मोहन सरकार के सीनियर मंत्री का X अकाउंट हैक, बना दिया कांग्रेस, अश्लील कमेंट किया पोस्ट

भोपाल  मध्यप्रदेश से हैरान करने वाला मामला सामने आया है।यहां प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल का एक्स अकाउंट हैक हो गया है। हैकर्स ने कांग्रेस संबंधी आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट की है। मंत्री ने साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई है और जनता से सावधान रहने की अपील की है। सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए प्रहलाद पटेल ने लिखा है कि- दोस्तों, मेरा X (ट्विटर)अकाउंट हैक कर लिया गया है। इससे कुछ आपत्तिजनक कंटेंट भी हाल ही में पोस्ट किया गया था, जिससे मेरा कोई संबंध नहीं है. आप सभी से अनुरोध है कि मेरे ट्विटर (X) अकांउट से आने वाले किसी भी फोटो या वीडियो को क्लिक न करें. यह मेरी ओर से नहीं भेजा जा रहा है. साइबर सेल भोपाल में इसकी शिकायत कर दी गई है. असुविधा और परेशानी के लिए खेद है. कांग्रेस संबंधी आपत्तिजनक पोस्ट हैकर्स ने प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल(Prahlad Patel X Account Hacked) के एक्स अकाउंट को सोमवार रात हैक कर कांग्रेस के नाम का जिक्र कर पोस्ट कर दी। पोस्ट में लिखा कि ‘भारतीय कांग्रेस को यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि हम देश के भीतर ब्लॉकचेन तकनीक का लाभ उठाते हुए अपना आधिकारिक डिजिटल टोकन पेश करेंगे…’ हैकर्स ने इसके अलावा भी कई पोस्टें कीं। जानकारी लगते ही मंत्री पटेल ने संज्ञान लिया और भोपाल साइबर सेल में शिकायतदर्ज कराई। मंत्री प्रहलाद पटेल ने की अपील मंत्री प्रहलाद पटेल(Prahlad Patel X Account Hacked) ने फेसबुक सहित अन्य एक्स अकाउंट से बयान जारी किया कि उनके अकाउंट से आने वाले किसी भी पोस्ट को सही न मानें। यह भी लिखा कि एक्स अकाउंट से कुछ आपत्तिजनक कंटेंट हाल ही में पोस्ट किया गया था, जिससे मेरा कोई संबंध नहीं है। recent visitors 60

श्रद्धा वाकर के पिता का हार्ट अटैक से निधन, बेटी के अंतिम संस्कार का करते रह गए इंतजार

नई दिल्ली श्रद्धा वॉल्कर मर्डर केस को याद करके आज भी लोग सहम जाते हैं. इस मामले ने पूरे देश को दहला कर रख दिया था. अपनी बेटी को इंसाफ दिलाने की खातिर विकास वॉल्कर इंसाफ की जंग लड़ रहे थे. वो अपना सबकुछ खो कर मुंबई से दिल्ली के चक्कर काट रहे थे. वो केवल कानून से इतना चाहते थे कि उनकी बेटी के अवशेष उन्हें मिल जाएं और वो उसका अंतिम संस्कार कर सकें. लेकिन उनकी ये ख्वाहिश महज आखिरी ख्वाहिश बनकर रह गई. और वो इसी टीस को लेकर दुनिया से विदा हो गए. दरअसल, श्रद्धा वॉल्कर के पिता विकास वॉल्कर की रविवार को मुंबई में दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई. वह अपनी पत्नी और परिवार के साथ मुबंई के वसई इलाके में रहा करते थे. पिछले काफी महीनों से वो मुंबई और दिल्ली के बीच भागदौड़ कर रहे थे. तमाम अदालतों के चक्कर लगा रहे थे. मगर उन्हें महज कुछ मिला तो वो थी सिर्फ तारीख पर तारीख. श्रद्धा के पिता विकास वॉल्कर और भाई मुंबई से दिल्ली के न जाने कितने ही चक्कर काट चुके थे. जानकारी के मुताबिक, पिछले दो सालों से वैसे ही विकास वॉल्कर सिर्फ कोर्ट में ही 35 से 40 बार हाजिरी लगा चुके थे. इस दौरान वो परेशान तो होते ही थे साथ ही मुंबई से दिल्ली आने-जाने और रहने-खाने का खर्च अलग से होता था. लेकिन वो अपनी बेटी के लिए लगातार लड़ रहे थे. दरअसल, श्रद्धा के कत्ल का खुलासा 12 नवंबर 2022 को उस वक्त हुआ था, जब दिल्ली के महरौली इलाके से उसका लिव इन पार्टनर आफताब पूनावाला पकड़ा गया था. आफताब की गिरफ्तारी के बाद ही पता चला था कि उसने श्रद्धा का क़त्ल 18 मई 2022 को ही कर दिया था. लेकिन इसके बावजूद श्रद्धा की लाश नहीं मिली थी, क्योंकि आफताब ने पहले श्रद्धा की लाश के टुकड़े किए थे और फिर उन टुकड़ों को महरौली में मौजूद अपने किराये के मकान में रखे फ्रिज में बंद कर दिया था. इसके बाद अगले तीन महीनों तक वो किस्तों में उन टुकड़ों को फ्रिज से निकाल कर महरौली के जंगलों में फेंकता रहा. चूंकि वक्त बहुत ज्यादा बीत चुका था, लिहाजा पुलिस को लाश के नाम पर श्रद्धा की चंद हड्डियां ही मिली थी. डीएनए टेस्ट से ये साबित हो गया था कि हड्डियां श्रद्धा की ही हैं. मीडिया की सुर्खियों के चलते श्रद्धा केस को फास्ट ट्रैक कोर्ट में भेज दिया गया था. एफआईआर दर्ज होने के 75 दिन बाद यानी 24 जनवरी 2023 को दिल्ली पुलिस ने इस मामले में चार्जशीट दाखिल की थी. चार्जशीट दाखिल होने के बाद लगभग 3 महीने फास्ट ट्रैक कोर्ट ने चार्ज फ्रेम करने में ही लगा दिए. 9 मई 2023 को चार्ज फ्रेम हुआ. मगर चार्ज फ्रेम होने के बाद भी ट्रायल शुरू करने के लिए अदालत ने लगभग 1 महीना और ले लिया. 1 जून 2023 से श्रद्धा केस के मुकदमे की सुनवाई दिल्ली की साकेत कोर्ट में शुरू हुई. उम्मीद थी कि 6 से 9 महीने में फैसला आ ही जाएगा. निर्भया केस में भी फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 9 महीने में अपना फैसला सुना दिया था. लेकिन अफसोस ऐसा हुआ नहीं. मुकदमे की कार्रवाई बीते पौने दो साल से जारी है. और आलम ये है कि इस केस में जो 212 गवाह हैं, उनमें से अभी सिर्फ 165 गवाहों की ही गवाहियां पूरी हो पाई हैं. यानी 47 गवाहों की गवाहियां अब भी बाकी हैं. अब सवाल ये है कि फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा होने के बावजूद इतना वक्त क्यों लग रहा है? तो इसकी एक बड़ी सीधी सी वजह है. श्रद्धा का केस जिस फास्ट ट्रैक कोर्ट में है, उस कोर्ट को कहीं से ये डायरेक्शन ही नहीं मिला है कि इस मुकदमे की सुनवाई डे टू डे होगी या आम केस की तरह. अगर फास्ट ट्रैक कोर्ट को एक सीमा दी जाती कि इस टाइम बाउंड के अंदर अपना फैसला सुनाना है, तो शायद इतनी देरी ना होती. मगर अब, जब इस मुकदमे की कार्रवाई को लगभग 2 साल होने जा रहे हैं, तब फास्ट ट्रैक कोर्ट ने ये फैसला लिया कि अगले महीने यानी मार्च से वो इस केस की डे टू डे सुनवाई करेगा. यानी जो काम दो साल पहले होना था, वो अब दो साल बाद होगा. यानी इस हिसाब से अगर मार्च से भी डे टू डे हियरिंग शुरू होती है, तो भी अगले दो तीन महीने तक फैसला आने की उम्मीद नजर नहीं आती. कम से कम मई से पहले तो हरगिज नहीं. पर कहानी अप्रैल मई में भी खत्म नहीं होगी. क्योंकि फास्ट ट्रैक कोर्ट का जो भी फैसला आएगा, उसे कोई ना कोई हाई कोर्ट में चैलेंज करेगा. अगर फास्ट ट्रैक कोर्ट आफताब पूना वाला को सजा-ए-मौत देता है, तो उस सूरत में भी उस फैसले पर मुहर हाई कोर्ट को ही लगाना है. हाई कोर्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट इसके बाद न जाने कितने पिटिशन, रिव्यू पिटिशन. जाहिर है श्रद्धा को मर कर भी अभी कई अदालतों के चक्कर काटने होंगे और जब तक ये चक्कर खत्म नहीं हो जाता, तब तक श्रद्धा के भाई को भी मुंबई से दिल्ली के न जाने कितने ही चक्कर काटने होंगे. recent visitors 48

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि महाकुंभ के दौरान प्रदेश सरकार श्रद्धालुओं की सेवा में तत्पर

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने रीवा बायपास पर प्रयागराज महाकुंभ के श्रद्धालुओं से की भेंट उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने बेला बायपास पहुंचकर प्रयागराज महाकुंभ में जा रहे श्रद्धालुओं से की मुलाकात उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि महाकुंभ के दौरान प्रदेश सरकार श्रद्धालुओं की सेवा में तत्पर है व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने रीवा के बेला स्थित बायपास पहुंचकर प्रयागराज महाकुंभ में जा रहे श्रद्धालुओं से मुलाकात की और उनकी यात्रा से संबंधित व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने श्रद्धालुओं से बातचीत कर उनकी यात्रा की स्थिति की जानकारी ली। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि महाकुंभ के दौरान प्रदेश सरकार श्रद्धालुओं की सेवा में तत्पर है और हर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं ताकि श्रद्धालु अपनी यात्रा निर्विध्न पूरी कर सकें। श्रद्धालुओं ने उप मुख्यमंत्री शुक्ल को बताया कि प्रशासन द्वारा यात्रा मार्ग में भोजन, पानी और अन्य आवश्यक सेवाओं की बेहतर व्यवस्था की गई है। उन्होंने प्रशासन के प्रयासों की सराहना की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा मार्ग पर भोजन, पानी, स्वास्थ्य सेवाओं और विश्राम स्थलों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे धैर्य बनाए रखें और प्रशासन का सहयोग करें। विधायक नरेंद्र प्रजापति, नगर निगम अध्यक्ष व्यंकटेश पाण्डेय, पूर्व विधायक केपी त्रिपाठी एवं अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।   recent visitors 53

एकात्म मानव दर्शन तथा अंत्योदय के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के चरणों में कोटिशः नमन

11 फरवरीः पंडित दीनदयाल उपाध्याय पुण्यतिथि विशेष डॉ. मोहन यादव भोपाल व्यक्ति से समाज और समाज से राष्ट्र निर्माण का दर्शन देने वाले विलक्षण व्यक्तित्व के धनी, एकात्म मानव दर्शन तथा अंत्योदय के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के चरणों में कोटिशः नमन। पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऐसे ऋषि-राजनेता रहे जिन्होंने राजनैतिक चिंतन के लिए एकात्म मानवदर्शन का सूत्र दिया और शासन की नीतियां बनाने का मार्ग प्रशस्त किया। दीनदयाल जी जनसंघ और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्र जीवन दर्शन के दृष्टा हैं। पंडित जी द्वारा लगाए गए जनसंघ के पौधे का विस्तार विचार के रूप में देश ही नहीं दुनिया में भी हुआ है। उन्होंने एक ऐसी राजनैतिक धारा निर्मित की जिसका लक्ष्य राष्ट्र निर्माण है। उनका मानना था कि राजनीति सत्ता के लिए नहीं अपितु समाज की सेवा के लिए हो, स्वतंत्रता के साथ भारत राष्ट्र की यात्रा भारतीय दर्शन के अनुरूप होनी चाहिए। पंडित जी ने भारत के भविष्य की कल्पना वेदों में वर्णित चार पुरुषार्थ-धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष के आधार पर की थी। यह चारों पुरुषार्थ मन, बुद्धि, आत्मा और शरीर के संतुलन से संभव है। इससे ही एक आदर्श समाज और आदर्श राष्ट्र का निर्माण हो सकता है। पहला पुरुषार्थ धर्म है जिसमें शिक्षा, संस्कार और व्यवस्था है तो दूसरे अर्थ में साधन, संपन्नता और वैभव आता है। अर्थ उपार्जन सही तरीके से हो, इसके लिये पंडित दीनदयाल जी ने मानव धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। इस तरह धर्मानुकूल, अर्थात उचित मार्ग से अर्थ उपार्जन करने का मार्ग प्रशस्त किया। तीसरा पुरुषार्थ है काम, जिसमें मन की समस्त कामनाएं शामिल हैं। मनुष्य को संतुलित, समयानुकूल और सकारात्मक स्वरूप में कार्य करना चाहिए। चौथा पुरुषार्थ है मोक्ष, अर्थात संतोष की परम स्थिति। यदि व्यक्ति संतोषी होगा तो वह समाज और राष्ट्र निर्माण का आधार बन सकता है। इन चार पुरुषार्थों की अवधारणा के अनुसार, यदि व्यक्ति और समाज को विकास के अवसर दिये जायें तो स्वावलंबी और समर्थ समाज का निर्माण किया जा सकता है। पंडित दीनदयाल जी ने राष्ट्र निर्माण और भविष्य की संकल्पना को लेकर गहन चिंतन किया, जिसमें भारतीय संस्कृति और परंपरा के अनुरूप राष्ट्र की चित्ति से विराट तक की कल्पना थी। उनके विकास का आधार एकात्म मानव दर्शन है। इसमें संपूर्ण जीवन की रचनात्मक दृष्टि समाहित है। उन्होंने विकास की दिशा को भारतीय संस्कृति के एकात्म मानवदर्शन के मूल में खोजा। हमारी संस्कृति संपूर्ण जीवन, संपूर्ण सृष्टि का समग्र विचार करती है। यही एकात्म भाव व्यष्टि से समष्टि की रचना करता है। यही पंडित दीनदयाल जी के विकास का व्यापक पक्ष है, सार्वभौम है, प्रासंगिक है। इसमें श्रीकृष्ण के वसुधैव कुटुम्बकम की अवधारणा से लेकर आज के ग्लोबलाइज्ड युग का समावेश है। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में पंडित दीनदयाल जी की परिकल्पना को धरातल पर उतारने का प्रयास किया जा रहा है। दीनदयाल जी का मानना था कि अर्थव्यवस्था जितनी विकेन्द्रीकृत होगी उतनी नीचे तक जाएगी और यही स्वदेशी भाव के साथ सृजन का आधार होगा। माननीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भारत के आर्थिक विकास को लेकर जो कदम उठाये जा रहे हैं उसके मूल में दीनदयाल जी का अर्थदर्शन ही है। पंडित दीनदयाल जी ने भारत की कृषि, उद्योग, शिक्षा और आर्थिक नीति कैसी हो इन सबका विस्तार में उल्लेख किया है। माननीय प्रधानमंत्री जी ने दीनदयाल जी के आर्थिक चिंतन को धरातल पर उतारा है। उनके मार्गदर्शन में हम विरासत से विकास की अवधारणा को लेकर आगे बढ़ रहे हैं जो अंत्योदय लक्ष्य को पूर्ण करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। दीनदयाल जी का कहना था कि जब तक अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति का कल्याण नहीं हो जाता तब तक विकास सही अर्थों में संभव नहीं है। इसी भाव को धरातल पर उतारते हुए मध्यप्रदेश में 7 रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। इससे प्रदेश के हर अंचल, हर क्षेत्र के लोगों की आवश्यकता, क्षमता, मेधा और दक्षता को अवसर मिलेगा। प्रदेश का हर व्यक्ति इससे जुड़ेगा और विकास की धारा में शामिल होगा। यह समिट एक तरफ जहां प्रदेश के कोने-कोने से और गांव-गांव से लोगों को उद्योग से जोड़ेगी वहीं विश्व पटल पर उनके उत्पादों को पहचान दिलायेगी। इसके लिये हमने यूके, जर्मनी और जापान की यात्रा की है। हैदराबाद, कोयंबटूर तथा मुंबई में रोड-शो कर उद्योगपतियों को निवेश के लिये आमंत्रित किया है। क्षेत्रीय से लेकर ग्लोबल स्तर तक उद्योग के लिये किया गया यह पहला नवाचार है। इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में हम 24-25 फरवरी 2025 को भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन कर रहे हैं। यह समिट दीनदयाल जी के स्वदेशी और विकेन्द्रीकरण के चिंतन को सार्थक करेगी। हमारे उद्योग और व्यवसाय की श्रृंखला में अंतिम पंक्ति का व्यक्ति भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ पायेगा और अंत्योदय का लक्ष्य पूर्ण होगा। दीनदयाल जी ने विकास को लेकर कल्पना की थी कि विश्व का ज्ञान और आज तक की अपनी संपूर्ण परंपरा के आधार पर हम गौरवशाली भारत का निर्माण करेंगे। प्रधानमंत्री जी का संकल्प है, स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष 2047 तक देश को विश्व की सर्वोच्च शक्ति के रूप में स्थापित करना। मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि मध्यप्रदेश को समृद्ध और संपन्न बनाने के लिये लोकल से ग्लोबल को जोड़ने का जो प्रयास किया है उसके परिणाम ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में दिखाई देंगे। मुझे विश्वास है कि हमारा यह प्रयास पंडित दीनदयाल जी के आर्थिक विकास के चिंतन अनुरूप विकसित मध्यप्रदेश निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।   recent visitors 51

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- अंग दान की पूर्व सूचना देने वालों को राष्ट्रीय पर्व पर किया जाएगा सम्मानित

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एम्स भोपाल में हुए मध्य भारत के पहले हार्ट ट्रांसप्लांट से पुनर्जीवन प्राप्त करने वाले मरीज श्री दिनेश मालवीय से उनकी कुशलक्षेम पूछी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस उपलब्धि के लिए एम्स भोपाल की टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि गत दो वर्ष से श्री मालवीय हृदय रोग से पीड़ित थे। उपचार से मिली राहत से श्री मालवीय प्रसन्न है। अंगदान किस प्रकार लोगों को जीवन देने का माध्यम बनता है, यह ट्रांसप्लांट इस तथ्य को स्पष्टत: दर्शाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि नर्मदापुरम निवासी श्री मालवीय 22 जनवरी को एम्स भोपाल में भर्ती हुए और 23 जनवरी को उनका हार्ट ट्रांसप्लांट किया गया। अब वे पूर्णत: स्वस्थ है, संभवत: कल तक उन्हें डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एम्स के डॉक्टरों व संपूर्ण टीम को उत्कृष्ट कार्य के लिए बधाई देते हुए कहा कि मानवता की सेवा के लिए टीम द्वारा किया गया कार्य प्रदेश को गौरवांवित करने वाला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान युग में अंग प्रत्यारोपण, अंग दान, देह दान जैसी गतिविधियों को प्रोत्साहित करना आवश्यक है। एक देह दान से लगभग 9 डॉक्टर्स को चिकित्सा संबंधी कई बारीकियों को व्यावहारिक रूप से सीखने में सहायता मिलती है। चिकित्सा शिक्षा के उद्देश्य से मेडिकल कॉलेजों के साथ आयुर्वेदिक महाविद्यालयों में भी पार्थिक देह की आवश्यकता होती है। राज्य शासन द्वारा देह दान के लिए परिवारों में जागरूकता लाने और उन्हें इस पुनीत कार्य के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा रहे हैं। देह दान की पूर्व सूचना देने वालों को राज्य शासन की ओर से सम्मानित किया जाएगा। अंतिम संस्कार के लिए गृह विभाग से समन्वय कर उपयुक्त व्यवस्था की जाएगी। अंग दान की पूर्व सूचना देने वाले व्यक्तियों को 15 अगस्त और 26 जनवरी जैसे राष्ट्रीय पर्वों पर सम्मानित किया जाएगा। ऐसे जिन व्यक्तियों के पास अनुष्मान कार्ड नहीं हैं, उनके आयुष्मान कार्ड बनवाए जाएंगे। प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेज में अंग दान और अंग प्रत्यारोपण की स्थिति बने इस उद्देश्य से आवश्यक प्रयास किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोक स्वास्थ्य, राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इस उद्देश्य से ही लोक स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग का एकीकरण किया गया। प्रदेश के विस्तृत भौगोलिक क्षेत्र को देखते हुए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के समान ही राज्य शासन द्वारा भी आयुर्विज्ञान संस्थान विकसित किया जाएगा। राज्य शासन द्वारा रोगियों को तत्काल स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए पीएमश्री एयर एंबुलेंस सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। जिन स्थानों पर हवाई पट्टियां हैं वहाँ विमान से और जहाँ हवाई पट्टियां नहीं है वहाँ हेलीकॉप्टर के माध्यम से मरीजों को चिकित्सा संस्थानों में भेजने की व्यवस्था की जा रही है। गंभीर स्थिति के मरीजों के उपचार में समय महत्वपूर्ण होता है, एयर एंबुलेंस सेवा से कम से कम समय में मरीज को उपयुक्त इलाज उपलब्ध कराना संभव हुआ है। एयर एंबुलेंस से प्रतिदिन जीवन रक्षा के उदाहरण सामने आ रहे हैं। एयर एंबुलेंस से एयर लिफ्ट करने में सामान्यतः 5 से 8 लाख रुपए का व्यय होता है। राज्य सरकार द्वारा लोगों की जीवन रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आयुष्मान योजना के माध्यम से आवश्यक प्रबंध किये गय हैं।   recent visitors 63

26 फरवरी को मनाई जाएगी महाशिवरात्रि, इस बार महाशिवरात्रि उनके पुत्र गणेश के प्रिय दिन बुधवार को पड़ेगी

इंदौर शिव आराधना का पर्व महाशिवरात्रि इस वर्ष 26 फरवरी को त्रिग्रही युति योग में मनाया जाएगा। इस बार महाशिवरात्रि उनके पुत्र गणेश के प्रिय दिन बुधवार को पड़ेगी। इसका पूजन शताब्दी में एक बार बनने वाले खास योग में होगी। ज्योर्तिविद् आचार्य शिवप्रसाद तिवारी के अनुसार महाशिवरात्रि पर्व इस दिन पुत्र गणेश के पूजन के दिन बुधवार को श्रवण के बाद घनिष्ठा नक्षत्र में परिध योग में मकर राशि में चंद्रमा की मौजूदगी में मनाया जाएगा। इस दिन मकर राशि में चंद्रमा की मौजूदगी में सूर्य, बुध व शनि की युति कुंभ राशि में रहेगी। ऐसे समय जब कोई पर्व आता है, तो उस समय ग्रह, योग, नक्षत्र को देखा जाता है। इस अवसर पर ग्रहों के परिभ्रमण का असर भू मंडल पर पढ़ता है। 25 हजार लोगों के लिए गुटकेश्वर महादेव फरियाली भंडारा श्री गुटकेश्वर धाम सद्गुरु परिवार न्यास द्वारा किला मैदान स्थित गुटकेश्वर महादेव मंदिर रानी लक्ष्मीबाई चौराहा पर नगर फरियाली भंडारा का आयोजन किया गया है, जिसमें 25 हजार से अधिक भक्त सम्मिलित होंगे। भजनों की प्रस्तुतियां एवं वृंदावन के कलाकारों द्वारा नृत्य नाटिका की प्रस्तुति भी दी जाएगी। सुबह गुटकेश्वर महादेव का वेद मंत्रों के बीच अभिषेक होगा और शाम को श्रृंगार किया जाएगा। 25 हजार रुद्राक्ष को वितरित करेंगे। बाणेश्वर कुंड से निकलेगी भगवान की बारात शहर के प्राचीन शिव मंदिर में से एक बाणेश्वरी कुंड स्थित शिव मंदिर पर भी तीन दिनी आयोजन होगा। इसमें 24 को सुबह 8 बजे बाणेश्वरी महादेव का अभिषेक, दोपहर 1 बजे महादेव को हल्दी व मेहंदी लगाई जाएगी। इसके बाद भजनों की प्रस्तुति होगी। इसके लिए आसपास की 100 बस्तियों की महिलाओं को आमंत्रण दिया जा रहा है। 25 फरवरी को पांच हजार रुद्वाक्ष का वितरण होगा। 26 फरवरी को शृंगार दर्शन एवं महाआरती निकलेगी। शिवधाम में विवाह उत्सव की तैयारी शुरु शहर के श्रमिक क्षेत्र के परदेशीपुरा स्थित शिवधाम में विवाह उत्सव की तैयारी शुरु हो गई है।पांच दिनी महोत्सव में सैकड़ों महिलाएं भगवान के तल-हल्दी लगाएगी। इसके साथ ही भगवान का शृंगार दुल्हे स्वरूप में होंगे। कपलेश्वर महादेव मंदिर काटजू कालोनी में भगवान शिव-पार्वती का दुल्हे-दुल्हन रूप में शृंगार किया जाएगा।नौलखा स्थित मनकामेश्वर मंदिर में हर वर्ष की तरह झांकी सजाई जाएगी। दिनभर में सैकड़ों लोग पहुंचकर दर्शन-पूजन करेंगे।   recent visitors 66

शहर के टॉप 20 बकायादारों की सूची नगरपालिका परिसर के अलावा चौराहों पर टांगी, नहीं चुकाए टैक्‍स

विदिशा नगरपालिका ने अपने बकायादारों की सूची अब सार्वजनिक करना शुरू कर दिया है। सबसे पहले शहर के टॉप 20 बकायादारों की सूची नगरपालिका परिसर के अलावा माधवगंज चौराहा, पुरानी नगरपालिका परिसर और गांधी चौक पर लगाई गई है। सीएमओ दुर्गेश सिंह ठाकुर का कहना है कि 20 हजार से अधिक संपत्तिकर के करीब 400 बकायादार हैं। बता दें कि नगरपालिका को जलकर, संपत्तिकर, दुकान किराया आदि सभी तरह के करों की करीब 32 करोड़ रुपये की राशि उपभोक्ताओं पर बकाया है। यदि यह राशि मिल जाती है तो नगरपालिका इस राशि से शहर में विकास कार्य करा सकती है। जतरापुरा स्थित शिव शक्ति पेपर मिल पर सबसे अधिक एक करोड़ से अधिक की राशि बकाया है। इसके अलावा अन्य बकायादारों में सेठ शिताबराय लख्मीचंद जैन पारमार्थिक ट्रस्ट, उपभोक्त केन्द्र बीएसएनएल कार्यालय, बड़जात्या जैन शिशु मंदिर अस्पताल रोड, बीएसएनएल टॉवर शेरपुरा, वार्ड 21 निवासी बीएम श्रीवास्तव, (दुकान) जैन मंदिर बड़ा बाजार, राजमल बडजात्या अस्पताल रोड, व्यवस्थापक माहेश्वरी धर्मशाला तलैया, सेठ शितावराय लक्ष्मीचंद जैन ट्रस्ट, शक्ति फूड्स यूनिकल पेस्टीसाइड्स प्रायवेट लिमिटेड, वार्ड क्रमांक आठ कोसाबाई प्रेमसिंह कुशवाह, बेतवा वेयर हाउस मिर्जापुर, ओंमप्रकाश अरोरा सोंठिया रोड, बेयर हाउस, युवराज क्लब शेरपुरा, श्रीराम केशव शास्त्री, जैन मंदिर माधवगंज, निर्भय सिंह सांची रोड शामिल है। recent visitors 82