़कर आठ हजार तीन सौ 97 हो गई। गिद्धों की संख्या में संरक्षण की वजह से अगली गणना वर्ष 2020-21 में भी वृद्धि दर्ज की गई। इस साल गिद्धों की संख्या नौ हजार चार सौ 46 हो गई। वर्ष 2022-23 में यह संख्या दस हजार हो गई और वर्ष 2024 में यह संख्या दस से ग्यारह हजार के बीच हो गई। गिद्धों की संख्या की वृद्धि का यह सिलसिला थमा नहीं है इसलिए अनुमान लगाया जा रहा है कि इस बार मध्यप्रदेश में 12 हजार से ज्यादा गिद्ध होंगे। यहां हैं ज्यादा गिद्ध पिछली गणना के दौरान पन्ना जिले में गिद्धों की संख्या सबसे ज़्यादा है। इसके अलावा श्योपुर, मंदसौर, और छतरपुर ज़िलों में भी अच्छी संख्या में गिद्ध दिखाई देते हैं। मंदसौर जिले में 681 गिद्ध पाए गए थे। छतरपुर जिले में 659 कुनो वन्य जीव वन प्रभाग में 406 गिद्ध, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 229 गिद्ध दिखाई दिए थे। पृथ्वी के इकोसिस्टम के लिए गिद्ध का होना बहुत जरूरी है, क्योंकि एकमात्र प्राणी है जो सड़े हुए मांस को खत्म करता है। प्रदेश में सात तरह के गिद्ध दुनिया में कुल 22 प्रजाति के गिद्ध पाए जाते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार भारत में सिर्फ नौ तरह के गिद्ध पाए जाते हैं। इनमें मध्य प्रदेश में सात प्रजाति के गिद्ध पाए जाते हैं। मध्य प्रदेश में सफेद गिद्ध, चमर गिद्ध, देसी गिद्ध, पतल चोंच गिद्ध, राज गिद्ध, हिमालयी गिद्ध, यूरेशियाई गिद्ध और काला गिद्ध की मौजूदगी मिली है। यह संख्या और बढ़ जाएगी     प्रदेश में गिद्धों की संख्या लगातार बढ़ रही है। गिद्धों के संरक्षण के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है। इस वर्ष होने वाली गणना में यह संख्या और बढ़ जाएगी इसकी हमें उम्मीद है। – शुभरंजन सेन, पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ मध्य प्रदेश   recent visitors 72

JEE Main 2025 में राजस्थान से सबसे ज्यादा टॉपर्स, दिल्ली-UP के भी छात्रों ने लहराया परचम

नई दिल्ली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने जेईई-मेन जनवरी सेशन का परिणाम जारी कर दिया। अभी तक देखे गए परिणामों में एनटीए की ओर से 14 स्टूडेंट्स को 100 एनटीए स्कोर घोषित किया गया है, इसमें से 5 स्टूडेंट्स राजस्थान से हैं। डॉ. बृजेश माहेश्वरी ने बताया कि कोटा के क्लासरूम स्टूडेंट ओमप्रकाश बेहरा, रजित गुप्ता, सक्षम जिंदल और अरनव सिंह के साथ ऑनलाइन टेस्ट सीरीज के हर्ष झा ने 100 एनटीए स्कोर हासिल किया है। एनटीए आंसर-की और रिकॉर्डेड रेस्पोंस के अनुसार ओमप्रकाश बेहरा ने 300 में से 300 अंक प्राप्त किए हैं। इसके साथ ही 44 स्टेट टॉपर्स की लिस्ट जारी की गई। इसमें अरनव सिंह, रजित गुप्ता, सक्षम जिंदल, ओमप्रकाश (राजस्थान), शौर्य अग्रवाल (छत्तीसगढ़), अभिमन्यू टिबरेवाल (झारखंड), पाणिनी (बिहार), नवनीत प्रियदर्शी (ओडिशा), धैर्य शर्मा (हिमाचल प्रदेश), कृष्णा चक्रबर्ती (असम), ई कुमारन (पुड्डूचेरी), हर्ष झा (दिल्ली) और निशिता (मेघालय) से स्टेट टॉपर है। कुल 10 शिफ्टों में हुई परीक्षा में 14 स्टूडेंट्स ने 100 एनटीए स्कोर प्राप्त किया है, जिसमें राजस्थान के सर्वाधिक 5 विद्यार्थियों में से 4 कोटा से हैं। दिल्ली के 2, उत्तर प्रदेश के 2, महाराष्ट्र, गुजरात, आंध्रप्रदेश, कर्नाटक एवं तेलंगाना के 1-1 विद्यार्थी शामिल है। इस वर्ष राजस्थान से सर्वाधिक विद्यार्थियों का 100 एनटीए स्कोर बना है। जारी किए रिजल्ट में 44 स्टेट टॉपर्स की सूची भी जारी की गई है। जेईई-मेन जनवरी सेशन बीई-बीटेक के लिए 22 से 29 जनवरी के मध्य 5 दिन में 10 शिफ्टों में हुई थी। फाइनल आंसर की 10 फरवरी को जारी की गई थी। परीक्षा के लिए 13 लाख 11 हजार 544 स्टूडेंट्स ने आवेदन किया था तथा 12 लाख 58 हजार 136 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए थे। राजस्थान से 5 छात्रों ने किया टॉप, मप्र का एक भी नहीं: एनटीए 100 स्कोर हासिल करने वाले छात्रों में राजस्थान से 5, दिल्ली व यूपी से 2-2, कर्नाटक, आंध्र, गुजरात, तेलंगाना और इनमें एक ही छात्रा है। 100 एनटीए स्कोर वाले छात्र आयुष सिंघल (राजस्थान), कुशाग्र गुप्ता (कर्नाटक), दक्ष (दिल्ली-एनसीटी), हर्ष झा (दिल्ली-एनसीटी), राजित गुप्ता (राजस्थान), श्रेयस लोहिया (उत्तर प्रदेश), सक्षम जिंदल (राजस्थान), सौरव (उत्तर प्रदेश), विशद जैन (महाराष्ट्र), अर्णव सिंह (राजस्थान), शिवेन तोषनीवाल (गुजरात), साई मनोग्ना गुथकोंडा (आंध्र प्रदेश), ओम प्रकाश बेहेरा (राजस्थान) और बानी ब्रता माजी (तेलंगाना) शामिल हैं। पेपर-पैटर्न बदलने से संख्या कम हुई एजुकेशन एक्सपर्ट देव शर्मा के मुताबिक पेपर के पार्ट बी में विकल्पों की सुविधा समाप्त करने का असर स्कोर कार्ड पर आया है। जेईई मेन-2024 जनवरी सेशन में देश में 23 विद्यार्थियों ने 100 एनटीए स्कोर प्राप्त किया था। इस बार सिर्फ 14 स्टूडेंट्स हैं। recent visitors 67

प्रदेश में कल से तापमान गिरने का अनुमान, एक बार फिर से बढ़ेगी ठंड

भोपाल मध्य प्रदेश के तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होने से प्रदेश के तापमान में बढ़ोतरी देखी गई है। रात का तापमान 17 डिग्री तक दर्ज किया गया है। मौसम विभाग का कहना है कि प्रदेश में 13 फरवरी से सर्दी का एक और दौर आएगा। दो दिन तक पारे में 2 से 3 डिग्री की गिरावट होगी। प्रदेश के 5 बड़े शहर- भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर में पारा 10 डिग्री से नीचे जा सकता है। हालांकि ज्यादा ठंड पड़ने के अनुमान नहीं है। 17 डिग्री दर्ज हुआ शिवनी का न्यूनतम तापमान मध्य प्रदेश में इस समय रातें ज्यादा ठंडी नहीं है। सुबह और रात में ही हल्की ठंड पड़ रही है। सोमवार-मंगलवार की रात की बात करें तो भोपाल में 15.7 डिग्री, इंदौर में 14.4 डिग्री, ग्वालियर में 11.3 डिग्री, उज्जैन में 11.5 डिग्री और जबलपुर में पारा 13.6 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं, सिवनी सबसे गर्म रहा। यहां रात का तापमान 17 डिग्री तक पहुंच गया। छिंदवाड़ा, नर्मदापुरम, बैतूल, खरगोन, धार और सागर में पारा 15-16 डिग्री के बीच ही रहा। इधर, मंगलवार को दिन के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिली। भोपाल में सुबह से तेज धूप खिली रही। इस कारण लोग परेशान होते रहे। कई शहरों में दिन का तापमान 30 डिग्री के पार ही रहा। अभी प्रदेश में रातें ज्यादा ठंडी नहीं है। सुबह और रात में ही हल्की ठंड पड़ रही है। सोमवार-मंगलवार की रात की बात करें तो भोपाल में 15.7 डिग्री, इंदौर में 14.4 डिग्री, ग्वालियर में 11.3 डिग्री, उज्जैन में 11.5 डिग्री और जबलपुर में पारा 13.6 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं, सिवनी सबसे गर्म रहा। यहां रात का तापमान 17 डिग्री तक पहुंच गया। छिंदवाड़ा, नर्मदापुरम, बैतूल, खरगोन, धार और सागर में पारा 15-16 डिग्री के बीच ही रहा। इधर, मंगलवार को दिन के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिली। भोपाल में सुबह से तेज धूप खिली रही। इस कारण लोग परेशान होते रहे। कई शहरों में दिन का तापमान 30 डिग्री के पार ही रहा। मौसम बदलने की यह वजह मौसम वैज्ञानिक वीएस यादव ने बताया, 8 फरवरी को एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) उत्तर भारत पहुंचा था। इसके असर के कारण प्रदेश में उत्तर से सर्द हवाएं चल रही थी, जो अब लौट गई है। वहीं, हवा का रुख दक्षिणी हो गया है। इस कारण ठंडी हवा प्रदेश में नहीं आ रही और दिन-रात के तापमान में बढ़ोतरी हुई। 13 फरवरी से तापमान में फिर से गिरावट देखने को मिलेगी। जेट स्ट्रीम हवा का असर नहीं एक सप्ताह पहले तक प्रदेश में सर्द हवा की रफ्तार 36 से 40 किमी प्रतिघंटा तक पहुंच गई थी, लेकिन अब सर्द हवाएं नहीं आ रही है। इस वजह से गर्मी बढ़ गई है। मंगलवार को 12.6 किमी की ऊंचाई पर जेट स्ट्रीम हवा की रफ्तार 231 किमी प्रतिघंटा रही, लेकिन इसका असर यहां देखने को नहीं मिला। अगले 2 दिन ऐसा मौसम 12 फरवरी: दिन में गर्मी का एहसास होगा, लेकिन रात में ठंडक घुली रहेगी। 13 फरवरी: दिन-रात के तापमान में हल्की गिरावट देखने को मिलेगी। फरवरी में 10 साल का ट्रेंड… तीनों मौसम का असर प्रदेश में पिछले 10 साल के आंकड़ों पर नजर डालें, तो फरवरी महीने में रातें ठंडी और दिन गर्म रहते हैं। बारिश का ट्रेंड भी है। इस बार भी ऐसा ही मौसम रहने का अनुमान है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में दिन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री के पार रहेगा, जबकि रात में 10 से 14 डिग्री के बीच रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, फरवरी में सबसे ज्यादा ग्वालियर ठिठुरता है। पिछले साल यहां न्यूनतम तापमान 6.1 डिग्री तक पहुंचा था, लेकिन इससे पहले 5 डिग्री के नीचे ही रहा है। जबलपुर में दिन में गर्मी और रात में ठंड रहती है। इस बार 2 महीने कड़ाके की ठंड, जनवरी में मिला-जुला असर इस बार शुरुआती दो महीने यानी, नवंबर और दिसंबर में कड़ाके की ठंड पड़ी। ठंड ने कई रिकॉर्ड तोड़ दिए। नवंबर की बात करें तो भोपाल में 36 साल का रिकॉर्ड टूटा। इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर में भी पारा सामान्य से 7 डिग्री तक नीचे रहा। वहीं, दिसंबर में भी ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ा। स्थिति यह रही कि पूरे प्रदेश में जनवरी से भी ठंडा दिसंबर रहा। भोपाल समेत कई शहरों में ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ दिए। 9 दिन शीतलहर चली। भोपाल में दिसंबर की सर्दी ने 58 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर समेत कई जिलों में स्कूलों की टाइमिंग बदल दी गई है, जबकि भोपाल के वन विहार नेशनल पार्क में जानवरों को सर्दी से बचाने के लिए हीटर लगाए गए। भगवान को भी ठंड से बचाने के लिए जतन किए गए। अब बात जनवरी की। शुरुआत 10 से 15 दिन तक कड़ाके की ठंड का दौर रहा, लेकिन फिर तेवर ठंडे हो गए। ठंड के दो दौर आए, जबकि तीन बार मावठा गिरा। मौसम वैज्ञानिक डॉ. सिंह ने बताया, जनवरी में ठंड का असर जरूर रहा, लेकिन पिछले 10 साल के ट्रेंड के अनुसार तेज सर्दी नहीं पड़ी। पश्चिमी विक्षोभ की स्ट्रॉन्ग एक्टिविटी नहीं होने से तेज बारिश का दौर नहीं रहा। न ही ओले गिरे, जबकि जनवरी में ओला-बारिश का दौर भी रहता है। recent visitors 78

शुद्ध प्रत्यक्ष करीब 15% बढ़ा, हो गया 17.78 लाख करोड़ रुपये, जानिए कितना जारी किया गया रिफंड

नई दिल्ली चालू वित्त वर्ष 2024-25 में अब तक भारत का शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह 14.69 प्रतिशत बढ़कर 17.78 लाख करोड़ से अधिक हो गया है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक शुद्ध गैर-कॉर्पोरेट करों से संग्रह जिसमें मुख्य रूप से व्यक्तिगत आयकर शामिल है जो प‍िछले साल के मुकाबले 21 प्रतिशत बढ़कर लगभग 9.48 लाख करोड़ हो गया। 1 अप्रैल, 2024 से 10 फरवरी, 2025 के बीच शुद्ध कॉर्पोरेट कर संग्रह 6 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 7.78 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया। इस वित्त वर्ष में अब तक प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) से शुद्ध संग्रह 65 प्रतिशत बढ़कर 49,201 करोड़ रुपये हो गया है। इस अवधि के दौरान 4.10 लाख करोड़ रुपये से अधिक के रिफंड जारी किए गए जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 42.63 प्रतिशत अधिक है। 10 फरवरी तक सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह 19.06 प्रतिशत बढ़कर 21.88 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया। चालू वित्त वर्ष के संशोधित अनुमान (आरई) में सरकार ने कुल आयकर संग्रह 12.57 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया है जो बजट अनुमान 11.87 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। इस वित्त वर्ष में एसटीटी से संग्रह 55,000 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो बजट अनुमान (बीई) 37,000 करोड़ रुपये से अधिक है। कॉरपोरेट कर संग्रह लक्ष्य को संशोधित कर 9.80 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है जो बजट लक्ष्य 10.20 लाख करोड़ रुपये से कम है। कुल मिलाकर, संशोधित अनुमान में प्रत्यक्ष कर संग्रह 22.37 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया गया है जो बजट अनुमान के 22.07 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। वहीं केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 7 फरवरी को नए आयकर विधेयक को मंजूरी दे दी है। इस सप्ताह लोकसभा में नया प्रत्यक्ष कर विधेयक पेश किए जाने की उम्मीद है। नया कर विधेयक देश की कर प्रणाली में सुधार के एक बड़े प्रयास का हिस्सा है और इसका उद्देश्य मौजूदा कर ढांचे में सुधार करके इसे और अधिक सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाना है। recent visitors 80