मध्यप्रदेश 11 स्वर्ण सहित कुल 23 पदक अर्जित कर मैडल टैली में टॉप 5 में शामिल

भोपाल मध्यप्रदेश की खेल प्रतिभाओं ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अपना परचम लहराया। राज्य की पुरुष बास्केटबॉल 3×3 टीम ने ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीतकर नया कीर्तिमान स्थापित किया, जबकि महिला टीम ने कांस्य पदक अपने नाम किया। इसके अतिरिक्त, स्लालोम प्रतियोगिता में पल्लवी जगताप ने रजत पदक अर्जित कर मध्यप्रदेश की पदक तालिका को और मजबूत किया। अब तक मध्यप्रदेश ने 11 स्वर्ण, 6 रजत और 6 कांस्य सहित कुल 23 पदक जीतकर मैडल टैली में शीर्ष 5 में अपनी जगह सुनिश्चित की। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने ऐतिहासिक प्रदर्शन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए पूरी बास्केटबॉल टीम, प्रशिक्षकों, सपोर्ट स्टाफ और मध्यप्रदेश बास्केटबॉल संघ को बधाई दी। उन्होंने कल के मुकाबलों के लिए रोइंग और स्लालोम के खिलाड़ियों को शुभकामनाएँ दीं। मध्यप्रदेश ओलंपिक संघ के अध्यक्ष रमेश मेंदोला, सचिव दिग्विजय सिंहऔर संचालक खेल रवि कुमार गुप्ताने भी खिलाड़ियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बधाई दी। मध्यप्रदेश की पुरुष बास्केटबॉल 3×3 टीम ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए फाइनल मुकाबले में केरल को 22-20 से हराकर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। यह पहला अवसर है जब राज्य की टीम ने किसी सीनियर राष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल किया है। पदक विजेता पुरुष टीम में सोन कुमार शर्मा, तुषल सिंह, सूर्य प्रताप सिंह और ब्रिजेश तिवारी शामिल हुए। महिला वर्ग में भी मध्यप्रदेश की टीम ने दमदार प्रदर्शन किया और तमिलनाडु की टीम को 14-12 से हराकर कांस्य पदक जीता। पदक विजेता महिला टीम मेंखुशी पाल सिंह, मोना गोस्वामी, रिया प्रमोद खुंगाड्कर और याशिका सिंघ्गल शामिल हुई। C1 वीमेन प्रतियोगिता में मध्य प्रदेश की पल्लवी जगताप ने 673.426 सेकंड में रेस पूरी कर रजत पदक अर्जित किया। जबकि स्वर्ण:उत्तराखंड की रीना सेन (319.262 सेकंड) और कांस्य:आंध्र प्रदेश की दोड्डी चेतना भगवती (683.154 सेकंड) ने हासिल किया। महिला हॉकी:मध्य प्रदेश की टीम ने पहले मुकाबले में कर्नाटक को 4-1 से हराया। पुरुष हॉकी:मध्य प्रदेश और मणिपुर का मुकाबला 3-3 के स्कोर के साथ ड्रॉ हुआ। रोइंग में पुरुष क्वाड्रूपल व्यक्तिगत मुकाबले में मध्य प्रदेश के सुशिल ने फाइनल में जगह बनाई। बॉक्सिंग में विमेंस लाइट फ्लाई (52 किग्रा):मलिका कुलबीर सिंह (म.प्र.) ने महाराष्ट्र की अंजलि को 5-0 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। विमेंस फेदर वेट (57 किग्रा):माही अमरनाथ लंबा (म.प्र.) ने चंडीगढ़ की आरती को 5-0 से पराजित किया। मेंस हैवी वेट (92 किग्रा):पारस (म.प्र.) ने चंडीगढ़ के सावन को 5-1 से हराया। विमेन वेल्टर वेट (66 किग्रा):मध्य प्रदेश की मंजू शांतिलाल बामोरिया उत्तराखंड की काजल से 4-1 से हारकर सेमीफाइनल में नहीं पहुंच सकीं। मध्य प्रदेश के खिलाड़ी कल ताइक्वांडो, रोइंग, कयाकिंग, कैनोइंग, स्लालोम, बॉक्सिंग, हॉकी और शूटिंग में अपने हुनर का प्रदर्शन करेंगे। रोइंग:मध्य प्रदेश के खिलाड़ी 9 इवेंट्स में स्वर्ण पदक के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगे। स्लालोम: 2 इवेंट्स में स्वर्ण पदक की दावेदारी। शूटिंग:राइफल 50 मीटर 3 पोजीशन में क्वालिफिकेशन मुकाबले होंगे।   recent visitors 31

अचानक यात्री बन ट्रैन सवार हुए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, यात्रियों से की खूब बाते, जमकर खिलखिलाए

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार को जबलपुर-आरकेएमपी इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन से नर्मदापुरम से रवाना होकर रात्रि करीब 10.16 बजे रानी कमलापति (आरकेएमपी) स्टेशन पहुंचे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्टेशन पर मौजूद यात्रियों, उनके परिजनों व अन्य नागरिकों से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने बच्चों को दुलार किया, उनके साथ फोटो/सेल्फी खिंचवाये और सभी की कुशलता की जानकारी ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नर्मदापुरम में आयोजित मां नर्मदा जन्मोत्सव एवं गौरव दिवस महोत्सव-2025 में सम्मिलित होने के उपरांत ट्रेन से भोपाल आने की इच्छा व्यक्त की। नर्मदापुरम से आरकेएमपी स्टेशन के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एक सामान्य यात्री की तरह अपनी यात्रा की। उन्होंने रेल की बोगी में मौजूद सभी यात्रियों के साथ बेहद आत्मीयतापूर्वक वार्तालाप कर रेल यात्रा का भरपूर आनंद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री ने यात्रियों से राज्य सरकार की योजनाओं के बारे में चर्चा की और उनसे फीडबैक भी लिया।   प्रदेश के लाड़ले सीएम डॉ. यादव ने अपने चिर-परिचित अंदाज में लोगों से मुलाकात की और राज्य के विकास को लेकर खुलकर बातचीत की। इस दौरान एक पल भी ऐसा नहीं लगा कि कोई मुख्यमंत्री लोगों के बीच बैठा है। सीएम डॉ. यादव और उनके स्टाफ ने बाकायदा ट्रेन की टिकट बुक कराई। इस टिकट को टीसी ने चेक भी किया। गौरतलब है कि, इंटरसिटी एक्सप्रेस में एंट्री करते ही सीएम डॉ. यादव लोगों के साथ-साथ बच्चों से घिर गए। उन्होंने बच्चों को दुलार किया और टॉफी खिलाई। इस दौरान जनता से सीधे संवाद के बीच कई बार वे खिलखिलाकर हंस दिए। लोगों के साथ चलती ट्रेन में जमकर खिलखिलाए सीएम सीएम डॉ. यादव ने लोगों से बड़ी देर तक बातचीत की। एक तरफ उन्होंने लोगों को कई संस्मरण सुनाए, तो दूसरी तरफ लोगों ने भी कई किस्से सुनाकर उन्हें उनकी मीठी-मीठी यादों से तरोताजा कर दिया। यह सिलसिला रानी कमलापति रेलवे स्टेशन आने तक लगातार चलता रहा। इस पूरी यात्रा के बीच लोगों को यकीन ही नहीं हुआ कि सीएम डॉ. यादव उनके बीच बैठे हैं। उनके सादगी भरे अंदाज ने लोगों को आकर्षित किया। इधर, इस मुलाकात के बाद लोगों का कहना था कि सीएम डॉ. यादव के बारे में सुना तो था, लेकिन देखा पहली बार। हमने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि कोई मुख्यमंत्री इतनी सादगी के साथ हमसे मुलाकात करेगा। मैं कर्म करने में विश्वास करता हूं- सीएम यादव बता दें, सीएम डॉ. यादव का कहना है कि मैं कर्म में विश्वास करता हूं। मैं इसके अलावा कुछ और नहीं जानता। प्रदेश का मुखिया होने के नाते मेरा कर्तव्य जनता की सेवा करना है। इसके अलावा मेरे मन में कुछ और विचार आता ही नहीं है। एक मुख्यमंत्री तब मुख्यमंत्री कहलाने का अधिकारी है, जब उसकी जनता उससे प्रेम करे और उस पर विश्वास करे। मैं लगातार यही प्रयास करता हूं कि जनता का विश्वास और प्रेम मेरे प्रति कम न हो, और न उनके मन को किसी प्रकार की ठेस लगे। सीएम यादव-स्टाफ ने बुक कराई टिकट गौरतलब है कि सीएम डॉ. मोहन यादव और उनके स्टाफ ने नर्मदापुरम से रानी कमलापति रेलवे स्टेशन तक बाकायदा इंटरसिटी एक्सप्रेस की टिकट बुक कराई। एक्सप्रेस में मौजूद टीसी ने उनकी टिकट चेक भी किए। बता दें, सीएम डॉ. मोहन यादव इससे पहले भी कई बार सादगी की मिसाल पेश कर चुके हैं। वे जनता से सीधा संवाद की शैली के लिए चर्चित रहे हैं। वे कई बार बिना किसी सुरक्षा और तामझाम के सड़कों पर निकलकर लोगों से मुलाकात कर चुके हैं। उनका यह अंदाज बताता है कि वे जनता से जुड़ने के लिए कितना आतुर रहते हैं। इस संवाद से उन्हें प्रदेश की जनता की मन पढ़ने में मदद मिलती है। दिखी पीएम मोदी की झलक सीएम डॉ. यादव की इस यात्रा के दौरान उनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की झलक दिखाई दी। जिस तरह पीएम मोदी लोगों के बीच जाकर खुद को भूल जाते हैं, उसी तरह सीएम डॉ. यादव भी जनता के बीच खो से गए। उन्होंने जनता से हाथ मिलाया, उनसे बात की, उनके साथ सेल्फी खिंचवाई। उन्होंने जनता से मन की बात उसी तरह शेयर की, जिस तरह पीएम मोदी करते हैं। इस मौके पर उन्होंने जनता से कहा कि किसी को भी किसी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है। उनका बेटा उनके साथ है। जनता के कल्याण में किसी भी चीज को रुकावट बनने नहीं दिया जाएगा। उनके कल्याण के लिए जिस हद तक जाना पड़े मैं जाऊंगा। सीएम यादव ने की मां नर्मदा की पूजा गौरतलब है कि, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नर्मदा जयंती के मौके पर नर्मदापुरम में आयोजित मां नर्मदा जन्मोत्सव-गौरव दिवस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘त्वदीय पाद पंकजं नमामि देवि नर्मदे…नर्मदापुरम के सेठानी घाट पर प्राणदायिनी मां नर्मदा जी के दर्शन-पूजन ने मुझे नई ऊर्जा से भर दिया है। आज नर्मदा जयंती के पावन अवसर पर नर्मदापुरम जिले में आयोजित मां नर्मदा जन्मोत्सव एवं गौरव दिवस कार्यक्रम में सहभगिता कर विचार साझा किए। मैया की कृपा से मध्यप्रदेश के अन्नदाता के घरों में सुख, समृद्धि एवं खुशहाली है और असंख्य घरों में शुद्ध पेयजल पहुंच रहा है। मां रेवा के आशीर्वाद से चहुंओर समृद्धि एवं सुख के पुष्प पुष्पित और पल्लवित हो रहे हैं। मां नर्मदा की कृपा ऐसे ही अविराम हर घर-आंगन में बरसती रहे, हर घर धन-धान्य से भरा रहे, सर्वदा आनंद के दीप देदीप्यमान रहें, यही प्रार्थना है। नर्मदे हर।’     recent visitors 37

आज मध्यप्रदेश में सरकारी स्कूलों के 7,900 छात्रों को मिलेगी स्कूटी, eBike के लिए मिलेंगे एक लाख 10 हजार

भोपाल प्रदेश के सरकारी स्कूलों के 7,900 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को आज स्कूटर प्रदान किया जाएगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव सुबह 11 बजे से राजधानी के कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों को स्कूटर प्रदान निश्शुल्क प्रदान करेंगे। 12वीं के टॉपर को मिलेंगे स्कूटर कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह एवं जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह भी उपस्थित रहेंगे। शासन की ओर से शैक्षणिक सत्र 2023-24 में सरकारी स्कूलों में 12वीं कक्षा में सर्वोच्च अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान पाने वाले छात्र और छात्रा को स्कूटर निश्शुल्क प्रदान किया जाता है। स्कूटर नहीं लेने पर मिलेंगे 95 हजार रुपये इसके लिए विद्यार्थियों को विकल्प भी दिया गया है। अगर कोई विद्यार्थी स्कूटर नहीं लेना चाहता है तो उसे 95 हजार रुपये की राशि प्रदान की जाएगी। अगर कोई ई-स्कूटर लेना चाहता है तो उसे एक लाख 10 हजार रुपये प्रदान किए जाएंगे।   recent visitors 41

प्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिये समाज के सभी वर्गों के बीच कौशल उन्नयन को बढ़ावा देने की जरूरत: मंत्री उदय प्रताप सिंह

भोपाल स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि प्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिये समाज के सभी वर्गों के बीच कौशल उन्नयन को बढ़ावा देने की जरूरत है। उन्होंने आज की जरूरत के मुताबिक ट्रेडों पर कौशल उन्नयन का प्रशिक्षण दिये जाने पर जोर दिया। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सिंह ने मंत्रालय में अधिकारियों से चर्चा के दौरान यह बात कही। मध्यप्रदेश राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड और राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान के मध्य एमओयू किया गया। एमओयू के बाद प्रदेश में राष्ट्रीय मुक्त शिक्षा संस्थान से 93 प्रकार के कौशल उन्नयन के कोर्स किये जा सकेंगे। एमओयू पर संचालक श्री प्रभात राज तिवारी और राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) के सचिव श्री शकील अहमद द्वारा हस्ताक्षर किये गये। कौशल विकास के पाठ्यक्रम शुरू होने से जन-सामान्य और लाड़ली बहना लाभान्वित होंगी। नई शिक्षा नीति-2020 में व्यावसायिक शिक्षा और कौशल विकास को मुख्य-धारा में लाने पर जोर दिया गया है। दोनों संस्थान प्रदेश के इच्छुक युवाओं को कम्प्यूटर और इंटरनेट प्लेटफार्म से भी व्यावसायिक शिक्षा का अवसर प्रदान करेंगे। प्रदेश में शैक्षिक पाठ्यक्रम में व्यावसायिक शिक्षा को कक्षा-6वीं से ही शामिल किया जायेगा। इसके बाद इन्हें उच्च शिक्षा से भी जोड़ा जायेगा। महिलाओं के प्रशिक्षण पर जोर दिया जायेगा संस्थान के अधिकारियों द्वारा बताया गया कि लाड़ली बहना से लाभान्वित महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिये उनकी रुचि के अनुसार प्रशिक्षण दिये जाने की व्यवस्था की जायेगी। राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान के देशभर में 23 क्षेत्रीय केन्द्र और 7 हजार से अधिक अध्ययन केन्द्र संचालित हो रहे हैं। शिक्षार्थियों को नामांकन करने, परीक्षा लेने और उत्तीर्ण शिक्षार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किये जायेगे। यह प्रमाण-पत्र उन्हें रोजगार दिलाने और स्वयं का रोजगार शुरू करने में मददगार साबित होगा।   recent visitors 37

डिजिटल होगी प्रदेश की आठवीं आर्थिक गणना, योगी सरकार का फैसला

लखनऊ योगी सरकार के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश पिछले साढ़े सात वर्षों में न केवल कानून व्यवस्था और बुनियादी ढांचे के विकास में बढ़ा है, बल्कि आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में भी अपनी अहम भूमिका निभा रहा है। सीएम योगी द्वारा प्रदेश को 'वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी' बनाने का लक्ष्य सशक्त उदाहरण है। इसी क्रम में योगी सरकार ने प्रदेश में आठवीं आर्थिक गणना 2025-26 के जरिए प्रदेश के हर तबके तक विकास की रोशनी पहुंचाने का निर्णय लिया है। इसके सटीक आंकड़ों के माध्यम से लोगों का सामाजिक स्तर सुधारने के लिए विभिन्न योजनाएं बनाई जाएंगी, जिसका लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को आठवीं आर्थिक गणना 2025-26 की विस्तृत योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं, ताकि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाया जा सके। योगी सरकार आर्थिक गणना को केवल डाटा संग्रहण के रूप में नहीं देख रही है, बल्कि इसे ट्रांसफॉर्मेटिव टूल के रूप में विकसित करने की योजना बना रही है। सीएम योगी के निर्देश पर यह गणना डिजिटल माध्यमों से की जाएगी, जिससे सटीक आंकड़े जुटाए जा सकें। इसके लिए एक वेब-बेस्ड मोबाइल एप्लिकेशन विकसित किया जा रहा है, जो वास्तविक समय में डेटा सत्यापन, निगरानी और विश्लेषण की सुविधा प्रदान करेगा। इससे योगी सरकार को प्रदेश के उद्यमों, स्वरोजगार से जुड़े व्यक्तियों, श्रमिकों और छोटे व्यापारियों की सही स्थिति का आंकलन करने में मदद मिलेगी, जिससे नीति निर्माण और योजनाओं में पारदर्शिता आएगी। आठवीं आर्थिक गणना के लिए लगभग 17,000 गणनाकारों और 6,000 पर्यवेक्षकों को तैनात किया जाएगा। इसके लिए सरकार स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षित कर उन्हें इस अभियान का हिस्सा बनाएगी। इससे जहां योगी सरकार को सटीक आर्थिक डेटा मिलेगा, वहीं, दूसरी ओर युवाओं को रोजगार और कौशल विकास का अवसर भी प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आर्थिक गणना में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए महिला गणनाकारों की नियुक्ति का भी फैसला लिया है। योगी सरकार महिलाओं को डाटा संग्रहण, तकनीकी प्रशिक्षण और डिजिटल प्लेटफार्म पर काम करने की सुविधा प्रदान कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। योगी सरकार की आर्थिक गणना से उत्तर प्रदेश के छोटे उद्यमियों और व्यापारियों को भी आर्थिक पहचान मिलेगी। यह गणना प्रदेश के सूक्ष्म, लघु, मध्यम-उद्यम (एसएसएमई) को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का महत्वपूर्ण प्रयास है। योगी सरकार गणना से प्राप्त डेटा का उपयोग कर सही नीति निर्माण करेगी, जिससे छोटे उद्यमों को वित्तीय सहायता, नए बाजारों तक पहुंच, व्यापार प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग मिल सके। इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के छोटे व्यापारियों को समान रूप से लाभ मिलेगा। यह गणना पूरी तरह से डिजिटल होगी, जिससे न केवल कार्यक्षमता बढ़ेगी, बल्कि डेटा संग्रहण की गति भी तेज होगी। योगी सरकार द्वारा गणना के लिए मल्टी-लेयर मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार किया जा रहा है। इसमें जिलाधिकारी, जिला सांख्यिकी अधिकारी और आईटी एक्सपर्ट टीम शामिल होंगे। आईटी एक्सपर्ट सिस्टम के जरिए डाटा की गुणवत्ता और सत्यता सुनिश्चित करेंगे। इससे गांव और शहर के बीच का आर्थिक अंतर कम होगा। गांवों में छोटे उद्यमों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे ग्रामीण युवाओं को रोजगार मिलेगा। शहरी क्षेत्रों में स्टार्टअप और एमएसएमई को सशक्त किया जाएगा, जिससे स्थानीय उत्पादन को बल मिलेगा। आर्थिक नीतियों को समावेशी दृष्टिकोण से तैयार किया जाएगा, जिससे हर नागरिक को लाभ मिल सके। recent visitors 56

श्री सिंगाजी ताप विद्युत गृह की इकाई नंबर तीन ने बनाया नया रिकार्ड, एक दिन में किया 158.3 लाख यूनिट विद्युत का उत्पादन

भोपाल मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के श्री सिंगाजी ताप विद्युत गृह दोंगलिया (खंडवा) की 660 मेगावाट की इकाई नंबर 3 ने अपनी स्थापना के बाद सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए दैनिक विद्युत उत्पादन का नया रिकार्ड बनाया है। इकाई नंबर 3 ने गत दिवस 158.3 लाख यूनिट विद्युत उत्पादन किया। इस दौरान यूनिट का प्लांट लोड फेक्टर (पीएलएफ) 99.94 फीसदी रहा। इससे पूर्व इस इकाई द्वारा 24 नवम्बर 2018 को 158.14 लाख यूनिट दैनिक विद्युत उत्पादन किया गया था। यूनिट नंबर 3 ने कमीशनिंग के 6वें दिन ही दैनिक उत्पादन का रिकार्ड बनाया था। श्री सिंगाजी ताप विद्युत गृह की वर्तमान विद्युत उत्पादन क्षमता 2520 मेगावाट है। यहां पहली एवं दूसरी इकाई 600-600 मेगावाट और तीसरी व चौथी इकाई 660-660 मेगावाट की हैं। दैनिक विद्युत उत्पादन का नया रिकार्ड बनाने वाली इकाई नंबर 3 की कमीशनिंग 18 नवम्बर 2018 को हुई थी। इस यूनिट ने अपनी कमीशनिंग के 6वें दिन 24 नवम्बर 2018 को 158.14 लाख यूनिट दैनिक बिजली उत्पादन किया था। जो अब तक का सर्वाधिक दैनिक विद्युत उत्पादन था। यह रिकार्ड गत दिवस 3 फरवरी को उस समय टूटा जब इस यूनिट ने एक दिन में 158.3 लाख यूनिट बिजली उत्पादन कर दिया। तीन क्षेत्रों से मिलता है कोयला श्री सिंगाजी ताप विद्युत गृह को डब्ल्यूसीएल, एसईसीएल और एनसीएल से कोयले की प्राप्ति होती है। विद्युत गृह में उत्पादित होने वाली विद्युत की निकासी 400 केवी एवं 220 केवी पीथमपुर और छैगांव पारेषण लाइनों से होती है। ऊर्जा मंत्री ने दी बधाई श्री सिंगाजी ताप विद्युत गृह के यूनिट नंबर 3 के अभियंताओं और कार्मिकों को नया दैनिक विद्युत उत्पादन का रिकार्ड कायम करने के लिए ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, अपर मुख्य सचिव ऊर्जा श्री नीरज मंडलोई एवं कंपनी के प्रबंध संचालक श्री मनजीत सिंह ने बधाई दी।   recent visitors 36

मुख्यमंत्री कृषि उपज मण्डी हम्माल एवं तुलावटी वृद्धावस्था सहायता योजना

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार निरंतर किसानों के कल्याण के लिये कृत संपल्पित होकर कार्य कर रही है। सरकार ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ज्ञान (GYAN) से ध्यान पर फोकस करते हुए 4 मिशन के क्रियान्वयन पर जोर दिया है। जल्द ही प्रदेश में किसान कल्याण के लिये मिशन भी प्रारंभ होने वाला है। वर्तमान में किसानों के कल्याण की विभिन्न योजनाएँ संचालित हो रही है। मुख्यमंत्री कृषक जीवन कल्याण योजना में 4 लाख रूपये की सहायता प्रदेश के कृषकों की सहायता के लिये मुख्यमंत्री कृषक जीवन कल्याण योजना लागू की गई है। योजनांतर्गत कृषकों को आंशिक अपंगता के लिये 50 हजार रूपये की सहायता प्रदान की जाती है। स्थायी अपंगता पर एक लाख रूपये एवं मृत्यु होने पर 4 लाख रूपये प्रदान किये जाते है। साथ ही अंत्येष्टि के लिये 4 हजार रूपये की सहायता दिये जाने का प्रावधान है। मुख्यमंत्री मण्डी हम्माल एवं तुलावटी सहायता योजना प्रदेश की कृषि उपज मण्डी समितियों में अनुज्ञप्तिधारी हम्माल एवं तुलावटियों के उत्थान के लिये यह योजना लागू की गई है। इस योजना के अंतर्गत प्रसूति व्यय एवं प्रसूति अवकाश सहायता, विवाह के लिये सहायता, प्रावीण्य छात्रवृत्ति सहायता, चिकित्सा सहायता, दुर्घटना में स्थायी अपंगता सहायता, मृत्यु सहायता, अंत्येष्टि सहायता, मण्डी प्रांगण में कार्य करते समय हुई दुर्घटना में सहायता आदि का समावेश किया गया है। मुख्यमंत्री कृषि उपज मण्डी हम्माल एवं तुलावटी वृद्धावस्था सहायता योजना प्रदेश की कृषि उपज मण्डी समितियों में कार्यरत अनुज्ञप्तिधारी हम्माल एवं तुलावटियों के सहायतार्थ मुख्यमंत्री कृषि उपज मण्डी हम्माल एवं तुलावटी वृद्धावस्था सहायता योजना-2015 लागू की गई। यह योजना उन हम्माल एवं तुलावटियों एवं उनके परिवार के आश्रित सदस्यों पर प्रभावी होगी, जो मण्डी उपविधि के प्रावधान अनुसार मण्डी समिति में 18 से 55 वर्ष आयु के अनुज्ञप्तिधारी हम्माल एवं तुलावटी हैं। योजनांतर्गत हितग्राही को न्यूनतम एक हजार एवं अधिकतम 2 हजार रूपये तक प्रति वर्ष अंशदान जमा करना होगा। इस योजना का लाभ पात्रता रखने वाले अनुज्ञप्तिधारी हम्माल एवं तुलावटियों को 60 वर्ष की आयु पूर्ण या हितग्राही की आकस्मिक मृत्यु/स्थायी अपंगता/असाध्य बीमारी होने की दशा में प्राप्त होगा। कृषि विपणन पुरुस्कार योजना प्रदेश में मण्डियों में प्रत्येक वर्ष में 2 बार नर्मदा जयंती एवं बलराम जयंती के अवसर पर लॉटरी पद्धति द्वारा ड्रा निकाले जाते हैं, जिसमें बम्पर ड्रा के पुरुस्कार में "क" प्रवर्ग की मण्डी समिति में 35 अश्व शक्ति का ट्रेक्टर एवं "ख", "ग" तथा "घ प्रवर्ग की मण्डी समितियों में 50 हजार रूपये मूल्य तक के कृषि यंत्र दिये जाने का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त मण्डी के श्रेणी अनुसार एक हजार से 21 हजार रूपये तक की नगद राशि के रुप में पुरुस्कार दिये जाते हैं। कृषकों को 5 रुपये में भोजन थाली उपलब्ध कराने की योजना प्रदेश में राज्य शासन द्वारा लिये गये निर्णय अनुसार प्रदेश की 257 मण्डी समितियों में कृषि उपज के विक्रय के लिये आये कृषकों को 5 रुपये में भोजन थाली (न्यूनतम अनिवार्य मीनू 6 पूड़ी अथवा 6 रोटी, दाल एवं सब्जी के साथ) उपलब्ध कराने की योजना लागू की गई।   recent visitors 40