एप अटेंडेंस सिस्टम: एमपी के IAS अधिकारी हाजिरी लगाने तैयार नहीं: सुबह 10 से शाम 6 बजे तक ऑफिस में रुकना होगा

App Attendance System: IAS officers of MP are not ready to mark attendance भोपाल। मध्यप्रदेश के प्रशासनिक मुख्यालय वल्लभ भवन में एप से अटेंडेंस का प्रयोग IAS अधिकारियों की बेरुखी के कारण अटक गया है। मंत्रालय में फेस अटेंडेंस सिस्टम को 1 जनवरी से लागू किया जाना था लेकिन ये 1 फरवरी से भी लागू नहीं हो पाया है। अधिकारियों के रजिस्ट्रेशन नहीं होने के चलते इसे फरवरी में भी लागू नहीं किया जा सका है। हालात ये हैं कि जिन प्रशासनिक अधिकारियों पर व्यवस्था बनाने की जिम्मेदारी है, वह ही नई व्यवस्था का पालन नहीं कर रहे हैं। वल्लभ भवन में पदस्थ 50 से ज्यादा IAS में से सिर्फ 6 ही आधार बेस्ड फेस अटेंडेंस एप से हाजिरी लगा रहे हैं। आईएएस को भी करनी होगी 8 घंटे नौकरी प्रदेश में इनकम शो करने के बाद अब आईएएस अधिकारियों को काम पर आने-जाने का हिसाब भी देना होगा। आईएएस अधिकारियों को कर्मचारियों की तरह आठ घंटे की ड्यूटी पूरी करनी होगी और इसके लिए जियो टैगिंग बेस्ड एप पर हाजिरी लगानी होगी। मंत्रालय से शुरू किए जा रहे फेस अटेंडेंस एप के माध्यम से हाजिरी लगाने की प्रक्रिया में कर्मचारियों के साथ सभी अधिकारियों को भी शामिल किया गया है। व्यवस्था को लागू करने वाले सामान्य प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव संजय दुबे बताते हैं कि हम केवल कर्मचारियों को इसमें शामिल नहीं कर रहे हैं, बल्कि प्रदेश में पहली बार आईएएस अधिकारियों को भी एप से हाजिरी लगानी होगी। देश में पहली बार ऐसा सबसे बड़ा प्रयोग प्रमुख सचिव दुबे बताते हैं कि इस तरह की अटेंडेंस प्रक्रिया देश का अपनी तरह का सबसे बड़ा प्रयोग है। अभी तक किसी राज्य ने आधार बेस्ड फेस रिकॉग्नाइजेशन से अटेंडेंस लगानी शुरू नहीं की है। यह बहुत सरल एप है, जो आधार से जुड़ा है। इसे लागू करने वालों से लेकर अटेंडेंस लगाने वालों तक को न तो कोई इक्यूपमेंट खरीदना है, न ही डाटा ही अलग से इकट्‌ठा किया जाना है। बिना बड़े बजट के खर्च किए मंत्रालय के सभी अधिकारियों–कर्मचारियों की उपस्थिति एप के माध्यम से दर्ज हो रही है। प्रदेश भर में लागू होगा एप बेस्ड अटेंडेंस सिस्टम प्रदेश के मंत्रालय में इस तरह एप से अटेंडेंस लगाने का प्रयोग नए मुख्य सचिव अनुराग जैन के आने के बाद शुरू हुआ है। यह कहा जाता है कि प्रशासनिक मुखिया का विचार है कि सबसे पहले मंत्रालय में सभी अधिकारी-कर्मचारी एक व्यवस्था के तहत नियम से अपने ड्यूटी आवर्स पूरे करें, इसके बाद इस प्रयोग को पूरे प्रदेश में लागू किए जाने की योजना है। इसकी पुष्टि करते हुए सामान्य प्रशासन के प्रमुख सचिव संजय दुबे कहते हैं कि जब मंत्रालय में एप से अटेंडेंस हो सकती है तो बाकी कार्यालयों में क्यों नहीं? हम इसे सफलतापूर्वक यहां लागू करेंगे। इसके बाद कलेक्टर कार्यालयों में और प्रदेश के अन्य कार्यालयों में ले जाया जाएगा। इससे सरकारी कर्मचारियों की यह छवि सुधरेगी कि वे देर से दफ्तर आते हैं और जल्दी चले जाते हैं। जनता में छवि बेहतर होगी तो कर्मचारियों की उत्पादकता बढ़ेगी और प्रशासनिक कार्यों में गति आएगी। अधिकारी ही बन रहे व्यवस्था में रोड़ा प्रशासनिक मुखिया भले ही बेहतर सोच के साथ नई व्यवस्था को लागू कर रहे हों, लेकिन इसकी राह में सबसे बड़ा रोड़ा प्रशासनिक अधिकारी ही बन रहे हैं। फरवरी के पहले सप्ताह तक 1266 कर्मचारी ऐसे थे, जो अटेंडेंस पोर्टल पर जाकर रजिस्ट्रेशन कर चुके हैं। वहीं, कुल रजिस्टर्ड डिवाइस 755 हैं यानी जिन्होंने अपने एंड्रॉयड डिवाइस में एप डाउनलोड कर लिया है। इनमें से आधे यानी करीब 350 प्रतिदिन इस एप से हाजिरी लगा रहे हैं, लेकिन मात्र 10 प्रतिशत अधिकारी ही इसका पालन कर रहे हैं। सामान्य प्रशासन विभाग के एक अधिकारी बताते हैं कि मंत्रालय में करीब 50 आईएएस पदस्थ हैं। इनमें से छह ही एप की मदद से हाजिरी लगा रहे हैं। हाजिरी लगाने वालों में व्यवस्था को लागू करने वाले विभाग सामान्य प्रशासन के उप सचिव अजय कटेसरिया, वित्त विभाग के प्रमुख सचिव मनीष रस्तोगी सहित उनके विभाग के आईएएस तन्वी सुंद्रियाल, राजीव मीणा, रोहित सिंह और लोकेश जाटव शामिल हैं। इसके अतिरिक्त पूरे मंत्रालय से इक्का-दुक्का आईएएस ही इस व्यवस्था का पालन कर रहे हैं। 1 से 3.30 तक लंच पर चले जाते हैं आईएएस नायक बताते हैं कि कर्मचारियों के बारे में कहा जाता है कि वह शाम को जल्दी घर चले जाते हैं, लेकिन आईएएस बैठे रहते हैं। हकीकत कौन नहीं जानता, सभी आईएएस एक बजे लंच पर घर चले जाते हैं। साढ़े तीन बजे ही आते हैं। कोई मंत्रालय में लंच टाइम में आईएएस से मिलकर दिखा दे। उनके पास घोड़ा है, गाड़ी है, ड्राइवर है। कर्मचारी दो-तीन बसें बदलकर आता है। recent visitors 227

भारतीय किसान संघ का आज भोपाल में वल्लभ भवन का घेराव करेंगे; बिजली-फसल रेट मुख्य मुद्दे

Bharatiya Kisan Sangh will surround Vallabh Bhawan in Bhopal today; electricity and crop rates are the main issues भोपाल में प्रदर्शन को लेकर भारतीय किसान संघ गांव-गांव जाकर बैठकें भी कर चुका है। भोपाल। बिजली और फसल के रेट जैसे कई मुद्दों पर हजारों किसान बुधवार को भोपाल में बड़ा प्रदर्शन करेंगे। भारतीय किसान संघ के बैनर तले ये प्रदर्शन होगा। लिंक रोड नंबर-1 पर पहले धरना, फिर अन्नदाता अधिकार रैली और वल्लभ भवन का घेराव किया जाएगा। प्रदर्शन को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड पर है। इधर, किसान संघ ने सख्त चेतावनी दी है कि बाहर से आने वाले किसानों को पुलिस नहीं रोकें। वर्ना, वे वहीं पर धरना प्रदर्शन शुरू कर देंगे। भारतीय किसान संघ ने मध्यप्रदेश सरकार के खिलाफ विरोध का बिगुल फूंका है। लिंक रोड नंबर-1 स्थित भाकिसं कार्यालय के सामने सुबह 11 बजे बाद धरना शुरू होगा। दोपहर 3 बजे से रैली के रूप में किसान वल्लभ भवन पहुंचेंगे और घेराव करेंगे। संघ के मध्य भारत प्रांत अध्यक्ष सर्वज्ञ दीवान ने कहा, प्रदेश में किसान राजस्व विभाग के फौती नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, बटांकन, नक्शा सुधार जैसे कार्यों में की जा रही लूट से परेशान हो गया है। निरंकुश अफसरशाही के खिलाफ प्रदेश का किसान खेतों से निकलकर राजधानी की सड़कों पर 5 फरवरी को अपने अधिकार के लिए अन्नदाता अधिकार रैली और वल्लभ भवन घेराव कार्यक्रम में शामिल होगा। ज्ञापन देने के बावजूद नहीं चेती सरकार भाकिसं के पदाधिकारियों का कहना है कि किसान संघ ने किसानों की समस्याओं को लेकर तहसील व जिला स्तर मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपे, लेकिन आज तक किसानों की किसी भी समस्या पर प्रशासन ने कोई ध्यान नहीं दिया है। इसलिए किसान अपनी समस्याओं को सुनाने और निदान के लिए सरकार के दरवाजे पर आने के लिए मजबूर है। ये हैं किसानों की प्रमुख मांगें फौती नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, बटांकन, ऑनलाइन रिकॉर्ड और नक्शा सुधारा जाए। हॉर्स पावर क्षमता वृद्धि वापस ली जाए। जले ट्रांसफॉर्मर और लाइनें समय सीमा में बदली जाए। डीएपी, यूरिया खाद सहकारिता के माध्यम से नगद वितरण समय पर किया जाए। सभी मंडियों में फ्लेट कांटों से तुलाई अनिवार्य हो। मंडी परिसर में ही भुगतान हो। नकली दूध बनाने वालों पर सख्त कार्रवाई हो। प्रदेश में गो-अभयारण्य खोले जाएं। प्रस्तावित और स्वीकृत नहरों के कार्य जल्द पूरा हो। सभी फसलों को एमएसपी से नीचे नहीं खरीदा जाए। किसानों के झूठे प्रकरण वापिस हों। पूसा बासमती धान को जीआई टैग दिलाया जाए। धान 3100 रुपए व गेहूं 2700 रुपए प्रति क्विंटल खरीदा जाए। गांव-गांव में किसानों की हुई बैठकें अन्नदाता अधिकार रैली और वल्लभ भवन के घेराव में किसानों को शामिल करने के लिए किसान संघ के ग्राम समिति से लेकर प्रांत स्तर तक के पदाधिकारियों ने गांव-गांव बैठकें कीं। जिसमें किसानों की विभिन्न समस्याओं की चर्चा कर भोपाल आने के लिए आमंत्रित किया गया। बढ़े हुए बिजली बिलों से किसान त्रस्त किसानों का कहना है कि बिजली विभाग के द्वारा कृषि विद्युत कनेक्शन में हॉर्स पावर भार वृद्धि करने के कारण किसानों को बढ़े हुए बिजली के बिल भेजे जा रहे हैं। जिससे वे नाराज हैं। किसान बिजली कंपनियों द्वारा बिना जांच के भार वृद्धि करने के कारण आंदोलन के मूड में हैं और उसने सरकार के खिलाफ खुला मोर्चा खोल दिया है। recent visitors 176

बड़ामलहरा : सचिव और रोजगार सहायक द्वारा अवैध वसूली के खिलाफ सरपंच और ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट का किया घेराव

Badamalhara: Sarpanch and villagers gheraoed the collectorate against illegal recovery by the secretary and employment assistant सरपंच बोलीं- जो पैसे नहीं देते, उन्हें योजनाओं का लाभ नहीं मिलता सरपंच ने पंचायत सचिव और रोजगार सहायक पर अवैध वसूली के आरोप लगाए। छतरपुर । बड़ामलहरा जनपद की ग्राम पंचायत भोजपुरा में भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। महिला सरपंच राजकुमारी अहिरवार ने मंगलवार को दो दर्जन से अधिक ग्रामीणों के साथ कलेक्टर की जनसुनवाई में पहुंचकर पंचायत सचिव अभिषेक जैन और रोजगार सहायक अजेंद्र सिंह परमार पर अवैध वसूली के आरोप लगाए हैं। सरपंच प्रतिनिधि लखन लाल अहिरवार के अनुसार, दोनों अधिकारी सरकारी योजनाओं का लाभ देने के लिए ग्रामीणों से अवैध वसूली करते हैं। राशन कार्ड, वृद्धावस्था पेंशन, आवास योजना और मृत्यु प्रमाण-पत्र जैसे आवश्यक दस्तावेजों के लिए पैसों की मांग की जाती है। जो लोग पैसे नहीं दे पाते, उन्हें योजनाओं से वंचित कर दिया जाता है। वहीं,रोजगार सहायक अजेंद्र सिंह परमार पर आरोप है कि वह पिछले 15 वर्षों से अपनी दबंग छवि का दुरुपयोग कर रहे हैं। आवास योजना में पात्र लोगों की अनदेखी कर संपन्न परिवारों को लाभ पहुंचाया जा रहा है। एक ग्रामीण रमेश आदिवासी का मामला सामने आया है, जिनका नाम 2017 की आवास योजना सूची से बिना किसी कारण के काट दिया गया। व्यक्तिगत दुश्मनी के कारण की जा रही शिकायतें हालांकि, बड़ामलहरा जनपद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एसके मिश्रा का कहना है कि इस तरह की शिकायत पहले भी आई थी। इंस्पेक्टर से कराई गई जांच में रिश्वत के आरोप निराधार पाए गए थे। उनका मानना है कि यह शिकायतें व्यक्तिगत दुश्मनी के कारण की जा रही हैं। अधिकारियों को हटाने की मांग सरपंच और ग्रामीणों ने कलेक्टर से दोनों अधिकारियों को तत्काल हटाकर नई नियुक्तियां करने की मांग की है। recent visitors 260

शिवराज सिंह चौहान ने कहा- पीएम मोदी की नीति के कारण नारियल के उत्पादन में आज भारत नंबर एक बना है

नई दिल्ली संसद के बजट सत्र की कार्यवाही चौथे दिन भी जारी है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान नारियल के उत्पादन का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी की नीति के कारण नारियल के उत्पादन में आज भारत नंबर एक बना है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लोकसभा में कहा, "मैं सांसद पार्थ सारथी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं कि उन्होंने नारियल से संबंधित प्रश्न पूछा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सर्वोच्च प्राथमिकता किसानों की आय बढ़ाना है। मुझे बताते हुए प्रसन्नता है कि आज भारत नारियल उत्पादन में पीएम मोदी की नीति के कारण दुनिया में नंबर एक बना है।" उन्होंने कहा, "मुझे बताते हुए खुशी हो रही है कि 2014-15 में नारियल का उत्पादन 140 लाख मीट्रिक टन था, जो अब 153.29 लाख मीट्रिक टन हो गया है। विश्व में हमारी उत्पादकता सबसे अधिक है। आंध्र प्रदेश में भी नारियल का उत्पादन होता है। इसे बढ़ाने की नीति के कारण आंध्र प्रदेश में उत्पादकता 11 मीट्रिक टन है। पिछले दिनों अनेक बीमारियों की शिकायत आई थी। नारियल विकास बोर्ड ने इसको नियंत्रित करने के लिए विभिन्न केंद्रीय संस्थान और अन्य संस्थानों के माध्यम से प्रबंधन के लिए आठ परियोजनाएं अनुमोदित की हैं।" शिवराज सिंह चौहान ने कहा, "नारियल में होने वाली अलग-अलग प्रकार की बीमारियों से निपटने के लिए आईसीएआर ने अनेक उपाय किए हैं। नई फसलें विकसित करने के साथ सहायता राशि भी उपलब्ध कराई गई है।" साथ ही उन्होंने फसल बीमा योजना का जिक्र करते हुए कहा, "फसल बीमा योजना में किसानों का विश्वास बढ़ता जा रहा है। इस बार किसानों के 14 करोड़ आवेदन आए हैं, जो अपने आप में रिकॉर्ड है। सरकार खुले मन से प्रयत्न करेगी कि किसानों को अधिकतम लाभ प्रदान क‍िया जा सके।" recent visitors 86

योगी सरकार का आठ लाख करोड़ का हो सकता है यूपी का बजट, फरवरी के अंतिम सप्ताह में पेश होने की उम्मीद

लखनऊ यूपी विधानमंडल का बजट सत्र फरवरी के आखिरी सप्ताह में आहूत किया जाएगा। इसमें करीब 8 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किए जाने की संभावना है। इस बजट में विकास के योगी मॉडल की छाप दिखेगी। मध्यवर्ग, युवा, किसान और महिलाएं बजट के फोकस में होंगी। उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक, अभी सत्र की तिथियां फाइनल नहीं हुई हैं। लेकिन, तैयारियां फरवरी के आखिरी सप्ताह को ध्यान में रखकर की जा रही हैं। सभी विभागों के बजट प्रस्तावों को अंतिम रूप दे दिया गया है। पेश हो चुका है आम बजट केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को लोकसभा में मोदी सरकार 3.0 का दूसरा बजट पेश किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आम बजट को ऐतिहासिक करार दिया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यह हर भारतीय के सपनों को पूरा करेगा, ‘विकसित भारत’ के मिशन को आगे ले जाएगा और विकास, निवेश और उपभोग को कई गुणा बढ़ाएगा। हालांकि, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने आर्थिक संकट को हल करने के लिए बड़े बदलाव की जरूरत पर जोर दिया और बजट को गोली के घाव पर केवल मरहम पट्टी करार दिया। अलग-अलग राजनीतिक दलों ने इस पर प्रतिक्रिया दी है। देश के बजट का 16 फीसदी केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 50.65 लाख करोड़ का बजट पेश किया है। यूपी का बजट भी आठ लाख करोड़ तक होगा। यह केंद्र के बजट का करीब 16 फीसदी होगा। सभी विभागों से पहुंचे प्रस्ताव वित्त विभाग को प्रदेश सरकार के करीब-करीब सभी विभागों से बजट के लिए प्रस्ताव मिल गए हैं। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना और वित्त विभाग के अधिकारी उन प्रस्तावों पर मंथन करेंगे। उसके बाद बजट का प्रारंभिक मसौदा सीएम योगी आदित्यनाथ के सामने पेश किया जाएगा। रोजगार और इन्फ्रास्ट्रक्चर पर होगा फोकस जानकारों का मानना है कि गत वर्ष हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा की हार की वजह बेरोजगारी को माना गया। सरकार बजट में सरकारी नौकरियों के साथ स्वरोजगार पर फोकस करेगी। वहीं, एक्सप्रेस वे, स्टेट हाईवे के साथ इन्फ्रास्ट्रक्चर पर भी फोकस रहेगा। दलितों और महिलाओं पर भी ध्यान विपक्ष की ओर से लगातार भाजपा को दलित विरोधी साबित करने का प्रयास किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, सरकार बजट में दलितों को साधने के लिए कोई बड़ी घोषणा कर सकती है। संकल्प पत्र पूरा करने का लक्ष्य भाजपा ने विधानसभा चुनाव 2022 से पहले संकल्प पत्र पेश किया था। संकल्प पत्र के 131 वादों में से 110 पूरे हो चुके हैं। सरकार के सूत्रों के मुताबिक, आगामी बजट में शेष 21 वादे पूरे कर सरकार संकल्प पत्र का हर वादा पूरा करने की योजना बना रही है। किसान से ‘श्रीराम’ तक समर्पित रहा बजट योगी सरकार का हर बजट किसी न किसी वर्ग के लिए समर्पित रहा है। 2017-18 का बजट किसानों की कर्जमाफी के चलते किसानों को समर्पित रहा। वहीं, 2024-25 का बजट ‘श्रीराम’ को समर्पित रहा। recent visitors 59

एकनाथ शिंदे ने कहा- राज्य में लाडकी बहिन योजना बिना किसी रुकावट के जारी रहेगी

ठाणे महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने महिलाओं के कल्याण के लिए महायुति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हुए कहा कि राज्य में लाडकी बहिन योजना बिना किसी रुकावट के जारी रहेगी। महाराष्ट्र में पिछले साल नवंबर में हुए विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले गठबंधन की बड़ी जीत का श्रेय लाडकी बहिन योजना को भी दिया जाता है। योजना के तहत महिलाओं को 1,500 रुपये प्रतिमाह सहायता प्रदान की जाती हैं। शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) सत्तारूढ़ महायुति के घटक दल हैं। ठाणे शहर में सोमवार रात एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिंदे ने कहा, ‘‘महायुति सरकार कभी भी लाडकी बहिन योजना को बंद नहीं होने देगी।’’ उन्होंने सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। आवास एवं शहरी विकास विभाग का प्रभार संभाल रहे शिंदे ने कहा, ‘‘हमारी जिम्मेदारी बढ़ गई है क्योंकि हमें लोगों की सेवा करने का एक और मौका मिला है।’’ उन्होंने मुंबई, ठाणे, पुणे और महाराष्ट्र के अन्य स्थानों में लंबित आवास परियोजनाओं से संबंधित चिंताओं पर चर्चा की। मंत्री ने आश्वासन दिया कि रुकी हुई विकास परियोजनाएं अब समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएंगी। इन परियोजनाओं में कुछ 25 वर्षों से भी अधिक समय से लंबित हैं। उन्होंने महाराष्ट्र सरकार द्वारा शुरू की गई क्लस्टर विकास योजना की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह एक अनूठी पहल है जो किसी अन्य देश में नहीं देखी गई है। शिंदे ने कहा कि इससे झुग्गी पुनर्वास प्राधिकरण (एसआरए) योजना की कमियों, विशेषकर ऊपरी मंजिलों पर रहने वाले निवासियों को पुनर्वास लाभों से वंचित रखने की समस्या का प्रभावी ढंग से समाधान हो सकेगा। उन्होंने कहा, ‘‘क्लस्टर योजना सभी प्रकार के पुनर्वास एवं विकास के लिए एक व्यापक समाधान प्रदान करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि प्रत्येक प्रभावित परिवार को वह लाभ मिले जिसके वे हकदार हैं।’’ राजनीतिक विरोधियों पर कटाक्ष करते हुए शिंदे ने कहा कि उनकी सरकार केवल तस्वीरें नहीं दिखाती और बड़ी-बड़ी घोषणाएं नहीं करती, बल्कि कदम उठाती हैं और परिणाम देती है।   recent visitors 68

एनसीसी और एनएसएस से मिल रही है चरित्र निर्माण से राष्ट्र निर्माण की शिक्षा : राज्यपाल पटेल

भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि नई पीढ़ी एन.सी.सी. और एन.एस.एस. का हिस्सा जरूर बने। इससे चरित्र निर्माण से राष्ट्र निर्माण के संस्कारों पर आधारित शिक्षा मिलती है। व्यक्ति में राष्ट्र सेवा के प्रति संकल्प और समर्पण की भावना पैदा करती है। राज्यपाल श्री पटेल एन.सी.सी. और एन.एस.एस. के एट होम कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। राजभवन के सांदीपनि सभागार में आयोजित कार्यक्रम में उच्च शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री अनुपम राजन भी मौजूद रहे। राज्यपाल श्री पटेल ने गणतंत्र दिवस की राष्ट्रीय परेड में शामिल हुए एन.सी.सी. कैडेट्स और एन.एस.एस. के स्वयं सेवकों को दिल्ली के कर्तव्य पथ पर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने की बधाई दी। उन्होंने विभिन्न श्रेणियों के उत्कृष्ट प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि वर्तमान समय युवाओं के लिए सुनहरे भविष्य की असीम संभावनाओं से भरा है। जरूरत एकीकृत, एकजुट, एकमत और एकता के साथ समाज तथा राष्ट्र के लिए कार्य करने एवं देश की समकालीन संस्कृति और सभ्यता के विभिन्न पहलुओं में हो रहे, सुखद बदलावों को समझते हुए प्रेरणा प्राप्त करने की है। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि एन.सी.सी. का मूल उद्देश्य, युवाओं में राष्ट्र के प्रति समर्पण, त्याग और अनुशासन में रहते हुए एकता की भावना का विकास करना है। इसी प्रकार एन.एस.एस. समाज सेवा से राष्ट्र निर्माण पर आधारित गतिविधियों से विद्यार्थियों का चरित्र निर्माण कर जिम्मेदार नागरिक बनाने की सराहनीय योजना है। उन्होंने कहा कि युवा ही हमारे देश की गौरवशाली संस्कृति, इतिहास और सभ्यता से भावी पीढ़ी को जोड़ने वाले सूत्रधार बन सकते हैं। युवाओं को संवेदनशीलता के साथ समाज के गरीब, वंचित, महिला, बुजुर्ग और दिव्यांगजनों का साहस और संबल बनकर उनके सशक्तिकरण में सहयोग करना चाहिए। राज्यपाल श्री पटेल का एनसीसी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ निदेशालय के ए.डी.जी. मेजर जनरल विक्रांत एम. धुमने और एन.एस.एस. के राज्य अधिकारी डॉ. मनोज अग्निहोत्री ने पुष्प-गुच्छ भेंट कर स्वागत और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया गया। राज्यपाल श्री पटेल के समक्ष एन.सी.सी. और एन.एस.एस. के प्रतिभागियों ने सामूहिक देशभक्ति गायन, गौरवशाली भारतीय संस्कृति पर आधारित समूह नृत्य और नाटिका प्रस्तुत की। स्वागत उद्बोधन ए.डी.जी. मेजर जनरल श्री धुमने ने दिया। आभार मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ एन.एस.एस. के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. अशोक कुमार श्रोती ने माना। कार्यक्रम में राज्यपाल के अपर सचिव श्री उमाशंकर भार्गव, एन.सी.सी. के ग्रुप कमान्डर ब्रिगेडियर अजीत सिंह, एन.एस.एस. और एन.सी.सी. के प्रतिभागी और उनके अभिभावक गण उपस्थित थे।   recent visitors 64