लखनऊ में 11 साल की मासूम से तीन नाबालिगों ने किया दुष्‍कर्म

लखनऊ  यूपी की राजधानी लखनऊ में 11 वर्षीय लड़की के साथ तीन नाबालिगों ने दुष्‍कर्म किया। अपने साथ हुई ज्‍यादती से जब लड़की रोने लगी तो आरोपियों ने उसे जान से मारने की धमकी दी और उसे चुप रहने को मजबूर कर दिया। यह घटना बीबीडी थाना क्षेत्र के चिनहट इलाके में हुई। लड़की की मां ने 9, 10 और 11 साल के तीन आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया है। तीनों को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया। इंस्पेक्टर अजय नारायण सिंह ने बताया कि तीनों आरोपी लड़की को खेलने के बहाने अपने साथ घर से बाहर ले जाते थे। पीड़ित की मां ने पुलिस को बताया कि पीड़ित लड़की कुछ दिनों से डरी हुई लग रही थी। वह पिछले कुछ दिनों से चुपचाप चल रही थी और उसने हमसे बात नहीं की। बीते 27 जनवरी को वह घर के बाहर खेल रही थी। इस दौरान तीनों आरोपी उसके पास आए तो उनको देखकर वह डर गई। हम उसके इस व्‍यवहार से आशंकित थे। किसी को बताने पर जान से मारने की दी धमकी मां ने जब बेटी से उसके असमान्‍य बर्ताव के बारे में पूछा, तब जाकर उसने बताया कि तीनों आरोपियों उसके साथ गलत और गंदी चीजें कीं। आरोपियों ने उसे खेलने के बहाने पास के स्‍कूल में ले गए और गलत काम किया। किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। मां ने तत्‍काल पुलिस से शिकायत की और तीनों लड़कों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। recent visitors 51

औचक निरीक्षण के लिये सात जिलों का चयन रेंडम आधार पर किया गया

भोपाल लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह के निर्देश पर 5 फरवरी को लोक निर्माण विभाग के सातों परिक्षेत्रों के एक-एक जिले में मुख्य अभियंताओं के दलों ने औचक निरीक्षण किया। इन औचक निरीक्षणों की खास बात यह रही कि दो दिन पहले तक किसी को यह नहीं पता था कि कौन सा निरीक्षण दल किस जिले में किन निर्माण कार्यों का निरीक्षण करने वाला है। औचक निरीक्षण के लिये सात जिलों का चयन रेंडम आधार पर किया गया, जिसमें भोपाल परिक्षेत्र से भोपाल, ग्वालियर परिक्षेत्र से ग्वालियर, जबलपुर परिक्षेत्र से कटनी, इंदौर परिक्षेत्र से धार, रीवा परिक्षेत्र से शहडोल, उज्जैन परिक्षेत्र से रतलाम एवं सागर परिक्षेत्र से पन्ना जिला शामिल था। सभी सात जिलों में 5-5 निर्माण कार्यों को औचक निरीक्षण हेतु सॉफ्टवेयर के माध्यम से चिन्हित किया गया, जिनमें से तीन कार्य निर्माणाधीन स्तर पर थे एवं दो कार्य परफॉर्मेंस गारंटी वाले थे। इन 5 निर्माण कार्यों में से एक कार्य भवन निर्माण का था। मंत्री सिंह के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग ने इन औचक निरीक्षणों के लिए एक विशेष सॉफ्टवेयर तैयार किया है। इस सॉफ्टवेयर से सबसे पहले रेंडम आधार पर मुख्य अभियंताओं के दल निर्मित किए गए और रेंडम आधार पर इन्हें एक-एक जिले का आवंटन किया गया। यह कार्यवाही दो दिन पहले की गई जिससे मुख्य अभियंताओं के दल अपनी यात्रा एवं परिवहन की तैयारी कर सकें। औचक निरीक्षण के एक दिन पहले इन दलों को रेंडम आधार पर चयनित पांच-पांच निर्माण कार्यों की सूची प्रदान की गई। सड़क निर्माण कार्यों में सामग्री के नमूने लेने के लिए रेंडम चैनेज भी सॉफ्टवेयर से ही जनरेट की गई। प्रदेश के सात जिलो में चयनित 35 कार्यो में से 21 कार्य पी.डब्ल्यू.डी. सड़क एवं पुल के थे, 06 कार्य भवन निर्माण के थे, 6 कार्य म.प्र. सड़क विकास निगम, 01 कार्य म.प्र. भवन विकास निगम एवं 01 कार्य राष्ट्रीय राजमार्ग का शामिल किया गया। मंत्री सिंह के निर्देशानुसार सभी निरीक्षण दलों को उसी दिन अपनी निरीक्षण रिपोर्ट तैयार कर सीधे सॉफ्टवेयर पर अपलोड करनी है। इन रिपोर्ट्स की समीक्षा दूसरे दिन यानी 6 फरवरी 2025 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर की जाएगी। निरीक्षण के दौरान लिए गए सैंपल्स की लैब रिपोर्ट भी 3 दिन के अंदर प्राप्त कर सीधे सॉफ्टवेयर पर ही अपलोड की जाएगी। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्यों की जियो टैग्ड फोटो लेकर इन्हें भी सॉफ्टवेयर पर रिपोर्ट के साथ अपलोड करना अनिवार्य था जिससे निर्माण की गुणवत्ता और निरीक्षण कार्यवाही को प्रामाणिक रूप से प्रस्तुत किया जा सके। लोक निर्माण विभाग में इस तरह की कार्रवाई पहली बार हुई है। मंत्री सिंह के निर्देशानुसार इस तरह के औचक निरीक्षण हर महीने की पांच और 20 तारीख को किया जाना है। निरीक्षण हेतु दलों का, जिलों का, निर्माण कार्यों का और सामग्री के सैंपल लेने हेतु स्थानो का चयन सॉफ्टवेयर के माध्यम से रेंडम आधार पर किया जाएगा। भोपाल जिले में एमपीआरडीसी से महाप्रबंधक पवन अरोडा और जबलपुर परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता भवन आर.के. अहिरवार के दल ने गांधी चिकित्सालय परिसर में नर्सिंग कॉलेज छात्रावास भवन, भोपाल देवास चार लेन मार्ग, बरखेडी कुशलपुरा मार्ग, समसपुर से खारी मार्ग और अचारपुरा इंडस्ट्रियल एरिया के एप्रोच मार्ग का निरीक्षण किया। अन्य जिलों में निरीक्षण किये गये महत्वपूर्ण निर्माण कार्य इस प्रकार है। कटनी में ढीमरखेड़ा शासकीय महाविद्यालय का निर्माण कार्य। कटनी मेंहटा-पटैरा-कुम्हारी-रैपुरा-सुलैया-बहोरीबद-सिहोरा मार्ग। ग्वालियर में शासकीय महाविद्यालय चीनौर का भवन निर्माण। ग्वालियर में पटेल का पुरा गुरी बंजारों का पुरा। धार में उषापुरा-सिंकदरी-मोहमदपुरा-रोले-कालासुरा-मेटमा रोड़। धार सुंदरई से रामपुरा रोड़ निर्माण। शहडोल में उमरिया शहडोल मार्ग। शहडोल में जनकपुर से दर्गापुर मार्ग। रतलाम में हाई स्कूल भवन कसारी का निर्माण। रतलाम में जाबरा-पिपलोदा रोड़ से पंचेवा सुखेड़ा रोड़। पन्ना से पवई मोहन्द्रा रोड़। पन्ना में पवई बायपास। recent visitors 44

“यंग लीडर डायलॉग-2025” में सहभागिता करने वाले विद्यार्थियों का भी हुआ सम्मान

उच्च शिक्षा मंत्री ने "गणतंत्र दिवस परेड -2025" में सम्मिलित "मप्र राष्ट्रीय सेवा योजना" के स्वयंसेवकों को किया सम्मानित "राष्ट्रीय सेवा योजना" से मिली जीवन दृष्टि को आत्मसात् करें विद्यार्थी : मंत्री परमार "यंग लीडर डायलॉग-2025" में सहभागिता करने वाले विद्यार्थियों का भी हुआ सम्मान भोपाल उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने बुधवार को भोपाल स्थित निवास पर, "गणतंत्र दिवस परेड -2025" कर्तव्यपथ नई दिल्ली में "राष्ट्रीय परेड दल" में सम्मिलित "मप्र राष्ट्रीय सेवा योजना" के स्वयंसेवकों को सम्मानित कर, उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। मंत्री परमार ने श्रद्धेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से "यंग लीडर डायलॉग" में संवाद कर "2047 के भारत की परिकल्पना" के संदर्भ में अपनी ऊर्जामयी सहभागिता करने वाले "मप्र राष्ट्रीय सेवा योजना" के स्वयंसेवकों का भी सम्मान किया और उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। परमार ने सभी स्वयंसेवकों को महामहिम राज्यपाल द्वारा दिए गए प्रमाण पत्र, मेडल एवं शॉल-श्रीफल से भी सम्मानित किया। राष्ट्रीय परेड से लौटे स्वयंसेवक विद्यार्थियों ने मंत्री परमार को विभिन्न छायाचित्रों का अवलोकन कराया एवं शिविर के दौरान अपने अनुभवों को भी साझा किया। उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने स्वयंसेवकों को कैंपस टू कम्युनिटी के अंतर्गत विभिन्न गतिविधियों में नेतृत्व करने का आह्वान किया। परमार ने कहा कि प्रदेश में "राष्ट्रीय सेवा योजना" की विविध गतिविधियों को परीक्षाओं के मूल्यांकन में वेटेज देने के लिए "क्रेडिट सिस्टम" विकसित करने की कार्ययोजना बना रहे हैं, इससे विद्यार्थियों को शैक्षणिक के अतिरिक्त अन्य गतिविधियों के लिए भी वेटेज मिल सकेगा। राज्य स्तर नेतृत्व शिविर के प्रशिक्षण गतिविधियों को महत्वपूर्ण मानते हुए मंत्री परमार ने कहा कि प्रशिक्षण के अन्य आयामों को प्रारम्भ करने की भी कार्ययोजना बनाएंगे। मंत्री परमार ने गणतंत्र दिवस की राष्ट्रीय परेड से लौटे स्वयंसेवक विद्यार्थियों को, अपने संस्था परिसर में सामाजिक मूल्यों का नेतृत्व करने के लिए प्रेरित किया और अन्य युवा साथियों को भी इस तरह की गतिविधियों के लिए प्रेरित करने की बात कही। परमार ने कहा कि "राष्ट्रीय सेवा योजना" के विभिन्न आयामों से प्राप्त जीवन दृष्टि को विद्यार्थी अपने व्यावहारिक जीवन में आत्मसात् करें और देशभक्त नागरिक बन राष्ट्र निर्माण में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें। परमार ने कहा कि स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष 2047 के भारत की संकल्पना को साकार करने में हम सभी का पुरुषार्थ और सहभागिता आवश्यक है। परमार ने कहा कि शिविर के दौरान मिले अनुभवों, अनुशासन और सीखों को दैनिक जीवनचर्या में अमल कर, अपने संस्थान परिवेश को बेहतर बनाने की ओर आगे बढ़ें। परमार ने कहा कि "राष्ट्रीय सेवा योजना" की समाज में व्यापक विश्वसनीयता स्थापित करने के लिए, मूल्य आधारित जीवनचर्या को धारण करें। शिक्षा के मंदिरों को आदर्श बनाने में, "राष्ट्रीय सेवा योजना" के स्वयंसेवकों को भूमिका सुनिश्चित हों। सभी स्वयंसेवक विद्यार्थी, अपने संस्थानों में विद्यावन अंतर्गत पौधरोपण कर युवाओं में प्रकृति संरक्षण का भाव जागृत करने का प्रयास करें। इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना के क्षेत्रीय निदेशक डॉ अशोक कुमार श्रुति, राज्य एनएसएस अधिकारी डॉ मनोज अग्निहोत्री, कार्यक्रम समन्वयक डॉ अनंत कुमार सक्सेना, प्रशिक्षक एवं कार्यक्रम अधिकारी राहुल सिंह परिहार, कार्यक्रम अधिकारी डॉ अर्चना सेन एवं युवा अधिकारी राजकुमार वर्मा उपस्थित थे। ज्ञातव्य है कि "गणतंत्र दिवस परेड -2025" कर्तव्यपथ नई दिल्ली में "राष्ट्रीय परेड दल" में सम्मिलित "मप्र राष्ट्रीय सेवा योजना" के चार-चार स्वयंसेवक छात्र-छात्राओं ने महामहिम राष्ट्रपति को सलामी दी थीं। संस्था स्तर से विभिन्न चरणों के चयन के बाद, इन सभी स्वयंसेवकों का चयन हुआ था। इन स्वयंसेवकों ने महामहिम राष्ट्रपति श्रीमति द्रोपदी मुर्मू से सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक विरासत का परिचय भी कराया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से यंग लीडर डायलॉग में संवाद कर 2047 के भारत की परिकल्पना के विषयों को भी प्रदेश के स्वयंसेवकों ने इंगित किया। "गणतंत्र दिवस परेड -2025" कर्तव्यपथ नई दिल्ली में "राष्ट्रीय परेड दल" में स्वयंसेवक सुसंध्या यादव, सुविशाखा सेन, सुप्राची झारिया, सुअंशिका जोशी, अजय सिंह परिहार, निरंजन बिसेन, अतुल सेन एवं सचिन पटेल सम्मिलित हुए। "यंग लीडर डायलॉग-2025" में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों राहुल लोधी एवं विपिन सेन ने सहभागिता की।   recent visitors 47

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में प्रतिष्ठान की प्रबंधकारिणी समिति की बैठक में विकास कार्यों पर हुआ विचार-विमर्श

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को मानस भवन में तुलसी मानस प्रतिष्ठान की प्रबंधकारिणी समिति की बैठक की अध्यक्षता की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस प्रतिष्ठान की गतिविधियों को और अधिक विस्तारित करने का सुझाव दिया और संबंधितों को इस पर अमल करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रतिष्ठान से रामायण, तुलसी साहित्य और भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार को बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने युवाओं और विद्वानों को जोड़ने के लिए चित्रकूट जैसे धार्मिक स्थल पर विशेष कार्यक्रम आयोजित करने पर जोर दिया। बैठक में प्रबंधकारिणी समिति के कार्याध्यक्ष रघुनंदन शर्मा, संयोजक राजेन्द्र शर्मा, कोषाध्यक्ष विजय अग्रवाल, वरिष्ठ सदस्य सुरेश पचौरी एवं कैलाश जोशी, समिति सदस्य एवं कलेक्टर भोपाल कौशलेंद्र विक्रम सिंह सहित समिति के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रतिष्ठान की आगामी योजनाओं पर चर्चा करते हुए कहा कि समाज के विभिन्न वर्गों को इस पहल से जोड़ा जाए, जिससे आध्यात्मिक और सांस्कृतिक चेतना को मजबूती मिले। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऑनलाइन माध्यमों से भी रामायण और तुलसी साहित्य को अधिक लोगों तक पहुंचाये। उन्होंने आगामी आयोजनों की रूपरेखा तैयार करने और इनसे जनसामान्य को जोड़ने के लिए कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए। प्रतिष्ठान की गतिविधियों को और प्रभावी बनाने के लिए सुझावों पर बैठक में गहनता से विचार-विमर्श किया गया। कार्याध्यक्ष शर्मा ने मानस भवन के सामने न रोड का चौड़ीकरण किये जाने और मानस भवन, हिंदी भवन और गांधी भवन के बीच अवैध निर्माण हटवाने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कलेक्टर भोपाल को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समिति को अवगत कराया कि सरकार प्रदेश में शराबबंदी पर गंभीरता से विचार कर रही है। गीता के ज्ञान और हमारी संस्कृति के प्रचार-प्रसार के लिए प्रदेश में 'गीता भवन' बनाने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. ने बताया कि हमारी सरकार पुण्यभूमि हरिद्वार जैसे प्रबंध अब महाकाल नगरी उज्जैन में भी कराने की ओर अग्रसर है। साधु-संतों, अखाड़ों और धर्मशालाओं को उज्जैन के सिंहस्थ मेला क्षेत्र में स्थायी प्रकृति के निर्माण कार्यों की अनुमति दी गई है। इससे स्थायी आश्रम, मठ, धर्मशालाएं, सत्संग स्थल बनाये जा सकेंगे। कलेक्टर ने समिति को अवगत कराया कि भोपाल में भी स्मार्ट सिटी रोड पर टीटी नगर के पास करीब एक एकड़ भूमि में गीता भवन बनाया जायेगा। समिति सदस्यों ने प्रतिष्ठान के विकास संबंधी विभिन्न विषयों/कार्यों के संबंध में मुख्यमंत्री का ध्यान आकृष्ट कराया। मुख्यमंत्री ने सभी विषयों/सुझावों पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र क्रियान्वयन का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तुलसी मानस प्रतिष्ठान की मासिक मुख पत्रिका “तुलसी मानस भारती’’ का विमोचन भी किया।   recent visitors 43

श्रद्धा वालकर मर्डर केस के दो साल… पिता को अंतिम संस्कार का है इंतजार

नई दिल्ली आपको श्रद्धा बाल्कर हत्याकांड तो याद होगा। किस तरह से एक लड़की को प्यार के जाल में फंसाया गया और फिर कर दी गई निर्मम हत्या। इस हत्याकांड के बाद दिल्ली में मानों हड़कंप सा मच गया। लेकिन श्रद्धा के पिता को आज भी बेटी के अंतिम संस्कार का इंतजार कर रहे हैं। उनका आज भा यही सवाल है कि आखिर कब मिलेगा मेरी बेटी को इंसाफ…. इसी पूरे मामले में आज हम आपको इस खबर का पूरा विशलेषण करने जा रहे हैं। छोटे से बाक्स में बंद है श्रद्धा का शव दिल्ली में एक पुलिस थाने के मालखाने में एक छोटा सा बक्सा रखा है, जिसमें बंद है श्रद्धा वॉल्कर। जिसे आज भी अपने अंतिम संस्कार का इंतजार है। ये वही श्रद्धा वॉल्कर है, जिसे उसके प्रेमी ने मौत की नींद सुला दिया था और लाश के टुकड़ों को कई दिनों तक फ्रीज में बंद रखा था। दो साल पूरे होने को हैं इस मुकदमें को शुरू हुए करीब दो साल पूरे होने वाले हैं। लेकिन अब भी इस केस हर दिन सुनवाई का इंतजार था। अब जाकर अदालत ने फैसला किया है कि मार्च के महीने से अब हर दिन इस केस की सुनवाई होगी। हालांकि इस केस में अभी तक बहुत सी कार्रवाई अधूरी है। महरौली थाने का है पूरा मामला महरौली थाने से लगभग 4 किलोमीटर दूरी पर मौजूद है साकेत कोर्ट। 1 जून 2023 यानी लगभग पिछले पौने दो साल से इसी कोर्ट में श्रद्धा केस की सुनवाई लंबित है। इस सुनवाई के दौरान ऐसा कई बार हुआ जब एक छोटे से बक्से में बंद श्रद्धा को महरौली थाने के मालखाने से निकाल कर कोर्ट में पेश किया गया। यह कहना है पिता का श्रद्धा के पिता विकास वॉल्कर को नवंबर 2022 में पहली बार पता चला था कि उनकी बेटी अब इस दुनिया में नहीं है। उनकी बेटी श्रद्धा के इसी दोस्त यानी आफताब पूनावाला ने श्रद्धा का कत्ल करने के बाद लाश के टुकड़ों को महरौली के जंगलों में किस्तों में ठिकाने लगा दिया था। लगभग सवा दो साल से विकास वॉल्कर को पता है कि उनकी बेटी श्रद्धा अब इस दुनिया में नहीं है। श्रद्धा के नाम पर कुछ है तो छोटे से बक्से में बंद उसकी चंद हड्डियां। मगर इस बदकिस्मत बाप की बदनसीबी देखिए कि श्रद्धा तो छोड़िए उसकी लाश के बचे खुचे टुकड़े तक उन्हें अंतिम संस्कार के लिए नहीं सौंपे गए। दो साल काट रहे हैं कोर्ट के चक्कर बीते पौने दो साल से जब जब विकास वॉल्कर साकेत कोर्ट में हाजिर होते हैं, तो बस कभी कभार कोर्ट रूम के अंदर ही उन्हें बक्से में बंद श्रद्धा नजर आ जाती है। न जाने ये कैसा मजाक है जो कानून के नाम पर एक बेबस बाप के साथ किया जा रहा है। जिस बाप की जवान बेटी को पहले ही उससे छीन लिया गया हो, जिसके कत्ल और कत्ल के तरीके की कहानी को सुन कर श्रद्धा को न जानने वाले भी गमजदा हो जाते हों, उसी श्रद्धा के अंतिम संस्कार के लिए पिछले सवा दो साल से उसके बाप को इंतजार कराया जा रहा है। recent visitors 63

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- आईटी, आईटीईएस और ईएसडीएम निवेश का नया केंद्र बन रहा है मध्यप्रदेश

भोपाल सूचना प्रौद्योगिकी अब केवल एक सेक्टर नहीं, बल्कि हर उद्योग की आधारभूत आवश्यकता बन चुका है। स्वास्थ्य से लेकर कृषि, शिक्षा, उद्योग सहित हर क्षेत्र में आईटी की महत्वपूर्ण भूमिका है। मध्यप्रदेश इस बदलाव का केंद्र बन रहा है, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टार्ट-अप्स और अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी मिलकर नए अवसरों को जन्म दे रहे हैं। राज्य सरकार की आईटी और ईएसडीएम नीति, डेटा सेंटर पार्क, आईटी पार्क्स और इनक्यूबेटर्स के विकास ने मध्यप्रदेश को तकनीकी निवेश के लिए आकर्षक स्थान बनाया है। इंदौर, भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर जैसे शहर आईटी कंपनियों के नए केंद्र बन रहे हैं। टीसीएस, इनफोसिस, यश टेक्नॉलोजीज, इंपीट्स जैसी कंपनियाँ यहां अपनी उपस्थिति दर्ज कर चुकी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि 24-25 फरवरी को भोपाल में होने वाली जीआईएस में आईटी, आईटीइएस और ईर्एसडीएम सेक्टर की बड़ी कम्पनियां शामिल होंगी। जिससे मध्यप्रदेश इस सेक्टर में भी नई ऊँचाईयों को प्राप्त करेगा। डिजिटल इंडिया मिशन के साथ कदम मिलाकर मध्यप्रदेश अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, बिग डेटा, ब्लॉक-चेन और साइबर सिक्योरिटी जैसी अत्याधुनिक तकनीकों को अपनाने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। आज आईटी सेक्टर ही नहीं बल्कि मैन्युफैक्चरिंग, हेल्थकेयर, लॉजिस्टिक्स और एग्रीटेक सेक्टर में भी तकनीकी नवाचार हो रहे हैं। राज्य में 15 आईटी पार्क और 5 आईटी स्पेशल इकोनॉमिक जोन पहले से कार्यरत हैं और आने वाले वर्षों में इंदौर में क्रिस्टल आईटी पार्क-3 और 4, 50 एकड़ में डेटा सेंटर पार्क, जबलपुर में 1 लाख वर्गफुट का आईटी टॉवर और कई अन्य परियोजनाएँ डिजिटल विकास को नई गति देंगी। मध्यप्रदेश केवल आईटी निवेश के लिए नहीं, बल्कि वर्क-लाइफ बैलेंस, किफायती ऑपरेशनल लागत और सरकारी सहयोग के कारण भी स्टार्ट-अप्स और आईटी कंपनियों के लिए एक आदर्श स्थान बन रहा है। मध्यप्रदेश अपने रणनीतिक स्थान, निवेश-अनुकूल नीतियों और अत्याधुनिक अवसंरचना के कारण तेजी से आईटी, आईटीईएस (इन्फोर्मेशन टेक्नॉलोजी इनेबल्ड सर्विसेज) और ईएसडीएम (इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम डिज़ाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग) के लिए एक प्रमुख हब बन रहा है। भोपाल में 24-25 फरवरी को होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस-2025) में इस क्षेत्र में निवेश की व्यापक संभावनाओं को प्रस्तुत किया जाएगा। मध्यप्रदेश की भौगोलिक स्थिति इसे पूरे देश के बाजारों तक सीधा और सुगम संपर्क प्रदान करती है। राज्य में 6 प्रमुख हवाई अड्डे और 6 इनलैंड कंटेनर डिपो मौजूद हैं, जिससे वैश्विक व्यापार को गति मिलती है। प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों और समर्पित फ्रेट कॉरिडोर से जुड़ा यह राज्य लॉजिस्टिक्स और परिवहन के लिए भी अनुकूल है। वर्तमान में 1 मिलियन वर्गफुट आईटी स्पेस उपलब्ध है, और 5 लाख वर्गफुट का नया आईटी अवसंरचना निर्माण कार्य जारी है। राज्य में डेटा सेंटर पार्क (50 एकड़) विकसित किया जा रहा है, जिससे एआई, क्लाउड कंप्यूटिंग और बड़े डेटा केंद्रों की स्थापना को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, इंदौर में क्रिस्टल आईटी पार्क 3 और 4 विकसित किए जा रहे हैं, जिससे नई आईटी कंपनियों के लिए बेहतरीन अवसर खुलेंगे। एलटीआई माइंड ट्री इंदौर में ₹800 करोड़ रूपये का निवेश कर रहा है और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) रक्षा अनुसंधान एवं विकास के लिए उभरती तकनीकों का एक केंद्र स्थापित कर रहा है। राज्य की आईटी, आईटीईएस और ईएसडीएम निवेश प्रोत्साहन नीति 2023 निवेशकों को विभिन्न प्रकार की रियायतें और सुविधाएँ प्रदान करती है। आईटी और आईटीईएस कंपनियों को ₹30 करोड़ रूपये तक की पूंजीगत सहायता, ईएसडीएम सेक्टर के लिए ₹150 करोड़ रूपये तक की प्रोत्साहन राशि और डेटा सेंटर निवेशकों को 125 करोड़ तक की सहायता उपलब्ध है। भूमि शुल्क में 75 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है, जबकि स्टाम्प ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क पूरी तरह से माफ किया गया है। राज्य सरकार द्वारा ₹10 करोड़ तक की मार्केटिंग सहायता और ₹15 करोड़ तक की रोजगार सहायता प्रदान की जा रही है। छोटे एवं मध्यम उद्यमों को विशेष अनुदान और टैक्स छूट के अतिरिक्त बिजली शुल्क प्रतिपूर्ति ₹2 प्रति यूनिट तक और 100 प्रतिशत बिजली शुल्क की छूट दी जा रही है। भोपाल तेजी से आईटी और ईएसडीएम के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है। यहाँ आईटी पार्क, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर और कई स्टार्ट-अप्स इनक्यूबेटर्स उपलब्ध हैं। रोजगार के बेहतरीन अवसर, जीवन की उच्च गुणवत्ता और निम्न लागत पर व्यवसाय संचालन की सुविधा इसे निवेशकों के लिए आकर्षक बनाती है। जबलपुर, जो अपनी डिफेंस पीएसयू कंपनियों और शैक्षणिक संस्थानों के लिए प्रसिद्ध है, तकनीकी निवेश के लिए एक उभरता हुआ केंद्र है। यहाँ 60 एकड़ का आईटी पार्क और 40 एकड़ का इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर मौजूद है। इसके अतिरिक्त 1 लाख वर्गफुट का नया आईटी टॉवर भी विकसित किया जा रहा है, जिससे इस क्षेत्र में निवेश को और बढ़ावा मिलेगा। मध्यप्रदेश न केवल अपनी रणनीतिक अवस्थिति, निवेश-अनुकूल नीतियों और तकनीकी अवसंरचना के कारण, बल्कि अपने स्थिर प्रशासन, कुशल मानव संसाधन और सशक्त डिजिटल इको-सिस्टम के कारण भी आईटी और ईएसडीएम उद्योगों के लिए भारत में सबसे आकर्षक निवेश स्थानों में से एक बनता जा रहा है। भोपाल में 24-25 फरवरी को होने वाले जीआईएस-2025 में आईटी और टेक्नोलॉजी निवेशकों को प्रदेश की व्यापक संभावनाओं से परिचित होने का बेहतरीन अवसर मिलेगा। recent visitors 86

महाकुंभ में स्नानर्थियों की कुल संख्या 40 करोड़ के करीब पहुंच गई, सरकार अनुमानित संख्या के करीब पहुंची

महाकुंभ, प्रयागराज महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. कल शाम 4 बजे तक 63.12 लाख श्रद्धालुओं ने स्नान किया. संगम में 63.12 लाख श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई. अब स्नानर्थियों की कुल संख्या 40 करोड़ के करीब पहुंच गई है. इसके साथ ही सरकार का अनुमानित आंकड़ा वास्तविकता की ओर बढ़ रहा है. वहीं महाकुंभ में 10 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने कल्पवास किया है. 45 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान महाकुंभ में इस बार 45 करोड़ श्रद्धालुओं के पवित्र संगम में स्नान करने का अनुमान है. हर 12 साल बाद लगने वाले इस कुंभ में 144 साल बाद खास संयोग बन रहा है, क्योंकि अब तक 12 कुंभ पूरे हो चुके हैं. इसी वजह से इसे महाकुंभ कहा जा रहा है और इसमें आने वाला श्रद्धालुओं की संख्या पहले के किसी भी कुंभ से ज्यादा है. ऐसे में कुंभ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की गिनती के लिए यूपी सरकार ने हाईटेक उपकरणों का सहारा लिया है और इस बार AI बेस्ड कैमरे की मदद से लोगों की गिनती की जा रही है. अब तक कौन-कौन कर चुका है स्नान महाकुंभ में अब तक रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, अखिलेश यादव, रवि किशन, सीएम योगी और उनका पूरा मंत्रिमंडल, उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, कवि कुमार विश्वास, 73 देशों के प्रतिनिधिमंडल, भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक समेत कई बड़ी हस्तियां संगम में स्नान कर चुकी हैं. वहीं बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी त्रिवेणी संगम में स्नान किया है. recent visitors 78