एनसीसी और एनएसएस से मिल रही है चरित्र निर्माण से राष्ट्र निर्माण की शिक्षा : राज्यपाल पटेल

भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि नई पीढ़ी एन.सी.सी. और एन.एस.एस. का हिस्सा जरूर बने। इससे चरित्र निर्माण से राष्ट्र निर्माण के संस्कारों पर आधारित शिक्षा मिलती है। व्यक्ति में राष्ट्र सेवा के प्रति संकल्प और समर्पण की भावना पैदा करती है। राज्यपाल श्री पटेल एन.सी.सी. और एन.एस.एस. के एट होम कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। राजभवन के सांदीपनि सभागार में आयोजित कार्यक्रम में उच्च शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री अनुपम राजन भी मौजूद रहे। राज्यपाल श्री पटेल ने गणतंत्र दिवस की राष्ट्रीय परेड में शामिल हुए एन.सी.सी. कैडेट्स और एन.एस.एस. के स्वयं सेवकों को दिल्ली के कर्तव्य पथ पर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने की बधाई दी। उन्होंने विभिन्न श्रेणियों के उत्कृष्ट प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि वर्तमान समय युवाओं के लिए सुनहरे भविष्य की असीम संभावनाओं से भरा है। जरूरत एकीकृत, एकजुट, एकमत और एकता के साथ समाज तथा राष्ट्र के लिए कार्य करने एवं देश की समकालीन संस्कृति और सभ्यता के विभिन्न पहलुओं में हो रहे, सुखद बदलावों को समझते हुए प्रेरणा प्राप्त करने की है। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि एन.सी.सी. का मूल उद्देश्य, युवाओं में राष्ट्र के प्रति समर्पण, त्याग और अनुशासन में रहते हुए एकता की भावना का विकास करना है। इसी प्रकार एन.एस.एस. समाज सेवा से राष्ट्र निर्माण पर आधारित गतिविधियों से विद्यार्थियों का चरित्र निर्माण कर जिम्मेदार नागरिक बनाने की सराहनीय योजना है। उन्होंने कहा कि युवा ही हमारे देश की गौरवशाली संस्कृति, इतिहास और सभ्यता से भावी पीढ़ी को जोड़ने वाले सूत्रधार बन सकते हैं। युवाओं को संवेदनशीलता के साथ समाज के गरीब, वंचित, महिला, बुजुर्ग और दिव्यांगजनों का साहस और संबल बनकर उनके सशक्तिकरण में सहयोग करना चाहिए। राज्यपाल श्री पटेल का एनसीसी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ निदेशालय के ए.डी.जी. मेजर जनरल विक्रांत एम. धुमने और एन.एस.एस. के राज्य अधिकारी डॉ. मनोज अग्निहोत्री ने पुष्प-गुच्छ भेंट कर स्वागत और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया गया। राज्यपाल श्री पटेल के समक्ष एन.सी.सी. और एन.एस.एस. के प्रतिभागियों ने सामूहिक देशभक्ति गायन, गौरवशाली भारतीय संस्कृति पर आधारित समूह नृत्य और नाटिका प्रस्तुत की। स्वागत उद्बोधन ए.डी.जी. मेजर जनरल श्री धुमने ने दिया। आभार मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ एन.एस.एस. के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. अशोक कुमार श्रोती ने माना। कार्यक्रम में राज्यपाल के अपर सचिव श्री उमाशंकर भार्गव, एन.सी.सी. के ग्रुप कमान्डर ब्रिगेडियर अजीत सिंह, एन.एस.एस. और एन.सी.सी. के प्रतिभागी और उनके अभिभावक गण उपस्थित थे।   recent visitors 64

मध्यप्रदेश में 5 से 10फरवरी तक बंद रहेगा mpedistrict पोर्टल, आय, जाति, मूलनिवासी और ईडब्ल्यूएस सेवा के नहीं होंगे काम

भोपाल  मध्यप्रदेश के नागरिकों के लिए जरुरी खबर सामने आई है। अगर आप भी लोक सेवा केंद्र से आय, मूलनिवासी, जातिप्रमाण, ईडब्ल्यूएस और जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाना चाहते हैं तो जरा ठहर जाइए। लोक सेवा गारंटी की वेबसाइट mpedistrict.gov.in पोर्टल को अपग्रेड किया जा रहा है। जिस वजह से 4 फरवरी की रात से 10 फरवरी की रात तक पोर्टल बंद रहेगा। जिसके चलते दस्तावेज नहीं बन पाएंगे। बंद रहेंगी सभी सेवाएं mpedistrict.gov.in पोर्टल बंद के कारण सभी सेवाएं पूर्ण रूप से बंद रहेंगी। लोक सेवा केंद्र के माध्यम से आय, जाति, मूल, ईडब्ल्यूएस और जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र सहित दूसरे दस्तावेज बनाएं जाते हैं। पोर्टल बंद होने के कारण ये सभी सेवाएं बंद रहेंगी। इस दौरान, MP eDistrict.gov.in पोर्टल पर सभी सेवाएं बंद रहेंगी। जिला लोक सेवा प्रबंधक आनंद झेरवार ने बताया कि लोक सेवा केंद्रों के माध्यम से पोर्टल से आय, जाति, मूल निवासी, ईडब्ल्यूएस, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र सहित अन्य सेवाएं प्रदान की जाती हैं। पोर्टल बंद होने के चलते लोग लोक सेवा केंद्रों पर कर्मचारी देर शाम तक काम करते रहे, ताकि लोगों को परेशानी न हों। 5 फरवरी से 10 फरवरी तक लोक सेवा केंद्रों से किसी भी प्रकार के आवेदन, ऑनलाइन या ऑफलाइन, स्वीकार नहीं किए जा सकेंगे और न ही सेवाएं प्रदान की जा सकेंगी। इस अवधि में नागरिकों से अनुरोध है कि वे किसी भी प्रकार की सेवा प्राप्ति के लिए समय से पहले तैयारी कर लें। 5 फरवरी से 10 फरवरी तक बंद रहेंगे आवेदन लोक सेवा केंद्र में सभी प्रकार के ऑफलाइन और ऑनलाइन आवेदन 5 फरवरी से 10 फरवरी तक बंद रहेंगे। ऐसे में विभाग की ओर से अपील की गई है कि 10 फरवरी तक नागरिक पोर्टल शुरु होने का इंतजार करें। बता दें कि, mpedistrict.gov.in पोर्टल में को नए SDC 2.0 पर माइग्रेट किया जा रहा है। recent visitors 60

भूटान नरेश ने संगम में डुबकी लगाई, स्नान-पूजन के बाद अक्षयवट का किया दर्शन, प्रवासी पक्षियों को खिलाया दाना

प्रयागराज महाकुंभ में स्नान के लिए भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांग्चुक प्रयागराज पहुंच गए। उनके साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी हैं। भूटान नरेश और योगी ने संगम में डुबकी लगाई। भूटान नरेश सुबह बमरौली एयरपोर्ट पहुंचे। 10:50 बजे किला घाट गए, घाट से संगम नोज आए। यहां स्नान-पूजन के बाद अक्षयवट दर्शन किया। इसके बाद हनुमान मंदिर पहुंचे दर्शन-पूजन किया। उनके साथ सीएम योगी भी हर जगह मौजूद हैं। भूटान नरेश ने अक्षयवट का दर्शन किया भूटान नरेश और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ संगम में स्नान के बाद अक्षयवट का दर्शन किया। भूटान नरेश ने संगम में डुबकी लगाई भूटान नरेश ने मुख्यमंत्री, मंत्री स्वतंत्रदेव, नंद गोपाल गुप्ता नंदी, सतुआ बाबा के साथ किया संगम स्नान भूटान नरेश ने प्रवासी पक्षियों को दाना खिलाया भूटान नरेश और मुख्यमंत्री सीएम योगी ने प्रवासी पक्षियों को दाना खिलाया। मोटरबोट से मुख्यमंत्री योगी और भूटान नरेश संगम नोज पहुंच रहे मोटरबोट से मुख्यमंत्री योगी और भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांग्चुक संगम जा रहे है। सीएम योगी और भूटान नरेश में पक्षियों का प्रेम दिखा। कल आएंगे पीएम मोदी, करेंगे गंगा स्नान महाकुंभ में गंगा स्नान के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांच फरवरी को प्रयागराज आएंगे। गंगा स्नान और पूजन कर वह वापस चले जाएंगे। पूर्व में पीएम का पांच घंटे का कार्यक्रम प्रस्तावित किया गया था। सोमवार को उनके कार्यक्रम को लेकर पुर्वाभ्यास किया गया। पीएम सुबह लगभग 10 बजे प्रयागराज आएंगे। बमरौली एयरपोर्ट से वह डीपीएस हेलीपैड पर उतरेंगे। वहां से निषादराज क्रूज से संगम पर बनी वीआईपी जेटी पर पहुंचेंगे। यहां तकरीबन एक घंटे रहेंगे। इस दौरान स्नान और पूजन करेंगे। फिर क्रूज से अरैल और अरैल से फिर एयरपोर्ट जाएंगे। वहां से वापस चले जाएंगे।  मेला के अफसरों का कहना है कि कार्यक्रम संशोधित किया गया है। पूर्व में पीएम को संगम स्नान के बाद सेक्टर छह में बनाए गए स्टेट पवेलियन और नेत्र कुम्भ के शिविर में भी जाना था, लेकिन सोमवार शाम आए कार्यक्रम में यह शामिल नहीं है। प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी प्रयागराज आएंगे। इससे पूर्व पीएम 19 दिसंबर को प्रयागराज आए थे और गंगा पूजन किया था। महाकुंभ से लौट रहे श्रद्धालुओं की कार खड़े ट्रेलर में घुसी, एक की मौत लखनऊ में गोसाईगंज के कबीरपुर में सड़क किनारे खड़े ट्रेलर में श्रद्धालुओं की कार घुस गई। हादसे में ड्राइवर की मौत हो गई। वहीं, कार सवार छह अन्य लोग घायल हो गए। हादसे के समय सभी दोस्त महाकुंभ स्नान करने के बाद वाराणसी दर्शन कर राजस्थान लौट रहे थे। गोसाईगंज पुलिस ट्रेलर को कब्जे में लेकर नंबर के आधार पर ड्राइवर की तलाश कर रही है। recent visitors 72

चीन का ट्रंप पर पलटवार, अमेरिकी प्रोडक्ट पर 10 से 15 फीसदी टैरिफ का किया ऐलान, बढ़ा तनाव

बीजिंग  चीन ने अमेरिका पर नए टैरिफ लगाने का फैसला लिया है। ये टैरिफ 10 फरवरी से अमेरिकी उत्पादों पर लागू हो जाएंगे। चीन ने ये कदम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से उसके उत्पादों पर लगाए गए टैरिफ के जवाब में उठाया है। अमेरिका ने चीन के उत्पादों पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाया है। चीन ने भी इसके जवाब में अमेरिकी उत्पादों पर टैरिफ बढ़ा दिया है। चीनी वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को अमेरिकी उत्पादों पर 10 से 15 प्रतिशत टैरिफ लगाने के फैसले की जानकारी दी है। बीजिंग के टैरिफ लगाए जाने से चीन में अमेरिका से आने वाले बड़ी कारों, पिक ट्रक, एलएनजी, कच्चा तेल और खेती-बाड़ी की मशीनों के आयात पर असर पड़ेगा। चीन ने कोयले और प्राकृतिक गैस पर 15 प्रतिशत और पेट्रोलियम, कृषि उपकरण, उच्च उत्सर्जन वाले वाहनों और पिकअप ट्रकों पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाया है। चीन ने कुछ प्रमुख खनिजों के निर्यात पर नियंत्रण लगाया है। साथ ही गूगल और कुछ अमेरिकी कंपनियों की जांच शुरू कर दी है। चीन-यूएस में ट्रेड वॉर! अमेरिका और चीन के एक-दूसरे पर टैरिफ लगाने से दोनों मुल्कों में व्यापार के स्तर पर तनाव बढ़ गया है। इससे आने वाले दिनों में अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वॉर तेज होने की भी संभावना है। ये तनाव डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिका का राष्ट्रपति बनने के बाद शुरू हुआ है। ट्रेप ने कई देशों पर टैरिफ लगाए हैं। इन देशों में चीन भी शामिल है। चीन ने अमेरिका की ओर से अपने सामानों पर टैरिफ बढ़ाए जाने के बाद नाराजगी जताई है। चीन के वित्त मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका की ओर से एकतरफा टैरिफ लगाना WTO के नियमों का खुला उल्लंघन है। डोनाल्ड ट्रंप का यह फैसला चीन और अमेरिका के बीच सामान्य आर्थिक और व्यापार सहयोग को कमजोर करता है। अमेरिकी कंपनियों पर भी एक्शन चीन ने अमेरिकी टेक दिग्गज गूगल के खिलाफ एकाधिकार विरोधी जांच शुरू की है। चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने टंगस्टन, टेल्यूरियम, बिस्मथ, मोलिब्डेनम और इंडियम को निर्यात नियंत्रण सूची में जोड़ा है। चीन ने अमेरिकी कपड़ों की कंपनी PVH और बायोटेक्नोलॉजी कंपनी इलुमिना को अविश्वसनीय संस्थाओं की सूची में डाल दिया है। चीन सरकार का कहना है कि इन संस्थाओं ने चीनी उद्यमों के साथ सामान्य लेनदेन में बाधा डाली और उनके खिलाफ भेदभावपूर्ण उपाय अपनाए हैं। recent visitors 56

फिर नन्हें चीतों की किलकारी से गूंजा कूनो, दो शावकों के जन्म पर सीएम मोहन यादव ने दी बधाई

Kuno National Park: कूनो राष्ट्रीय उद्यान में दो शावकों के जन्म पर सीएम मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश में चीतों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है. इस परियोजना से जुड़े सभी अधिकारियों, चिकित्सकों और फील्ड स्टाफ को बधाई. चीतों के कुनबे के बढ़ने से प्रदेश के पर्यटन को नई उड़ान मिल रही है. सीएम मोहन यादव ने कहा, ”मुझे यह जानकारी साझा करते हुए अत्यंत आनंद की अनुभूति हो रही है कि मध्यप्रदेश की धरती पर चीतों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है. आज मादा चीता वीरा ने 2 नन्हें शावकों को जन्म दिया है, मध्यप्रदेश की धरती पर चीता शावकों का स्वागत है एवं प्रदेशवासियों को इन नन्हें शावकों के आगमन पर हार्दिक बधाई प्रेषित करता हूं. प्रोजेक्ट से संबंधित सभी अधिकारियों, चिकित्सकों एवं फील्ड स्टाफ को बधाई, जिनके अथक परिश्रम के परिणामस्वरूप आज मध्यप्रदेश को ‘चीतों की धरती’ के नाम से भी जाना जाता है”. सीएम मोहन यादव ने कहा, ”प्रदेश में चीतों का कुनबा निरंतर बढ़ने से प्रदेश के पर्यटन को नई उड़ान मिल रही है जिससे रोजगार के नये द्वार खुल रहे हैं. हम चीतों के साथ ही समस्त वन्यजीवों के संरक्षण, संवर्धन एवं पुनर्स्थापन हेतु सदैव तत्पर हैं”. recent visitors 174

महाकुंभ में आए हजारों लोगें के परिजन लापता हो गए हैं, सपा सांसद ने दावा किया कि भगदड़ में गायब हो गए 15 हजार लोग

नई दिल्ली महाकुंभ को लेकर संसद में बवाल के बाद अब समाजवादी पार्टी के सांसद रामगोपाल यादव ने एक और बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि 15 हजार लोगों ने शिकायत दर्ज करवाई है कि उनके परिवार के लोग नहीं मिल रहे हैं। महाकुंभ में आए हजारों लोगें के परिजन लापता हो गए हैं। वहीं सरकार कोई भी जानकारी देने से इनकार कर रही है। उन्होंने कहा कि 1954 के प्रयाग कुंभ में भगदड़ के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने संसद में बताया कि कितने लोग घायल हुए हैं और कितने लोग मारे गए हैं। यादव ने कहा कि योगी आदित्यनाथ का पूरा अमला केवल वीआईपी लोगों को सुविधाएं देने में व्यस्थ था। उन्हें आम आदमी की कोई फिक्र ही नहीं थी। उन्होंने कहा, हमारे मुख्यमंत्री रोज ही पहुंचते हैं। अधिकारी व्यवस्था में व्यस्त है कि वीआईपी लेन साफ-सुथरी रहनी चाहिए। वहीं आम आदमी चाहे डूब जाए या मर जाए। 15 हजार लोग कह रहे हैं कि उनके परिवार के सदस्य लापता हैं। सरकार कोई जानकारी ही नहीं दे रही है। बता दें कि सोमवार को बजट सत्र के दौरान विपक्षी सांसदों ने लोकसभा और राज्यसभा में जमकर हंगामा किया था। विपक्ष का कहना था कि सदन में महाकुंभ में मची भगदड़ पर चर्चा करवाई जाए। एसपी चीफ अखिलेश यादव ने कहा कि मृतकों की सही संख्या ना बताना बहुत निंदनीय है। मिल्कीपुर विधानसभा चुनाव के लिए अयोध्या में एक रैली को संबोधित करते हुए यादव ने कहा कि सरकार यह आंकड़ो तो रोज बताती है कि कितने लोगों ने डुबकी लगाई है लेकिन मरने वालों का आंकड़ा आज तक साफ नहीं कर पाई है। अयोध्या की मिल्कीपुर विधानसभा सीट पर 5 तारीख को चुनाव होने हैं। बीजेडी नेता ने भी उठाए सवाल बीजू जनता दल (बीजद) की सदस्य सुलता देव ने महाकुंभ में एआई सहित अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल के बावजूद मृतकों और लापता श्रद्धालुओं के आंकड़ों को पता करने में सरकार की असमर्थता पर सोमवार को सवाल उठाया। राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान देव ने कहा कि इस घटना पर सदन में अल्पकालिक चर्चा होनी चाहिए। देव ने सवाल किया, "राष्ट्रपति ने कुंभ मेले में मृतकों के लिए दुख व्यक्त किया। कुंभ में जो कुछ भी हुआ और जो स्थिति है, उसकी आलोचना होनी चाहिए क्योंकि हम जानते हैं कि हजारों लोग बेघर हो गए हैं और खो गए हैं और उनका पता नहीं लगाया जा सका है। अगर हम एआई से भीड़ की संख्या देख सकते हैं तो हम तकनीक की मदद से यह क्यों नहीं देख पा रहे हैं कि कितने लोग गायब हैं। इसकी आलोचना क्यों नहीं की जा रही है?" उन्होंने कहा कि जब 27 जुलाई को दिल्ली में जलजमाव की घटना में छात्रों की मौत हो गई तब इस पर अल्पकालिक चर्चा हुई थी तो महाकुंभ की घटना पर चर्चा क्यों नहीं हो सकती है। recent visitors 172

विश्लेषण: प्रयागराज महाकुम्भ 2025 मेले में हुई त्रासदी के बाद उठ रहे हैं कई सवाल

Analysis: Many questions are being raised after the tragedy at the Prayagraj Maha Kumbh 2025 fair (सम्पादकीय लेख) भोपाल। यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ के समर्थक चाहे जितनी कोशिश कर लें, कुम्भ मेले में हुई त्रासदी के पीछे उनके प्रशासन की लापरवाही और कुप्रबंधन को छिपाया नहीं जा सकता। जैसे-जैसे नए विवरण सामने आ रहे हैं, हादसे की भयावहता बढ़ती ही जा रही है। यह भी पता चला है कि 29 जनवरी की सुबह पहली भगदड़ के बाद, कुछ ही घंटों के भीतर थोड़ी दूरी पर दूसरी भगदड़ भी हुई थी। इसके अलावा कुम्भ में कुछ मर्तबा आगजनी की घटनाएं भी हुई हैं, जिनमें सरकार द्वारा श्रद्धालुओं के लिए विशेष रूप से बनाए गए दर्जनों आलीशान टेंट जलकर राख हो गए। आधिकारिक तौर पर मृतकों की संख्या 30 बताई गई है। लेकिन मौनी अमावस्या के दिन स्नान के लिए जिस पैमाने पर भीड़ उमड़ी थी, उसके मद्देनजर यह संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है। कपड़ों, जूतों, कम्बलों और अन्य निजी सामानों के अवशेष हर जगह बिखरे पड़े थे, जो इस बात के जीवंत साक्ष्य थे कि भीड़ में कुचलने के भय से श्रद्धालु अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने पर मजबूर हो गए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस त्रासदी के कुछ ही घंटों के भीतर एक्स पर अपनी शोक संवेदनाएं व्यक्त कर दी थीं, लेकिन उत्तर प्रदेश प्रशासन बहुत समय तक यही दिखावा करता रहा कि कुछ हुआ ही नहीं है। इसके बाद मोदी ने यूपी सीएम से चार बार फोन पर बात की, गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी एक्स पर पोस्ट किया, तब जाकर यूपी प्रशासन को अपनी चुप्पी तोड़ने और सच्चाई स्वीकारने के लिए मजबूर होना पड़ा। हादसे के पूरे 17 घंटे बाद, 29 जनवरी को शाम 7 बजे उन्होंने भगदड़ की जिम्मेदारी लेते हुए बयान जारी किया और ऐसी घटना दोबारा होने से रोकने के इंतजाम करने का वादा किया। उसके बाद से, यूपी सरकार ने भीड़ को सफलतापूर्वक प्रबंधित करने का प्रत्यक्ष अनुभव रखने वाले दो वरिष्ठ अधिकारियों को ड्यूटी पर लगाया है, अतिरिक्त बल तैनात किए हैं और वाहनों और श्रद्धालुओं की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए नए सिरे से यातायात योजना बनाई है, लेकिन नुकसान पहले ही हो चुका था। जोशीमठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने हादसे के बाद योगी के इस्तीफे की मांग की है और उन पर इस मामले में देश को गुमराह करने का आरोप लगाया। अन्य प्रमुख संतों और साधुओं ने सार्वजनिक रूप से तो कुछ नहीं कहा, लेकिन माना जा रहा है कि कई लोग मन ही मन शंकराचार्य की भावनाओं को समर्थन करते हैं और वे इस बात से नाराज हैं कि मौनी अमावस्या का पवित्र दिन तीर्थयात्रियों के शवों से दागदार हो गया। शंकराचार्य ने कहा कि अगर उन्हें भगदड़ और उसके परिणामस्वरूप हुई मौतों के बारे में पता होता, तो वे मृतकों के लिए उपवास करते और आनुष्ठानिक रूप से तीर्थस्नान नहीं करते। यूपी के सीएम के रूप में आठ साल के अपने कार्यकाल में योगी ने खुद को हिंदुत्व के एक प्रखर चेहरे के रूप में स्थापित कर दिया है। इससे न केवल उन्हें संघ का समर्थन मिला जिसने लोकसभा चुनावों में यूपी में भाजपा की करारी हार के बावजूद हर परिस्थिति में उनका साथ दिया बल्कि उन्हें खुद को देश भर में एक लोकप्रिय नेता के रूप में स्थापित करने में भी मदद मिली। आज वे मोदी के बाद भाजपा के दूसरे सबसे लोकप्रिय प्रचारक हैं। लेकिन कुम्भ हादसे के बाद एक सक्षम प्रशासक के रूप में उनकी छवि को झटका लगा कुम्भ का निर्बाध आयोजन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की साख को मजबूत कर सकता था। किंतु प्रयागराज में हुए हादसे के बाद अब यूपी प्रशासन से सवाल पूछे जा रहे हैं। यह किसी से छुपा नहीं है कि यूपी की भाजपा में अंतर्कलह है। है। ऐसा इसलिए भी है, क्योंकि वे कुम्भ शुरू होने से पहले और बाद में लगभग हर दूसरे दिन प्रयागराज का दौरा कर रहे थे, वे व्यक्तिगत रूप से वहां की व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे थे और इस पर बारीकी से नजर रखे हुए थे कि कुम्भ के प्रबंधन के लिए जो प्रशासनिक मशीनरी उन्होंने लगाई थी, वह सुचारु रूप से काम कर रही है या नहीं। बीवीआईपी के लिए विशेष व्यवस्था, उनकी गाड़ियों की अनियंत्रित आवाजाही और आम श्रद्धालुओं को नदी तक पहुंचने के लिए 20 किलोमीटर से अधिक पैदल चलना, खाने-पीने की चीजों की ऊंची लागत आदि को लेकर भी अनेक श्रद्धालुओं में गुस्सा है। दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक समागम का निर्बाध आयोजन हिंदुत्व के प्रतीक और कुशल प्रशासक के रूप में योगी की साख को मजबूत करता, किंतु प्रयागराज में अफसरों की लापरवाही से हुए हादसे के बाद अब उनके नेतृत्व वाले प्रशासन से सवाल पूछे जा रहे हैं। यह किसी से छुपा नहीं है कि यूपी की भाजपा में अंतर्कलह है। 26 फरवरी को मेला समाप्त होने के बाद यूपी की राजनीति में बहुत कुछ देखने को मिल सकता है। [/more] recent visitors 292